विचार

नफ़रतों के तीर खा कर, दोस्तों के शहर में, हमने आपातकाल पुकारा (भाग 1)

सरकार डरा रही है, तो आप मत डरिए। आप अपनी स्टोरी कीजिए और आगे बढ़िए। सबूत होंगे तो देश का सुप्रीम कोर्ट चार बजे सुबह में भी खुलता है, आतंकियों के लिए। आप तो फिर भी पत्रकार हैं!

डियर ‘The (Liar) Wire’, J&K आज भी नहीं है सेक्युलर राज्य, तो RSS के कम्युनल होने की बात क्यों

जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) के नाम से 1942 में शोपियाँ में मौलवी गुलाम अहमद अहर ने स्थापित किया था जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है। जमात ए इस्लामी (जम्मू कश्मीर) आरंभ से ही अलगाववादी संगठन रहा है जिस पर पहले भी (1990) में प्रतिबंध लग चुका है।

…और प्रधानमंत्री रैलियाँ कर रहा है!

आपने ऑफिस जाना बंद कर दिया? आपने लोगों से बात करना छोड़ दिया? आप तो देशभक्त व्यक्ति हैं जो कि प्रधानमंत्री से ज़्यादा ध्यान देते हैं ऐसी बातों पर, फिर आप क्या कर रहे हैं संवेदना प्रकट करने के लिए? फेसबुक पोस्ट लिखकर, व्हाट्सएप्प में ये पूछ रहे हैं कि मोदी रैलियाँ क्यों कर रहा है?

‘खलनायकों’ और ‘डरे’ हुए ख़ानों से आगे का नाम है अभिनंदन, पर्दे के हीरो से आगे आ चुके हैं हम

एक समय हम 'खलनायक' संजू और शाहरुख़ जैसे बाल रखने लगे थे। 'डर' के कारण बच्चों के नाम 'राहुल'। समय बदला है। जब अभिनन्दन लौटे तो कई बच्चों का नाम अभिनन्दन रखे जाने की ख़बर है।

राष्ट्रवाद है, सिगरेट नहीं कि अल्ट्रा और माइल्ड होगा

राष्ट्रवाद अपने हर रूप, हर रंग, हर तरीके में सुंदर है। अगर अपनी मातृभूमि के लिए चिल्लाना गुनाह है तो लोगों को अपना गला हर दिन खराब करना चाहिए। ऐसे गुनाह होते रहने चाहिए।

जैश-ए-मुहम्मद की वक़ालत करते शांति-यमदूत पाकिस्तान की कथनी और करनी पर शक क्यों न हो?

पूरी दुनिया के मान और जान लेने के बाद भी वहाँ की सरकार सेना और ISI की कठपुतली होने का सबूत दे रही है, सिर्फ़ लफ्फबाजी से ख़ुद को शांति दूत का तमगा देना चाहती है, पर अब उसकी एक भी चाल क़ामयाब नहीं होने वाली, अब आने वाले समय में सबूतों और बतकही के खेल से भरोसा उठ चुका है।

पुराना पाकिस्तान: सैनिकों की लाशों को नकारने वाला पाक अपने ही पायलट की शहादत पर फिर चुप है

IAF द्वारा गिराए गए पाकिस्तानी F-16 फाइटर प्लेन में विंग कमांडर शहज़ाद उद्दीन थे, जिन्हें भारतीय सैनिक समझकर पाकिस्तान की जनता ने खुद बेरहमी से पीटा था और उनकी मृत्यु हो गई।

आतंकी और पायलट अभिनंदन बराबर हैं ‘द वायर’ और जावेद नक़वी के लिए

ये अल्ट्रा नेशनलिस्ट क्या होता है? राष्ट्रवाद बस राष्ट्रवाद है, उसमें विशेषण लगाकर गाली बनाने वाले लोग धूर्त चिरकुटों की परम्परा से आते हैं, इनको देखते ही, राह चलते धोते रहना चाहिए, शब्दों से!

तो इमरान ‘तालिबान’ टेरेसा को POP (Pak Occupied Patrakar) कब देंगे नोबल शांति पुरस्कार?

जब इनकी दुकान बंद होने को आती है, इन्हे लालू यादव जैसे भ्रष्टाचारियों में भी नायक दिखने लगता है। इन खलनायकों को अब एक नया नायक मिल गया है। चूँकि अब इन्हे देश के अंदर कोई नायक नहीं मिल रहा, इन्होनें पाकिस्तान का रुख किया है।

समाप्त हो चुका है अनुच्छेद 370 का औचित्य, अब इसे जाना चाहिए: जानिए क्यों और कैसे

अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर जितना विवाद है उससे अधिक इसकी गलत व्याख्या की जाती रही है। इस अनुच्छेद की व्याख्या में अनर्गल तर्क देने वाले बुद्धिजीवी यहाँ तक कहते रहे हैं कि 370 ‘कश्मीर को असाधारण स्वायत्ता’ प्रदान करता है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें