गोधरा कांड मामले पर बीबीसी ने अपने अनेक झूठ को दो छोटे वाक्यों में समेट दिया। 2011 में बीबीसी ने खुद रिपोर्ट की थी कि इस्लामी भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस पर हमला किया था, जिसमें 31 लोग दोषी पाए गए थे। इन सभी 31 लोगों को कारसेवकों को जिंदा जलाने के आरोप में अपराधी पाया गया था। खास बात ये थी कि ये सभी समुदाय विशेष से थे।
राम माधव ने कहा, “ कई बार कक्षा में शिक्षक जो पढ़ा रहे होते हैं, उस पर फोकस करना कठिन होता है। परीक्षा के दौरान किताबों पर फोकस करना भी कठिन होता है। हमें नींद आने लगती है और हम सो जाते हैं। पर चिंता करने की कोई बात नहीं! स्कूली बच्चों की तरह संसद में भी कुछ बच्चे हैं। वो हमारे राष्ट्रपति के भाषण पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
मेरे देश में मौत महज एक आँकड़ा है, गणित है, अंक है। आइए, आपको गिनाता हूँ। मुजफ्फरपुर में भी मौतें हुईं। जहाँ बात निदान की होनी चाहिए, वहाँ सिर्फ़ एक व्यक्ति को ज़िम्मेदार ठहरा कर कोई निकल नहीं सकता। क्या एक बुरी घटना के लिए अच्छी चीजों पर भी विराम लगा दिया जाए?
ऐसा पहली बार नहीं है कि जब गठबंधन सरकार में खींचतान की ख़बरें सामने आई हों, इससे पहले भी मुख्यमंत्री कुमारस्वामी कई बार गठबंधन सरकार चलाने का दर्द बयाँ कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि वो रोज जिस ‘दर्द’ से गुज़रते हैं, वो उसे जनता से बयाँ नहीं कर सकते।
वाक्य के आधे हिस्से में संवेदना दिखाते हुए, दूसरे हिस्से में जो आप सिनिकल हो जाते हैं उससे पता चलता है कि आपको बच्चों की मौत से कोई मतलब नहीं। आपको मुद्दा चाहिए ताकि आप आउटरेज करते हैं। आप चौबीस घंटे इसी मोड में रहते हैं, जैसे कि सत्ता के पक्ष में लिखने वाला चौबीस घंटे उसके बचाव में लगा रहता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। इससे भारत को करारा झटका लगा है क्योंकि निशानेबाजी में भारत हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करता है और यह उन खेलों में शामिल है जिसमें भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता है। साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम में भारत ने 7 स्वर्ण समेत 16 पदक जीते थे।
रणनीतिक भागीदारों को मूल उपकरण निर्माताओं के साथ मिलकर देश में इन पनडुब्बियों के निर्माण हेतु संयंत्र लगाने को कहा गया है। बताया जा रहा है ऐसा करने के पीछे देश को पनडुब्बियों के डिजाइन एवं उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।
एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ऑपरेशनल मुद्दों के कारण कमांडर्स को सेवानिवृत्त करने के लिए उत्सुक नहीं है। हमलों की जाँच की गई है। आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि बेस के एक कमांडर ने हमले के दो दिन पहले ही कमान संभाली थी।
सच्चाई बताने के बाद भी डॉक्टरों ने फैसला किया कि आगे की जाँच के लिए उसे तीन दिन तक अस्पताल में रखा जाएगा। जाँच पूरी होने के बाद 18 जून को उसे कोर्ट में हाजिर किया गया जहाँ ससून के डॉक्टर ने फ़िरोज़ को मानसिक रूप से स्वस्थ करार दिया। इसके बाद उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में रखा गया।
प्रवेश का कहना है कि उन्होंने 17 जून को वेस्ट दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्ज़ा कर वहाँ मस्जिदें और कब्रिस्तान बनाने का मुद्दा उठाते हुए दिल्ली के उप राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने माँग की थी कि इस पूरे मामले की जाँच कराई जाए और अवैध निर्माणों को हटाया जाए।
डीईए, सीबीआई और डीओपीटी ने सीवीसी से राय मांगी थी जिसके आधार पर सीवीसी ने इन चारों पूर्व अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार में वर्तमान प्रमुख सचिव प्रबोध सक्सेना और डीईए के पूर्व अवर सचिव रबिन्द्र प्रसाद का भी नाम है।
इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के भीतर बंद कमरे में योग किया गया। इसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी प्रतिनिधी सैयद अकबरुद्दीन ने दी। उन्होंने इस दौरान उम्मीद जताई कि जनरल असेंबली हॉल में किया गया ये पहला इनडोर योग सत्र योग करने वालों के लिए भविष्य में इसके महत्ता को और अधिक सुदृढ़ करेगा और खुशहाली लेकर आएगा।
फारस की खाड़ी में अमेरिका के युद्धपोत तैनात हो चुके हैं। ईऱानी नौसेना भी इस इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा चुकी है। आशंका है कि ईरान औऱ अमेरिकी नौसेना के बीच टकराव की वजह से दूसरे देशों के पोत चपेट में आ सकते हैं। इसीलिए भारतीय व्यापारिक पोतों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये भारतीय नौसेना ने अपने दो पोत वहाँ भेजे हैं।
शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ ज्योतिर्लिंग पर्वतराज हिमालय की केदार नामक शिखा पर दुर्गम रूप में स्थित है। समुद्र की सतह से करीब साढ़े 12 हजार फीट की ऊँचाई पर केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। बारह ज्योतिर्लिंगों में केदारनाथ धाम का सर्वोच्य स्थान है। साथ ही यह पंच केदार में से एक है।
ईरान के अमेरिकी ड्रोन मार गिराने की खबर के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में आग लग चुकी है। कुछ ही मिनटों में क्रूड की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया। अगर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बने रहते है या युद्ध की नौबत आती है तो कच्चा तेल के दाम में 10% की बढ़ोतरी का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने महान हस्तियों के नाम पर सभी सभागारों का नाम बदलने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों से कहा कि वे नगर निगम के साथ सहयोग करें और उन होर्डिंग्स को हटा दें जो विधान भवन और लोक भवन के सामने हैं।
जिस वॉर्ड में सजायाफ्ता कैदी लालू यादव का इलाज चल रहा है, उसका खर्चा 1000 रुपए प्रतिदिन है। लेकिन मीसा भारती अपने पिता से जाकर यह नहीं पूछती कि वो एक साधारण नागरिक की तरह जनरल वॉर्ड में इलाज क्यों नहीं करवा रहा?
सुपर डांसर रियलिटी शो की दिपाली इसका उदाहरण है, जिसके डांस और एक्सप्रेशन के तालमेल ने उसे टीवी पर्दे पर लीड रोल दिलाया। मुमकिन है अगर इस जगह उसे दायरे में रहकर परफॉर्म करने की सलाह दी जाती, या फिर उसकी परवरिश विचारोत्तेजक नृत्य और उसकी उम्र के नृत्य में फर्क़ बताने में हुई होती तो ऐसा संभव नहीं हो पाता।
इससे पहले कमलनाथ सरकार ने बिजली की कटौती के लिए शिवराज सरकार में खरीदे गए खराब ट्राँसफॉर्मर्स को जिम्मेदार बताया था। अब कमलनाथ सरकार के अधिकारियों ने अपनी नाकामी को छिपाने के लिए बिजली कटौती के लिए पेड़ों में लटकने वाले चमगादड़ोंं को जिम्मेदार बता रहे हैं।
स्थापना के 49 वर्ष बीत जाने के बवजूद SKMCH में Pediatrics (बाल्चिकित्सा) का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्ट क्यों नहीं है? अपनी नाकामी छिपाने के लिए राबड़ी देवी को बिहार का नेहरू बनाने वाले सुशील मोदी को समझना चाहिए कि सीटों की संख्या के साथ ज़िम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ता है।
झड़प के दौरान, दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर कच्चे बम फेंके और गोलियाँ भी बरसाई। स्थिति पर नियंत्रण के लिए जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आँसू गैस के गोले दागे। फ़िलहाल घायलों को इलाक़े के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रोपेगेंडा पोर्टल 'द वायर' बड़ी चालाकी से अपने हैडलाइन में ऐसे शब्द लिखता है जैसे कोर्ट ने अपराधी संजीव भट्ट को उम्र कैद की सजा उसके 30 साल पुराने अपराध के कारण नहीं बल्कि 'मोदी के गुजरात दंगों शामिल' होने की बात कहने के लिए दिया गया है।
रिंकी बेगम बताती हैं कि उनके घर के पीछे पाँच लोगों को दफनाया गया है, इनमें उनका दस महीने का बेटा भी है। इसी गाँव की गुड्डी कहती हैं, "हम गरीब लोग इज्जत की मौत भी नहीं मर सकते। हमें कब्रों के ऊपर ही बैठना और चलना पड़ता है। घर में जगह की कमी है।"
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी कप्तान सरफराज अहमद को जमकर लताड़ लगाईं है। PCB का कहना है कि सरफराज अहमद टीम को सही दिशा में नेतृत्व और खिलाड़ियों को प्रेरित करने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले आगामी मैचों में भी हारती है तो सरफराज अहमद को कप्तान के पद से निकला जाना निश्चित है।
यह हमला ऐसे वक्त पर हुआ है जब कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने इरान पर उनके ड्रोन पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगा चुका है। बीते हफ्ते जून 13, 2019 को ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर भी हमले किए गए थे लेकिन यह हमले किसने किए थे इसके बारे में साफ नहीं हो सका। हालाँकि अमेरिका ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।
लिपो गाँव के घने जंगलों में AN-32 विमान का मलबा मिला था, इसके बाद वायु सेना द्वारा इसकी तस्वीरें जारी कर दी थी। जारी की गई तस्वीरों में स्पष्ट नज़र आता था कि जिस जगह AN-32 का मलबा था वहाँ आसपास के पेड़ जले हुए थे।
लोकसभा चुनाव के दौरान व उससे पहले नायडू लगातार भारत भ्रमण कर विपक्षी नेताओं से मिल कर एकजुटता तैयार करने के प्रयास में लगे हुए थे। उन्होंने लगभग सभी बड़े विपक्षी नेताओं से मुलाक़ात की थी और खंडित जनादेश की स्थिति के लिए योजना बनाई थी।
अगर टीम इंडिया मैदान में भगवा रंग की जर्सी पहनकर उतरती है, तो भगवा शब्द सुनते ही किलकारियाँ मारने वाला देश का एक बड़ा वर्ग खुद को कोड़े मारते हुए देखा जा सकता है। संसद से लेकर क्रिकेट वर्ल्डकप तक भगवाकरण होता देखना कुछ लोगों को जरूर दुःख दे सकता है।
वह लगातार असमंजस में हैं कि कार्रवाई करें तो करें कैसे? अब उनकी मुश्किल थोड़ी आसान की है वहाँ के कुछ लोगों ने ही। बंगाल के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर हाल में घटित घटनाओं पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है।
"मैं चाहती हूँ कि वे (रोशन परिवार) अभी रुहेल को स्वीकार करें क्योंकि वे मेरे जीवन को नरक बना रहे हैं और मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती... वे नहीं चाहते कि मैं उनसे (रुहैल) मिलूँ। मैं शादी के बारे में कुछ नहीं जानती, लेकिन अभी मैं रूहेल के साथ रहना चाहती हूँ। सिर्फ़ इसलिए कि वह मुस्लिम है, वे (रोशन परिवार) उसे स्वीकार नहीं कर रहे।"
स्वरोजगार के लिए लगभग 19 करोड़ लोगों को लोन दिए गए हैं। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 30 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि मुद्रा लोन का अब 11 करोड़ अतिरिक्त लोगों तक फायदा पहुँचने की उम्मीद है।
कन्या पक्ष वालों ने नए कपड़े लेने की ज़िद ठान दी। वर पक्ष का कहना था कि नए कपड़े ख़रीदे गए थे लेकिन सब घर पर छूट गए हैं। बवाल बढ़ने पर सभी बारातियों को बंधक बना लिया गया। विवाद इतना बढ़ गया कि जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख और मुखिया अब्दुल मियाँ को वहाँ पहुँच कर हस्तक्षेप करना पड़ा।
अगर कॉन्ग्रेस की माँग पर डीएमके अध्यक्ष हामी भर देते हैं तो उनकी पार्टी के खाते में महज एक ही सीट आएगी। हालाँकि कॉन्ग्रेस की इस माँग पर डीएमके गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन ये बात भी सच है कि डीएमके के पास ऐसी कोई मजबूरी नहीं है कि वो इस माँग को स्वीकारे।
जय श्री राम के अलावा बंगाल विधान सभा में जय माँ काली, अल्लाहु अकबर और राधे-राधे भी सुनाई दिया। अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा कि विधान सभा या संसद की कार्यवाही में किसी भी प्रकार के रिलिजियस नारे लगाना संविधान के विरुद्ध आचरण है।
प्रमुख विपक्षी पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति की बातों को सुन कर चर्चा में सक्रियता से हिस्सा लेना कैसे संभव हो पाएगा, जब वह अभिभाषण में क्या कहा जा रहा है, यह सुने ही नहीं? राहुल गाँधी से सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल किया कि वह अपना दायित्व भूल कर फोन में क्यों लगे हुए हैं?
"एक दिन दाऊद पोरबंदर से मुंबई लौट रहा था, तो उसकी कार में पीछे की सीट पर बैठे उसके साथी ने गोली चलाई, यह गोली ग़लती से दाऊद को लग गई थी, जबकि निशाना विरोधी करीम लाला के क़रीबी आलमजेब पर था। यह गोली दाऊद की गर्दन में लगी थी। तभी उसे बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया था।"
1990 में भारत बंद के दौरान गुजरात के जामनगर में हिंसा हुई थी। उस समय संजीव भट्ट वहाँ पर एएसपी के रूप में पदस्थापित थे। उस दौरान पुलिस ने 133 लोगों को गिरफ़्तार किया था, जिसमें से 25 घायल हुए थे। उस दौरान प्रभुदास नामक व्यक्ति की हिरासत में ही मौत हो गई थी।
इमरान ख़ान ने अपने ट्वीट के साथ लिखा कि जो खलील जिब्रान के इस उद्धरण को समझ लेते हैं, वो एक संतुष्टिपूर्ण जीवन जीते हैं। इसके बाद लोगों ने रिप्लाई में बताया कि यह पंक्तियाँ जिब्रान की नहीं बल्कि टैगोर की है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गाँधी से अध्यक्ष बने रहने का आग्रह किया था लेकिन राहुल ने पद से हटने का निश्चय कर लिया है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गाँधी के नाम पर भी विचार करने से मना कर दिया है।
"जब 2009 में NDTV के शेयर्स 140 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से बिक रहे थे, तब रॉय ने मात्र 4 रुपए प्रति शेयर की दर से इन्हें ख़रीदा था। इसके बाद रॉय ने उसी दिन सभी ख़रीदे गए शेयर्स को RRPR होल्डिंग नामक कम्पनी को बेच दिया था। इससे रॉय को 200 करोड़ रुपए का 'Capital Gain' हुआ था।"
केरल में अपनी सहकर्मी पर धारधार हथियार से वार कर उन्हें जिंदा जलाने वाले पुलिसकर्मी एजाज़ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला पुलिस ऑफिसर सौम्या पर पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जलाने के दौरान एजाज़ भी बुरी तरह (40%) झुलस गया था, इसी कारण उसकी भी मौत हो गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शपथ ग्रहण के दौरान विपक्षी नेताओं को रोक-टोक किए जाने को अनुचित ठहराया। उन्होंने कहा, "हम संसद को नियमों के तहत चलाने की कोशिश करेंगे। 'जय श्री राम', 'जय भारत', 'वन्दे मातरम', यह सब पुराने मुद्दे हैं।"
"वन नेशन-वन इलेक्शन' से सत्ताधारी पार्टी को लाभ होने की बात गलत है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और अरुणाचल में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव हुए। इन राज्यों के परिणाम को देखते हुए सत्ताधारी पार्टी को एकतरफा लाभ वाली बात तार्किक नहीं है।"
कोल्ड ड्रिंक न मिलने को विजय ने अपना अपमान मानते हुए विदाई से ही इंकार कर दिया जिसके कारण दोनो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। दुल्हन भी दूल्हे की हरकत देखकर हैरान थी। सूचना पाकर पहुँची पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन अल्पसंख्यकों की “नैतिक सफाई” कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब चीन अपनी सरजमीं से या तो इस्लाम को पूरी तरह मिटा देगा या उनकी मजहबीं परम्पराओं से लेकर, सभी मजहबी व्यवहार पूरी तरह बदल देगा। जिस तरह से चीन कार्य कर रहा है। उसकी सख्त नीतियों को देखते हुए, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दो सौ से दो हजार तक साल लगते हैं उस परत को बनने में जिस भूरी और बेहद उपजाऊ मिट्टी के ऊपर जन्म लेती है 10 से 12 इंच मोती मखमली घास यानी बुग्याळ! और मात्र 200 करोड़ रुपए लगते हैं इन सभी तथ्यों को नकारकर अपने उपभोक्तावाद के आगे नतमस्तक होकर पूँजीपतियों के समक्ष समर्पण करने में।
हिंदी-ज्ञान अपने प्रदेश के बाहर निकल कर रोजगार की आकाँक्षा रखने वाले वर्ग की आवश्यकता है। हिंदी को 'एक प्रकार की' राष्ट्रीय भाषा का दर्जा मिल ही चुका है।
नयनतारा सहगल जैसे लोग केवल व्यक्ति नहीं हैं, प्रतीक हैं- उस मानव-प्रवृत्ति का, उस ध्यानाकर्षण की लिप्सा और लोलुपता का, जिसके चलते इंसान अपने बूढ़े हो जाने, और अपने विचारों का समय निकल जाने के चलते हाशिए पर पहुँच जाने, अप्रासंगिक हो जाने को स्वीकार नहीं कर पाता।