कनाडाई पायलट को लूटने के आरोपित मेहराज, आसिफ और फरमान को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि जब टैक्सी चालक के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई तो पता चला कि उसने अपनी टैक्सी के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद टेक्निकल सर्विलेंस के आधार पर तीनों आरोपितों को गिरफ्त में लिया गया।

दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर कनाडा के एक पायलट को बंधक बनाकर लूटने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त (एयरपोर्ट) संजय भाटिया ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मेहराज सलमानी, आसिफ और फरमान को 20 जुलाई को गिरफ्त में लिया गया। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपित उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक, ये घटना 12 और 13 जुलाई की रात की है, जब कनाडाई पायलट मोहम्मद मेंहदी घनज़ानफानी आधी रात को कोलकाता से आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल -1 पर पहुँचे थे। वो यहाँ पर अपनी कंपनी के कैब का इंतजार कर रहे थे। यहाँ से उन्हें होटल जाने के लिए कंपनी की तरफ से कैब उपलब्ध कराई गई थी, जो कि कंपनी के पार्किंग एरिया में खड़ी थी। पहली बार टर्मिनल-1 पर आने की वजह से पायलट को पार्किंग एरिया के रास्ते की जानकारी नहीं थी। वो पार्किंग का रास्ता खोजते हुए मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 पर पहुँच गए। वहाँ पर उन्हें एक शख्स मिला। जिसने खुद को टैक्सी ड्राइवर बताया और कहा कि वह भी पार्किंग की ओर जा रहा है। वह उन्हें ₹100 में वहाँ छोड़ देगा। उस शख्स की बातों में आकर वो टैक्सी में बैठ गए।

उस टैक्सी में ड्राइवर के अलावा दो और लोग पहले से ही बैठे थे। पायलट के बैठते ही उनलोगों ने टैक्सी के गेट लॉक कर दिए। इसके बाद उन्होंने उनसे अपनी कीमती चीजें देने के लिए कहा। उनके पास से देशी- विदेशी मुद्रा, एटीएम कार्ड के अलावा उनका कनेडियन वीजा कार्ड भी ले लिया। इसके बाद वह टैक्सी को दिल्ली की सड़कों पर दौड़ाते रहे और एटीएम से 10 बार में ₹1 लाख निकाले। कनाडाई वीजा कार्ड से ₹20 हजार निकाल लिए। बदमाशों ने उनका पर्स भी छीन लिया, जिसमें ₹12 हजार थे। जिसके बाद महिपालपुर फ्लाइओवर के पास टैक्सी से धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया और वहाँ से फरार हो गए।

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पुलिस ने बताया कि जब टैक्सी चालक के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई तो पता चला कि उसने अपनी टैक्सी के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद टेक्निकल सर्विलेंस के आधार पर तीनों आरोपितों को गिरफ्त में लिया गया। संजय भाटिया ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि तीनों आरोपितों ने दिल्ली कैंट इलाके में कई और डकैतियाँ की हैं और एक डकैती गाजियाबाद के विजयनगर में भी की थी।

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संदिग्ध हत्यारे
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