Thursday, July 25, 2024
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‘नाम में सिंह क्यों लगाया, पगड़ी उतारो’: इंग्लिश मीडियम स्कूल के वाइस प्रिंसिपल फादर जेम्स ने सिख छात्र को धमकाया, कहा- ईसाई बनो

छात्र ने आरोप लगाया, "अगस्त 2022 में एक दिन आरुष तानपुरे क्लास ले रहे थे, तभी रूबी सिस्टर क्लास में आ गईं। वह मेरे करीब आईं और मेरे दाहिने हाथ में हमारे सिख धर्म के निशान को देखकर मुझे खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इसे हटाओ या फिर प्रिंसिपल से इसे पहनने की अनुमति लो। फिर मैं माँ को लेकर आया। प्रधानाध्यापक ने इसे निकालने के लिए कहा। उसके अनुसार मैंने स्कूल जाना शुरू किया।"

महाराष्ट्र (Maharashtra) के अहमदनगर स्थित एक क्रिश्चियन स्कूल के शिक्षकों पर सिख छात्र का धर्मांतरण (Religious Conversion) करने का दबाव डालने आरोप लगा है। जब छात्र ने मना किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में छात्र के परिजनों ने स्कूल के दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

अहमदनगर के राहुरी फैक्ट्री इलाके में डी पॉल इंग्लिश मीडियम स्कूल है। यहाँ 14 साल का एक सिख विद्यार्थी पढ़ाई करता है। आरोप है कि स्कूल के दो पादरियों ने उसके बाल काट दिए और ईसाई धर्म अपनाने के लिए बाध्य किया। जब छात्र ने मना किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

इस मामले में छात्र के परिजनों ने स्कूल के फादर जेम्स और फादर सैंटो के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A, 298, 153A और 506 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। दोनों शिक्षकों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता हरजीत सिंह वाधवा ने कहा कि इस घटना को लेकर सिख समुदाय में गुस्सा है और इस संबंध समुदाय के लोग जल्दी ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की जाएगी।

आरोप है कि नाबालिग सिख छात्र से स्कूल के उप प्रधानाध्यापक फादर जेम्स और सैंटो ने कहा, “नाम के आगे सिंह क्यों लगाते हो? पगड़ी क्यों लगाती हो, केश क्यों रखती हो, हाथों में कड़े क्यों पहनती हो? अगर तुम स्कूल में आना चाहते हो तो इन सबको हटा दो और दूसरे बच्चों की तरह बनो।”

छात्र का कहना है कि उसके पिता की पाँच साल पहले मौत हो गई थी। उसकी माँ और परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी करके जीवनयापन करते हैं। वह इस स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है। वहाँ फादर सैटों प्रिंसिपल, फादर जेम्स वाइस प्रिंसिपल और बबीता क्लास टीचर हैं।

छात्र ने आरोप लगाया, “अगस्त 2022 में एक दिन आरुष तानपुरे क्लास ले रहे थे, तभी रूबी सिस्टर क्लास में आ गईं। वह मेरे करीब आईं और मेरे दाहिने हाथ में हमारे सिख धर्म के निशान को देखकर मुझे खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इसे हटाओ या फिर प्रिंसिपल से इसे पहनने की अनुमति लो। फिर मैं माँ को लेकर आया। प्रधानाध्यापक ने इसे निकालने के लिए कहा। उसके अनुसार मैंने स्कूल जाना शुरू किया।”

छात्र ने आगे बताया, “30 नवंबर 2022 को हमारे स्कूल में खेल प्रतियोगिता चल रही थी। मैं भी अपने दोस्तों के साथ एक तरफ खड़ा थ। उसी दौरान फादर जेम्स आए और कहा कि तुम्हारा नाम क्या है। मैंने नाम बताया तो उन्होंने कहा कि नाम में सिंह क्यों लगाए हो। मैंने कहा कि हमारे धर्म में नाम के आगे सिंह लगाना जरूरी है। फिर उन्होंने पगड़ी के बारे में पूछा और अंत में कहा कि इसको हटाओ और बाल कटाओ। अन्य बच्चों की तरह स्कूल आओ। हमारे धर्म को अपनाओ।”

छात्र ने बताया कि उसने फादर जेम्स को जवाब देते हुए कहा कि वह ना तो पगड़ी हटाएगा, ना ही बाल कटवाएगा और ना ही ईसाई बनेगा। इसके बाद फादर जेम्स उस पर चीखने लगे और मारने के लिए उसकी तरफ दौड़े। इसके बाद छात्र वहाँ से भागकर क्लास में आ गया। छात्र का कहना है कि फादर जेम्स उसके पीछे क्लास में आए और कहा कि अगर कैंसर हो जाए तो बाल कटवाना पड़ेगा। इसलिए ईसाई बन जाओ।

छात्र का कहना है कि घर आकर उसने इस बारे में अपनी दादी और माँ को बताया। उसके बाद उसकी दादी ने छात्र के चाचा को फोन कर उसके घर गई और घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद छात्र का चाचा उसे लेकर पुलिस स्टेशन गए और मामले में मुकदमा दर्ज कराया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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