अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य के भाजपा नेता पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग कर रहे हैं। यदि स्थिति ऐसी होती है, और समय की माँग है, तो निश्चित रूप से राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
“किसानों का कर्ज पूरी तरह से माफ नहीं किया गया है। केवल 50 हजार रुपए का कर्ज माफ किया गया है, जबकि हमने कहा था कि 2 लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। 2 लाख रुपए तक के कर्ज को माफ किया जाना चाहिए।”
जेपी ने अव्यवहारिक राजनीति की, वे ऐसी मसीहाई भूमिका में आ गए थे, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई और अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई को एक ही तराजू में तौल रहे थे। उन्हें उम्र के उस अंतिम पड़ाव में जरा भी भान नहीं हुआ कि जो लोग उनकी पालकी उठा रहे हैं, उनकी मंशा क्या है?
आईटी विभाग ने कहा कि आज भी बेंगलुरु में सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के परिसर में छापेमारी जारी रहेगी। यह मेडिकल कॉलेज जी परमेश्वर से संबंधित ट्रस्ट के जरिए चलाया जाता है। इसके अलावा जी परमेश्वर के भाई के बेटे आनंद के घर पर भी छापा पड़ा है।
संदीप दीक्षित ने पीसी चाको को नोटिस भेजकर माँग की है कि शीला को दिए गए मानसिक उत्पीड़न के लिए चाको माफी माँगे वरना वे कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
साल 2017 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था, जब भारत-चीन सीमा पर डोकलाम विवाद हुआ था। दोनों देशों के संबंधों के बीच मतभेद गहरा गए थे मगर ऐसे माहौल में अचम्भा तब हुआ था, जब राहुल गाँधी के एक चीनी राजदूत से मिलने की खबर आई थी।
मनीष तिवारी ने अपने एक ट्वीट में पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चीन कश्मीर पर सवाल करता है तो यह बताना चाहिए कि तिब्बत, साऊथ-चाइना सी और हॉन्ग-कॉन्ग पर भारत की नज़र है ।
"मुझे इन छापेमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे नहीं मालूम आयकर विभाग के लोग कहाँ छापेमारी को अंजाम दे रहे हैं। उन्हें कर लेने दीजिए। मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है, अगर हमारी तरफ से कोई गलती है तो हम इसे सुधारेंगे।"
दिलप्रीत सिंह ने 6 अक्टूबर को आलमबाग रेलवे कॉलोनी में आयोजित रामलीला में एक भाषण में लोगों को संबोधित करते हुए राज्य में आगामी उप-चुनावों में उन्हें और उनकी पार्टी को वोट देने की अपील की थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएच कपाड़िया ने मई में भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर एक शिकायत को स्वीकार करने के बाद राहुल गाँधी को समन जारी किया था। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए पहली नजर में इसे राहुल गाँधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला माना।