"उम्भा का विवादित जमीन कॉन्ग्रेसी नेता के नाम पर था। जमींदारी खत्म होने के बाद इन्होंने कई सोसायटी बनाई और बड़े पैमाने पर जमीनों के ट्रांसफर किए। कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा अवैध तरीके से जब्त की गई जमीन को खाली करवाकर उन आदिवासियों, वन विभाग और ग्राम सभा को दे दी जाए, जिनकी ये जमीनें हैं।"
थरूर पिछले कुछ दिनों से लगातार कॉन्ग्रेस पार्टी को सलाह पर सलाह दे रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी को नसीहत दी कि भाजपा की सफलता से डरने की बजाय पार्टी अपने मूल विचारों पर ध्यान दे।
भाजपा अध्यक्ष की मानें तो सिद्धारमैया ने ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि कॉन्ग्रेस में डीके शिवकुमार का कद तेजी से बढ़ रहा था। उनके मुताबिक यही कारण है कि डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के पीछे सिद्धारमैया हो सकते हैं।
युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने सब- इंस्पेक्टर उज्मा खान को अपनी पहुँच और रसूख बताने की कोशिश की। मगर उज्मा खान ने भी बता दिया कि वह कॉन्ग्रेस के मंत्री आरिफ अकील की भतीजी हैं।
बेहद शर्म की बात है कि महत्वपूर्ण पद पर होते हुए भी कवासी लखमा शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच बकायदा मजे लेकर ये बता रहे हैं कि किस तरह से गुंडागर्दी करके बड़ा नेता बना जा सकता है। जबकि वे बच्चों को भविष्य के लिए अच्छी सीख दे सकते थे।
इससे पहले शर्मिष्ठा दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता बनाई गई थीं। इसी तरह अंशुल मीरा कुमार का भी प्रमोशन हुआ है। वह मीरा कुमार के बेटे हैं। मीरा कुमार पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं।
ऐसा नहीं फ़िरोज़ गाँधी कॉन्ग्रेसी नहीं थे या राजनीति में उनकी हिस्सेदारी नहीं थी। गाँधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरेली के पहले सांसद वही थे। फिर, बात-बात में नेहरू, इंदिरा और राजीव का नाम लेने वाले कॉन्ग्रेसी और उनका अगुआ शीर्ष परिवार फिरोज का नाम लेने से क्यों डरता है?
कॉन्ग्रेस नेता ने कहा है कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सपा, आजम खान के बहाने पूरे प्रदेश में दंगा कराना चाहती है। ऐसे में अगर अखिलेश यादव रामपुर आते हैं तो वह पीड़ित परिवारों के साथ उनका विरोध करेंगे।
थरूर ने कहा कि एक सतर्क आशावादी के रूप में वह कहना चाहेंगे कि बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय हैं, जो हाल के 'रूढ़िवादी रुझान' का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे लगातार यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत को लेकर 'विकृत विचार' सफल न हो।