कॉन्ग्रेस नेता रामनाथ राय ने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और इमरान खान एक ही माँ के बेटे हैं और दोनों चुनाव जीतने के लिए एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।
ईडी ने जुलाई में अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी का बयान भी रिकॉर्ड किया था। फिर इसके बाद संदेसरा समूह के कर्मचारी सुनील यादव से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि सुनील यादव ने ही
फैसल पटेल और संदेसरा बंधुओं के बारे में बताया था।
संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। लेकिन, वह केवल बेढंगे और बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।
"मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का स्पष्ट कहना है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को बहुत प्रताड़ित किया गया है। उनको न्याय मिलना चाहिए। इसलिए उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की ट्रांसफर पोस्टिंग का अच्छे से ख्याल रखा जाए।"
एजेंसी ने अदालत को बताया कि समन जारी किए जाने के बाद शिवकुमार हाजिर तो हुए लेकिन वह प्रश्नों का जवाब देने की बजाय टालमटोल करते रहे। ईडी के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। शिवकुमार ने जानबूझ कर जाँच प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश की।
प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी कॉन्ग्रेस डेटा सेल में रह चुके हैं। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को ग़लत जानकारियाँ देने का आरोप लगा था। कॉन्ग्रेस का तो ये तक सोचना था कि प्रवीण चक्रवर्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमी हैं।
थरूर ने अपनी पार्टी को इस बात पर विचार करने की सलाह दी कि आख़िर इन वोटरों ने कॉन्ग्रेस से नाता क्यों तोड़ लिया? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि जब तक हम ये नहीं पता लगाएँगे कि हमारे वोटर हमें छोड़ कर क्यों चले गए, हम उन्हें वापस अपने पाले में लाने में कैसे कामयाब होंगे?
इस वीडियो में ये तो खुलासा नहीं हो पाया कि सिद्धारमैया ने अपने सहयोगी को थप्पड़ क्यों मारा? मगर इसे देखकर लगता है कि शायद दोनों किसी मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान सिद्धारमैया पीछे मुड़ते हैं और तड़ाक से......
चिदंबर और शिवकुमार की गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए रावत ने कहा कि अगर उनके बुढ़ापे में जेल जाने से उनकी पार्टी को फायदा होता है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। हरीश रावत उत्तराखंड कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मनमोहन सरकार में वह केंद्रीय मंत्री भी थे।
उत्तराखंड के बहुचर्चित विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग मामले में सीबीआई की तरफ से हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रारंभिक जाँच पूरी हो चुकी है और अब वो हरीश रावत के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती है।