इंदिरा ने पुराने कॉन्ग्रेस को फुस्स कर एक ऐसी कॉन्ग्रेस खड़ी कर ली जहाँ उनके चाटुकारों ने 'इण्डिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इण्डिया' कहने में भी संकोच नहीं किया।
"....क्योंकि आपने तो जानबूझकर विकृत तथ्यों और झूठी बातों का प्रचार किया है। परन्तु जो सच है, वह तो लिपिबद्ध हो जाए… आपके शासन में एक बन्दी के रूप में मैं भी सन्तोषपूर्वक मरूँगा।"