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बारूद और खून की गंध से अपना मनोरंजन करने वाला हत्यारा: चे ग्वेरा, जिसने नेहरू को गिफ्ट किया था सिगार

टीशर्ट से लेकर बिकनी तक पर आज जिसकी फोटो छपवाई जाती है, वो एक ऐसा हत्यारा था जिसके लिए हत्या करना मनोरंजन के समान था। फिर भी उसे नायक बना दिया गया।

‘द वायर’ और CAA विरोधियों का संदिग्ध गठजोड़: भारत के आंतरिक मुद्दों में क्यों हस्तक्षेप कर रहे हैं अमेरिकी नागरिक वरदराजन

एआईसी एक ऐसा संगठन है, जो भारत में सीएए प्रदर्शनों को भड़का रहा था। इसका गठजोड़ 'द वायर' के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से था।

सनातन डेका की हत्या के बाद अरमान अली ने रितुपर्णा का गला ‘हलाल’ किया, असम में डरे हुए हिन्दुओं ने किया प्रदर्शन

पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है- "हम इन्हीं सड़कों पर घूमते हैं, हम इन्हीं बाजारों में जाते हैं, वे हमें भी उसी तरह मारेंगे।"

‘जस्टिस’ रवीश कुमार नींद से नहीं जागना चाहते क्योंकि उन्हें वही ‘दंगा साहित्य’ पसंद है जो वास्तविकता से अलग है

रवीश आज भी नेहरू-इंदिरा के अहंकार के उस दौर से आतंकित हैं, जब मनचाहे तरीकों से सत्ता, समाज और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में रखा करती थी। लप्रेकी रवीश इस नींद से जागना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें 'दंगा साहित्य' पसंद है।

मुरारी बापू जी, अली-मौला इतना ही पसंद है तो टोपी लगा कर नमाज पढ़ लीजिए, सत्संग-प्रवचन का नाम क्यों ले रहे?

एक तरफ एक मजहब है, जो कि अपने मूल रूप में प्रसारवादी, राजनैतिक और ऐतिहासिक तौर पर हिंसक और लूट-पाट से ले कर आतंक का शासन स्थापित करने पर तुला हुआ है, और दूसरी तरफ उसी की प्रसारवादी नीतियों को झेल कर हर बार खड़ा होने वाला धर्म! दोनों एक हैं ही नहीं, आप क्यों मिलाना चाह रहे हो?

भाई का ‘जहर’ बिका नहीं, बहन नमक पर बनाने चली ‘लल्लू’: कॉन्ग्रेसी मुखपत्र में प्रियंका गाँधी का इमोशनल अत्याचार

राहुल गॉंधी ने जो 2013 में किया उसे प्रियंका गॉंधी 2020 में अजय सिंह लल्लू के नाम पर दोहराने की कोशिश में हैं। दिलचस्प यह है कि इस कोशिश में चायवाले का मजाक उड़ाने वाली कॉन्ग्रेस नमक बेचने की दुहाई दे रही है।

‘भारत के बेटे’ की हत्या पर राजनीति न करे कॉन्ग्रेस: अजय पंडिता की बेटी ने शशि थरूर को लताड़ा

दिवंगत अजय पंडिता की बेटी नियंता ने कहा है कि कॉन्ग्रेस को भारत के बेटे की हत्या पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनके पिता की हत्या पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है। उनका परिवार किसी से कुछ नहीं माँग रहा। उन्हें बस इंसाफ चाहिए।

मिशनरियों के चंगुल में उत्तराखंड: ईसाइयत के प्रचार और प्रचारक बनाने को ऑनलाइन ‘बाइबिल क्लासेज’

जिस समय दुनिया कोरोना से लड़ रही है उत्तराखंड ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण के षड्यंत्रों से भी संघर्षरत है। यह कभी ऑनलाइन तो कभी राशन, बाइक और मुर्गा के नाम पर परोसा जा रहा है।

अमरोहा में दलित हत्या पर छाती पीटने वाले जौनपुर में दलितों के गाँव फूँके जाने पर चुप क्यों हैं?

क्या दलितों की पीड़ा की बात तभी की जाएगी जब आरोपित सवर्ण हों? आरोपित समुदाय विशेष के होंगे तो पीड़ितों का दलित होना भूला दिया जाएगा?

‘लोगों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक’: दिल्ली में कोरोना पर SC सख्त, केजरीवाल सरकार को फटकारा

"लाशें किस तरह से रखी जा रही हैं? ये क्या हो रहा है? अगर लाशों के साथ ऐसा सलूक हो रहा है, अगर लाशें कचरे के ढेर में मिल रही हैं तो यह इंसानों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक है।"

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