यहाँ पर सवाल उठता है कि केजरीवाल ने ऐसा क्यों कहा कि वोट देने से पहले पुरुषों से अवश्य चर्चा करें? क्या उनको आज की नारी पर भरोसा नहीं है? क्या वो पढ़ी-लिखी-समझदार नहीं है? क्या वो भला-बुरा देखकर समझ नहीं सकती? क्या महिलाओं में इतनी समझदारी नहीं है कि वो अपनी समझ से वोट दे सकें?
चोपड़ा ही बताएँगे कि कश्मीर के गुनाहों और गुनहगारों से ऐसा परदा क्यों किया? न तो कश्मीरी हिन्दुओं की पीड़ा कहीं भी है, न ही नरसंहार का ख़ौफ़नाक मंजर... लगता है ‘कश्मीर की कली’ पार्ट 2 बनाना चाह रहे थे।
जहाँ पहले केजरीवाल की पार्टी तय कर रही थी कि मुद्दा क्या होगा, बाद में वो हनुमान चालीसा पढ़ कर और मंदिर-मंदिर घूम कर ख़ुद भाजपा की पिच पर खेलने लगे। उनका दावा है कि सब 'पवित्र शक्तियाँ' उनकी ही पार्टी के साथ है। अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के बयानों का भाजपा को फ़ायदा हुआ।
शिकारा फिल्म रिलीज होने के पहले ही दिन यह विवादों के घेरे में आ गई है। इस फिल्म टैग लाइन बदले जाने से लेकर इसमें कश्मीरी पंडितों की त्रासदी के नाम पर कश्मीरी पंडितों की भावनाओं का मजाक बनाने जैसे कारणों से बवाल खड़ा हो गया है।
दिल्ली शिक्षा के आँकड़ों को देखेंगे तो पता चलता है कि 1032 में से सिर्फ 54 स्कूलों पर ही काम किया गया, बच्चों को जबरन फेल किया गया ताकि बोर्ड में सिर्फ बेहतर बच्चे ही बैठें! यहाँ तक कि मात्र गिने हुए 8 स्कूलों की ही तस्वीरें बार-बार सोशल मीडिया पर शेयर की गईं।
2015 में करीब 67% मतदान हुआ था। इस बार भी ऐसा हुआ तो एक करोड़ के करीब वोट पड़ेंगे। दिल्ली में इस वक्त भाजपा के सदस्यों की संख्या 62 लाख के करीब है। इन सभी ने बीजेपी के लिए वोट डाले तो 11 फरवरी को करिश्मा तय है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग ने कुछ दिन पहले ये बात सार्वजनिक की थी कि उनके पास मोहल्ला क्लिनिक को लेकर शिकायतें आ रही हैं। जिनमें दावा किया जा रहा है कि मोहल्ला क्लिनिक में काम करने वाले डॉक्टर केवल 4 घंटों में 533 मरीजों को देखते हैं। यानी गणित के मुताबिक जोड़ा जाए तो एक मरीज को केवल 36 सेकेंड दिए जाते हैं।
गुंजा कपूर के साथ हुई घटना की सच्चाई इससे कहीं ज्यादा भयावह और डरावनी है, जितना कि टीवी पर दिखाई गई। गुंजा के साथ ना सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि उनके साथ हाथापाई भी की गई। भीड़ ने गुंजा से इस्लामिक नारे लगाने के लिए कहा। भीड़ में से एक शख्स ने उससे कलीमा (ला इलाहा इल्लल्लाह) पढ़कर...
इस कैंप का नेतृत्व आतंकी मसूद अजहर के बेटे यूसुफ अजहर द्वारा किया जा रहा है। इस कैंप में तैयार किए जा रहे 27 आतंकियों में से 8 आतंकी POK से हैं। इनकी ट्रेनिंग इस हफ्ते खत्म हो जाएगी, जिसके बाद ये भारत में आतंकी मनसूबों को अंजाम देने के लिए...
देश में एक ऐसा प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान है, जहाँ वामपंथियों ने JNU से भी ज़्यादा तबाही मचा रखी है। निर्भया का बलात्कारियों के समर्थन से लेकर सेना को बलात्कारी और हिंसक बता तक, वहाँ के वामपंथी छात्र और प्रोफेसर घृणा की नई इबारत लिख रहे हैं। TISS में वामपंथियों की साज़िश का भंडाफोड़।