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मोदी जीत भी गए तो भारत बँटा हुआ ही रहेगा: The Wire ने उगला जहर

प्रोपगंडा वेबसाइट ‘द वायर’ ने लोकसभा चुनाव में राजग की जीत की भनक मिलते ही अलग ही सुर में रोना शुरू कर दिया है। वायर का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जिसकी भी जीत हो, भारत तो बँटा हुआ ही रहेगा। वायर का यह लेख आज ही आया है और इसे जवाहर सरकार ने लिखा है। जैसा कि हम जानते हैं, मीडिया के एक गिरोह विशेष का अंतिम रोना यही होता है- “तो क्या हो गया, ऐसा होगा-वैसा होगा”। अब जब राजग यूपीए को कड़ी पटखनी देता हुआ नज़र आ रहा है, इनका अंतिम दाँव यही है कि मोदी के जीतने के बावजूद सब कुछ वैसा ही रहेगा, जैसा नैरेटिव ये बनाना चाहते हैं। जवाहर सरकार ने वायर में कहा है कि भारत 1947 से लेकर 2014 तक सहिष्णु था और लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं को अपनाए हुए था।

जवाहर का मानना है कि चाहे कोई भी पार्टी जीते (एग्जिट पोल्स के अनुसार साफ़ था कि राजग की जीत हो रही है), भारतीय व्यवस्था में पिछले पाँच वर्षों में जो व्यवहार और विचार भर दिए गए हैं, जबरन डाल दिए गए हैं, उसे पलटना मुश्किल है। उनका मानना है कि नई सरकार कितनी भी तेज़ी से प्रयास कर ले, अगर ऐसा है भी तो हिंदुत्व और दक्षिणपंथ की तरफ जो झुकाव पैदा कर दिया गया है, वो नहीं बदलेगा। हालाँकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि अगर ऐसा है भी तो हिंदुत्व और दक्षिणपंथ ग़लत क्यों है, इसमें क्या बुराई है? उनके अनुसार, घृणा अब वास्तविक है। हिन्दुओं के एक बड़े धड़े पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार ने लिखा है कि वे मुस्लिमों को शक्तिहीन बनाना चाहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अगले कुछ वर्षों में भारत पर वैष्णव शाकाहार थोप दिया जाएगा। हालाँकि, इसके लिए उन्होंने कोई बैकग्राउंड नहीं दिया। रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के भाजपा में शामिल होने को लेकर भी इस लेख में नाराज़गी जताई गई है। कहा गया है कि सैन्य अधिकारी समझते हैं कि एक ही पार्टी उनके लिए काम कर रही है और उनका भाजपा में शामिल होना अशुभ है। साथ ही जवाहर सरकार ने वायर के लिए लिखे लेख में सोशल मीडिया पर भी सरकार का साथ देने का आरोप लगाया। इसमें लिखा गया है कि अल्ट्रा-नेशनलिज्म अभी जाने वाला नहीं है, चाहे इसके लिए कितने भी प्रयास कर लिए जाएँ।

सोशल मीडिया पर कुछ तथाकथित लिबरल और सेक्युलर लोगों द्वारा केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लगातार जहर उगले जाने का समर्थन करते हुए जवाहर सरकार ने लिखा कि ऐसे लोगों की प्रशंसा होनी चाहिए क्योंकि वे इस इस तानाशाही के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे हैं। जो लोग निष्पक्ष हैं, उनकी भी इस लेख में कड़ी आलोचना की गई है और कहा गया है कि वे फासिस्ट से भी बदतर लोग हैं। सरकार की कश्मीर नीति की आलोचना करते हुए जवाहर सरकार ने दावा किया है कि मोदी सरकार के अंतर्गत आतंकी घटनाओं में काफ़ी इजाफा हुआ है। मुस्लिम आक्रान्ताओं का बचाव करते हुए कहा गया है कि सभी बौद्ध मठों को मुस्लिमों ने नहीं तोड़ा। कुल मिलाकर इस लेख में बिना किसी तर्क, सबूत और बैकग्राउंड के ऐसे कई कन्क्लूजन निकाले गए हैं।

विवेक ओबरॉय को मिली जान से मारने की धमकी, PM मोदी की बायोपिक में लीड रोल बना ‘कारण’

भाजपा के स्टार प्रचारक और बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबरॉय को फोन पर जान से मारने की धमकियाँ मिली हैं। इसका कारण उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक में लीड रोल निभाना माना जा रहा है।

मीडिया खबरों के मुताबिक इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार (मई 22, 2019) को दी। उन्होंने बताया कि उन्हें विवेक ओबरॉय की जान को खतरा होने की खुफिया सूचनाएँ मिली थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

खबर के अनुसार, बुधवार को ही उनकी सुरक्षा में 2 निजी सुरक्षा अधिकारी तैनात किए गए। साथ ही उनके स्थानीय आवास के बाहर एक वाहन भी खड़ा किया गया। विवेक को ये सुरक्षा मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन और सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

गौरतलब है प्रधानमंत्री की बायोपिक में लीड रोल निभाने के कारण विवेक ओबरॉय पिछले दिनों चर्चा का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में उन्हें ऐश्नर्या पर मीम शेयर करने के कारण चारों ओर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच महिला आयोग ने उनके ख़िलाफ़ एक्शन भी लिया और उन्हें अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।


हिंदुओं ने दिया मोदी को वोट, हिंसा और नफरत ही अब भारत का भविष्य: स्वरा भास्कर

हाल ही में आए एग्जिट पोल पर तीन दिनों से जो झाग निकले हैं लिबटार्ड गिरोह के नुमाइंदों के मुँह से, वो एक दर्शनीय घटना थी। अब लोकसभा चुनावों के नतीजे सामने आने लगे हैं, तो इसमें इस गिरोह के कई सदस्यों के विष-फुंकार से लेकर मिर्गी के दौरों की सारी अपडेट यहाँ दी जाएगी।

23 मिनट के भीतर स्वरा भास्कर की ‘घर वापसी’

कॉन्ग्रेस को अब मीडिया में भी ‘गठबंधन साथियों’ की कमी पड़ेगी क्या?

इस आक्रोश को जितना दबाओगे, जितना नीचा दिखाओगे, जितनी खिल्ली उड़ाओगे, उतना यह उबलेगा! और तुम्हारी गंदी राजनीति को लावे की तरह लील लेगा।

उम्मीद पर दुनिया कायम है!

लगे रहो!

ये वाला एंगल ट्राई कर लीजियेगा अगली बार… देखिएगा क्या नतीजा होता है!

आपके चिरयुवा नेता के आगे आपको कैप्टन नहीं दिखे?

क्रिकेट में अगर कोई पैसा एक टीम पर लगाए और फील्डिंग दूसरी टीम से करे तो वह भ्रष्टाचारी होता है! मीडिया में ऐसे लोगों को क्या कहेंगे?

कल तक मजाक में कहते थे, आज सच में लगता है ये लोग भाजपा के स्लीपर सेल हैं!

जैसा चल रहा है, वैसा ही चलेगा… आपको दिक्कत है तो 2024 में यही प्रोपेगैंडा आजमा लीजिएगा!

काश, आतंकवाद सच में आपके लिए मुद्दा होता, मन बहलाने का साधन नहीं…

स्वरा जी, अब बस “ये गलियाँ, ये चौबारा…” गा दीजिए!!

रेवती जी, पुरुषार्थ का अर्थ समझने ये किस के पास चली गईं आप?

स्वरा भास्कर आख़िरकार बिल से बाहर आईं, और 2024 में भाजपा की जीत के लिए कैम्पेनिंग शुरू कर दी।

रवीश जी का दिल है, कि मानता नहीं… टिंग-रिंग…

इन दोनों का रिटायरमेंट प्लान

ये बताइए, नेहरू जीत रहे हैं या हार रहे हैं?

इनके नाम का अपभ्रंश जिसने भी बनाया, सही बनाया!

आप पाँच साल भी वहीं रह जाएँ तो भी देश को कुछ फर्क नहीं पड़ना!

आप पहले आतिश तासीर को समझाइए! लड़का अभी पूरी तरह हाथ से नहीं निकला है…

ये कन्फ्यूज्ड टाइप के लिबरल हैं- वैचारिक रूप से नहीं, इस बात में कि गुलाटी मारने में ज्यादा फायदा है, या वफ़ादारी दिखाए जाने में…

प्रिय कारवाँ वालों, सारा जहर आज ही उगल लोगे तो पाँच साल क्या करोगे?

आपको किसी ने रोका था साध्वी के खिलाफ चुनाव लड़ने से?

इतनी तेजी से तो केजरीवाल और मुलायम ने भी यू-टर्न नहीं मारे थे…

एनडीटीवी का लोगो भी भगवा होने वाला है क्या?

समझ नहीं आता इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी जा सकती है!!

न्यू यॉर्क टाइम्स की अक्ल अभी भी ठिकाने नहीं आई:

बेरोजगारी का दुःख निखिल वागले से बेहतर तो बरखा दत्त भी नहीं जानतीं! भौत हार्ड, भाई…

मतलब बालाकोट और सर्जिकल स्ट्राइक के श्रेय मोदी को देना गलत, और ऑपरेशनल चूक मोदी की साजिश? वाह हरतोष जी, वाह!

राणा जी को कोई ‘a while’ का मतलब समझाओ! इतना लम्बा while कौन से शब्दकोश से आ रहा है?

राणा जी हमें माफ़ करना, पर गलती थारे से भी हुई थी!

स्वाति चतुर्वेदी से और दुःख बर्दाश्त नहीं होता। लेकिन ये कमबख्त न्यूज़ वाले हैं कि परिणाम के अलावा कुछ दिखा ही नहीं रहे! कृषि दर्शन कहाँ है?

तहसीन पूनावाला ‘The Monk Who Became Chief Minister’ के लेखक शांतनु गुप्ता को ज्ञान दे रहे थे कि भाजपा ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के चुनाव में भी EVM हैक कर ली थी, इसी से उसे प्रतिशत मिला। शांतनु ने पूछा कि भाजपा ने ‘हैकिंग’ के बल पर खुद को केवल प्रतिशत ही दिया, सीटें नहीं?

स्वाति जी, आप एनडीटीवी पर न भी लिखतीं तो भी यह दीवार पर लिखी इबारत थी।

मतलब भाड़े की प्रोटेस्टर कम्युनिस्टों में पाँच साल से ‘अल तकिया’ कर बैठीं थीं? या फिर इस्लाम और कम्युनिज्म में अंतर ही नहीं है?

वैसे भी ये दिल्ली में “आवारा” बन क्रांति करती हैं, और कश्मीर पहुँचते ही चीनी के बोरे लपेट लेती हैं।

मतलब ‘मुस्लिम होने का अहसास ‘मोदी के आने से ज्यादा होता है, चीनी का बोरा ओढ़ लेने से कम ?

ये मैडम शेखर गुप्ता, राहुल कँवल, स्वाति चतुर्वेदी, करुणा नंदी जैसे ‘लिबरलों’ द्वारा फॉलो की जाती हैं। मोदी से पाँच साल ट्विटर पर वह किसे-किसे फॉलो करते हैं, इस पर इस्तीफा माँगने वाले इन लोगों के इस्तीफे माँगेंगे?

नतीजे आने से पहले ही स्पष्टीकरण शुरू:

BJP के लिए EVM ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ बन गई है: कॉन्ग्रेस

लोकसभा चुनाव के परिणाम के पहले से ही विपक्ष लगातार ईवीएम और आदर्श आचार संहिता को लेकर भाजपा पर तरह-तरह के आरोप लगा रहा है। विपक्ष ने एक बार फिर से चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम और वीवीपैट को लेकर असंतोष जाहिर किया है। बुधवार (मई 22, 2019) को कॉन्ग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसा लगता है कि, बीजेपी के लिए आदर्श आचार संहिता ‘मोदी प्रचार संहिता’ बन गई है। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस ने भाजपा के लिए ईवीएम को ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ करार दिया।

कॉन्ग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की 22 विपक्षी दलों की उस माँग को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने माँग की थी कि मतगणना से पहले वीवीपैट की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की बात कही थी। दरअसल, विपक्ष ने माँग की थी कि अगर वीवीपैट और ईवीएम का मिलान एक जैसा नहीं पाया जाता, तो पूरी विधानसभा की वीवीपैट की पर्चियों को गिना जाए। मगर चुनाव आयोग ने इस माँग को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि मतगणना के अंत में ही पर्चियों का मिलान किया जाएगा, उससे पहले नहीं।

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के द्वारा किए गए दोनों माँग को खारिज कर दिया, लेकिन इसे किस आधार पर खारिज किया गया, इसके बारे में आयोग ने कुछ नहीं कहा। सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग को ईवीएम की विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए कुछ करना चाहिए।

कन्हैया चल रहे पीछे: घर में सिलिंडर पर छन रही हैं पूड़ियाँ, वही सिलिंडर जिस पर बोला था ‘झूठ’

लोकसभा निर्वाचन 2019 परिणाम के रुझान जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं प्रत्याशियों में ख़ुशी का संचार होता जा रहा है। सबसे ज्यादा ख़ुशी कन्हैया कुमार को हो रही है। खबर है कि उनके घर में जीत की ख़ुशी में सिलिंडर पर पूड़ियाँ छन रही हैं। हालाँकि ताजा रुझानों में कन्हैया कुमार तीसरे स्थान पर पीछे चल रहे हैं।

गौरतलब है कि खुद को ‘बेरोजगार’ कहने वाले कन्हैया कुमार अब तक 8,58,650 रुपए की कमाई कर चुके हैं। 2017-18 में कन्हैया कुमार की आय 6,30,360 रुपए थी जबकि 2018-19 में उनकी आय 2,28,290 रुपए की रही। पिछले दो साल में बेरोजगारी के बावजूद 8 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वाले कन्हैया अपने घर में एक गैस सिलिंडर तक नहीं खरीद पाए थे।  

श्रवण कुमार की धरती पर शायद ऐसे ही बेटों को ‘कपूत’ की संज्ञा दी जाती होगी। हालाँकि कन्हैया यह तर्क फिर से दे सकते हैं कि 3-4 दिन में खत्म हो जाने वाले सिलिंडर को वह साल भर में 100 से ज्यादा खरीदें तो कैसे खरीदें। लेकिन अब जब उनके घरवाले निर्वाचन में उनकी संभावित जीत की खुशियाँ मना रहे हैं तो उनके पास सिलिंडर कहाँ से आया यह पूछा जाना चाहिए।

लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा भरोसा, स्वतंत्र है ECI: अमेरिका

अब संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने भी भारतीय निर्वाचन आयोग की तारीफ की है। अमेरिका ने कहा है कि लोकसभा चुनावों में जिसकी भी विजय हो, उसे भारत में हुए ताज़ा चुनावों की पवित्रता और निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। अमेरिका ने कहा है कि वो नई सरकार के साथ कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे जो भी प्रधानमंत्री बने। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने कहा, “मैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नजरिए से कहना चाहूँगा कि हमें भारत में हुए लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा विश्वास है। यह स्पष्ट है कि जिसकी भी विजय हो या फिर जो भी परिणाम आएँ, हम नई सरकार के साथ कार्य करेंगे।“

बाकी देशों की तरह अमेरिका अपने चुनाव पर्यवेक्षकों को भारत नहीं भेजता क्योंकि उसे भारतीय निर्वाचन आयोग की स्वतन्त्रता और विश्वसनीयता पर पूरा विश्वास है। भारत को अपना सच्चा रणनीतिक साझेदार बताते हुए अमेरिका ने कहा कि सिर्फ़ एक क्षेत्र में नहीं, बाकि कई क्षेत्रों में अमेरिका और भारत के रिश्ते काफ़ी प्रगाढ़ हैं। अमेरिका ने कई मुद्दों पर भारत का पार्टनर होने की बात कही। अमेरिका ने कहा कि आज विश्व में जो कुछ भी चल रहा है, कुछ देर ठहर कर भारत पर बात करनी चाहिए। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने हाल ही में लिखा था कि भारत का चुनाव विश्व की सबसे व्यापक और विशाल लोकतान्त्रिक प्रक्रिया है।

इस बार के चुनाव में पिछली बार के मुकाबले 8 करोड़ मतदाताओं की वृद्धि हुई है। 2014 में 55 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इंटरनेशनल स्टडीज थिंक टैंक में कार्यरत एक विशषज्ञ के मुताबिक नई सरकार को अमेरिका के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अमेरिका के साथ गुपचुप तरीके से ट्रेड वॉर में आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए और साथ ही सिक्यॉरिटी जैसे मुद्दों पर संबंधों को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहिए। इसे ड्यूल ट्रैक एप्रोच का नाम दिया गया है।

हाल ही में मोदी सरकार ने कस्टम ड्यूटी की बढ़ोतरी करने के साथ-साथ गवर्नमेंट प्रोक्योरमेंट में बदलाव किया है। अगली सरकार द्वारा कुछ नर रिफॉर्म्स लाए जाने कि उम्मीद है और कहा जा रहा है कि अगली सरकार इम्पोर्ट बढ़ाने से ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करने में ज्यादा जोर देगी। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने इस बार हिन्दू दक्षिणपंथी मुद्दों पर चुनाव लड़ा है और जनता नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षों में किए गए कामकाज पर अपना निर्णय देगी।

वाशिंगटन पोस्ट का मानना है कि भारत अभी चीन से प्रतिस्पर्धा कर रहा है और इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की ज़रूरत है। प्रधानमंत्री मोदी को हिन्दुत्ववादी नेता बताते हुए अमेरिकी वेबसाइट ने लिखा कि यह चुनाव भारत का भविष्य तय करेगा। वहीं ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ का कहना है कि निवेशक इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि मोदी का कौन सा रूप प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा- निवेश को आकर्षित करने वाला या बाँटने वाला? अमेरिकी वेबसाइटों ने नरेन्द्र मोदी को व्यापार और उद्योग फ्रेंडली तो बताया है लेकिन वे उनके हिन्दुत्ववादी होने की चर्चा करना नहीं भूलते।

बड़े नाम: नरेंद्र मोदी, साध्वी प्रज्ञा, रवि किशन आगे, शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे

वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं।

भोपाल में बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा 10000 वोटों से आगे हैं।

पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।

योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट गोरखपुर से रवि किशन 16000 वोटों से आगे।

अमेठी से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पीछे चल रहे हैं। पोस्टल बैलट की शुरुआती रुझान में स्मृति इरानी राहुल से आगे निकल गई हैं। वायनाड से राहुल के लिए थोड़ी राहत की खबर है – लीड कर रहे हैं।

रायबरेली से सोनिया गाँधी आगे चल रही हैं।

भोपाल से साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं। दिग्विजय सिंह शुरुआती रुझानों में पिछड़ गए हैं।

कॉन्ग्रेस के बड़े चेहरे में से एक शशि थरूर केरल के थिरुअनंतपुरम से पीछे चल रहे हैं।

ऐतिहासिक: भाजपा का तिहरा शतक, हाफ-सेंचुरी पर सिमटी कॉन्ग्रेस

कुछ ही देर में लोकसभा चुनावों के रुझान आने शुरू हो जाएँगे और कौन किस स्थिति में होगा सरकार बनाने के, यह स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा। हाल ही में आए एग्जिट पोल के हिसाब से 10 में से 9 एग्जिट पोल ने भाजपा और समर्थित पार्टियों को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया था। इसके बाद कई पार्टियों ने EVM पर सवाल उठाने शुरू कर दिया जिससे कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी कि शायद ये उनके हार की स्वीकृति है।

14:06 ताजातरीन आँकड़ो के अनुसार भाजपा समर्थित NDA ने पहली बार रुझानों में 350 की संख्या पार कर ली। अब NDA 352 सीट पर आगे है, UPA 92 सीट पर, सपा-बसपा 20 सीट पर और अन्य पार्टियाँ 78 सीटों पर बढ़त बना कर चल रही है। BJP 300 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है।

12:12 भाजपा समर्थित NDA को 344, UPA को 93, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 80 सीटों पर बढ़त है।

11:42 बंगाल में अब तक कुल 40 सीटों में तृणमूल 21 सीटों पर, बीजेपी 17 सीटों पर और कॉन्ग्रेस 2 सीट पर आगे है।

11:38 लगभग सारे सीटों के रुझान आ गए हैं और भाजपा समर्थित राजग को 335, UPA को 103, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 83 सीटों पर बढ़त है।

10:38 रिपब्लिक टीवी के ताजा आँकड़ो के अनुसार 328 सीटों पर NDA आगे, UPA 107 पर बढ़त बनाए हुए है। सपा-बसपा गठबंधन 25 पर चल रही है आगे।

ECI की साइट से ताजा रुझान

10:07 ABP आनंद के अनुसार, ताजा रुझानों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस 20 सीटों पर, बीजेपी 15 सीटों पर और कांग्रेस 2 सीट पर आगे चल रही है। अभी तक कुल 37 सीटों के रुझान आ चुके हैं।

NDTV ने 327 सीटों पर भाजपा को बढ़त दिखाई

9:42 ZEE न्यूज़ के मुताबिक 464 सीटों के रुझानों में बीजेपी 300 और कांग्रेस 101 सीटों पर आगे, अन्य 72 सीटों पर आगे

9:33 महागठबंधन (सपा-बसपा) को उत्तर प्रदेश में 27 सीटों पर बढ़त मिल रही है। बाकी रुझान में 183 पर NDA आगे, 99 पर UPA, अन्य को 62 पर बढ़त है। गिरिराज सिंह बेगूसराय में आगे हैं, स्मृति ईरानी अमेठी में राहुल गाँधी से आगे हैं। वहीं सोनिया गाँधी 600 मतों से पीछे हो गई हैं रायबरेली में।

9:17 अभी तक आए रुझानों के मुताबिक 122 पर NDA आगे, 91 पर UPA को बढ़त

9:02 ABP आनंद के अनुसार पश्चिम बंगाल में TMC को 6, BJP को 3, और कॉन्ग्रेस को 2 सीटों पर बढ़त। आसनसोल से भाजपा के बाबुल सुप्रियो आगे चल रहे हैं।

8:56 पहली बार सौ से ज़्यादा सीटों के रुझान आ चुके हैं जहाँ 112 सीटों में 61 पर NDA, 21 पर UPA और 30 पर अन्य को शुरुआती बढ़त है।

8:46 ताजा आँकड़ों के अनुसार 64 में से 38 पर NDA आगे चल रही है। बड़े नामों में राहुल गाँधी अमेठी में शुरुआती बढ़त के बाद पिछड़े; शशि थरूर भी तिरुवनंतपुरम में पीछे; कन्हैया भी पीछे।

8:36 43 में से 24 पर NDA, 15 पर UPA और 4 पर अन्य आगे चल रहे हैं। राजस्थान और गुजरात की सारी सीटों पर NDA आगे।

8:27 7 राज्यों में भाजपा को बढ़त, रिपब्लिक टीवी और C-Voter के अनुसार 32 में से 17 पर NDA, 13 पर UPA और 2 पर अन्य आगे चल रहे हैं

8:25 पश्चिम बंगाल में 5 में 4 सीटों पर BJP आगे चल रही है।

8:16 शुरुआती रुझानों में भाजपा 9 में 8 सीटों पर आगे चल रही है। रिपब्लिक टीवी के अनुसार भोपाल में साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं।

8:00 मतगणना शुरू हो चुकी है और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती हो रही है। CNN News 18 के अनुसार पोस्टल बैलेट में भाजपा 6 सीट पर आगे है। हालाँकि, इन रुझानों का कोई ख़ास मतलब नहीं होता।

7:47 महागठबंधन की पार्टियों ने अजीब सी डिमांड रखी है जहाँ उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता तो उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। ये किस आधार पर कहा गया ये तो नहीं पता लेकिन जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं उन्हें ही सरकार बनाने का आमंत्रण मिलने की परंपरा रही है।

7:30 लोकसभा चुनाव परिणामों के साथ ही तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आज ही आएँगे।

7:25 वोटों की गिनती 8 बजे से शुरू होगी और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। सबसे अंत में VVPAT की पर्चियों का EVM में दर्ज संख्या से मिलान होगा। यूँ तो दिन ख़त्म होने तक ही सारे नतीजे स्पष्ट होंगे, लेकिन दोपहर 12-1 बजे तक के रुझान से पता चल जाएगा कि सरकार किसकी बनेगी।

7:15 कॉन्ग्रेस और वाड्रा परिवार यूँ तो पूजा-पाठ में व्यस्त हैं वहीं कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि उनकी पार्टी आश्वस्त है कि लोकसभा चुनावों के नतीजे उनकी पार्टी के पक्ष में आएँगी और राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे।

19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार पर चुनाव नतीजों से कुछ घंटों पहले चली अंधाधुंध गोलियाँ

थोड़ी ही देर में मतगणना शुरू होने वाली है और नतीजे स्पष्ट होने लगेंगे, लेकिन इसी बीच ओडिशा से खबर है कि वहाँ की अकसा विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मनोज जेना पर अज्ञात हमलावरों ने लगातार गोलियाँ चलाई। देर रात हुए हमले के कारण प्रत्याशी की हालत नाजुक बताई जाती है। उन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती किया गया है।

ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

7 तरीकों से मैंने देखा, मोदी की जीत तय: बेजान दारुवाला की भविष्यवाणी

चुनावों के नतीजे थोड़ी ही देर में सामने आने लगेंगे और रुझानों से 11 बजे तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस पार्टी या गठबंधन को जनादेश मिलेगा। हालाँकि, हम भारतवासियों को हर तरह से नतीजे पता करने का कुतूहल होता है। इसी सन्दर्भ में प्रसिद्ध ज्योतिषशास्त्री बेजान दारुवाला ने जो भविष्यवाणी की थी हम वो बताने जा रहे हैं।

बेजन दारूवाला ने न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में NDA को बहुमत मिलेगा और वो मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएँगे। उन्होंने कहा था कि जिन 7 मानदंडों पर वो राहुल गाँधी और मोदी को आँक रहे हैं, उनके सितारे बताते हैं कि इस बार भी मोदी की ही जीत होने वाली है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

न सिर्फ मीडिया और अन्य संस्थानों के एग्जिट पोल, बल्कि कॉन्ग्रेस का खुद का एग्जिट पोल भाजपा-नीत एनडीए को 272 के बहुमत के आँकड़े के करीब 230 के आस-पास सीटें दे रहा है। भाजपा को भी 200 के करीब सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके उलट पूरा यूपीए मिल कर भी इस सर्वे में 200 का आँकड़ा नहीं छू पा रहा है। कॉन्ग्रेस खुद 140 पर सिमटती हुई नजर आ रही है।