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राजा भैया को तलाक नहीं देंगी पत्नी भानवी सिंह, कहा- जो कुछ कहना था कोर्ट में कह चुकी, परिवार एक रहेगा: अवैध संबंध-मारपीट का लगाया था आरोप

उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को तलाक देने से उनकी पत्नी भानवी सिंह ने इनकार किया है। भानवी ने कहा है कि उन्हें जो कहना था वह वे कोर्ट में बता चुकी हैं। लेकिन तलाक वह कभी नहीं देंगी।

भानवी सिंह ने अपने पति राजा भैया पर अवैध संबंध रखने और मारपीट के आरोप लगाए थे। एबीपी न्यूज से बातचीत में इन आरोपों को लेकर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “वो सब सही हैं। हमें जो लिखना था, कहना था, कह चुके हैं।”

राजा भैया के साथ रिश्तों को लेकर भानवी सिंह ने कहा, “हमें कुछ नहीं कहना है। मामला कोर्ट में चल रहा है। जो भी होगा कोर्ट से फैसला होगा। हमें जो भी कहना होगा, कोर्ट में कहेंगे।”

राजा भैया द्वारा टॉर्चर करने के आरोप को दोहराते हुए उन्होंने कहा, “उनका परिवार हमेशा एक रहेगा। हम लोग हमेशा एक रहेंगे।” बच्चों के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “बच्चों का भविष्य अच्छा रहेगा। हम कभी तलाक नहीं देंगे। भगवान जो भी करते हैं सब कुछ सोचकर ही करते हैं।” वहीं घर तोड़ने को लेकर पूछे गए प्रश्न पर भानवी सिंह ने कहा है कि वह सारी चीजें लिखकर कोर्ट में दे चुकी हैं।

क्या है मामला

राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच ‘जंग’ की शुरुआत उत्तर प्रदेश से एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल भैया के चलते हुई थी। भानवी ने अक्षय पर उनकी कंपनी में गलत काम करने तथा कंपनी की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। यही नहीं उन्होंने दिल्ली क्राइम ब्रांच में अक्षय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसके बाद राजा भैया ने अक्षय का समर्थन करते हुए कहा था कि वह अपने भाई के साथ खड़े हैं।

राजा भैया द्वारा अक्षय प्रताप सिंह का समर्थन करने मात्र से ही स्पष्ट हो गया था पति-पत्नी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। इसके बाद राजा भैया ने साल 2022 में कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी थी। उन्होंने कहा था कि भानवी लंबे समय से घर छोड़कर अलग रह रही हैं। इससे उनके परिवार की छवि खराब हो रही है।

इसके बाद भानवी सिंह ने राजा भैया पर मारपीट करने और धमकाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अप्रैल 2015 में राजा भैया ने उन्हें इतना मारा था कि हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा था। उन्होंने राजा भैया पर अवैध संबंध रखने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि राजा भैया उन्हें सितंबर 2020 में ही घर में आने से मना कर चुके हैं।

कौन हैं भानवी कुमारी सिंह

भानवी कुमारी सिंह बस्ती राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। उनका जन्म 10 जुलाई 1974 में हुआ था। भानवी बस्ती राजा के छोटे पुत्र कुँवर रवि प्रताप सिंह की बेटी हैं। कुँवर रवि प्रताप सिंह के 4 बेटियाँ हैं, जिसमें भानवी तीसरे नंबर की हैं। उन्होंने अपनी आठवीं तक की पढ़ाई बस्ती के सेंट जोसेफ स्कूल से पूरी की है। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अपनी माँ मंजूल सिंह के साथ लखनऊ में चली गईं। बताया जाता है कि वह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी हुई हैं। राजा भैया और भानवी सिंह की शादी 1995 में हुई थी। दोनों की दो बेटियाँ और दो जुड़वाँ बेटे हैं।

फिल्मों में धर्म का अपमान, साउथ Vs बॉलीवुड, अमरीश पुरी से तुलना, अधूरा रहा चाणक्य का किरदार, PM मोदी के काम… ‘ग़दर 2’ के मेन विलेन का बेबाक इंटरव्यू, हर मुद्दे पर बोले

सनी देओल की फिल्म ‘ग़दर 2’ भारत में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म बन गई है। इससे आगे अब सिर्फ शाहरुख़ खान की ‘पठान’ है, जिसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस का ये तेज़ी से पीछा कर रही है। एक ऐसा नाम है जो इन दोनों ही फिल्मों में कॉमन है – मनीष वाधवा। मनीष वाधवा ने 2011-12 में आने वाले सीरियल ‘चन्द्रगुप्त मौर्य’ में चाणक्य के किरदार से अपनी छाप छोड़ने वाले मनीष वाधवा ने ‘ग़दर 2’ की सफलता और अपने करियर से लेकर विभिन्न मुद्दों पर ऑपइंडिया से बातचीत की।

मनीष वाधवा के जीवन और करियर में ‘ग़दर 2’ के बाद क्या बदलाव आया है?
मेरे जीवन में 2 बार सब कुछ बदल देने वाले क्षण आए हैं – पहली बार 11 मार्च, 2011 को। यही वो दिन था जब ‘चन्द्रगुप्त मौर्य’ का पहले एपिसोड लॉन्च हुआ था और इसके बाद बहुत सारी चीजें बदल गईं। जैसे-जैसे एपिसोड आते गए, चीजें बदलती गईं। लेकिन, इस साल 10 अगस्त को मामला कुछ और था, 11 अगस्त को सब कुछ पूरा ही बदल गया। लोगों के बहुत प्यारे रिएक्शंस आ रहे हैं। वो बताते हैं कि हमें आपसे घृणा हो जाती है। फिर वो कहते हैं कि आपने अच्छा काम किया है। कमाल की बात ये है कि वो आपसे घृणा कर के आपसे दूर नहीं होते हैं, बल्कि कहते हैं – We really love to hate you. सबसे बड़ा रिएक्शन तब आया, जब सवा 8 बजे का पहला शो देखने के लिए मेरी पत्नी और बेटी गए हुए थे। साढ़े 11 से अधिक हो गए और इनका फोन नहीं आया तो मैंने कॉल किया उन्हें और पूछा कि फिल्म खत्म हुई या नहीं, क्या हुआ? फिर पता चला कि वो वहाँ मीडिया वालों को इंटरव्यू दे रहे हैं दर्शकों के रूप में। मैंने जब पूछा कि क्या रिपोर्ट्स आ रही हैं, तो उन्होंने कहा कि आपको मरता हुआ देख कर बहुत ख़ुशी हुई। सोचिए (हँसते हुए), आपकी पत्नी और बच्ची आपको ये बात कह रहे हैं कि आपको मरते हुए देख कर काफी ख़ुशी हुई।

‘ग़दर’ के पहले हिस्से में अमरीश पुरी मुख्य विलेन थे। इस बार आप हैं। उनसे तुलना हो रही है आपकी, इसे आप किस रूप में देखते हैं? अमरीश पुरी को लेकर आपके क्या विचार रहे हैं?
सही बताएँ तो कोई तुलना है ही नहीं, कोई तुलना हो ही नहीं सकती है। तुलना बराबर वालों में होती है। लोगों को मेरी परफॉर्मेंस अच्छी लगी, लेकिन उनका (अमरीश पुरी का) जो ओहदा है, कद है – वो बहुत ऊपर है। मैं उनके आसपास भी नहीं हूँ कहीं, ऐसे में जो लोग ये कह रहे हैं वो बहुत हैरानी की बात है।

‘ग़दर 2’ की सफलता के पीछे राष्ट्रवाद का कितना योगदान मानते हैं आप? क्या भारत में राष्ट्रवाद का पुनर्जागरण हो रहा है?
आजकल की बात तो है ही, लेकिन ये पहले से भी रहा है। ‘ग़दर’ जब आई थी, तब भी इसमें राष्ट्रवाद की बात थी और उस समय भी लोगों ने इसे अपने सर पर उठाया था। बहुत सारी ऐसी फ़िल्में आई हैं जो राष्ट्रवाद की थीम पर रही हैं, उदाहरण के लिए ‘कर्मा’ (1986) को ले लीजिए। जब देश की बात होती है तो फ़िल्में हमेशा चलती हैं। हमारे में ये चीज है कि हम सबसे पहले अपने देश को ही मानते हैं। चाहें कितने भी खंड-खंड रहें, लेकिन राष्ट्र की बात होती है तो हम सब एक हो जाते हैं। चाणक्य भी इसी एकता की बात करते थे।

आपने पहली बार ‘ग़दर’ कब देखी थी? क्या आपने कभी सोचा था कि भविष्य में आप इसका हिस्सा बनेंगे?
मैंने ग़दर तभी देखी थी जब ये रिलीज हुई थी। मुझे बहुत कमाल की लगी थी। अच्छी बात ये थी कि जिस तरह के दृश्य इसमें दिखाए गए थे, वैसी फिल्मों को उस जमाने में ‘आर्ट्स फिल्मों’ की कैटेगरी में रखा जाता था। ये वास्तविक घटनाओं से प्रेरित दृश्य होते थे – जैसे ट्रेन आती है, उसमें लोग कटे हुए हैं, भरे हुए हैं। पैरेलल सिनेमा में इस तरह के दृश्य दिखाए जाते थे, लेकिन कमर्शियल सिनेमा में ऐसा कुछ नहीं देखा गया था। फिल्म वास्तविकता के करीब लगी। फिर देश की बात भी थी। फिल्म ने काफी एंटरटेन भी किया। उसी समय ‘लगान’ भी आई थी और उसमें भी देश की बात थी। वो भी सुपरहिट रही थी। मुझे याद है जया बच्चन के साथ शो करने के लिए एक समय मैं बाहर गया हुआ था। वहाँ से मैं 3D चेंजर लेकर आया था। उस समय DVD से फ़िल्में चलती थीं। उस समय मेरा बेटा छोटा था। घर में ‘ग़दर’ की डीवीडी आ गई थी तो वो पूरा दिन ‘गदल-गदल’ करता रहता था। हमने काफी बार इस फिल्म को देखा, तब सोचा भी नहीं था कि एक दिन इसका हिस्सा बन जाऊँगा। जितनी बार देखा, उतनी बार मजा आया। हाल ही में जब ‘ग़दर’ फिर से रिलीज हुई थी, तो फिर मैंने देखा। इस बार भी उतना ही एन्जॉय किया। आपको पता होगा है क्या डायलॉग या दृश्य आने वाला है, फिर भी बार-बार रोंगटे खड़े होते हैं आपके। एकाध बार हो सकता है, लेकिन इस फिल्म के लिए बार-बार ऐसा होता है। दिल से बोली हुई चीज हमेशा दिल में ही लगती है। ‘ग़दर’ भी जितनी बार देखो अच्छा लगता है।

‘ग़दर 2’ का ऑफर आपके पास कैसे पहुँचा, लुक टेस्ट वगैरह हुआ या किस तरह से बात बनी।
निर्देशक अनिल शर्मा ‘ग़दर 2’ के लिए विलेन की तलाश में थे और इसके लिए उन्होंने दक्षिण भारत से लेकर हॉलीवुड तक खोजबीन करवानी शुरू कर दी थी। कास्टिंग डायरेक्टर्स को लगाया गया था। बड़े-बड़े लोगों से बात हुई, विभिन्न कारणों से कई अभिनेता इस किरदार को नहीं कर पाए। अमरीश पुरी पहले ही एक बड़ा बेंचमार्क सेट कर चुके थे, ऐसे में उन्हें किसी ‘स्ट्रॉन्ग’ बंदे की तलाश थी। फाइट मास्टर रवि वर्मा को सनी देओल ने रिकमेंड किया था और वो अनिल शर्मा से मिलने के लिए गए हुए थे। ‘ग़दर 2’ के पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी हो गई थी, अब आगे विलेन का ही काम था। बातचीत के दौरान ही गाड़ी में अनिल शर्मा ने रवि वर्मा से पूछ लिया कि क्या आपकी नजर में कोई अभिनेता है इस रोल के लिए। उस दौरान मैंने साउथ में ‘श्याम सिन्हा रॉय’ (2021) नामक फिल्म की थी। उसी फिल्म में स्टंट डायरेक्टर रवि वर्मा भी थे। उन्होंने अनिल शर्मा को बताया कि ये लड़का है, फिल्म भी अच्छा कर रही है। उन्होंने फिल्म की क्लिप भी उन्हें दिखाई और ये देखते ही उन्होंने पसंद कर लिया कि ये सही है मेरे लिए। इसके बाद मैं अनिल शर्मा के दफ्तर में पहुँचा मुंबई में, जहाँ उन्होंने कहा कि आप मेरे लिए परफेक्ट हैं और चाणक्य के किरदार में हमने आपका काम देखा भी है, आपने अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि इस किरदार के लिए जैसी हाइट, पर्सनालिटी और आवाज चाहिए – वो सब आपमें है। फिर मुझे बताया गया कि सनी देओल मेरे से मिलना चाहेंगे, वो इसे लेकर सोच में हैं कि विलेन कौन है ‘ग़दर 2’ में। इसके बाद एक ट्रायल टाइप का हुआ। एक दृश्य मुझे करना था उसमें। तब तक विलेन का लुक भी फाइनल नहीं हुआ था। फिर मेरी मुलाकात सनी देओल से हुई, जो 2-3 मिनट मुश्किल से चली होगी। सनी देओल ने कहा कि मैंने आपका काम देखा है, आप अच्छे अभिनेता हैं लेकिन अनिल शर्मा ने ‘ग़दर’ के रूप में एक बहुत बड़ा बेंचमार्क सेट किया है। उन्होंने कहा कि अमरीश पुरी जीवित हैं नहीं और इंडस्ट्री में अब कोई विलेन भी नहीं है, ये जिम्मेदारी आपको सँभालनी है। उन्होंने पूछा कि क्या आप इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभा पाएँगे? मैंने कहा कि मैं पूरी कोशिश करूँगा, अनिल शर्मा हैं, आप हैं – आपलोगों के मार्गदर्शन में ये हो जाएगा। शायद ये बात उन्हें अच्छी लगी। मैं बाहर निकला और कुछ ही देर बाद कॉल आ गया कि आप ये रोल कर रहे हैं। फिर लुक टेस्ट हुआ कि मूँछ-दाढ़ी लगाई जाए, विग लगाई जाए या क्या किया जाए। 4-5 लुक्स में से ये वाला फाइनल हुआ। ये शेड्यूल से चंद दिनों पहले की बात है। लुक तो बना लिए जाते हैं, लेकिन पहले वो एक्टर साबित होना चाहिए जो किरदार को परफॉर्म कर सके।

‘ग़दर 2’ से पहले ‘पठान’ आई थी, फिल्म भी अच्छी चली और आपके किरदार की तारीफ़ हुई। शाहरुख़ खान के साथ काम करना या उस फिल्म से अलग पहचान मिलना – ये अनुभव कैसा रहा?
बहुत कमाल का अनुभव रहा। वो एक अलग स्कूल हैं। सिद्धार्थ आनंद हैं, YRF है। कोरोना के दौरान मुझे इसके लिए कॉल आया था। कास्टिंग डायरेक्टर सानू शर्मा ने उस दौरान मुझे किसी और फिल्म के लिए बुलाया था, जो उस समय बनी नहीं। करण जौहर की ‘तख़्त’ बन रही थी, जिसमें मुझे एक अच्छे किरदार में कास्ट किया गया। फिर कोविड के दौर में वो फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई। इसी दौरान मुझे ‘पठान’ का ऑफर आया और बताया गया कि किरदार बहुत लंबा नहीं है लेकिन यही पूरा ऑपरेट करता है कि विलेन कैसे आएगा। मैं काफी उत्साहित था कि फिल्म में शाहरुख़ खान, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम हैं। मैंने कहा कि मैं ये बिलकुल करूँगा। मुझे बताया गया था ये महत्वपूर्ण रोल तो मुझे लगा कि ये रोल कुछ न कुछ करेगा। फिर मैं फाइनल कर लिया गया।

‘चन्द्रगुप्त मौर्य’ सीरियल बीच में बंद हो गया था, जिससे कई लोगों को निराशा हुई। उस सीरियल के बारे में बताएँ। साथ ही चाणक्य की चोटी नहीं बँध पाई, इसका कितना मलाल है आपको?
इसका तो मलाल रहेगा ही। अगर शो पूरा नहीं हो पाए तो इसका मलाल रहेगा ही। ये मेरे मन में है। शायद आगे जाकर कोई OTT कंटेंट या फिल्म बना ले। आगे भी मुझे चाणक्य का किरदार करने का मौका मिला तो ज़रूर करूँगा। मैं अभिनय के मामले में थोड़ा स्वार्थी हूँ, हर अभिनेता चाहता है कि उसे अच्छे किरदार मिलें। ये चैनल (Imagine TV) कैसे अचानक बंद हुआ, ये हमारे लिए भी अचम्भा ही था। सुबह के साढ़े 10 बजे शॉट रेडी था, तभी अचानक फोन आया। पैकअप करने के लिए कहा गया। उसके बाद पता चला कि चैनल ही बंद हो गई है। बड़ी हैरतअंगेज बात थी ये। रातोंरात ही सारी चीजें हो गईं, शूटिंग के दौरान ही हमें फोन आया था। ये 12 अप्रैल, 2012 की बात है।

आप खुद के बारे में और अपने संघर्षों के बारे में लोगों को क्या बताना चाहेंगे? आपके किरदारों को तो सब जानते हैं।
अभिनय – यही मुझे आता है और शुरू से मैं यही काम करना चाहता हूँ। एक्टिंग का शौक पहले भी था और ये हमेशा रहता है। अच्छे रोल पाने की कोशिश करना, उसके लिए अच्छा दिखना, फिर बने रहना – ये अपने-आप में संघर्ष होता है। संघर्ष हमेशा रहता है। ये बात अलग है कि पहले सर्वाइवल का संघर्ष रहता है, मैंने थिएटर वगैरह किए थे। मैंने इसके साथ-साथ डबिंग और वॉइसिंग की। कई इंटर-कॉलेज प्रतियोगिताओं में ट्रॉफी मिली। बजराज साहनी सम्मान मिला आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस के लिए। इस कारण ये लगा कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूँ। पहले मेरी एक बड़े बैनर की फिल्म आई थी प्रकाश झा के साथ – ‘राहुल’ (2001) नाम की। जया बच्चन के साथ कुछ नाटक किए, जो सफल हुए। दुनिया भर में टूर और शो हुए। हमारे यहाँ ये है कि आपने अच्छा काम किया हो या बुरा – ये बगल में धरा रह जाता है और आपकी फिल्म चलती है तभी आप चलते हैं। कुछ फ़िल्में बनी रहीं। मुझे एक सीरियल मिला। इसके बाद रामगोपाल वर्मा की फिल्म मिली, जो 2005-6 में बन गई। मैं उसमें लीड रोल में था। हालाँकि, वो रिलीज नहीं हो पा रही थी। फिर मैंने सीरियल करना शुरू कर दिया, सर्वाइवल का भी सवाल होता है। मैंने ‘भूतनाथ’, ‘शौर्य’ और ‘मितवा’ जैसी फ़िल्में की। फिर ‘चन्द्रगुप्त मौर्य’ मुझे मिला जो लाइफ चेंजर साबित हुआ। पहले मैं बाल उड़ाने को लेकर झिझक रहा था, लेकिन फिर मैंने सोचा कि चलो चाणक्य का किरदार है। फिर 2011 में ‘शबरी’ रिलीज हुई रामगोपाल वर्मा की, जो पहले अटक गई थी। किसी ने मुझे पहचाना भी नहीं कि मैं वही हूँ, क्योंकि फिल्म में मेरे लंबे-लंबे बाल थे। फिर मुझे बालाजी पेशवा विश्वनाथ का रोल मिला, श्रीकृष्ण के सीरियल में कंस का किरदार मिला। काफी अच्छे-अच्छे रोल मिले। साथ-साथ ‘पद्मावत’ और ‘मणिकर्णिका’ जैसी फ़िल्में भी चलती रहीं, लेकिन फिल्मों में उस समय वो बात चल नहीं रही थी।

देश के प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी, उन्हें लेकर आप क्या सोचते हैं?
बहुत कुछ किया गया है, बहुत कुछ हुआ है, इसे किसी प्रूफ की ज़रूरत नहीं है। किसी के बोलने या न बोलने से फर्क नहीं पड़ेगा। चीजें एकदम सिद्ध हैं।

आजकल दक्षिण भारत की फ़िल्में खूब चल रही हैं। इसे आप किस तरह से देखते हैं?
मैं इसे साउथ बनाम बॉलीवुड के रूप में बिलकुल नहीं देखता हूँ। ये पूरा हमारा भारतीय सिनेमा है। हम बाहर जाते हैं कहीं भी तो कोई ये नहीं बोलता कि ये साउथ इंडियन सिनेमा है, वो सीधा इंडियन सिनेमा बोलते हैं। ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, KGF या RRR को यहाँ चली है, वो भारतीय सिनेमा है। ये हमारे साथ जुड़ा हुआ है। फिल्म अच्छी बनाइए, सिनेमा कहीं गया नहीं था। इसका मुख्य मोटो होता है – मनोरंजन देना। अगर ये है – फिर क्यों नहीं चलेगी।

आजकल कुछ बॉलीवुड फिल्मों में हिन्दू धर्म का अपमान करने के आरोप लगे। इस पर आपका क्या नजरिया है?
देखिए, जहाँ धर्म का अपमान होगा तो वहाँ निश्चित ही कुछ एक्शन होना चाहिए। लेकिन, अगर वो नहीं है और उनका नजरिया अलग है और वो साबित कर देते हैं कि उन्होंने धर्म को लेकर कोई ऐसी-वैसी बात नहीं की है, फिर तो कोई बात नहीं है। धर्म या मजहब जैसी चीजें नहीं होनी चाहिए। हमारा माध्यम कला का है, उस बीच में इन्हें अगर ना ही शामिल करें तो अच्छा है।

मनीष वाधवा के बारे में बता दें कि वो अजातशत्रु, चाणक्य, रावण, विश्वामित्र, वासुकी, पेशवा बालाजी विश्वनाथ भट्ट और कंस जैसे किरदार कई सीरियलों में कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने हॉलीवुड की कई बड़ी-बड़ी फिल्मों के किरदारों को आवाज दी है। अब जब ‘ग़दर 2’ भारत में दूसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई है और ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ का तमगा इसे मिल चुका है, मनीष वाधवा के सितारे भी आसमान पर हैं और भविष्य में हम इन्हें कई बड़े किरदारों में देख सकते हैं। ‘ग़दर 2’ में उन्होंने ‘मेजर जनरल हामिद इक़बाल’ नामक किरदार किया है।

‘हिन्दू कोई धर्म नहीं, केवल धोखा है’: सपा के स्वामी प्रसाद मौर्या ने फिर उगला जहर, लोगों ने कहा- ‘इसका मुँह गटर, जब भी खुलेगा गंदगी ही निकलेगी’

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्या के बोल फिर से बिगड़े हैं। उन्होंने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया है, जिसमें वो हिंदू धर्म, ब्राह्मणों पर टिप्पणी करते दिख रहे हैं। वीडियो में स्वामी प्रसाद मौर्या बोल रहे हैं, “ब्राह्मणवाद की जड़े बहुत गहरी हैं और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है।”

स्वामी प्रसाद मौर्या आगे कहते हैं कि सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फँसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता है, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर तमाम उदाहरण दिए और पूरी कोशिश इस बात की करते रहे कि हिंदू कोई धर्म ही नहीं है। उन्होंने क्या कुछ कहा, वीडियो में सुन लीजिए।

स्वामी प्रसाद मौर्या के इस वीडियो पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। किसी ने उनकी खत्म होती राजनीतिक हैसियत को याद दिलाया, तो किसी ने उनकी बेटी के भाजपा में अब तक बने रहने पर सवाल उठाया। कई लोगों ने समाजवादी पार्टी को स्वामी प्रसाद मौर्या से दूर रहने की सलाह दी, तो किसी ने स्वामी प्रसाद मौर्या को धर्म का आइना दिखलाया।

हिंदू एक सामूहिक शक्ति का नाम

एक यूजर अभिषेक लिखते हैं, “हिंदू धर्म में समाज के सभी वर्ग समाहित हैं- दलित, आदिवासी या पिछड़े, यह सभी हिन्दू समाज का अभिन्न अंग है। हिन्दू एक सामूहिक शक्ति का नाम है। ब्राह्मणों को गाली देना सरल है क्योंकि वे अधिकांश सहिष्णु ही रहता है लेकिन जब सहिष्णु सीमा का बाँध टूटता है तो इतिहास रचता है, भूलना मत।”

इस युवा ने तो पूरा लेख लिख कर स्वामी प्रसाद को दिखाया आइना

विवेक नाम के यूजर ने बड़ा पोस्ट स्वामी के वीडियो के जवाब में लिखा है, वो लिखते हैं, “नेवला भैया बर्दपोंग वाली राजनीति मत करो। योग्यता की राजनीति करो, जिससे प्रदेश व देश का भविष्य उज्ज्वल हो।आज 7 दशकों से भारत में संविधान का राज है, जो जिसे जैसे भी परेशान कर रहा है। उसे उस तरह का संवैधानिक दण्ड मिल रहा है। फिर क्यों माहौल महिमामण्डित करके समाज मे आग लगा रहे हो।”

हिंदू धर्म के आधार हैं दलित एवं आदिवासी

देव नाम के यूजर ने स्वामी प्रसाद मौर्या को करारा जवाब दिया है। उन्होंने लिखा, “रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि एक दलित थे, महाभारत के रचयिता वेदव्यास की माता भी दलित थी, रामायण निषादराज, शबरी, और वनवासी वानर सेना के बगैर पूर्ण नहीं हो सकती, महाभारत में वनवासी हिंडिबा, घटोत्कच, बर्बरीक, एकलव्य, राधेय कर्ण के बिना अधूरा है, दलित और आदिवासी आधार हैं हिंदू धर्म के।”

पुलकित खरे लिखते हैं, “मौर्य जी, मैं ब्राह्मण नहीं हूँ। मैं कायस्थ हूँ और गर्व से खुद को सनातनी हिंदू मानता हूँ। आप ऐसे बयानों से अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की रीढ़ तोड़ने का काम कर रहे हैं।”

एसडीएम नाम के यूजर लिखते हैं, “इसका मुँह बहुत बड़ा गटर है, जब भी खुलेगा गंदगी ही निकलेगी, ज्यादातर ऐसे नेताओं ने दलित, पिछड़ों और कमजोर लोगों का मसीहा बन कर तबीयत से माल कूटा है, ऐसा कोई नेता गरीब नहीं है।”

किसी ने छठी मंजिल से लगाई छलांग, कोई कमरे में ही फँदे से झूल गया… कोटा के कोचिंग में 2 महीने तक टेस्ट बैन: 8 महीने में 24 छात्र कर चुके हैं सुसाइड

कोचिंग हब के नाम से मशहूर राजस्थान का कोटा अब ‘सुसाइड हब’ बनता जा रहा है। टेस्ट में कम नंबर आने के बाद रविवार (27 अगस्त, 2023) को 4 घंटे के भीतर 2 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। इस महीने अब तक 6 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। बीते 8 महीने में 24 छात्रों ने आत्महत्या की है। इसके चलते जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर को आदेश जारी कर अगले 2 महीने तक टेस्ट लेने पर रोक लगा दी है।

पुलिस का कहना है कि रविवार को महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले एक 17 वर्षीय नाबालिग ने अपने कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग की छठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह 3 साल से रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। एक कोचिंग संस्थान में टेस्ट देने के लिए कोटा आया था। टेस्ट देकर एग्जाम रूम से बाहर आने के बाद उसने कोचिंग संस्थान से छलांग लगा दी। सीओ का कहना है कि छात्र की आत्महत्या के पीछे टेस्ट कारण हो सकता है। इससे पहले उसके अच्छे नंबर आ रहे थे। लेकिन आखिरी टेस्ट में 575 में से 288 नंबर ही आए थे।

वहीं कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में किराए के फ्लैट पर रहने वाले आदर्श राज ने अपने कमरे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आदर्श बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला है। वह बीते 4 महीने से कोटा में अपने भाई-बहन के साथ रह रहा था। आदर्श की मौत को लेकर एएसपी भगवंत सिंह हिंगड़ का कहना है कि जिस फ्लैट में वह रह रहा था, वहाँ 3 कमरे हैं। टेस्ट देने के बाद वह अपने कमरे में चला गया।

उन्होंने आगे कहा है कि शाम 7 बजे उसकी बहन ने खाने के लिए बुलाया। लेकिन आदर्श ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद बहन ने चचेरे भाई को बुलाया। दोनों ने मिलकर दरवाजा तोड़कर देखा तो आदर्श फाँसी लगाकर लटका हुआ था। उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन बच नहीं सका। पुलिस का यह भी कहना है कि 700 नंबर के टेस्ट में उसके 250 नंबर ही आ रहे थे। लगातार कम नंबर आने से वह दबाव में था।

दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कलेक्टर ओपी बुनकर ने 12 अगस्त 2023 को आदेश जारी कर कोचिंग सेंटर्स को रविवार के दिन टेस्ट न कराने की हिदायत दी थी। लेकिन इसके बाद भी टेस्ट कराए गए। इसके बाद 2 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए। इसके बाद कलेक्टर ने कोचिंग सेंटर को आदेश जारी कर अगले 2 महीने तक टेस्ट लेने पर रोक लगा दी है।

रिलायंस के बोर्ड से नीता अम्बानी बाहर, गणेश चतुर्थी पर ‘AirFibre’: बोले मुकेश अम्बानी- हर महीने 1100 करोड़ GB Jio डेटा यूज, 3.90 लाख को रोजगार

मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अम्बानी ने रिलायंस समूह के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, वहीं वो ‘रिलायंस फाउंडेशन’ की अध्यक्ष बनी रहेंगी। बोर्ड में उनके बेटे आकाश, अनंत और ईशा को जगह दी गई है। ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ ने कहा है कि सभी हितधारकों से बात कर के जब तीनों अपना दफ्तर सँभाल लेंगे, उसी तारीख़ से ये नियुक्ति मान्य हो जाएगी। नीता अम्बानी ने कहा है कि वो देश के लिए काम कर रही ‘रिलायंस फाउंडेशन’ को ज़्यादा समय देना चाहती हैं, ताकि भारत में प्रभावी बदलाव लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि ये संस्था वर्षों से देश के पिछड़े और संसाधनविहीन समुदायों की भलाई करने में लगा हुआ है। सामाजिक बदलाव के लिए नई योजनाओं को समय देने के लिए नीता अम्बानी ने बोर्ड से इस्तीफा दिया है। बोर्ड ने उनका सम्मान करते हुए इस्तीफा मंजूर कर लिया। हालाँकि, वो RIL की बोर्ड की बैठकों में RF के अध्यक्ष के रूप में ‘परमानेंट इंवाइटी’ बन कर हिस्सा लेती रहेंगी, ताकि समूह को उनके सुझावों का लाभ मिल सके। आकाश, अनंत और ईशा पहले ही रिलायंस की कई जिम्मेदारियों को सँभाल रहे हैं।

रिलायंस की वार्षिक बैठक में कई बड़ी घोषणाएँ की गई हैं। ये भी बताया गया है कि मुकेश अम्बानी अगले 5 वर्षों तक चेयरमैन और मैनेजिंग एडिटर के पद पर बने रहेंगे। इस दौरान नीता अम्बानी ने जानकारी दी कि मार्च 2023 में लॉन्च से लेकर अब तक ‘नीता मुकेश अम्बानी कल्चरल सेंटर’ में 20 लाख लोग आ चुके हैं। वहीं मुकेश अम्बानी ने बताया कि रिलायंस भारत की सबसे बड़ी बायोएनर्जी उत्पादक बन गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पहला कमर्शियल स्केल का CBG प्लांट खोला गया है।

उन्होंने लक्ष्य रखा है कि 55 लाख टन कृषि और ऑर्गनिक कचरों की प्रोसेसिंग के लिए अगले 5 वर्षों में ऐसे 100 बायोगैस प्लांट खोले जाएँ। 2026 तक रिलायंस भारत में बैटरी गीगाफैक्ट्री भी खोलेगी, जिसमें बैटरी रिसाइक्लिंग की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि भारत की वित्तीय सेवाओं में गैप भरने के लिए JFSL को लॉन्च किया गया है, जो ब्लॉकचेन पर भी काम करती है। उन्होंने बताया कि रिलायंस रिटेल विश्व की 100 प्रमुख रिटेलर कंपनियों में अकेली भारतीय कंपनी है।

‘ब्रॉडबैंड फॉर ऑल’ की सफल डिलीवरी के बाद उन्होंने ‘AI फॉर ऑल’ की घोषणा की है। उन्होंने भारत को ध्यान में रख कर बना गए AI मॉडल्स के क्षेत्र में जियो द्वारा नेतृत्व करने की बात करते हुए कहा कि इसके लिए प्रतिभाओं को मौका दिया जा रहा है। ‘Jio Fibre’ के ग्राहकों की संख्या 1 करोड़ को पार कर गई है। हर महीने हजारों नए कनेक्शन जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ‘Jio AirFibre’ के जरिए 20 करोड़ घरों और परिसरों तक इसकी पहुँच होगी।

इसे 19 सितंबर, 2023 को गणेश चतुर्थी के मौके पर लॉन्च किया जाएगा। मुकेश अम्बानी ने बताया कि भारत के 96% शहरों में Jio 5G सेवा मौजूद है, दिसंबर तक शत-प्रतिशत कवरेज हो जाएगी, जो विश्व में 5G के लिए सबसे तेज रॉलआउट है। भारत में जितने 5G फोन हैं, उनमें से 85% में Jio कनेक्शन है। दिसंबर तक इसकी संख्या 10 लाख हो जाएगी। उन्होंने ये जानकारी भी दी कि रिलायंस ने पिछले वर्ष 2.60 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया, जिसके बाद इसके कर्मचारियों की संख्या 3.90 लाख हो गई है।

ये बड़ी जानकारी भी दी गई कि पिछले एक दशक में रिलायंस ने देश में 150 मिलियन डॉलर (12.39 लाख करोड़ रुपए) का निवेश किया है, किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा सर्वाधिक। मुकेश अम्बानी ने इस दौरान ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के लिए वैज्ञानिकों को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि भारत आत्मविश्वास से लबरेज है, ये रुक और थक नहीं सकता। उन्होंने ये भी कहा कि भारत एक नेतृत्वकर्ता देश के रूप में उभरेगा। उन्होंने भारत द्वारा G20 की अध्यक्षता को भी ऐतिहासिक करार दिया।

46वीं वार्षिक बैठक में मुकेश अम्बानी ने ये जानकारी भी दी कि रिलायंस ने रिलायंस का निर्यात 33.4% की उछाल के साथ 3.40 लाख करोड़ रुपए हो गया है। ये भारत के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट का 9.3% है, जो पहले 8.4% था। मुकेश अम्बानी ने देश-विदेश में राजस्व की वृद्धि के लिए Jio द्वारा ‘मेड इन इंडिया’ पर काम किए जाने पर बल दिया। उन्होंने बड़ी जानकारी दी कि एक व्यक्ति औसतन प्रति महीने 25 GB डेटा Jio के माध्यम से इस्तेमाल कर रहा है। इसका अर्थ है कि प्रति महीने 1100 करोड़ GB डेटा Jio के माध्यम से लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। आँकड़ों में 45% की उछाल आई है।

‘चन्द्रमा को घोषित करें हिन्दू राष्ट्र, शिव शक्ति प्वाइंट हो राजधानी’: स्वामी चक्रपाणि बोले- जिहादी करें दावा, उससे पहले भारत के संसद में हो प्रस्ताव पास

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने रविवार (27 अगस्त) को एक वीडियो जारी कर ‘हिन्दू राष्ट्र’ की ऐसी माँग रखी कि सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। दरअसल, भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद हिन्दू महासभा के चक्रपाणि महाराज ने माँग की है कि इससे पहले की जिहादी, आतंकी मानसिकता सहित, दूसरे धर्मों या देशों द्वारा चंद्रमा पर अपना दावा ठोका जाए चंद्रमा को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित किया जाना चाहिए।

इतना ही नहीं उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट कर अपनी माँग को सार्वजानिक कर दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि भारत को संसद में प्रस्ताव पारित कर चन्द्रमा को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए। 

चक्रपाणि महाराज ने अपने वीडियो संदेश को सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ”संसद से चाँद को हिंदू सनातन राष्ट्र के रूप में घोषित किया जाए, चंद्रयान-3 के उतरने के स्थान “शिव शक्ति पॉइंट” उसकी राजधानी के रूप में विकसित हो, ताकि कोई आतंकी जिहादी मानसिकता का व्यक्ति वहाँ न पहुँच पाए।”

वीडियो में, उन्होंने चंद्रयान -3 अंतरिक्ष यान के लैंडिंग स्थल का नाम ‘शिव शक्ति पॉइंट’ रखने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया, और इसे शिव शक्ति धाम का वैकल्पिक नाम भी बताया।

बता दें कि पीएम मोदी ने इसरो वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए चंद्रयान -3 मिशन की लैंडिंग साइट का नाम शिवशक्ति पॉइंट रखा है और चंद्रयान -2 की लैंडिंग साइट को अब तिरंगा के नाम से जाना जाएगा।

वहीं चक्रपाणि महाराज ने वीडियो में आगे बोलते हुए इस बात पर जोर दिया कि चंद्रमा पर एक हिंदू राष्ट्र की स्थापना की जानी चाहिए और शिव शक्ति पॉइंट या शिव शक्ति धाम को इसकी राजधानी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि हिंदू महासभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित किया है।

उन्होंने अपनी चिंता जताते हुए कहा, “चाँद को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत इसलिए भी है ताकि दूसरे लोग चाँद पर गजवा-ए-हिंद न चला सकें।” उन्होंने आग्रह किया कि ऐसा इससे पहले किया जाना चाहिए ताकि जिहादी मानसिकता वाला कोई व्यक्ति चंद्रमा पर कदम रखे और कट्टरवाद या इस्लामी आतंकवाद फैलाना न शुरू कर दे।

इसके लिए, उन्होंने हिन्दुओं की मान्यता का हवाला देते हुए, चंद्रमा के प्रति श्रद्धा की ओर भी इशारा किया और कहा कि यह भगवान शिव के माथे को सुशोभित करता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि चंद्रमा के साथ हमारा गहरा और सदियों पुराना संबंध है और हम बोलचाल की भाषा में इसे चंदा मामा कहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि चंद्रमा की शुद्धता और पवित्रता को बरकरार रखा जाना चाहिए और इसके लिए पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह यानी चंद्रमा को हिंदू या सनातन राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह इस संबंध में संसद और संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र भेजेंगे।

गौरतलब है कि इस वीडियो में स्वामी चक्रपाणि महाराज ने यह भी घोषणा की कि जब चंद्रमा की यात्रा सुविधाजनक हो जाएगी, तो महासभा द्वारा चंद्रमा पर शिव शक्ति बिंदु पर भगवान शिव और देवी शक्ति के लिए एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा।

नशे में टल्ली होकर चला रही थी गाड़ी, कार को मारी टक्कर फिर बीच सड़क पुलिस से गाली-गलौच: वडोदरा की महिला का Video वायरल

गुजरात के वडोदरा से शराब के नशे में चूर एक महिला के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सामने आया। महिला शराब पीकर कार चला रही थी। उसने एक वाहन को टक्कर मार दी। रोकने पर महिला ने पुलिसकर्मियों से बदतमीजी और गाली-गलौच की। साथ ही एक होमगार्ड पर हमला कर दिया। आरोपित महिला की पहचान मोना हिंगू के रूप में हुई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना रविवार (27 अगस्त, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला वडोदरा के गोत्री थाना क्षेत्र के वासना रोड इलाके का है। रविवार तड़के मोना हिंगू नामक महिला नशे में धुत होकर कार चला रही थी। इसी दौरान उसने एक अन्य कार को टक्कर को मार दी। इसके बाद वह कार मालिक से बहस करने लगी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और उसने हिंगू से वाहन से बाहर आने के लिए कहा। लेकिन उसने पुलिस की बात सुनने के बजाए गाली-गलौच शुरू कर दी।

आरोप है कि मोना हिंगू यहीं नहीं रुकी। कार से बाहर आने के बाद भी उसने हंगामा किया। उसकी हरकतों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में उसे महिला पुलिसकर्मी से भिड़ते देखा जा सकता है। इस दौरान वह एक पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौच करती भी नजर आ रही है। देश गुजरात ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि महिला ने एक पुलिस अधिकारी को अपने साथ संबंध बनाने की चुनौती दी। साथ ही हंगामे के बीच उसने एक होमगार्ड को थप्पड़ भी जड़ दिया।

इसके बाद महिला ने भागने की भी कोशिश की। लेकिन उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। पूछताछ में सामने आया है कि मोना हिंगू नेल आर्टिस्ट है। वह वासना के भायली रोड इलाके में आयोजित एक शराब पार्टी में गई थी। पार्टी के बाद वह अपने घर जा रही थी। इसी दौरान यह पूरा घटनाक्रम हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने, हंगामा करने और पुलिसकर्मी से बदतमीजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

मोहम्मद ज़ुबैर पर FIR, मुजफ्फरनगर स्कूल केस में बच्चों की पहचान उजागर की: जानिए दोषी पाए जाने पर क्या होगी सजा, वीडियो के जरिए फैलाया था प्रोपेगंडा

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर पुलिस थाने में AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर पर FIR दर्ज की है। ये मामला खुब्बापुर गाँव स्थित ‘नेहा पब्लिक स्कूल’ के वायरल वीडियो से जुड़ा है। वीडियो में शिक्षिका तृप्ता त्यागी बैठी हुई दिख रही है। साथ ही एक मुस्लिम बच्चे को दूसरे बच्चों से पिटवाया जाता है। वीडियो उस मुस्लिम बच्चे के चचेरे बड़े भाई ने ही बनाया था। वीडियो में वो हँसता हुआ सुनाई दे रहा है। वही शिक्षा के पास अपने भाई की शिकायत लेकर आया था।

मोहम्मद ज़ुबैर और मुजफ्फरनगर में FIR

वहीं मोहम्मद ज़ुबैर ने इस मामले में वीडियो वायरल किया था, लेकिन बच्चों के चेहरों को ब्लर नहीं किया था। इस FIR में बताया गया है कि AltNews के पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर द्वारा ‘किशोर न्याय अधिनियम’ का उल्लंघन करते हुए बच्चे की पहचान उजागर की गई है। इसके लिए उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की माँग की गई है। ये FIR सोमवार (28 अगस्त, 2023) को दर्ज की गई है। मोहम्मद ज़ुबैर ने बाद में इस वीडियो को डिलीट कर लिया था, लेकिन माफ़ी तक नहीं माँगी थी।

मोहम्मद ज़ुबैर पर दर्ज FIR का एक अंश

बता दें कि किसी नाबालिग बच्चे की पहचान उजागर करना ‘किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015’ का उल्लंघन है। NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) पहला ही चेतावनी दे चुका है कि इस मामले में बच्चों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न किया जाए और इस घटना की जानकारी संस्था को ईमेल के द्वारा दिया जाए। बता दें कि इस कानून के सेक्शन-74 के तहत, दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और 2 लाख रुपए तक के जुर्माने की सज़ा दी जा सकती है।

शिक्षिका तृप्ता त्यागी और ‘नेहा पब्लिक स्कूल’ का वीडियो

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो के आधार पर एक स्कूल की शिक्षिका पर छात्र को अन्य बच्चों से पिटवाने का आरोप लगा था। मोहम्मद जुबैर, संजय सिंह, सदफ अमीन जैसे कइयों ने अपने सोशल मीडिया हैंडलों के जरिए इस मामले को सांप्रदायिक एंगल देने का प्रयास किया। इस्लामी मुल्क क़तर के मीडिया संस्थान ‘अल जजीरा’ ने भी विदेश से बैठ कर इस मामले में हिन्दू-मुस्लिम की हवा देनी शुरू की।

हालाँकि, पहले पुलिस और बाद में खुद छात्र के अब्बा ने मामले में किसी भी सांप्रदायिक एंगल से इनकार कर दिया था। गाँव के 2 मुस्लिम, जो बचपन में तृप्ता त्यागी से पढ़ चुके हैं और अब अपने परिवार के लोगों को पढ़ा रहे हैं, उन्होंने कहा कि मैडम को धर्म के आधार पर भेदभाव करते हुए उन्होंने नहीं देखा। अधिकारियों ने ‘नेहा पब्लिक स्कूल’ को बंद किए जाने का नोटिस भी दिया है। राहुल गाँधी से लेकर असदुद्दीन ओवैसी तक ने इस पर राजनीति करते हुए इसे हिन्दू-मुस्लिम एंगल दिया, जबकि बच्चे का परिवार ही इससे इनकार कर रहा है।

‘ये पूरे देश की जीत है, वो उम्मीदों पर खड़ा उतरा’: बेटे के गोल्ड मेडल पर बोले नीरज चोपड़ा के पिता, माँ ने कहा – लौटने के बाद फिर मनाएँगे जश्न

जैवलिन थ्रोवर भारतीय गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया है। दिग्गज जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने रविवार (27 अगस्त, 2023) को बुडापेस्ट में 88.17 मीटर दूर भाला फेंक कर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में गोल्ड अपने नाम कर लिया।

पानीपत में जमकर मना जश्न

नीरज चोपड़ा की जीत पर कल से ही उनके पानीपत स्थिर उनके घर पर जश्न का माहौल है। नीरज चोपड़ा के परिवार के सदस्य भी इस जश्न में शामिल हैं। नीरज की जीत पर उनके गाँव में लड्डू भी बाँटे गए। वहीं नीरज के जीत पर उनके माता-पिता और चाचा ने बयान देते हुए अपनी ख़ुशी जाहिर की है।

नीरज चोपड़ा के पिता सतीश कुमार ने अपने बेटे के जीत के पलों का आनंद लेते हुए एएनआई को बताया, “यह न केवल हमारे परिवार के लिए बल्कि पूरे गाँव और देश के लिए आनंद लेने और जश्न मनाने का क्षण है। वह देश के लिए बहुत खुशी लेकर आए हैं।”

उन्होंने कहा, “यह हमारे पूरे हिंदुस्तान के लिए खुशी का दिन है कि विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में हम लोगों ने स्वर्ण पदक जीता। यह आज पूरे देश की जीत है। हमें उम्मीद थी की वह बेहतर प्रदर्शन करेगा और वह उस पर खड़ा उतरा है।”

वहीं नीरज की जीत पर अपने भाव व्यक्त करते हुए उनकी माँ सरोज देवी ने कहा, “उसने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उसके वापस आने के बाद हम जश्न मनाएँगे।”

स्टार भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी के चाचा भीम चोपड़ा ने भी इस अवसर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “पूरा देश इस पल का जश्न मना रहा है। यह देश के लिए बहुत गर्व का क्षण है। जब नीरज वापस आएँगे तो हम भी जश्न मनाएँगे। अभी उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त है।”

मुख्यमंत्री खट्टर ने भी दी बधाई 

राज्य विधानसभा सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी नीरज की जीत पर बधाई देते हुए कहा, “हरियाणा के प्रसिद्ध खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2023 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता है। मैं उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देता हूँ। 

बता दें कि इससे पहले भी नीरज की जीत पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का एक बयान आया था। जिसमें वह कह रहे हैं, “यह खुशी की बात है कि भारत कई क्षेत्रों में चैम्पियन की भूमिका निभा रहा है और आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ एथलीट नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2023 में स्वर्ण पदक जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले एथलीट हैं। मैं नीरज चोपड़ा, उनके कोच, उनके परिवार और अन्य खिलाड़ियों को बधाई देता हूँ। मुझे उम्मीद है कि युवा उनसे प्रेरणा लेंगे।”

गौरतलब है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के इतिहास में गोल्ड जीतने वाले भले ही वह पहले भारतीय हैं, लेकिन यह उनका तीसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने सिल्वर जीता था, जबकि लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं इस बार जैवलिन का सिल्वर मेडल पाकिस्तान के नदीम और ब्रॉन्ज मेडल चेक रिपब्लिक के जैकब वाडलेच के नाम रहा।

नल्हड़ मंदिर में 51 लोगों ने किया जलाभिषेक, पुलिस कह रही – यात्रा की अनुमति नहीं: सड़क पर रोके गए संत अनशन पर बैठे, पूछा – हिन्दुओं को ही क्यों रोक रहे?

हरियाणा के मेवात के नूहं में हिंदू संगठनों ने इस सावन के अंतिम सोमवार (28 अगस्त, 2023) को बृजमंडल यात्रा पूरी करने का ऐलान किया था। पुलिस ने एक बार फिर से दोहराया है कि नूहं में यात्रा की अनुमति नहीं है। वहीं बताया जा रहा है कि पुलिस की अनुमति से 51 लोगों ने जलाभिषेक किया। इस यात्रा में शामिल होने अयोध्या से आए संत को प्रशासन ने गुरुग्राम में रोक दिया। इससे नाराज होकर वह आमरण अनशन पर बैठ गए।

‘विश्व हिंदू परिषद’ ने जलाभिषेक यात्रा को प्रतीकात्मक रूप से पूरा करने का ऐलान किया है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने सोमवार (28 अगस्त, 2023) सुबह साधु-संतों व विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को मंदिर में जाकर जलाभिषेक करने की अनुमति दे दी। वहीं जलाभिषेक के लिए पुलिस नूहं बाईपास से 3 गाड़ियों के जरिए 51 लोगों को लेकर नल्हड़ मंदिर गई। वहाँ लोगों ने पटौदी आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव तथा विहिप (VHP) नेता आलोक कुमार की अगुवाई में जलाभिषेक किया।

‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी रिपोर्ट में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि उन्हें हिंसा की तैयारी से जुड़ा इनपुट मिला है। हिंसा की प्लानिंग नल्हड़ मंदिर के आसपास की गई है। ऐसे में प्रशासन ने शाम 4 बजे तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी है। हालाँकि, स्थानीय लोगों को उनके पहचान पत्र के आधार पर मंदिर में जाने की इजाजत दी गई।

वहीं, अयोध्या से आए संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज को पुलिस ने गुरुग्राम के सोहना टोल पर रोका है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा है, “मैं अयोध्या से श्रीराम जन्मभूमि की मिट्टी और सरयू का जल व सभी तीर्थों का जल लेकर आया हूँ। पूर्व में ‘बजरंग दल’ और विहिप के कार्यकर्ताओं को मारा गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए घटना स्थल पर मुझे श्रद्धांजलि देना था। इसके बाद सरयू जल से जलाभिषेक करने के बाद वापस जाना था।”

उन्होंने आगे कहा है, “मेरे साथ बहुत सारे वाहन और लोग थे। धारा 144 लागू होने की जानकारी मिलने के बाद मैंने सभी को वापस भेज दिया। अब 2-3 लोग ही हमारे साथ हैं। प्रशासन ने हमें रोक लिया। हम यहीं से श्रद्धांजलि देकर वापस जाना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने हमें वापस भी नहीं जाने दिया। इसलिए मैं आमरण अनशन पर बैठा हूँ। जब तक जलाभिषेक और श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं मिलती तब तक मैं यहाँ बैठा रहूँगा। यदि अपमान पूर्वक हमें उठाकर कहीं फेंका जाएगा तो जहाँ रहेंगे वहीं आमरण अनशन करेंगे।”

पुलिस पर हमले का दावा करते हुए संत परमहंस आचार्य महाराज ने आगे कहा है, “अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस पर यहाँ दो बार हमला हो चुका है। इसमें 5-6 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस पर फायरिंग कर अपराधियों को छुड़ा ले गए। क्या यहाँ की स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल हो गई है। हरियाणा सरकार फेल हो गई है। सनातनियों को इस तरह रोका जा रहा है। किसी और धर्म के लोगों को तो कभी नहीं रोका गया। केवल हिंदुओं को ही क्यों रोका जा रहा है? हमारा कहना है कि शांति से कुछ लोगों को तो जाने ही दिया जाए।”

नल्हड़ मंदिर और उसके आसपास के मौजूदा हालात को लेकर ऑपइंडिया ने स्थानीय निवासी नितिन कुमार से बात की। इस बातचीत में नितिन ने बताया है कि वहाँ किसी को भी बाहर से आने नहीं दिया जा रहा। जगह-जगह पुलिस खड़ी हुई है। स्थानीय लोग भी बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। पुलिस ने रविवार (27 अगस्त, 2023) शाम से ही दुकान बंद करने के लिए कह दिया था। इंटरनेट तो बंद ही है। मैसेज भी नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर धारा 144 लागू कर, भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ नल्हड़ मंदिर के आस-पास से लेकर मस्जिद और नूहं की सीमाओं पर तैनात कर दी थी। साथ ही 28 अगस्त रात 12 बजे तक बल्क एसएमएस और इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं हैं। सोमवार को सभी सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थाएँ, बैंक, दुकानें आदि भी बंद रखने के आदेश जिला उपायुक्त ने दिए हैं। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि वह धैर्य व शांति का परिचय दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न हों।

बता दें कि हरियाणा के मेवात के नूहं में 31 जुलाई को इस्लामिक भीड़ के हमले के चलते हिंदुओं की ‘बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा’ अधूरी रह गई थी। इस हमले में 6 लोगों की जानें चली गई थीं। वहीं अब G-20 की वजह से सुरक्षा व्यवस्था, शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतीकात्मक रूप से पूरा किया जा रहा है।