झारखंड के गुमला जिले में जनजातीय समाज की एक नाबालिग लड़की से रेप के प्रयास की खबर है। मामले में तीन आरोपित पकड़े गए हैं। उनके नाम अमीरुद्दीन खान, महबूब खान और शेख असलम हैं। दुष्कर्म में असफल होने पर तीनों ने पीड़िता के साथ मारपीट की और चलते वाहन से उसे नीचे फेंक दिया। घायल पीड़िता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। घटना गुरुवार (23 मार्च 2023) की बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चैनपुर थानाक्षेत्र में पहले 13 साल की लड़की का तीनों युवकों ने अपहरण किया और फिर पीड़िता को चैनपुर कॉलेज टोंगरी ले गए। यहाँ तीनों ने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। लड़की ने इसका विरोध किया तो तीनों आरोपितो ने उसकी पिटाई कर के मुँह बंद करने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि लड़की के शोर मचाने से घबरा कर तीनों आरोपित भागने लगे। इस दौरान वो लड़की को अपने साथ ले गए। जब लड़की फिर चीखी तो उन्होंने उसको चलती गाड़ी से फेंक दिया जिससे वह घायल हो गई। लड़की को घायल देख कर उसके परिजननो ने उसे संभाला और अस्पताल ले गए। पीड़िता ने घटना की पूरी जानकारी घर वालों को दी और मामले की शिकायत पुलिस में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाने में उनसे पूछताछ की जा रही है।
गुमला जिले से आ रही यह खबर #झारखंड में बेटियों, खासकर #आदिवासी बेटियों की सुरक्षा और प्रदेश में ध्वस्त विधि व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। अपराधी जब आदिवासी बेटी के साथ दुष्कर्म करने में कामयाब नहीं हुए तो आरोपी युवकों ने नाबालिग को चलती गाड़ी से फेंक दिया। आरोपी… pic.twitter.com/wHZyXsiscC
इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी के झारखंड प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप ने लिखा, “हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की नीति के कारण ऐसे तत्वों का दु:साहस चरम पर है।”
200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपने जन्मदिन पर जैकलीन फर्नांडीस को पत्र लिखा है। इस पत्र में चंद्रशेखर ने कहा है कि वह अपने जन्मदिन पर जैकलीन को बहुत मिस कर रहा है। रोमांटिक अंदाज में लिखे गए इस पत्र में सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि वह जानता है जैकलीन का प्यार उसके लिए कभी कम नहीं होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने जन्मदिन पर सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीस को लिखे इस पत्र में कहा है, “मेरी बोम्मा (गुड़िया), मैं अपने जन्मदिन पर तुम्हें बहुत मिस कर रहा हूँ। मेरे आसपास तुम्हारी एनर्जी की कमी मुझे खल रही है। मेरे पास कोई शब्द नहीं है। लेकिन मुझे पता है कि मेरे लिए तुम्हारा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मुझे पता है कि तुम्हारे खूबसूरत दिल में मेरे लिए क्या है। मुझे किसी सबूत की जरूरत नहीं है। बेबी, मेरे लिए यह सब बहुत मायने रखता है।”
इस पत्र में उसने आगे कहा है, “मेरी बोट्टा बोम्मा, मैं तुम्हें बहुत याद कर रहा हूँ। तुम जानती हो कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ। मेरे जीवन में तुम्हारा होना और तुम्हारा प्यार मेरे लिए सबसे अच्छा गिफ्ट है। लव यू माई बेबी, अपना दिल मुझे देने के लिए धन्यवाद। मैं अपने समर्थकों और परिवार को भी धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरे जन्मदिन पर मुझे बधाई दी है। मुझे जन्मदिन की बधाई देने वाले सैकड़ों खत मिले हैं। इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ। धन्यवाद।”
जन्मदिन पर दान करना चाहता था 5 करोड़ 11 लाख रुपए
महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपने जन्मदिन पर साथी कैदियों को मदद के नाम पर 5 करोड़ 11 लाख रुपए दान करने की बात कही थी। इसके लिए उसने जेल महानिदेशक (DG) को पत्र लिख अनुमति भी माँगी थी। सुकेश के वकील द्वारा सार्वजनिक किए गए इस पत्र में सुकेश ने लिखा था, “मैं जेल में बंद ऐसे कैदियों की मदद करना चाहता हूँ, जो जमानत मिलने के बावजूद बेल बॉन्ड भरने में सक्षम नहीं हैं और इसके चलते बाहर नहीं आ पा रहे हैं। जेल में कई ऐसे कैदी हैं जो अपने परिवार, बच्चों और उनकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। उनके लिए मैं 5 करोड़ 11 लाख रुपए दान करना चाहता हूँ।”
सुकेश ने आगे लिखा, “मैं 2017 से इस जेल में हूँ और इतने सालों में मैंने निजी तौर पहले भी अपने करीब 400 साथी कैदियों के बेल बॉन्ड भरने और उनके परिवार को सपोर्ट करने के लिए मदद की है। अगर डीजी यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेते हैं तो मैं अपने इनकम टैक्स के सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दूँगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पैसे वैध तरीके से कमाए गए हैं।”
होली पर जैकलीन को दी थी शुभकामनाएँ
बता दें कि इससे पहले होली पर भी सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीस को पत्र लिखा था। इस पत्र में उसने कहा था “मैं बहुत कमाल की इंसान, शानदार और मेरी सदाबहार जैकलीन को होली की शुभकामनाएँ देता हूँ…. रंगों के त्योहार के दिन मैं तुमसे वादा करता हूँ, जो रंग फीके या गायब हो गए हैं उन्हें 100 बार वापस लाऊँगा। मेरे अंदाज में कहूँ तो यह साल बहुत चमकदार और रौशन होगा। मैं इसे सुनिश्चित करूँगा और यह मेरी ज़िम्मेदारी भी होगी।”
सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को ‘आई लव यू’ कहते हुए आगे लिखा था, “माई बेबी, हमेशा मुस्कुराती रहो, तुम जानती हो कि तुम मेरे लिए क्या हो, और कितनी अहम हो…लव यू माई प्रिंसेज, मिस यू, माई बी, माई बोम्मा, माई लव।”
मोदी सरनेम पर दिए विवादित बयान मामले में गुजरात के सूरत न्यायालय द्वारा सजा मिलने के बाद राहुल गाँधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई। शुक्रवार (24 मार्च 2023) को सदस्यता जाने के बाद शनिवार (25 मार्च) को राहुल पहली बार मीडिया के सामने आए। हालाँकि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर राहुल बौखला गए और पत्रकारों पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाने लगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकार ने राहुल गाँधी से पूछा कि बीजेपी कह रही है आपने पूरे ओबीसी समाज का अपमान किया है। इस पर पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी है। ऐसा लग रहा था पत्रकार का यह सवाल राहुल गाँधी को पसंद नहीं आया। पूर्व सांसद ने जवाब दिया, “भैया देखिये… पहला अटेंप्ट आपका वहाँ से आया, दूसरा अटेंप्ट यहाँ से आया… आप डायरेक्टली बीजेपी के लिए काम क्यों कर रहे हो? थोड़ी डिस्कशन से करो यार। थोड़ा घूम-घाम कर पूछो। आपको ऑर्डर दिया है क्या? देखो मुस्करा रहे हैं।”
#WATCH | “Don’t pretend to be a pressman…Kyun hawa nikal gayi?”, says Congress leader Rahul Gandhi to a journalist questioning him on his conviction in ‘Modi surname’ case pic.twitter.com/SdaaUeraoy
सवाल से बौखलाए राहुल गाँधी ने अंग्रेजी में कहना शुरू किया, “यदि आप बीजेपी के लिए काम करना चाहते हैं तो अपनी छाती पर भाजपा का ठप्पा लगा लो। फिर मैं उसी अनुसार जवाब दूँगा।” उन्होंने गुस्से में कहा कि पत्रकार बनने का नाटक मत करो। इस दौरान पूर्व एमपी के चेहरे से साफ जाहिर हो रहा था कि वे चिढ़ गए हैं।
इस घटना के बाद दूसरे पत्रकार प्रश्न करने की कोशिश करते रहे लेकिन राहुल का ध्यान फिर भी उसी पत्रकार पर था। कुछ देर बाद राहुल उस पत्रकार की तरफ इशारा करते हुए दोबारा कहते हैं, “हवा निकल गई।” और इतना कहकर खुद मुस्कुराने लगते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी ने मोदी सरनेम पर सजा मिलने पर कहा कि यह ओबीसी का मामला नहीं है बल्कि मोदी जी और अडानी के रिश्ते का मामला है। उन्होंने कहा कि मोदी जी मेरी अगली स्पीच से डर गए थे। मेरा अगला भाषण अडानी पर होने वाला था। इसलिए वो मेरे अगले भाषण से घबराए हुए थे। पीएम नहीं चाहते संसद में मेरा भाषण हो।
चार्लीन डाउन्स (Charlene Downes) अगर जीवित होती तो 25 मार्च, 2023 को वह 33 साल की हो गई होती। लेकिन, 1 नवंबर, 2003 को जब वह महज 14 साल की थी तब ब्रिटेन के लंकाशायर में स्थित ब्लैकपूल से अचानक ‘लापता’ हो गई। इस बात की आशंका जताई गई कि ग्रूमिंग जिहाद गिरोह ने उसकी हत्या कर दी। हालाँकि, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि उसके शरीर के टुकड़े कर उसका कबाब बनाया गया और एक टेकअवे रेस्ट्रॉं में लोगों को खिला दिया गया।
इस मामले की जाँच कर रही लंकाशायर पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि चार्लीन भाग गई है। लेकिन, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि 14 साल की लड़की के साथ कुछ ऐसा हुआ है जो बेहद डराने वाला था। पुलिस ने इस बात की आशंका जताई थी कि चार्लीन का लापता होना ब्लैकपूल के ग्रूमिंग गिरोहों से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने यह भी पाया कि कम से कम 60 नाबालिग लड़कियों को शहर में टेकअवे में सेक्सुअल गतिविधियों के लिए तैयार किया गया था।
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों इलियाद अलबतिख और मोहम्मद रेवेशी को गिरफ्तार किया। लेकिन, बाद में अदालत ने सबूतों के अभाव चलते दोनों को बरी कर दिया। साथ ही लंकाशायर पुलिस को मामले को सही तरीके से जाँच नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई गई।
चार्लीन डाउन्स (साभार: dailymail.co.uk)
चार्लीन डाउन्स को लापता हुए अब करीब 20 साल का वक्त निकल चुका है। लेकिन, इसके बाद भी यह मामला अब तक अनसुलझा है। इस घटना को इस तरह से भी देखा जा सकता है कि इस्लामिक ग्रूमिंग गिरोह इंग्लैंड में बिना किसी डर के लगातार ‘ग्रूमिंग जिहाद’ फैला रहे हैं और कई बलात्कारी फरार हैं। इन सबके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि पुलिस इस्लामवादी आरोपितों के मजहब को खुलकर बताने से डरती है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 नवंबर, 2003 को दोपहर करीब 3.35 बजे चार्लीन को सीसीटीवी में टाउन सेंटर पर सड़क पार करते हुए देखागया था। शाम 7.15 बजे, उसकी माँ ने उससे कहा कि वह आर्केड की ओर जा रही है और जल्द ही लौटेगी। रात 9.03 बजे कथित तौर पर चार्लीन को ब्लैकपूल बार के बाहर काले कोट पहने एक महिला के साथ सीसीटीवी में आखिरी बार देखा गया था।
चार्लीन डाउन्स जब अपने घर नहीं लौटी तो उसके घरवालों ने 2 नवंबर 2003 को पुलिस को सूचना दी। पुलिस लगातार जाँच करनी की बात कहती रही। साल 2006 तक पुलिस ने चार्लीन के घरवालों को यह नहीं बताया कि अब मामला सिर्फ लापता होने का नहीं है। बल्कि चार्लीन की हत्या कर दी गई है।
कुछ दिनों बाद, इस मामले में पुलिस ने कहा कि एक बड़ी सफलता उनके हाथ लगी है। पुलिस का कहना था कि उसने एक 51 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो चार्लीन के लापता होने के समय ब्लैकपूल में ही था। लंकाशायर पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा था, “चार्लीन के लापता होने के समय ब्लैकपूल में रहने वाला 51 वर्षीय को हिरासत में लिया गया है।”
इसके बाद, मई 2007 में इस्लामवादी इल्याद अलबतिख और मोहम्मद रेवेशी नामक दो लोगों पर अदालत में मुकदमा चला। अल्बतिख पर चार्लीन की हत्या करने और रेवेशी पर उसके शव को ठिकाने लगाने में मदद करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन पुलिस कोर्ट में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी। पुलिस की गलतियों के कारण मामले की सुनवाई बंद कर दी गई। कहा गया कि अब हत्यारे का कभी पता नहीं लगाया जा सकता।
अप्रैल 2008 में पुर्नविचार याचिका दायर की गई। इसकी सुनवाई के समय अदालत को बताया गया कि फास्ट फूड शॉप के मालिक ने मजाक में कहा था कि चार्लीन डाउन्स को काटकर कबाब में डाल दिया गया और लोगों को खिला दिया गया। पुलिस इस बार भी कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसलिए कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बरी करते हुए प्रत्येक को £250,000, यानी करीब 2.5 करोड़ रुपए बतौर मुआवजा देने की बात कही।
कोर्ट से मिली फटकार और तमाम आलोचनाएँ झेलने के बाद लंकाशायर पुलिस ने साल 2016 में एक बात फिर से जाँच शुरू की। इस बार पुलिस के हाथ एक नया सीसीटीवी फुटेज लगा। इसमें चार्लीन अपनी बहन रेबेका के साथ घूमते हुए देखी गई थी। पुलिस ने इस सीसीटीवी फुटेज को नवंबर 2016 में सार्वजनिक कर दिया।
चार्लीन डाउन्स के माता-पिता ने लंकाशायर पुलिस पर मामले की जाँच सही तरीके से न करने का आरोप लगाया
चार्लीन डाउन्स के माता-पिता ने साल 2017 में लंकाशायर पुलिस पर मुकदमा दायर कर दिया। दरअसल, उन्हें यह पता चला था कि चार्लीन के अंतिम समय के वीडियो पुलिस के पास बीते 13 सालों से पड़े हुए थे। लेकिन पुलिस ने उस पर ध्यान नहीं दिया। चार्लीन के माता-पिता ने अफसोस जताते हुए कहा कि यदि यह फुटेज पहले मिल गया होता तो जिन दो आरोपितों को कोर्ट ने बरी किया था। शायद वह बरी नहीं होते। चार्लीन की माँ ने पुलिस के खिलाफ मुकदमा करते हुए सार्वजनिक माफी और मुआवजे की माँग की।
चार्लीन की माँ करेन डाउन्स (साभार: dailymail.co.uk)
इस मामले में आरोपितों को पकड़ने के लिए £100000 यानी करीब 10 करोड़ रुपए का इनाम भी रखा गया। लेकिन पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुँच पाई। यहाँ तक कि पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि उसने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था वह चार्लीन की हत्या में संलिप्त थे या नहीं। हालाँकि लंकाशायर पुलिस ने यह कहा था कि इस जाँच के दौरान यह सामने आया है कि इस मामले में मुस्लिम ग्रूमिंग गिरोह शामिल था।
चार्लीन की हत्या के मामले की जाँच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि ब्लैकपूल के रेस्टोरेंट में काम करने वाले लोगों ने कम से कम 60 लड़कियों को सेक्स के लिए ‘ग्रूमिंग जिहाद’ में फँसाया था। पुलिस ने इस मामले को रोशडेल बाल शोषण की घटना की तरह माना। जहाँ लड़कियों को खाने, पीने और सिगरेट के बदले सेक्स के लिए तैयार किया जा रहा था। पुलिस को शक था कि चार्लीन डाउन्स के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा। पुलिस ने इस मामले में 4800 से अधिक गवाहों के बयान लिए, लेकिन इसके बाद भी उसके हाथ पूरी तरह खाली है।
आरोपितों से डरकर अधिकारियों ने ढंग से जाँच नहीं की
इस मामले की जाँच में जुलाई 2022 में सामने आया कि इस्लामी ग्रूमिंग गिरोह ने 1000 से अधिक बच्चों का उपयोग ग्रूमिंग जिहाद के लिए किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि मामले की जाँच करने वाली प्रमुख एजेंसियों ने बाल शोषण को बाल वेश्यावृत्ति’ मानने से इनकार कर दिया। एजेंसियों ने इसके लिए न तो बच्चों को दोषी ठहराया और न ही इसके लिए उन्हें फँसाने वाले लोगों को।
जाँच में यह भी सामने आया कि मामले की जाँच रहे अधिकारी आरोपितों से डरे हुए थे। इसलिए उन्होंने सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, साल 1989 के बाद से लंकाशायर शहर में एक बड़ा ग्रूमिंग गिरोह काम कर रहा है। ये लोग पुरुष टैक्सी ड्राइवर से लेकर फूड डिलीवरी बॉय बनकर लड़कियों से संपर्क करते थे। फिर उन्हें अपने प्यार के जाल में फँसाते और लड़कियों को लिफ्ट देते थे।
ग्रूमिंग गिरोह के लोग लड़कियों को शराब और सिगरेट ऑफर करते थे और बाद में उन्हें यौन गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते थे। बच्चों को विश्वास दिलाया जाता था कि उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है सब कुछ एक सामान्य घटना है। शायद ऐसा ही चार्लीन डाउन्स के साथ हुआ। इस्लामवादी ग्रूमिंग गिरोह के जाल में फँसकर एक 14 साल की लड़की ‘लापता’ हुई और अब तक न्याय के इंतजार में है और आरोपित खुले घूम रहे हैं।
अपडेट: ताज़ा खबर ये है कि VHP नेता को पुलिस ने छोड़ दिया है।
बिहार के दरभंगा जिले में लगे ‘हिन्दू राष्ट्र’ के बैनर पर उठाई गई आपत्ति के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में राजीव प्रकाश मधुकर नाम के एक ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ नेता को गिरफ्तार किया गया है। मधुकर VHP के दरभंगा जिला मंत्री हैं। इस मामले में 4 नामजदों सहित 100 अज्ञात व्यक्तियों पर FIR दर्ज की गई है। विश्व हिन्दू परिषद् ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए बिहार सरकार पर जिहादी शक्तियों को पालने-पोषने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला थाना क्षेत्र लहेरिया सराय का है। यहाँ नवरात्रि और हिन्दू नववर्ष के सामूहिक अवसर पर शुक्रवार (24 मार्च, 2023) को सड़क पर एक बैनर टांगा गया था, जिस पर ‘हिन्दू राष्ट्र’ लिखा हुआ था। आरोप है कि इस बैनर का मुस्लिम संगठनों विरोध किया। विरोधियों ने इस बैनर के चलते अपनी धार्मिक भावनाएँ आहत होने का आरोप लगाया। मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो जाँच शुरू की गई। पुलिस ने इस बैनर को आपत्तिजनक और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया।
दिनांक 23.03.23 को दरभंगा जिला के लहेरियासराय थाना अंतर्गत मुहल्ला मौलागंज में कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा नवरात्रि के अवसर पर आपत्तिजनक पोस्टर/बैनर लगाकर समाजिक एवं धार्मिक सदभाव बिगाड़ने को लेकर 4 नामजद अभियुक्त एवं 100 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।#Biharpolicepic.twitter.com/EIpBAc9EdU
आरोप है कि राजीव प्रकाश मधुकर को पीस कमेटी की मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाया गया जहाँ से उन्हें गिरफ्तार कर लिए गया। स्थानीय भाजपा विधायक संजय सरावगी ने इस गिरफ्तार का विरोध करते हुए कहा कि बिहार सरकार को हिन्दू शब्द से नफरत हो चुकी है। संजय के अनुसार, एक ख़ास समुदाय के लोगों को खुश करने की करने कोशिश की जा रही है। पुलिस ने कहा कि 1 आरोपित को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है।
दरभंगा पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि मामले में 100 अज्ञात लोगों सहित 4 नामजद आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर भी सख्ती करते हुए पुलिस ने इस मामले में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट करने से भी लोगों को मना किया है। इसी के साथ दरभंगा पुलिस ने कई तरह से प्रतिबंधों की सूची भी जारी की है। इस सूची में DJ की ध्वनि 75 DB से अधिक न होने, नया जुलूस न निकलने देने, जुलूस निकालने वाले व्यक्ति का सत्यापन करने और पुलिस अधिकारियों द्वारा फ्लैग मार्च करने जैसे नियम शामिल हैं।
दिनांक 24.03.23 को दरभंगा जिला अंतर्गत रामनवमी पूजा एवं चैती छठ पूजा के सुभ अबसर पर अंबेडकर सभागार में जिला पदाधिकारी महोदय एवं वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा बैठक किया गया जिसमें निम्नांकित निर्देश दिया गया ।#Biharpolicepic.twitter.com/srP1u4o4j2
विश्व हिन्दू परिषद ने दरभंगा मामला में बिहार पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि जिस बिहार पुलिस और शासन को राज्य में जड़ें जमा चुके PFI नेटवर्क को खत्म करने का काम करना था वो राष्ट्रवादी लोगों को गिरफ्तार कर रही है। बिहार सरकार और ख़ास कर उनके कुछ अधिकारियों पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए बंसल ने हमें बताया कि उनकी माँग FIR वापस ले कर कार्यकर्ताओं को ससम्मान रिहा करने की है। हमें बताया गया कि ऐसी एकतरफा कार्रवाई से हिन्दू समाज के मन में रोष पनप रहा है।
ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने वाली कंपनी बायजू (BYJU) पर एक बार फिर भारत का गलत नक्शा दिखाने की कोशिश की है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद BYJU ने इसका खंडन किया है।
दरअसल, बाला नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने भारत का एक नक्शा शेयर करते हुए इसके बारे में बताया है। यूजर ने इस को BYJU नक्शा बताया है और अपने ट्वीट में संस्था को टैग भी किया है।
बाला ने लिखा, “पहले आप सरदार पटेल को बदनाम करते हैं, फिर आप चीन-समर्थक और पाकिस्तान-समर्थक प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देते हैं। अब इसमें कश्मीर को एक अलग देश के रूप में दिखाया गया है और लद्दाख के कुछ हिस्से को चीन के साथ दिखाया गया है।”
First you malign Sardar Patel, then you promote pro-China and pro-Pakistan propaganda showing Kashmir as a separate country with parts of Ladakh with China.
इस ट्वीट पर BYJU ने जवाब दिया है। अपने आधिकारिक जवाब में BYJU ने कहा, ट्विटर पर अपलोड किए गए भारत के इस विकृत नक्शे को को बनाने में हम अपनी किसी भी भागीदारी को मजबूती से खंडन करते हैं। कथित वीडियो यूजर जेनरेटेड कंटेंट पर आधारित है, जिसे एक Osmo स्टूडेंट द्वारा अपलोड किया गया था।”
Osmo को लेकर BYJU ने कहा, “हमारी सहायक कंपनी Osmo एक प्लेटफॉर्म और तकनीक प्रदाता है, जो यूजर को कंटेंट अपलोड करने की सुविधा देता है। इस नक्शे को अब हटा दिया गया है।” कंपनी ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता में उसकी उच्च स्तर की आस्था है। हम इस तरह के कंटेंट को प्रमोट नहीं करते हैं।”
BYJU का यह खंडन सोशल मीडिया यूजर को पच नहीं रहा है। वे इसे अक्सर माफी माँगने वाली संस्था बता रहे हैं। बता दें कि इससे पहले अक्टूबर 2022 में बायजू पर भारत का गलत मानचित्र दिखाने का आरोप लगा था। इसके बाद बायजू ने इसे फेक बताया था।
BYJU ने कहा था कि इस मामले में कार्रवाई के लिए वह अधिकारियों से संपर्क करेगी। BYJU ने कहा था कि इस फेक नक्शे के लिए कंपनी को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया गया है। नक्शे में कश्मीर के कुछ हिस्सों को ‘आजाद कश्मीर’ और ‘अक्साई चिन’ के रूप में दिखाया गया था।
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर हमले और तिरंगे के अपमान पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की सरकार भारतीय दूतावास को सुरक्षा देने में विफल रही है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत सुरक्षा के अलग-अलग मानकों को स्वीकार नहीं कर सकता। एस जयशंकर शुक्रवार (24 मार्च 2023) को बेंगलुरु में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
बीजेपी एमपी तेजस्वी सूर्या द्वारा आयोजित BJYM के कार्यक्रम में सवालों का जवाब देते हुए एस जयशंकर ने कहा कि दूतावास या उच्चायोग के परिसर की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखना उस देश का कर्तव्य है, जहाँ वह स्थित है। उस देश का उत्तरदायित्व है कि वह एक राजनयिक (Diplomats) को काम करने के लिए सुरक्षा प्रदान करे। ब्रिटेन में इन दायित्वों को पूरा नहीं किया गया। इसे लेकर हमारी ब्रिटिश सरकार से बातचीत हुई है।
#WATCH दूतावास या उच्चायोग के परिसर का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक को सुरक्षा देना प्राप्तकर्ता देश का दायित्व है। इन दायित्वों को पूरा नहीं किया गया। इस पर हमारी ब्रिटिश सरकार से बातचीत हुई है: ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर pic.twitter.com/X3OtlD4R22
विदेश मंत्री ने कहा कि जिस दिन उपद्रवी हाई कमीशन के आगे जमा हुए, उस दिन उच्चायोग की सुरक्षा में कमी रह गई थी। एस जयशंकर ने आगे कहा कि कई देश इसे लेकर लापरवाह हैं। अपनी सुरक्षा को लेकर वे अलग सोचते हैं जबकि दूसरों की सुरक्षा पर उनकी अलग राय है। उन्होंने कहा, “एक विदेश मंत्री के तौर पर मैं आपको बता दूँ कि हम इस तरह के अलग-अलग मानकों को स्वीकार नहीं करने वाले हैं।”
लंदन में क्या हुआ था?
दरअसल, खालिस्तान समर्थक भगोड़े अमृतपाल के खिलाफ भारत में कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई के विरोध में खालिस्तान समर्थकों ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानियों ने उच्चायोग में लगे भारतीय तिरंगे को हटा कर खालिस्तानी झंडा लगाने की कोशिश की थी। इस दौरान खालिस्तानियों ने उच्चायोग में तोड़फोड़ भी की थी।
इस घटना के बाद भारत ने अंग्रेजी राजदूत को तलब करते हुए सख्ती दिखाई थी। इसके बाद राजदूत समेत ब्रिटेन के विदेश मंत्री और लंदन के मेयर ने घटना की निंदा की थी। भारत स्थित ब्रिटिश उच्चायोग और उच्चायुक्त आवास के बाहरी सुरक्षा घेरे में भी कटौती की खबरें आई थीं। जिसके बाद ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और बैरिकेडिंग भी लगाए गए थे।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने शुक्रवार (24 मार्च 2023) को अपने एक समर्थक को भरी भीड़ में झापड़ मारा। बताया जा रहा है कि उनका समर्थक शुक्रवार को उनके आवास उनसे मिलने आया था तभी ये घटना घटी।
वायरल वीडियो में देख सकते हैं, कि कैसे सिद्धारमैया अपने आवास के बाहर लोगों से घिरे हुए हैं, तभी उनका एक समर्थक भीड़ से निकलकर उनसे मिलने आता है और वो खिंचाकर उसे झापड़ मार देते हैं। वीडियो में भी झापड़ मारने की आवाज सुनाई पड़ती है।
#WATCH | LoP and former #Karnataka CM #Siddaramaiah slaps a supporter who came to meet him at his residence in Bengaluru earlier today
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि उन्होंने अपने ही समर्थकों को इस तरह जलील किया हो। इससे पहले सिद्धारमैया ने मैसूर एयरपोर्ट पर अपने साथी को चांटा मारा था। वीडियो में देखा गया था कि उनके एयरपोर्ट पर जाने पर उनका साथी उनसे हाथ मिलाने आगे बढ़ा। लेकिन उन्होंने हात मिलाने की जगह उन्हें थप्पड़ मार दिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया बेंगलुरु ने यह वीडियो साल 2019 में शेयर की थी। तब लोगों ने यह घटना देखने के बाद उन्हें अहंकारी आदि बताया था। उन्हें अकसर मोदी विरोधी बयान देने के लिए जाना जाता रहा है। वो पीएम मोदी की तुलना हिटलर तक से कर चुके हैं। इस बार कर्नाटक चुनावों में वह वरुणा सीट से मैदान में उतरेंगे। कॉन्ग्रेस द्वारा जारी पहली लिस्ट में उनका नाम है।
Congress party announces the first list of 124 candidates for Karnataka Assembly Elections.
Names of former CM Siddaramaiah, and State party president DK Shivakumar are present in the first list. pic.twitter.com/TC9vXJfrX5
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में ‘श्री मधुसूदन साई इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर’ का उद्घाटन किया। कर्नाटक को प्रधानमंत्री के इस दौरे में 13.71 किलोमीटर की बेंगलुरु मेट्रो लाइन की भी सौगात मिली। ये व्हाइटफील्ड (कदुगोड़ी) से लेकर कृष्णराजपुरा (KR पुरम) तक की लाइन है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव भी होने हैं और कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी है।
मेडिकल संस्थान के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चिकबल्लापुर आधुनिक भारत के आर्किटेक्ट में से एक सर एम विश्वेश्वरय्या की जन्मभूमि है। उन्होंने सर विश्वेश्वरय्या की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही इसे पुण्य भूमि बताते हुए सिर झुका कर प्रणाम करता किया। उन्होंने कहा कि आजादी के ‘अमृत महोत्सव’ में देश ने विकसित होने का संकल्प लिया है। उन्होंने जिक्र किया कि कई बार लोग पूछते हैं कि भारत कैसे विकसित बनेगा? इतनी चुनौतियाँ हैं, इतना काम है, इतने कम समय में पूरा कैसे होगा?
बकौल पीएम मोदी, इस सवाल का जवाब है – सबका प्रयास। हर देशवासी के साझा प्रयासों से ये संभव होने वाला है। उन्होंने कहा कि बीते 9 वर्षों में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहुत ईमानदारी से, बहुत कुशलता से कार्य करने का प्रयास किया गया है। देश में स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े अनेक रिफॉर्म किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार बेटियों को ऐसा जीवन देने में जुटी है, जिससे वो भी स्वस्थ रहें और आने वाली संतान भी स्वस्थ रहे।
Notably, Karnataka has been a rich land of Sages, Ashrams, Maths.
These ancient traditions are very much alive here.
पीएम मोदी ने कहा कि आरोग्य के साथ-साथ माताओं, बहनों, बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी डबल इंजन सरकार का पूरा ध्यान है। उन्होंने बताया कि कैसे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सबकी पहुँच में बना कर गरीबों को फायदा पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि देश भर में 10,000 ‘औषधि केंद्र’ हैं, जिनमें से 1000 तो कर्नाटक में ही हैं। उन्होंने कन्नड़ सहित कई स्थानीय भाषाओं में मेडिकल शिक्षा की व्यवस्था किए जाने के फैसले को भी गिनाया।
देश में धार्मिक विद्वेष फैलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित भगोड़े जाकिर नाईक को ओमान से लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस दौरान राजधानी मस्कट में एक हिंदू महिला का धर्मांतरण कराने का भी उसने जिक्र किया है। उसने कहा कि भारत के हिंदू उसे प्यार करते हैं, लेकिन वोटबैंक की राजनीति की वजह से उसे निशाना बनाया जा रहा है।
जाकिर नाइक 23 मार्च 2023 को ओमान में था। इस दौरान उसने आरती नाम की एक हिंदू महिला का इस्लाम में धर्मांतरण कराया। इस दौरान वह कुछ आयतें पढ़ रहा था और महिला से उसे दोहराने के लिए कह रहा था। उसे दोहराने के बाद उसने महिला से कहा कि अब वह मुस्लिम बन गई है।
इस दौरान उसने महिला के दोस्तों और रिश्तेदारों को भी धर्मांतरित करने की इच्छा जाहिर की। जाकिर ने कहा, “अब आप पापरहित हैं। इंशाअल्लाह! आप अपने परिवार में दूसरे लोगों को, अपने दोस्तों को भी इस्लाम धर्म कुबूल करवाने का माध्यम बनें।” उसे 23 और 25 मार्च को इस्लाम पर लेक्चर देने के लिए ओमान बुलाया गया है।
महिला का सार्वजनिक तौर पर धर्मांतरण करते हुए कहा जाकिर कहता है, “क्या तुम मानती हो कि ईश्वर सिर्फ एक है? क्या तुम मानती हो कि सिर्फ अल्लाह के अलावा और किसी की पूजा नहीं हो सकती? क्या मानती हो कि मूर्तिपूजा गलत है? क्या ये भी मानती हो कि पैगंबर मोहम्मद आखिरी प्रवर्तक थे?” इन सब सवालों पर महिला अपनी सहमति जाहिर करती है। इसके बाद उसे कलमा पढ़वाकर वह उसे धर्मांतरित करा देता है।
ओमान में भगोड़े जाकिर नाइक ने उगली मोदी सरकार के खिलाफ आग। बोला- नई सरकार ने मुझ पर लगा दिया आतंकवादी होने का दाग। pic.twitter.com/gVVsAngfRs
ओमान में अपने बेटे फारिक नाइक के साथ पुलिस एस्कॉर्ट में घुमने वाले उन्मादी जाकिर नाइक ने कहा कि उसे भारत के बहुसंख्यक हिंदू प्यार करते हैं। यही कारण है कि उसकी स्पीच को हजारों-लाखों लोग सुनने के लिए आते थे। उसने आरोप लगाया कि वोटबैंक की राजनीति के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है।
ओमान में इस्लाम पर भाषण देने के दौरान वह राजनीति की बातें करने लगा। उसने केंद्र की मोदी सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उसने प्रोपेगेंडा फैलाते हुए कहा कि भारत में मुस्लिमों पर जुल्म होता है। इतना ही नहीं, उसने दुनिया भर के मुस्लिमों से इस्लाम के लिए आगे आने को कहा।
उधर, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (24 मार्च 2023) को कहा कि भारत सरकार जाकिर नाइक को वापस लाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “ज़ाकिर नाइक भारत में कई मामलों में आरोपित है। वह भगोड़ा है। हमने इस मामले को ओमान सरकार के साथ उठाया है।”
Zakir Naik is an accused in numerous cases in India. He is a fugitive from justice. We have taken up the matter with the Govt of Oman & Oman authorities. We will continue to take all necessary measures to bring him to face justice in India: MEA Spokesperson Arindam Bagchi when… pic.twitter.com/fT2c5E2o1s
जाकिर नाइक पर मुस्लिम युवाओं को आतंकवाद की ओर प्रेरित करने के आरोप हैं। उसकी स्पीच सुनकर कई युवाओं के आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के मामले सामने आए हैं। उस पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने, लोगों एवं समूहों के बीच नफरत फैलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में शामिल होने के आरोप हैं।
बता दें कि साल 2016 में भारत से भागने के बाद वह मलेशिया चला गया था। तब से वह वहीं रह रहा है। भारत सरकार मलेशिया की सरकार से उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई परिणाम नहीं आया है। अब जबकि जाकिर ओमान में है तो भारत ने ओमान सरकार से बात शुरू की है।