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जोधपुर में 40 गाड़ियाँ तोड़ी, युवक की पीठ में छुरा घोपा: कर्फ्यू के बावजूद ईद की नमाज के बाद सड़क पर उतरी मुस्लिम भीड़, फेंके तेज़ाब वाले बोतल

राजस्स्थान के जोधपुर में लगातार दूसरे दिन भी हिंसा भड़कती रही, वो भी तब जब जिले के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा हुआ है। एक बार फिर पूरी साजिश के तहत दंगाई सड़क पर निकले और उन्होंने जम कर हिंसा की। घरों के ऊपर तेजाब से भरी बोतलें फेंकी गईं। तलवारें लहराई गईं। ‘कबूतरों का चौक’ नामक जगह पर दीपक परिहार नामक एक युवक की पीठ में छुरा घोंप दिया गया। महात्मा गाँधी अस्पताल में उक्त युवक का इलाज चल रहा है, जहाँ उसकी पीठ में से चाकू निकाला गया।

दंगाइयों ने जोधपुर शहर के 14 से अधिक मोहल्लों में मंगलवार (3 मई, 2022) को उत्पात मचाया। जालोरी गेट से ये दंगा शुरू हुआ और शहर की कई गलियों में पसर गया। जालपा मोहल्ले में विधायक के घर के बाहर ही बाइक को फूँक दिया गया। दंगाइयों ने बाइकों से मजहबी नारों के साथ रैली भी निकाली और सोनारो मोहल्ला में तलवारें लहराते हुए पहुँच कर लोगों के घरों पर तेजाब भरी बोतलें और पत्थर फेंके। बचाव के लिए स्थानीय लोगों को भी सामने आना पड़ा।

हर मोहल्ले में अलग-अलग गुट को दंगा करने के लिए भेजा गया था। इस दौरान 40 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ किया गया और विरोध करने आए लोगों की पिटाई की गई। इससे पहले हुए दंगों में शहर के कई एटीएम बूथ तोड़े जा चुके हैं। ताज़ा हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। जोधपुर के 10 इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि दंगाई भीड़ मजहबी नारेबाजी करती रही और पुलिस देखती रही।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले में हिंसा हो रही है, लेकिन एक दिन तक उन्होंने कोई ट्वीट तक नहीं किया। फिर उन्होंने गुलदस्ते लेकर न आने की अपील की। रोम जल रहा था और नीरो बाँसुरी बजा रहा था – ये वही बात हो गई। सीएम का शहर जल रहा था और वो गुलदस्ते लेने में व्यस्त थे।” स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर भी इस्लामी झंडे लगा दिए गए। परशुराम जयंती पर लगे केसरिया झंडे को हटा दिया गया।

दंगाइयों को खदेड़ने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और बल प्रयोग भी करना पड़ा। मुस्लिम युवकों ने सर्किल पर लगे हिन्दू ध्वज को अपमानित करते हुए हटा दिया। नमाज के बाद दंगे की घटनाएँ शुरू हुईं। फ़िलहाल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहाँ तैनात किया गया है। ईदगाह के चारों तरफ भी पुलिस बलों को तैनात किया गया है। भाजपा इन घटनाओं को लेकर अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर हमलावर है।

किच्चा सुदीप और अजय देवगन के विवाद पर बोले सोनू निगम – ‘संविधान में नहीं लिखा हिंदी राष्ट्रभाषा है, तमिल सबसे पुरानी’

गायक सोनू निगम ने कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप और बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के बीच हिंदी भाषा को लेकर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। हिंदी भाषा में बातचीत की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई हस्तियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। सोनू निगम ने कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा हुआ है कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। उन्होंने तमिल को सबसे पुरानी भाषा करार दिया।

सोनू निगम ने कहा कि ये विवाद चलता रहता है कि संस्कृत और तमिल में ज्यादा पुरानी भाषा कौन सी है, लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि तमिल ही प्राचीनतम है। सोनू निगम ने सलाह दी कि नई समस्याओं और मुद्दों को शुरू करने से पहले ज़रूरी है कि देश में मौजूद समस्याओं को हल किया जाए। सोनू निगम ने पूछा कि आखिर तमिल वाले हिंदी क्यों बोलेंगे? साथ ही उन्होंने देश को धर्म और क्षेत्र के आधार पर विभाजित न करने की भी सलाह दी।

सोनू निगम ने कहा, “पड़ोसी देशों को देखिए। क्या हमारे पास पहले से कम समस्याएँ हैं जो हम नई खड़ी कर रहे हैं? लोगों को उस भाषा का इस्तेमाल करने दीजिए, जिसमें वो बोलते हैं। हम किसी को क्यों बोल रहे हैं कि तुम्हें फलाँ भाषा ही बोलनी है।” कई भाषाओं में गाने गा चुके सोनू निगम ने ये भी याद दिलाया कि भारत की अदालतें अधिकतर अंग्रेजी में ही अपने फैसले सुनाती हैं। उन्होंने कहा कि जिसे जिस भाषा में सुविधा है, उसे उसमें बात करने दी जानी चाहिए।

हाल ही में अजय देवगन ने किच्चा सुदीप से पूछा था, “आपके अनुसार अगर हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा नहीं है तो आप अपनी मातृभाषा की फ़िल्मों को हिंदी में डब करके क्यों रिलीज़ करते हैं? हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रीय भाषा थी, है और हमेशा रहेगी। जन गण मन।” इस पर सुदीप ने जवाब दिया था, “इसे गलत संदर्भ में समझा गया। यह बयान किसी को चोट पहुँचाने, उकसाने या कोई बहस शुरू करने के लिए नहीं था। मैं अपने देश की हर भाषा से प्यार और सम्मान करता हूँ।”

विवेक अग्रनिहोत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कराने के लिए FCC को बड़े मीडियाकर्मियों से मिली धमकी, निर्देशक बोले- मैं हेट कैंपेन का शिकार हूँ

‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री अपनी फिल्म के खिलाफ चलाए जा रहे हेट-कैम्पेन और उसे काल्पनिक बताने वालों के खिलाफ हमेशा से मुखर रहे हैं। इसी बीच खबर है कि मंगलवार (3 मई 2022) को नई दिल्ली में विदेशी संवाददाता क्लब (Foreign Correspondents Club/FCC) ने विवेक रंजन अग्निहोत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 5 मई को दिल्ली में होने वाली थी, जिसमें कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर चर्चा की जानी थी। फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब का कहना है कि ‘कुछ शक्तिशाली मीडिया घरानों’ ने इस पीसी पर कड़ी आपत्ति जताई है और उन्हें धमकी भी दी है।

अग्निहोत्री ने ट्वीट कर इस मामले की जानकारी दी है। ट्विटर पर पोस्ट की गई वीडियो में विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने विदेशी पत्रकारों के एक समूह पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “कल, मेरे साथ एक असामान्य, चौंकाने वाली और बेहद अलोकतांत्रिक बात हुई। विदेशी संवाददाता क्लब के अध्यक्ष ने कल मुझे फोन किया और 5 मई को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के रद्द होने की जानकारी दी। मैं एक हेट-कैम्पेन का शिकार हुआ हूँ। मेरी फ्री स्पीच को, एजेंडा चलाने वाले, सच का विरोध करने वाले कुछ शक्तिशाली मीडिया घरानों ने प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने इस पीसी पर आपत्ति जताई है और धमकी दी है। अब मैं 5 तारीख को शाम 4 बजे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक ओपन-हाउस पीसी रख रहा हूँ। सभी मीडिया आमंत्रित हैं।”

अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने ‘भारत, लोकतंत्र, स्वतंत्र भाषण और सच्चाई के हित में एक वैकल्पिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने का निर्णय किया है। उन्होंने 5 मई को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में भारतीय और विदेशी मीडिया को आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया, “प्रेस कॉन्फ्रेंस में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ने खाने और कॉकटेल की माँग की थी और उनके अनुरोध पर जी स्टूडियोज की टीम ने खाने और लॉजिस्टिक्स की पूरी व्यवस्था भी थी। यह अलोकतांत्रिक है। मेरी अंतरात्मा मुझे इसके लिए अनुमति नहीं देती है। कई विदेशी संवाददाताओं ने मुझे बुलाया है और अभी भी सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक हैं। मैं अब एक ओपन हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा हूँ।”

उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा, “मैं सभी मीडियाकर्मियों को पीसी में शामिल होने और द कश्मीर फाइल्स में दिखाए गए कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की सच्चाई को लेकर जो भी संदेह है उसे दूर करने के लिए आमंत्रित करता हूँ।”

गौरतलब है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। फिल्म में दिखाया गया है कि 90 के दशक में कैसे घाटी में इस्लामिक जिहाद अपने चरम था। कैसे कश्मीरी हिंदुओं को घाटी से भागने के लिए मजबूर किया गया। विवेक अग्रिहोत्री के निर्देशन में कश्मीरी पंडितों पर बनी द कश्मीर फाइल्स ने बॉक्स ऑफिस पर भी कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी फिल्म की सराहना की है। हालाँकि, कट्टरपंथी-वामपंथी समूह इस फिल्म से काफी नाराज दिखे हैं। एनडीटीवी ने तो इस फिल्म की रिलीज से पहले ही इसे प्रोपेगेंडा फिल्म बता दिया था और विरोध के बाद उसे अपनी रिपोर्ट से प्रोपेगेंडा शब्द हटाना पड़ा था। आँकड़े बताते हैं कि घाटी के कुल 140000 कश्मीरी पंडितों में से करीब 100000, फरवरी और मार्च 1990 के बीच पलायन कर गए थे। वर्ष 2011 तक घाटी में 3000 परिवार भी नहीं रह गए।

महिला, सेक्स, पैसा: विदेशी नेताओं पर इसी हथियार से डोरे डालता है चीन, राहुल गाँधी के नाइट क्लब पार्टी वीडियो से उपजे कई सवाल

वैसे तो चीन के साथ कॉन्ग्रेस की साँठगाँठ को लेकर समय-समय पर चीजें सामने आती ही रहती हैं। यहाँ तक कि जब डोकलाम विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था, तब भी राहुल गाँधी के चीनी अधिकारियों से गुपचुप मुलाकात की बात सामने आई थी। यही कारण है जब से राहुल गाँधी का नाइटक्लब वाला वीडियो सामने आया है, तमाम तरह के अंदेशे जताए जा रहे हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस इसे ‘निजी’ बता रही है, लेकिन अंदेशे इसलिए मौजूं हो जाते हैं क्योंकि दावा किया जा रहा है कि वीडियो में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ जो महिला दिख रही है, वह नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी हैं। एक तरफ यांकी पर हनीट्रैप के जरिए नेपाल की सत्ता से लेकर सैन्य गलियारों तक पर कब्जा करने का आरोप है, दूसरी तरफ हाल में अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक से ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं, जो बताती है कि वहाँ के सत्ता के गलियारों में घुसपैठ के लिए चीन ने महिला, सेक्स और पैसे को हथियार बनाया था।

पिछले दिनों खबर आई थी कि चीनी जासूस क्रिस्टीन फेंग उर्फ फेंग फेंग (Fang Fang) ने अमेरिकी नेताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उनसे गोपनीय सूचनाएँ निकालने की कोशिश की थी। यह चीनी जासूस 4 साल तक यूएस में रही और 2015 में वापस लौट गई। इस दौरान, उसने कई नेताओं से शारीरिक संबंध बनाए। क्रिस्टीन फांग अमेरिका में स्टूडेंट बनकर आई थी और उसने कई अमेरिकी राजनेताओं को अपने जाल में फँसाया। इसमें डेमोक्रेटिक सांसद और यूएस सीनेट के इंटेलिजेंस कमेटी के मेंबर एरिक स्वैलवेल भी शामिल थे। 2015 में FBI ने क्रिस्टीन को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया था, लेकिन वो उसे चकमा देने में कामयाब रही। अमेरिकी एजेंसी के हाथों में आने से पहले ही क्रिस्टीन देश छोड़कर फरार हो गई। बताया जाता है कि उसे अमेरिका से फरार करवाने में कई अमेरिकी राजनेताओं का भी हाथ था।

वैसे, क्रिस्टीन फांग अकेली ऐसी जासूस नहीं है जो अमेरिका में चीन के लिए जानकारी जुटा रही थी। चीन के हजारों की संख्या में हनीट्रैप जासूस सक्रिय हैं। ये जासूस गुप्त सूचनाओं को चीन तक पहुँचाने का काम करते हैं। ऐसी ही एक और चीनी जासूस है- क्रिस्टीन ली। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 ने बताया था कि चीन सरकार की एजेंट क्रिस्टीन ली ब्रिटेन की संसद में एक्टिव है। इस चीनी जासूस के कई राजनेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इसमें ब्रिटेन की शीर्ष विपक्षी लेबर पार्टी के कई सांसद शामिल हैं। एजेंट ने पिछले कई साल में लेबर पार्टी को करोड़ों रुपए का चंदा भी दिया। वह पेशे से वकील है और लंदन स्थित चीनी दूतावास के साथ करीब से जुड़ी हुई है। क्रिस्टीन ली पर ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियाँ काफी समय से नजर बनाए हुई थीं। क्रिस्टीन ली चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग की ओर से जानबूझकर राजनीतिक हस्तक्षेप की गतिविधियों में लिप्त थीं।

इसके अलावा नेपाल में चीन के राजदूत होउ यांकी पर भी नेपाली नेताओं को हनीट्रैप में फँसाने का आरोप है। बता दें कि होउ का नाम 2020 में तब सामने आया था, जब नेपाल में राजनीतिक उठापटक अपने चरम पर था। यह भी कहा गया होउ ही नेपाल की राजनीति को मैनेज कर रही है। उस समय नेपाल के PM रहे केपी शर्मा ओली को लेकर रिटायर्ड मेजर गौरव आर्य ने भी एक निजी मीडिया चैनल से कहा था कि PM ओली, होउ यांकी के हनीट्रैप में फँसे हुए हैं और चीन के पास ओली का एक सेक्स वीडियो भी है। बताया गया था कि इसी वजह से ओली ने नेपाल में चीन के अतिक्रमण पर चुप्पी साध रखी थी।

इसके अलावा इंटेलीजेंस एजेंसियों की एक ऐसी रिपोर्ट में इशारा किया गया था कि चीनी राजदूत के हस्‍तक्षेप के बाद ही ओली ने भार‍त विरोधी हरकतों को बढ़ावा दिया था। एजेंसियों के मुताबिक नेपाल में चीन की राजदूत होऊ यांकी ने नक्‍शे में बदलाव के लिए ओली को राजी किया था। इसके बाद ही ओली ने ऐसा नक्शा तैयार करवाया जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को नेपाल का दिखाया गया था।

सैफ अली खान की बहन ने हिंदू पति के साथ दी ईद की बधाई, नहीं पहना बुर्का या हिजाब… पड़ रही गाली

सोहा अली खान और उनके पति कुणाल खेमू ने आज इंस्टाग्राम पर ईद उल फितर की मुबारकबाद दी। जिसके बाद से उन्हें कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा लगातार गालियाँ दी जा रही हैं। सोहा ने पति कुणाल खेमू और अपनी बेटी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “आपको और आपके परिवार को शांति और समृद्धि की बधाई और एक बहुत ही खुशनुमा ईद-उल-फितर की मुबारकबाद #eidmubarak”

तस्वीर में बुर्का या हिजाब न पहनने कारण कट्टरपंथी मुस्लिम उन पर टूट पड़े हैं। जो ईद के मौके पर भी सोहा और उनके परिवार को गालियाँ दे रहे हैं।

मेहजोन 7000 नाम के एक यूजर ने लिखा, “क्या उसका पति मुस्लिम है?”

किसी रहमान खान नाम के यूजर ने सोहा अली खान को गाली देते हुए लिखा, “रमजान इबादत महीना था जब गायब हो गई थी, मा*द&चो* रोजा एक भी नहीं और ईद मनाने आ गई हराम#दी।”

वहीं रहमान नासिक 12345 ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि क्यों ये इस्लाम छोड़ चुके लोग मुस्लिम होने का बहाना करते हैं। किसी गैर मुस्लिम से शादी के कारण वह पहले ही मुस्लिम होने का हक़ खो चुकी है। और इससे हमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन फिर भी इस्लाम छोड़ चुके मुनाफिक लोग ऐसा ड्रामा क्यों करते हैं?”

किसी आबिदा चंगेजी नाम के यूजर ने लिखा, “ईद मुस्लिमों द्वारा मनाया जाता है तो तुम क्यों? जहाँ तक मुझे पता है हिन्दू लोग दिवाली मनाते हैं।”

बता दें कि सोहा, सैफ अली खान की सबसे छोटी बहन हैं। उनकी शादी जनवरी 2015 में बॉलीवुड अभिनेता कुणाल खेमू के साथ हुई थी। वहीं सोहा अली के इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसे कई प्रश्न और कमेंट हैं जिसमें उनको जीभर कर गालियाँ दी गई हैं और मुस्लिम होने की वजह से जलील किया गया है।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब सोहा अली और कुणाल खेमू को इस तरह से गालियाँ पड़ी हों। मार्च के महीने में भी सोहा अली खान के पति ने इंस्टाग्राम पर ऐसी ही कहानी साझा की थी। जब उनसे बदतमीजी की गई थी। तब कुणाल खेमू ने महाराष्ट्र की राजधानी में अपने साथ हुई घटना के बारे में इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से जानकारी दी है। उन्होंने उस कार की तस्वीर भी साझा की, जिसके ड्राइवर ने कथित तौर पर उनके साथ बदतमीजी की थी।

गौरतलब है कि कुणाल खेमू बॉलीवुड अभिनेता हैं और 2005 में ‘कलियुग’ से लीड रोल में डेब्यू करने से पहले उन्होंने बतौर बाल अभिनेता लगभग एक दर्जन फ़िल्में की थीं। इसके बाद उन्हें ‘ढोल (2007)’, ‘गोलमाल 3 (2010)’ और ‘मलंग (2020)’ जैसी फिल्मों में देखा गया। वहीं अभिनेत्री सोहा ‘शादी नंबर 1 (2005)’, ‘रंग दे बसंती (2006)’ और ‘वार छोड़ न यार (2013)’ में दिख चुकी हैं।

बिहार के इस गाँव में क्या हो रहा: एक और नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण, मोहम्मद बबलू पर पीड़ित परिवार को धमकाने का भी आरोप

बिहार के मधुबनी जिले के हरलाखी थानांतर्गत नहरनियाँ गाँव से एक बार फिर 14 साल की नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण का मामला प्रकाश में आया है। आरोपित का नाम मोहम्मद बबलू बताया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि 9वीं क्लास में पढ़ने वाली उनकी बेटी को मोहम्मद बबलू अपने साथ तब लेकर गया जब सारे लोग किसी शादी में गए हुए थे। उन्हें लड़की के गायब होने की सूचना अगले दिन मिली। जब उन्होंने इस संबंध में थाने में एफआईआर दी तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित के दोस्त को पकड़ा। अब मो बबलू अपने साथी के गिरफ्तार होने पर लड़की के घरवालों को धमकियाँ भेज रहा है और साथ ही अपने गिरफ्तार दोस्त की फोटो शेयर करके लिख रहा है- ‘तुम्हारा बदला हम लेंगे।’

पीड़ित परिजन से ऑपइंडिया की बातचीत

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी होने पर लड़की के घरवालों से बात की। परिजनों ने हमें बताया, “27 अप्रैल को हम नहरनियाँ गाँव से करीब 1 किलोमीटर दूर हरलाखी में अपनी भतीजी की शादी के लिए गए थे। उसी रात गाँव में रहने वाले मोहम्मद बबलू ने इस काम को अंजाम दिया। जब सब लोग शादी से आए तो किसी को कुछ पता नहीं चला। अगले दिन लड़की की चाची ने देखा कि बेटी घर पर नहीं है। हम लोगों ने बहुत ढूँढा। लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। फिर कहीं से मालूम हुआ कि मोहम्मद बबलू उसे ले गया है। बबलू हमारे गाँव का ही है। हमारे घर में लड़की की बिदाई थी इसलिए उसदिन कोई एफआईआर नहीं हुई। 29 अप्रैल को हमने एफआईआर करवाई जिसके बाद मोहम्मद बबलू का एक पड़ोसी मो अफरोज पकड़ा गया। उसने स्वीकारा कि उनका दोस्त बबलू ही बेटी को लेकर गया है। पुलिस ने बबलू का नंबर ट्रेस किया तो पता चला कि वो दिल्ली एनसीआर में है। उसकी लोकेशन कभी गुड़गाँव पता चल रही है कभी करोल बाग।”

लड़की के बाबा, घटना के 4-5 दिन बाद भी पुलिस का ढीला रवैया देख परेशान हैं। वह बताते हैं कि मोहम्मद बबलू तो उन्हें खुलेआम धमकियाँ भेजने लगा है। उसने अपने दोस्त की गिरफ्तारी की तस्वीर शेयर करके अपने दोस्त से माफी माँगी है कि उसकी वजह से वो गिरफ्तार हुआ और नीचे धमकी देते हुए लिखा है, “बेटा तुम अपने अंतिम संस्कार करने के लिए बेटा पैदा कर लो।” इसके अलावा कुछ संदेश पीड़ित परिजनों को भेजे जा रहे हैं जिसमें काफी माँ-बहन की गाली देकर कहा गया है कि ‘अगर जिंदा बचा तो छोड़ूँगा नहीं।’

लड़की की वीडियो आई सामने

घटना के बाद लड़की की एक वीडियो वायरल की गई है। इसमें लड़की कह रही है कि बबलू ने उसे नहीं उसने बबलू को भगाया है। वो अपनी मर्जी से मोहम्मद बबलू के साथ है और आगे भी उसके साथ रहना चाहती है। मगर, परिजनों का आरोप है कि उनकी नाबालिग लड़की से वीडियो में झूठ बुलवाया गया है। परिवार ने एफआईआर में कहा कि बेटी का अपहरण हुआ है और ये सब कुछ धर्मपरिवर्तन करके उससे शादी करने की नीयत से किया गया है। एफआईआर में मो बबलू. मो नजाम, मो जमीर, मो चांद, मो अफरोज, मो आशिक और मो नदाफ के नाम हैं। परिवार का कहना है कि इन सबकी आपराधिक पृष्ठभूमि है। बबलू तो मर्डर केस में बंद था, कोरोना काल में उसे रिहा किया गया।

पुलिस कार्रवाई

ऑपइंडिया ने इस मामले को लेकर हरलाखी थाना से भी संपर्क किया। लेकिन मामले में एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए पुलिस ने अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट में थानाध्यक्ष अनोज कुमार के हवाले से कहा गया है कि मोहम्मद अफरोज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जल्द ही अपहृत लड़की को भी बरामद कर लेगी। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण गाँव में तनाव का माहौल होने की बात भी कही जा रही है।

पहले भी इसी गाँव में साबिर ने किया था नाबालिग का अपहरण

उल्लेखनीय है कि ये पहली बार नहीं है जब हरलाखी से किसी नाबालिग का अपहरण का मामला प्रकाश में आया है। साल 2020 में भी एक 14 साल की लड़की को चार बच्चों के अब्बा साबिर ने अगवा किया था। परिवार को धमकी दी गई थी कि ‘तुमको जो ताकत लगानी है लगाओ हमने तैयारी कर ली है कि लड़की को मुस्लिम बना देंगे।’ उस मामले में भी प्रशासन पर ढिलाई दिखाने के आरोप लगे थे। हालाँकि ऑपइंडिया द्वारा रिपोर्ट किए जाने के बाद एनसीपीसीआर ने इस पर संज्ञान लिया था और लड़की कुछ दिन बाद गुजरात से बरामद हुई थी।

जवाहर, राजीव, राहुल: नेहरू-गाँधी परिवार के पुरुष-स्त्री विदेश की, ये करीबी ‘निजी’ या देश को पड़ी भारी

राहुल गाँधी का एक वीडियो वायरल हुआ है, जो खासा चर्चा का विषय बन रहा है। कॉन्ग्रेस पार्टी भले ही सफाई देते हुए इसे उनके निजी जीवन का हिस्सा बता रही हो, लेकिन साफ़ है कि विदेश जाकर अगर कोई भारत के खिलाफ षड़यंत्र रचने वाले देश के राजनयिक से मिलता है और उसके साथ करीब होता है तो मामला यहाँ निजी नहीं रह जाता, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ हो जाता है। राहुल गाँधी के साथ भी यही हो रहा है।

इससे पहले भी राहुल गाँधी की चीनी अधिकारियों के साथ तस्वीरें वायरल होती रही हैं। सोशल मीडिया पर तो वो चीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते रहते हैं और भारतीय सेना के विरुद्ध एजेंडा चलाते हैं, वहीं विदेश में जाकर वो चीनी महिला अधिकारी के साथ पार्टी करते हुए दिखते हैं। आम जनता माँग कर रही है कि राहुल गाँधी के इस दौरे का पूरा विवरण भारतीय गृह मंत्रालय तलब करे। आखिर विदेशी महिलाओं को लेकर नेहरू-गाँधी परिवार की ये कैसी सनक है?

नेपाल में राहुल गाँधी: भारत विरोधी ‘दोस्त’ की शादी, चीनी अधिकारी के साथ पार्टी

सबसे पहले जानकारी दे दें कि राहुल गाँधी अपने एक पत्रकार मित्र की शादी में हिस्सा लेने काठमांडू गए हैं, जिनके पिता म्यांमार में नेपाल के राजदूत रहे हैं। इस दोस्त का नाम है सुमनिमा उदास, जो लंबे समय तक CNN में कार्यरत थीं। जहाँ तक सुमनिमा उदास का सवाल है, वो अक्सर भारत विरोधी एजेंडे के कारण सुर्ख़ियों में रहती हैं। जब नेपाल और भारत के बीच नक़्शे को लेकर तनाव चल रहा था, तब भी उन्होंने उस दौरान भड़काऊ बातें की थीं।

सुमनिमा उदास ने कोरोना महामारी के दौरान भी वैक्सीन को लेकर भारत सरकार के खिलाफ अफवाह फैलाया था। सुमनिमा ने कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश के ट्वीट को रीट्वीट किया था। उन्होंने ‘द वायर’ के उस लेख को शेयर किया था, जिसमें लिखा था कि पीएम मोदी वास्तविकता से दूर हैं और उन्होंने सभी संस्थाओं को ख़त्म कर दिया है। उन्होंने भारत विरोधी वामपंथन अरुंधति रॉय के उस लेख को भी शेयर किया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘खतरनाक’ बताते हुए कहा गया था कि भारत सरकार लोगों को महामारी से बाहर निकालने में असफल रही है।

जब केंद्रीय विदेशी मंत्री एस जयशंकर ने गौतम बुद्ध को भारत के महान व्यक्तित्वों में गिना था, तब सुमनिमा उदास ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जामिया के उपद्रवियों का भी समर्थन किया था। साथ ही वो भारत में महिलाओं के साथ भेदभाव का दावा करने वाले आर्टिकल को भी आगे बढ़ा चुकी हैं। इसी तरह इस शादी कार्यक्रम में चीन की जिस राजदूत के साथ राहुल गाँधी को देखा गया, उस होउ यांकी पर हनीट्रैप के माध्यम से अपने देश का काम निकलवाने के आरोप लगते रहे हैं।

होऊ यांकी 2018 से नेपाल में चीन की राजदूत हैं। उनके लिए दावा किया जाता है कि नेपाल की सत्ता के गलियारों से लेकर सेना के मुख्यालय तक उनकी घुसपैठ है। जुलाई 2020 में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हनी ट्रैप में फँसाने की खबरें सामने आई थी। कहा गया था कि यांकी कहने पर ही ओली ने एक नक्शा पास करवाया था, जिसमें उत्तराखंड के तीन जगह कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को अपना हिस्सा बताया था। इसके अलावा नेपाल के कुछ इलाकों पर चीन द्वारा अतिक्रमण करने की भी खबरें आई थी।

ऐसे में भला क्यों राहुल गाँधी के इस दौरे को निजी माना जाए, जहाँ उनके इर्दगिर्द भारत के विरोधियों का जमावड़ा हो? क्या अगर भारत के किसी अधिकारी को विदेश में देश विरोधी महिलाओं के साथ देखा जाता, तो उस पर कार्रवाई नहीं होती? फिर नेताओं पर क्यों नहीं? राहुल गाँधी भले विपक्ष में हैं, लेकिन 2004-14 तक पूरे देश में उनके परिवार का राज था और वो खुद भी सक्रिय थे। देश के 5 राज्यों में कॉन्ग्रेस सत्ता में है या सत्ताधारी गठबंधन में है। ऐसे में ये दलील नहीं चल सकती कि राहुल गाँधी विपक्ष में हैं, इसीलिए उनकी कोई जवाबदेही नहीं बनती।

जवाहरलाल नेहरू और एडविना माउंटबेटन: एक कहानी यह भी

जवाहरलाल नेहरू के साथ एडविना माउंटबेटन का नाम अक्सर जुड़ता रहा है। चाहे एडविना के क़दमों में बैठना हो, उनके होठों में दबाया हुआ सिगरेट सुलगना हो या फिर किसी चुटकुले पर उनके आगे मुँह कर के हँसना हो – इससे जुड़ी तस्वीरें और कहानियाँ अक्सर लोगों के सामने आती रहती हैं। लुइस माउंटबेटन भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय थे और एडविना उनकी पत्नी। भारत-पाकिस्तान विभाजन उनके ही कार्यकाल में हुआ।

जवाहरलाल नेहरू और एडविना माउंटबेटन के रिश्ते के कई पहलू आज भी राज ही हैं। UK की एक संस्था ने दोनों के बीच हुए पत्राचार और एडविना की पर्सनल डायरी के कंटेंट्स को रिलीज करने की माँग हाल ही में ठुकरा दिया। इसमें आखिर ऐसा क्या है, जिसे छिपाया जा रहा है? कई रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि भारत की आज़ादी के बाद भी दोनों के रिश्ते चलते रहे। एडविना ज्यादा किसी से बात नहीं करती थीं, लेकिन नेहरू से उनके करीबी रिश्ते थे।

एडविना की बेटी पामेला ने बताया था कि दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। नेहरू उनसे मिलने ब्रिटेन भी गए थे, जब वो हैम्पशायर में एक होटल में रुके थे। एक लेखक ने दावा किया था कि नेहरू को ‘बुद्धिमान महिलाएँ’ पसंद थीं। सरोजिनी नायडू की बेटी पद्मजा से भी नेहरू क्लोज थे और गुस्से में पद्मजा ने एक बार गुस्से में एडविना पर फोटो फ्रेम फेंका था, लेकिन बाद में दोनों अच्छे दोस्त बन गए – ऐसा लेखकों ने दावा किया है। सवाल उठते रहते हैं कि क्या एडविना को नेहरू ने गोपनीय सूचनाएँ दी?

यहाँ फिर निजी ज़िन्दगी से अलग हट कर सवाल उठता है कि जिस तरह सार्वजनिक जगहों पर भी नेहरू एडविना के सामने नतमस्तक रहते थे, ऐसे में भारत जैसे गौरवशाली देश के प्रधानमंत्री होने के कारण क्या उन्हें इन चीजों का ध्यान नहीं रखना चाहिए था? शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने अप्रैल 2009 में दावा किया था कि नेहरू-एडविना के रिश्ते के कारण देश का विभाजन हुआ। उनका मानना था कि लुइस माउंटबेटन ने अपनी बीवी के साथ नेहरू के रिश्ते का फायदा उठाया और देश को धोखा मिला।

राजीव गाँधी और सोनिया गाँधी के रिश्ते पर भी कई बार उठे हैं सवाल

राहुल गाँधी की माँ सोनिया गाँधी भी मूल रूप से इटली की हैं। 1956 में अपने दोस्तों के साथ लंदन के वर्सिटी रेस्टॉरेंट में पार्टी करते हुए राजीव गाँधी की नजर सोनिया पर पड़ी, जिनका नाम तब एंटोनियो माइनो हुआ करता था। तब कैम्ब्रिज में पढ़ रहीं सोनिया गाँधी उस होटल में पार्ट टाइम वेट्रेस का काम करती थीं। रेस्टॉरेंट का मालिक राजीव का दोस्त था, जिसे पैसे देकर उन्होंने सोनिया के करीब आने की व्यवस्था कराई और राजीव गाँधी द्वारा सूचित किए जाने के बाद उनकी माँ इंदिरा गाँधी भी अपने होने वाले बहू से मिलने लंदन पहुँचीं।

1967 में राजीव गाँधी भारत लौटे और अगले साल सोनिया गाँधी, जिनके रहने की व्यवस्था अमिताभ बच्चन के घर में की गई थी। कहा जाता है कि राजीव गाँधी राजनीति में नहीं आना चाहते थे, लेकिन संजय गाँधी की प्लेन क्रैश में मौत और इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनना पड़ा। सोनिया गाँधी के कॉन्ग्रेस नेतृत्व संभालने के बाद कई नेताओं ने पार्टी तोड़ दी। 2004 में उन्हें प्रधानमंत्री न बनने देने के लिए कई नेताओं ने विरोध जताया था।

सोशल मीडिया में लोक अक्सर ये बातें करते रहते हैं कि क्या सोनिया गाँधी विदेशी एजेंट हैं? इन बातों की भले ही कहीं कोई पुष्टि नहीं हुई हो, लेकिन जब बात उठती है तो पीछे कोई न कोई कारण होता ही है। इन चर्चाओं में कभी रूसी एजेंड़ी KGB के साथ सोनिया गाँधी का नाम जोड़ा जाता है तो कभी अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA के साथ। गाँधी परिवार के करीबी और UPA काल में विदेश मंत्री रहे नटवर सिंह ने ही कहा था कि CIA ने यूपीए शासनकाल में अच्छा दबदबा बना कर रखा हुआ था।

विदेशी महिलाएँ और नेहरू-गाँधी परिवार: उठते रहते हैं देशहित से समझौते के सवाल

विदेशी महिलाएँ किस तरह कहीं दखल देकर काम बिगाड़ सकती हैं, इसका उदाहरण हम भारत में देख सकते हैं। 14 अप्रैल, 1975 में सिक्किम की 97.55% जनता ने मिल कर इसे भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने के लिए वोट दिया। उस समय चोग्याल वंश का सिक्किम पर शासन था और चीन हिमालय पर बसे इस राज्य को हथियाने की फ़िराक़ में था। पाल्डेन थोंडुप नामग्याल तब सिक्किम का राजा था। वो गंगटोक स्थित महल में ही भारतीय सेना से घिरा हुआ था। उसकी पत्नी तब 2 बच्चों के साथ न्यूयॉर्क में रहती थी।

51 वर्षीय नामग्याल की पत्नी होप कुक अमेरिकन थी और और उन्होंने उस वक़्त इस मतसंग्रह को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था। नामग्याल सिक्किम को भारत से लगातार दूर कर रहा था और अपनी अमेरिकन पत्नी के कहने अनुसार भारत के लिए लगातार समस्याएँ खड़ा कर रहा था। क्या इसकी कोई गारंटी है कि लॉर्ड माउंटबेटन या फिर राहुल गाँधी की जिन लड़कियों के साथ तस्वीरें अक्सर वायरल होती रहती हैं, उन्हें किसी खास मकसद के लिए नहीं भेजा गया हो?

राहुल गाँधी को भी अपना निजी जीवन जीने का पूरा अधिकार है देश के बाकी नागरिकों की तरह, लेकिन जहाँ सवाल उठते हैं वहाँ जवाब भी दिया जाना चाहिए। जवाब सुमनिमा उदास के भारत विरोधी रवैयों को लेकर दिया जाना चाहिए। भारत विरोधी चीनी राजदूत के साथ उनकी नजदीकी पर दिया जाना चाहिए। खासकर तब, जब उनके विदेश दौरे अक्सर गुप्त रहते हैं और कोई भी बात खुलने पर कॉन्ग्रेस के प्रवक्तागण उनका बचाव करने के लिए मीडिया में बैठे रहते हैं।

IAS अधिकारी की इकलौती बेटी से लव जिहाद की आशंका, अब्दुल रहमान के खिलाफ FIR, एक्शन में यूपी पुलिस

एक IAS अधिकारी ने अपनी इकलौती बेटी के लव जिहाद का शिकार होने की आशंका जताई है। केंद्र सरकार में अनुसचिव के पद पर कार्यरत अधिकारी ने एक मुस्लिम युवक पर बेटी से धोखाधड़ी कर शादी करने का आरोप लगाते हुए में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमे में दिल्ली के खन्ना मार्केट के आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और गाजियाबाद के छोटी बजरिया स्थित वैदिक हिंदू सभा को भी आरोपित बनाया गया है, जिसकी ओर से उनकी बेटी और आरोपित युवक की शादी का प्रमाण-पत्र जारी किया गया है।

मामले में अनुसचिव ने पहले नोएडा पुलिस में शिकायत की थी। वहीं नोएडा पुलिस द्वारा सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दिल्ली पुलिस से गुहार लगाई थी, जहाँ से शिकायत को गाजियाबाद ट्रांसफर किया गया था। मामले में सीओ कोतवाली स्वतंत्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी में केस दर्ज कर लिया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएँगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की माँ ने बताया, “2016 में उनकी बेटी यूक्रेन से एमबीबीएस कर लौटी और आगे की पढ़ाई के लिए कोचिंग के साथ इंटर्नशिप करने लगी। तभी उनके पति का ट्रांसफर हो गया और वे बेटी को यहाँ छोड़कर चले गए। कुछ दिन बाद बेटी को जली हालत में अस्पताल में भर्ती कराने की सूचना मिली। वह पहुँची तो अब्दुल रहमान नाम का एक व्यक्ति बेटी के पास मिला। तीन माह तक इलाज और सर्जरी के बाद वह बेटी को अपने साथ ले गईं।”

मामले में मीडिया रिपोर्ट में लड़की की माँ के हवाले से बताया गया है कि कुछ दिन बाद जब उनकी बेटी नोएडा के किसी अस्पताल में नौकरी लगने की बात कहकर चली गई और फिर उससे उनका संपर्क नहीं हुआ। बाद में वह भी बेटी को तलाशती नोएडा चली आईं और युवक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली के मंदिर में अब्दुल रहमान ने बेटी से शादी कर गाजियाबाद की संस्था से हिंदू मैरिज एक्ट के तहत शादी का प्रमाण-पत्र भी हासिल कर लिया था।

माँ ने अब्दुल रहमान के पीएफआइ (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बेटी कभी भी लव जिहाद का शिकार हो सकती है, क्योंकि वह उन्हें धमकी देता है। पीड़िता के माँ बताया कि अब्दुल रहमान यूनानी चिकित्सा का कोर्स कर रहा था और बेटी से परिचय नहीं था। उन्होंने बेटी को दवा देकर वश (हिप्नोटाइज) में करने का भी आरोप लगाया।

‘मुझे गिरफ्तार कर कट्टरपंथियों को दिया रमजान का तोहफा’: केरल के CM पर बरसे पीसी जॉर्ज, कहा था- मुस्लिम होटलों में हिंदुओं को नपुंसक बनाने की देते हैं दवा

केरल के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज (PC George) को तिरुवनंतपुरम की एक अदालत ने जमानत दे दी है। जॉर्ज को मुस्लिमों के खिलाफ उनकी कथित विवादास्पद टिप्पणी के लिए रविवार (1 मई 2022) को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा उन्हें गिरफ्तार कर मुख्यमंत्री ने कट्टरपंथी मुस्लिम समूहों को रमजान का तोहफा दिया है। जमानत मिलने के बाद जॉर्ज ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यह दोहराया कि वे अब भी अपनी हर बात पर कायम हैं।

जॉर्ज ने पत्रकारों से कहा, “मैं एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मैं अपनी कही गई हर बात पर अब भी कायम हूँ। अगर मैंने कभी कुछ गलत कहा है, तो अपने शब्दों को वापस लेने और माफी माँगने से कभी भी हिचकिचाया नहीं हूँ। मेरा भाषण हिंदू महासम्मेलन के आयोजन स्थल पर था। मैंने वहाँ यह कहा था कि मुझे मुस्लिम कट्टरपंथियों के वोटों की जरूरत नहीं है, मुझे ऐसे किसी शख्स के वोट की जरूरत नहीं है, जो भारत से प्यार नहीं करता। फिर चाहे वह ईसाई हो, मुस्लिम हो या हिंदू हो। ऐसा कहने पर मैं एक सांप्रदायिक व्यक्ति कैसे बन सकता हूँ? मेरी गिरफ्तारी आतंकवादी मुस्लिमों के लिए रमजान पर पिनाराई विजयन का तोहफा है।”

जॉर्ज ने अदालत के बाहर मौजूद संवाददाताओं को यह भी बताया कि उन्हें मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया ​है कि वह इस मामले की जाँच में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। साथ ही गवाहों को प्रभावित, अभद्र भाषा का प्रयोग और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहने के लिए कहा है।

उल्लेखनीय है कि तिरुवनंतपुरम में अनंतपुरी हिंदू महासम्मेलन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के बाद पीसी जॉर्ज को रविवार तड़के कोट्टायम जिले के एराट्टुपेटा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। मुस्लिम लीग और माकपा ने जॉर्ज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने भी पीसी जॉर्ज की गिरफ्तारी का विरोध किया था और कहा था कि यह अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार पर अंकुश लगाने के लिए पिनराई विजयन सरकार द्वारा अपनाई गई नीति का हिस्सा है।

क्या है पूरा मामला

जॉर्ज 29 अप्रैल को अनंतपुरी हिंदू महासम्मेलन में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जमकर बरसे थे। उन्होंने यहाँ लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि मुस्लिमों के रेस्टोरेंट में हिंदुओं को नपंसुक बनाने की कोशिश की जा रही है। मुस्लिमों के रेस्टोरेंट में दूसरे धर्म के लोगों के लिए संदिग्ध ड्रॉप का उपयोग किया जाता है, जो नपुंसकता का कारण बनती है। ऐसे रेस्टोरेंट का बहिष्कार किया जाना चाहिए। वह यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, “मुस्लिम दूसरे धर्म के लोगों को नपुंसक बनाकर देश पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। हिन्दू और ईसाई महिलाएँ बच्चे नहीं करना चाहती हैं, जबकि मुस्लिम समाज अपनी आबादी बढ़ा रहा है। मैं यही कहूँगा कि हिंदू और ईसाई धर्म की महिलाओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए। जब ​​भी मैं किसी शादी में जाता हूँ, तो नवविवाहित जोड़े को यही बताता हूँ।” जॉर्ज के इस बयान के बाद द मुस्लिम यूथ लीग के राज्य महासचिव पीके फिरोस ने अगले दिन यानी 30 अप्रैल को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और डीजीपी अनिल कांत के पास मुस्लिम समुदाय का अपमान करने को लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

बता दें कि पीसी जॉर्ज केरल कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता भी रह चुके हैं। 70 वर्षीय पीसी जॉर्ज ने 33 वर्षों तक राज्य विधानसभा में पुंजर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। जॉर्ज ने केरल कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद केरल जनपक्षम सेक्युलर पार्टी का गठन किया था। वह 2021 के चुनाव में अपने ही गढ़ पुंजर से विधानसभा चुनाव हार गए थे।

अभिनेत्री ने शत्रुघ्न सिन्हा पर लगाया ‘सेक्स स्कैम’ का आरोप, कहा – ‘बेहोश कर करते थे ट्रेड, मेरी वर्जिनिटी बेच सोनाक्षी को बनाया स्टार’

अभिनेत्री पूजा मिश्रा ने वरिष्ठ अभिनेता और तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बात करते हुए पूजा मिश्रा ने आरोप लगाया कि सिन्हा परिवार ने उनका जीवन और करियर तबाह कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शत्रुघ्न सिन्हा और उनके परिवार ने उनके साथ ‘सेक्स स्कैम’ किया है। इन आरोपों पर आसनसोल के सांसद या उनके परिवार की तरफ से फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पूजा मिश्रा ने आरोप लगाया कि शत्रुघ्न सिन्हा उन्हें बेहोश कर के ट्रेड करते थे। उन्होंने कहा, “मेरी वर्जिनिटी बेच कर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बेटी सोनाक्षी को स्टार बनाया।” बकौल पूजा मिश्रा, उन्होंने 17 वर्षों तक ये सब झेला है और उनकी जगह कोई और होता तो अब तक आत्महत्या कर चुका होता। पूजा मिश्रा इससे पहले सलमान खान और उनके भाइयों पर उनके आठ बलात्कार के आरोप लगा चुकी हैं। उनके पिता पद्माकर मिश्रा आयकर विभाग में अधिकारी थे।

पूजा मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने शत्रुघ्न सिन्हा और उनके दोस्तों की कई बार करोड़ों रुपयों की मदद की, लेकिन अब यही लोग उनके पीछे हाथ धो कर पड़े हुए हैं। उनके अनुसार, उनके पिता और ‘बिहारी बाबू’ एक अच्छे दोस्त हुआ करते थे और इनकम टैक्स में रहते हुए उन्होंने सैकड़ों करोड़ रुपयों से उनकी मदद की। उन्होंने सिन्हा परिवार को ‘दोगला’ बताते हुए कहा कि मुंबई में शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने उनके पिता का ब्रेनवॉश करते हुए ये बताया था कि बॉलीवुड में केवल वेश्याएँ काम करती हैं।

उनका कहना है कि उनका पत्ता काटने और अपनी बेटी के लिए जगह बनाने के लिए पूनम सिन्हा ने ऐसा बोला था। पूजा मिश्रा ने आगे कहा कि उनके पिता 2005 में सेवानिवृत्त होकर पुणे चले गए और तभी से सिन्हा दंपति ने उन्हें दबाना शुरू कर दिया। बकौल पूजा मिश्रा, तब वो वीडियोकॉन के गेस्ट हाउस में ठहरी हुई थीं और उन पर सिन्हा दंपति काला जादू करवाते थे। उन्होंने अपनी 35 फ़िल्में चुराने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ये डर था कि वो उनसे ज्यादा लोकप्रिय न बन जाएँ।

पूजा मिश्रा ने आरोप लगाया, “सिन्हा परिवार लालची और राक्षस है। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस जाते थे। इन्होंने मेरे स्पॉन्सर्स चुरा लिए। जब मैं शत्रुघ्न सिन्हा को कैंडल लेकर जन्मदिन विश करने गई थी, तब उन्होंने पूनम सिन्हा ने मुझे कुछ खिला कर मुझ पर काला जादू किया। 2007-14 तक मैं लखोंडवाला में अपने फैमिली अपार्टमेंट में रहती थी और ऊपर सिन्हा परिवार रहता था। मैं सिंगापुर से शॉपिंग कर के आती थी। ये लोग मेरे घर में घुस कर मेरी चीजें चुरा लेते थे और सोनाक्षी सिन्हा को पहनाते थे।”

पूजा मिश्रा का आरोप है कि फिर अख़बार में उन्हीं पोशाकों में सोनाक्षी सिन्हा की तस्वीरें छपवाई जाती थीं। उन्होंने कहा कि सिन्हा परिवार ने उनके मीडिया कॉल्स भी टर्मिनेट करवा दिए। बेहोशी की हालत में उनका देह-व्यापार करने का आरोप लगा कर पूजा मिश्रा ने कहा कि उनकी वर्जिनिटी बेच-बेच कर सोनाक्षी सिन्हा फैशन डिजाइनर बनने वाली थीं, लेकिन वो अभिनेत्री बन गईं। उन्होंने कहा, “मेरी शादी शत्रुघ्न सिन्हा की वजह से नहीं हुई। शत्रुघ्न सिन्हा ने ड्रग्स खिला कर मेरा कई बार फायदा उठाया।”