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‘चमत्कार, नौकरी, इलाज, लालच… धर्मान्तरण के लिए हर तरह का हथकंडा’: ISCON के संत अमोघ दास ने ईसाई मिशनरियों का उड़ाया मजाक, वीडियो वायरल

हिंदू संत और दिल्ली के द्वारका में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISCON) सेंटर के उपाध्यक्ष अमोघ लीला दास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ईसाई मिशनरियों द्वारा लोगों का धर्मान्तरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली घटिया ट्रिक्स का मजाक उड़ाया है। उनका ये वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि इस्कॉन ईसाइयों की तरह हिंदुओं का धर्मान्तरण नहीं करवाता है।

ये वीडियो सबसे पहले Youtube चैनल ‘Citti Media’ ने अपलोड किया। इसमें लीला दास को विस्तार से ये बताते हुए देखा जा सकता है कि कैसे मिशनरी लोग मसीह की तरफ खींचने के लिए चमत्कारों का नाटक करते हैं। उन्होंने ईसाई मिशनरियों की एक्टिंग करते हुए बताया कि किस तरह से ईसाई मिशनरी रोगियों को ईसा मसीह की प्रतिमा या क्रॉस द्वारा छुआ कुछ जादुई पेय पिलाकर दैवीय शक्ति का नाटक करते हैं। आप देखते हैं कि वो जादुई चीज पीते ही मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर नाचने लगता है। ‘यीशु मसीह का जादू देखें’- ईसाई मिशनरियों का ये ऐसा कार्य है, जो कि पूरे भारत में धर्मान्तरण सभाओं में आम है।

दास ने आगे कहा, “वे (मिशनरी) चमत्कार दिखाते हैं औऱ इसे अगले लेवल तक नाटकीय बनाते रहते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि लोग ईसाई धर्म को स्वीकार करें। इसके अलावा वे अस्पताल में इलाज, नौकरी या किसी का धर्मान्तरण होने पर पाँच हजार रुपए और लोगों के धर्मान्तरण के लिए इस तरह के सभी सस्ते तरीके अपनाते हैं।” इस तरह के मामलों में इस्कॉन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, “हम आध्यात्मिक शिक्षा पर जोर देते हैं। हम सनातन धर्म में लोगों को शामिल करने के लिए मजबूर नहीं करते और ऐसे सस्ते हथकंडे भी नहीं अपनाते। हम उन्हें शिक्षित औऱ प्रेरित करते हैं औऱ हमारे पास उनके सभी सवालों के जवाब हैं।”

एक घटना का जिक्र करते हुए सनातनी संत ने एक ईसाई मिशनरी के अजीबोगरीब दावे का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं एक बार एक मिशनरी को यह कहते हुए सुन रहा था कि कोई भी हो अगर वो ईसा मसीह के अलावा आ रहा है तो वो शैतान से आ रहा है, जिसमें वे ‘हरे कृष्ण’ भी शामिल हैं, जिनके पास इस ग्रह पर सभी सवालों के जवाब हैं। एक तरह से वो हमारी तारीफ कर रहा था।” दास ने कहा, “हम इस तरह से कभी नहीं कहते। हम एक्सक्लूसिविस्ट नहीं बल्कि इनक्लूसिविस्ट हैं।”

गौरतलब है कि ईसाई मिशनरियों का खतरा जो ‘मूल निवासियों को एक धर्म के साथ सभ्य बनाने’ के इरादे से भारत में विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। पिछले साल 2021 में कोविड के बीच भारत में 1 लाख से अधिक लोगों का धर्मान्तरण करवाया था। 25 सालों में भारत में सामूहिक रूप से कई चर्च बने हैं।

बरेली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, मुस्तकीम और नईम बजा रहे थे बेधड़क गाने: वीडियो वायरल होने पर चढ़े यूपी पुलिस के हत्थे

उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारे लगाने के मामला फिर सामने आया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि मुस्लिम दुकानदार गाना बजा रहा है, जिसमें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। इस मामले में थाने में तहरीर दी गई है।

मामला बरेली के भुता थाना क्षेत्र के सिंघाई मुटावान गाँव का है। इस गाँव का मुस्तकीम नाम का दुकानदार अपने साथी नईम के साथ मोबाइल पर गाने बजा रहा था। इस गाने में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे थे। उसके दुकान के बगल से गुजरते हुए हिंदूवादी नेता हिमांशु पटेल और आशीष पटेल ने जब व्यक्ति ने इस पर टोका तो उसने गाना बंद करने के बजाए धमकाते हुए बोला कि उसकी मर्जी है, जो मन करेगा वह सुनेगा। उसने कहा कि जिससे कहना है जाकर कह दो। इसके बाद उसने गाने की आवाज और तेज कर दी।

मुस्तकीम की इस हरकत का आशीष ने उसका वीडियो बना लिया। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए हिमांशु ने पुलिस से कार्रवाई करने की माँग की। वीडियो का पुलिस ने संज्ञान ले लिया है। इसके बाद दोनों थाने पहुँचकर इस मामले में पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में कहा गया है कि आरोपित पाकिस्तान के गाने बजाकर गाँव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। तहरीर मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।

पुलिस के गाँव पहुँचने से पहले ही आरोपित दुकानदार फरार हो गया था। हालाँकि पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सामने आए वीडियो की भी जाँच करवाई जा रही है। गाँव के लोगों में इस मामले को लेकर रोष है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि यूपी ही नहीं, देश भर में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाकर बहुसंख्यकों को उकसाने की कोशिश की जाती रहती है। इससे पहले मार्च में डुमरियागंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सैय्यदा खातून की जीत के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए थे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के आधार पर सिद्धार्थनगर पुलिस ने FIR दर्ज कर लिया था।

इसके अलावा, पिछले महीने ही आगरा में स्थित ताजमहल परिसर में शाहजहाँ के उर्स के दौरान ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ सहित भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। इसके बाद परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नारे लगाने वाले लोगों को पकड़ लिया था और उनकी पिटाई कर दी थी।

गौ-तस्कर, गैंगस्टर मोहम्मद मुजफ्फर पर योगी सरकार का एक्शन, ₹5 करोड़ की संपत्ति कुर्क, सपा की टिकट पर जेल में रहकर जीता था ब्लॉक प्रमुख का चुनाव

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Aadityanath) अपराधियों पर लगातार कड़े एक्शन ले रही है। इसी क्रम में प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटर अपराधी और कौढिहार ब्लॉक के प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने बुधवार (13 अप्रैल 2022) को उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी करीब 5 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया।

कुर्क की गई संपत्तियों में बेशकीमती जमीनें और मकान शामिल हैं। मुजफ्फर सपा का समर्थक है। उसकी पहुँच का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नैनी जेल में बंद रहते हुए उसने सपा की टिकट पर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता था। मोहम्मद मुजफ्फर अंतरराज्यीय गौ तस्करी का गिरोह चलाता था। उसके खिलाफ कौशाम्बी, खागा फतेहपुर, फूलपुर और नवाबगंज जैसी कई जगहों पर 30 से अधिक केस दर्ज हैं।

मुजफ्फर के खिलाफ नवंबर 2018 में नवाबगंज थाने में डीसीएम में भरकर प्रतिबंधित मांस बेचने के आऱोप में केस दर्ज किया गया था औऱ गिरफ्तार भी किया गया था। उसी दौरान उसके गौ तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। यहीं नहीं मुजफ्फर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था।

एसएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

प्रयागराज के एसएसपी अजय कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई की। आईपीएस अधिकारी ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, “ये जिले के घूमनगंज थाना क्षेत्र का मामला है। हिस्ट्रीशीटर कुख्यात गौ तस्कर, माफिया मोहम्मद मुजफ्फर की करीब 5 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। पूरामुफ्ती थाने पर इस कुख्यात अपराधी की हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। मोहम्मद मुजफ्फर के प्लॉटों को जब्त किया गया है।

इसके साथ ही एसएसपी ने लोगों से अपराध और माफियागीरी से बचने की अपील करते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर कोई इस तरह के काम करेगा तो उसके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मोहम्मद मुजफ्फर सपा के गैंगस्टर और बाहुबली नेता अतीक अहमद का रिश्तेदार भी है।

‘ट्विटर में असीमित क्षमता.. मैं इसे अनलॉक करूँगा’: एलन मस्क ने की ₹327354 करोड़ में कंपनी के 100% शेयर खरीदने की पेशकश

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को खरीदने की पेशकश कर दी है। मस्क ने ट्विटर के 100% शेयर के लिए $54.20 (करीब 4000 रुपए) प्रति शेयर के हिसाब से भुगतान करने का ऑफर दिया है, जिसकी कुल कीमत करीब 43 बिलियन डॉलर (करीब 327354 करोड़ रुपए) है।

मस्क ने गुरुवार (14 अप्रैल 2022) को अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग के साथ की गई एक फाइलिंग के बाद पूरी कंपनी के अधिग्रहण की पेशकश कर दी। उनके इस ऐलान के बाद अचानक से ट्विटर के शेयरों में 18 फीसदी की तेजी आ गई। इससे पहले हाल ही में अरबपति बिजनेसमैन ने ट्विटर में 9.2% हिस्सेदारी हासिल करने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही इसकी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वो कंपनी का अधिग्रहण कर सकते हैं। इसी हिस्सेदारी की बदौलत उन्हें कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया गया था, जिसे स्वीकार करने के बाद उन्होंने बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

दरअसल, बोर्ड में शामिल किए जाने को लेकर शर्त रखी गई थी वो कंपनी में 15% से अधिक की हिस्सेदारी नहीं खरीद पाएँगे। लेकिन एक इंडिपेंडेंट इन्वेस्टर के तौर पर वो इस शर्त से आजाद हैं और अब उन्होंने पूरी कंपनी को ही खरीदने का ऑफर पेश कर दिया है।

‘फ्री स्पीच’ लोकतंत्र के लिए जरूरी

अपनी पेशकश को लेकर मस्क ने ट्विटर बोर्ड के अध्यक्ष को लिखे गए पत्र में ये स्पष्ट किया कि वो दुनिया भर में फ्री स्पीच में विश्वास करते हैं, उनका मानना ​​​​है कि फ्री स्पीच लोकतंत्र के लिए एक सामाजिक अनिवार्यता है। उन्होंने पत्र में लिखा, “निवेश की पेशकश करने के बाद मुझे एहसास हुआ है कि कंपनी न तो पनपेगी और न ही अपने मौजूदा स्वरूप में इस सामाजिक अनिवार्यता को पूरा करेगी। ट्विटर को एक निजी कंपनी के रूप में बदलने की जरूरत है।”

ट्विटर को खरीदने की पेशकश करते हुए मस्क ने कहा, “मैं ट्विटर के 100% को $54.20 प्रति शेयर के लिए खरीदने की पेशकश कर रहा हूँ, जिस दिन मैंने ट्विटर में निवेश करना शुरू किया उस दिन 54% प्रीमियम और मेरे पहले दिन में 38% प्रीमियम निवेश की सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई थी।” टेस्ला सीईओ ने ये भी कहा कि ये उनका अंतिम प्रस्ताव है। अगर इसे नकारा जाता है तो वो कंपनी में अपनी शेयरहोल्डिंग पर विचार करेंगे।

एलन मस्क ने कहा, “ट्विटर में असाधारण क्षमता है। मैं इसे अनलॉक कर दूँगा।” इसके साथ ही उन्होंने एक लिंक भी पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने एक प्रस्ताव दिया है।”

गौरतलब है कि इससे पहले एलन मस्क ने अपना खुद का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का इशारा भी किया था।

6 फेसबुक आईडी, सिर्फ मुस्लिमों से दोस्ती, जेहाद और जन्नत की बात: ATS के सामने टूटे मुर्तजा अब्बासी के अब्बू, कहा- बन चुका है ‘कट्टर’

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur, UP) स्थित गोरखनाथ मंदिर हमला केस में एटीएस (ATS) ने कई और बड़े खुलासे किए हैं। एटीएस ने आरोपित अहमद मुर्तजा अब्बासी (Murtaza Ahmad Abbasi) के कमरे से कई उपकरण उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके साथ उसके कई सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी मिली है। यह बात भी सामने आई है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के दोबारा सत्ता में आने के बाद वह बौखला गया था और हमला करने का निर्णय लिया था।

ATS को मुर्तजा के कमरे से 3 और ब्रांडेड एयर गन मिला है। इससे पहले भी तीन एयर गन बरामद किए जा चुके हैं। मुर्तजा ने ATS को बताया कि वह स्नाइपर (निशानेबाज) बनना चाहता था, इसलिए एयरगन रखता था। वह जेहाद और जन्नत की बातें करता रहता है। वह इंटरनेट पर बम बनाने के नए-नए तरीके सर्च करते रहता था।

इतना ही नहीं, एटीएस ने लैपटॉप, मोबाइल और अन्य चीजें भी बरामद की हैं, जिनकी अभी फॉरेंसिक जाँच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है। जानकारी के मुताबिक, एटीएस इस मामले में अब तक 50 से ज्यादा लोगों का बयान ले चुकी है। मुर्तजा के बैंक खाते में जमा 20 लाख रुपए को देखते हुए विदेशी फंडिंग का अंदेशा जताया जा रहा है।

यूपी एटीएस की जाँच में यह खुलासा भी हुआ है कि मुर्तजा सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहता था। फेसबुक पर उसकी 6 आईडी हैं और हर आईडी में करीब 1,000 दोस्त। इनमें उसके केवल मुस्लिम दोस्त ही हैं। एटीएस को इनमें अभी तक सिर्फ एक गैर-मुस्लिम युवक मिला है, जो महाराष्ट्र का रहने वाला है। उसने मुर्तजा के साथ आईआईटी (IIT) की पढ़ाई की है।

मुर्तजा अपने फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड इतना टेक्निकल रखता था, ताकि उसे आसानी से डिकोड न किया जा सके। फेसबुक के अलावा इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और ट्विटर पर भी मुर्तजा का एक-एक एकाउंट मिला है। हैरत की बात यह है कि जिस मुर्तजा को उसके परिवार वाले दिमागी तौर पर बीमार बता रहे थे, उसके सोशल मीडिया का पासवर्ड देख एटीएस भी हैरान रह गई। पासवर्ड इतने लंबे और कठिन थे कि बिना मुर्तजा की मदद के उसे डिकोड करना एटीएस के लिए भी मुश्किल था।

एटीएस का मानना है कि इतने कठिन पासवर्ड और अपने जानने वालों में से अधिकतर का नंबर याद रखने वाला शख्स दिमागी तौर पर बीमार नहीं हो सकता। अब मुर्तजा के अम्मी-्अब्बू से भी एटीएस मुख्यालय में अलग से पूछताछ हो रही है। वहीं, उसके अब्बू ने अब मान लिया है कि उन्हें पता था कि मुर्तजा कट्टर हो चुका है और वे उसकी गतिविधियों से परिचित थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी बनने के चक्कर में उसे सोशल मीडिया पर चूना भी लग चुका है। दरअसल सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए उसकी एक लड़की से दोस्ती हो गई। उसने मुर्तजा को ISIS जैसे खूंखार संगठन का टॉप कमांडर बनाने का झाँसा दिया और आठ लाख रुपए ठग लिए।

एटीएस अब तक की गई पूछताछ की कड़ी से कड़ी मिलाने में लगी हुई है। मुर्तजा ने पूछताछ में जो भी बयान दिए हैं और जहाँ-जहाँ जाने की बात कही है, उन सभी जगहों की एटीएस पुष्टि कर रही है। जहाँ जरूरत पड़ रही है, टीम उसे लेकर जा रही है। वह अपने बयान से टीम को लगातार गुमराह भी कर रहा है।

उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने TV पत्रकार को गिफ्ट किया लग्जरी फ्लैट, लोगों ने भारतीय पत्रकारों के लिए मजे, सोशल मीडिया पर किया टैग

कम्युनिस्ट नेता और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने कथित तौर पर उत्तर कोरिया में एक अनुभवी पत्रकार को एक लक्जरी फ्लैट उपहार में दिया है। री चुन ही (Ri Chun Hi) 50 साल के अपने करियर में उत्तर कोरियाई टेलीविजन का एक प्रमुख चेहरा रही हैं। वह उत्तर कोरियाई ब्रॉडकॉस्टर कोरियाई सेंट्रल टेलीविजन की एंकर हैं।

जैसे ही एनडीटीवी द्वारा यह खबर दी गई वैसे ही कई भारतीय नेटिज़न्स ने भारतीय राजनेताओं और पत्रकारों को टैग करना शुरू कर दिया।

कुछ नेटिज़न्स ने कहा कि भारतीय पत्रकारों पर भी यह न्यूज़ सटीक बैठता है, जहाँ राजनेता पत्रकारों को लाभान्वित करते आ रहे हैं।

कुछ नेटिज़न्स ने कहा कि भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर कोरियाई तानाशाह की तरह थे। हालाँकि, वे ऐसा क्यों कह रहे हैं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

कुछ ट्विटर यूजर्स ने इस खबर में द वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह को भी टैग किया। हालाँकि, यहाँ फिर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि माजरा क्या है?

अखिलेश यादव और रोहिणी सिंह की टैगिंग के बीच कुछ ने तो ‘2bhk’ तक ट्वीट कर दिया। फिर भी ऑपइंडिया टीम स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सकती कि इसका क्या अर्थ हो सकता है।

इस बीच, उत्तर कोरियाई पत्रकार ने कहा है कि तानाशाह द्वारा दिया गया उनका नया घर ‘बिल्कुल एक होटल जैसा था।’

शंघाई में कोरोना लॉकडाउन से भूखे मर रहे लोग, खाने के लिए जेल जाने को भी तैयार: देखिए चीन के बेबस लोगों का Video

कोरोना के कहर से कराह रहे चीन के शंघाई शहर में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 5 अप्रैल से कठोर लॉकडाउन लगाया गया है, जिसके कारण शहर के 2.5 करोड़ लोग अपने घरों में कैद है। लेकिन भोजन खत्म होने के बाद अब ये लोग भूखों मरने लगे हैं। ऐसे में अब शंघाई के लोग लॉकडाउन के नियमों को तोड़कर बाहर आ रहे हैं, ताकि अगर वो पकड़े जाएँ तो कम से खाना तो मिलेगा।

इसी क्रम में शंघाई में एक व्यक्ति ने कोरोना के नियमों का केवल इसलिए उल्लंघन किया ताकि वो पुलिस से संपर्क कर सके। उसने पुलिसवालों से कहा कि वो उसे गिरफ्तार कर लें। उसका मानना था कि घर में भूखे मरने की बजाय अगर वो जेल में रहेगा तो उसे वहाँ कुछ खाने को मिल सकता है।

शंघाई में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लॉकडाउन के बीच लोग अपने घर की बालकनी में आकर चिल्ला-चिल्ला कर मदद माँग रहे हैं। एक अन्य वीडियो में लोगों को ‘मदद करो, मदद करो हमारे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं’ है कहते हुए सुना जा सकता है। यहीं नहीं भूख की मार से त्रस्त चीनी नागरिक अब पुलिस के डंडे का खौफ छोड़कर बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते देखा जा सकता है, “मैं भूख से मर रहा हूँ!”

गौरतलब है इससे पहले हमने एक रिपोर्ट में ये बताया था कि खाने की कमी इस समय शंघाई शहर के नागरिकों के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात है। रिपोर्ट बताती हैं कि वहाँ के सुपरमार्केट खाली हो गए हैं, सरकार समय से डिलिवरी नहीं दे रही। इसके अलावा जो लोग खाने तक अपनी पहुँच बना पा रहे हैं उन्हें फूड प्वॉयजनिंग का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसी भी खबरें आई थीं कि लोगों को कुचलने के लिए कुख्यात वामपंथी चीन शंघाई में रोबोटिक कुत्तों और ड्रोन के जरिए लोगों की निगरानी कर रहा है, ताकि लॉकडाउन में वो घर से बाहर न निकल सकें।

पहले अंबेडकर पर बोलने को बुलाया, फिर लेडी श्रीराम कॉलेज ने मना कर दिया: दलित विचारक गुरु प्रकाश को BJP से जुड़े होने की मिली ‘सजा’

प्रख्यात दलित विचारक और भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान (Guru Prakash Paswan) को अम्बेडकर जयंती के अवसर पर दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वीमेन (LSR) में व्याख्यान देने से रोक दिया गया। ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के एससी-एसटी सेल द्वारा किया गया था और गुरु प्रकाश 14 अप्रैल को गूगल मीट के जरिए अपनी बात रखने वाले थे।

गुरु प्रकाश भाजपा के प्रवक्ता होने के साथ-साथ पटना विश्वविद्यालय में कानून के सहायक प्रोफेसर और दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) के सलाहकार भी हैं। उन्होंने सुदर्शन रामबद्रन के साथ मेकर्स ऑफ द मॉडर्न दलित हिस्ट्री नामक पुस्तक का लेखन भी किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस संबंध में जानकारी दी है।

गुरु प्रकाश ‘संविधान से परे अम्बेडकर’ (Ambedkar beyond Constitution) पर व्याख्यान देने वाले थे। उन्हें बुधवार (13 अप्रैल 2022) को सुबह बताया गया कि उनका व्याख्यान उनके राजनीतिक जुड़ाव के कारण रद्द कर दिया गया है। बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पासवान कई राष्ट्रीय मंचों पर दलितों से संबंधित मुद्दों को उठाते रहे हैं। हालाँकि उनका भाजपा के साथ जुड़ाव वामपंथी वर्चस्ववादी कॉलेज में उन्हें व्याख्यान देने से रोकने के लिए पर्याप्त कारण था।

पासवान ने लिखा, “कोई संस्था ईको चैंबर नहीं हो सकती। एक टीचिंग फैकल्टी के रूप में यह मुझे और भी अधिक दुखी करता है, जब छात्र अपने ज्ञान आदि की सीमाओं को बंद कर लेते हैं! बाबा साहेब अम्बेडकर ने कहा था कि ज्ञान की साधना मानव अस्तित्व का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए। मैं एक ऐसी संस्कृति से आता हूँ, जो ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ अर्थात ‘मेरे पास हर तरफ से अच्छे विचार आने दें’ में विश्वास करती है। दुख की बात है कि आज हम जो देखते हैं वह दोहरा है, जो दूसरे की दृष्टिकोण को जाने बिना अपना विचार उस पर थोप देता है।”

उन्होंने आगे कहा, “बहस और चर्चा लोकतंत्र का सार है। ऐसे समय में जब हम अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष मना रहे हैं, एक बात जो हमें अपने संविधान निर्माताओं से सीखनी चाहिए, वह है उनकी सुनने, आत्मसात करने और अन्य दृष्टिकोणों का सम्मान करने की क्षमता। बाबासाहेब ने उन मूल्यों का प्रतिनिधित्व किया!”

प्रोफेसर पासवान ने एक अर्थशास्त्री, राजनयिक और एक शिक्षाविद् के रूप में बाबा साहेब अम्बेडकर के योगदान पर अपना प्रेजेंटेशन तैयार कर लिया था। उनकी आवाज को रोकना दलितों की आवाज को दबाने और समुदाय से आने वाली विविध अभिव्यक्तियों को समृद्ध होने से रोकने का एक पुराना तरीका है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, “मुझे LSR कॉलेज ने अम्बेडकर जंयती के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन बाद में सूचित किया गया कि एक छात्र संघ के विरोध के कारण इसे रद्द कर दिया गया। यह असहिष्णुता का प्रतीक है।

भाजपा के प्रवक्ता ने आगे कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अम्बेडकर की जयंती पर एक दलित व्यक्ति को बोलने से रोका गया। यह ऐसे समूहों, खासकर SFI की तानाशाही और अधिनायकवादी सोच को दर्शाता है, जो लोगों को बोलने से रोक रहे हैं। इसने अपनी प्रासंगिकता खो दी है।”

इधर गुरु प्रकाश पासवान का व्याख्यान रद्द होने की खबर आने के बाद कई शिक्षाविद, विचारक और बुद्धिजीवी उनके समर्थन में आए हैं।

लेडी श्रीराम कॉलेज में एससी-एसटी सेल ने कार्यक्रम को रद्द करने की घोषणा करते हुए इंस्टाग्राम पर एक अपडेट जारी किया। इसमें कहा गया, “काफी अफसोस के साथ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति सेल, एलएसआर इस खबर की घोषणा कर रहा है कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।”

उल्लेखनीय है कि देश 14 अप्रैल को बाबा साहेब अम्बेडकर के जन्मदिन पर उनकी जयंती मनाई जाती है। हालाँकि, दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वीमेन में एक दलित विद्वान को बोलने से रोकना स्पष्ट रूप से बताता है कि कैसे वामपंथी अपने संकीर्ण राजनीति एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए दलितों की आवाज दबाने में कामयाब रहे हैं।

‘निकालो राम को… तुम्हारी सीता मैया को ले जाएँगे’: खरगोन में रेप की धमकी दे रहे थे दंगाई, CCTV में चेहरा ढके-हथियार लिए दिखे

मध्य प्रदेश के खरगोन (Khargone, Madhya Pradesh) में रामनवमी की शोभा यात्रा पर हमला किया गया था। पत्थरबाजों ने न सिर्फ शोभा यात्रा में शामिल लोगों पर हमला किया था, बल्कि स्थानीय हिन्दू निवासियों और उनके घरों को भी निशाना बनाया। यहाँ तक की जिले के SP को भी गोली मार दी थी। इस दंगे के पीड़ितों ने बताया कि दंगाइयों ने हमले के दौरान के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी और महिलाओं को रेप की धमकी दी थी। पीड़ित अब इन इलाकों से पलायन कर रहे हैं।

दंगाइयों के हमले से जो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए उनमें तवड़ी मोहल्ला, काजीपुरा, संजय नगर, सर्राफा बाजार, भटवाड़ी और भावसार मोहल्ला शामिल हैं। न्यूज़ नेशन की ग्राउंड रिपोर्ट में एक महिला ने बताया, “वो (दंगाई) हमारा दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस गए। हमारा बहुत नुकसान भी कर दिया। मुझे बचाने आए मेरे बेटे का पैर तोड़ दिया। हम जान बचा कर अपने बच्चों के साथ भाग निकले।” एक अन्य महिला ने कहा, “राम हैं तो निकालो बाहर। हम रावण आ गए हैं। तुम्हारी सीता मैया को ले जाएँगे। तुम्हारे घर की औरतों को भी ले जाएँगे।” तीसरी महिला ने कहा, “मैं गर्भवती थी। मैं दरवाजा बंद कर रही थी, इसके बावजूद भी उन्होंने पत्थर चलाए। हम बहुत डर रहे थे।”

घटना को याद करते हुए एक पीड़ित बुजुर्ग ने कहा, “मैंने शाम को 7 बजे के बाद पत्थरबाजी देखी। एक घंटे तक पथराव हुआ। गेहूँ के मेरे डेढ़ लाख पैसे और सोने-चाँदी की चीजें वो ले गए।” इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले एक शीतला माता के मंदिर को भी दंगाइयों ने तहस-नहस कर दिया। एक स्थानीय युवक के मुताबिक, “इंसान तो दूर उन्होंने (दंगाइयों) जानवरों पर भी पेट्रोल बम फेंके। इसमें 4 जानवर जल गए और 2 जानवर लापता हैं।”

हिंदू पर हुए हमलों के बाद इन इलाकों के कुछ घरों पर ‘बिकाऊ है’ के बोर्ड लगे दिखाई दे रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “मोदी सरकार और शिवराज सिंह चौहान से निवेदन है कि इन दंगाइयों को आतंकवादी घोषित करें।” एक अन्य पीड़ित ने कहा, “हम दशकर्म (श्राद्ध) से लौट रहे थे, तभी पथराव हुआ। हमने घर की कई लेडीज को बाहर निकाला। इतने में बहुत सारे मोहमडन लोग आ गए। उन्होंने हमारे दरवाजे तोड़ डाले और छत पर चढ़ गए।” कुछ अन्य महिलाओं ने बताया, “दंगाई माँ-बहन की इज़्ज़त लूटने की धमकी देते थे। उन्होंने हमारा जेवर और पैसा भी लूट लिया।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के CCTV फुटेज में दंगाइयों के हाथों में पत्थर और तलवार दिखाई दे रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने अपने चेहरों को ढँक रखा था। फुटेज खरगोन के वार्ड नंबर 13 के बताए गए हैं। गौरतलब है कि खरगोन हिंसा के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई करनी शुरू की है। इसमें आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाना भी शामिल है। हिंसा में मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल थीं। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था।

मानवाधिकारों पर अमेरिका को जयशंकर ने पढ़ाया ऐसा पाठ, सब हो गए मुरीद: कहा- आपकी लॉबी है… हम भी मौन नहीं रहेंगे

न्यूयॉर्क में सिखों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत में कथित मानवाधिकार उल्‍लंघन पर सवाल उठाने वाले अमेरिका को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उसी की धरती पर करारा जवाब दिया है। उन्‍होंने इशारों ही इशारों में साफ कह दिया कि भारत अमेरिका में भारतीयों के मानवाधिकारों के उल्‍लंघन पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री के इस बयान की सोशल मीडिया में जमकर तारीफ हो रही है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में अमेरिका को स्‍पष्‍ट संदेश देते हुए कहा, “लोग हमारे बारे में विचार बनाने का हक रखते हैं। हमें भी उनकी लॉबी और वोट बैंक के बारे में विचार बनाने का हक है। हम मौन नहीं रहेंगे। अन्‍य लोगों के मानवाधिकारों पर हमारी भी राय है, खासतौर पर जिसका संबंध हमारे अपने (भारतीय) समुदाय से है।”

बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की ओर से मानवाधिकार पर ज्ञान दिए जाने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने यह तीखी टिप्पणी की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मीडिया से बात करते हुए अमेरिका पर जोरदार पलटवार किया। वैसे यह पहला मौका था, जब भारत को जब-तब नसीहत देने वाले अमेरिका को उसी की धरती पर इस तरह से पलटवार पर फजीहत झेलनी पड़ी है।

मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर वॉशिंगटन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को उनके यहाँ हुए मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की याद दिलाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टू प्लस टू वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध बनाने को लेकर चर्चा हुई लेकिन उसके बाद ही अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मानवाधिकार पर नसीहत देकर भारत पर दबाव बनाना चाहा।

एंटनी ब्लिंकन ने ये कहा, “अमेरिका भारत सरकार, पुलिस और जेल अधिकारियों द्वारा मानवाधिकारों के हनन के मामलों की निगरानी कर रहा है। जिस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पलटवार करते हुए साफ किया कि अमेरिका को लेकर हमारी चिंता भी ठीक उसी तरह की है। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि द्विपक्षीय वार्ता में मानवाधिकारों के मुद्दों पर चर्चा नहीं की गई।

वहीं सोशल मीडिया पर अमेरिका को आईना दिखाने के लिए एस. जयशंकर की जमकर तारीफ हो रही है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने भी ट्वीट कर विदेशमंत्री की तारीफ की है। उन्होंने लिखा, “जयशंकर ने कूटनीतिक रूप से अच्छा जवाब दिया है। भारत में भी ब्लिंकन की ओर से की गई ऐसी टिप्पणी का जवाब देना था, जब उन्होंने उकसाने का काम किया था। अमेरिका हमेशा भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए साझा मूल्यों की बात करता है और ब्लिंकन ने अपनी टिप्पणी से हमारे लोकतंत्र का अपमान करने की कोशिश की थी।”

विदेश मंत्री जयशंकर का अमेरिका को इस तरह से करारा जवाब देना अब सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। जहाँ ट्विटर पर जयशंकर हैशटैग टॉप ट्रेंड हुआ है। वहीं समीर नामक यूजर ने लिखा, “मैं समझता हूँ कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी देश ने अमेरिका को यह बताया है कि हम अमेरिका में हो रहे मानवाधिकारों को लेकर चिंतित हैं। वह भी वॉशिंगटन में खड़े होकर। आपको सलाम जयशंकर सर। आप प्रेरणास्रोत हैं।”

इसके अलावा लेखक राजीव मल्होत्रा ने भी विदेश मंत्री जयशंकर की जमकर तारीफ की है। उन्होंने तो अमेरिका में मानवाधिकारों की स्थिति पर सालाना रिपोर्ट भी पेश करने का सुझाव दिया। मल्होत्रा ने ट्वीट किया, “शानदार ओपनिंग। अगला कदम यह होना चाहिए कि अमेरिका में मानवाधिकार की स्थिति पर भारत एक कमिशन का गठन करे। मेरी टीम ने 30 सालों तक यह काम किया है और हम इसमें मदद कर सकते हैं।”

गौरतलब है कि यूक्रेन और रूस के मसले पर भारत की कूटनीति की जहाँ दुनिया भर में सराहना हो रही है वहीं अब अमेरिका को भी दो टूक जवाब देकर भारत न अपनी ताकत का अहसास कराया है। बता दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हाल ही में सिख समुदाय के दो लोगों पर अटैक हुआ था। बीते 10 दिनों में यह दूसरी घटना थी। इससे पहले एक बुजुर्ग सिख व्यक्ति पर हमला हुआ था। इस तरह जयशंकर ने उदाहरण के साथ ही अमेरिका को करारा जवाब दिया है।