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धारा-144 लगाने के बाद अब बैकफुट पर कोटा प्रशासन , कहा – The Kashmir Files देखने पर मनाही नहीं; तेजस्वी सूर्या ने चेताया

राजस्थान के कोटा में ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) की स्क्रीनिंग के दौरान धारा-144 लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर डायरेक्टर वि​वेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को टैग करते हुए ट्वीट किया है, जिसके बाद कोटा जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है।

निर्देशक ने लिखा, “अनुराग ठाकुर जी, अगर लोकतंत्र में न्याय के अधिकार पर बनी फिल्म को सरकार ही दबा रही है, तो फिर हम न्याय के बारे में क्या सोचें?” इसके बाद डायरेक्टर ने राजस्थान के सीएम के लिए लिखा, “अशोक गहलोत जी, आतंकवादियों की​ सिर्फ एक ही ताकत होती है कि वो डर पैदा करते हैं। हम डर जाते हैं। ये आपके लिए न्याय का समय है।”

वहीं, मामला तूल पकड़ने के बाद कोटा जिला प्रशासन ने धारा-144 लगाने के संबंध में अपनी सफाई दी है। डीएम ने ट्वीट किया, “21 मार्च से लागू किए गए आदेश के तहत धारा-144 में ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के कोटा जिले के सिनेमाघरों में प्रदर्शन और घरों में देखने पर किसी भी प्रकार की कोई मनाही नहीं है।”

फोटो साभार : ट्विटर

यही नहीं, बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) ने भी राजस्थान सरकार को चेतावनी दी है कि अगर कोटा में द कश्मीर फाइल्स को लेकर लगाई गई धारा-144 नहीं हटाई गई तो वह बुधवार (23 मार्च, 2022) को प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोटा डीसी कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

बता दें कि राजस्थान के कोटा जिले के सिनेमाघरों में ‘द कश्मीर फाइल्स’ की स्क्रीनिंग के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर अधिकारियों ने सोमवार (21 मार्च, 2022) को 22 मार्च से 21 अप्रैल तक जिले भर में धारा 144 लगाने का आदेश दिया था।

पति-बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर दलित महिला से गैंगरेप: राजस्थान पहुँची महिला आयोग की टीम, पुलिस बोली – सिर्फ मारपीट हुई

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मंगलवार (22 मार्च 2022) को राजस्थान के धौलपुर में एक फैक्ट फाइंडिंग टीम भेजी, जहाँ एक 26 वर्षीय महिला के साथ उसके बच्चों और पति के सामने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। प्रेस नोट के अनुसार, जाँच के बारे में अधिक जानने के लिए आयोग की तीन-व्यक्ति की टीम पीड़िता और और उसके परिवार वालों से मुलाकात करेगी। इसके साथ ही वह संबंधित एसएचओ, एसपी और जाँच अधिकारी से भी मामले की जानकारी लेगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान के धौलपुर जिले में बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार मामले पर 19 मार्च को संज्ञान लिया था। NCW की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने DGP राजस्थान को पत्र लिखकर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज करने को कहा था। आयोग ने मामले की समयबद्ध जाँच और पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराने की भी माँग की है। जानकारी के मुताबिक आयोग को राजस्थान पुलिस से एक अंतरिम कार्रवाई रिपोर्ट भी मिली है जिसमें कहा गया है कि संबंधित प्रावधान के तहत FIR दर्ज की गई है। हालाँकि अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने भी सोमवार (21 मार्च, 2022) को पीड़ित महिला के घर जाकर मुलाकात की। वहीं धौलपुर SP शिवराज मीणा का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट और जाँच में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है। महिला के साथ सिर्फ मारपीट हुई थी। उन्होंने कहा कि 6 लोगों के खिलाफ आरोप है। उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पीड़ित महिला 15 मार्च शाम 6 बजे अपने पति और बच्चों के साथ फसल काट कर खेत से घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपितों ने मारपीट की ओर दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत पीड़ित ने कंचनपुर थाने में दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि उसके पति को देसी कट्टे की बट से मारा गया। उसके बाद आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और कट्टे का भय दिखाकर उसे निर्वस्त्र किया और बच्चों के सामने ही गैंगरेप किया

‘मेरा स्टैंड राष्ट्रहित वाला’: जम्मू कश्मीर में कॉन्ग्रेस को तगड़ा झटका, महाराजा हरि सिंह के पोते ने छोड़ी पार्टी

जम्मू कश्मीर में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दिवंगत महाराजा हरि सिंह के पोते विक्रमादित्य सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उनका रुख राष्ट्रीय हितों को प्रतिबिंबित करता है, लेकिन ये कॉन्ग्रेस पार्टी के स्टैंड से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी जमीनी वास्तविकता से काफी दूर है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी को लिखा अपना इस्तीफे वाले पत्र को सार्वजनिक भी किया। वो 2019 का चुनाव उधमपुर ईस्ट से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से हार गए थे।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि वो त्वरित प्रभाव से कॉन्ग्रेस पार्टी से इस्तीफा देते हैं। साथ ही लिखा, “मेरा मानना है कि कॉन्ग्रेस पार्टी जम्मू कश्मीर की जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को समझने में असफल रही है।” विक्रमादित्य सिंह ने 2018 में कॉन्ग्रेस पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया था। सिंह ने कहा कि उन्होंने उसके बाद जम्मू कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों पर राष्ट्रहित का साथ दिया, जो कॉन्ग्रेस पार्टी के रुख से एकदम अलग था।

उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक, जम्मू कश्मीर में ‘विलेज डिफेंस कमिटीज’ के पुनर्विकास, अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने जैसे मुद्दों पर उनका रुख कॉन्ग्रेस के विरुद्ध रहा था और उन्होंने गुपकार गठबंधन की निंदा भी की थी। पूर्व विधान पार्षद ने कहा कि वो राष्ट्र हित को देखते हुए जम्मू कश्मीर की जनता की भावनाओं के हिसाब से अपना रुख तय करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से बदल रहा है और अगर कोई पार्टी या उसका नेतृत्व इसके साथ तालमेल नहीं बिठाएगा तो वो गायब हो जाएगा। बता दें कि विक्रमादित्य सिंह के पिता कर्ण सिंह जम्मू कश्मीर के सदर-ए-रियासत रह चुके हैं। तीन बार ‘बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU)’ के चांसलर रहे कर्ण सिंह जम्मू कश्मीर के राज्यपाल, राज्यसभा सांसद और ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। वो कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओ में से एक हैं।

विक्रमादित्य सिंह की माँ यशो राज्य लक्ष्मी नेपाल के प्रधानमंत्री रहे मोहन शमशेर जंग बहादुर राणा की पत्नी हैं। वो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित ‘तारागढ़ पैलेस होटल’ के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। ‘यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफोर्निया’ से अपनी शिक्षा पूरी करने वाले विक्रमादित्य सिंह की शादी 1987 में माधवराव सिंधिया की बेटी और वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन चित्रांगदा से हुई। 2017 में उनकी बेटी मृगांका की शादी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पोते से हुई थी।

इकबाल पार्क और गाँधी-अब्दुल्ला का जलसा: 74 साल के कश्मीरी पंडित ने बताया कैसे बदतर हुए हालात, कहा- बेटा उस रात घर से निकला, आज तक लौटा नहीं

विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद से कश्मीरी हिंदू आगे आकर बता रहे हैं कि असल में उनके साथ हुआ क्या था। उनकी आपबीती न केवल इस्लामी कट्टरपंथ को उजागर करती है, बल्कि उस समय के सियासी किरदार कैसी भूमिका निभा रहे थे यह भी पता चलता है। ऐसे ही एक कश्मीरी पंडित विजय माम ने जो कुछ बताया है उससे पता चलता है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक जलसे के बाद से कश्मीर के हालात हिंदुओं के लिए बदतर होते चले गए।

माम 74 साल के हैं। कभी कश्मीर में सरकारी रेडियो के लिए काम करते थे। लेकिन, इस्लामिक कट्टरपंथ ने उन्हें भी अपना घर छोड़ घाटी से भागने को मजबूर किया। वे दो बेटियों के साथ दिल्ली आ गए थे, जिनकी अब शादी हो चुकी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आपबीती सुनाते हुए माम का दर्द ऑंसू बनकर छलक उठा। उन्होंने कहा, “क्या कहें? किससे गिला करें? क्यों करें? अब तक मेरा बेटा विक्रम नहीं मिला। कुछ पता नहीं चला। उस रात घर से बाहर निकला, फिर वापस नहीं आया।” उन्होंने आगे बताया, “आज मेरा बेटा होता, तो हमारा सहारा होता। मेरा घर ब्लास्ट में जला दिया गया। हमने बेटा खो दिया। दो बेटियों को लेकर दिल्ली आ गए। अब दोनों की शादी हो गई है।”

माम के अनुसार कश्मीरी पंडितों पर हमला 1986 में ही शुरू हो गया। 1989 में यह लूट और कत्लेआम तक पहुँच गया। उसके बाद क्या हुआ यह हम सब जानते हैं। बुजुर्ग माम बताते हैं कि जब कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाना शुरू किया गया, उस समय गुल मोहम्मद शाह की सरकार थी। इसी दौरान राजीव गाँधी और फारूक अब्दुल्ला ने इकबाल पार्क में एक जलसा किया। इसके बाद से हालात बदतर हो गए। आतंकी खुलकर बाहर निकल आए। दुकानों के आगे भड़काऊ संदेश वाले काले रंग के बोर्ड लगा दिए गए। लोगों से नमाज पढ़ने को कहा जाने लगा।

गौरतलब है कि इसी तरह पिछले दिनों एक टीवी शो के दौरान कश्मीरी हिंदू महिला सरला ने 1990 के उस भयावह मंजर को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि किस तरह से इस्लामिक आतंकियों ने उनके रिश्तेदारों के साथ क्रूरता की। सरला ने बताया था कि उनका परिवार जान बचाने के लिए पहले अप्रैल को ही कश्मीर छोड़कर चला गया था। घाटी के घर में ही उन्होंने अपना सारा सामान छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि 10 दिन के बाद 10 अप्रैल को वो अपने पति के साथ अपना सामान लाने के लिए कश्मीर गईं, जो उनके जीवन की सबसे भयानक रात थी। वो कहती हैं कि एक बार जब वो कश्मीर पहुँचीं तो उन्हें कई तरह की धमकियाँ दी गईं।

सरला ने सिसकते हुए बताया था, “हमारे पैरों में चप्पल नहीं थी, हमने कुछ भी नहीं खाया था और हम किसी तरह वहाँ से निकल गए… मैं जब तक मैं जिंदा हूँ उस रात को कभी नहीं भूलूँगी।” उन्होंने आगे बताया था, “10 दिन बाद हमें न्यूज से पता चला कि मेरे मामा जिंदलाल कौल और चचेरी बहन के पति जगन्नाथ की हत्या कर दी गई है। उन्होंने उन्हें इतनी भयानक मौत दी थी कि आज भी उस घटना को याद करते हैं तो हमारी रीढ़ तक खौफ से सिकुड़ जाती है। उन लोगों ने उन्हें पहले एक पेड़ से लटकाया और फिर शरीर के कुछ हिस्सों को काट दिया। फिर उनकी दोनों आँखें निकाल ली। उसके बाद उसके ऊपर चश्मा पहना दिया। वे 75 वर्ष के थे। वो ऐसा व्यक्ति था हमेशा दूसरों की मदद करता था।”

28 साल की युवती से गैंगरेप, फिर कर दी हत्या: शादाब उस्मानी के घर पर चला शिवराज सरकार का बुलडोजर, 1300 sq फुट का निर्माण ध्वस्त

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए लगातार अपराधियों के अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त करवा रहे हैं। इस बीच प्रदेश के श्योपुर के बाद मंगलवार (22 मार्च, 2022) को शहडोल में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन द्वारा सामूहिक दुष्कृत्य के मुख्य आरोपित के घर पर बुलडोजर चलवा कर उसके अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, शहडोल में गैंगरेप के मुख्य आरोपित अब्दुल शादाब उस्मानी (33 वर्ष) के घर पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। मंगलवार सुबह प्रशासन की टीम आरोपित के पुरानी बस्ती स्थित मकान पर पहुँची और कलेक्टर वंदना वैद्य के मार्गदर्शन एवं एसपी श्री अवधेश गोस्वामी के निर्देशन में मकान पर बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी। 

सुबह होते ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस का अमला मौके पर पहुँच गया और आरोपित शादाब के मकान को गिराने की कार्रवाई की। इस मौके पर अपर कलेक्टर, उप पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य, एसडीएम नरेंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक यातायात अखिलेश तिवारी, तहसीलदार लवकुश शुक्ला, मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमित तिवारी उपस्थित थे। इसके अलावा काफी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। DM वंदना वैद्य ने बताया कि शादाब ने 300 वर्ग फुट की कृषि भूमि पर 1300 वर्ग फुट का अवैध निर्माण कराया था। वह रेप केस में भी मुख्य आरोपित है।

उस्मानी ने नौकरों के साथ मिलकर किया था गैंगरेप

बता दें कि 19 मार्च को इलाके में गैंगरेप के वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शादाब उस्मानी ने अपने नौकरों के साथ मिलकर 28 साल की युवती के साथ गैंगरेप किया था। वह उसे पिकनिक के बहाने क्षीर सागर ले गया और वहाँ गैंगरेप के बाद युवती को मौत के घाट उतार दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक शादाब का लड़की के साथ प्रेम संबंध था। फिर शादाब की शादी हो गई।

बताया गया था कि शादी के बाद परेशान करने पर मृतका से पीछा छुड़ाने के लिए शादाब ने दोनों नौकरों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया और फिर जहर देकर मार दिया। इससे पहले श्योपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। यहाँ पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाया था और तीनों आरोपितों के घर गिरा दिए गए थे। 

दिल्ली के दंगाइयों और CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा करने वालों से हो नुकसान की वसूली: केंद्र-राज्य और पुलिस को हाई कोर्ट ने दिया नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (21 मार्च 2022) एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। यह याचिका साल 2020 में दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन से संबंधित है। इसमें विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई आरोपितों से करने का निर्देश देने की माँग की गई है।

यह याचिका वकील हिनू महाजन और लॉ के छात्र अमनदीप सिंह गहलोत ने दायर किया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली के विभिन्न स्थानों का दौरा किया। दिल्ली दंगों के दौरान हुए नुकसान को देखकर हैरान और दुखी थे। इस पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने नोटिस जारी किया

इस बीच, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील युद्धवीर सिंह चौहान ने नुकसान के दावों की जाँच और मुआवजा देने के लिए अलग से मशीनरी स्थापित करने की भी माँग की। मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। रिपोर्टों के अनुसार याचिकाकर्ता वकील हिनू महाजन भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा की सदस्य भी हैं और उन्होंने मामले में कई राजनीतिक दलों को प्रतिवादी बनाया था। हालाँकि, अदालत ने उन्हें हटाने के लिए कहा। इसके साथ ही कोर्ट ने पार्टियों के एक संशोधित ज्ञापन दायर करने की माँग की।

CAA विरोधी और दंगाइयों के खिलाफ यूपी सरकार की कार्रवाई

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में हुए दंगों के मामले में अपने इरादों को लेकर काफी स्पष्ट रहे हैं। उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी दी थी कि कानून को अपने हाथ में लेना, आगजनी करना उन्हें परेशानी में डाल सकता है। वर्ष 2020 में, यूपी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टीज ऑर्डिनेंस, 2020’ को मँजूरी दी। इससे राज्य में दंगों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुँचाने में शामिल व्यक्तियों की संपत्तियों को जब्त करने में मदद मिली। इसमें सीएए विरोधी दंगे भी शामिल हैं।

मार्च 2020 में यूपी सरकार ने राज्य की राजधानी लखनऊ में प्रमुख चौराहों पर उपद्रवियों के होर्डिंग लगाए थे। होर्डिंग्स में उन प्रदर्शनकारियों के नाम, पते और तस्वीरें थीं, जिन्होंने दिसंबर 20202 में दंगों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया था। दंगाइयों को एक महीने के भीतर जुर्माने की राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया था। इस साल 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से दंगाइयों से ‘उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट, 2020’ के तहत वसूली के निर्देश दिए थे।

‘गुजरात में हत्याओं के लिए मोदी जिम्मेदार, उन्हें US वीजा न मिलना राष्ट्रीय गौरव’: जब शेखर गुप्ता से बोले थे आमिर खान

आमिर खान ने हाल ही में कश्मीरी पंडितों के लिए दुःख जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बनी फिल्म ‘The Kashmir Files’ सभी को देखनी चाहिए। हालाँकि, इसी बीच उनका एक 2005 का पुराना इंटरव्यू भी वायरल हो रहा है। इसमें वो पत्रकार शेखर गुप्ता से बात करते हुए नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी राय रख रहे हैं, जो तब गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। तब आमिर खान ‘फना’ और ‘रंग दे बसंती’ फिल्म के कारण चर्चा में थे। उस समय तक बॉलीवुड में बतौर लीड अभिनेता उन्होंने 17 वर्ष पूरे कर लिए थे।

उसमें आमिर खान कहते दिख रहे हैं कि वो सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाना पसंद नहीं करते हैं, क्योंकि इसके माध्यम से वो अपनी बात रखना चाहते हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें वो समर्थन नहीं देना चाहते। नरेंद्र मोदी का नाम आने पर आमिर खान ने कहा था कि बच्चे से बड़े होते हुए उनके दिमाग में ये समझ आ गई थी कि लोगों के दिमाग में काफी मात्रा में ज़हर भरा जा सकता है। इसके लिए उन्होंने गुजरात की घटना का उदाहरण दिया।

बता दें कि गुजरात के गोधरा में 59 रामभक्तों को मुस्लिम भीड़ ने ज़िंदा जला दिया था, जिसमें कई महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद वहाँ हिंसा भड़क गई थी और हिन्दू-मुस्लिम संघर्ष में कई लोग मारे गए थे। आमिर खान ने कहा था कि गुजरात में जो भी हुआ, वो काफी डराने वाला था और कई निर्दोष भारतीय उसमें मारे गए, भले ही वो हिन्दू, मुस्लिम सिख, ईसाई या पारसी हों – इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

आमिर खान ने कहा था, “लोगों को एक नेता के द्वारा ‘सज़ा’ दी गई। इसके लिए नरेंद्र मोदी, उनकी पार्टी और उनके लोग इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। हजारों भारतीयों को इस त्रासदी से गुजरना पड़ा। जो लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं, वो पूरी तरह से देश विरोधी हैं। ये लोग मानवता और स्वस्थ समाज की अवधारणा को ठेस पहुँचाते हैं। कुछ ही लोग इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। आजकल खबर में आ रहा है कि अमेरिका ने नरेंद्र मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया है और ये राष्ट्रीय गौरव की बात हो गई है।”

आमिर खान ने कहा था कि उन्हें अमेरिका और वहाँ के राष्ट्रपति (तत्कालीन) जॉर्ज बुश से कई समस्याएँ हैं और वो वीजा देता है या नहीं इससे कोई मतलब नहीं है, फर्क इससे पड़ता है कि हमारी प्रतिक्रिया क्या है। लोग आमिर खान के इस वीडियो को शेयर करते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को हिट कराने के लिए रंग बदल लिया है। लोगों ने पूछा कि गुजरात की बात करते हुए आमिर खान ने गोधरा में ट्रेन जलाए जाने का जिक्र क्यों नहीं किया?

जब चीन में थी वन चाइल्ड पॉलिसी, तभी एक ‘अविवाहित दंपती’ ने कर लिए 15 बच्चे (4 लड़के+11 लड़की); खुलासे के बाद 11 अफसरों को सजा

चीन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक अविवाहित दंपति के 15 बच्चे हैं। इन बच्चों का जन्म तब हुआ जब चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी लागू था। इस मामले के सामने आने के बाद 11 अधिकारियों को सजा सुनाई गई है। मामला दक्षिणी चीन के गुआंग्शी ज़ुआंग (Guangxi Zhuang) का है।

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने रविवार (20 मार्च 2022) को जाँच में पाया कि 76 वर्षीय लियांग (Liang) और उनकी 46 वर्षीय पार्टनर लू हॉन्गलेन (Lu Honglan) के 15 बच्चे हैं। लू ने वर्ष 1995 से 2016 के बीच 4 लड़कों और 11 लड़कियों को जन्म दिया। रिपोर्ट के अनुसार लियांग और हॉन्गलेन की मुलाकात वर्ष 1994 में गुआंग्डोंग में हुई थी। इसके बाद दोनों ने अनौपचारिक शादी की। कपल ने अपनी शादी रजिस्टर्ड नहीं कराई और वर्ष 2015 से 2019 तक गरीबों को मिलने वाली सब्सिडी भी लेते रहे।

चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा 1 मार्च 2022 को महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू करने के बाद यह कपल सुर्खियों में आया। गुआंग्शी के रोंग काउंटी में इनकी जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू की, जिसमें फैमिली प्लानिंग स्टेशन के कुल 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम में लापरवाही का दोषी पाते हुए सजा दी गई। बताया जा रहा है कि इसमें रोंग काउंटी में लिकुन शहर के प्रमुख और स्थानीय फैमिली प्लानिंग स्टेशन के डायरेक्टर भी शामिल हैं। मालूम हो कि चीन में पूर्वी जिआंगसु प्रांत के फेंग काउंटी के हुआनकोउ गाँव में 8 लोगों को जंजीर से जकड़े हुए पाया गया था, जिसके बाद वहाँ की सरकार ने मानव तस्करी के खिलाफ अभियान शुरू किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले लियांग वर्ष 2016 में अपने से 30 साल छोटी महिला से शादी करने को लेकर चर्चा में आए थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि लियांग की पत्नी लू ने ज्यादातर बच्चों को घर पर ही जन्म दिया है। बता दें कि अगर यह कपल वन चाइल्ड पॉलिसी के खत्म होने से पहले पकड़ा जाता तो इस मामले में उन्हें भी सजा का सामना करना पड़ सकता था। चीन में वर्ष 2015 में इस पॉलिसी को बदलकर टू चाइल्ड किया गया। इसके बाद चीन की सरकार ने 21 जुलाई, 2021 को टू चाइल्ड पॉलिसी में भी बदलाव करते हुए इससे जुड़े दंड के प्रावधान को खत्म कर दिया था।

बंगाल में TMC नेता भादू शेख की मौत के बाद बवाल, भीड़ ने घर बंद कर लोगों को ज़िंदा जलाया: 8 की मौत

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के पंचायत उप-प्रधान की मौत के बाद भड़की हिंसा में 12 लोगों की मौत कही जा रही है, लेकिन पुलिस ने इस आँकड़े को गलत बताते हुए 8 मौतों की बात कही है। ये घटना रामपुरहाट क्षेत्र की है। सोमवार (20 मार्च, 2022) को एक बम हमले में TMC नेता के मारे जाने की खबर आई, जिसके बाद उपद्रवी भड़क गए। आक्रोशित उपद्रवी भीड़ ने कई घरों को ध्वस्त कर दिया और जम कर लूटपाट की। कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

ये सब कुछ TMC नेता भादू शेख की मौत से शुरू हुआ, लेकिन TMC इस बात को लगातार नकार रही है। पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष का कहना है कि आग से मौतें हुई हैं और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिन TMC नेता की हत्या की गई, वो खासे चर्चित थे। साथ ही ये भी कहा कि उनकी मौत को लेकर लोगों में गुस्सा था। उन्होंने रात में आग लगने से मौतों की बात कही। पश्चिम बंगाल में कुछ ही सप्ताह पहले दो पार्षदों की भी गोली मार कर हत्या की खबर सामने आई थी।

TMC नेता पर बम फेंकने वालों की पहचान नहीं हुई है। स्टेट हाइवे 50 पर ये घटना हुई। स्थानीय मेडिकल कॉलेज में उन्हें मृत घोषित किया गया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने 5 घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए और फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया। मौके पर दमकलकर्मियों को बुलाना पड़ा। स्थानीय जिलाधीश समेत कई बड़े अधिकारी वहाँ पहुँचे। जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। समिति में CID के ADG ग्यानवंत सिंह, ADG वेस्टर्न रेंज संजय सिंह और DIG (CID ऑपरेशन) मीरज खालिद को शामिल किया गया है।

विधानसभा प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अब तक 12 मौतों की बात कही है। उन्होंने कहा कि लोगों की जली हुई लाशें मिल रही हैं। जिस बर्षल पंचायत में ये घटना हुई, वहाँ TMC का ही नियंत्रण है। अटकलें हैं कि ये पार्टी में अंदरूनी कलह का नतीजा है। पार्टी ने एक प्रतिनिधिमंडल को मौके पर भेजा है। CID टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। इसी गाँव में करीब एक साल पहले भादू शेख के भाई की भी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

होली पर हिंदू घृणा, हमलावर कट्टरपंथी इस्लामी: मस्जिद पर रंग, नमाज में खलल, DJ क्यों बजाया… बहाने बना 5 जगह हिन्दुओं को बनाया निशाना

होली के अवसर देश के कई हिस्सों में हिन्दुओं के प्रति कट्टरपंथी मुस्लिमों की नफ़रत खुलकर सामने आई। कहीं डीजे के लिए मारपीट की गई तो कहीं मस्जिद पर रंग पड़ जाने की वजह से मुस्लिम समुदाय हिन्दुओं पर टूट पड़ा। तो कहीं नमाज में खलल को हमले की वजह बनाया गया।

होली पर मुस्लिम समुदाय द्वारा कई जगह हमलों की बात सामने आई है। त्यौहारों पर ऐसे चुनिंदा हमलों को हिन्दुओं के प्रति घृणा अपराध (हेट क्राइम) ही कहा जाएगा। ऐसे 5 बड़े मामलों को आप यहाँ देख सकते हैं जब मुस्लिमों ने हिन्दुओं को शांति से त्यौहार भी नहीं मनाने दिया।

उत्तराखंड में होली पर नमाज पढ़ने आए मुस्लिमों ने किया हिन्दुओं पर हमला

हरिद्वार के पास श्यामपुर थाना क्षेत्र के प्रभारी अनिल चौहान के मुताबिक भाजपा के लालढ़ांग मंडल अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने शिकायत देकर बताया कि वह अपने मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ होली का पर्व मनाने लालढांग में थे। इस बीच वहाँ नमाज़ पढ़ने आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। मुस्लिम समुदाय के नजर हसन अंसारी, अरबाज अंसारी, मुस्तकीम ने अपने साथियों के साथ हिन्दुओं पर हमला कर दिया। अब्दुल सलाम ने सुनील सैनी के सर पर ईंट से वार भी किया है। मामले में शिकायत दर्ज हुई है।

नोएडा में नमाज के लिए होली रोकी, DJ भी किया सीज

मामला नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र का है। जहाँ कुछ हिन्दू युवक जब होली मना रहे थे। तभी कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग वहाँ आए। उन्होंने अपनी नमाज के लिए होली बंद करने को कहा। इस पर होली मना रहे युवकों ने जवाब दिया आप नमाज़ पढ़ो या न पढ़ो पर होली बंद नहीं होगी। उसके बाद तो उनकी शिकायत पर पुलिस ने हिन्दुओं का डीजे ही सीज कर दिया। और तब तक वापस नहीं दिया गया जब तक मुस्लिम रात तक शब-ए-बारात मनाते रहे।

यूपी के बरेली में मस्जिद पर रंग पड़ने से मुस्लिमों ने किया हिन्दुओं पर हमला

होलिका के दिन एक मस्जिद के पास होली मना रहे कुछ हिंदुओं को मुस्लिमों ने पीट दिया था। उन्हें बचाने गए लोगों के साथ भी मारपीट की गई। इस घटना के बाद मुस्लिमों ने उल्टा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की। इस मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक अताउर रहमान ने आरोप लगाया था कि होली मनाने वाले लोगों ने जानबूझकर मस्जिद पर रंग गिराया था। कार्यवाहक अब्दुल वाहिद ने मामला दर्ज कराया था। वाहिद ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्होंने लोगों से मस्जिद के पास होली नहीं मनाने को कहा था।

जुमे की नमाज पढ़ेंगे, होली का DJ बंद करो… रंग खेल रहे लोगों पर छतों से पत्थरबाजी

मामला अमरोहा का है। होली में DJ बज रहा था। लोग मस्ती में झूम रहे थे। तभी कुछ मुस्लिमों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव के कारण आदेश और बंटी नाम के 2 लोग घायल हो गए। उसके बाद तो लगातार मुस्लिम छतों से पत्थरबाजी करते नजर आए जिसके कई वीडियो वायरल हैं।

दरअसल, विवाद जुमे की नमाज के समय होली में बज रहे DJ को बंद करवाने की जिद के बाद शुरू हुआ था। इस मामले में वायरल वीडियो के फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था और बाकी आरोपितों को चिन्हित कर के उनकी तलाश कर जारी है।

बेगूसराय में 300 की मुस्लिम भीड़ ने तलवार, चाकू के साथ हिंदुओं पर बोला हमला

बिहार के बेगूसराय के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत रजौरा गाँव में होली के शुभ अवसर पर मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदुओं पर हमला बोल दिया था। इस मामले में झगड़ा बच्चों के बीच शुरू हुआ था लेकिन बाद में मुस्लिम समुदाय के करीब 300 लोगों ने धारधार हथियार समेत लाठी डंडा लेकर हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला बोला और घटना में 20 से अधिक हिंदू घायल हो गए थे।