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महाराष्ट्र में आदित्य ठाकरे के करीबी के ठिकानों पर IT विभाग की छापेमारी, भड़के CM उद्धव के मंत्री बेटे ने कहा – ‘एजेंसियों का दुरुपयोग’

महाराष्ट्र सरकार में पर्यटन और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के बेहद करीबी राहुल कनाल के घर इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की है। आयकर विभाग की टीम ने राहुल कनाल के पुणे और मुंबई स्थित घर और ऑफिस पर छापा मारा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीमें लगातार राहुल के घर और दफ्तरों को खँगाल रही हैं और उनका फोन फिलहाल बंद आ रहा है। राहुल को पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का करीबी बताया जाता है।

छापे के बारे में पूछे जाने पर, पर्यावरण और पर्यटन विभागों के प्रमुख आदित्य ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रचार तंत्र के रूप में किया जा रहा है और देश के अन्य हिस्सों में भी इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। आदित्य ने कहा, “पूर्व में भी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ। यह बंगाल, आंध्र प्रदेश में हुआ और अब यह महाराष्ट्र में भी हो रहा है। केंद्रीय एजेंसियाँ ​​एक तरह से भाजपा की ही प्रचार मशीनरी बन गई हैं। महाराष्ट्र नहीं झुकेगा।”

राहुल कनाल का यह घर बांद्रा के भाभा अस्पताल की गली में नाइन अल्मेडा नाम की बिल्डिंग में है। इस वक्त राहुल कनाल की इमारत के चारों ओर सुरक्षा दल के जवानों को तैनात किया गया है। राहुल कनाल के अलावा परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब के सहयोगी संजय कदम के घर पर भी छापेमारी की गई है। शिवसेना उपनेता और स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव के घर पर आयकर विभाग के छापे की घटना अभी ताजा ही थी कि मंगलवार (8 मार्च, 2022) को सुबह से ही मुंबई के अलग-अलग ठिकानों में शिवसेना के पदाधिकारियों के घरों पर आईटी विभाग की रेड पड़ गई। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग की टीम पूरे महाराष्ट्र में 20 से अधिक परिसरों में तलाशी ली गई है, इनमें से 12 साइट मुंबई में थीं।

इनकम टैक्स विभाग ने आज सुबह शिवसेना नेता राहुल कनाल से जुड़ी कुछ जगहों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव द्वारा कथित कर चोरी के संबंध में है। कनाल बीएमसी की शिक्षा समिति के सदस्य और श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी के ट्रस्टी हैं। 

विभाग ने 25 फरवरी को जाधव के परिसरों की तलाशी ली थी और 130 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्तियाँ मिली थीं। विभाग ने एक बयान में कहा था कि उसने कुछ बीएमसी ठेकेदारों की भी तलाशी ली और पाया कि उन्होंने 200 करोड़ रुपए की आय का खुलासा नहीं किया था। IT अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ऐसे ‘सबूत’ मिले हैं जो जाधव और इन ठेकेदारों के बीच ‘करीबी साँठगाँठ’ का संकेत देते हैं। विभाग के मुताबिक इसनें कुछ कथित बेनामी सम्पत्तियाँ (Benami Properties) भी शामिल हैं।

शारदा की चीखों ने एक कश्मीरी पंडित को रात भर सोने नहीं दिया… The Kashmir Files के किरदारों का असर ऐसा भी

उसका नाम शारदा (बदला हुआ नाम) था, जिसका किरदार भाषा सुंबली ने ‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ में पर्दे पर निभाया है। 90 के दशक में घाटी में ‘हिंदुओं के नरसंहार’ पर बनी यह फिल्म 11 मार्च 2022 को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का प्रीमियर देखने वालों में शिवेता भी हैं। शिवेता कश्मीरी पंडित ही हैं। पर्दे पर ‘शारदा’ की चीखों ने शिवेता को झकझोर कर रख दिया। पर्दे पर इस फिल्म को देखने के बाद वह अपने आँसू नहीं रो पा रहीं थीं।

शिवेता ने बताया, “कश्मीरी पंडितों के दर्द और पीड़ा पर अंतहीन कविताएँ और कहानियाँ लिखी गई हैं लेकिन ‘द कश्मीर फाइल्स’ इसे अलग स्तर पर ले गया है। यह फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि हर कश्मीरी पंडित की सच्ची ‘जीवनी’ है। इसलिए इसे देखने के बाद थिएटर का हर शख्स रो रहा था या आहें भर रहा था।”

बतौर कश्मीरी पंडित, उन्होंने फिल्म में किरदार निभाने वाले हर उस कलाकार की सराहना की, जिनके अभिनय कौशल और प्रतिभा के कारण उन दर्दनाक मंजरों को एक फिल्म के तौर पर समेटा जा सका। वह कहती हैं, “मैं काबिल निर्देशक विवेक अग्रिहोत्री की ऋणी हूँ जिन्होंने इस दर्दनाक सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने दिखाने का साहस जुटाया। इस फिल्म को मिथुन चक्रवर्ती और अनुपम खेर जैसे दिग्गजों का अभिनय कौशल और चिन्मय मांडलेकर, दर्शन कुमार और प्रिय भाषा सुंबली जैसे युवा कलाकारों की प्रतिभा का आशीर्वाद मिला है। पल्लवी जोशी की आवाज ऐसी है कि निश्चित ही आपके दिलों में घर कर जाए। संगीत भी उल्लेखनीय है।”

सभी किरदारों और सभी कलाकारों के प्रयासों को सराहने के क्रम में वह कहती हैं, “सभी किरदार इतने अच्छे से निभाए गए हैं इसलिए फिल्म के दृश्यों को देखते समय लोग कांप जाते हैं। फिल्म को देखते समय मैं बुरी तरह रोई और पता ही नहीं चला कि कब लगभग ढाई घंटे बीत गए हैं। फिल्म एक समंदर की तरह जहाँ दर्शक डूब जाते हैं।”

एक कश्मीरी पंडित होने के नाते दर्शकों में बैठी इस लड़की ने अपील की कि हर कोई इस फिल्म को देखे। वह कहती हैं, “मानती हूँ कि इतना दर्द इतनी पीड़ा देखना दर्दनाक होगा, लेकिन उसी समय आप इस टीम को सराहएँगे कि उन्होंने अपना पूरा दमखम उस सच्चाई दिखाने में लगा दिया जिसे दुनिया ने अभी तक नहीं जाना।” उन्होंने नई जनरेशन से भी अपील की है कि वो सब इस फिल्म को देखें क्योंकि ये फिल्म उन सभी सवालों का जवाब है जो अचानक मन में आते हैं कि कश्मीर पंडित होना क्यों एक आशीर्वाद था।

फिल्म देखने के बाद उन्होंने ‘शारदा पंडित (एक ऐसी महिला जिसके जरिए फिल्म में गिरिजा टीकू और डॉ सरला जैसी तमाम कश्मीर पंडित महिलाओं पर हुए अत्याचारों को दर्शाया गया है)‘ का किरदार निभाने वाली भाषा सुंबली की तारीफ की। वह लिखती हैं, “भाषा सुंबली एक उत्कृष्ट कलाकार हैं। उन्होंने अपनी भूमिका के साथ जो न्याय किया उसके कारण शारदा पंडित के किरदार को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। मैं प्रीमियर देख पूरी रात सो नहीं सकी। उनकी आँखों और उनकी चीख ने मुझे डरा दिया। मैं महसूस कर सकती थी कि उन्होंने अभिनय के समय क्या महसूस किया होगा।”

दर्शन तो कश्मीरी पंडित भी नहीं है फिर भी उन्होंने अपना किरदार इतने दर्द के साथ निभाया कि हर कोई उनकी कड़ी मेहनत उस किरदार में महसूस कर सकता है। चिन्मय वह व्यक्ति हैं जिनसे फिल्म में आप नफरत करना पसंद करेंगे। मिथुन चक्रवर्ती और अनुपम खेर के लिए कोई शब्द ही नहीं है। वे अपनी एक्टिंग से आपको नि:शब्द कर देंगे। अनुपम खेर के अलावा ‘बोब जी’ का किरदार कौन इतनी बखूबी निभाता।

हर कश्मीरी हिंदू को है The Kashmir Files का इंतजार

बता दें कि द कश्मीर फाइल्स को पर्दे पर आने में अब ज्यादा समय नहीं है। दुनिया भर में बैठे कश्मीरी हिंदू इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। जिन्होंने इसे देख लिया है वह न फिल्म के किरदारों को भुला पा रहे हैं और न ही 90 के दशक की कल्पना कर पा रहे हैं जब कश्मीरी पंडित अपने-अपने घर छोड़ने को सिर्फ इसलिए मजबूर हुए क्योंकि इस्लामी कट्टरता वहाँ व्यापक स्तर पर विकराल रूप ले चुकी थी।

नोट- शिवेता पंडित एक आम कश्मीरी हिंदू महिला हैं। जो द कश्मीर फाइल्स के जम्मू प्रीमियर के दौरान फिल्म देखने गईं और इस फिल्म को देखने के बाद अपनी ये प्रतिक्रिया दी।

‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज रोकने वाली इंतजार हुसैन की याचिका को बॉम्बे HC ने किया ख़ारिज, 11 मार्च को ही सिनेमा घरों में आएगी फिल्म

बॉम्बे हाईकोर्ट ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की माँग वाली इंतेज़ार हुसैन सैयद द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में कश्मीरी पंडितों पर किए गए अत्याचारों को दिखाया गया है। यह फिल्म 11 मार्च, 2022 को अपने शेड्यूल के अनुसार रिलीज होने के लिए तैयार है।

लॉ बीट की रिपोर्ट के अनुसार, जनहित याचिका को खारिज करते हुए, मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की पीठ ने याचिकाकर्ता से केंद्र सरकार से संपर्क करने और उपाय तलाशने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने याचिकाकर्ता से आगे पूछा कि क्या उन्होंने यह जानने के लिए एक आरटीआई दायर की थी कि क्या सीबीएफसी ने प्रमाण पत्र जारी किया है। इस पर याचिकाकर्ता ने जवाब दिया, “आरटीआई में कम से कम एक महीना लगता है।” अदालत ने टिप्पणी की कि इस सिर्फ इस आधार पर फिल्म पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

इस मामले में उच्च-न्यायालय में ‘जनहित याचिका (PIL)’ दायर की गई थी, जिस पर आज मंगलवार (8 मार्च, 2022) को शाम 4 बजे हुई सुनवाई में ख़ारिज कर दिया गया। बता दे कि मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता के समक्ष इस याचिका को अर्जेन्ट लिस्टिंग के लिए उठाया गया, जिस पर वो सुनवाई के लिए राजी हो गए थे।

इस PIL को उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंतज़ार हुसैन सैयद ने दायर किया था। ‘द कश्मीर फाइल्स’ शुक्रवार (11 मार्च, 2022) को रिलीज होने वाली है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में मुस्लिमों को कश्मीरी पंडितों का नरसंहार करते हुए दिखाया गया है, जो मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। इंतजार हुसैन सैयद का दावा है कि पूरी फिल्म इस घटनाक्रम के एक ही पक्ष को दिखाती है, जो हिन्दू समाज को आक्रोशित कर के भड़का सकती है।

इस याचिका में फिल्म की रिलीज रोकने के साथ-साथ इसके ट्रेलर को भी YouTube से हटाने की माँग की गई थी। दावा है कि हिन्दुओं के भड़कने के बाद पूरे देश में भारी हिंसा हो सकती है, जिससे जानमाल की बड़ी क्षति होगी। याचिका में ये भी दावा किया गया है कि 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल इस फिल्म का इस्तेमाल सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं। याचिकाकर्ता ने इस फिल्म के ट्रेलर को तुरंत सभी सोशल मीडिया साइट्स से हटाए जाने की माँग की

‘द कश्मीर फाइल्स’ में जहाँ एक तरफ अनुपम खेर, पुनीत इस्सर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे वरिष्ठ अभिनेता हैं, वहीं दर्शन कुमार भी इसका अहम हिस्सा हैं पल्लवी जोशी ने भी फिल्म में एक अहम किरदार निभाया है। इसे 90 के दशक में कश्मीर में हिन्दुओं के नरसंहार के ऊपर बनाया गया है। विवेक अग्निहोत्री को ‘चॉकलेट (2005)’, ‘धन धना धन गोल (2007)’, ‘हेट स्टोरी (2012)’, ‘ज़िद (2014)’, ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम (2016)’, ‘जुनूनीयत (2016)’ और ‘द ताशकंद फाइल्स (2019)’ के लिए जाना जाता है।

गाड़ी पर खड़े होकर दूरबीन से EVM पर नजर रख रहे सपा उम्मीदवार, माइक भी लगा रखी है: लोग बोले – 10 मार्च को ऐसे ही वोट ढूँढेंगे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election) के सात चरणों के मतदान संपन्न हो चुके हैं। नतीजे 10 मार्च को घोषित होंगे। मतगणना से पहले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने ईवीएम पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है। पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने प्रत्याशियों को ईवीएम पर नजर रखने का आदेश दिया है। मेरठ के हस्तिनापुर विधानसभा सीट से सपा उम्मीदवार योगेश वर्मा अखिलेश यादव के इस आदेश का पालन कर रहे हैं। वह दूरबीन से EVM की निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यहाँ EVM रखी गई हैं, हम दूरबीन से देख रहे हैं कि यहाँ किसी भी तरह की गतिविधि तो नहीं हो रही। दूरबीन से छत और आसपास के पूरे इलाके पर हम पैनी निगाह रख रहे हैं।” योगेश वर्मा ने आगे कहा कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के लिए 8-8 घंटे की 3 शिफ्ट बनाई है, जिसके आधार पर वे तैनात हैं। इसके अलावा आसपास के इलाके की निगरानी के लिए अलग से टीम लगाई है।

योगेश वर्मा का वीडियो वायरल होने के बाद लोग काफी मजे ले रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “जिनको देश की आर्मी पर भरोसा नही, देश की न्यायपालिका पर भरोसा नही, चुनाव आयोग पर भरोसा नही!! क्या जनता ऐसे लोगों पर विश्वास करेगी?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “ऐसे जोकर सिर्फ समाजवादी पार्टी में आपको मिलेंगे। ये आदमी संविधान की शपथ लेगा मगर हमारे सिसटम के ऊपर विश्वास नहीं है जो खुद सिस्टम का हिस्सा है या होगा। शर्म की बात है।”

शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “10 तारीख को दूरबीन लेकर वोट ढूँढेगा। देश में मूर्खों की कमी नहीं है मगर इस प्राणी की गिनती बहुत कम पाए जाने वाले विचित्र मूर्खों में की जाएगी।”

ट्विटर यूजर ने लिखा, “सरकार भी दूरबीन से ही बनेगी।”

हिंदुत्ववादी भारतीय नाम के हैंडल ने लिखा, “10 मार्च को इसी दूरबीन से देखना सपा दूर दूर तक दिखाई नहीं देगी।”

एक यूजर ने लिखा, “इतना सब करने के बाद भी यही कहेंगे कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है, वरना जीत तो समाजवादी पार्टी की ही थी।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “अखिलेश भैया सुतियों को ही पार्टी में लेते हैं या फिर पार्टी में रह कर सुतिया बनने का स्पेशल क्रैश कोर्स करवाते हैं?”

सात चरण के मतदान के बाद विधानसभा के चुनाव संपन्न होने के बाद EVM मशीन जिलों में स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। वहाँ पर केन्द्रीय बल तैनात हैं। प्रशासन की तरफ से लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भी हो रही है, लेकिन सपा के कार्यकर्ता भी लगातार स्ट्रांगरूम के बाहर डटे हैं। 

मसाज के लिए 4 महिलाओं की बुकिंग, 2 शेन वार्न के कमरे में गईं… बाद बेसुध मिले थे: ‘खून के धब्बों’ के बाद अब CCTV फुटेज ने दिया नया मोड़

दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न का 4 मार्च 2022 को थाईलैंड में निधन हो गया था। उसके बाद से इस मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। अब सीसीटीवी फुटेज का हवाला दे मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वार्न ने मसाज के लिए 4 महिलाओं को बुक किया गया था। इनमें से दो उनके कमरे में गईं थी और इनके निकलने के कुछ देर बाद वे बेसुध मिले थे।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक अपनी मौत से पहले शेन वार्न मसाज करने वाली महिलाओं से संपर्क में थे। उन्होंने चार महिलाओं को मसाज के लिए बुलाया था। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक शुक्रवार (4 मार्च 2022) दोपहर एक बजकर 53 मिनट पर चारों थाई महिलाएँ आती हैं। उनमें से दो शेन वार्न के कमरे में चली जाती हैं। वहीं अन्य दो उनके दोस्तों के पास चली जाती हैं। इसके बाद वे सभी 2 बजकर 58 मिनट पर रिसॉर्ट से बाहर चली जाती हैं। इनके जाने के दो घंटे 17 मिनट के बाद यानी शाम 5 बजकर 15 मिनट पर वार्न रिसॉर्ट में बेसुध पाए गए थे। इसके बाद उनके दोस्तों ने उन्हें 20 मिनट तक उठाने की कोशिश की। उनके होश में नहीं आने पर स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाली चारो महिलाएँ (फोटो साभार: Daily mail)

फुटेज में साफ-साफ चार महिलाओं को रिसॉर्ट से बाहर जाते देखा जा सकता है। मामले में पेन नाम की मसाज करने वाली महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि वह शेन वार्न के कमरे में गई थी। लेकिन उसका कहना है कि उसे वार्न को फुट-मसाज देने के लिए जाना था। जब उसने कमरे का गेट खटखटाया तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला।

पेन ने बताया कि शेन वार्न को दो लड़कियाँ मसाज दे रही थी और वह (पेन) उनके दोस्तों को फुट मसाज और नेल ट्रीटमेंट दे रही थी। पुलिस का मानना है कि इन्हीं दो महिलाओं ने वॉर्न को आखिरी बार जिंदा देखा था। इधर पेन का कहना है कि जब वह उनके दोस्तों का मसाज कर रही थी तो उसने वार्न को एक बार भी नहीं देखा तो उसने सोचा कि वह सो रहे होंगे। इसके बाद नौकरानी ने शेन वार्न का दरवाजा खटखटाया, मगर काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। पेन ने कहा कि कमरे से कोई आवाज नहीं आ रही थी तो नौकरानी ने कहा कि वह सो रहे हैं। फिर महिला ने अपने बॉस को मैसेज करके बताया कि शेन वार्न दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। 

जब उनका दरवाजा नहीं खुला, तो दोस्तों ने रूम को खोला। शेन वार्न को वहाँ पर अचेत अवस्था में पाया गया था, जिसके बाद एम्बुलेंस बुलाई गई। साथियों ने ही वार्न को 20 मिनट तक सीपीआर दिया, जब एम्बुलेंस आई तब अस्पताल की ओर गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। महिला के मुताबिक, उसे वार्न और उनके दोस्तों के ग्रुप को मसाज देने के लिए उसे बुक किया गया था।

पुलिस ने बताया था कि वार्न का निधन थाईलैंड के सामुजान विला में हार्ट अटैक की वजह से हुआ था। वहाँ पर वह अपने दोस्तों के साथ छुट्टियाँ मनाने गए थे। वॉर्न के कमरे से कोई ऐसी चीज नहीं मिली, जिससे उनके मौत में गड़बड़ी का शक हो। पुलिस का कहना है कि वार्न ने जरूर महिलाओं को मसाज देने के लिए बुलाया था, लेकिन उन महिलाओं का मौत से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने यह भी बताया था कि वार्न के कमरे में खून के धब्बे मिले थे, जो सीपीआर देने की वजह से आए थे। थाईलैंड के जिस कोह सामुई स्थित प्राइवेट विला में शेन वार्न ठहरे थे, वहाँ के स्थानीय पुलिस कमांडर ने थाई मीडिया को बताया था, “कमरे में अच्छी-खासी मात्रा में खून पाया गया था। जब सीपीआर शुरू किया गया था, मृतक को तरल खाँसी आई थी और खून बह रहा था।”

कर्नाटक: हर्षा मर्डर केस में आरोपितों पर UAPA, हिजाब विरोधी पोस्ट के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता की चाकू मारकर कर दी गई थी हत्या

बजरंग दल कार्यकर्ता की हर्षा की हत्या के मामले में कर्नाटक पुलिस ने सभी 10 आरोपितों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धाराएँ लगाई है। 26 वर्षीय हर्षा की हत्या 20 फरवरी 2022 को कर्नाटक के शिवमोगा जिले में चाकू मारकर कर दी गई थी। हत्या के वक्त वे दोस्तों के साथ खाना खाने बाहर निकले थे। हत्या से पहले उन्होंने कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया था।

पुलिस ने किसी बड़ी साजिश का शक होने की वजह से आरोपितों पर यूएपीए की धाराएँ लगाई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि इस मामले में जो नजर आ रहा है यह उससे कहीं ज्यादा बड़ा मामला है। यूएपीए अधिकतर उन मामलों में लगाया जाता है जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला हो या देश के खिलाफ किसी बड़ी साजिश का शक हो। यूएपीए लगने के बाद पुलिस आरोपित को 30 दिनों तक हिरासत में रख सकती है। आम मामलों में पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने की तय सीमा 90 दिनों की होती है, वहीं यूएपीए लगने के बाद चार्जशीट दाखिल करने के लिए 180 दिनों का समय मिलता है।

कर्नाटक सरकार इस मामले को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को भी सौंप सकती है। शिवमोगा के विधायक और मंत्री केएस ईश्वरप्पा और केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने मामले की जाँच NIA को सौंपने की माँग भी की है। हालाँकि कर्नाटक के गृह मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की पुलिस जाँच जारी रखेगी। कर्नाटक सरकार ने हर्षा के परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हर्षा की हत्या सुनियोजित एजेंडे के तहत की गई है। मामले की जाँच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है।

पुलिस की जाँच में सामने आया था कि हर्षा ने फेसबुक पर हिजाब के ख़िलाफ़ और भगवा शॉल के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। इसी को उसकी हत्या के पीछे की वजह बताया जा रहा है। राज्य मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने इसके लिए मुसलमान गुंडों को जिम्मेदार बताया था। इस हत्या के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु मुस्लिम द्वारा 2015 में किया गया एक पोस्ट भी वायरल हुआ था। इसके आधार पर दावा किया गया था कि हर्षा मुस्लिम कट्टरपंथियों की हिट लिस्ट में थे। इस पोस्ट में कथित तौर पर लिखा था, “हिंदुत्व आतंकवादी समूह के सदस्य हर्ष ने पैगंबर मोहम्मद और अल्लाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्ट डाले हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पवित्र काबा की मॉर्फ्ड तस्वीरें साझा की हैं। हम शिवमोगा के लोगों से अनुरोध करते हैं कि उनके खिलाफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करें और इसे ‘उचित उपचार’ भी दें। करावली (तटीय कर्नाटक) के भाइयों, कृपया विभिन्न पुलिस स्टेशनों में हर्षा के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज करें ताकि वह अपना बचा हुआ जीवन पुलिस स्टेशन और अदालत के अंदर बिताए। उसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इनबॉक्स में एक टेक्स्ट छोड़ें। इस छवि और जानकारी को साझा करें।”

10-12 साल के 6 बच्चों ने पहले देखा पोर्न, फिर 8 साल की 2 बच्चियों से किया रेप: बिहार की घटना, ₹3 देकर कहा- किसी को मत बताना

बिहार के शेखपुरा से एक मामला सामने आया है, जहाँ 6 बच्चों ने मिल कर एक बच्ची का गैंगरेप किया। बताया जा रहा है कि बच्चों ने पोर्न वीडियो देखने के बाद इस कांड को अंजाम दिया। ये घटना बरबीघा थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। 6 नाबालिग लड़कों ने मिल कर दो नाबालिग बच्चियों के साथ गंगरेज की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद बच्चियों को 3 रुपए देकर कहा कि जो भी हुआ, इसके बारे में किसी को कुछ भी मत बताना।

घटना की सूचना मिलने के बाद बरबीघा थाना क्षेत्र की पुलिस ने छापेमारी शुरू की। इस अपराध में शामिल दो बच्चों को पुलिस ने पकड़ लिया है। 4 लड़के अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। गैंगरेप करने से पहले ये बच्चे साथ मिल कर मोबाइल फोन पर पोर्न वीडियोज देख रहे थे। पीड़िता की दादी ने इस मामले में बरबीघा थाना क्षेत्र में FIR दर्ज करवाई है। थानाध्यक्ष एवं पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ये शाम के 5-6 बजे की घटना है।

उसी समय इन दोस्तों ने साथ बैठ कर मोबाइल फोन पर पोर्न वीडियोज देखा। इसके बाद उन्होंने वास्तविक जीवन में भी इसी तरह की हरकत को दोहराने की सोची। वहाँ से कुछ ही दूर एक खेत है, जहाँ दो लड़कियाँ साग तोड़ रही थीं। आरोपितों ने दोनों लड़कियों को वहाँ से उठा लिया और उनके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। बारी-बारी से सबने रेप किया। घटना में शामिल सभी आरोपित बच्चों की उम्र 10-12 साल के आसपास है।

दोनों पीड़ित बच्चियों की उम्र 8 साल बताई गई है। सोमवार (7 मार्च, 2022) देर शाम पुलिस ने मामला दर्ज किया। दोनों पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए शेखपुरा शहर भेजा गया है, जबकि आरोपित बच्चों को अदालत में पेश किया गया है। गैंगरेप के बाद जब दोनों बच्चियाँ रोने लगी थीं तो एक लड़की के हाथ में आरोपितों ने 3 रुपए पकड़ा कर किसी को कुछ न बताने के लिए कहा। जब लड़कियाँ रोते-रोते घर गईं तो परिजनों को ये बात पता चली। फिर पूरे गाँव में ये बात फ़ैल गई।

‘सूअर का मांस खिलाया, बाइक-मोबाइल छीना’: रहमान और आजम के दावे पर गुरुग्राम पुलिस को शक, दोस्त रउफ के पास से मिली चीजें

गुरुग्राम (Gurugram) में दो युवकों द्वारा दो मुस्लिम व्यक्तियों की कथित तौर पर पिटाई करने और मजहबी अपशब्द कहने का मामला सामने आया है। जहाँ पीड़ितों ने दावा किया कि उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए थे। पीड़ितों की पहचान बिहार के रहने वाले अब्दुर्रहमान और उसके दोस्त मोहम्मद आजम के रूप में हुई है। जहाँ पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करते हुए घटना की जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं दोनों पर शक भी जताया जा रहा है कि उन्होंने बढ़ा-चढ़ाकर शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस ने सोमवार (7 मार्च, 2022) को कहा था कि बिहार के मूल निवासी अब्दुर रहमान और उसके दोस्त मोहम्मद आजम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हमलावरों ने उन्हें सूअर का मांस खिलाने की भी बात की और उनमें से एक को सफेद पाउडर खाने के लिए मजबूर किया। वहीं शहर के सेक्टर 40 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, पुलिस ने गुरुग्राम के कन्हाई गाँव निवासी कथित हमलावरों के रूप में राहुल और प्रवीण सैनी की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान, उन्होंने पीड़ितों के आरोप के अनुसार मोबाइल फोन छीनने या मोटरसाइकिल ले जाने से इनकार किया। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल घटना स्थल के पास खड़ी थी, जबकि मोबाइल फोन भी दोनों पीड़ितों के एक दोस्त रऊफ के पास से बरामद किया गया था।

मामले में जाँच करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (सदर) अमन यादव ने कहा, “मजहबी कलंक का आरोप भी झूठा हो सकता है। फ़िलहाल, प्रारंभिक जाँच पीड़ितों द्वारा घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का संकेत देती है। मामले में कोई स्नैचिंग नहीं थी।” उन्होंने कहा कि हम अभी भी घटना की जाँच कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को मीडिया को बताया कि दो मुस्लिम लोगों की कथित तौर पर पिटाई का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ितों की पहचान बिहार के मूल निवासी अब्दुर रहमान और उसके दोस्त मोहम्मद आजम के रूप में हुई है। आरोप है कि हमलावरों ने दो मुस्लिम लोगों को सूअर का मांस खिलाने की बात की और उनमें से एक को सफेद पाउडर खाने के लिए मजबूर किया।

यह कथित घटना सेक्टर-45 में रमाडा होटल के पास हुई, जहाँ वे मदरसे के लिए कुछ चंदा लेने के बाद अपनी मोटरसाइकिल पर चक्करपुर जाते समय कुछ देर रुके थे। दरअसल, ये घटना गुरुग्राम जिले में सेक्टर- 45 स्थित रमाडा होटल के पास का मामला है। आरोप है कि जब रहमान और आजम मदरसे से दान एकत्र करने के बाद अपनी मोटरसाइकिल पर चक्करपुर जा रहे थे। इस दौरान दोनों आरोपितों ने उन्हें रोक लिया। और गाली-गलौज और मारपीट का दावा किया जा रहा है।

ACP ने कहा कि हमलावरों में से एक ने अपनी कार से कुछ सफेद पाउडर निकाला और मोहम्मद आजम के मुँह में डाल दिया। उन्होंने बताया कि वे उनके मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल छीनकर घटनास्थल से भाग गए। हालाँकि, बाद में मोटरसाइकिल पास के ही एक अज्ञात स्थान पर लावारिस हालत में खड़ी मिली। ऐसे में पीड़ितों के दावों पर भी संदेह जताया जा रहा है।

पुलिस ने दर्ज की FIR

इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर सेक्टर-40 पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323 (चोट पहुँचाना), 379 बी (डकैती), 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का दुर्भावनापूर्ण इरादा), 34 (सामान्य इरादा) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।

हनीमून मनाकर लौट रहे थे रुपिन कात्याल, जहूर इब्राहिम ने चाकुओं से गोद दिया था: अब खुद मारा गया, आतंकियों ने अगवा किया था विमान

पाकिस्तान के कराची में अज्ञात हमलावरों के हाथों 1 मार्च को आतंकी जहूर मिस्त्री इब्राहिम उर्फ जमाली मौत के घाट उतार दिया गया। उसकी हत्या की खबर भारतीय मीडिया में एक हफ्ते लेट आई लेकिन जैसे ही इसका पता चला वैसे ही रुपिन कात्याल को इंसाफ मिलने की बातें शुरू हो गईं। रुपिन कात्याल वही व्यक्ति हैं जिन्हें इस आतंकी ने इंडियन एयरलाइंस के प्लेन आईसी-814 को हाईजैक करने के दौरान बेरहमी से मार डाला था। 

घटना 25 दिसंबर 1999 की है जब जहूर मिस्त्री इब्राहिम ने रुपिन कात्याल को धारधार हथियार से उस वक्त मारा जब वो अपने हनीमून से लौट रहे थे। रुपिन उस दिन उसी प्लेन में अपनी पत्नी के साथ थे जो पाकिस्तानी दहशतगर्दों ने तीन आतंकियों को छुड़ाने के लिए हाईजैक किया था। 

वे दोनों काठमांडू से दिल्ली आ रहे थे। मगर, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्लेन में कुल 178 यात्री थे। जिनमें से आतंकियों ने रुपिन को अपना निशाना बनाया। पूरे घटना में एक सतनाम सिंह भी घायल हुए थे। लेकिन बाद में सतनाम को बचा लिया गया और रुपिन के साथ हुई निर्ममता के कारण उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया। रुपिन के जाने के कुछ सालों बाद खबर आई कि ससुरालावलों ने उनकी पत्नी को बेटी बनाकर अलग ब्याह दिया। मगर, ये सवाल हमेशा उठता रहा कि आखिर रुपिन को इंसाफ कब मिलेगा।

रुपिन के साथ हुई बर्बरता

रुपिन के साथ हुई बर्बरता को लेकर विमान के कैप्टेन डी शरण ने एक बताया था, “विमान में ईंधन भरने में देरी से नाराज उन दहशतगर्दों ने रुपिन को चाकू मारा। उस भयानक क्रिसमस की रात 25 वर्षीय हनीमून से लौटे शख्स ने काठमांडू में किसी यात्री द्वारा खरीदे गए उस कंबल में अपनी आखिरी सांस ली, जिसे कात्याल के खून से लथपथ शरीर पर फेंक दिया गया था। उन्हें जब तक होश था वह दोहरा रहे थे- पापा पानी, पापा पानी।”

इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली में एक एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके मुताबिक उनके पेट पर चाकू के घाव थे, छाती पर चाकू मारा गया था, गर्दन पर चाकू चलाया गया था और गले की नस भी कटी हुई थी। इसके अलावा चेहरे पर छूरा के छह घाव और नाक टूटी हुई थी।

2 हाईजैकर अब भी जिंदा

जानकारी के लिए बता दें कि रुपिन की हत्या में शामिल जहूर के साथ जो अन्य आतंकी थे। उनमें से अब सिर्फ दो ही जिंदा हैं। माना जाता है कि एक हाईजैकर तो स्वभाविक कारणों के चलते मर गया था। वहीं एक को 13 दिसंबर 2001 को संसद में हुए हमले के दौरान भारतीय सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। इनमें एक मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर है और दूसरा रॉफ असगर। कहा जा रहा है कि जहूर मिस्त्री के शव यात्रा  में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकी शामिल हुए थे।

​तमिलनाडु के मंत्री की बेटी को पिता से ही जान का खतरा, कर्नाटक पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार: सतीश से लव मैरिज नहीं कबूल

​तमिलनाडु के एक मंत्री की बेटी ने जान को खतरा बताते हुए कर्नाटक पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ये मंत्री हैं- डीएमके नेता पीके शेखर बाबू। स्टालिन सरकार में हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की जिम्मेदारी सँभालते हैं। शेखर बाबू की बेटी जयकल्याणी ने हाल ही में प्रेम विवाह किया है। अब कल्याणी ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर कमल पंत को एक ज्ञापन दिया है। इसमें पिता पर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की माँग की है।

जयकल्याणी ने मीडिया को बताया कि वह छह साल से सतीश कुमार के साथ रिलेशनशिप में थीं। जाति की वजह से उनके पिता इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। बावजूद दोनों ने हाल ही में शादी कर ली। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता सतीश कुमार से मेरे रिश्ते के खिलाफ थे। कुछ महीने पहले हमने शादी की कोशिश की तो पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर दो महीने तक हिरासत में रखा।”

रिपोर्ट के अनुसार बीते साल सितंबर में दोनों ने पहली बार शादी की कोशिश की थी। उस समय सतीश कुमार ने एक वीडियो भी जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वह और जयकल्याणी 6 साल से रिश्ते में थे। जयकल्याणी के परिवार वालों को जनवरी 2021 में इसका पता चला। फिर कुछ दिनों तक दोनों की बातचीत नहीं हो पाई। उन्होंने बताया था, “बाद में हमारी फिर से बात होने लगी और अगस्त में हम एक साथ चेन्नई से भाग गए। मैं अब डर गया हूँ। शेखर बाबू से मेरे परिवार को धमकियाँ मिल रही है।”

जयकल्याणी ने कहा है, “मैं बालिग हूँ। हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और शादी कर ली है। तमिलनाडु लौटने पर हमें जान से मारने की धमकी दी गई, इसलिए हमने सुरक्षा के लिए बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया है।” एक्टिविस्ट भरत शेट्टी के अनुसार जयकल्याणी और सतीश ने उनसे सोशल मीडिया के जरिए मदद माँगी थी। उन्होंने कहा, “हमने हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह समारोह का आयोजन किया था। अब दोनों को जान से मारने की धमकी मिल रही। लिहाजा उन्होंने बेंगलुरु पुलिस से सुरक्षा माँगी है।”

गौरतलब है कि इससे पहले केरल के वामपंथी नेता जयचंद्रन द्वारा अपनी बेटी अनुपमा का नवजात बच्चा छीनने का मामला सामने आया था। कई महीनों की अदालती लड़ाई के बाद अनुपमा और अजीत को अपना बच्चा मिल पाया था। दरअसल, जयचंद्रन को अनुपमा का दलित अजीत के साथ रिश्ता पसंद नहीं था।