मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। वहाँ सोमवार (13 दिसंबर 2021) को पुलिस ने बताया कि एक आदमी ने अपनी पत्नी से जबरदस्ती सेक्स करने की कोशिश की तो पत्नी ने उसके गुप्तांग को ही काट डाला।
ये घटना 7 दिसंबर को राम नगर में घटी। जतारा पुलिस थाने के अधिकारी त्रिवेंद्र तिवारी ने बताया युवक ने इसी रविवार (12 दिसंबर 2021) को अपने साथ घटित घटना की शिकायत की है। 26 वर्षीय पीड़ित ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी ने उसके गुप्तांगों को काटा जब वह उसके साथ इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था।
Forced to have sex, a woman from Tikamgarh in Madhya Pradesh cut off the genitals of her husband, the police said.#MadhyaPradeshhttps://t.co/8CUlxtIfTx
इसके बाद अत्याधिक दर्द से पीड़ित युवक को उसके घर के पास के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जतारा में इलाज के लिए लेकर गए, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए झांसी रेफर कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, दंपत्ति का विवाह साल 2019 में हुआ था। बाद में झगड़ा रहने के कारण वह अलग हुए और कुछ ही समय पहले दोनों में सुलह हुई थी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक युवक ने इतनी देरी से इसलिए शिकायत की क्योंकि उसकी सर्जरी चल रही थी। अब मामले को आईपीसी की धारा 324 के तहत दर्ज किया गया है। केस की जाँच चल रही है।
उल्लेखनीय है कि पति का गुप्तांग काट देने की यह पहली घटना सामने नहीं आई है। इसी वर्ष जून में एक केस मुजफ्फरनगर से सामने आया था। तब भौराकलां थाना क्षेत्र के शिकारपुर गाँव में वकील रफीक अहमद की बीवी ने उनका गुप्तांग काटकर उन्हें मार डाला था। रफीक पर आरोप था कि वो 2 शादियाँ कर चुका था और तीसरी करने का विचार बना रहा था।
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित देवधा गाँव से हिंसा के आरोप की खबर आ रही है। बता दें कि मंगलवार (14 दिसंबर, 2021) को बिहार में पंचायत चुनाव के लिए 20 जिलों के 38 प्रखंडों में मतगणना चल रही है। ये पंचायत चुनाव का 11वाँ चरण है। इससे एक दिन पहले देवधा गाँव में हिंसा के आरोप की ख़बरें सामने आई हैं। पंचायत समिति उम्मीदवार पवन महतो का आरोप है कि गाँव में मुस्लिम भीड़ ने जम कर उत्पात मचाया है और लोगों के घरों में घुस कर उनकी पिटाई की है।
ऑपइंडिया से बात करते हुए पवन महतो ने बताया, “वास्तविक बात ये है कि मैं अभी तक घर पर नहीं पहुँचा हूँ। मैं पंचायत समिति का चुनाव लड़ रहा था। इसके तहत मंगलवार को मधुबनी जिला मुख्यालय में मतगणना होनी थी। इसके लिए मैं एक दिन पहले ही शाम के 4 बजे जिला मुख्यालय के लिए निकल गया। रात को मैं गाँव में नहीं था। मैं जैसे ही यहाँ पहुँचा, मुझे गाँव से कॉल आया कि यहाँ अफरा-तफरी मची हुई है और कई लोग घायल हो गए हैं।”
हालाँकि, पवन महतो पंचायत समिति का चुनाव हार चुके हैं। उन्हें 500 से अधिक मत प्राप्त हुए, लेकिन वो तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने बताया कि चूँकि वो मधुबनी शहर में थे, इसीलिए से जब उन्हें हिंसा की सूचना मिली तो मोबाइल फोन से ही लोगों से संपर्क करना शुरू किया और इस दौरान बीडीओ से लेकर एसडीएम तक का नंबर मिलाया। उनका कहना है कि वो रात के 12 बजे तक इसमें व्यस्त रहे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस-प्रशासन वहाँ पहुँची, लेकिन पुलिसकर्मियों की भी पिटाई की गई है।
पवन महतो का कहना है कि हिंसा का परिणाम ये हुआ है कि अभी तक उनलोगों ने गाँव में कदम नहीं रखा है और मधुबनी शहर में ही हैं। उन्होंने कहा कि मतगणना के कारण गाँव में कम लोग बचे हुए थे, इसी दौरान हमला हुआ। उन्होंने बताया कि वो मंगलवार की शाम को घर पहुँचेंगे। उन्होंने इस बात का डर जताया कि फिर से हमला किया जा सकता है, क्योंकि आरोपितों की तरफ से लगातार ऐसी ही धमकी दी जा रही है। दंगेबाजी करने वाले कौन लोग हैं?
इसके जवाब में उन्होंने बताया कि वो भीड़ मुस्लिमों की थी और उसमें बकरा-गाय काटने वाले मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम भीड़ ने काफी बुरी घटना को अंजाम दिया है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उन्हें गाँव से लड़कियों ने फोन कॉल्स आ रहे थे। वो कह रही थीं कि हमें बचाइए, ये लोग हमारे घरों में घुस रहे हैं। वो लोग बार-बार पुलिस को भेजने की गुहार लगा रही थीं और पूछ रही थीं कि आपलोग कहाँ हैं।
पवन महतो को इस बात का अफ़सोस है कि वो यहाँ से कुछ नहीं कर पाए, क्योंकि मोबाइल फोन पर लोगों से संपर्क करने के अलावा कोई और चारा ही नहीं था। उन्होंने कहा कि एसपी तक ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया। हालाँकि, जयनगर के सडीपीओ शौर्य सुमन ने ऑपइंडिया को बताया कि इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है। IPS अधिकारी ने कहा कि हिंसा की घटना और पुलिसकर्मियों की पिटाई के पंचायत समिति उम्मीदवार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई घटना ही ही नहीं है, ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
हमने इस मामले में हमने मधुबनी के एसपी सत्य प्रकाश से भी बात की, जिन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की कोई सूचना नहीं मिली है।
अमेरिका की 22 वर्षीय वीडियोग्राफर बेली क्राव्ज़िक ने सेक्स को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मजहबी परवरिश इस तरह से की गई थी कि वह सेक्स को पाप मानने लगीं और इससे डरने लगीं। इसका नतीजा यह हुआ कि उनकी योनि (vagina) सामान्य लड़कियों की तरह नहीं रहीं। उन्हें पेनेट्रेशन (सेक्स) के समय काफी ज्यादा दर्द हुआ। पीरियड के दिनों में भी टैम्पोन तक इस्तेमाल नहीं कर पाती थीं। बेली वर्जीनिया के अलेक्जेंड्रिया में वीडियोग्राफर हैं।
ईसाई धर्म से ताल्लुक रखने वाली बेली क्राव्ज़िक ने बताया कि 13 साल की उम्र में ही उन्हें तब कुछ अलग महसूस होने लगा, जब वह टैम्पोन (पीरियड में सैनिटरी पैड्स की जगह इस्तेमाल करने वाली एक अन्य चीज) का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्होंने सोचा कि हो सकता है कि अभी उनका शरीर पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है, इसलिए ऐसा हो रहा है।
लेकिन 2020 में, जब वह 21 साल की हुईं, तब भी वह टैम्पोन का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से दिखाया को पता चला कि उन्हें वैजिनिस्मस (vaginismus) की समस्या है। इसकी वजह से टैम्पोन डालने या पेनेट्रेशन के समय काफी दर्द होता है।
इसके बाद उसने इस बीमारी को ठीक करने की दिशा में काम करना शुरू किया तो यह जानकर हैरान रह गईं कि उनकी धर्मनिष्ठ ईसाई परवरिश में महिलाओं के लिए सेक्स के बारे में आम मिथकों की वजह से आज उनकी यह स्थिति है। बेहद ही धार्मिक परिवार में पले-बढ़े, बेली ने कम उम्र से ही सेक्स को पाप से जोड़ दिया था। इसके अलावा उन्हें बताया गया था कि सेक्स दर्दनाक होता है और खून निकलता है।
वह कहती हैं, “मेरे अंदर यह (वैजिनिस्मस की समस्या) जहरीली संस्कृति में विकसित हुआ। मैं एक सख्त धार्मिक माहौल में पली-बढ़ी हूँ, जहाँ मुझे सेक्स को पाप और दर्द से जोड़ कर बताया गया। मुझे यह भी याद है कि स्कूल में पढ़ाया गया था कि सेक्स दर्दनाक होता है।”
बेली क्राव्ज़िक ने आगे बताया, “मैं महिलाओं को यह बताना चाहती हूँ कि उन्हें इस तरह जीने की जरूरत नहीं है। आप टैम्पोन लगा सकती हैं या नहीं, इससे कहीं ज्यादा प्रभाव आपके रिश्ते, बच्चे पैदा करने की क्षमता और सेक्स पर पड़ता है। इस समस्या की वजह से आप सेक्स का आनंद नहीं ले पाएँगी। यह न केवल आपको शारीरिक रूप से परेशान करेगा बल्कि मानसिक रूप से भी यह बहुत कठिन है।”
चीन की कम्युनिस्ट सरकार लगातार नेपाल के आंतरिक मामलों में अपनी घुसपैठ कर रही है। आज से वहाँ संसद सत्र शुरू हो रहा है, ऐसे में चीन ने नेपाल के राजनीतिक दलों पर खुले तौर पर दबाव बनाया है कि वह अमेरिकी प्रोजक्ट एमसीसी (मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन) के बिल को संसद से पास न होने दें।
कथिततौर पर, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उपमंत्री शेन झोऊ ने विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ये दबाव बनाने का काम किया है, जिसका खुलासा नेपाल की सरकारी एजेंसी ने किया है। एजेंसी ने बताया कि चीन की वामपंथी पार्टी के विदेश विभाग के उपमंत्री ने सोमवार को देर रात नेपाल के प्रमुख विपक्षी दल नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल को वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेता MCC पर पुनर्विचार करने को कहा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान शेन झोऊ ने विपक्षी नेता को ये भी बताया कि उनकी सत्तारूढ़ दल नेपाली कॉन्ग्रेस, माओवादी, एकीकृत समाजवादी और जनता समाजवादी पार्टी के नेताओं से बातचीत हो गई है। चीन के उपमंत्री ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ दल उनके विचारों से सहमत हैं और विपक्षी दल के नाते नेकपा एमाले को भी इस पर विचार करना चाहिए।
अब जहाँ चीन के उपमंत्री इस तरह के दावे कर रहे हैं। वहीं ओली की नेकपा एमाले को लेकर कहा जा रहा है कि उन्हें यूएस प्रोजेक्ट एमसीसी से कोई समस्या नहीं है। वह चाहते हैं कि ये जल्द से जल्द संसद में पारित हो, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो सत्तारूढ़ पार्टियों में फूट आ जाएगी और संभव है कि गठबंधन टूट जाए। यही वजह है कि चीन लगातार नेपाल के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा है।
बता दें कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा की पार्टी नेपाली कॉन्ग्रेस इस बिल के समर्थन में है, लेकिन उनके सहयोगी दल माओवादी, एकीकृत समाजवादी और जनता समाजवादी पार्टी तीनों ही इसका विरोध कर रहे हैं। ये सभी पार्टियाँ चीन की करीबी हैं।
2017 में साइन हुई थी यूएस से MCC पर डील
जानकारी के अनुसार नेपाल ने मई 2017 में जब इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को लेकर चीन के साथ बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव समझौते पर विचार किया था, उस समय अमेरिका ने भी अपने प्रयास तेज कर दिए थे और मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन (MCC) नेपाल कॉम्पैक्ट बनाने के लिए सितंबर 2017 में नेपाल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इन्हीं प्रोजेक्ट्स के चलते दोनों देशों ने नेपाल में दौरा भी किया।
अक्टूबर 2019 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आए और 2.75 बिलियन डॉलर समझौतों पर हस्ताक्षर किए। वहीं अमेरिका का मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन $600 मिलियन यानी (₹47,84,25,15,000) का है। जिसमें 500 मिलियन डॉलर ( ₹ 37,96,62,50,000) अमेरिका और नेपाल की ओर से 130 मिलियन डॉलर (₹ 9,87,12,25,000) लगने हैं।
इस एमसीसी नेपाल कॉम्पेक्ट में दो परियोजनाएँ हैं- पहली 300 किलोमीटर 400 किलोवोल्ट बिजली ट्रांसमिशन लाइन और 100 किलोमीटर पूर्व-पश्चिम राजमार्ग में अपग्रेड। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य गरीबी से लड़ना है। काठमांडू के जल संसाधन विश्लेषक रत्न संसार श्रेष्ठ ने बताया कि मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन द्वारा उत्पादित बिजली स्थानीय खपत के लिए नहीं होगी बल्कि केवल भारत को निर्यात के लिए होगी। नतीजतन, इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होगा।
नेपाल की जमीन पर चीन का अतिक्रमण
बता दें कि नेपाल में चीन का हस्तक्षेप कोई नई बात नहीं है। चीन की ओर से लगातार नेपाल पर दबदबा बनाने का प्रयास होता रहा है। इसी क्रम में उन्होंने रुई नामक गाँव पर कब्ज़ा किया था। यह नेपाल के गोरखा जिले में स्थित है। इसके अलावा चीनी सेना ने पिछले साल नेपाल के कोडारी गाँव में घुसकर गाँव के लोगों के साथ हिंसा की और उन्हें डराया-धमकाया था। चीनी सेना ने उनसे यह भी कहा था कि उनका कोडारी गाँव चीन के झांगमू प्रांत का हिस्सा है, जो कि तिब्बत (टीएआर) में आता है।
पुरानी बात करें तो साल 2011 में भी चीन ने नेपाल में एक ‘फ्रेंडशिप पुल’ का निर्माण किया था और व्यापार के नाम पर चीनियों द्वारा यहाँ की दैनिक आमद शुरू हो गई थी। अब चीन इस कोडारी कस्बे पर अपना दावा करते हुए इसे अपनी सीमा के भीतर झांगमू शहर का हिस्सा बताता है और नेपाल सरकार इसके आगे लाचार और बेबस नजर आती है। वहीं जब बात भारत की होती है तो यही नेपाल कालापानी के तीन गाँवों पर अपना अधिकार दिखाता है और नेपाली मीडिया इसे भारतीय अतिक्रमण कहने से गुरेज नहीं करती।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार (14 दिसंबर, 2021) को स्वर्वेद महामंदिर धाम विहंगम योग के 98वें वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे। भारत की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के उमरहाँ में निर्माणाधीन विशाल साधना केंद्र स्वर्वेद महामंदिर शिल्प और अत्याधुनिक तकनीक के अदभुत सामंजस्य का प्रतीक है। बाबा विश्वनाथ धाम के साथ ही यह महामंदिर भी काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व की शिखर पताका को और ऊँचा उठाने वाला है।
विहंगम योग संस्थान द्वारा काशी के उमरहाँ में पिछले 18 वर्षों से निर्माणाधीन स्वर्वेद महामंदिर 180 फीट ऊँचा और सात मंजिलों का है। गाजीपुर रोड पर उमरहां में आकार ले रहे दिव्य धाम में प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ विहंगम योग के साधको को बल्कि यहीं से सम्पूर्ण विश्व को एक बार फिर योग-ध्यान और काशी की संस्कृति से जोड़ने वाले हैं।
महामंदिर में सद्गुरु सदाफल देव महाराज के 2024 में होने वाले शताब्दी समारोह और लोकार्पण को देखते हुए कई बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 98वें वार्षिकोत्सव के रूप में 13-15 दिसंबर तक चलने वाले 3 दिवसीय कार्यक्रम और 5100 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ का आयोजन किया गया है। आयोजन के दूसरे दिन यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 3 बजे पहुँचेंगे और करीब 3 लाख उपस्थित साधकों और काशीवासियों के साथ ही पूरे विश्व में स्थित अनुवायियों को सम्बोधित करेंगे।
कल के ‘दिव्य काशी भव्य काशी’ और आज के विहंगम योग के इस कार्यक्रम के जरिए पीएम मोदी ने काशी से 2022 की ही नहीं बल्कि 2024 और उससे आगे की भी राजनीतिक दिशा तय कर दी है। 2024 में इसी स्वर्वेद महामंदिर का जब वे लोकार्पण कर देश को समर्पित करेंगे तो सामने होगा लोकसभा चुनाव।
प्रधानमंत्री मोदी जब यहाँ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व संत सद्गुरु सदाफल देव महाराज की जेल यात्रा के शताब्दी महोत्सव एवं विहंगम योग संत समाज के 98वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। उस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ ही कई अन्य बीजेपी नेता भी उपस्थित रहेंगे।
क्या है स्वर्वेद
स्वरवेद की व्युत्पत्ति दो शब्दों से ली गई है- ‘स्वाह’ का अर्थ है ब्रह्म, सार्वभौमिक ऊर्जा और ‘वेद’ जिसका अर्थ है ज्ञान। इसलिए, स्वर्वेद एक अद्वितीय आध्यात्मिक ग्रन्थ है जो सार्वभौमिक होने के ज्ञान से संबंधित है। आध्यात्मिक पथ के साधक जिन्हें विहंगम योग की असाधारण तकनीक में दीक्षित किया गया है, वे वास्तव में अपने जीवन के हर पहलू को विकसित करना शुरू कर देते हैं। जिसे मैंने वहाँ बिताए करीब 3 घंटों में खुद अनुभव भी किया। मंदिर के सभी तलों पर गया। वहाँ शिल्पकला अभी के समय में उत्कृष्ट नमूना देखा। युद्धस्तर पर जिस तरह से पिछले 18 सालों से निर्माण कार्य जारी है आप उसकी विशालता और व्यापकता का स्वतः अंदाजा लगा सकते हैं।
सद्गुरु सदाफल देवजी महाराज स्वर्वेद की प्रस्तावना में लिखते हैं, “स्वर्वेद मेरे भीतर प्रज्ज्वलित आत्मज्ञान का खज़ाना, सचेतन दीप्ति है; मेरे ह्रदय के मंदिर का निरंतर दिव्य प्रकाश। सच्चे साधकों के लिए यह दिव्य अमृत की धारा है।” बता दें कि स्वर्वेद में कुल 3137 श्लोकों के माध्यम से आध्यात्मिकता, योग और ध्यान पर अनुभवजन्य प्रकाश डालने का सार्थक प्रयास किया गया है।
निज अनुभव वर्णन करूँ, दिव्य ज्ञान प्रभु सोय तेरा है तुझमें रहे करत समर्पण सोय
सर्ववेद पढ़ते हुए मैंने खुद अनुभव किया कि केवल विद्वता के बलपर ऐसी गहन अवधारणाओं का विस्तार करना एक दुष्कर कार्य है, शायद असंभव भी। केवल एक योगी जिसने आध्यात्मिक पथ में महारत हासिल कर ली है, वही इस ज्ञान की विशालता को उजागर कर सकता है।
स्वर्वेद महामंदिर
स्वर्वेद महामंदिर जैसा कि नाम से भी आप अनुमान लगा सकते हैं कि कोई मंदिर है। दरअसल, यह एक आध्यात्मिक ग्रन्थ स्वर्वेद को समर्पित मूल रूप से 7 चक्रों को समर्पित सात तलों का आध्यात्मिक मंदिर है। हालाँकि, स्वर्वेद में भी कबीर की तरह 10 चक्रों पर बात की गई है। यह मंदिर चेतना का वह उदात्त क्षेत्र है जो सत्य के साधकों को भौतिक अनुभवों से परे ले जाकर चेतना के उच्च शिखर को अनुभव कराने के लिए एक अनुकूल स्थान प्रदान करता है।
जिस स्तर पर 100 से अधिक वर्षों से साधना के स्तर पर काम किया गया और प्राचीन सनातन परम्पराओं से कुछ बहुत गूढ़ बातों से साधकों को परिचित कराया गया है वह भी अपने आप में बेहद अनूठा है। यह महामंदिर एक अद्वितीय आध्यात्मिक ग्रंथ स्वर्वेद को समर्पित है जो साधकों को निरंतर प्रज्ञा के मार्ग पर अग्रसर कर रहा है। आने वाले समय में यह सूक्ष्म और स्थूल स्तर पर समाज के आध्यात्मिक जागरण को मजबूत करते हुए शांति, सद्भाव और प्रेम की स्थापना का केंद्र बनने जा रहा है। महामंदिर की नींव, स्वर्वेद, एक शाश्वत योगी और विहंगम योग के संस्थापक सद्गुरु सदाफल देवजी महाराज द्वारा लिखित एक दिव्य आध्यात्मिक ग्रंथ है।
महामंदिर का मुख्य उद्देश्य मानव जाति को अपनी शानदार आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना, उसकी आभा और अनुभवों से दुनिया को परिचित कराना है। यह महामंदिर आने वाले समय में जब अपनी पूरी ऊर्जा में काम करेगा तो आध्यात्मिक जिज्ञासुओं को अपनी साधना के लिए एक नई ऊर्जा प्रदान कर उनका मार्ग प्रशस्त करेगा।
2024 में लोकार्पण के समय कैसा होगा स्वर्वेद महामंदिर
संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने ऑपइंडिया को बताया, “देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में 2004 में स्वर्वेद महामंदिर निर्माण की नींव रखी गई। जो एक विहंगम आध्यात्मिक केंद्र बन रहा है। यहाँ एक साथ 20 हजार से ज्यादा लोग बैठकर योग साधना कर सकेंगे। महर्षि सद्गुरु सदाफल देव महाराज को समर्पित स्वर्वेद महामंदिर संतों-ऋषियों से विरासत में मिली भारतीय संस्कृति और ज्ञान को सहेजने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। यह स्थापत्य व संरचना की दृष्टि से भी अनूठा होगा।”
उन्होंने आगे बताया, “जो पत्थर भगवान श्री राम जन्मस्थली मन्दिर के निर्माण में लगाया जा रहा है। वो राजस्थान के भरतपुर स्थित बयाना गाँव का है। वही पत्थर यहाँ लगाया जा रहा है। इस महामंदिर में राजस्थान के अनेक स्थानों के पत्थर हैं। महामंदिर में जो लकड़ी का वर्क है, वो बलसरी सागौन गुजरात का है। यह शिल्प कला का अद्भुत नमूना है।”
बता दें कि हिमालय की गुफाओं में 17 वर्ष के गहन तप साधना के जरिए अनुभूत ज्ञान को स्वर्वेद के रूप में अभिव्यक्त करने वाले सद्गुरु सदाफलदेव महाराज महामंदिर में रचनारत नजर आएँगे। यहाँ उनकी 113 फीट ऊँची दिव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। इसमें प्लेटफार्म 32 फीट का तो प्रतिमा की ऊँचाई 81 फीट होगी। इसे भरतपुर (राजस्थान) के सवा लाख घन फीट गुलाबी पत्थरों से आकार दिया जा रहा है।
सात मंजिला स्वर्वेद महामंदिर और सद्गुरु सदाफल स्वामी
विहंगम योग संस्थान द्वारा स्वर्वेद के नाम पर सात मंजिला महामंदिर 68,000 वर्गफीट में फैला है। इस 180 फीट ऊँचे और 268 पिलरों पर खड़े सात मंजिला भवन में हर तल पर महर्षि सदाफल देव की प्रतिमा भी स्थापित होगी। सभी तलों पर उनकी साधना मुद्रा में मूर्ति लगाई जाएगी। 78,800 वर्ग फीट में विस्तारित पूरे परिसर में बन रहे महामंदिर की बाहरी दीवारों पर गज समूह, ऋषिकाएँ व साधक होंगे तो पाँच तलों पर भीतरी दीवारों पर श्वेत मकराना मार्बल पर अत्याधुनिक तकनीक से स्वर्वेद के दोहे उकेरे जा रहे हैं।
दीवारों पर उकेरे गए स्वर्वेद के श्लोक और वैदिक ऋषियों-मनीषियों, भारतीय संस्कृति के परिचायक महापुरुषों से परिचय कराने की तैयारी
इसके अलावा दो तलों पर वेद की ऋचाएँ, उपनिषद, गीता के ब्रह्म-विद्यापरक श्लोक, मानस की चौपाइयाँ और कबीर की वाणी भी होगी। मंदिर के शीर्ष पर 125-125 पंखुड़ियों वाला कमल है। जीआरसी तकनीक से बनी पंखुडिय़ों को गुजरात के नौसारी से मँगाया गया है।
दुनिया के अनूठे महामंदिर में 150 चित्रमय झाँकियों के जरिए पुरातन भारतीय संस्कृति का दर्शन होगा। सैैंड स्टोन पर आत्मा-परमात्मा, ऋषि संस्कृति, विश्व को भारत की देन योग, आयुर्वेद, शून्य समेत विभिन्न झाँकियाँ होंगी। हर झलकी को छह गुणा चार वर्ग फीट में बनाया जा रहा है।
बता दें कि ब्रह्म विद्या विहंगम योग की साधना स्थली में एक साथ 20 हजार लोग साधना कर सकेंगे। छठें तल पर दो आडिटोरियम भी बना। हर एक में 238 लोगों के बैठने की व्यवस्था है जहाँ योग-ध्यान पर शोध और व्याख्यान सहित विद्वत और प्रायोगिक चर्चा को भी नया आयाम दिया जाएगा। मंदिर निर्माण में तीन लाख घन फीट सफेद मार्बल और इतने ही सैैंड स्टोन का उपयोग किया जा रहा है।
स्वर्वेद महामंदिर की खास बातें
180 फीट की ऊँचाई का सप्ततलीय महामंदिर
135 फीट ऊँची सद्गुरु सदाफल देव की सैंडस्टोन प्रतिमा
3 लाख वर्गफीट में दुर्लभ श्वेत मकराना संगमरमर का प्रयोग।
3 लाख घन फीट में ही नक्काशी दार गुलाबी सैंडस्टोनका प्रयोग हो रहा है।
2,50,000 वर्गफीट कुल क्षेत्रफल (फ्लोर एरिया)
20 हजार विहंगम योग साधकों के एक साथ बैठने हेतु स्थान
4,000 स्वर्वेद दोहे मकराना संगमरमर की दीवारों पर उत्कीर्ण
238 क्षमता के दो अत्याधुनिक सभागार
मंदिर में कार्यक्रम की तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने स्वयं समारोह स्थल पर जाकर तैयारी का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए। वहीं कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पूरे परिसर का निरीक्षण किया था और इस स्थान के महत्ता को जाना था।
स्वर्वेद महामंदिर का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
विहंगम योग के साधकों ने ऑपइंडिया को बताया कि इस महाआयोजन में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बंगाल, आसाम, महाराष्ट्र समेत कई प्रांतों तथा विदेशों से भी विहंगम योग के करीब 3 लाख साधक और अनुयाई सम्मिलित हो रहे हैं। साधकों को ठहरने के लिये 4 लाख स्क्वायर फीट में वाटर प्रूफ पंडाल की व्यवस्था की गई है। वहीं भंडारे के लिए सात बड़े भोजनालय तथा छह कैंटीन की व्यवस्था की गई है। संपूर्ण महामंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
गौरतलब है कि स्वर्वेद महामंदिर धाम में मई 2017 में 21000 कुंडीय स्वर्वेद उत्तरार्ध ज्ञान महायज्ञ हुआ था। उस समय इसे इतिहास के सबसे विशालतम यज्ञ की संज्ञा भी दी गई थी। वहीं इस बार के इस 3 दिवसीय आयोजन की भव्यता और आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा, “अध्यात्म जीवन की आवश्यकता है। इससे जीवन का संपूर्ण विकास होता है। हम इस शरीर में हैं। हम इस संसार में हैं। जिंदगी बीत रही है। और जिंदगी जीने की तैयारी में ही सारी जिंदगी बीत जाती है… जिंदगी है क्या, जीवन क्यों मिला है, इसका कितना, कहाँ, किस हद तक हमें बोध हो पाता है… इन सब पर बात करते हुए उन्होंने जीवन और अध्यात्म पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।”
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 200 करोड़ रुपए की रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है कि कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर ने किस तरह जैकलीन को दोस्ती के लिए अप्रोच किया।
जयललिता के परिवार से!
ईडी के चार्जशीट के मुताबिक, ठग सुकेश चंद्रशेखर ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज से दोस्ती करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय नंबर को ‘स्पूफ’ करके फोन किया। उसने यह दावा किया कि वह तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के “राजनीतिक परिवार” से है। ईडी ने धनशोधन रोधी कानून (PMLA) के तहत दाखिल आरोपपत्र में यह जानकारी दी है।
क्या होता है कॉल स्पूफ
‘कॉल स्पूफ’ का अर्थ होता है कि फोन की घंटी बजने के दौरान फोन करने वाले का वास्तविक नंबर नहीं, बल्कि किसी और का नंबर दिखता है।
ईडी ने कहा, “दिसंबर, 2020 और जनवरी, 2021 में कई हफ्तों से जैकलीन फर्नांडीस से संपर्क करने की कोशिश चंद्रशेखर कर रहा था। हालाँकि जैकलिन ने उसका जवाब नहीं दिया था क्योंकि उन्हें कई कॉल आए थे और उन्हें यह पता नहीं था कि वह व्यक्ति कौन था।”
एजेंसी ने कहा, “जैकलिन के मेकअप आर्टिस्ट शान मुथाथिल से एक सरकारी कार्यालय के नंबर से संपर्क किया गया और कहा गया कि जैकलीन फर्नांडीस को शेखर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और उनसे बात करना चाहते हैं।”
ईडी ने कहा कि उनके मेकअप आर्टिस्ट को “गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय से फोन आया था, जिसमें उन्हें शेखर उर्फ सुकेश चंद्रशेखर से संपर्क करने के लिए कहा गया क्योंकि वह सरकार में एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं”। एजेंसी ने कहा, “उक्त कॉल गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय से की गई थी, जो जाँच के अनुसार एक फर्जी कॉल थी और आरोपित सुकेश चंद्रशेखर द्वारा की गई थी।”
आरोप पत्र में कहा गया है कि कई हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुकीं श्रीलंकाई नागरिक जैकलीन फर्नांडीस ने बाद में ठग सुकेश चंद्रशेखर से संपर्क किया। इसके बाद ठग ने सन टीवी के मालिक के रूप में अपना परिचय दिया। उसने (चंद्रशेखर) यह भी कहा कि वह जयललिता के राजनीतिक परिवार से हैं और वे चेन्नई से हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि वह उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उन्हें दक्षिणी फिल्म उद्योग में फिल्में करनी चाहिए और सन टीवी के पास उनके लिए कई प्रोजेक्ट्स हैं।
जैकलीन से दो बार हो चुकी है पूछताछ
एजेंसी ने इस साल दो बार 36 वर्षीय जैकलीन फर्नांडीज का बयान दर्ज किया, जिसमें उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने खुद का परिचय “शेखर रत्न वेला” के रूप में दिया था। एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष आरोपपत्र दायर किया था और चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और छह अन्य को नामजद किया था।
ED की चार्जशीट के मुताबिक, सुकेश ने जैकलीन को एक विदेशी घोड़ा, गुच्ची के तीन डिजाइनर बैग, शेनल और गुच्ची (Gucci) के कपड़े, लुई वीटॉन (Louis Vuitton) के शूज, दो डायमंड ईयररिंग, मल्टीस्टोन ईयररिंग और दो हरमेस ब्रेसलेट गिफ्ट किए थे, जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में हैं।
सुकेश ने जैकलीन को एक मिनी कूपर कार भी गिफ्ट की थी, जो उन्होंने वापस कर दी थी। सुकेश ने जैकलीन के जीजा वारेन फर्नांडिस के अकाउंट में भी 15,00,000 रुपए ट्रांसफर किए थे, जो ऑस्ट्रेलिया में रहता है। जैकलीन ने बताया कि इसके अलावा सुकेश ने जैकलीन को 15 लाख रुपए कैश भी भेजे थे।
अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस ने अपने बयान में इस बात की पुष्टि की है कि वह चंद्रशेखर को शेखर रत्न वेला के रूप में जानती थी और उसने कहा था कि वह सन टीवी का मालिक है। जैकलीन ने इस बात को भी माना कि सुकेश ने यूएसए में जैकलीन की बहन गेराल्डिन फर्नांडीस को 1,50,000 अमरीकी डॉलर उधार दिए थे।
गुजरात के सूरत में सोमवार (13 दिसंबर 2021) को एक नामी रेस्टोरेंट में ‘पाकिस्तानी फूड फेस्टिवल’ नाम से होने वाले आयोजन को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रद्द करवा दिया। इस दौरान फेस्टिवल के बैनर को फाड़ा गया, उन्हें जलाया गया और आक्रोश तब तक बना रहा जब तक टेस्ट ऑफ इंडिया के मालिक संदीप डावर ने हिंदू संगठनों से माफी नहीं माँगी।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सूरत में कई रेस्टोरेंट चलाने वाले संदीप डावर ने हिंदू संगठनों से माफी माँगी और बताया कि उन्होंने पाकिस्तानी फूड फेस्टिवल को सीफूड फेस्टिवल से रिप्लेस कर दिया है। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, वह अब पाकिस्तानी शब्द का इस्तेमाल न करके मुगलई शब्द से खाना बेचेंगे।
बता दें कि सूरत शहर में लगा यह बैनर उस समय सोशल मीडिया पर चर्चा में आया जब कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकलवाला ने इसकी वीडियो अपने फेसबुक पर साझा की। इस वीडियो को वायरल होने में थोड़ी देर भी नहीं लगी और दोपहर तक वहाँ बजरंग तक के कार्यकर्ता पहुँच गए।
वहाँ पता चला कि रेस्टोरेंट में पाकिस्तानी फूड फेस्टिवल का कार्यक्रम 12-22 दिसंबर तक चलने वाला है। इसके बाद संगठन के सभी लोगों ने ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों के बीच इमारत की छत पर जाकर उस होर्डिंग को उतार दिया और पब्लिक के सामने ही उसमें आग लगा दी गई।
बजरंग दल नेता देवी प्रसाद दुबे ने कहा कि ऐसे फेस्टिवल बिलकुल बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। वह बोले, “हमें होर्डिंग के बारे में सोशल मीडिया से पता चला जिसके बाद हमने दक्षिण गुजरात के संयोजक दिनेश नवादिया से अनुमति ली। बाद में हम मौके पर गए और होर्डिंग को नीचे उतारा। हमने मालिक डावर को भी बुलाया। उससे पूछा कि उसने ऐसा फूड फेस्टिवल क्यों आयोजित किया है। उन्होंने माफी माँगी। हमने उनसे यह भी कहा कि 12 से 22 दिसंबर के बीच हम अपने वॉलंटियर्स को गुपचुप तरीके से भेजेंगे। अगर पाकिस्तानी खाना परोसा जाता है, तो वह इसके परिणामों के लिए जिम्मेदार होगा।”
Bajrang Dal activists took down the flex banner from the building & set it on fire. No such festival will be tolerated. The restaurant has apologized: South Gujarat Bajrang Dal president Deviprasad Dubey (13.12) pic.twitter.com/dDc0zHKMHm
दुबे के अनुसार रेस्टोरेंट मालिक ने पहले इस फूड फेस्टिवल कार्यक्रम को जायज ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “हम अपने रेस्तरां में राज्यों और देश के अनुसार अलग-अलग फूड फेस्टिवल आयोजित करते हैं। हम पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हम उनकी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ हैं जो भारत के खिलाफ है। दुनिया में हर जगह खाना आम है। हमने किसी पाकिस्तानी रसोइये को आमंत्रित नहीं किया है, लेकिन हमारे स्टाफ ने ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से भोजन प्रेमियों के लिए एक मेनू तैयार किया था। हमने पाकिस्तानी फूड फेस्टिवल को रद्द कर दिया है और इसके स्थान पर सीफूड फेस्टिवल में बदल दिया है।”
वहीं असलम साइकलवाला ने इस मामले में राजनीति करते हुए कहा, “आखिर घटना के संबंध में केस क्यों नहीं किया गया। ऐसे आयोजन कैसे हो सकते हैं। हम चाहते हैं कि रेस्टोरेंट वाले का लाइसेंस कैंसिल हो। पुलिस एक्शन ले। हालाँकि डावर के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लिया गया है। ये मालिक भाजपा नेता का करीबी है। अगर यही आयोजन किसी ऐसे रेस्टोरेंट में होता जहाँ का मालिम मुस्लिम होता, तो क्या परिणाम यही होते।”
एक ओर जहाँ असलम ने इस मामले में पुलिस शिकायत की माँग की है। वहीं बजरंग दल का कहना है कि वो अपने नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। अगर उनकी ओर से हरी झंडी मिलती है तो केस दर्ज किया जाएगा। पूरे विवाद पर ‘टेस्ट ऑफ इंडिया’ का संचालन करने वाले ‘शुगर एंड स्पाइस रेस्टोरेंट्स’ के संदीप डावर ने कहा कि वे मुगलई व्यंजन परोसना जारी रखेंगे। बस कार्यक्रम से ‘पाकिस्तानी’ शब्द हटा देंगे क्योंकि इससे कुछ लोगों की भावनाएँ आहत होती हैं।
बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के बीच रार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने वाले जावेद अख्तर ने अभिनेत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने के लिए सोमवार (13 दिसंबर 2021) को एक कोर्ट में याचिका दायर की। अख्तर ने पिछले साल ही एक्ट्रेस के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले में 15 नवंबर को कंगना ने कोर्ट में याचिका दायर कर दो आधारों पर छूट माँगी थी। उन्होंने वकील के जरिए कोर्ट को बताया था कि पहला अस्वस्थ होने के कारण वो कोर्ट में पेश नहीं हो सकती हैं और दूसरा उन्होंने कहा था कि इस मामले में मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं, जिसमें इस मामले को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने की उनकी माँग को खारिज कर दिया था।
इस पर जावेद अख्तर के वकील जय भारद्वाज ने अदालत में बताया था कि अभिनेत्री अस्वस्थ नहीं, बल्कि अपनी आगामी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं। ये उनके 15 नवंबर के इंस्टाग्राम (Instagram) पोस्ट से आसानी से समझा जा सकता है। सबूत के तौर पर वकील ने कंगना के इंस्टाग्राम हैंडल के प्रिंटआउट भी सौंपा।
भारद्वाज ने कहा कि कंगना रनौत ने अभी तक सीएमएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील नहीं की है। अभिनेत्री ने यह कहते हुए सीएमएम अदालत का दरवाजा खटखटाया था कि उन्हें अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत में कोई भरोसा नहीं है और इस मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। कंगना रनौत आखिरी बार 20 सितंबर को अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आर आर खान के समक्ष पेश हुई थीं।
गौरतलब है कि गीतकार जावेद अख्तर ने पिछले साल 3 नवंबर 2021 को अभिनेत्री के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि कंगना ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में ऐसा बयान दिया था, जिसके कारण उनकी बदनामी हुई थी। अख्तर ने दावा किया था कि अभिनेत्री ने पिछले साल जून में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत द्वारा कथित आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में मौजूद ‘एक गुट’ का जिक्र करते हुए उनका नाम घसीटा था।
कंगना का बयान
कंगना ने 3 नवंबर 2020 को ‘रिपब्लिक टीवी’ को बताया था कि जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाकर कहा था, “तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी, क्योंकि वह तुम्हें जेल में बंद कर देंगे। उन्होंने (ऋतिक रोशन) तुम्हारे खिलाफ़ सारे सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। वह समझ चुके हैं कि केस पूरी तरह उनके हाथों में है। तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी, क्योंकि तेरा मुँह काला हो जाएगा तो तू जाएगी कहाँ?”
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के जेवन इलाके में सोमवार (13 दिसंबर 2021) की शाम को सुरक्षाबलों के काफिले पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस घटना में 2 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि 12 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर की 9वीं बटालियन सशस्त्र पुलिस बल की टीम बस से पंथा चौक इलाके के जेवन से गुजर रही थी उसी दौरान बाइक सवार आतंकियों ने गोलीबारी की। बस के बुलेटप्रूफ होने के कारण पुलिस बल को काफी नुकसान हुआ है।
कश्मीर जोन पुलिस के मुताबिक, बर्बर आतंकी हमले में वारगति को प्राप्त हुए जवानों में एक एएसआई और एक सेलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
सुरक्षाबलों ने ढेर किए दो आतंकी
इससे पहले सोमवार (13 दिसंबर 2021) को श्रीनगर के रंगरेथ इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। दरअसल, सुरक्षाबलों को सीक्रेट इनपुट मिले थे। जिसके आधार पर इलाके की घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की गई। जब आतंकियों ने सुरक्षाबलों का घेरा कसता देखा तो फायरिंग शुरू कर दी। बाद में जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया। अभी भी आतंकियों के इलाके में मौजूदगी की सूचना भी है।
खास बात ये है कि जहाँ ये एकाउंटर हुआ उसके पास ही बड़ा सैन्य प्रतिष्ठान स्थित है। आतंकियों के मारे जाने की सूचना के बाद इलाके के लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान लोगों ने सुरक्षाबलों पर जमकर पथराव किया।
पहली बार मारी गई महिला घुसपैठिया
वहीं, सेना ने घाटी के आरएसपुरा सेक्टर में एक पाकिस्तानी महिला घुसपैठिए को मार गिराया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान से कुछ आतंकी बॉर्डर पार कर भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जब बीएसएफ जवानों ने उन्होंने रोकने की कोशिश तो इन घुसपैठियों ने भागना शुरू कर दिया। इसी दौरान जवानों की गोली महिला आतंकी मारी गई, जबकि उसके साथी भागने में सफल रहे।
रविवार (12 दिसंबर) को भी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था। मारे गए आतंकी की पहचान समीर अहमद के रूप में हुई। समीर पाकिस्तान से संचालिक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में भारत में घुसैपठ के मामले तेज हो गए हैं। घुसपैठ को लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि पाकिस्तान के कुछ आतंकी भारत में घुसपैठ करने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी को जल्द ही ढूँढ कर मार गिराया जाएगा।
बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC) ने बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर के मुंबई स्थित घर को सील कर दिया है। वो कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर की गई स्टोरी में अभिनेत्री ने कहा, “मैं कोविड-19 पॉजिटिव टेस्ट की गई हूँ। मैंने तुरंत खुद को आइसोलेट कर लिया है। साथ ही मैं सारे मेडिकल प्रोटोकॉल्स को भी फॉलो कर रही हूँ। जो भी पिछले दिनों मेरे संपर्क में आए हैं, उन लोगों से मैं कोरोना टेस्ट कराने का निवेदन करती हूँ।”
करीना कपूर ने ये भी जानकारी दी कि उनके परिवार के सभी सदस्य और उनके सभी कर्मचारी कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। उनमें से किसी में अभी कोरोना का कोई लक्षण सामने नहीं आया है। सैफ अली खान की पत्नी ने कहा कि सौभाग्य से वो अच्छा महसूस कर रही हैं और उम्मीद है कि वो जल्द ठीक हो जाएँगी। उधर BMC ने बताया है कि करीना कपूर की तरफ से स्पष्ट रूप से अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके संपर्क में आए लोगों की जाँच रिपोर्ट का इंतजार है।
करीना कपूर ने इंस्टाग्राम पर जारी किया बयान
चूँकि, करना कपूर ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, BMC के अधिकारी पता लगा रहे हैं कि कितने लोग उनके संपर्क में आए हैं। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान और अमृता अरोड़ा कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। इन दोनों ने पिछले दिनों कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर के कई पार्टियाँ अटेंड की थी। अब आपस में ‘बेस्ट फ्रेंड्स’ मानी जाने वाली इन दोनों ही अभिनेत्रियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अब ‘बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC)’ ने इन दोनों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों को निर्देश दिया है कि वो RT-PCR टेस्ट कराएँ। करीना कपूर खान और अमृता अरोड़ा अक्सर साथ में देखी जाती हैं।
#UPDATE | The residence of Kareena Kapoor Khan has been sealed. She has not given proper information yet but our officers are trying to find out that how many people did come in contact with her: BMC (Brihanmumbai Municipal Corporation) pic.twitter.com/2xlgOHz0YT
पिछले दिनों दोनों ने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स साझा किए थे, जिसमें ‘गर्ल गैंग’ की पार्टी हो रही थी। इन पार्टियों में दोनों साथ दिखाई दी थीं। बता दें कि करीना कपूर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को लेकर भी व्यस्त हैं, जिसमें आमिर खान मुख्य अभिनेता हैं। फरवरी 2021 में ही करीना कपूर ने अपने दूसरे बच्चे को भी जन्म दिया। गर्भ-धारण पर उनकी एक पुस्तक भी बाजार में आई है। इसी तरह पिछले महीने अभिनेता अमित साध कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर अपने क्वारंटाइन होने की बात बताई थी। इसी तरह दक्षिण के बड़े अभिनेता कमल हासन हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हो गए थे।
एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें कुछ ही दिनों पहले छुट्टी मिली है। काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी के भी कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई थी। करीना कपूर ने हाल ही में अपने एक अनाम प्रोजेक्ट के लिए एकता कपूर और हंसल मेहता से भी हाथ मिलाया है। जहाँ तक ‘कितने दूर, कितने पास (2002)’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाली अमृता अरोड़ा की बात है, उन्हें पिछली बार ‘कुछ तो है तेरे-मेरे दरमियाँ (2015-16)’ नामक टीवी सीरियल में देखा गया था। 2009 में ‘एक थो चांस’ के बाद से वो किसी भी फिल्म में दिखाई नहीं दी हैं। MTV में बतौर VJ अपना करियर शुरू करने वाली अमृता के दो बच्चे भी हैं।