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पशु चुरा रहे मोहम्मद सिद्दीकी को अररिया में ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला, उसके साथी तस्कर फायरिंग कर भागे

बिहार के अररिया जिले में एक कथित पशु चोर को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला है। मृतक का नाम मोहम्मद सिद्दीक बताया जा रहा है, जो सुपौल जिला अंतर्गत बलुआ थाना क्षेत्र के कुशहर गाँव का रहने वाला है। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष है। यह घटना नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के मानिकपुर पंचायत स्थित भवानीपुर गाँव के पास की है। मौके पर पहुँच कर पुलिस ने शव को कब्ज़े में लिया है। घटना 7 दिसंबर (मंगलवार) की रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वार्ड संख्या 4 में शनिचर बड़ियेत ने अपने पशुओं की चोरी कर ले जाते हुए कुछ लोगों को देख लिया और उसके बाद वह शोर मचाने लगा। थोड़े ही समय में गाँव के तमाम लोग जमा हो गए। हल्ला सुनकर पशु चोर भागने लगे, तब गाँव वालों ने उनका पीछा किया। इस दौरान पशु चोरों ने गोलियाँ भी चलाईं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। आखिरकार उनमें से एक को सुरसर बाँध के पास ग्रामीणों ने घेर लिया। उसके बाद आक्रोशित भीड़ चोर पर टूट पड़ी। ग्रामीणों की पिटाई में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बाकी चोरों ने चोरी कर ले जा रहे 4 भैसों को छोड़कर अँधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले। गाँव वालों का कहना है कि मारा गया चोर पहले भी चोरी कर चुका था और वह चोरी करने के लिए दोबारा आया था। इस दौरान गृह स्वामी की आँख खुल गई। इस घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो वो मौके पर पहुँचे। थाना प्रभारी फुलकाहा नगीना कुमार ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के बाद जो भी दोषी होगा उस पर नियमानुसार कार्र्रवाई की जाएगी।

घटनास्थल पर फारबिसगंज एसडीओ सुरेंद्र कुमार अलबेला, नरपतगंज बीडीओ रंजीत कुमार सिंह भी पहुँचे। इन सभी अधिकारीयों से ग्रामीणों ने पशुओं की चोरी पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले ही अररिया के पूर्व फतेहपुर गाँव में पशु चोरों ने लगभग 6 पशु चुरा लिए थे। इस दौरान अपने पशुओं को खोजने निकले पशु मालिकों से चोरों ने मारपीट भी की थी।

‘क्रिश्चियन से शादी, यादव समाज का नाम खराब… भकचोंहर अब सीएम बनने का सपना छोड़ दे’: तेजस्वी पर भड़के मामा साधू यादव

बिहार के नेता प्रतिपक्ष और लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने अपने बचपन की ईसाई दोस्त रिचेल से शादी कर ली है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर पारिवारिक फूट भी उभर कर सामने आई है। तेजस्वी यादव के मामा साधू यादव ने तेजस्वी को ‘भकचोंहर’ करार दिया और कहा कि उनके इस कृत्य से पूरे यादव समाज का नाम खराब हो गया है। उनका ये भी कहना है कि क्या देश में यादव लड़कियों की कमी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, साधू यादव का कहना है कि आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने बिहार पर 21 फीसदी यादवों के बल पर राज किया था। लेकिन, अब यादव समाज इनका विरोध करेगा। उन्होंने ये भी कहा कि लालू अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को भकचोंहर कहते हैं, लेकिन ये तो सबसे बड़ा भकचोंहर है। उन्होंने ये भी कहा कि हम सभी ने मिलकर आरजेडी को खड़ा किया है, लेकिन अगर ये लोग इसे बर्बाद करने की कोशिश करेंगे तो हम उसमें ताला लगा देंगे।

साधू यादव के मुताबिक, बिहार का जो यादव समाज है वो लालू परिवार को अपना नेता मानता है। तेजस्वी के इस कार्य से यादवों का सपना टूट गया है। एक क्रिश्चियन लड़की से शादी करने के बाद अब तेजस्वी यादव से क्रिश्चियन बन चुके हैं। इसलिए मुख्यमंत्री बनने का सपना तो छोड़ ही दें।

लालू के संस्कार पर उठाया सवाल

अपने जीजा लालू प्रसाद यादव के संस्कार पर सवाल उठाते साधू यादव ने कहा कि वो (तेजस्वी) एक ईसाई लड़की के साथ 8 साल से रिलेशन में था और समाज और बिहार को ठगने का काम कर रहा था। लालू ने अपने बच्चों को संस्कार नहीं दिया, जिस कारण सारे बच्चे बिगड़ गए। उन्होंने सभी की पोल खोलने की धमकी दी और कहा कि अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो गई है। ये केवल तेजस्वी की ही बात नहीं रह गई। मीसा भारती, चंदा यादव और अन्य सभी ने क्या-क्या किया, इसकी पोल खोलेंगे।

गौरतलब है कि 9 दिसंबर 2021 को लालू के छोटे लाल तेजस्वी यादव ने अपनी बचपन की दोस्त रिचेल गोडिन्हो से शादी कर ली। रिपोर्ट के मुताबिक, अब वो राजेश्वरी यादव के नाम से पहचानी जाएँगी।

बीवी के चरित्र पर शक करता था परवेज, गला काटने के बाद सिर लेकर पहुँच गया थाने, हैदराबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार (10 दिसंबर 2021) को परवेज नाम के एक शख्स ने अपनी बीबी समरीन का सिर काट दिया और फिर उसका सिर लेकर थाने पहुँच गया। राजेंद्र नगर के एमएम पहाड़ी पुलिस स्टेशन में जाकर आरोपित ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। 

पेट्रोल पंप पर काम करने वाला 40 साल का परवेज ने शरीर से सिर को अलग करने से पहले अपनी बीबी के गले पर कट लगाया था। पुलिस ने बताया कि आरोपित अपनी बीबी के चरित्र पर शक करता था। इस बात को लेकर वह अक्सर अपनी बीवी से लड़ाई करता था।

परवेज के शराब पीने और मारपीट से तंग आकर उसकी बीवी अलग रहने लगी थी, लेकिन एक साल पहले परवेज समरीन को घर वापस आने के लिए कहा। परिवार के सदस्यों एवं दोस्तों के कहने और परवेज के बहुत मनाने के बाद समरीन मान गई और वापस घर आकर परवेज के साथ दोबारा रहने लगी। परवेज और समरीन की चौदह साल पहले शादी हुई थी और दोनों के तीन बच्चे हैं। 

अपनी पत्नी का सिर किया कलम

परवेज अपनी बीवी के चरित्र फिर से उंगली उठाने लगा। इसको लेकर वह समरीन से झगड़ा करने लगा। गुरुवार की रात को परवेज शराब के नशे धुत्त होकर घर लौटा और समरीन से लड़ाई करने लगा। समरीन भी उसे उसे बहस करने लगी। इसी दौरान परवेज ने एक तेज हथियार से गला काट कर अपनी बीवी की हत्या कर दी।

बीबी की मौत हो गई है, इस बता संतुष्ट होने के बाद परवेज ने उसका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया और उसके सिर को लेकर पुलिस स्टेशन पहुँच गया। राजेंद्र नगर पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

J&K के बांदीपोरा में आतंकी हमला, पुलिस टीम पर दागी ताबड़तोड़ गोलियाँ : मोहम्मद सुल्तान और फैयाज अहमद बलिदान

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला बोला। इस बार घटना बांदीपोरा के गुलशन चौक की है। बताया जा रहा है कि हमले में 2 जवानों की जान चली गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि आतंकी हमले में मोहम्मद सुल्तान और फैयाज अहमद घायल हो गए थे। इसके बाद दोनों को अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन वहाँ दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि उन्होंने आतंकियों को तलाशने के लिए घेराबंदी शुरू कर दी है। आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को बांदीपोरा के गुलशन चौक इलाके में पुलिस की टीम तैनात थी, जिससे बाजार की सुरक्षा को देखा जा सके। इस दौरान पुलिस टीम पर अचानक आतंकी हमला हुआ। उनकी फायरिंग की चपेट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। कथिततौर पर, आतंकी किसी वाहन पर सवार होकर आए थे और हमला करके वहाँ से भाग निकले।

आतंकी हमले की जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निंदा करते हुए कहा, ”मैं उत्तरी कश्मीर के बांदीपुर इलाके में पुलिस पर आतंकवादी हमले की निंदा करता हूँ। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मोहम्मद सुल्तान और फैयाज अहमद की जान चली गई। ईश्वर उन्हें जन्नत प्रदान करें और उनके परिवारों को शक्ति मिले।”

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज किया है। जिसके बाद आतंकी अब सैनिकों और पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे हैं। वहीं भारतीय सुरक्षाबल भी इन्हें मुँहतोड़ जवाब देने में जुटे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल में केंद्र सरकार ने इस बात की जानकारी दी थी कि पिछले तीन साल में जम्मू कश्मीर में 1, 033 आतंकीवादी हमले हुए हैं। इनमें सबसे अधिक घटनाएँ साल 2019 में हुई थीं। स्वंय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट राज्यसभा में यह जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले साल 244 आतंकवादी हमले हुए। मौजूदा वर्ष में 15 नवंबर तक ऐसी 196 घटनाएँ सामने आईं। इस दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान में सीआरपीएफ जवानों सहित कुल 177 कर्मियों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि 2019 में 80, 2020 में 62 और मौजूदा वर्ष (15 नवंबर तक) में 35 कर्मियों की मृत्यु हुई।

जब देश गमगीन, गोवा में प्रियंका गाँधी डांस में लीन: पुलवामा से लेकर 26/11 हमला… कॉन्ग्रेसी नेताओं की यही पहचान

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को आज (10 दिसंबर 2021) अंतिम विदाई दी जा रही है। पूरा देश (कुछ लोगों को छोड़ कर) गमगीन है। खुद PM मोदी कल उनके पार्थिव शरीर को रिसीव कर श्रद्धांजलि देने दिल्ली के एयरपोर्ट गए थे। अंतिम विदाई में आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मौजूद हैं। ऐसे में प्रियंका गाँधी गोवा में क्या कर रही हैं?

इसका जवाब है एक वीडियो। इस वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट किया है भारतीय युवा कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने। इसलिए वीडियो की सत्यता जाँचने की जरूरत नहीं। वीडियो थोड़ा लंबा देखना है तो कॉन्ग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल का भी लगा दिया गया है, देख सकते हैं।

आखिर इतनी भूमिका क्यों? डायरेक्ट मुद्दे पर आते हैं। देश ने सेना के सबसे बड़े अधिकारी को खोया है। कॉन्ग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी होने का दंभ भरती है… और प्रियंका कॉन्ग्रेस की वंशवादी राजनीति में नंबर दो (राहुल गाँधी से तो पीछे हैं ही) की हैसियत रखती हैं। किसी कारण से गोवा में अगर पहले से भी थीं तो आज दिल्ली में होना लाजिमी था… अफसोस यह वो कर न सकीं।

क्या प्रियंका गाँधी अकेली कॉन्ग्रेसी नेता हैं, जो देश के रियल हीरो को ऐसे ‘सम्मान’ देती हैं? ऐसा सोचिए भी मत। लिस्ट लंबी है, बार-बार दोहराई गई है।

पहले याद करते हैं राहुल गाँधी को। साल 2008 में 26/11 का मुंबई आतंकी हमला। क्या कर रहे थे इस हमले के बाद राहुल गाँधी? तब यूपीए की सरकार थी। राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के महासचिव थे। सोनिया गाँधी सरकार की सर्वेसर्वा थीं। फिर भी मुंबई हमले के तुरंत बाद राहुल गाँधी दिल्ली के एक फार्महाउस में पार्टी करते पाए गए थे।

यह ट्वीट कॉन्ग्रेस ने 14 फरवरी 2019 को किया था

फिर से राहुल गाँधी ही हैं। इस बार पुलवामा हमले के बाद क्या कुछ कर रहे थे, जरा उसे देखिए। ट्वीट कॉन्ग्रेस ने ही किया था। ट्वीट में वीडियो था। वीडियो में राहुल गाँधी नाचते दिख रहे थे। छीछालेदर होने के बाद इसे डिलीट कर दिया गया था। लेकिन सोशल मीडिया में स्क्रीनशॉट काम कर जाता है और कॉन्ग्रेस धरा जाता है।

भारतीय सेना में सैम मानेकशॉ से ज्यादा इज्जत और रुतबा शायद ही किसी अफसर को मिला होगा। कॉन्ग्रेसी नेताओं की बात करते-करते आप सोच रहे होंगे कि अचानक से सैम मानेकशॉ की चर्चा क्यों? चर्चा इसलिए क्योंकि उनके निधन के समय सत्ता कॉन्ग्रेस की थी। उस कॉन्ग्रेस की, जो इसी सैम मानेकशॉ के दम पर जीते युद्ध के कारण इंदिरा गाँधी को देवी दुर्गा का दर्जा हर मंच से देते आती है। और इसी कॉन्ग्रेसी सत्ता ने सैम मानेकशॉ के निधन पर पल्लम राजू नाम के एक नेता (तब रक्षा राज्यमंत्री) को भेज कर श्रद्धांजलि देने की खानापूर्ति कर ली थी। सरकार तब भी यूपीए की थी, मनमोहन सिंह PM थे, सोनिया गाँधी सरकार की सर्वेसर्वा थीं…

देश की सेना हो या वोटर… कॉन्ग्रेसी और इनकी विचारधारा से जुड़ने वाले सभी दलों के लिए ये एक पॉलिटकल टूल मात्र हैं। जब चुनाव आता है, इस टूल को यूज किया जाता है। जब चुनाव चला जाता है, जब नौसेना के जहाजों पर गाँधी परिवार छुट्टियाँ बिताता है… यही इनके लिए लोकतंत्र है।

सरकारी खर्चे पर कर दिया गया कॉन्ग्रेस ऑफिस का पेंट… अब भगवा-गुलाबी रंग को लेकर कर रहे राजनीति

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण की तैयारी चल रही है और इसके सौंदर्य को निखारने के लिए गलियों और इमारतों को गुलाबी रंग से रंगा जा रहा है। हाल ही में कर्णघंटा स्थित एक मस्जिद को भी रंग कर गुलाबी (हल्का भगवा रंग का) कर दिया था, लेकिन विरोध के बाद उसे सफेद रंग में रंग दिया गया। अब कॉन्ग्रेस के कार्यालय को भी गुलाबी रंग से रंगने पर विवाद बढ़ गया है।

मैदागिन स्थित कॉन्ग्रेस कार्यालय को गुलाबी रंग में रंग देने पर यूपी कॉन्ग्रेस के विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह एडवोकेट ने वीडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर शिकायत की है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि वीडीए ने बिना सहमति लिए कार्यालय को गुलाबी रंग में रंग दिया। यह कानून के विरुद्ध है। 36 घंटे में कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यालय को अगर पूर्व स्थिति में नहीं लाया गया तो पार्टी कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होगी। इसके अलावा, कॉन्ग्रेसियों ने रंग ना बदलने पर विरोध प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दे डाली।

विरोध जताने के बाद मस्जिद पर फिर से हुआ था सफेद रंग

कुछ दिन पहले मैदागिन से गोदौलिया तक पिंक कॉरिडोर की सजावट के दौरान एक मस्जिद भी गुलाबी रंग में रंग दी गई थी। सुबह अचानक मुस्लिमों ने मस्जिद को दूसरे रंग में रंगा देखा, उसके बाद इसका विरोध शुरू हो गया। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेट्री सैयद मो. आसीन ने विरोध जताते हुए कहा था कि बिना पूछे मस्जिद का रंग बदलना ठीक नहीं है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नजदीक पड़ने वाले कर्णघंटा स्थित मस्जिद को गुलाबी रंग में रंगने पर मुस्लिम समुदाय ने वाराणसी विकास प्राधिकरण के फैसले पर आपत्ति जताई थी। उधर विरोध बढ़ता देख प्राधिकरण की ओर से फिर से मस्जिद को सफेद रंग से रंगवाया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 और 13 दिसंबर को वाराणसी दौरे पर रहेंगे और इस दौरान काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान सौंदर्य को बढ़ाने के लिए इमारतों के रंगों में एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पहले वाराणसी के गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट रोड सहित मंदिर के आसपास के मार्गों, घरों और कई जगहों को गुलाबी रंग में रंगकर बेहद सुन्दर बनाया गया है, जिसे सांस्कृतिक-आध्यात्मिक नगर वाराणसी में काफी सराहा जा रहा है।

‘अयोध्या केस’ में मुस्लिमों को भड़काने वाले सगीर खान की गिरफ्तारी पर अदालत ने लगाई रोक, कहा- देशद्रोह का मामला नहीं बनता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘अयोध्या फैसले का बदला’ लेने का एलान करने वाले मोहम्मद सगीर खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस सरोज यादव की बेंच ने यह फैसला दिया। दरअसल, साल 2019 में अयोध्या राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला से पहले सगीर खान ने लिखा था, “यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक समुदाय के पक्ष में दिया जाता है तो मुसलमानों को इसके खिलाफ कदम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए और उन्हें अपने तरीके से बदला लेना चाहिए।”

न्यायाधीशों ने इस मामले में कहा, “प्रथम दृष्टया यह साबित नहीं हो पाया है कि आरोपित किसी मीटिंग में मुस्लिम युवाओं को गैर-कानूनी हरकत करने के लिए उकसा रहा था। इस आधार पर सगीर खान पर आईपीसी की धारा 124 A के तहत केस बनता नहीं दिख रहा।” इसके लिए जजों ने विनोद दुआ बनाम भारत सरकार केस में 2021 के सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का भी उल्लेख किया। अंतिम निष्कर्ष में कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आरोपित को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया। अदालत ने सगीर खान को भी जाँच में सहयोग करने के लिए कहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में 27 अक्टूबर 2019 को दर्ज FIR दर्ज की गई थी। एफआईआर के अनुसार, आरोपित ने इस संदेश को व्हाट्सएप पर फ़ैलाने के लिए भी कहा था। साथ ही उसने कहा था कि इस सरकार से मुस्लिमों को कोई उम्मीद नहीं है। सगीर खान के ऊपर IPC की धारा 124-A, 153, 153-A, 153-B, 505 (1)(b)(c) के तहत केस दर्ज है। अदालत में आरोपित ने इन सभी आरोपों का खंडन किया। उसने बताया कि वह बेगुनाह है और राजनैतिक कारणों से उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है।

सगीर खान ने ये भी बताया कि उसने मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर रखी है। यह मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का है। गौरतलब है कि इलाहबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में शरजील इमाम को CAA प्रदर्शन के दौरान AMU में आपत्तिजनक भाषण देने के मामले में जमानत दी थी। शरजील इमाम ने यह भाषण 16 दिसंबर 2019 को दिया था। तब अलीगढ़ पुलिस ने उसके खिलाफ देशद्रोह के तहत केस दर्ज किया था।

समीर वानखेड़े के परिवार पर टिप्पणी करना नवाब मलिक को पड़ा भारी, कोर्ट में बिना शर्त माँगी माफी, कहा- ‘मेरा ये इरादा नहीं था’

नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने एसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के परिवार पर की गई बयानबाजी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में माफी माँगी है। वानखेड़े के पिता ने मलिक के ख़िलाफ़ मानहानि का केस दायर किया था। इसी केस पर सुनवाई के दौरान मलिक ने माफी माँगी। 

उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिया हुआ था कि वो वानखेड़े परिवार के खि़लाफ़ कोई बयानबाजी नहीं करेंगे लेकिन तब भी उन्होंने टिप्पणी की। ऐसे में कोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा और उनसे एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा।

इस हलफनामे में कोर्ट ने उन्हें ये बताने को कहा था कि आखिर ज्ञानदेव वानखेड़े और परिवार के खिलाफ बयानों के संबंध में अपने (कोर्ट के) पहले के आदेशों का ‘जानबूझकर उल्लंघन’ करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

इस नोटिस के बाद मलिक ने कोर्ट को दिए बयान में अदालत से बिना शर्त माफी माँगी। उन्होंने कोर्ट को कहा कि उनकी मंशा आदेशों का अनादर करने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि ऐसा उल्लंघन केवल मीडिया के सवालों का जवाब देने के चक्कर में हुआ।

अपने तीन पृष्ठों के हलफनामे में मलिक ने अंत में कहा, “हालाँकि, मुझे विश्वास है कि मेरा बयान मुझे केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग और उनके अधिकारियों के अपने कर्तव्यों के दौरान आचरण पर टिप्पणी करने से नहीं रोकेगा।”

हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे पर वानखेड़े के वकील बीरेंद्र सरफ ने कोर्ट का ध्यान आखिर पंक्तियों पर दिलाया और कहा कि उन्हें इस बात से दिक्कत नहीं है कि मलिक राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हैं, बस उन्हें वानखेड़े के बारे में नहीं बोलना चाहिए।

इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नवाब मलिक की ओर से पेश किया गया माफीनामा कबूल किया और कहा कि आगे निर्देश देने की जरूरत नहीं है। बता दें कि मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और सोशल मीडिया के जरिए समीर वानखेड़े के लिए, उनके पिता के लिए और अन्य के लिए बयानबाजी की थी। ऐसे में ज्ञानदेव वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँच मलिक के ख़िलाफ़ मानहानि का केस दायर किया था।

‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, बिपिन रावत का नाम रहेगा’: CDS को अंतिम विदाई देने उमड़े लोग, पंचतत्व में हुए विलीन, बेटियों ने दी मुखाग्नि

देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली छावनी के बरार स्क्वायर श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी गई। बिपिन रावत और मधुलिका रावत की बेटियों कृतिका और तारिणी ने अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार किया। उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान 800 जवान यहाँ मौजूद हैं। 

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बरार स्क्वायर श्मशान घाट पहुँचकर CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रास्ते में हजारों की भीड़ देखने को मिल रही है और लोग नम आँखों से अपने नायक को अंतिम विदाई दे रहे हैं। जनरल रावत अमर रहें, वंदे मातरम और भारत माता की जय, ‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, बिपिन जी का नाम रहेगा’ के नारों के बीच बिपिन रावत की अंतिम यात्रा निकली है। 6 लेफ्टिनेंट जनरल तिरंगा लेकर पार्थिव शरीर के साथ चल रहे हैं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 4 बजे बिपिन रावत के अंतिम दर्शन के लिए बरार स्क्वायर श्मशान घाट पहुँच गए हैं। इस दौरान उनके साथ अजय भट्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों सेनाध्यक्ष भी थे। अधिकारियों के श्मशान घाट पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। भूटान की डिप्टी चीफ आफ मिशन भी अंतिम दर्शन के लिए पहुँच चुकी हैं। यूएस एम्बेसी के अधिकारी भी अंतिम विदाई के लिए पहुँचे हैं। जरनल विक्रम सिंह, बांग्लादेश आर्मी के अधिकारी भी वहाँ पहुँचे हैं। 

दिल्ली के 3, कामराज स्थित घर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत को अंतिम विदाई देने के लिए तमाम हस्तियाँ और आम लोग पहुँचे हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण के अलावा चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना भी पहुँचे हैं।

सीडीएस जनरल रावत को अंतिम विदाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ऐसा लगता है जैसे हर कोई बस रावत के पार्थिव शरीर की एक झलक पाना चाहता है। देश के वीर के लिए यह सम्मान हमारे नागरिकों की देशभक्ति के जज्बे की मिसाल है। सड़कों पर जगह जगह होर्डिंग लगाई गई हैं। जनरल रावत के अंतिम दर्शन के लिए भी सुबह से ही उनके घर के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।

‘पैगंबर’ पर बयान को लेकर जितेंद्र त्यागी के खिलाफ कोर्ट पहुँचा मुस्लिम संगठन, याचिका में कहा- 1400 सालों में किसी ने कुरान पर सवाल नहीं उठाया

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी (Jitendra Narayan Tyagi) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में याचिका दायर कर इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद (Prophet Mohammad) और कुरान (Quran) को लेकर उन्हें बयान देने से रोकने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देकर वह माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट में यह याचिका हजरत ख्वाजा गरीब नवाज एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद यूसुफ उमर अंसारी ने वकील साहेर नकवी के जरिए दायर की है। इसमें जितेंद्र नारायण त्यागी पर सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर बयान देने से रोकने के लिए निर्देश देने की माँग की गई है। याचिकाकर्ता अंसारी ने जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ पैगंबर और कुरान के खिलाफ बयान देकर ‘ईशनिंदा’ करने के मामले में गृह मंत्रालय को भी लिखा है।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया है कि वसीम रिजवी उर्फ जीतेंद्र नारायण त्यागी ने अपनी किताब ‘????????’ में 19 बार ‘इस्लामी आतंकवाद’ और ‘हुनैन का बलात्कार कांड’ जैसे शब्दों का जिक्र किया है, जो कि सामाजिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरनाक है। याचिका में त्यागी को आपराधिक दिमाग वाला व्यक्ति बताया गया है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि त्यागी के खिलाफ विभिन्न थानों में 27 मामले दर्ज किए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई है।

इसके अलावा याचिका में दावा किया गया है कि कुरान का 1400 साल पुराना इतिहास है, लेकिन इस पर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया। रिजवी किसी भी धर्म को नहीं मानते हैं। उनके पास मानवता की कमी है।

क्यों बढ़ी जीतेंद्र नारायण त्यागी की मुश्किलें?

यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने 6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी पर धर्मान्तरण कर हिंदू धर्म अपना लिया था। इसके बाद उनका नाम बदलकर जितेंद्र नारायण त्यागी हो गया है। उन्होंने गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में महंत यति नरसिंहानंद गिरि की मौजूदगी में घरवापसी की। इस दौरान कई अनुष्ठान भी हुए।

हिंदू धर्म अपनाने के बाद रिजवी ने कहा, “मुझे इस्लाम से बाहर कर दिया गया है, हमारे सिर पर हर शुक्रवार को ईनाम बढ़ा दिया जाता है, आज मैं सनातन धर्म अपना रहा हूँ।” यहाँ इस बात का भी उल्लेख कर दें कि हाल ही में हैदराबाद के कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने ‘शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड’ के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (अब जितेंद्र नारायण त्यागी) के सिर पर 50 लाख रुपए का इनाम रखा था।

वायरल वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता ऐलान करते दिख रहे हैं कि जो भी सैयद वसीम रिजवी का सिर कलम करेगा, उसे 50 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस वीडियो को सबसे पहले 25 नवंबर 2021 को ‘Voiceup Media’ नामक यूट्यूब चैनल ने शेयर किया था। इस वीडियो में मोहम्मद फिरोज खान वसीम रिजवी को लेकर अभद्र और गाली वाली भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।