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कॉन्ग्रेस के शादीशुदा नेता ने महिला अधिकारी को प्रेमजाल में फँसाया, फिर किया दुष्कर्म: पीड़िता ने रेप व वसूली का मामला कराया दर्ज

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेता गिरिराज शर्मा ऐछवाड़ा (45) पर पुलिस ने एक कानून अधिकारी से शादी का वादा करने और फिर उससे पैसे वसूलने के आरोप में मामला दर्ज किया है। 32 वर्षीय पीड़िता की ने लिखित शिकायत के बाद शिवपुरी जिले के कोतवाली थाने में ऐछवाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और 384 (जबरन वसूली की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी सुनील खेमरिया ने फोन पर ऑपइंडिया को बताया, “चार नवंबर को आईपीसी की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। हम उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे हैं। वह एक शादीशुदा व्यक्ति हैं और ऐछवाड़ा के मूल निवासी हैं।”

पुलिस टीम ने जब आरोपी के घर पर छापा मारा तो मुख्य गेट बाहर से बंद मिला, जबकि उसकी पत्नी और तीन बच्चे अंदर थे। पत्नी ने पुलिस को बताया कि ऐछवाड़ा ने गेट पर ताला लगा दिया और बिना किसी सूचना के घर से निकल गए।

पीड़ित वकील मध्य प्रदेश सरकार के सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर तैनात है। वह रेत खनन से जुड़े एक मामले में 2019 में वकील के संपर्क में आए थे। ऐछवाड़ा ने शादीशुुदा होने की बात को छुपाते हुए वकील को प्रेमजाल में फँसाया था। आरोप है कि ऐछवाड़ा शादी का झाँसा देकर वकील के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे ब्लैकमेल कर जबरन वसूली करने लगा।

आरोपित ने कुछ महीने पहले व्हाट्सएप चैट लीक करके उसे बदनाम करने की धमकी दी, क्योंकि पीड़िता ने पैसे की उसकी माँग को पूरा करने से इनकार कर दिया था। पीड़िता ने बताया कि उसने बेहोशी की हालत में उसकी चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।

करीब आठ दिन पहले ऐछवाड़ा ने वकील और कुछ अन्य के खिलाफ उनके आवास पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाते हुए FIR  दर्ज कराई थी। हालाँकि पुलिस जाँच में उनके आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। पीड़िता ने FIR भी दर्ज कराई और सबूत पेश किए। प्रभारी अधिकारी ने कहा, “हम पीड़िता द्वारा मुहैया कराए गए सबूतों की जाँच कर रहे हैं।”

आरोपित गिरिराज शर्मा ऐछवाड़ा का यौन शोषण और धोखाधड़ी का पुराना इतिहास रहा है। दो साल पहले छतरपुर जिला पुलिस ने बालू खनन के नाम पर अभय भदौरिया नाम के एक व्यक्ति से 67 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया था।

पूर्व में भी उसने कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की बेटी को झूठे प्रेम प्रसंग में फँसाया था। शिवपुरी कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा ने मीडिया को बताया कि गिरिराज कॉन्ग्रेस पार्टी के सदस्य थे, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में पता नहीं है।

‘हम सब लंग्स के साथ साँस लेता है’: पटाखा विरोधी ‘कार्यकर्ता’ रोशनी अली ने ‘रक्तहीन ईद’ को समर्थन देने वाले यूजर को दिया ‘ज्ञान’

हाल ही में एक ट्विटर यूजर ने ईद को निशाने पर लेते हुए ‘रक्तहीन ईद’ (‘Bloodless Eid’) मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसके लिए पटाखा विरोधी एक्टिविस्ट रोशनी अली को समर्थन देने का भी वचन दिया। ट्विटर यूजर रमणीक सिंह मान ने कहा, “पटाखा रहित दिवाली के असफल प्रयास के बाद मैं #BloodlessEid के लिए रोशनी अली को अपना समर्थन देने का वचन देता हूँ।”

इसके बाद रोशनी अली ने शनिवार (6 नवंबर 2021) को 34 सेकेंड का एक वीडियो शेयर कर यूजर को जवाब दिया। उन्होंने वीडियो में कहा, “जब कुछ ही महीने पहले ऑक्सीजन नहीं मिल रहा था, जब आदमी लोग मर रहा था रस्ता पे, फिर क्या कोविड पूछा कि आप हिंदू हैं, मुस्लिम हैं, क्रिश्चियन हैं, बुद्धिस्ट हैं? ये नहीं पूछा ना? हम लोग सब लंग्स (फेफड़े) के साथ साँस लेता है। ये एक सच्चाई है।”

उन्होंने आगे कहा, “आप इस मामले को ज्यादा पॉलिटिकल या कम्युनल मत कीजिए। सबके लिए सोचिए न कि कैसे हम एक नया भारत लेकर जा सकते हैं। जहाँ पर क्लिन, रिनुएवल एर्जी और अच्छा नया सोच रहे।”

बता दें कि तथाकथित ‘कार्यकर्ता’ रोशनी अली हाल ही में एक न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान ‘नागिन डांस’ करने लगी थीं। रिपब्लिक बांग्ला पर एक पैनल में शामिल अली को जब अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला तो उन्होंने डांस करना (31:50 मिनट पर) शुरू कर दिया।

उस डिबेट में अली ने पटाखों पर प्रतिबंध की जरूरत के बारे में बताते हुए कहा था, “कुछ महीने पहले हम ऑक्सीजन के लिए परेशान थे और ऑक्सीमीटर पर अपने ऑक्सीजन के स्तर की जाँच कर रहे थे।” वह हवा की गुणवत्ता के साथ महामारी के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता को आपस में लिंक कर रही थीं। हालाँकि, पैनल में शामिल अन्य लोगों ने उन्हें बीच में ही रोक दिया, तभी वह डांस करने लगीं।

उल्लेखनीय है कि अली पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध को खारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि वह फिर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील करने वाली हैं।

बिहार में ईसाई धर्मांतरण कराते धराए केरल के दो पादरी, कई गाँवों में लोगों को बनाया ईसाई: महीने के मिलते हैं ₹12000

ईसाईयों के धर्मांतरण का रैकेट बिहार में दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। अब बिहार के सुपौल जिले से केरल के दो पादरियों को ईसाई धर्मांतरण की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है। शनिवार (6 नवम्बर, 2021) को इन दोनों को धर्मांतरण कराते हुए दबोचा गया। ये दोनों आमलोगों के बीच बाइबिल का वितरण कर रहे थे। साथ ही लोगों को ईसाई मजहब से जुड़ने के लिए लालच दे रहे थे। इसी बीच आम लोगों ने हिन्दू संगठनों को इनके कृत्यों के बारे में सूचित कर दिया।

सुपौल के भीमपुर के केवला गाँव में ये दोनों गरीबों को बहला-फुसला रहे थे। दोनों पादरियों में एक महिला भी है। पादरी जार्ज और रिषू सुपौल शहर के भेलाही मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। पूछताछ में पादरी जॉर्ज ने खुलासा किया है कि उसे इस काम के लिए प्रति महीने 12,000 रुपए दिए जाते हैं। ईसाई मजहब अपनाने वालों को भी इनकी तरफ से कुछ रुपए दिए जाते थे। अब तक इन दोनों ने मिल कर कइयों का ईसाई धर्मांतरण कराया है।

भीमपुर पुलिस ने दोनों पादरियों को हिरासत में लेकर जाँच शुरू कर दी है। उनके आधार कार्ड सहित अन्य कागजात जुटाए जा रहे हैं और उनकी जाँच की जा रही है। इस मामले में अब तक किसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ये दोनों बीते कई वर्षों से यहाँ रह कर धर्मांतरण का काम कर रहे थे, लेकिन किसी को खबर तक नहीं हुई। इलाके में कई परिवारों को ईसाई बनाया गया है। आक्रोशित हिन्दू संगठनों ने इसे रोकने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है।

हिन्दू संगठनों ने कहा है कि जिस तरह से लोगों को लोभ-लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है, उसके खिलाफ केंद्र सरकार को कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। ऊपर डाले गए वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे पूछे जाने पर दोनों पादरी खुद अपना पर्दाफाश कर रहे हैं।

Swiggy ने नहीं की डिलीवरी तो बंगाली अभिनेता ने पीएम मोदी को किया ट्वीट: लोगों ने कहा- मामला अंतर्राष्ट्रीय का, UN को टैग करो

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया, लेकिन किसी ने उस पर सवाल नहीं उठाया। शनिवार (6 नवंबर 2021) को बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी ने एक ऐसी समस्या के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद माँगी, जिसको लेकर वो ट्रोल हो गए। एक्टर ने स्विगी से अपने ‘अनडिलीवर’ भोजन को लेकर ट्वीट किया और देश के प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

ट्वीट में प्रोसेनजीत चटर्जी ने लिखा, “3 नवंबर को मैंने फूड डिलीवरी ऐप स्विगी पर एक ऑर्डर दिया। ऑर्डर करने के कुछ देर बाद ही उसका स्टेटस डिलिवर्ड दिखाने लगा, लेकिन मुझे मेरा खाना नहीं मिला। जब इस मामले में स्विगी से शिकायत की तो उसने मुझे पैसे वापस कर दिए, क्योंकि ऑर्डर प्रीपेड था। मैं आपका ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे लगता है कि कोई भी इस मुद्दे का सामना कर सकता है।” ऐक्टर ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी ट्वीट में किया है।

प्रोसेनजीत चटर्जी के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

बंगाली अभिनेता ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और देश के प्रधानमंत्री से उन असुविधाओं पर ध्यान देने की माँग की, जो कि खाना ऑर्डर करते समय किसी भी डिलीवरी ऐप से हो सकती हैं। एक्टर ने लिखा, “अगर कोई अपने मेहमानों के खाने के लिए फूड डिलिवरी ऐप पर निर्भर हो और खाना कभी न आए तो क्या होगा? क्या होगा यदि कोई अपने खाने के लिए इन फूड ऐप्स पर निर्भर हो? क्या वे भूखे रहेंगे? ऐसी कई स्थितियाँ हो सकती हैं। इसलिए मुझे लगा कि इसके बारे में बात करना जरूरी है।”

हालाँकि, इस तरह की गैर-जरूरी चीजों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए नेटिजन्स ने अभिनेता को फटकार लगाई है। राजीव दास नाम के एक ट्विटर यूजर ने कहा, “वास्तव में यह एक राष्ट्रीय समस्या है बुंबा दा!! जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला किया गया था तो उनके लिए आवाज उठाना इस समस्या की तुलना में छोटी है … अच्छा… अब उपभोक्ता अदालत का मुद्दा माननीय प्रधानमंत्री हल करेंगे। तालियाँ…।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

एक अन्य ट्विटर यूजर ने चटर्जी पर तंज कसते हुए इस समस्या के लिए संयुक्त राष्ट्र को भी टैग करने का सुझाव दिया। यूजर ने ट्वीट किया, “पीएम और सीएम को टैग करने के लिए आपका मजाक उड़ाने वालों को शर्म आनी चाहिए। मैं कहना चाहता हूँ कि यह राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समस्या है। संयुक्त राष्ट्र को ध्यान देना चाहिए।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

वहीं, डॉ सुमन डे नाम के एक यूजर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि बंगाली अभिनेता ने स्विगी और जोमैटो के बजाय ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी को टैग किया। यूजर ने लिखा, “शनिवार की रात का प्रभाव। वह रात में जो बिडेन को भी टैग कर सकते हैं। ये गंभीर बहुत ही गंभीर बात है। ये डिलीवरी ऐप हैं और इस तरह की समस्याएँ हो सकती हैं, क्योंकि वे ऑर्डर जनरेट नहीं करते हैं। वे केवल उसे बाँटते हैं।”

ट्विटर का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है जब बंगाली एक्टर चर्चा में हैं। इसी साल जनवरी में भी वो इसी तरह के हास्यास्पद कारणों से चर्चा में थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का मजाक उड़ाने के लिए विपक्षी दलों और लिबरल ‘पत्रकारों’ ने दावा किया था कि राष्ट्रपति ने अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी की पेंटिंग का उद्घाटन किया था, जिन्होंने फिल्म ‘गुमनामी’ में नेताजी की भूमिका निभाई थी। हालाँकि, ये पूरी तरह स्पष्ट था कि पद्मश्री से सम्मानित परेश मैती द्वारा बनाई गई तस्वीर नेताजी सुभाषचंद्र बोस के ओरिजिनल फोटोग्राफ पर आधारित थी।

इस बात की पुष्टि इस तथ्य से हुई कि महान स्वतंत्रता सेनानी के पोते ने जनवरी 2020 में वही तस्वीर साझा की थी। बाद में प्रोसेनजीत चटर्जी ने कलाकार को बधाई दी और कहा कि वह एक अभिनेता के रूप में उत्साहित थे कि लोगों का मानना ​​​​था कि नेताजी की पेंटिंग उनके निभाए गए रोल से मिलती जुलती है।

₹50 करोड़ से अधिक कालेधन का मालिक निकला कॉन्ग्रेस नेता, इनकम टैक्स विभाग की हफ्तों चली छापेमारी में हुआ खुलासा

राजस्थान के श्रीगंगानगर में कॉन्ग्रेस के नेता अशोक चांडक और बिल्डर समूह रिद्धि सिद्धि ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान 50 करोड़ के कालाधन का खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी लगभग 33 अलग-अलग ठिकानों हुई है। सप्ताह भर चली छापेमारी में+ आयकर विभाग ने 2.31 करोड़ की नकदी और 2.48 करोड़ की ज्वैलरी जब्त की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अशोक चांडक और बिल्डर से संबंधित कंपनियों का रेत खनन, शराब और रियल स्टेट के से जुड़ा कारोबार है। इस छापेमारी में मिली राशि में से 35 करोड़ को अघोषित आय के रूप में स्वीकार करते इस पर इनकम टैक्स देने की पेशकश की गई है। वहीं, आयकर विभाग का कहना है कि अघोषित आय 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस वजह से पेशकश को स्वीकृति नहीं मिल पाई।

छापेमारी की कार्रवाई के लिए आयकर विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की थीं। छापेमारी में 250 से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों ने अलग-अलग ठिकानों को खँगाला। मुंबई की भी आयकर टीम ने राजस्थान की टीम को कुछ इनपुट दिए थे। इस दौरान यह पाया गया कि वास्तविक आय और कागज़ों में दिखाई गई कमाई में अंतर है।

छापेमारी के दौरान यह भी पाया गया कि टैक्स चोरी के लिए कैश बिक्री को अकाउंट बुक में दर्ज नहीं किया गया था। इसके लिए अलग रजिस्टर बना पाया गया। नकद मिले पैसे से जमीन खरीदने की बात सामने आ रही है। आयकर विभाग ने इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। तलाशी के दौरान बेहिसाब नकदी लेने और उससे जमीन खरीदने के दस्तावेज भी मिले हैं। 

‘सेंट मेरी’ स्कूल में रामलीला का आपत्तिजनक मंचन: प्रिंसिपल ने ‘हिन्दू आईटी सेल’ को पत्र लिख माँगी माफ़ी, कहा – आगे से ऐसा नहीं होगा

हरियाणा के फतेहाबाद स्थित सेंट मेरी स्कूल में रामलीला के साथ छेड़छाड़ कर के इसे आपत्तिजनक ढंग से प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आया था। अब स्कूल के प्रधानाध्यापक ने इस घटना के लिए लिखित में माफ़ी माँगी है ‘हिन्दू आईटी सेल’ ने जानकारी दी है कि संगठन की टीम ने ‘सेंट मेरीज पब्लिक स्कूल’ के प्रिंसिपल राजीव शर्मा से बात की उन्होंने न सिर्फ अपनी गलती स्वीकार की है, बल्कि स्कूल की तरफ से आधिकारिक रूप से माफीनामा भी जारी किया है।

राजीव शर्मा ने इस पत्र में लिखा है, “विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा जो रामलीला का मंचन किया गया, उसके किसी दृश्य में अगर किसी भी माननीय व्यक्ति को कोई आपत्ति हो या किसी की भावनाओं को किसी प्रकार की ठेस पहुँची हो विद्यालय प्रबंधन कमिटी इसके लिए क्षमाप्रार्थी है। विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा यह विश्वास भी दिलाया जाता है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होगी।” प्रिंसिपल राजीव शर्मा ने हिन्दू आईटी सेल को लिखे गए पत्र में ये जानकारी दी। ये स्कूल फतेहाबाद के टोहाना के पटेल नगर में स्थित है।

इससे पहले ‘हिन्दू आईटी सेल’ के प्रवक्ता साहिल ने जानकारी दी थी कि संगठन ने रामलीला के आपत्तिजनक मंचन के इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई के लिए कानूनी सलाहकार से बात की है। साथ ही उन्होंने लोगों से इस स्कूल का सटीक पता माँगा था। ‘हिन्दू आईटी सेल’ के संस्थापक सदस्य शांतनु और संगठन के एक अन्य सदस्य व पत्रकार हिमांशु तिवारी ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। संगठन ने कहा कि इस घटना को लेकर काफी शंका व संदेह का माहौल है, जिस पर वो शनिवार (6 नवंबर, 2021) को रात 10 बजे स्पष्टीकरण देंगे।

‘हिन्दू आईटी सेल’ के संस्थापक सदस्य अक्षित सिंह ने सेंट मेरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को इस अपमानजनक कृत्य के लिए माफ़ी माँगने के लिए अल्टीमेटम दिया था। इसके 20 मिनट के भीतर स्कूल प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्होंने हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए हिन्दू समाज से माफ़ी माँगी।

सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का आपत्तिजनक मंचन: जानिए क्या है पूरा मामला

हरियाणा के फतेहाबाद के 2 अलग अलग स्कूलों पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था। इसमें पहले का नाम डी ए वी पब्लिक स्कूल और दूसरा सेंट मेरी पब्लिक स्कूल है। बजरंग दल ने दोनों स्कूलों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। सोशल मीडिया पर भी इन घटनाओं से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में भगवान् राम और लक्ष्मण का आपत्तिजनक चित्रण किया गया है। साथ ही अन्य दृश्य में अश्लीलता दिखाई गई है। वीडियो में मंचन के दौरान बाकी स्कूल स्टाफ द्वारा कोई आपत्ति नहीं जताया जा रहा। वीडियो के दौरान दर्शक दीर्घा से ठहाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

अपने शिकायती पत्र में बजरंग दल ने कहा था कि डी ए वी स्कूल और सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का मंचन किया गया। इस मंचन के दौरान देवताओं का भद्दे तरीके से मज़ाक उड़ाया गया। बजरंग दल ने दोनों स्कूल संचालक, प्रिंसिपल, शामिल सभी अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ आपत्तिजनक मंचन करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है। इस मामले में ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता से बात की। बजरंग दल पदाधिकारी दीपक सैनी ने बताया कि आए दिन हिन्दू भावनाओं का अपमान करना इस स्कूलों की आदत बन चुकी है।

पाकिस्तानी क्रिकेटर की शिकायत पर BBC ने अंग्रेज खिलाड़ी की नौकरी खाई, आरोपों से इनकार पर भी कोई सुनवाई नहीं

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर माइकल वॉन को खिलाड़ियों द्वारा नस्लवाद का आरोप लगाने के बाद बीबीसी के शो से बाहर कर दिया गया है। वॉन बीबीसी के 5 लाइव पर Radio 5 Tuffers and Vaughan show में बीते 12 साल से टेस्ट मैच स्पेशल में एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज नावेद-उल-हसन ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को बताया कि उन्होंने वॉन को कुछ नस्लीय टिप्पणी करते हुए सुना था। वहीं, वॉन ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन बीबीसी यह कहते हुए अपने रुख पर कायम है कि यह मामला समाप्त होने तक उन्हें निष्पक्ष रहने की आवश्यकता है।

वॉन अजीम रफीक द्वारा लगाए गए नस्लवाद के आरोपों के बाद सोमवार को शो में दिखाई नहीं देंगे। रफीक ने दावा किया कि वॉन ने 2009 में यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के बीच खेले जाने वाले मैच से पहले उनके और अन्य खिलाड़ियों के प्रति नस्लवादी टिप्पणी की थी। माइकल वॉन ने साल 1991 से लेकर 2009 तक यॉर्कशायर काउंटी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि माइकल वॉन ने अजीम रफीक सहित एशियाई समूह के खिलाड़ियों से कहा, ”इस समूह में आप जैसे बहुत खिलाड़ी हैं, हमें इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है। यह रफीक का इंग्लिश काउंटी में पहला सीजन था।”

इस मामले पर बीबीसी ने एक बयान जारी कर कहा, “माइकल वॉन के खिलाफ लगाया गया आरोप बीबीसी में काम करने से पहले का है, हम यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब द्वारा की गई जाँच का हिस्सा नहीं थे और हमें बाद की रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी। हालाँकि, हमें एक ही आरोप से अवगत कराया गया है, जिसका माइकल ने खंडन किया है। हम इसकी सभी पहलुओं से जाँच कर रहे हैं।”

माइकल वॉन ने एक कॉलम में लिखा, ”मैं पूरी तरह और स्पष्ट रूप से इनकार करता हूँ, मैंने कभी उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, मेरे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है।”

‘तुम निकम्मे हो…पहली जीत पच नहीं रही’: भारत-अफगानिस्तान मैच को फिक्स्ड बता रहे पाकिस्तानियों पर भड़के हरभजन सिंह

टी20 वर्ल्ड कप जारी है, जिसमें हाल ही में भारत ने स्कॉटलैंड और अफगानिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। यहाँ तक तो सब ठीक था, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत की यह जीत पच नहीं रही है। यही कारण है कि पाकिस्तान अब भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मैच को फिक्स्ड करार देने पर तुला है। पाकिस्तान के समर्थक ट्विटर पर फिक्स्ड को ट्रेंड करा रहे हैं। अब पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह ने इन ट्रोलर्स को जबाव दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को पहले अपने गिरेबान में झाँकने की नसीहत दी है।

सोशल मीडिया पर भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान समर्थकों को हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल के जरिए जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “इस तरह के वाहियात ट्रेंड की शुरुआत पाकिस्तान से हुई है। वहीं के कुछ लोग ट्विटर पर जाकर ये कह रहे हैं कि अफगानिस्तान जानबूझकर भारत से हारा है। क्यों आपको ऐसा लगता है? क्या भारत पाकिस्तान के सामने 210 रन नहीं बना सकता? बिल्कुल बना सकता है। मैं कह रहा हूँ कि ये जो रन बने थे वो कम ही थे, भारत और अधिक रन बना सकता था। भारत अगर चाहता तो स्कॉटलैंड को 60 रन पर सिमटा सकता था। ये भारत की ताकत है।”

हरभजन ने आगे कहा, “देखो आपका देश पाकिस्तान बहुत अच्छा खेला। सभी ने इस बात को माना भी कि भारत के सामने पाकिस्तान का प्रदर्शन अच्छा रहा। लेकिन अब अगर आप बदतमीजी करोगे कि आप बिल्कुल पाक-साफ खेल खेलते हो और अगर भारत जीतता है तो उस पर आपको शक होता है तो ये बात गलत है। आपको भी पता है कि आपके प्लेयर्स की रेप्युटेशन कैसी रही है। मोहम्मद आमिर कौन था और उसने क्या किया था।”

पाकिस्तान को उसका इतिहास दिलाते हुए हरभजन कहते हैं कि अगर पाकिस्तानी टीम के इतिहास को खंगाला जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। रही बात भारतीय टीम की तो वब बहुत बढ़िया कर रही है। हरभजन ने कहा, “आपकी सोच निकम्मी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि पहली बार आपको जो जीत मिली है वो पच नहीं रही है। खेल के मजे लो। मैं उम्मीद करता हूँ कि भारत आपको फाइनल में मिले, क्योंकि अगर मिला तो मजा आएगा।”

हरभजन ने पाकिस्तानी सपोर्टर को लताड़ते हुए ठीक से बात करने की नसीहत दी और कहा कि ये लोग फालतू की नौटंकी कर रहे हैं। राशिद खान को फालतू में ट्रेंड करा दिया। उन्होंने कहा, “अरे राशिद खान चैम्पियन बॉलर है और हमारे खिलाड़ी चैम्पियन बैट्समैन हैं।”

शोएब अख्तर ने भी अफगानिस्तान के साथ मैच को फिक्स्ड करार दिया

पाकिस्तानी गेंदबाज शोएब अख्तर ने अफगानिस्तान और भारत के बीच हुए मैच को फिक्स्ड करार दिया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की टीम ने उस दिन अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल नहीं दिखाया, जिससे उसकी हार हुई। शोएब ने दावा किया कि पाकिस्तान की टीम फाइनल में भारत को फिर हराएगी। शोएब अख्तर पाकिस्तान द्वारा भारत को हराए जाने के बाद से ही ऐसे बयान दे रहे हैं।

चित्रकूट में सजा औरंगजेब का शुरू किया गधों का मेला: सलमान-दीपिका छाए रहे, शाहरुख खान सस्ते में निपटे

बचपन में और अब भी आपने कई मेले देखे होंगे, जहाँ आप जाकर झूलों का आनंद लेते हैं। वहाँ आपको तरह-तरह की चीजें देखने को मिलती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक ऐसा भी मेला लगता है, जहाँ गधों की खरीद-बिक्री होती है। यहाँ कई राज्यों से लोग अपने-अपने गधों के बेचने के लिए लाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मेले की शुरुआत मुगल आक्रांता औरंगजेब ने की थी।

दिवाली के त्योहार के दौरान शुरू होकर पाँच दिनों तक लगने वाला यह मेला धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे लगता है। इस मेले में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, शाहरुख खान, ऋतिक रौशन, कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण के नाम वाले गधे भी बेचने के लिए लाए गए हैं। हर साल लगने वाले इस मेले में इस बार करीब 15,000 गधे लाए गए हैं। इस बार भी उम्मीद है कि गधों का यह व्यापार करीब 2 करोड़ रुपए तक हो सकता है।

इस मेले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार आदि राज्यों के लोग शामिल होने के लिए आते हैं। यहाँ लाने जाने वालों की कीमत अलग-अलग होती है, जो उनके नस्ल और कद-काठी पर निर्भर करती है। इस मेले में सलमान खान नाम का गधा डेढ़ लाख रुपए में बिका, जबकि दीपिका नाम की गधी सवा लाख रुपये में बिकी। वहीं, शाहरुख खान नाम का गधा केवल 70,000 रुपये में बिका। इन सब के अलावा, ऋतिक रोशन 30 हजार और रणबीर कपूर 50 हजार रुपए में ही निपट गए।

औरगंजेब की शुरू की गई परंपरा आज भी चल रही

इस मेले की शुरुआत मुगल आक्रांता औरगंजेब ने की थी। औरंगजेब को जब उसके सैन्य बलों में घोड़ों की कमी महसूस होने लगी तो उसने गधों का मेला लगवाकर अफगानिस्तान से अच्छी नस्ल के गधों को मँगवाया। इनकी खरीदारी करने के बाद उन्हें सेना में शामिल किया गया था।

हालाँकि, अब ये मेला अपना अस्तित्व खोता नजर आ रहा है। दरअसल, मेले में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता है। अगर गधे न बिकें तो भी ठेकेदार व्यापारियों से वसूली करने लगता है। प्रशासनिक बदइंतजामी भी इस मेले के गिरते क्रेज का बड़े कारणों में से एक है।

दलित लड़की को फँसाने के लिए नवाजिश बन गया ‘विशाल’, दोस्तों से करवाया गैंगरेप: किराए पर रहने आया था, CM योगी से न्याय की गुहार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लव जिहाद के नाम पर दलित युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। जब पीड़िता को आरोपितों की असलियत पता चली, तो वह उसे लखनऊ में छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया है, जिसके बाद पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।

पीड़िता ने बताया, “कुछ महीने पहले थाना अलीगंज इलाके में किराए के मकान पर रहने वाले नवाजिश ने उसे विशाल सिंह बनकर अपने प्यार के जाल ने फँसाया था। इस दौरान नवाजिश ने उसकी मुलाकात अपने अन्य दोस्तों इंतजार, आसिम, इरफान को हिन्दू बताकर करवाई और अपने दोस्तों से मेरा रेप भी करवाया।”

युवती ने बताया कि एक दिन नवाजिश ने उससे ढाई लाख रुपए और उसका मोबाइल माँगा। जब उसने देने से मना कर दिया, तो विशाल सिंह बने नवाजिश ने उससे कहा, ”जब तुमने सब कुछ मुझे सौंप दिया है तो उसके सामने इन पैसों और मोबाइल की क्या कीमत? मुझे अभी इसकी जरूरत है। जब मेरे पास रुपए आएँगे तब मैं तुम्हें वापस कर दूँगा और तुमसे शादी भी करूँगा।”

मुस्लिम युवक के झाँसे में आकर युवती ने अपने कमाए हुए ढाई लाख रुपए व मोबाइल उसे सौंप दिया। इसके बाद नवाजिश ने उससे मिलना बंद कर दिया। इधर, उसके तीनों दोस्त इंतजार,आसिम और इरफान भी अचानक से गायब हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती लव जिहाद व गैंगरेप की रिपोर्ट लिखवाने के लिए लखनऊ के दो थानों अलीगंज व नवीनगंज के पिछले 15 दिनों से चक्कर काट रही है, लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जहाँ उसके साथ वारदात को अंजाम दिया गया, वह उनके थाना क्षेत्र में नहीं आता है। पीड़िता ने अब सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाई है।