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अंतिम संस्कार के लिए इस्लाम कबूलने की शर्त, वाराणसी में हिंदू नट समुदाय ने पुलिस में की शिकायत

उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी वाराणसी में नट समाज के कई लोगों ने इस्लाम में जबरन धर्मान्तरण के लिए उन पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके समुदाय के लोगों को दफनाने से रोका जा रहा है और इस्लाम अपनाने के बाद ही इसकी अनुमति देने की बात कही जा रही है। यह प्रकरण 30 अक्टूबर 2021 (शनिवार) का है। इस घटना की शिकायत स्थानीय फूलपुर थाने में की गई है। हिन्दू जागरण मंच ने भी प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

घटना वाराणसी शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर फूलपुर थानाक्षेत्र के रामपुर गाँव की है। 29 अक्टूबर 2021 (शुक्रवार) को रामपुर गाँव की रहने वाली सुशीला देवी की मृत्यु हो गई थी। अगले दिन 30 अक्टूबर 2021 (शनिवार) को उनके पति सचाऊ नट अपने समुदाय के अन्य लोगों के साथ मृतका को दफनाने के लिए भरावर बस्ती पहुँचे, लेकिन उन्हें अंतिम संस्कार करने से रोक दिया गया। हिन्दुओं की नट जाति में मृत्यु के बाद शव को दफनाए जाने की परम्परा है।

ऐसा पहली बार हुआ था, जिसके चलते अंतिम संस्कार करवाने गए कई लोगों की समझ में कुछ आया ही नहीं। जब उन्हें रोकने की वजह पूछी गई तो अंतिम संस्कार से पहले इस्लाम कबूल करने की शर्त रख दी गई। इस घटना की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तो वो घटनास्थल पर पहुँच गए। मौके पर पुलिस भी बुला ली गई।

पुलिस ने अंतिम संस्कार से रोकने वालों को दुबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी। पुलिस की मौजूदगी में मृतका का अंतिम संस्कार लगभग 2 बजे हो पाया। इस प्रकरण में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी गौरीश सिंह ने बताया है कि इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने वाले लोग भी पहले हिन्दुओं के नट समाज से थे। धीरे-धीरे उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया और अब बाकी नटों पर भी उसी का दबाव बनाया जा रहा है।

नट अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। ऑपइंडिया के पास पीड़ितों द्वारा थाने में दी गई तहरीर मौजूद है। तहरीर में उन्होंने भू समाधि परम्परा में व्यवधान डाले जाने की शिकायत की है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि भू समाधि स्थल उनकी परम्परागत जगह है। वह जमीन नटों के अनुसार सरकार द्वारा आबंटित है। शिकायत के अनुसार, जबरन इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने वालों में चिल्लू नट, सबीर नट, लालचंद नट, सुभाष नट प्रमुख हैं।

हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी गौरीश सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि धर्मान्तरण के बाद भी हिन्दू नाम रखने के पीछे सरकार और समाज को गुमराह करते हुए अनुसूचित जाति के लाभ लेते रहने की सोच और साजिश है। उन्होंने दावा किया कि 23 जून 2021 को उन्हें इसी स्थान पर एक बच्चे के खतना करवाने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि तब उन्होंने ऐसा करने वाले डॉक्टर के विरुद्ध पुलिस में शिकायत भी की थी।

पुलिस को दी गई शिकायत में भी वादी सचाऊ राम नट ने इस बात का दावा किया है। शिकायत के बिंदु 1 में कहा गया है कि लालचंद, चिल्लू, सबीर, सुभाष नट बिना प्रशासन को कोई सूचना दिए मुस्लिम धर्म कैसे स्वीकार कर सकते हैं? इस्लाम धर्म कबूलने का दबाव बनाने वाले ये तमाम लोग स्वयं के धर्मान्तरण का कोई प्रमाण भी नहीं दिखाते। इसी शिकायत में 24 जून 2021 को चिल्लू नट द्वारा अपने 3 बच्चों का खतना करवाने का भी दावा किया गया है। खतना करने वाले डॉक्टर का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।

पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि जिस भूमि पर इस्लाम कबूलने के बाद दफ़नाने का दबाव बनाया जा रहा, वह भूमि हिन्दू के नाम पर दर्ज है। ऐसे में किसी मुस्लिम द्वारा उस जमीन पर हक़ नहीं जताया जा सकता है। इसके साथ ही इस्लाम कबूल कर चुके नटों द्वारा अपने आधार कार्ड जैसे तमाम सरकारी कागज़ात में हिन्दू नाम रखकर सरकारी सुविधाएँ लेने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

नट समुदाय के साथ पुलिस को शिकायत पत्र देने जाते हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता

इस मामले में ऑपइंडिया ने स्थानीय पुलिस को सम्पर्क किया तो थाना प्रभारी फूलपुर द्वारा फोन नहीं उठाया गया।

BJP कार्यकर्ता की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने TMC के गुंडों पर लगाया आरोप: उधर नड्डा ने कहा – बंगाल में लिखेंगे नई कहानी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आए भले ही 6 महीने हो गए, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याओं का सिलसिला अब भी नहीं थम रहा है। अब पूर्व मिदनापुर में एक भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। शंभु मैती नाम के भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का आरोप पार्टी ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर लगाया है। शनिवार (6 नवंबर, 2021) देर रात उनकी इतनी बेरहमी से पिटाई की गई कि उनकी मौत हो गई।

शंभु मैती भाजपा के युवा नेता थे। रविवार (7 नवंबर, 2021) की सुबह डेरिया दिघी क्षेत्र के नंटू प्रधान कॉलेज के नजदीक केलेघई नदी के पास शंभू को कुछ लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखा। लोगों के इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचित किया। लेकिन, अस्पताल ले जाए जाने के बाद डॉक्टरों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार का कहना है कि TMC के गुंडों ने ही उनकी हत्या की है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी ने इन आरोपों से इनकार कर दिया है।

पुलिस ने अब तक इस हत्याकांड के मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जाँच की बात कहते हुए दोषियों को जल्द दबोचे जाने का आश्वासन दिया है। इससे पहले उत्तरी दिनाजपुर के इटाहार में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हुई थी। राजग्राम गाँव में मिथुन घोष नाम के भाजपा कार्यकर्ता की उनके घर के समीप ही अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। इसी तरह जून में उत्तर 24 परगना के बैरकपुर इलाके में भाजपा के जयप्रकाश यादव की हत्या का आरोप भी TMC के गुंडों पर लगा था।

उधर भाजका के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा एक नई कहानी रचेगी। उन्होंने कहा कि 7 वर्षों से केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा की सरकारें भले उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में हों, लेकिन अभी इसका उत्कर्ष आना बाकी है। उन्होंने केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में पार्टी को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा जिस तेजी से बढ़ी है, ऐसे उदाहरण भारतीय राजनीति में बहुत कम देखने को मिलते हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ रहेंगे।

खस्ता-कचौड़ी में नहीं था प्याज, चिल्लाते हुए लड़की ने लात मारकर पूरे सामान को जमीन पर गिरा दिया: वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक गार्डन में खस्ता-कचौड़ी बेचने वाले व्यक्ति से एक लड़की झगड़ रही है। दरअसल, खस्ता-कचौड़ी बेचने वाले की प्याज खत्म हो जाती है, जिसके कारण वह युवती को खाने के दौरान प्याज नहीं दे सका। इससे नाराज लड़की ने गाली बकते हुए स्ट्रीट फूड फेरीवाले की साइकिल में लात मारकर उसे पलट दिया। इसके अलावा, वह फेरीवाले पर शारीरिक रूप से भी हमला करती है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपनी कचौड़ी के लिए प्याज माँग रही है और फेरी लगाने वाला कह रहा है कि प्याज खत्म हो गया है, इसलिए वो नहीं दे सकता। इस दौरान महिला और कचौरी वाले में तीखी बहस होती है। इस बीच कचौड़ी वाले ने लड़की से कचौड़ी का पैसा माँगा, लेकिन लड़की पैसे देने इनकार करते हुए कहती है कि उसके पास प्याज नहीं था इसलिए वो नहीं भुगतान नहीं करेगी।

स्ट्रीट फूड विक्रेता पर चिल्लाते हुए वह कहती है, “यह क्यों खत्म हो गया? तुम्हे प्याज रखना चाहिए था।” स्ट्रीट वेंडर बार-बार अपना पैसा माँगता है, लेकिन वह पैसे देने से साफ मना कर देती है। इस बीच चीख-चिल्लाहट सुन कर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और लड़की से गरीब विक्रेता को भुगतान करने के लिए कहा। हालाँकि, जब लोग उससे ठेले वाले को पैसे देने का दबाव बनाने लगे तो गुस्से से तमतमाई लड़की ने साइकिव को लात मारकर उसे गिरा दिया। इससे ठेलेवाले ने जो भी सामान ले रखा था, वह जमीन पर गिर गया।

जब उससे इस नुकसान की भरपाई करने को कहा गया तो उसने पहले थप्पड़ मारने की धमकी दी और बाद में फेरीवाले को 2 थप्पड़ जड़ भी दिए। इसके अलावा घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे लोगों को भी लड़की ने धमकी दी। हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो कहाँ शूट किया गया था और यह स्क्रिप्टेड था या असली।

महाराष्ट्र में 72 लोग मर गए अस्पताल में जल कर (1 साल से कम समय में), 2021 की वो 6 घटनाएँ, जिन्हें भूलना मुश्किल

महाराष्ट्र के अस्पतालों में इस साल की शुरुआत से आग लगने की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में छाई रही हैं। आँकड़ों की बात करें तो जनवरी से लेकर नवंबर 2021 तक यहाँ के अस्पतालों में कम से कम 6 दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिसमें 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन दुर्घटनाओं से राज्य में लचर स्वास्थ्य सेवा की कलई खुल गई है। आइए आपको बताते हैं इस वर्ष महाराष्ट्र में होने वाली घटनाओं के बारे में, जब अस्पताल में सिस्टम सोता रहा और कई जिंदगियाँ काल के गाल में समा गईं।

9 जनवरी – भंडारा जिला अस्पताल, 10 नवजात की मौत

महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में इस साल 9 जनवरी को आग लगने से 10 नवजात बच्‍चों की आग में झुलसने से मौत हो गई। अस्पताल की न्यूबॉर्न केयर यूनिट में 17 नवजात बच्‍चे थे, जिनमें 10 की मौत हो गई थी। इन सभी की उम्र 1 से 2 महीने के बीच थी।

26 मार्च – भांडुप में सनराइज अस्पताल, 10 की मौत

इसी वर्ष मार्च (26 मार्च 2021) में मुंबई के भांडुप क्षेत्र में सनराइज अस्पताल के टॉप फ्लोर पर आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई थी। यह दुर्घटना उस वक्त हुई, जब वहाँ 76 मरीज इलाज करवा रहे थे। सनराइज अस्पताल एक मॉल में चलाया जा रहा था।

21 अप्रैल – जाकिर हुसैन अस्पताल, 24 की मौत

21 अप्रैल 2021 को नासिक के डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर लीक होने से 24 लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी। शुरुआत में यह आँकड़ा 22 था, जो बाद में बढ़कर 24 हो गया। इसी लीकेज के चलते वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों को लगभग आधे घंटे तक ऑक्सीजन नहीं मिल पाई थी।

24 अप्रैल – विरार अस्पताल, 13 की मौत

महाराष्ट्र में मुंबई के पालघर जिले के पश्चिम विरार स्थित विजय वल्लभ कोविड केयर सेंटर के आईसीयू में 24 अप्रैल को तड़के 3 बजे भीषण आग से लगने से 13 मरीजों की मौत हो गई थी। COVID-19 मरीजों की मौत जहरीले धुएँ के साँस लेने से हुई थी।

28 अप्रैल – मुम्ब्रा का प्राइम क्रिटिकेयर अस्पताल, 4 मरीजों की मौत

28 अप्रैल 2021 को मुम्ब्रा के प्राइम क्रिटिकेयर अस्पताल में अचानक आग लगने से 4 मरीजों की मौत हो गई थी। घटना के समय वहाँ 20 मरीज भर्ती थे। आग की वजह शार्ट सर्किट बताया गया था।

6 नवंबर – अहमदनगर जिला अस्पताल, 11 मरीजों की मौत

महाराष्ट्र में 6 नवंबर 2021 को अहमदनगर जिला अस्पताल के आग की चपेट में आने से कम से कम 11 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य मरीज झुलस गए। ये सभी मरीज कोरोना का इलाज करवा रहे थे।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि महाराष्ट्र के जो अस्पताल खुद सुरक्षित नहीं हैं, वहाँ इलाज कराने वाले मरीज कितने सुरक्षित होंगे। इसे सरकार की लापरवाही ही कहेंगे, जिन्होंने इन दुर्घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया। यही कारण है कि यहाँ के अस्पतालों में एक के बाद एक दुर्घटनाएँ सामने आई हैं।

‘364 दिन फूड वेस्टेज पर ज्ञान, अपनी बर्थडे पार्टी में केक की बर्बादी’: विराट कोहली से बोले लोग – इतने में कई कुपोषित बच्चों को मिल जाता खाना

सोशल मीडिया पर आजकल भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की स्थिति अच्छी नहीं चल रही है। जहाँ एक तरफ दीवाली पर ‘ज्ञान’ देने को लेकर उनकी आलोचना हुई, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से T20 विश्व कप में लगातार दो हार ने देश के क्रिकेट प्रशंसकों को आक्रोश से भर दिया। अब विराट कोहली का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अपना जन्मदिन मनाते हुए दिख रहे हैं। लोगों का कहना है कि वो केक बर्बाद कर रहे हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि केक काटने के बाद विराट कोहली को उनके साथी खिलाड़ियों ने केक लगा दिया। उनके सिर से लेकर चेहरा तक केक लगा हुआ है। खाने की वस्तु को इस तरह बर्बाद किए जाने को लोगों ने भोजन का अपमान बताते हुए विराट कोहली को सलाह दी है कि इससे वो बच्चों का पेट भर सकते थे। लोगों ने कहा कि दुनिया में कई बच्चे भूखे सोते हैं और भूख के कारण मौत तक हो जाती है, लेकिन दूसरों को ‘ज्ञान’ देने वाला खिलाड़ी खुद इस तरह केक बर्बाद कर रहा है।

एक यूजर ने विराट कोहली की पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को टैग करते हुए लिखा, “ये सही तरीका नहीं है। इस केक को गरीब बच्चों में बाँटा जा सकता था। यहाँ तक कि पालतू जानवर भी इसे खा सकते थे। दुनिया को पाठ पढ़ाने से अच्छा खुद सुधर जाओ। ऐसा ‘उपदेश’ मत दो, जिसका अनुसरण तुम खुद नहीं कर सकते।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “जितना केक विराट कोहली के ऊपर बर्बाद कर दिया गया और जितने रुपए में ये केक आए हैं, उतने में 3 कुपोषित बच्चों को 2 समय का न्यूट्रिशन मिल जाता। लेकिन नहीं, वो सिर्फ अपने मजे और दूसरों को ‘ज्ञान’ देने में विश्वास रखते हैं।” बता दें कि विराट कोहली ने 5 नवंबर को अपना 33वाँ जन्मदिन मनाया है।

‘अर्बन नेशनलिस्ट’ नामक यूजर ने लिखा, “वोक विराट कोहली अपने जन्मदिन पर केक बर्बाद कर रहे हैं। बाकी के 364 दिन वो भोजन बर्बाद किए जाने पर ज्ञान देंगे। ऐसी ही ज़िंदगी है।”

डॉक्टर हिमांशु सचान ने तो विराट कोहली को जन्मदिन मनाने के ‘मीनिंगफुल टिप्स’ ही दे डाले। उन्होंने लिखा, “पहली टिप्स ये है कि भोजन को बर्बाद मत करो, जैसा कि तुमने अपने चेहरे पर केक लगा कर किया है। दुनिया में बहुत गरीबी है और लोगों को दो वक्त का भोजन नहीं मिलता, इसीलिए ऐसा मत करो।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “वोक व्यक्ति वो होता है जो ये कहता है कि मंदिर में दूध चढ़ाना भोजन की बर्बादी है, जबकि खुद के शरीर पर अपनी जन्मदिन की पार्टी में दो किलो केक मल लेता है।” उक्त यूजर ने एक खबर भी शेयर की, जिसमें लिखा है कि विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने कोरोना की आपदा के बीच दुनिया में भुखमरी के विरुद्ध अभियान से खुद को जोड़ा है।

आपको याद दिला दें कि विराट ने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने दिवाली मनाने के ‘सही’ तरीके को लेकर बात कही थी। जवाब में यूजर्स ने कहा था कि ये हिन्दू त्योहार है और इसे हिन्दू रीति-रिवाज से ही मनाया जाना चाहिए, न कि कसी सेलब्स के टिप्स से। लोगों ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि दीवाली के दौरान हिन्दू विधि-विधान से पूजा-पाठ करना चाहिए, क्योंकि ये एक हिंदू त्योहार है। बाद में उन्होंने अपनी योजना रद्द कर के सीधे दीवाली की बधाई दी।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी को कथित रूप से ट्रोल किए जाने को लेकर भी अपना विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘रीढ़विहीन’ बताते हुए कहा कि उनके लिए किसी का मजाक बनाना मनोरंजन का जरिया हो गया है। उन्होंने साथ ही कहा था कि ये एक अच्छा कारण है कि पिच पर हम लोग खेलते हैं, सोशल मीडिया के ‘रीढ़विहीन’ कायर लोग नहीं, जिन्हें किसी के सामने कुछ कहने की हिम्मत नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर किसी अन्य पहचान में छिप कर ये सब करते हैं। 

छत्तीसगढ़ में बीमारी ठीक करने के नाम पर ईसाई बनाने की कोशिश: हिंदू संगठनों का विरोध, मिंज को पुलिस ने पकड़ा

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में धर्मान्तरण कराने का मामला प्रकाश में आया है। बिलासपुर का रहने वाला एक व्यक्ति जिले के उदयपुर ढाप गाँव के भोले-भाले लोगों को बीमारियों से निजात दिलाने के नाम पर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था। हालाँकि, जैसे ही ईसाई धर्मान्तरण की खबर हिंदू संगठनों को लगी तो उन्होंने मौके पर जाकर उसे बंद करा दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बिलासपुर जिले का रहने वाला साल्वेशन मिंज उदयपुर ढाप में बीते 2 दिनों से अपना कैंप लगाए हुए था। यहाँ उसने प्रार्थना सभा का आयोजन कर रखा था, जिसमें बड़ी संख्या में न केवल सरगुजा अंचल, बल्कि बाहर के लोग भी आए हुए थे। आरोपित लोगों की बीमारी दूर करने के बहाने उनका मतांतरण करा रहा था। फिलहाल जानकारी मिलने के बाद शनिवार (6 नवंबर 2021) को भारतीय जनता युवा मोर्चा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के नेता मौके पर पहुँच गए और प्रार्थना सभा को बंद करा दिया। खास बात ये है कि वो ये प्रार्थना सभा प्रशासन को बिना बताए चोरी-छिपे चला रहा था।

हिंदू संगठनों के नेताओं के जमावड़े की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन भी दलबल के साथ वहाँ पहुँच गया। पुलिस वालों ने किसी तरह से हालात को संभाला और आरोपित को अपने साथ ले गए। उसे मणिपुर थाने में रखा गया है।

इस मामले में सरगुजा भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा, “उदयपुर ढाप में दो दिनों से धर्मान्तरण कराने की कोशिश किए जाने की सूचना हमें मिली थी। हमने पुलिस को सूचित किया और खुद भी वहाँ पहुँचे। वहाँ जाकर देखा तो बहुत से बाहरी लोग शासन-प्रशासन की इजाजत के बिना ही धर्मान्तरण का काम कर रहे थे।”

भाजयुमो के नेता के मुताबिक, वहाँ पर लोगों को बताया जा रहा था कि उनका पथरी ठीक हो जाएगा। वहीं पर एक व्यक्ति, जिसका पैर कटा था और सड़ रहा था, उसे यह कहा जा रहा था कि प्रार्थना करने से उसका पैर सही हो जाएगा। इसी तरह की लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। फिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि आरोपित से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यूरोपीय देश ग्रीस ने जानवरों को हलाल करने पर लगाई रोक, प्रक्रिया को बताया ‘अमानवीय’

यूरोपीय देश ग्रीस की सर्वोच्च अदालत ने हलाल वध को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही कोशेर पर भी रोक लगाई है। अदालत ने पशु वध की इस प्रकिया को अमानवीय बताया है। हलाल मुख्यतः इस्लामी परम्परा और कोशेर यहूदी परम्परा से संबंधित है। अदालत ने यह आदेेश वहाँ के पर्यावरण और पशु प्रेमी संगठनों की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।

हलाल और कोशेर दोनों प्रक्रियाओं में पशुओं को बिना बेहोश किए, धीरे-धीरे मारा जाता है। यह पशु वध का सबसे पीड़ादायक तरीका माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में याचिका लगाने वाले समूह पाइनहेलनिक एनिमल वेलफेयर और एन्वॉयरमेंटल फेडरेशन ने अपनी माँग में वध से पहले पशुओं को एनेस्थीसिया देने की माँग की थी। यह दवा बेहोश करने के काम आती है।

अपने आँकलन में ग्रीस की सर्वोच्च प्रशासनिक न्यायालय हेलेनिक काउंसिल ऑफ़ स्टेट ने पशु अधिकारों के समर्थन में दलीलों को सही पाया। न्यायालय ने भी माना कि किसी की धार्मिक मान्यताएँ पशु अधिकारों को नजरअंदाज़ नहीं कर सकतीं। न्यायालय ने सरकार से देश भर में पशु अधिकारों और धार्मिक मान्यताओं के बीच सामंजस्य बनाने को कहा। इसी के साथ ग्रीस के स्लॉटर हाऊस में होने वाली गतिविधियों पर नजर भी रखी जाएगी। न्यायालय के आदेशानुसार, अब किसी भी जानवर को मारने से पहले उसको बेहोश करना जरूरी होगा।

ग्रीस की अदालत के इस फैसले का वहाँ के कुछ धार्मिक संगठनों ने विरोध किया है। यहूदियों के यूरोपियन एसोसिएशन के चेयरमैन रब्बी मर्गोलिन ने इस आदेश को यहूदियों की धार्मिक स्वतंत्रता में न्यायिक हस्तक्षेप बताया है। उनके अनुसार, पूरे यूरोप में यहूदियों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है।

इससे पहले 17 दिसम्बर 2020 में बेल्जियम की अदालत ने भी इसी से मिलता-जुलता फैसला सुनाया था। बेल्जियम के फ्लेमिश (Flemish) क्षेत्र में एक नियम लागू किया गया था, जिसके अंतर्गत पशुओं की हत्या करने के लिए उनकी स्टनिंग (बेहोश/बेसुध) अनिवार्य होगी। पशु अधिकारों के आधार पर स्टनिंग के बिना पशुओं की हत्या पर पाबंदी होगी। यूरोपियन यूनियन की सबसे बड़ी अदालत ने इस नियम का समर्थन किया था।

भारत में भी हलाल को बैन करने माँग लम्बे समय से की जा रही है। दिल्ली के ऐसे होटल या मीट की दुकान, जो SDMC (दक्षिण दिल्ली नगर निगम) के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अब हलाल या झटका बोर्ड टाँग कर रखना जरूरी होगा। SDMC की सिविक बॉडी की स्टैंडिंग कमिटी ने यह प्रस्ताव 24 दिसंबर 2020 को पास किया था। इस प्रस्ताव में यह भी लिखा है कि हिंदू और सिख के लिए हलाल मीट खाना वर्जित है।

99 लाशों के साथ बलात्कार, पीड़ितों में 9 साल का बच्चा और 100 साल का बुजुर्ग भी: 2 मरती हुई महिलाओं का भी किया रेप

यूनाइटेड किंगडम में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसने अस्पताल के मुर्दाघर में 99 लाशों के साथ बलात्कार किया। इसमें कई बच्चे भी शामिल हैं। अपराधी ने कबूल किया है कि उसने दो महिलाओं की हत्या भी की और जब वो मर रही थीं, उसी दौरान उसने उन दोनों के साथ बलात्कार किया। दोनों महिलाओं की हत्या की घटना 1987 में हुई थी, जिसे ब्रिटेन में ‘बेडशीट मर्डर्स’ के नाम से जाना जाता है। पेशे से इलेक्ट्रीशियन डेविड फुलर ने कई घिनौने अपराध किए हैं।

वो अस्पताल में टेक्नीकल सुपरवाइजर के रूप में काम करता था, इसीलिए मुर्दाघर तक आसानी से पहुँच जाता था और वहाँ रखी लाशों के साथ बलात्कार करता था। उसने 9 साल के बच्चे से लेकर 100 वर्ष के वयोवृद्ध तक, सभी की लाशों के साथ बलात्कार किया। अब उसे जेल की सज़ा सुनाई गई है। सुनवाई के बीच में ही उसने दो महिलाओं की हत्या का जुर्म कबूल किया। उसने अब तक 51 अपराधों को कबूला है, जिनमें 44 तो लाशों से रेप के ही मामले हैं।

उसे आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है और उसकी मौत तक उसे जेल में रखा जाएगा। उसने लाशों के साथ सेक्स करते हुए अश्लील वीडियो भी बनाए। एक आरोप में उस पर 25 महिलाओं की लाशों के साथ रेप की बात है। पुराने मामलों की फिर से शुरू की गई जाँच में 34 साल पहले दो महिलाओं की हत्या का राज़ खुला। लाशों के साथ रेप की बात तब सामने आई, जब पुलिसकर्मियों को बड़ी संख्या में ऐसी तस्वीरें मिलीं जिनमें उसकी हरकतें कैद थीं।

अंग्रेजी में इस आपराधिक प्रवृत्ति को ‘Necrophilia’ कहते हैं। एक ट्रस्ट में काम करते हुए उसने दो अस्पतालों के मुर्दाघरों को अपना अड्डा बनाया था। वो केंट और ससेक्स अस्पतालों के भीतर सभी क्षेत्रों में जा सकता है। ये अस्पताल 2011 में बंद हो गए हैं। 2008 से लेकर 2020 तक उसने इन घटनाओं को अंजाम दिया। लाश के साथ बलात्कार करने के बाद वो फेसबुक के जरिए मृत व्यक्ति के जीवन को खँगालता था और उनके बारे में जानकारियाँ प्राप्त करता था।

सरकारी वकील का कहना है कि ये एक ऐसा मामला है, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। इसे वहाँ के कानूनी इतिहास के सबसे वीभत्स अपराधों में से एक बताया जा रहा है। डबल मर्डर का ये केस यूके के उन गिने-चुने मामलों में था, जो आज तक यहीं सुलझा था। दोनों महिलाएँ एक-दूसरे को नहीं जानती थीं, लेकिन वो एक ही क्षेत्र में रहती थीं। 23 जून, 1987 को वेंडी नामक महिला की लाश अपने बिस्तर पर खून से लथपथ मिली। मौत के बाद बलात्कार के सबूत मिले थे।

उसके सिर पर जख्म के निशान थे और गला घोंट कर उसकी हत्या की गई थी। वहीं उसी साल 24 नवंबर को कैरोलिन नाम की महिला गायब हो गई थी। उससे पहले एक टैक्सी ने उसे उसके घर छोड़ा था। पड़ोसियों ने उसके चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें सुनी थीं। 15 दिसंबर, 1987 को उसकी निर्वस्त्र लाश मिली। उस समय डेविड फुलर अपनी तब की पत्नी के साथ वहाँ से कुछ ही दूरी पर रहता था। एक अन्य महिला की लाश के साथ तो उसे 3 बार बलात्कार किया था।

उसकी पत्नी माला फुलर ने अपने पति के अपराधों के बारे में पता चलने के बाद कहा है अब उससे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। माया ने कहा कि वो इस रिश्ते को अब आगे नहीं बढ़ा सकती। आशंका है कि उसने कई और लाशों को भी निशाना बनाया होगा। मूल रूप से त्रिनिदाद की माला 20 वर्षों से डेविड के साथ रह रही हैं। उन्हें पता भी नहीं था कि डेविड ये सब कर रहा है। माला की बहन फ़िलहाल उनकी मदद कर रही हैं। उन्होंने उस घर को भी छोड़ दिया है, जिसमें वो डेविड के साथ रहती थीं।

त्रिपुरा में गाय चुराते पशु तस्कर को ग्रामीणों ने घेर कर मार डाला… जेब में बांग्लादेश की मुद्रा मिली… पहले गाय मालिक पर किया था हमला

त्रिपुरा में एक संदिग्ध पशु तस्कर की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। मृतक बांग्लादेश का रहने वाला बताया जा रहा है। यह घटना सिपहिजाला के सोनामुरा उपक्षेत्र में आने वाले गाँव कमलानगर की है। यह जिला बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है। घटना शनिवार (6 नवम्बर 2021) की है।

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार की रात 3 पशु तस्कर सीमा पार कर के बांग्लादेश से भारत में घुसे थे। ये सभी आरोपी गाँव के निवासी लिटन पॉल के घर से गाय चुरा रहे थे। इसी दौरान इन्हें पड़ोसियों की मदद से पकड़ने की कोशिश की गई। हालाँकि, अफरा-तफरी का फायदा उठाकर 2 पशु तस्कर भाग निकले। इनमें से एक ग्रामीणों द्वारा घेर लिया गया। बाद में पिटाई से उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने मृतक के पास से बांग्लादेशी मुद्रा और मोबाईल फोन बरामद किया है। सूचना के अनुसार, इन्होंने गाय के मालिक पॉल के ऊपर हमला भी किया था। हमले में पॉल के कानों पर चोट लगी है, जिसका इलाज राजधानी अगरतला के GB अस्पताल में चल रहा है।

पशु तस्करों के सीमा पार कुमिला जिले का निवासी होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, उनके पास से मिली बांग्लादेशी मुद्रा “टका” उनके बांग्लादेशी होने की तरफ इशारा कर रही है। इससे पहले जून 2021 में खोवाई जिले की 2 अलग-अलग घटनाओं में 3 संदिग्धों को पशु तस्करी के आरोप में पीट कर मार दिया गया था। वहीं, सप्ताह भर पहले असम पुलिस ने 10 बांग्लादेशियों को असम-त्रिपुरा की सीमा पर बाज़ारीचेर्रा पुलिस चेकपोस्ट से गिरफ्तार किया था।

2 हिंदू भाइयों को मस्जिद की ओर खींचा, बचाने गई दादी को घेर कर मारा: घटना दिल्ली की, आरोपित – शौकीन, नईम सहित कई

देश की राजधानी दिल्ली में एक परिवार के साथ मारपीट की घटना हुई है। पीड़ित परिवार हिंदू है। जो आरोपित हैं, वो मुस्लिम हैं। यह घटना उत्तरी आउटर दिल्ली के भलस्वा डेयरी क्षेत्र की है। घटना शुक्रवार (5 नवम्बर 2021) की शाम लगभग 7 बजे की है। घटना का केंद्र है – मुकुंदपुर पार्ट 1, गली नंबर 13, निकट नबी मस्जिद। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

ऑपइंडिया के पास इस घटना की FIR मौजूद है। दर्ज मुकदमे में पीड़िता कुसुम देवी के अनुसार उनका छोटा पोता एक दुकान पर दूध खरीदने गया था। रास्ते में 2 अनजान लड़के उससे पैसा छीनने लगे। वह रोते हुए घर आया और अपने 12 साल के बड़े भाई के साथ उस स्थान पर दोबारा गया। जब ये दोनों भाई वहाँ पहुँचे तो पहले से मौजूद 3-4 लड़के दोनों भाइयों के साथ बदतमीजी करने लगे। इतना ही नहीं, उन्हें खींच कर मस्जिद की तरफ ले जाने लगे।

जब इस बात की जानकारी दोनों बच्चों के घर वालों को हुई तो वो मौके की तरफ दौड़े। दादी कुसुम देवी के अनुसार भोला प्रॉपर्टी नाम से काम करने वाला शौकीन उनसे झगड़ा करने लगा। उसने कुसुम देवी और बच्चों के साथ मारपीट की। इसी के साथ उसने 15-20 और लोगों को बुला लिया। कुसुम देवी ने भीड़ में मारपीट करने वालों में शौक़ीन के अलावा ज़हीम, नईम, आलम और छोटे को पहचाना है।

इस मामले की जानकारी जैसे ही हिन्दू संगठनों को हुई, वो सब पीड़ित परिवार के घर पहुँचने लगे। पुलिस ने इस मामले में धारा 323, 341, 356, 379, 506 और 34 IPC के तहत केस दर्ज किया है। इस केस की विवेचना सब इंस्पेक्टर संदीप नरवाल कुमार को सौंपी गई है। कानूनी जानकारों के मुताबिक इन सभी धाराओं में 7 साल से कम की सज़ा है।

महाकाल सेना नाम के एक संगठन ने पीड़ित परिवार के घर से न्याय की माँग की है। परिवार के साथ जारी वीडियो में न्याय न मिलने पर सड़कों पर उतरने की बात कही गई है। इस वीडियो में भलस्वा डेरी थाना पुलिस पर पीड़ित परिवार को ही पीटने और उनसे पैर पकड़वाने का आरोप लगाया जा रहा।

इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल नाम के हिन्दू संगठनों ने इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन सभी ने पीड़ित परिवार के घर से वीडियो भी जारी किए हैं। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस के DCP आउटर नॉर्थ को बार-बार सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, हालाँकि उन्होंने फोन नहीं उठाया।