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‘सेंट मेरी’ स्कूल में रामलीला का आपत्तिजनक मंचन: प्रिंसिपल ने ‘हिन्दू आईटी सेल’ को पत्र लिख माँगी माफ़ी, कहा – आगे से ऐसा नहीं होगा

हरियाणा के फतेहाबाद स्थित सेंट मेरी स्कूल में रामलीला के साथ छेड़छाड़ कर के इसे आपत्तिजनक ढंग से प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आया था। अब स्कूल के प्रधानाध्यापक ने इस घटना के लिए लिखित में माफ़ी माँगी है ‘हिन्दू आईटी सेल’ ने जानकारी दी है कि संगठन की टीम ने ‘सेंट मेरीज पब्लिक स्कूल’ के प्रिंसिपल राजीव शर्मा से बात की उन्होंने न सिर्फ अपनी गलती स्वीकार की है, बल्कि स्कूल की तरफ से आधिकारिक रूप से माफीनामा भी जारी किया है।

राजीव शर्मा ने इस पत्र में लिखा है, “विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा जो रामलीला का मंचन किया गया, उसके किसी दृश्य में अगर किसी भी माननीय व्यक्ति को कोई आपत्ति हो या किसी की भावनाओं को किसी प्रकार की ठेस पहुँची हो विद्यालय प्रबंधन कमिटी इसके लिए क्षमाप्रार्थी है। विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा यह विश्वास भी दिलाया जाता है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होगी।” प्रिंसिपल राजीव शर्मा ने हिन्दू आईटी सेल को लिखे गए पत्र में ये जानकारी दी। ये स्कूल फतेहाबाद के टोहाना के पटेल नगर में स्थित है।

इससे पहले ‘हिन्दू आईटी सेल’ के प्रवक्ता साहिल ने जानकारी दी थी कि संगठन ने रामलीला के आपत्तिजनक मंचन के इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई के लिए कानूनी सलाहकार से बात की है। साथ ही उन्होंने लोगों से इस स्कूल का सटीक पता माँगा था। ‘हिन्दू आईटी सेल’ के संस्थापक सदस्य शांतनु और संगठन के एक अन्य सदस्य व पत्रकार हिमांशु तिवारी ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। संगठन ने कहा कि इस घटना को लेकर काफी शंका व संदेह का माहौल है, जिस पर वो शनिवार (6 नवंबर, 2021) को रात 10 बजे स्पष्टीकरण देंगे।

‘हिन्दू आईटी सेल’ के संस्थापक सदस्य अक्षित सिंह ने सेंट मेरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को इस अपमानजनक कृत्य के लिए माफ़ी माँगने के लिए अल्टीमेटम दिया था। इसके 20 मिनट के भीतर स्कूल प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्होंने हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए हिन्दू समाज से माफ़ी माँगी।

सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का आपत्तिजनक मंचन: जानिए क्या है पूरा मामला

हरियाणा के फतेहाबाद के 2 अलग अलग स्कूलों पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था। इसमें पहले का नाम डी ए वी पब्लिक स्कूल और दूसरा सेंट मेरी पब्लिक स्कूल है। बजरंग दल ने दोनों स्कूलों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। सोशल मीडिया पर भी इन घटनाओं से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में भगवान् राम और लक्ष्मण का आपत्तिजनक चित्रण किया गया है। साथ ही अन्य दृश्य में अश्लीलता दिखाई गई है। वीडियो में मंचन के दौरान बाकी स्कूल स्टाफ द्वारा कोई आपत्ति नहीं जताया जा रहा। वीडियो के दौरान दर्शक दीर्घा से ठहाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

अपने शिकायती पत्र में बजरंग दल ने कहा था कि डी ए वी स्कूल और सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का मंचन किया गया। इस मंचन के दौरान देवताओं का भद्दे तरीके से मज़ाक उड़ाया गया। बजरंग दल ने दोनों स्कूल संचालक, प्रिंसिपल, शामिल सभी अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ आपत्तिजनक मंचन करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है। इस मामले में ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता से बात की। बजरंग दल पदाधिकारी दीपक सैनी ने बताया कि आए दिन हिन्दू भावनाओं का अपमान करना इस स्कूलों की आदत बन चुकी है।

पाकिस्तानी क्रिकेटर की शिकायत पर BBC ने अंग्रेज खिलाड़ी की नौकरी खाई, आरोपों से इनकार पर भी कोई सुनवाई नहीं

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर माइकल वॉन को खिलाड़ियों द्वारा नस्लवाद का आरोप लगाने के बाद बीबीसी के शो से बाहर कर दिया गया है। वॉन बीबीसी के 5 लाइव पर Radio 5 Tuffers and Vaughan show में बीते 12 साल से टेस्ट मैच स्पेशल में एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज नावेद-उल-हसन ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को बताया कि उन्होंने वॉन को कुछ नस्लीय टिप्पणी करते हुए सुना था। वहीं, वॉन ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन बीबीसी यह कहते हुए अपने रुख पर कायम है कि यह मामला समाप्त होने तक उन्हें निष्पक्ष रहने की आवश्यकता है।

वॉन अजीम रफीक द्वारा लगाए गए नस्लवाद के आरोपों के बाद सोमवार को शो में दिखाई नहीं देंगे। रफीक ने दावा किया कि वॉन ने 2009 में यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के बीच खेले जाने वाले मैच से पहले उनके और अन्य खिलाड़ियों के प्रति नस्लवादी टिप्पणी की थी। माइकल वॉन ने साल 1991 से लेकर 2009 तक यॉर्कशायर काउंटी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि माइकल वॉन ने अजीम रफीक सहित एशियाई समूह के खिलाड़ियों से कहा, ”इस समूह में आप जैसे बहुत खिलाड़ी हैं, हमें इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है। यह रफीक का इंग्लिश काउंटी में पहला सीजन था।”

इस मामले पर बीबीसी ने एक बयान जारी कर कहा, “माइकल वॉन के खिलाफ लगाया गया आरोप बीबीसी में काम करने से पहले का है, हम यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब द्वारा की गई जाँच का हिस्सा नहीं थे और हमें बाद की रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी। हालाँकि, हमें एक ही आरोप से अवगत कराया गया है, जिसका माइकल ने खंडन किया है। हम इसकी सभी पहलुओं से जाँच कर रहे हैं।”

माइकल वॉन ने एक कॉलम में लिखा, ”मैं पूरी तरह और स्पष्ट रूप से इनकार करता हूँ, मैंने कभी उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, मेरे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है।”

‘तुम निकम्मे हो…पहली जीत पच नहीं रही’: भारत-अफगानिस्तान मैच को फिक्स्ड बता रहे पाकिस्तानियों पर भड़के हरभजन सिंह

टी20 वर्ल्ड कप जारी है, जिसमें हाल ही में भारत ने स्कॉटलैंड और अफगानिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। यहाँ तक तो सब ठीक था, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत की यह जीत पच नहीं रही है। यही कारण है कि पाकिस्तान अब भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मैच को फिक्स्ड करार देने पर तुला है। पाकिस्तान के समर्थक ट्विटर पर फिक्स्ड को ट्रेंड करा रहे हैं। अब पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह ने इन ट्रोलर्स को जबाव दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को पहले अपने गिरेबान में झाँकने की नसीहत दी है।

सोशल मीडिया पर भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान समर्थकों को हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल के जरिए जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “इस तरह के वाहियात ट्रेंड की शुरुआत पाकिस्तान से हुई है। वहीं के कुछ लोग ट्विटर पर जाकर ये कह रहे हैं कि अफगानिस्तान जानबूझकर भारत से हारा है। क्यों आपको ऐसा लगता है? क्या भारत पाकिस्तान के सामने 210 रन नहीं बना सकता? बिल्कुल बना सकता है। मैं कह रहा हूँ कि ये जो रन बने थे वो कम ही थे, भारत और अधिक रन बना सकता था। भारत अगर चाहता तो स्कॉटलैंड को 60 रन पर सिमटा सकता था। ये भारत की ताकत है।”

हरभजन ने आगे कहा, “देखो आपका देश पाकिस्तान बहुत अच्छा खेला। सभी ने इस बात को माना भी कि भारत के सामने पाकिस्तान का प्रदर्शन अच्छा रहा। लेकिन अब अगर आप बदतमीजी करोगे कि आप बिल्कुल पाक-साफ खेल खेलते हो और अगर भारत जीतता है तो उस पर आपको शक होता है तो ये बात गलत है। आपको भी पता है कि आपके प्लेयर्स की रेप्युटेशन कैसी रही है। मोहम्मद आमिर कौन था और उसने क्या किया था।”

पाकिस्तान को उसका इतिहास दिलाते हुए हरभजन कहते हैं कि अगर पाकिस्तानी टीम के इतिहास को खंगाला जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। रही बात भारतीय टीम की तो वब बहुत बढ़िया कर रही है। हरभजन ने कहा, “आपकी सोच निकम्मी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि पहली बार आपको जो जीत मिली है वो पच नहीं रही है। खेल के मजे लो। मैं उम्मीद करता हूँ कि भारत आपको फाइनल में मिले, क्योंकि अगर मिला तो मजा आएगा।”

हरभजन ने पाकिस्तानी सपोर्टर को लताड़ते हुए ठीक से बात करने की नसीहत दी और कहा कि ये लोग फालतू की नौटंकी कर रहे हैं। राशिद खान को फालतू में ट्रेंड करा दिया। उन्होंने कहा, “अरे राशिद खान चैम्पियन बॉलर है और हमारे खिलाड़ी चैम्पियन बैट्समैन हैं।”

शोएब अख्तर ने भी अफगानिस्तान के साथ मैच को फिक्स्ड करार दिया

पाकिस्तानी गेंदबाज शोएब अख्तर ने अफगानिस्तान और भारत के बीच हुए मैच को फिक्स्ड करार दिया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की टीम ने उस दिन अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल नहीं दिखाया, जिससे उसकी हार हुई। शोएब ने दावा किया कि पाकिस्तान की टीम फाइनल में भारत को फिर हराएगी। शोएब अख्तर पाकिस्तान द्वारा भारत को हराए जाने के बाद से ही ऐसे बयान दे रहे हैं।

चित्रकूट में सजा औरंगजेब का शुरू किया गधों का मेला: सलमान-दीपिका छाए रहे, शाहरुख खान सस्ते में निपटे

बचपन में और अब भी आपने कई मेले देखे होंगे, जहाँ आप जाकर झूलों का आनंद लेते हैं। वहाँ आपको तरह-तरह की चीजें देखने को मिलती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक ऐसा भी मेला लगता है, जहाँ गधों की खरीद-बिक्री होती है। यहाँ कई राज्यों से लोग अपने-अपने गधों के बेचने के लिए लाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मेले की शुरुआत मुगल आक्रांता औरंगजेब ने की थी।

दिवाली के त्योहार के दौरान शुरू होकर पाँच दिनों तक लगने वाला यह मेला धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे लगता है। इस मेले में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, शाहरुख खान, ऋतिक रौशन, कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण के नाम वाले गधे भी बेचने के लिए लाए गए हैं। हर साल लगने वाले इस मेले में इस बार करीब 15,000 गधे लाए गए हैं। इस बार भी उम्मीद है कि गधों का यह व्यापार करीब 2 करोड़ रुपए तक हो सकता है।

इस मेले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार आदि राज्यों के लोग शामिल होने के लिए आते हैं। यहाँ लाने जाने वालों की कीमत अलग-अलग होती है, जो उनके नस्ल और कद-काठी पर निर्भर करती है। इस मेले में सलमान खान नाम का गधा डेढ़ लाख रुपए में बिका, जबकि दीपिका नाम की गधी सवा लाख रुपये में बिकी। वहीं, शाहरुख खान नाम का गधा केवल 70,000 रुपये में बिका। इन सब के अलावा, ऋतिक रोशन 30 हजार और रणबीर कपूर 50 हजार रुपए में ही निपट गए।

औरगंजेब की शुरू की गई परंपरा आज भी चल रही

इस मेले की शुरुआत मुगल आक्रांता औरगंजेब ने की थी। औरंगजेब को जब उसके सैन्य बलों में घोड़ों की कमी महसूस होने लगी तो उसने गधों का मेला लगवाकर अफगानिस्तान से अच्छी नस्ल के गधों को मँगवाया। इनकी खरीदारी करने के बाद उन्हें सेना में शामिल किया गया था।

हालाँकि, अब ये मेला अपना अस्तित्व खोता नजर आ रहा है। दरअसल, मेले में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता है। अगर गधे न बिकें तो भी ठेकेदार व्यापारियों से वसूली करने लगता है। प्रशासनिक बदइंतजामी भी इस मेले के गिरते क्रेज का बड़े कारणों में से एक है।

दलित लड़की को फँसाने के लिए नवाजिश बन गया ‘विशाल’, दोस्तों से करवाया गैंगरेप: किराए पर रहने आया था, CM योगी से न्याय की गुहार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लव जिहाद के नाम पर दलित युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। जब पीड़िता को आरोपितों की असलियत पता चली, तो वह उसे लखनऊ में छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया है, जिसके बाद पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।

पीड़िता ने बताया, “कुछ महीने पहले थाना अलीगंज इलाके में किराए के मकान पर रहने वाले नवाजिश ने उसे विशाल सिंह बनकर अपने प्यार के जाल ने फँसाया था। इस दौरान नवाजिश ने उसकी मुलाकात अपने अन्य दोस्तों इंतजार, आसिम, इरफान को हिन्दू बताकर करवाई और अपने दोस्तों से मेरा रेप भी करवाया।”

युवती ने बताया कि एक दिन नवाजिश ने उससे ढाई लाख रुपए और उसका मोबाइल माँगा। जब उसने देने से मना कर दिया, तो विशाल सिंह बने नवाजिश ने उससे कहा, ”जब तुमने सब कुछ मुझे सौंप दिया है तो उसके सामने इन पैसों और मोबाइल की क्या कीमत? मुझे अभी इसकी जरूरत है। जब मेरे पास रुपए आएँगे तब मैं तुम्हें वापस कर दूँगा और तुमसे शादी भी करूँगा।”

मुस्लिम युवक के झाँसे में आकर युवती ने अपने कमाए हुए ढाई लाख रुपए व मोबाइल उसे सौंप दिया। इसके बाद नवाजिश ने उससे मिलना बंद कर दिया। इधर, उसके तीनों दोस्त इंतजार,आसिम और इरफान भी अचानक से गायब हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती लव जिहाद व गैंगरेप की रिपोर्ट लिखवाने के लिए लखनऊ के दो थानों अलीगंज व नवीनगंज के पिछले 15 दिनों से चक्कर काट रही है, लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जहाँ उसके साथ वारदात को अंजाम दिया गया, वह उनके थाना क्षेत्र में नहीं आता है। पीड़िता ने अब सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाई है।

पंजाब में कई जगह किसानों ने रिलीज नहीं होने दी अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’, डरे हुए हैं सिनेमा हॉल वाले: फिर भी पहले दिन अच्छी कमाई

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्म ‘सूर्यवंशी’ जहाँ पूरे देश में धमाल मचा रही है, वहीं पंजाब एक ऐसा राज्य है जहाँ इसे मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाब के कई हिस्सों में नहीं चली फिल्म

सूर्यवंशी दिवाली के अगले दिन यानी कि 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज की गई है। इसके रिलीज के बाद से पंजाब के किसान संगठन द्वारा विरोध शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर बॉयकॉट सूर्यवंशी का ट्रेंड चलने लगा है। किसान संगठन पंजाब के कई हिस्सों में सिनेमाघरों में इस फिल्म को चलने नहीं दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब के बुडलाढा में दो सिनेमाघरों में शो नहीं चलाने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं आंदोलनकारी उनकी संपत्ति को नुकसान न पहुँचा दें। वो डर में है कि फिल्म को अपने यहाँ चलाएँगे तो उन्हें विरोध झेलना पड़ सकता है। 

सत्ताधारी पार्टी से नजदीकी का है आरोप

पंजाब के किसान मोर्चा ने इस फिल्म का पूरी तरह बॉयकॉट करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि अक्षय कुमार तत्कालीन सत्ता में काबिज पार्टी बीजेपी के बहुत करीबी हैं। अक्षय कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नजदीकियों की वजह से उन्हें ये विरोध झेलना पड़ रहा है। किसान मजदूर संगठन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस फिल्म को बॉयकॉट करने का आह्वान कर दिया है।

किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर किया गया है, जिसमें लोगों से सूर्यवंशी को ना देखने की सलाह दी गई है। पोस्ट में लिखा गया है, “वो आते हैं, हमें लूटते हैं और भूल जाते हैं। हम पंजाब में सूर्यवंशी की रिलीज का विरोध करते हैं। हम इन लोगों को और लूटने की इजाजत नहीं देंगे। किसान एकता मोर्चा जिंदाबाद।” अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ अभिनीत इस फिल्म को रोहित शेट्टी ने निर्देशित किया है। इसमें अजय देवगन और रणवीर सिंह भी कैमियो करते नजर आ रहे हैं। 

हालाँकि विरोध के बावजूद रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स का पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसका सीधा असर फिल्म के ओपनिंग कलेक्शन में देखने मिला। शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन ही सिनेमाघरों की रौनक लौटाते हुए 26.29 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। सूर्यवंशी भारत में 3,500 से अधिक स्क्रीनों पर और विदेशों में 1,300 स्क्रीनों पर रिलीज़ हुई

उल्लेखनीय है कि पिछले डेढ़ साल से कोविड-19 के चलते कोई भी बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हुई है। सिनेमाघर खुलने के बाद चंद फिल्में ही रिलीज हुई हैं, हालाँकि उनका कलेक्शन न के बराबर था। अब अक्षय की सूर्यवंशी ने फिर एक बार सिनेमाघरों की रौनक बढ़ा दी है।

सूर्यवंशी का ओपनिंग कलेक्शन पिछले 2 साल का सबसे बड़ा कलेक्शन है। आखिरी बार ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और वाणी कपूर की 2019 में रिलीज हुई फिल्म वॉर ने 30 करोड़ का ओपनिंग कलेक्शन किया था। अब 2 साल के अंतराल के बाद सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड कायम किया है।

घर की दीवार पर ‘जय श्री राम’ से बवाल, बगल में है मजार: UP की फतेहपुर पुलिस ने बताया – धार्मिक चिह्न हटाने को नहीं कहा

उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर में दीवाल पर जय श्रीराम लिखने के बाद हो रही बहसबाजी का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में पुलिस बल भी दिखाई दे रहा है। सुनाई दे रही आवाजों में दूसरों को आपत्ति न होने की बात कही जा रही है। वीडियो पर कई लोगों ने अपनी अपनी राय रखी है।

सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके ने लिखा है, “अपने घर पर जय श्रीराम लिखना फतेहपुर में बैन, पुलिस जिहादियों के सुर में मिला रही है सुर।” इसी के साथ उन्होंने फतेहपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग भी किया है।”

इसी घटना पर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने ट्वीट कर के लिखा है कि, “अपने घर की दीवार पर ‘जय श्री राम’ लिखना कब से अपराध हो गया फतेहपुर पुलिस? अगर किसी हिन्दू के घर के सामने मस्जिद है तो वह जीना छोड़ दे क्या? पुलिस कहीं की भी हो वह समुदाय के सामने दब्बू मानसिकता और सेक्युलरिज्म की बीमारी से ग्रसित है।”

इसी घटना का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। इस वीडियो में राहुल चौधरी मज़ार के निर्माण पर सवाल खड़े कर रहा। राहुल चौधरी के अनुसार, मज़ार का निर्माण किसी बाहरी व्यक्ति ने करवाया है। राहुल के अनुसार अगर वो भाजपा का भी झंडा ला देते हैं तो पुलिस में शिकायत कर दी जाती है।

ऑप इंडिया ने इस घटना की पड़ताल की। पड़ताल में यह मामला फतेहपुर के किशुनपुर थानाक्षेत्र का निकला। वीडियो में बहस कर रहे व्यक्ति का नाम राहुल चौधरी है। थाना प्रभारी किशुनपुर ने इस प्रकरण की विस्तार से जानकारी दी। उनके अनुसार पुलिस ने किसी धार्मिक शब्द को हटाने आदि का दबाव नहीं बनाया। वीडियो के एक छोटे हिस्से को मुद्दा बना कर विषय तो तूल देने का प्रयास भर है।

थाना प्रभारी ने बताया कि राहुल चौधरी के घर की दीवाल से सटी एक मजार है। यह मज़ार लगभग 10 साल पहले बनी थी। उस समय किसी ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। मजार से जुड़ी दीवाल पर जय श्रीराम लिखे होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को बुलवाया था। पुलिस ने सामान्य सवाल जवाब किए। धार्मिक शब्द या चिह्न को हटाने का कोई भी दबाव पुलिस ने नहीं बनाया। पुलिस ने सभी पक्षों से साम्प्रदायिक सद्भाव बना कर चलने की बात कही। कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

राहुल चौधरी ने मज़ार द्वारा मार्ग के अतिक्रमण का भी आरोप लगाया है। क्षेत्र के SDM भी मौके पर पहुँचे हैं और वो नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। अतिक्रमण आदि का विषय पुलिस के अनुसार राजस्व विभाग का है। इसी के साथ ही पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगा कर आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया है।

‘…फिक्स्ड था भारत-अफगानिस्तान मैच’: शोएब अख्तर का बड़ा दावा, कहा – भारतीय टीम को फाइनल में फिर हराएँगे

T20 विश्व कप में भारत की लगातार दो जीत से बौखलाए पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज शोएब अख्तर ने आरोप लगाया है कि भारत-अफगानिस्तान का मैच फिक्स्ड था। उन्होंने कहा कि 90% लोग ऐसा कह रहे हैं कि इस मैच के परिणाम पहले से ही तय थे। उन्होंने शुक्रवार (5 नवंबर, 2021) को पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ‘जियो न्यूज़’ के कार्यक्रम ‘जश्न-ए-क्रिकेट’ में ये बातें कही। इसके बाद सोशल मीडिया में कई मीम्स और दावे सामने आए। बता दें कि भारत ने अफगानिस्तान बड़े अंतर से हराया था।

शोएब अख्तर ने कई पाकिस्तानी क्रिकेटरों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अफगानिस्तान की टीम ने उस दिन अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल नहीं दिखाया, जिससे उसकी हार हुई। बता दें कि अफगानिस्तान की टीम भारत के 211 के जवाब में मात्र 144 ही बना पाई थी। 20 ओवर में उनके 7 विकेट गिर गए थे। शोएब अख्तर ने ये भी दावा किया कि हमलोग (पाकिस्तान की टीम) फाइनल में भारत को फिर हराएँगे। शोएब अख्तर पाकिस्तान द्वारा भारत को हराए जाने के बाद से ही ऐसे बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, “सभी पाकिस्तानी चाहते हैं कि भारत T20 विश्व कप के फाइनल में पहुँचे। भारतीय टीम ने स्कॉटलैंड को हरा भी दिया है। इससे टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने की उनकी उम्मीदें कायम हैं।” वहीं PTV के एंकर नोमान नियाज के साथ अपने विवाद पर उन्होंने कहा कि अपने स्वभाव के विपरीत वो किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने इस मामले में कुछ नहीं कहने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि उनकी माँ उम्रदराज हैं और वो अल्लाह और पैगम्बर मुहम्मद के अलावा किसी को खुश नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा कि वो लोगों को नहीं, अल्लाह को खुश रखना चाहते हैं। उन्होंने अपने उन प्रशंसकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस घटना के बाद उनका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि वो एंकर डॉक्टर नोमान और सार्वजनिक मीडिया चैनल PTV, दोनों को उसी रात छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने उस कार्यक्रम को छोड़ कर निकल जाने की उन्हें सलाह दी थी। बता दें कि रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशूहर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को पीटीवी (PTV) ने बैन कर दिया है।

दरअसल, 26 अक्टूबर 2021 को टी20 विश्व कप 2021 में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच मैच खेला गया, जिसमें पाकिस्तान ने जीत हासिल की। इसी के बाद पीटीवी के विशेष प्रसारण ‘गेम ऑन है’ के दौरान अख्तर और नियाज के बीच बहस हो गई। हुआ ये कि शो के होस्ट नियाज ने अख्तर से पूछा कि क्या पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चेजिंग में कोई गड़बड़ी की है। नजरअंदाज किए जाने से चिढ़े नियाज ने अख्तर पर बदतमीजी का आरोप लगाया और उन्हें शो छोड़ने के लिए कहा। 

जिन्‍ना वाले बयान पर अखिलेश कायम, लोगों को दी इतिहास पढ़ने की नसीहत, CM योगी ने कहा- जिन्ना और पटेल को एक बताने वालों से रहें सावधान

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के हर जिले तक पहुँचने के क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को समाजवादी पार्टी के गढ़ औरैया तथा इटावा के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि सरदार पटेल देश को जोड़ने वाले हैं, जबकि जिन्ना तोड़ने वाला। वहीं, अखिलेश ने कहा कि जिन्ना वाले बयान पर वह अब भी कायम हैं।

औरैया में राजकीय मेडिकल कॉलेज तथा विकास की अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल देश को जोड़ने वाले हैं, जिन्ना देश को तोड़ने वाले। दोनों समकक्ष नहीं हो सकते। सरदार पटेल राष्ट्र के नायक हैं, लेकिन जिन्ना भारत की एकता को खंडित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग यह तुलना कर रहे हैं, उनसे सतर्क रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्ना ने राष्ट्र-तोड़क के रूप में निंदित काम किया, लेकिन आज जिन्ना और सरदार पटेल की तुलना करने का जो प्रयास हो रहा है, हमें ऐसे तत्वों के मंसूबों को समझना होगा। भारत को तोड़ने वाले जिन्ना को कुछ लोग अपना मानते हैं। ऐसे लोग सरदार पटेल और जिन्ना में तुलना करने का प्रयास कर रहे हैं। जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन को इस देश को नहीं भूलना चाहिए।

वहीं, सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिन्ना पर दिए अपने बयान पर कायम हैं। अखिलेश ने कहा है कि लोगों को फिर से इतिहास की किताबें पढ़नी चाहिए। अखिलेश ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने जिन्ना विवाद पर भी चुप्पी तोड़ी।

अखिलेश से पत्रकारों ने पूछा कि उन्होंने जिन्ना पर बयान किस संदर्भ में दिया था? इस पर अखिलेश ने कहा, “मुझे संदर्भ क्यों क्लियर करना चाहिए? मैं चाहता हूँ कि लोग फिर से इतिहास की किताबें पढ़ें।” याद दिला दें कि अखिलेश ने हरदोई में एक बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद हो रहा है। अखिलेश ने जिन्ना की तुलना सरदार पटेल से की थी।

अखिलेश यादव ने कहा था, “सरदार पटेल जमीन को पहचानते थे और जमीन को देखकर फैसले लेते थे, इसीलिए आयरन मैन के नाम से जाने जाते थे। सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर बैरिस्टर बने थे। वह बैरिस्टर बने उन्होंने आजादी दिलाई अगर उन्हें किसी भी तरह का संघर्ष करना पड़ा होगा तो वह पीछे नहीं हटे।” उनके इस बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘शर्मनाक’ और ‘तालिबानी मानसिकता’ वाला बताया था और साथ ही कहा था कि इसके लिए अखिलेश यादव को माफी माँगनी चाहिए।

‘माफिया पर बुल्डोजर चला है तो संरक्षण देने वालों पर जरूर चलेगा, राजनीति के अपराधीकरण को रोकना होगा’: औरैया में बोले सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (6 नवंबर 2021) को औरैया में 280 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और 109 करोड़ रुपए की लागत वाली 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस सभी को बारी-बारी से राज्य में शासन करने का मौका मिला, लेकिन चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “2017 में बीजेपी की सरकार आने के बाद हम लोगों ने सभी अस्पतालों में लाइव सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध करवाया। बीते 70 सालों में केवल 12 मेडिकल कॉलेज राज्य में बनाए गए थे, लेकिन अभी हमारी सरकार के पाँच साल भी नहीं पूरे हुए हैं और प्रदेश को 58 मेडिकल कॉलेज देने जा रही है, जिसमें 32 मेडिकल कॉलेज अभी काम रहे हैं। हम प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करेंगे।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “आज प्रदेश बदल रहा है। प्रदेश की छवि बदली है। पहले पेशेवर अपराधी और माफिया गरीबों, व्यापारियों और बेटियों का जीना हराम कर देते थे। पहले इस बात को लेकर होड़ लगती थी कि इन माफियाओं को कौन कितना अपने गले से लगाएगा, लेकिन आज सभी को पता है कि अगर माफिया के ऊपर बुल्डोजर चल रहा है तो उनको शरण देने वालों के ऊपर भी जरूर चलेगा।”

अब त्योहारों पर दंगे नहीं होते

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कोई भी पर्व और त्योहार आते थे तो दंगे शुरू हो जाते थे। इसके साथ ही आम जनता पर झूठे मुकदमे भी दर्ज किए जाते थे, लेकिन साढ़े चार साल में राज्य के अंदर एक भी दंगा नहीं हुआ। अगर किसी ने ऐसी हिमाकत की तो उनकी सात पीढ़ियाँ भरते-भरते थक जाएँगी, लेकिन पूर्ति नहीं कर पाएँगी। इसके साथ ही सीएम ने राजनीति के अपराधीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोकना होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि भाजपा सरकार ने विकास योजनाओं में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और न ही करेगी, लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा। केवल औरैया जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 63,083 परिवारों को 1,53,000 गोल्डन कार्ड दिए गए हैं। इसके अलावा, किसान सम्मान निधि के तहत 240 करोड़ रुपए की धनराशि अब तक अन्नदाताओं के खातों में भेजी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना को मात देने के लिए लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की और कहा कि इस महामारी में अभी भी सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने वैक्सीन को कोरोना में सुरक्षा का बेहतर उपाय करार दिया।

गौरतलब है कि आज सीएम योगी ने जिस मेडकल कॉलेज का शिलान्यास किया। उसमें राजकीय मेडिकल कालेज में प्रशासनिक ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, पांच सौ बेड का चिकित्सालय, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश के अलावा लाइब्रेरी, मल्टीपर्पज हॉल, जिम, 460 क्षमता का छात्रावास, आवासीय भवन के अलावा प्ले ग्राउंड का निर्माण शामिल है।