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नहीं लेते हैं सुरक्षा, सरकारी गाड़ी से निजी काम भी नहीं: इस अधिकारी को आर्यन मामले की कमान, कॉमनवेल्थ घोटाले की कर चुके हैं जाँच

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले की जाँच से समीर वानखेड़े को हटा दिया गया है। अब इस केस की जाँच पूर्व सीबीआई अधिकारी संजय सिंह करेंगे। संजय सिंह 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि संजय सिंह सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी कार्यों के लिए ही करते हैं। इतना ही नहीं वो अपने कार के नंबर प्लेट पर तीन स्टार नहीं लगाते और सुरक्षा भी नहीं लेते हैं। एक बार उन्हें सुरक्षा लेने का ऑफर भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस बात का खुलासा आईपीएस अधिकारी के एक बैचमेट ने ‘न्यूज 18’ से बातचीत में किया है।

एडीजी रैंक के अधिकारी ने बताया कि संजय सिंह CBI में कार्य करने के दौरान तत्कालीन सीबीआई निदेशक के पसंदीदा अधिकारियों में से एक थे। इस दौरान वो काफी संवेदनशील जगहों पर भी रहे। सीबीआई में रहते हुए उन्होंने कॉमनवेस्थ गेम्स घोटाला और सीआरपीएफ भर्ती घोटाला समेत कई अन्य मामलों की जाँच की। संजय सिंह इससे पहले भुवनेश्वर के कमिश्नर, ओडिशा के एडिशनल डीजी भी रह चुके हैं। बताया जाता है कि संजय सिंह ने कई ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई की है। वह इस पद पर 31 जनवरी, 2025 तक रहेंगे।

पदभार संभालने के बाद मुंबई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीडीजी संजय कुमार सिंह ने कहा, “हमने 6 मामलों के एक ग्रुप को अपने कब्जे में ले लिया है। वह (समीर वानखेड़े) मुंबई के जोनल डायरेक्टर हैं, हम निश्चित रूप से जाँच में उनकी सहायता लेंगे।”

बता दें कि ड्रग्स मामले में जाँच का नेतृत्व कर रहे जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े को जाँच से हटा दिया गया है। समीर वानखेड़े पर वसूली के आरोप लगने के बाद से ऐसा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वानखेड़े को हटाए जाने के बाद मामले की जाँच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी को सौंपी गई है।

दामाद इशान मियाँ ने बीवी और ससुरालियों पर दर्ज कराया केस, पाक से मैच हारने के बाद टीम इंडिया का उड़ाया था मजाक

दुबई में हो रहे टी-20 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम की पाकिस्तान क्रिकेट टीम से हार के बाद से लगातार कुछ लोगों द्वारा विवादित प्रतिक्रियाएँ दी जा रही हैं। ऐसा करने वालों पर पुलिस भी एक्शन ले रही है। अब ताजा मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर के गंज कोतवाली क्षेत्र में सामने आया है। 

यहाँ एक परिवार ने मैच में हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का मजाक बनाते हुए व्हाट्सएप पर स्टेटस डाल दिया। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने आतिशबाजी भी की थी। यह बात परिवार के दामाद को पता चली तो उसने गंज कोतवाली में ससुराल के लोगों के खिलाफ शिकायत कर दी। गंज पुलिस ने उनकी शिकायत पर परिवार के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है। आरोपितों में युवक की बीवी भी शामिल है।

अपने ही ससुराल वालों पर मुकदमा कराने वाला युवक अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सींगनखेड़ा का इशान मियाँ है। उसकी ससुराल गंज कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला थाना टीन में है। शादी के कुछ समय बाद ही उसकी बीवी से अनबन हो गई थी, जिसके बाद वह मायके आ गई और वहीं रहने लगी। महिला ने युवक व उसके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। 

अब युवक ने शुक्रवार (5 नवंबर 2021) को गंज काेतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में युवक ने आरोप लगाया है कि 24 अक्टूबर को टी-20 विश्व कप में भारत बनाम पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हुआ था। इसमें भारत मैच हार गया था। देश की टीम के हारने पर उसके ससुराल वालों ने व्हाट्सएप पर भारतीय खिलाड़ियों का मजाक बनाते हुए स्टेट्स लगाया था।

वहीं, उसकी बीवी राबिया का कहना है कि उसके फोन में मजाक उड़ाने वाला स्टेटस किसी बच्चे ने लगा दिया होगा। इसका स्क्रीनशॉट लेकर पति ने इसे मुद्दा बना दिया है। राबिया के अनुसार, इशान मियाँ से उसका निकाह 4 महीना पहले हुआ था, लेकिन उसके शौहर ने मारपीट करके उसे घर से निकाल दिया।  

गंज कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि शिकायत की जाँच की गई, जिसमें युवक के ससुराल वालों द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम का मजाक उड़ाने की बात सामने आई है। जाँच के बाद युवक की बीवी राबिया शमसी समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इनके खिलाफ IPC की धारा 153A और IT act की धारा 67 के तहत FIR दर्ज की गई है।

रामायण में घुसाई अश्लीलता, ठहाके लगाते रहे लोग: ‘सेंट मेरी’ और DAV स्कूल की रामलीला, ‘बजरंग दल’ ने दर्ज कराई शिकायत

हरियाणा के फतेहाबाद के 2 अलग अलग स्कूलों पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। इसमें पहले का नाम डी ए वी पब्लिक स्कूल और दूसरा सेंट मेरी पब्लिक स्कूल है। बजरंग दल ने दोनों स्कूलों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। सोशल मीडिया पर भी इन घटनाओं से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है।

DAV स्कूल में रामलीला मंचन

वायरल हो रहे वीडियो में भगवान् राम और लक्ष्मण का आपत्तिजनक चित्रण किया गया है। साथ ही अन्य दृश्य में अश्लीलता दिखाई गई है। वीडियो में मंचन के दौरान बाकी स्कूल स्टाफ द्वारा कोई आपत्ति नहीं जताया जा रहा। वीडियो के दौरान दर्शक दीर्घा से ठहाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

अपने शिकायती पत्र में बजरंग दल ने कहा है कि डी ए वी स्कूल और सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का मंचन किया गया। इस मंचन के दौरान देवताओं का भद्दे तरीके से मज़ाक उड़ाया गया। बजरंग दल ने दोनों स्कूल संचालक, प्रिंसिपल, शामिल सभी अध्यापक और अध्यापिकाओं के साथ आपत्तिजनक मंचन करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है।

दोनों स्कूलों के विरुद्ध शिकायत

इस मामले में ऑप इंडिया ने शिकायतकर्ता से बात की। बजरंग दल पदाधिकारी दीपक सैनी ने बताया कि आए दिन हिन्दू भावनाओं का अपमान करना इस स्कूलों की आदत बन चुकी है। इसी के साथ उन्होंने इस मामले में ऊपर से समझौते का दबाव आने की भी बात कही। दीपक सैनी ने पुलिस की कार्यशैली पर पर असंतोष जताया। उनके अनुसार शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने अब तक इस प्रकरण में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दीपक सैनी ने यह भी बताया कि पुलिस की हीलाहवाली के विरोध में बजरंग दल ने प्रदर्शन भी किया था। इस प्रदर्शन में सेंट मेरी और डी ए वी स्कूल के बहिष्कार के भी नारे लगे थे।

जब सेंट मेरी स्कूल का पक्ष जानने के लिए उन्हें सम्पर्क किया गया तब उनके सोशल हैंडलों पर दिए गए नंबर बंद आए।

NCP से जुड़ा है इस ‘खेल’ का मास्टरमाइंड सुनील पाटिल, डील के लिए गोसावी को किया था आगे: आर्यन खान ड्रग्स केस में BJP नेता का बड़ा खुलासा

आर्यन खान ड्रग्स मामले में एक के बाद एक ट्वीस्ट सामने आ रहे हैं। इस मामले में महाराष्ट्र के बीजेपी नेता मोहित कंबोज ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहित कंबोज ने कहा, ”आज 6 नवंबर को मैं कुछ विषयों की जानकारी लेकर आपके सामने आया हूँ। महाराष्ट्र में और देश में पिछले म​हीने यानी 2 अक्टूबर के बाद एक विवादित मामला, आर्यन खान ड्रग्स केस चर्चा में आया। नारकोटिक्स विभाग ने क्रूज पर रेड की। इस रेड को लेकर जिस तरह राजनीति हुई, उसके बारे में मैं आपको कुछ बताने जा रहा हूँ।”

आर्यन खान ड्रग्स केस को लेकर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र सरकार के एक बड़े मंत्री ने भाजपा, कुछ अधिकारियों और एनसीबी पर आरोप लगाए हैं।” कंबोज ने कहा, ”किरण गोसावी, मनीष भानुशाली और प्रभाकर सैल कौन हैं इसके बारे में बताऊँगा, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी से जोड़कर दिखाया गया।”

मोहित कंबोज ने कहा, “इस पूरी रेड का मास्टरमाइंड सुनील पाटिल है। वह नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़ा हुआ है। एनसीपी से सुनील पाटिल के 20 साल से संबंध हैं। वह हाल ही में गिरफ्तार हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख का जिगरी दोस्त है। सिर्फ अनिल देशमुख ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्रियों और नेताओं के साथ उनके गहरे ताल्लुकात हैं। ये उनके घर के सदस्य जैसा हैं। यही नहीं, पूर्व गृह मंत्री आरआर पाटिल से भी इसके करीबी संबंध रहे हैं।”

कंबोज ने आगे कहा, “अनिल देशमुख पर प्रवर्तन निदेशालय की जो कार्रवाई हो रही है, उसमें भी सुनील पाटिल भागीदार है। सुनील पाटिल वही शख्स हैं, जो गृहमंत्री और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का रैकेट चलाता था और इसके पैसे लेता था। वह महाराष्ट्र में ट्रांसफर पोस्टिंग का रैकेट में 20 सालों से जुड़ा हुआ है। इस काम में उसकी मदद कई ब्यूरोक्रेट्स भी करते हैं। जब महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार आई, तब वह अंडरग्राउंड हो गया था। हालाँकि, महाविकास अघाड़ी सरकार के आते ही वह दोबारा एक्टिव हो चुका है।”

सुनील पाटिल का आर्यन खान मामले से संबंध

सुनील पाटिल का आर्यन खान मामले से क्या संबंध है इसको लेकर कंबोज ने कहा, ”आपको पता होगा सैम डिसूजा के बारे में। इसका जिक्र नवाब मलिक, संजय राउत ने भी किया है और प्रभाकर सैल के एफिडेबिट में भी किया गया है। सुनील पाटिल ने 1 अक्टूबर को सैम डिसूजा को व्हा्टसप किया।” उन्होंने व्हा्टसप चैट दिखाते हुए कहा, ”पाटिल ने सैम से कहा कि मेरे पास 27 लोगों की लीड है। तुम मेरी एनसीबी के किसी अधिकारी से बात कराओ। इसके बाद एनसीबी में वी.वी सिंह नाम के अधिकारी से उसकी बात कराई गई।”

मोहित कंबोज ने आरोप लगाया कि किरण गोसावी एनसीपी नेता सुनील पाटिल का आदमी है। पाटिल के कहने पर ही सैम डिसूजा ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी वी.वी सिंह की मुलाकात किरण गोसावी से करवाई थी। बाद में पूरी डीलिंग किरण गोसावी की देखरेख में हुई थी। ऐसे में नवाब मलिक के आरोप कितने सही हैं, यह आपको इन सबूतों से स्पष्ट हो जाएगा।

कंबोज ने सुनील पाटिल की एक कथित ऑडियो क्लिप भी सुनाई। उन्होंने दावा किया कि इसमें सुनील पाटिल का नाम है, जो मौजूदा और पूर्व गृह मंत्री का नाम ले रहा है। उन्होंने आगे कहा, ”इस मामले में भाजपा और किसी भाजपा नेता का कोई संबंध नहीं है। यह पूरी साजिश भाजपा को बदनाम करने के लिए रची गई। एनसीपी को सुनील पाटिल से अपने संबंधों के बारे में बताना चाहिए। सुनील पाटिल एक बड़े होटल में रुका था, वहाँ कौन से एनसीपी नेता थे, जो उससे मिलने गए थे। नवाब मलिक को जवाब देना चाहिए।”

9 महीने रोज 15 घंटे काम, दुर्घटना में पिता चल बसे फिर भी पूरी की शंकराचार्य की प्रतिमा: मिलिए MBA पास मूर्तिकार अरुण योगीराज से

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धुकरवार (5 नवंबर, 2021) को उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। दक्षिण से हिमालय तक की यात्रा कर के भारतीय सभ्यता में भक्तिभाव को पुनर्जीवित करने वाले आदि गुरु की इस प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया है। 12 फुट की इस पत्थर की प्रतिमा को उन्होंने मैसूर के सरस्वतीपुरम में गढ़ा। अरुण योगीराज का कहना है कि ये उनके लिए ख़ुशी का क्षण है।

कभी उन्होंने सोचा भी नहीं है कि वो प्रतिमाएँ बनाने के लिए अपने हाथों में औजार उठाएँगे, लेकिन अब उनकी बनाई प्रतिमाएँ हिन्दू धर्म और भारत देश का मस्तक गर्व से ऊँचा करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्य के लिए उन्हें चुना था। अरुण योगीराज का कहना है कि ये एक बड़ी जिम्मेदारी थी। ऐसा इसीलिए, क्योंकि पीएम मोदी की निगरानी में ये सब हो रहा था और वो हर गतिविधि के अपडेट्स लेते थे। पहले उन्होंने 2 फुट का मॉडल तैयार किया था।

उन्होंने दक्षिण भारत में शंकराचार्य की अन्य प्रतिमाओं को देखा और उनका अध्ययन किया। उन्होंने शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों और अन्य धार्मिक स्थलों के विद्वानों से बात की। PMO ने प्रतिमा कैसी होनी चाहिए ये उन्हें बता दिया है, लेकिन रिसर्च के हिसाब से बदलाव करने की उन्हें पूरी छूट थी। ये प्रतिमा ब्लैक क्लोराइट शीस्ट की ‘कृष्ण शिला’ से बनी है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से होता रहा है। कर्नाटक के एचडी कोटे से इसे लाया गया है। ये प्रकृति की भीषण मार झेलने में भी सक्षम है। 37 वर्षीय अरुण योगीराज ने 9 महीने रोज 14-15 घंटे की मेहनत की, जो अब सफल हुई है।

अरुण योगीराज को इसे तैयार करने में महीनों लगे। उनकी मानें तो ये ऐसा था, जैसे किसी को जन्म देना। उनके पिता और दादा भी मूर्तिकार रहे हैं। मूर्तिकारों की पाँचवीं पीढ़ी में जन्मे अरुण योगीराज के पूर्वजों को मैसूर राजपरिवार का संरक्षण प्राप्त था। उनके पिता योगीराज शिल्पी अपने पिता बी बसवन्ना शिल्पी की 8 संतानों में से एक थे। अरुण उनके 17 पोते-पोतियों में से एक हैं। अरुण के पिता गायत्री और भुवनेश्वरी मंदिर के लिए कार्य कर चुके हैं।

कृष्णा राजा सागर बाँध पर कावेरी की प्रतिमा उनके दादा ने ही बनाई थी। बसवन्ना शिल्पी श्री सिद्धलिंगा स्वामी के छात्रों में से एक थे। सिद्धलिंगा स्वामी ने ही बेंगलुरु के विधान सौधा गुम्बदों को डिजाइन किया है। वो मैसूर राजपरिवार के प्रमुख शिल्पी थे। बसवन्ना ने मात्र 10 वर्ष की आयु में 1931 में उनके गुरुकुल में शिक्षा आरंभ की और अगले 25 वर्षों तक वहाँ कड़ा प्रशिक्षण लिया। 1953 में वो मठ से बाहर निकले और स्वतंत्र कार्य शुरू किया। अरुण योगीराज की कहानी अलग है। अब तक उन्हें निम्नलिखित सम्मान मिल चुके हैं:

  • 2014 में केंद्र सरकार द्वारा युंग टैलेंट अवॉर्ड
  • मैसूर डिस्ट्रिक्ट अथॉरिटी और कर्नाटक सरकार द्वारा राज्योत्सव अवॉर्ड
  • शिल्पकार संघ द्वारा शिल्प कौस्तुभ अवॉर्ड (पहली बार किसी युवा मूर्तिकार को ये सम्मान मिला)
  • मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने इन्हें सम्मानित किया
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने न सिर्फ उनके काम को वहाँ जाकर देखा, बल्कि उनकी प्रशंसा भी की
  • मैसूर राजपरिवार द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया
  • मैसूर डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स अकादमी ने उन्हें सम्मानित किया
  • अमर शिल्पी जकनकारी ट्रस्ट द्वारा सम्मान
  • मैसूर विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी उन्हें सम्मानित किया

उनका सपना अपने पूर्वजों की तरह मूर्तिकार बनना नहीं था और 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से MBA की डिग्री लेने के बाद वो एक प्राइवेट कंपनी के लिए कार्य कर रहे थे। लेकिन, उनके दादा ने बचपन में ही भविष्यवाणी की थी कि अरुण बड़े होकर हाथों में औजार उठाएँगे और कलाकारों के इस परिवार का नाम और ऊँचा करेंगे। 37 वर्षों बाद ये सच हो गई है। अरुण के पिता की हाल ही में एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। लेकिन, उससे पहले उन्होंने शंकराचार्य की प्रतिमा को पूरे होते देखा था और आँखों में आँसू भर कर बेटे को आशीर्वाद दिया था। अरुण योगीराज ने अब तक इन कार्यों को अपने हाथों में लिया और पूरा किया है:

  • मैसूर में स्वामी रामकृष्ण परमहंस की आदमकद प्रतिमा
  • एक ही चट्टान से काट कर बनाई गई बृहत नंदी की 6 फुट की प्रतिमा
  • स्वामीजी शिवकुमार की 5 फ़ीट की प्रतिमा
  • माँ बनष्करी की 6 फ़ीट ऊँची प्रतिमा
  • हाथों से डिजाइन किए गए कई मंडपों और पत्थर के स्तंभों का निर्माण
  • मैसूर में बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की लाइफ साइज प्रतिमा, जिसे सफ़ेद संगमरमर से गढ़ा गया था
  • महाराजा जयचमराजेंद्र वुडेयार की 14.5 फ़ीट की प्रतिमा, जो सफ़ेद संगमरमर से ही बनाई गई थी
  • मैसूर विश्वविद्यालय में सोपस्टोन से बनी एक कलाकृति
  • मैसूर में ही भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ की प्रतिमा
  • केआर नगर में योगनरसिंह स्वामी की 7 फीट लम्बी प्रतिमा
  • आंध्र प्रदेश में माहेश्वरी माता की इतनी ही ऊँची प्रतिमा
  • महान इंजिनियर विश्वेश्वरैया और डॉक्टर आंबेडकर की कई प्रतिमाएँ
  • सोपस्टोन से महाविष्णु की 7 फीट ऊँची प्रतिमा
  • भगवान बुद्ध की प्रतिमा कई अलग-अलग डिजाइनों में
  • पंचमुखी गणपति की प्रतिमा
  • 5 फीट ऊँची स्वामी शिवबाला योगी की प्रतिमा
  • सोपस्टोन से भगवान शिव की 6 फ़ीट ऊँची प्रतिमा

अरुण योगीराज ने मैसूर में 14.5 फ़ीट की महाराजा जयचमराजेंद्र वोडेयार की संगमरमर की प्रतिमा बनाई थी। साथ ही वो रामकृष्ण परमहंस की प्रतिमा भी बना चुके हैं। भगवान शिव की सवारी नंदी, हनुमान, भगवान वेंकटेश्वर और महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया के अलावा वो 5.5 फ़ीट की गरुड़ की प्रतिमा भी बना चुके हैं। अब उनकी बनाई आदिगुरु शंकरचार्य की प्रतिमा भगवान शिव की नगरी केदारनाथ की शोभा बढ़ा रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी कला के मुरीद हो गए हैं।

कोलकाता में 700 लोग गिरफ्तार, दिवाली पर पटाखा फोड़ने का किया ‘अपराध’

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस ने हिंदुओं के त्योहार दिवाली के मौके पर पटाखा फोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। कोलकाता पुलिस ने दिवाली में रात भर चलाए गए अभियान में कुल 720 लोगों को गिरफ्तार किया। साल्ट लेक और उसके आसपास कम से कम 75 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल शहर में 605 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन क्रैकर्स को छोड़कर सभी पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिवाली की रात के लिए, अदालत ने ग्रीन क्रैकर्स फोड़ने के लिए दो घंटे रात 8 बजे से रात 10 बजे तक का समय निर्धारित किया था। हालाँकि, गुरुवार (4 नवंबर 2021) रात शहर और साल्ट लेक और न्यू टाउन में इस आदेश का बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया गया। गुरुवार की रात, जादवपुर, कस्बा, गरफा, बांसड्रोनी, बेहाला, चितपुर और कोसीपोर जैसे क्षेत्रों से अधिकांश उल्लंघन की सूचना मिली।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें दिवाली की रात 48 शिकायतें मिलीं, जिनमें ज्यादातर बागुईआटी, लेक टाउन, तल्लाह, सोनारपुर, मानिकतला, भवानीपुर, कालीघाट और फूलबगान से थीं। शिकायतों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेज दिया गया था।

पीसीबी अधिकारियों ने कहा कि गरफा से तड़के तीन से साढ़े तीन बजे के बीच उल्लंघन की शिकायतें मिलीं। रात 11.30 बजे के बाद नरेंद्रपुर और बागुईआटी जैसे सीमांत क्षेत्रों से कई शिकायतें आईं। ग्रीन प्लेटफॉर्म सबुज मंच के सदस्यों ने कहा कि उन्हें गुरुवार रात 75 शिकायतें मिलीं।

सबुज मंच के सचिव नबा दत्ता ने कहा कि दिवाली पर नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ। दत्ता ने कहा, “हमें दिवाली की रात लगभग 75 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 30 कोलकाता के लोगों की थीं। लेकिन यह उल्लंघन की सही तस्वीर को नहीं दर्शाता है क्योंकि लोगों ने केवल शोरगुल वाले पटाखों की शिकायत की थी। अधिकांश लोग यह नहीं जानते हैं कि अनिवार्य ग्रीन पटाखा प्रमाणन न होने पर फुलझड़ी की भी अनुमति नहीं है। हमारे अनुभव से पता चलता है कि शहर में शायद ही कोई ग्रीन पटाखा फोड़ा गया हो।”

बिधाननगर कमिश्नरेट ने प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने के आरोप में कम से कम 77 लोगों को गिरफ्तार किया और बांगुर, लेक टाउन, बागुईआटी और राजारहाट सहित विभिन्न स्थानों से 335 किलोग्राम अवैध पटाखे जब्त किए। कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, उन्हें न्यू टाउन, बांगुर एवेन्यू, राजारहाट और लेक टाउन से 30 से अधिक शिकायतें मिली थीं। अधिकारी ने कहा, “हमने कई लोगों को मुख्य सड़कों और गलियों में पटाखे फोड़ते हुए पाया। कुछ लोगों ने देर रात तक प्रतिबंधित पटाखे फोड़े।”

कॉलेज गई हिंदू छात्रा को भगा ले गया मोहम्मद शकील और अफसर आलम, सोनू नाम बताकर लड़की के घर के पास मंडराता था आरोपित

बिहार के पूर्णिया जिले से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता कसबा कॉलेज की छात्रा है और वह 2 नवंबर को सहेली के साथ कॉलेज गई थी। वहाँ से लौटते वक्त वह अचानक से गायब हो गई। बाद में पता चला कि मोहम्मद शकील और मोहम्मद अफसर आलम ने उसका अपहरण कर लिया है।

इस मामले में पीड़िता के पिता महेंन्द्र यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक लड़की का कुछ भी पता नहीं चल सका है। न्याय मिलने में देरी होता देख युवती के पिता ने जिले के पुलिस अधीक्षक से शुक्रवार को मिलकर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने एसपी को आवेदन दिया है। एसपी को दिए आवेदन में पीड़िता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी कसबा कॉलेज की छात्रा है। मंगलवार (2 नवंबर 2021) को वह अपनी सहेली के साथ कॉलेज गई, लेकिन लौटते वक्त वह संदिग्ध हालातों में गेरुआ चौक से गायब हो गई।

बेटी के अचानक गायब होने से लड़की का परिवार परेशान हो गया। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। काफी तलाश करने के बाद जानकारी मिली कि कसबा संत नगर वार्ड नंबर 2 का निवासी मोहम्मद शकील और मोहम्मद अपसार आलम उर्फ छोटू उनकी बेटी को जबरन भगा ले गया। उसके बाद कसबा थाना में लड़की के परिजनों ने शिकायत की है।

कहा जा रहा है कि आरोपित मोहम्मद शकील आए दिन पीड़िता के गाँव जाता था। उसे अक्सर पीड़िता के घर के आसपास घूमते देखा गया था। जब गाँव के लोगों को उसके ऊपर शक हुआ तो उससे पूछताछ की। इस दौरान शकील ने अपना नाम सोनू और पिता का नाम भोला साह और गाँव कसबा बताया था। इस घटना के बाद लोग लव जिहाद का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का मानना है कि आरोपित ने अपनी असली पहचान छुपाकर लड़की को लव जिहाद का शिकार बनाया है।

बहरहाल पीड़िता के पिता की तहरीर पर कसबा थान पुलिस ने आरोपित के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 363 (अपहरण) और 366 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

अब नेहा धूपिया और शाहिद की बीवी को दिवाली के पटाखों से दिक्कत, जागा पर्यावरण प्रेम: दीवाली बीतने के बाद भी ‘ज्ञान’ दे रहा बॉलीवुड

दिवाली तो गुरुवार (4 नवंबर, 2021) को ही थी, लेकिन बॉलीवुड उसके बाद भी पटाखों को लेकर हल्ला मचा रहा है। अब अभिनेत्री नेहा धूपिया और अभिनेता शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत का पर्यावरण प्रेम जाग उठा है। दोनों ने ही पटाखों के लिए दीवाली को दोष देते हुए हिन्दुओं को भला-बुरा कहा। दीवाली पर बॉलीवुड ने काफी पहले से ही ज्ञान देने का सिलसिला शुरू कर दिया था, जो अब भी जारी है। हालाँकि, पराली जलाए जाने को लेकर अधिकतर बॉलीवुड हस्ती चुप हैं, या वो ऐसा करने वालों का नाम नहीं लेना चाहते।

सबसे पहले बात करते हैं नेहा धूपिया की। इस साल ‘सनक’ फिल्म में दिखीं 41 वर्षीय नेहा धूपिया ने नवंबर 2018 में अभिनेता अंगद बेदी से शादी की थी। उनके दो बच्चे भी हैं। नेहा धूपिया ने ट्विटर पर लिखा, “कृपया पटाखे उड़ाना बंद कीजिए। ये पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है। इससे हमें नुकसान पहुँच रहा है। हमारे बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। कृपया…” नेहा धूपिया की इस ट्वीट पर लगभग 7500 रिप्लाइज हैं, जिससे समझा जा सकता है कि उनकी किस कदर आलोचना की गई है।

अब आते हैं मीरा राजपूत पर। अपने से 13 वर्ष बड़े शाहिद कपूर से शादी करने के बाद मीरा राजपूत अक्सर लाइमलाइट में रहती हैं। अब उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर शेयर की, जिसमें लिखा था कि दिवाली के बाद दिल्ली की हवा और प्रदूषित हो गई है। उन्होंने इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “सीरियसली क्यों? कौन लोग हैं वो जो इन पटाखों को उड़ा रहे हैं?” अगली इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने अपने घर के बाहर की तस्वीर शेयर की और घने कोहरे के लिए दिवाली को दोष दिया।

पटाखे उड़ाए जाने पर खफा हुईं मीरा राजपूत

मीरा राजपूत ने लिखा, “ये मेरा घर नहीं हो सकता। कृपया पटाखे न उड़ा कर आप सब अपना-अपना योगदान दें। कृपया अपने कचरे (जो नहीं जलते हैं) को अलग करें और उन समूहों का समर्थन करें, जो पराली जलाए जाने को लेकर जागरूकता पैदा कर रहे हैं।” मीरा राजपूत भी नेहा धूपिया की तरह ही सोशल मीडिया पर खासी सक्रिय रहती हैं। ये दोनों ही इंस्टाग्राम स्टोरीज और पोस्ट्स के माध्यम से सुर्खियाँ बटोरती रहती हैं। अब इन्होंने पर्यावरण पर चिंता जताई है।

शाहिद कपूर की बीवी ने दीवाली के बाद प्रदूषण पर जताई चिंता

दिवाली के दिन ही अभिनेता अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर ने भी पटाखों पर ज्ञान दिया था, लेकिन लोगों ने जब उनके पिता की ही पटाखे उड़ाते हुए तस्वीर दिखाई तो उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। हर्षवर्धन की बहन सोनम और रिया कपूर भी ऐसा करते रहते हैं। हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा था, “लोग अभी भी हर जगह पटाखे फोड़ रहे। मेरे पालतू जानवर डरे हुए हैं। यह सभी के लिए असुविधाजनक है और पर्यावरण के लिए भी बेहद खराब। यही वजह है कि मैं कभी सांस्कृतिक तौर पर बँधा नहीं रहा हूँ। कभी-कभी सामान्य समझदारी दिखाने की भी जरूरत होती है।”

मुकेश अंबानी परिवार सहित लंदन बसने जा रहे, मीडिया ने छाप दी झूठी खबर… निशाना बने मोदी-शाह

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी के परिवार समेत लंदन में बसने की अटकलों पर विराम लग गया है। शुक्रवार (5 नवंबर 2021) को इस खबर के वायरल होने के बाद देर शाम रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बयान जारी कर कहा कि मुकेश अंबानी और उनके परिवार का लंदन में रहने या बसने का कोई इरादा नहीं है। रिलायंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ”एक अखबार में इस बारे में बेबुनियाद खबर छापी गई है कि अंबानी परिवार की लंदन के स्टोक पार्क में रहने या बसने की योजना है।”

दरअसल, 4 नवंबर मिड-डे अखबार ने एक एक्सक्लूसिव खबर प्रकाशित की थी, जिसमें दावा किया गया था कि मुकेश अंबानी का दूसरा घर लंदन में होगा। मुकेश अंबानी ने लंदन के बकिंघमशायर, स्टोक पार्क (Buckinghamshire, Stoke Park) में 300 एकड़ की संपत्ति ली है, जहाँ वे परिवार के साथ रहेंगे। मिड-डे ने अपने सूत्रों के हवाले से लिखा, “लॉकडाउन और महामारी के दौरान जब अंबानी ने अपना ज्यादातर समय अल्टामाउंट रोड पर 4,00,000 वर्ग फुट में बने अपने पॉश स्काई-हाई निवास ‘एंटीलिया’ (Antilia) में बिताया, तब परिवार को अहसास हुआ कि उन्हें एक और घर की जरूरत है। इसलिए उन्होंने लंदन में घर बनाने का फैसला लिया, जिसे अंबानी ने इस साल की शुरुआत में 592 करोड़ रुपए में खरीदा था।”

रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि लंदन की संपत्ति में एक पूरी तरह फंक्शनल अस्पताल है। एक मंदिर है, जिसके लिए अंबानी मुंबई से दो पुजारियों को लंदन ले जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं और 40 बेडरूम हैं। मिड-डे की रिपोर्ट में मेडिकल टीम का हिस्सा बनने के लिए नियुक्त किए गए डॉक्टरों का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि अंबानी ने अपनी संपत्ति के परिसर के अंदर एक अस्पताल बनाने का फैसला किया है।

इस रिपोर्ट के मिड-डे में प्रकाशित होने और कई अन्य समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल द्वारा उठाए जाने के बाद बाद रिलायंस ने एक बयान जारी करते हुए इन दावों को खारिज कर दिया।

मुकेश अंबानी और उनका परिवार लंदन जा रहा है, इस फर्जी खबर पर रिलायंस की ओर से जारी किया गया बयान

बयान में कंपनी ने अंबानी परिवार द्वारा बकिंघमशायर के स्टोक पार्क इलाके में 300 एकड़ के कंट्री क्लब को अपना मुख्य घर बनाने की खबरों को ‘गलत और निराधार’ करार दिया। बयान में कहा गया है, “रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड स्पष्ट करना चाहती है कि चेयरमैन (अंबानी) और उनके परिवार की लंदन या दुनिया में कहीं और बसने या रहने की कोई योजना नहीं है।” रिलायंस द्वारा 592 करोड़ रुपए में लंदन में यह संपत्ति खरीदने के बाद अंबानी और उनके परिवार की विदेश यात्रा को स्टोक पार्क एस्टेट को अपना दूसरा घर बनाने से जोड़ा जा रहा है।”

बयान के अनुसार, “आरआईएल समूह की कंपनी, आरआईआईएचएल, जिसने हाल ही में स्टोक पार्क एस्टेट का अधिग्रहण किया है, यह स्पष्ट करना चाहती है कि इस ‘हेरिटेज’ संपत्ति के अधिग्रहण का उद्देश्य स्थानीय नियमों के तहत इसे एक प्रमुख गोल्फिंग और स्पोर्टिंग रिजॉर्ट का रूप देना है।”

फर्जी मीडिया रिपोर्ट को लेकर ट्रोल्स ने मोदी सरकार पर निशाना साधा

जैसे ही मिड-डे ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार के लंदन जाने की फर्जी खबर फैलाई, कई मीडिया हाउस ने इस खबर को बिना जाँचे-परखे हाथों-हाथ उठा लिया। इसके अलावा, इस फर्जी खबर पर ट्रोल्स और कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोल दिया। प्रशांत भूषण भी उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने इस खबर को आगे बढ़ाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, प्रशांत भूषण ने पूछा कि ‘क्या मुकेश अंबानी एक और भगोड़ा हैं?’ यह अमित शाह को निशाना बनाने का एक तरीका था। नफरत फैलाने के लिए कुख्यात प्रशांत भूषण रिलायंस के प्रमुख मुकेश अंबानी के खिलाफ फर्जी खबरों का इस्तेमाल करके अमित शाह का अपमान किया है। वहीं, कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया कॉर्डिनेटर गौरव पांधी ने भी ट्विटर पर फर्जी खबरों का इस्तेमाल कर मोदी सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के राज में भारत की स्थिति इतनी खराब है कि एशिया का सबसे अमीर आदमी और उनका परिवार भी लंदन जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में भाजपा-आरएसएस द्वारा फैलाई गई तथाकथित नफरत का भी जिक्र किया। यह खबर फर्जी थी, इसके बावजूद पांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए अजीबोगरीब तर्क दिए। कॉन्ग्रेस राहुल गाँधी के नेतृत्व में लगातार दावा करती रही है कि पीएम मोदी मुकेश अंबानी के एजेंट हैं और उनके हित में काम कर रहे हैं। राहुल गाँधी भी 7 साल से यही यही राग अलाप रहे हैं। अब कॉन्ग्रेस भी यही कह रही है कि मुकेश अंबानी पीएम मोदी की वजह से भारत छोड़ रहे हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि वह ऐसी फर्जी खबरों का हिस्सा है।

वहीं, आकार पटेल का कहना है कि मुकेश अंबानी ने इस स्टोरी को खारिज नहीं किया है, जबकि रिलायंस के इनकार करने वाले बयान को प्लग किया है।

उन्होंने अपने ​रीडर्स से शेयर किए गए विवरण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है। ऐसा लगता है कि इस तरह के ट्रॉप्स को भ्रम पैदा करने के लिए ट्रोल्स द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।

अब्बा ने हिन्दू महिला से की थी शादी, अब नाबालिग हिन्दू लड़की को लेकर फरार हुआ बेटा: इंस्टाग्राम से मिल कर फँसाया

गुजरात के सूरत शहर से लव जिहाद का केस सामने आया है। यहाँ पर 21 साल के मोहम्मद मलिक पर एक नाबालिग हिन्दू लड़की को प्रेम जाल में फँसाने का आरोप लगा है। आरोप है कि मोहम्मद मलिक लड़की से राहुल नाम से मिला था। पुलिस ने आरोपित पर एंटी लव जिहाद एक्ट, अपहरण, बलात्कार और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के अपराध में केस दर्ज किया है। पीड़िता की उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आरोपित मोहम्मद मलिक सूरत के पुणागाम क्षेत्र में आने वाले नारायण नगर का निवासी है। पीड़िता उसके संपर्क में इन्स्टाग्राम से आई। रविवार (31 अक्टूबर 2021) को वह पीड़िता को ले कर फरार हो गया। पीड़िता के परिजनों ने इसकी शिकायत पुणागाम पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई थी।

पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कुछ ही समय में दोनों को खोज निकाला। ये दोनों पुलिस को गुजरात के करजण शहर में मिले। आरोप है कि मोहम्मद मालिक ने पीड़िता को नमाज़ पढ़वाई। साथ ही उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव भी बनाया।

पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता ने भी हिन्दू महिला से शादी की थी। उसके सभी भाई बहन मुस्लिम धर्म का पालन करते हैं। इसी के साथ उसने हाथ पर राहुल नाम से गोदना भी गुदवा रखा है। बताया जा रहा कि इसी के चलते पीड़िता उसके बहकावे में आ गई।