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15 साल की दलित लड़की को किडनैप कर मस्जिद में धर्मांतरण और निकाह के बाद धमकी – ‘…अगल-बगल की सभी लड़कियों को उठा लेंगे’

बिहार के जमुई जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर पहले जबरन धर्म परिवर्तन कराने और फिर निकाह करने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घटना चंद्रदीप थाना इलाके की है, जहाँ पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी नाबालिग बेटी को अगवा कर निकाह करने का आरोप लगाया है।

लड़की के पिता के मुताबिक, 23 मई की रात आठ बजे उनकी बेटी शौच के लिए बाहर निकली थी। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है। 30 मई को पता चला कि दीननगर निवासी मोहम्मद मुस्ताक के पुत्र पप्पू खान ने उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद उससे निकाह कर लिया।

पीड़िता के परिजनों को आरोपी पप्पू खान ने दी जान से मारने की धमकी

जब लड़की के परिवार वाले आरोपी पप्पू खान के घर गए उसने गाली-गलौज करते हुए सबको वहाँ से भगा दिया। साथ ही इसकी शिकायत थाने में या कहीं और करने पर लड़की के पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

पीड़िता के पिता का आरोप है कि पप्पू अपने सहयोगी मोहम्मद मोकिम के साथ उनके घर पर आया और हवा में गोली चलाते हुए घर से जेवरात व नकदी छीन लिए। उसने धमकी देते हुए कहा कि तुम शिकायत करते हो, तुम्हारे अगल-बगल की सभी लड़कियों को उठा लेंगे

पीड़ित परिवार ने पुलिस से उन लोगों को सुरक्षा देने की माँग करते हुए कहा कि उनकी संख्या गाँव में बहुत कम है, ऐसे में उन लोगों के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है।

आवेदन मिलने के बाद चंद्रदीप थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जाँच में जुट गई है। इस संबंध में एसडीपीओ डॉ राकेश कुमार ने थानाध्यक्ष आशीष कुमार को गाँव जाकर मामले की जाँच और उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीपीओ का कहना है कि बिहार में धर्म परिवर्तन से संबंधित कोई कानून लागू नहीं है। लेकिन, अपराध के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फर्टिलाइजर घोटाला: ED ने राजद सांसद को किया गिरफ्तार, जानिए कौन हैं ₹200 करोड़ की संपत्ति के मालिक अमरेंद्र धारी सिंह

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्टिलाइजर घोटाला मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक बड़े नेता अमरेंद्र धारी सिंह को गिरफ्तार किया है। ED ने गुरुवार (जून 3, 2021) की सुबह ये कार्रवाई की। बता दें कि AD सिंह राजद कोटे से राज्यसभा सांसद भी हैं। उन्हें मार्च 2020 में राज्यसभा भेजा गया था।

उन्हें राजद सुप्रीमो लालू यादव का करीबी माना जाता है क्योंकि राज्यसभा भेजे जाने से पहले खुद उनकी ही पार्टी में कई लोग उन्हें नहीं जानते थे और उनका चयन हैरान करने वाला था। पूर्व-उप मुख्यमंत्री और अपने पिता की अनुपस्थिति में पार्टी को संभाल रहे तेजस्वी यादव ने तब कहा था कि उनकी पार्टी सिर्फ मुस्लिमों और यादवों की पार्टी नहीं है, इसीलिए इस पर हैरानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी जाति-धर्म के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही थी।

तब राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले भूमिहार जाति को साधने के लिए राजद ने कारोबारी एडी सिंह को सांसद बनाया है। तेजस्वी यादव ने तब कहा था कि कई लोग मंत्रियों तक से अनजान रहते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को एक पुलिस अधिकारी ने हिरासत में ले लिया था क्योंकि वो उन्हें जानता ही नहीं था। दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले एडी सिंह अविवाहित हैं और लगभग 250 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं।

उनकी कंपनी रूस से लेकर मध्य-पूर्व के मुल्कों तक फर्टिलाइजर्स के आयत-निर्यात का कारोबार करती है। कहा जाता है कि 1991 में उनके एक प्रभावशाली मित्र अधिकारी ने उन्हें इसके लिए लाइसेंस प्राप्त करने में मदद की थी। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट माइकल स्कूल में हुई थी। बाद में उन्होंने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से डिग्री ली। वो मूल रूप से ग्रामीण पटना के दुल्हन बाजार के एनखां गाँव के निवासी हैं।

उन्हें कॉन्ग्रेस के दिवंगत रणनीतिकार अहमद पटेल का भी करीबी माना जाता था। पाटलिपुत्र कॉलोनी में उनका बड़ा आलीशान घर है। वो एक जमींदार परिवार से आते हैं। उनके पैतृक गाँव में उनकी 1000 बीघा जमीन है। कुल 13 देशों में उनका कारोबार फैला हुआ है। राजद उन्हें ‘समाज का प्रतिष्ठित व्यक्ति और समाजसेवी’ बताता है। उनका रियल एस्टेट का भी कारोबार है। अब फर्टिलाइजर घोटाला मामले में ED उनसे पूछताछ करेगी।

वो अपने माता-पिता के नाम पर एक फाउंडेशन भी चलाते हैं, जिसके तहत उन्होंने दिल्ली में 200 बेड्स के चैरिटेबल अस्पताल के निर्माण की घोषणा की थी। बिहार के पूर्व DGP अभयानंद की ‘सुपर-30’ कोचिंग को भी वो अपने फाउंडेशन से वित्त मुहैया कराते रहे हैं। 60 वर्षीय अमरेंद्र धारी सिंह को उनके दोस्त ‘सेल्फ-मेड मैन’ करार देते हुए कहते हैं कि उन्होंने IIT जाने वाले कई गरीब छात्रों की मदद भी की है।

बता दें कि खाद घोटाला का ये मामला राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई से जुड़ा है, जिनके ठिकानों पर ED ने पिछले साल रेड डाली थी। राजस्थान, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के अलावा गुजरात से भी इसके तार जुड़े हैं। आरोप है कि अग्रसेन गहलोत की कंपनी ने फर्टिलाइजर्स को सब्सिडी वाले दाम पर ख़रीदा और किसानों को देने की बजाए उसे विदेश भेज दिया। ये मामला 2007-09 का है।

डस्टबिन में ही नहीं फेंकी गई, राजस्थान में जमीन में भी गाड़ दी गई कोरोना वैक्सीन: बर्बादी के सबूतों के बावजूद जाँच नहीं

राजस्थान सरकार ने मीडिया संस्थान ‘दैनिक भास्कर’ द्वारा राज्य में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी सम्बंधित ग्राउंड रिपोर्ट को नकार दिया था और साथ ही केंद्र सरकार के आँकड़ों को भी गड़बड़ बताया था। अब ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी पड़ताल की पुष्टि के लिए कुछ तस्वीरें जारी की हैं और उनके आधार पर दावा किया है कि राजस्थान में वैक्सीन की हजारों डोज न सिर्फ डस्टबिन में डाले गए, बल्कि जमीन में भी गाड़ दिए गए।

अख़बार ने अपने एक पत्रकार की तस्वीर भी जारी की है, जिसने 12 फ़ीट गहरे गड्ढे में उतर कर देखा तो पाया कि वहाँ वैक्सीन के कई वायल बर्बाद कर दिए गए थे। इनमें से अधिकतर वायल ऐसे थे, जो 80% तक भरे हुए थे। बता दें कि वैक्सीन की एक वायल से 10 डोज बनती है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री लगातार इस बात को नकार रहे हैं कि राजस्थान में कोरोना वैक्सीन कचरे में फेंकी गई है। उन्होंने बर्बादी के प्रतिशत को महज 2 बताया।

‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी पड़ताल में पाया कि 80% तक भरी हुई वैक्सीन की वायलें जमीन में गाड़ दी जा रही हैं। बुधवार को ऐसे 10 स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल के बाद अख़बार ने कहा कि वो सच दिखा रहा है और अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री को सम्बोधित करते हुए अख़बार ने उन्हें वैक्सीन की बर्बादी रोकने की नसीहत दी और कहा कि उन्हें जो भी सबूत चाहिए, वो दिए जाएँगे पर टीके बर्बाद न हों।

राजस्थान में गड्ढे में गाड़ दी गई वैक्सीन (साभार: दैनिक भास्कर)

राजस्थान के अस्पताल परिसरों में वैक्सीन की सैकड़ों डोज कचरे के ढेर में पड़ी हुई है। खुद डॉक्टरों का ही कहना है कि वो वैक्सीन की पुरानी वायलों को जमीन में गाड़ दे रहे हैं। अब तक इसके जाँच के आदेश भी नहीं दिए गए हैं। अख़बार ने बर्बाद की गई 500 में से 20 वायलों के बैच नंबर भी शेयर किए। अखबार ने कहा, “भास्कर सरकार से अपील करता है कि इन वायल की जाँच कराएँ और जो भी सच सामने आए, उसे सार्वजनिक करें। हमारा मकसद सिस्टम की उस लापरवाही को सामने लाना है, जिसकी वजह से हमारी कीमती वैक्सीन बर्बाद हो रही हैं।”

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के अनुसार, प्रदेश में 2% वैक्सीन ही बर्बाद हुई है, जबकि देश का औसत 6% है। उन्होंने बूँदी जिले का आँकड़ा शेयर करते हुए कहा कि वहाँ महज 5.35% वैक्सीन ही बर्बाद हुए हैं, जबकि मीडिया की पड़ताल में ये आँकड़ा साढ़े 4 गुना से भी अधिक 25% है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को पत्र भी लिखा, जिसमें बताया कि ये वायलें डिस्पोजल के लिए भेजी गई थीं।

हालाँकि, ये अजीब है कि वैक्सीन की भरी हुई वायलों को डिस्पोजल के लिए भेज दिया जाए। राजस्थान के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कॉन्ग्रेस की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वो ‘दोषी भी मैं, जाँचकर्ता भी मैं, निर्णयकर्ता भी मैं’ वाले सिद्धांत पर चल रही है, जबकि उसे कोरोना प्रबंधन पर ध्यान देते हुए वैक्सीन की बर्बादी की जाँच किसी थर्ड पार्टी से करानी चाहिए। ‘दैनिक भास्कर’ ने अपने दफ्तर का पता देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि वो वायलों को जाँच के लिए मँगवा लें।

वहीं ‘पत्रिका’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान में कुल 11.5 लाख (करीब 7 फीसदी) वैक्सीन के डोज खराब हो गए हैं। वहीं कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी भारत सरकार पर भी वैक्सीन विदेश में बाँट देने का आरोप लगाते हैं। राजस्थान के चूरू जिले में तो सबसे ज्यादा 39.7 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो गई है। इस मामले में 24.60 फीसदी के साथ हनुमानगढ़ दूसरे नंबर पर है, जबकि 17.13 प्रतिशत वैक्सीन भरतपुर में बेकार हो गई है। 

महाराष्ट्र: 8 साल के बच्चे से करवाया कोरोना संक्रमितों का टॉयलेट साफ, वीडियो वायरल होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग

कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र के बुलढाणा से एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहाँ के एक आठ साल के बच्चे से एक कोविड सेंटर का टॉयलेट साफ करवाने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना बुलढाणा के संग्रामपुर तहसील के मारोड गाँव में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में घटी।

यहाँ के एक स्कूल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर के टॉयलेट को एक साल के मासूम बच्चे से साफ करवाने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में इस क्वारंटाइन सेंटर में कोरोना मरीज भर्ती हैं। बच्चा कोविड संक्रमित नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि कोरोना संक्रमितों का टॉयलेट साफ करवाकर बच्चे के जीवन को खतरे में क्यों डाला गया।

गाँव समिति को जब पता चला कि जिलाधिकारी यहाँ निरीक्षण के लिए आने वाले हैं और कोई टॉयलेट की सफाई के लिए राजी नहीं हुआ तो ग्राम पंचायत के एक कर्मचारी ने आठ साल के इस बच्चे को धमकाकर उससे ही टॉयलेट साफ करवाया। दुखद बात ये है कि ग्राम पंचायत का यह कर्मचारी न केवल बच्चे से टॉयलेट साफ करवाता रहा बल्कि उसने यह भी कहा कि इस बात की जानकारी गट विकास अधिकारी को भी है।

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए गांवों में स्कूली कक्षाओं में सेपरेशन रूम बनाए गए हैं। ऐसे सेपरेशन रूम में पर्याप्त स्टाफ नहीं होते हैं। यही स्थिति कई गाँवों में है। यह भी पता चला है कि लड़का गाँव के बाहर से रिश्तेदारों से मिलने आया था। सोशल मीडिया पर शुरू में लड़के को स्कूल का छात्र बताया जा रहा था।

वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बुलढाणा के जिलाधिकारी ने इस मामले की जाँच के लिए एक समिति का गठन करते हुए तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।

बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से माँग की है कि वह इस घटना के संबंधित कर्मचारी, गट विकास अधिकारी और जिलाधिकारी पर कार्रवाई करें।

यति नरसिंहानंद की हत्या की साज़िश: हिन्दू बता मंदिर में घुसा काशिफ़, विपुल को बनाया साथी – सायनाइड और हथियार बरामद

पिछले 20 दिनों में दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या का प्रयास किया गया। बुधवार (जून 2, 2021) को दो संदिग्ध युवक मंदिर परिसर में घुसने में कामयाब हो गए। सेवादारों को जब शक हुआ तो उन्होंने इन दोनों की तलाशी ली। इनके पास से तीन सर्जिकल ब्लेड व कुछ आपत्तिजनक दवाएँ बरामद की गई। महंत के अनुयायियों ने बताया कि ये एक घातक ड्रग ‘सायनाइड’ है।

बता दें कि किसी व्यक्ति को Cyanide दे दिया जाए तो ये ड्रग शरीर को ऑक्सीजन का उपयोग करने से रोक देता है, जिससे दिल और दिमाग काम करना बंद कर देते हैं। इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। दोनों संदिग्धों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। दोनों ने मंदिर के भीतर घुसते समय खुद को हिन्दू बताया था, लेकिन पुलिस ने उनमें से एक की पहचान काशिफ़ के रूप में की है। दोनों से पूछताछ जारी है।

महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में पुलिस की तरफ से एक गार्ड की तैनाती रहती है। दोनों युवक रात के लगभग 9 बजे मंदिर परिसर में घुसे। महंत नरसिंहानंद ने आगे बताया कि दोनों ने मंदिर के प्रमुख द्वार के बाहर एंट्री रजिस्टर में अपना नाम डॉक्टर विपुल विजय वर्गीय नागपुर और काशी गुप्ता के रूप में कराई। उस समय महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती मंदिर में मौजूद नहीं थे।

वो एक चैनल के लाइव डिबेट में हिस्सा लेने के लिए गए हुए थे। उनके अनुयायी अनिल यादव ने पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। जिस व्यक्ति ने अपना नाम विपुल विजयवर्गीय बताया है, उसने कहा कि वो डॉक्टर है और ब्लेड का इस्तेमाल मरीजों के इलाज में करता है। काशिफ़ ने पूछताछ में बताया कि विपुल से उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी और फिर फोन पर बातचीत होने लगी।

वो इस दोस्ती का मकसद नहीं बता पाया। उसने कहा कि विपुल कुछ दिनों से गाजियाबाद आया हुआ था और उसे डासना के मंदिर का दर्शन करना था, इसीलिए वो उन्हें यहाँ लेकर आया था। काशिफ़ गाजियाबाद के ही संजयनगर का रहने वाला है। महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि दोनों आरोपित किसी जिहादी संगठन से सम्बन्ध रखते हैं और उन्हें उनकी हत्या के लिए भेजा गया था।

इससे पहले मई 17, 2021 को जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल से दबोचा था। उसके पास से भगवा कपड़ा व पूजा-पाठ की सामग्रियाँ बरामद हुई थी। जम्मू कश्मीर का ये आतंकी महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की सुपारी लेकर आया था। उसके पास से  एक पिस्टल और 2 मैगजीन के अलावा 15 कारतूस भी मिले थे। जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आका आबिद ने उसे ट्रेनिंग देकर भेजा था।

IMA के डॉक्टर ने ही ईसाई धर्मांतरण पर चीफ जॉन जयलाल का माँगा इस्तीफा, आयुर्वेद को सराहा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन के खिलाफ अब उनके ही संगठन में विरोध के स्वर फूटने लगे है। IMA के ही एक डॉक्टर ने उनका इस्तीफा माँगा है। डॉक्टर जितेंद्र नागर ने कहा कि जहाँ वो एक तरफ ‘एविडेंस बेस्ड’ एलोपैथी पर गर्व करते हैं, वहीं दूसरी तरह हमारे पूर्वजों की महान वैदिक विरासत आयुर्वेद का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने डॉक्टर JA जयलाल का इस्तीफा माँगा।

डॉक्टर जितेंद्र नागर ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि IMA के मुखिया ईसाई धर्मांतरण के कटु एजेंडा का प्रचार-प्रसार करने में लगे हुए हैं, ऐसे में वो जब तक इन सबसे पाक-साफ़ होकर नहीं निकलते, उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने IMA को एक पत्र लिख कर संगठन के अध्यक्ष पर सोशल मीडिया पर लगे आरोपों के सम्बन्ध में आगाह किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर JA जयलाल ईसाई मिशनरी एजेंडा का उपदेश देने और प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं।

डॉक्टर जितेंद्र नागर ने पत्र में लिखा, “आखिर कैसे कोई व्यक्ति IMA जैसी संस्था के शीर्ष पद पर बैठ कर ईसाई धर्मांतरण के कटु एजेंडे को बढ़ावा दे सकता है? ऐसे आरोपों ने IMA की धर्मनिरपेक्ष और संप्रभु छवि को नुकसान पहुँचाया है, एक चिंता का भाव पैदा किया है। मैं IMA के राष्ट्रीय पदाधिकारियों से निवेदन करता हूँ कि डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन जयलाल पर लगे आरोपों की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया जाए।”

उन्होंने माँग रखी कि जब तक डॉक्टर JA जयलाल इन आरोपों को लेकर हुई जाँच में पाक-साफ़ साबित नहीं हो जाते, तब तक उन्हें IMA अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए। गुजरात के बनासकांठा स्थित डीसा के रहने वाले डॉक्टर जितेंद्र नागर IMA के सदस्य भी हैं। उन्होंने गुरुवार (मई 29, 2021) को ये पत्र लिखा था, जिसे 5 दिन बाद सोशल मीडिया पर शेयर किया। वो ‘डायबिटीज स्कूल’ संस्था के अध्यक्ष भी हैं।

उधर JA जयलाल ने कहा है कि उनके संगठन IMA की बाबा रामदेव या आयुर्वेद से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि योग गुरु बाबा रामदेव ने भारत सरकार की कोरोना वैक्सीन नीति के खिलाफ अफवाह फैला कर लोगों को गुमराह किया। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सर्जरी के प्रोफेसर जयलाल ने कहा कि बाबा रामदेव के देश-विदेश में लाखों अनुयायी हैं, ऐसी में अगर वो माफ़ी माँगते हैं तो उनके खिलाफ शिकायत वापस ली जा सकती है।

‘मनीकंट्रोल’ से बात करते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों द्वारा बाबा रामदेव का साथ देने के सवाल पर कहा कि सरकार के कार्यप्रणाली पर वो टिप्पणी नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि IMA भारत सरकार के नियमों का ही अनुसरण करता है। उन्होंने दावा किया कि IMA आयुर्वेद के आक्रामक प्रचार-प्रसार के पक्ष में है, लेकिन मिक्सिंग के खिलाफ है। उन्होंने ये भी कहा कि हजारों लोगों की तरह वो भी एक योग गुरु के रूप में बाबा रामदेव का सम्मान करते हैं।

बता दें कि जयलाल लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए अपनी विचारधारा और मंशा को उजागर करने वाली खबरें (कुछ तो फेक भी), कार्टून और हैशटैग साझा करते रहते हैं। उन्होंने आयुर्वेद की निंदा करने वाले साक्षात्कार, व्याख्यान और सेमिनार देने में महीनों बिताए। उन्होंने कोरोना से ठीक होने का श्रेय भी जीसस को दिया।

1300 साल पुराना माँ लक्ष्मी का मंदिर, जहाँ साल में दो बार सूर्य की किरणें गर्भगृह में माता का करती हैं अभिषेक

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है महालक्ष्मी मंदिर जो कि हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र स्थानों में से एक है। धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी का यह मंदिर न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व बल्कि एक दिव्य प्राकृतिक घटना के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसका साक्षात्कार करने के लिए हजारों भक्त भारत के कोने-कोने से आते हैं। तो आइए आपको ले चलते हैं एक ऐसे मंदिर की यात्रा में, जहाँ स्थित माता लक्ष्मी को मनाने के लिए हर साल भगवान वेंकटेश्वर, तिरुपति से एक शॉल भेजते हैं जो दीपावली को माता लक्ष्मी को समर्पित की जाती है।

महालक्ष्मी अंबाबाई और कोल्हापुर मंदिर का इतिहास

कई तथ्यों के अनुसार वर्तमान महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण आज से लगभग 1300 वर्ष पहले अर्थात 7वीं शताब्दी में चालुक्य शासक राजा कर्णदेव ने कराया था। इसके बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण 9वीं शताब्दी में शिलहार यादव नामक राजा ने कराया।

महालक्ष्मी मंदिर में उत्कीर्णित प्रतिमाएँ (फोटो साभार : महाराष्ट्र पर्यटन)

मंदिर के गर्भगृह में स्थापित माता लक्ष्मी की प्रतिमा लगभग 7,000 वर्ष पुरानी बताई जाती है। इसका वजन लगभग 40 किग्रा है और माता लक्ष्मी की इस प्रतिमा की ऊँचाई 4 फुट है। इस मंदिर में महालक्ष्मी चतुर्भुज रूप में विराजमान हैं। स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित इस प्रतिमा के सिर पर एक स्वर्ण मुकुट विराजमान है। देवी के इस मुकुट में भगवान विष्णु के प्रिय शेषनाग का चित्र बना हुआ है।

गर्भगृह में स्थापित देवी महालक्ष्मी की प्रतिमा (फोटो साभार : महाराष्ट्र पर्यटन)

महाराष्ट्र में देवी महालक्ष्मी को अंबाबाई के नाम से भी जाना जाता है। इसी कारण यह मंदिर महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर भी कहलाता है।

तिरुपति से भगवान वेंकटेश्वर भेजते हैं अनमोल शॉल का उपहार

ऐसी मान्यता है कि देवी महालक्ष्मी तिरुपति में वेंकटाद्रि पर्वत पर विराजित अपने पति भगवान वेंकटेश्वर अर्थात भगवान विष्णु से किसी कारणवश रूठकर कोल्हापुर आ गईं। इसके बाद से हर साल भगवान वेंकटेश्वर माता लक्ष्मी को मनाने के लिए तिरुपति से एक विशेष शॉल उपहार स्वरूप भेजते हैं, जिसे माता लक्ष्मी दीपावली के दिन धारण करती हैं।

इसलिए ही कहा जाता है कि तिरुपति की यात्रा तब तक अपूर्ण मानी जाती है, जब तक कि कोल्हापुर में विराजित देवी महालक्ष्मी के दर्शन न किए जाएँ।

सूर्यदेव अपनी किरणों से करते हैं अभिषेक

कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है वह समय, जब सूर्य की किरणें मंदिर के गर्भगृह तक पहुँचती हैं। साल में दो बार ही ऐसा समय आता है, जब सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें देवी महालक्ष्मी की प्रतिमा को स्पर्श करती हैं। पहले दिन सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें महालक्ष्मी के चरणों पर पहुँचती हैं। दूसरे दिन मध्य भाग में और तीसरे दिन माता लक्ष्मी के मस्तक को सूर्य की पहली किरण स्पर्श करती है। उस दिन पूरा गर्भगृह असंख्य रोशनियों से प्रकाशित हो जाता है। यह साल में दो बार ही होता है। हालाँकि यह मंदिर की वास्तुकला है या कोई चमत्कार, यह शायद कोई नहीं जनता।

कैसे पहुँचे?

महाराष्ट्र में कोल्हापुर का सबसे नजदीकी हवाईअड्डा पुणे है, जो मंदिर से लगभग 240 किमी दूर है। हालाँकि कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर गोवा के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 223 किमी ही दूर है। इसके अलावा कोल्हापुर शहर महाराष्ट्र समेत देश के कई बड़े शहरों से रेलमार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ है। महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर से कोल्हापुर रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 6 किमी है।

कोल्हापुर सड़क मार्ग से भी कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। एक दिव्य और सुंदर पर्यटन स्थल होने के कारण विभिन्न शहरों से कोल्हापुर पहुँचने के साधन भी अत्यंत सुलभ हैं। कोल्हापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)-4 पर स्थित है। सड़क मार्ग से मंदिर की पुणे से दूरी लगभग 230 किमी और मुंबई से 374 किमी है। हालाँकि पणजी से मंदिर की दूरी 200 किमी ही है।   

टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी के खिलाफ FIR दर्ज, 2 बजे के बाद मुंबई के बैंडस्टैंड इलाके में घूमते आए थे नजर

एक्टर्स टाइगर श्रॉफ, दिशा पाटनी और अन्य के खिलाफ कोविड-19 प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए बुधवार (2 जून) को एफआईआर दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों एक्टर्स बैंडस्टैंड पर घूमते पाए गए और दोपहर 2 बजे के बाद अपने घरों से बाहर होने के लिए पुलिस को कोई वैध कारण नहीं बता सके।

कोई ‘वैध कारण’ दिए बिना आवश्यक सेवाओं के लिए निर्धारित समय के बाद बाहर निकलने के लिए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

महाराष्ट्र में जारी हुई कोरोना की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, नागरिकों को केवल आवश्यक सेवाओं के लिए बाहर निकलने की अनुमति है, जिनके वर्तमान में जारी लॉकडाउन में केवल सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच खुले रहने की अनुमति है, ये नियम 15 जून तक लागू हैं।

बैंडस्टैंड पर घूमते नजर आए थे टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी

एक अधिकारी ने बताया, “एक पुलिस टीम ने टाइगर श्रॉफ को शाम को बैंडस्टैंड इलाके में घूमते देखा। जब उनसे पूछताछ की गई, तो वह इस बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके कि वह बाहर क्यों घूम रहे हैं। पुलिस ने उनका विवरण लिया और “लोक सेवक के आदेश की अवहेलना” के लिए संबंधित आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज किया।”

पुलिस ने एएनआई से कहा, ”मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) के तहत दर्ज किया गया था। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि यह एक जमानती धारा है।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब टाइगर और दिशा ड्राइव के लिए निकले था। दिशा को आगे की सीट पर बैठे देखा गया, जबकि टाइगर पीछे बैठे थे, और कथित तौर पर दोनों वर्कआउट सेशन के बाद बाहर निकले थे।

फिल्म उद्योग की कई अन्य हस्तियाँ भी पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 प्रतिबंधों के उल्लंघ को लेकर मुश्किल में फँस चुकी हैं। इनमें गौहर खान भी शामिल है, जिन्हें बृहन्मुंबई नगर निगम ने मार्च में कथित तौर पर कोविड​​-19 पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद शूटिंग करने के लिए बुक किया था। विवेक ओबेरॉय पर फरवरी में बाहर निकलते समय मास्क नहीं पहनने के लिए मामला दर्ज किया गया था।

लॉकडाउन ने फिल्म उद्योग को प्रभावित किया है क्योंकि शूटिंग एक महीने से अधिक समय से रुकी हुई है। सिनेमाघरों के बंद होने से शायद ही कोई फिल्म रिलीज हुई हो। हालाँकि, स्टार्स महामारी के दौरान विभिन्न तरीकों से जरूरतमंदों की मदद करते भी नजर आए हैं।

J&K: त्राल में BJP काउंसलर राकेश पंडिता की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या की, सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने बीजेपी नेता राकेश पंडिता की गोली मारकर हत्या कर दी है। पंडिता पुलवामा जिले के त्राल म्युनिसिपल कमेटी के चेयरमैन थे। काउंसलर होने के साथ-साथ वे बीजेपी की जिला ईकाई के सचिव भी थे। हमले में एक महिला घायल भी हुई हैं जो पंडिता के मित्र की बेटी बताई जा रही हैं।

पंडिता को बुधवार (2 जून 2021) शाम उस वक्त गोली मारी गई जब वे त्राल में अपने घर के बाहर टहल रहे थे। पुलिस ने बताया है कि उनकी सुरक्षा में दो पीएसओ तैनात थे। लेकिन वे बिना सुरक्षा के ही त्राल चले गए थे। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहॉं डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आतंकियों की तलाश में इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फायरिंग करने वाले आतंकियों की संख्या तीन थी। हमले को अंजाम दे वे फरार हो गए। फायरिंग में घायल महिला मुश्ताक अहमद की बेटी आसिफा बताई जा रही है। त्राल के उपजिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

पंडिता की हत्या ऐसे वक्त में की गई है जब हिंदू सरपंच अजय पंडिता उर्फ भारती की पहली बरसी आने वाली है। आठ जून 2020 को आतंकवादियों ने इसी तरह अजय पंडिता की हत्या कर दी थी। उन्हें उस वक्त गोली मारी गई थी जब वे अपने बागान में थे। फायरिंग के बाद उस समय भी आतंकी फरार हो गए थे।

इस हमले के कुछ दिनों बाद ही सुरक्षाबलों ने हिज्बुल आतंकी उमर को मार गिराया था। उसने ही अजय पंडिता की हत्या को अंजाम दिया था। हस हमले पर उस समय कॉन्ग्रेस ने राजनीति करने की भी कोशिश की थी। कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे पार्टी पर हमला बताया था। थरूर ने लिखा था, “धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के लिए खड़े होने के लिए कश्मीर से केरल तक कॉन्ग्रेसियों की हत्या की जा रही है। संदेश साफ है- कॉन्ग्रेस मुक्त भारत।”

इस बयान के लिए दिवंगत अजय पंडिता की बेटी नियंता ने भी उन्हें आड़े हाथों लिया था। नियंता ने कहा था, “मैं इस मामले का राजनीतिकरण करने की आवश्यकता समझ नहीं पाई। उन्होंने अपने नाम के साथ भारती शब्द इसलिए जोड़ा था क्योंकि वह देश के साथ जुड़ना चाहते थे, न कि किसी राजनीतिक दल के साथ।”

GDP पर चिदंबरम के ‘अनर्गल’ प्रलापों का अनुराग ठाकुर ने दिया मुँहतोड़ जवाब, वो भी डाटा के साथ: पढ़ें पूरी डिटेल

पूर्व वित्त मंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 पिछले 4 दशकों में देश की अर्थव्यवस्था का सबसे खराब साल रहा है। इस दौरान ग्रोथ रेट रिकॉर्ड निगेटिव दर्ज की गई और अधिकांश भारतीयों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है जो दो साल पहले थी। इसके अलावा चिदंबरम ने भारतीय वित्त मंत्रालय पर भारत की जीडीपी वृद्धि दर को लेकर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। इस पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक-एक बिन्दु पर अपने ट्विटर एकाउंट के माध्यम से पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को जवाब दिया है।  

अनुराग ठाकुर ने पी. चिदंबरम से प्रश्न किया, “क्या भारतीय अर्थव्यवस्था आइसोलेटेड आइलैंड है? क्या दूसरी अर्थव्यवस्थाओं ने अपनी जीडीपी में संकुचन नहीं देखा? फ्रांस, जर्मनी, यूके, इटली, अमेरिका, रूस और कनाडा जैसे देशों को भी जीडीपी में संकुचन झेलना पड़ा। लेकिन भारत में जारी सुधार प्रयासों के कारण जीडीपी ने वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में 24.4% संकुचन से चौथी तिमाही में 1.6% वृद्धि दर की यात्रा तय की।”

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के अनुमान और वित्त मंत्रालय द्वारा ‘वी शेप’ ग्राफ थ्योरी पर पी. चिदंबरम को जवाब देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि भले ही पूर्व वित्त मंत्री भारतीय उद्योगों, मझोले व्यापारियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों द्वारा अपने को संभालने के प्रयासों पर शंका करें लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि अनुमान एजेंसियों ने भारत की 12.5% वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। भारत एक मात्र ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसके लिए दो अंकों की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है। साथ ही वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक ग्राफ भी अपने ट्विटर एकाउन्ट पर पोस्ट किया जिसमें साफ तौर पर भारत की जीडीपी वृद्धि दर से संबंधित ‘वी शेप’ ग्राफ देखा जा सकता है। (वी शेप ग्राफ का तात्पर्य है कि जितना तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था गिरी, उसी तेजी से भारत ने वृद्धि दर्ज की)

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि नकद हस्तांतरण के मुद्दे पर भी वर्तमान सरकार असफल रही और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कोई सुधार देखने को नहीं मिला। इस पर अनुराग ठाकुर ने वर्तमान एनडीए सरकार और भूतपूर्व यूपीए सरकार की आँकड़ों के माध्यम से तुलना की।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2009-14 में यूपीए सरकार द्वारा नकद हस्तांतरण में खर्च किए गए 3.74 लाख करोड़ रुपए की तुलना में भारत सरकार ने 2014-19 के दौरान गेहूँ और चावल की खरीद के लिए 8 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। अनुराग ठाकुर ने बताया कि 5 सालों के दौरान जहाँ एनडीए सरकार ने 306.9 मिलियन टन धान और 162.7 मिलियन टन गेहूँ की खरीद की वहीं यूपीए सरकार ने 2009-13 के दौरान 176.8 मिलियन टन धान और 139.5 मिलियन टन गेहूँ की खरीद की थी।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कैश ट्रांसफर पर सवाल पूछने वालों ने कितने बैंक एकाउंट खुलवाए? जनधन खातों का उदाहरण देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि कैश ट्रांसफर के दौरान पूरा पैसा लाभार्थियों के खाते में ही जाए, मोदी सरकार ने 42 करोड़ जन धन एकाउंट खुलवाए।

ग्रोथ रेट पर भी वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यूपीए सरकार के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के सामने उद्योगों में दर्ज की गई वृद्धि दर के आँकड़े भी रखे और 8 मूलभूत उद्योग क्षेत्रों में हो रही वृद्धि के बारे में भी जानकारी दी।

पी. चिदंबरम ने जीएसटी पर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था। इस पर जवाब देते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया कि अप्रैल 2021 में रिकॉर्ड तोड़ जीएसटी कलेक्शन रहा जो 1.44 लाख करोड़ रुपए था। यह अब तक का सबसे बड़ा कलेक्शन है। साथ ही अनुराग ठाकुर ने बताया कि यात्री वाहनों की बिक्री, तेल खपत, स्टील उत्पादन और सीमेंट उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी वृद्धि देखने को मिली है।

इसके अलावा भी अनुराग ठाकुर ने एक लंबे ट्विटर थ्रेड के माध्यम से पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के आरोपों का एक-एक करके जवाब दिया जिसमें मनरेगा और व्यापार लोन के लिए आवंटित राशि की जानकारी भी शामिल है।  

हालाँकि, पिछले कुछ समय से कॉन्ग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता लगातार मोदी सरकार पर आर्थिक असफलता का आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि मात्र भारत में आर्थिक वृद्धि दर में कमी देखने को मिली है। कई विकसित देशों में भी वृद्धि दर अपेक्षा और अनुमान से भी कम ही रही लेकिन फिर भी भारत को लेकर यही अनुमान लगाया जाता रहा कि भारत में 2021-22 के दौरान दुनियाँ में सबसे तेज जीडीपी वृद्धि दर रहेगी।