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मिर्ची बाबा की नई नौटंकी: दिग्गी का बैंड बजा कर, अब अग्नि-कुण्ड में समाधि को तैयार

लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह की जीत के लिए ‘मिर्ची यज्ञ’ करने वाले बाबा वैराग्यानंद का नया ड्रामा फिर से शुरू हो गया है। कभी हिंदुत्व को गाली बना देने वाले दिग्विजय सिंह की भोपाल से जीत सुनिश्चित करने के लिए बाबा वैराग्यानंद ने कई क्विंटल मिर्ची के साथ भोपाल में एक बड़ा यज्ञ दावे के साथ किया था कि यदि दिग्विजय सिंह नहीं जीते तो समाधि ले लूँगा। कुछ दावे जलसमाधि के थे तो कुछ अग्निकुण्ड के। खैर, इस ड्रामे ने साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ चुनाव प्रचार को और भी मजेदार बना दिया था।

दिग्विजय सिंह साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से तीन लाख से ज्यादा वोटों से हार गए और इसके बाद मिर्ची बाबा धुँआ हो गए। जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आए तो लोग उन्हें सोशल मीडिया से लेकर यहाँ-वहाँ बड़ी बेसब्री से ढूँढते नज़र आए।

बताया जा रहा था कि लोगों ने उन्हें परेशान कर दिया था। वो चुनाव परिणाम के बाद ही छिपते-छिपाते खुद को बचाए हुए थे लेकिन उन्हें यूपी में एक रोजा इफ्तार पार्टी में देख लिया। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोगो ने बाबा का ढूँढ़कर लाने वाले को एक लाख रुपए देने का ऐलान भी कर दिया था। बीच में बाबा का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें बाबा ने उनकी जलसमाधि का सवाल पूछने पर उस व्यक्ति पर भड़क गए थे। संत समाज ने भी मिर्ची बाबा के इस चुनावी ड्रामे की निंदा करते हुए, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की थी। 

मिर्ची बाबा को कोई उपाय नहीं सूझा तो लोकसभा चुनाव में भोपाल संसदीय क्षेत्र से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर वैराग्यानंद गिरी ने, जो अब मिर्ची बाबा के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं, 16 जून को हवन-कुण्ड में ब्रह्मलीन समाधि लेने की घोषणा की है। इसके लिए उन्होंने बाकायदा जिलाधिकारी को एक आवेदन देकर स्थान निर्धारित करने सहित समाधि लेने की अनुमति भी माँगी है।

हालाँकि, पत्र हमारे हाथ नहीं लगा है लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बात जलसमाधि की भी कही जा रही है। खैर समाधि चाहे जिस तरह से हो उनके समर्थक इस अगले ड्रामे का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। मिर्ची बाबा ने अपने आवेदन में लिखा है, “दिग्विजय सिंह के लिए उन्होंने कोहेफिजा इलाके में ‘मिर्ची यज्ञ’ किया था और कहा था कि यदि दिग्विजय सिंह नहीं जीते तो वो जल समाधि लेंगे। पत्र में ये भी लिखा है कि वो अपनी बात पर अटल हैं और जो प्रण लिया है उसे जरूर पूरा करेंगे।” 

एक दूसरे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, निरंजनी अखाड़े के पूर्व महामंडलेश्वर मिर्ची बाबा ने अपने अधिवक्ता माजिद अली के माध्यम से जिलाधिकारी को जून 13, 2019 को दिए आवेदन में कहा है, “कॉन्ग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के पक्ष में प्रचार करते हुए उनकी विजय की कामना के लिए एक यज्ञ-हवन किया था। इस दौरान संकल्प लिया था कि अगर इस चुनाव में दिग्विजय सिंह को पराजय मिलती है तो हवन-कुण्ड में ब्रह्मलीन समाधि लूँगा।”

मिर्ची बाबा के ड्रामे वाले पत्र का मज़मून कुछ यूँ है, ‘‘दिग्विजय सिंह भोपाल संसदीय क्षेत्र से पराजित हो चुके हैं और मैं अपने संकल्प पर दृढ़ संकल्पित रहते हुए अपने संकल्प को पूर्ण करना चाहता हूँ। इस समय मैं कामाख्या धाम (गुवाहाटी) में तपस्यारत हूँ।’’ बाबा वैराग्यनंद ने आगे लिखा, ‘‘सकल संत पंचों से परामर्श के जरिए यह समाधि लेने हेतु विधि विधान के अनुरूप 16 जून 2019 को दो बजकर 11 मिनट पर अनुराधा नक्षत्र चतुर्दशी को मैंने ब्रह्मलीन समाधि लेने का निश्चय किया है, ताकि मैं अपना संकल्प पूर्ण कर सकूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रशासन द्वारा मुझे पूर्ण सहयोग कर मेरी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मुझे ब्रह्मलीन समाधि लेने हेतु स्थान निर्धारण करते हुए स्वीकृति प्रदान की जाएगी।’’

बता दें कि इस आवेदन पर वैराग्यनंद गिरी महाराज की ओर अधिवक्ता माजिद अली ने हस्ताक्षर किए हैं। अली ने बताया कि उसे वैराग्यनंद ने इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया है। अली भोपाल जिला न्यायालय में निजी वकालत करते हैं।

मिर्ची बाबा के इस पत्र की पुष्टि करते हुए जिलाधिकारी तरुण तिकोड़े ने शुक्रवार को डीआईजी को पत्र लिखकर बताया, ‘‘समाधि लेने के लिए वैराग्यनंद गिरी महाराज का 13 जून को आवेदन आया था। इस तरह की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इसके बारे में मैंने पुलिस को पत्र लिखा है और उनको कहा है कि वैराग्यानंद की जान-माल की सुरक्षा करें।’’


दिग्विजय सिंह की हार पर समाधि लेने का ऐलान करने वाले वैराग्यनंद गिरी की तस्वीरों को जल समाधि देते हुए

हालाँकि, बाबा के इस ड्रामे को एक बार फिर से उनका नया नाटक समझ कर कुछ लोगों ने उनके तस्वीर को ही जल समाधि देकर तसल्ली कर ली थी, लेकिन कुछ अभी भी बाबा वैराग्यानंद को फर्जी यज्ञ और झूठी भविष्यवाणी करने के लिए प्रायश्चित करने पर अड़े हैं। इसी बीच संत समाज के ही कुछ लोगों का कहना है कि किसी सार्वजनिक स्थल पर 108 दिन तक जल सत्याग्रह करना चाहिए एवं ध्यानपूर्वक ना केवल क्षमायाचना करना चाहिए बल्कि यह संकल्प भी दोहराना चाहिए कि आज के बाद वो कभी भी झूठी भविष्यवाणी नहीं करेंगे। हिंदू शास्त्रों में कठोर प्रायश्चित के और भी कई उपाय उपलब्ध हैं जिनके लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं होती।

कुल मिला कर, मिर्ची बाबा को अच्छे से पता है कि सरकार उन्हें अनुमति नहीं देगी। उनका अनुमति माँगना उनका नया ड्रामा ही है। लेकिन यहाँ ध्यान रखने वाली बात यह है कि ऐसे छद्म तथाकथित बाबाओं की इन हरकतों से पूरा संत समाज बदनाम होता है। यज्ञ की विधियों का दुरुपयोग कर इस तरह की ग़ैरवाजिब भविष्यवाणी कर मिर्ची बाबा न सिर्फ अपना बल्कि अध्यात्म और कर्मकाण्ड की एक पूरी संस्कृति का मजाक बनाया है इसके लिए उन्हें सार्वजानिक रूप से माँफी माँगते हुए दोबारा ऐसा कुछ न करने का संकल्प लेना चाहिए।

गुरुद्वारे में अब लंगर की सामग्री पर नहीं लगेगा GST, सरकार करेगी रिफंड

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना वादा पूरा करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने गुरुवार (जून 13, 2019) को बताया कि केंद्र ने स्वर्ण मंदिर समेत विभिन्न गुरुद्वारों में लंगर तैयार करने के लिए खरीदी गई सामग्री पर वसूले गए जीएसटी के रिफंड के लिए 57 लाख रुपए जारी किए हैं।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने लुधियाना में जीएसटी अधिकारियों को गुरुद्वारे में लंगर के लिए खरीद सामग्री पर जीएसटी के लिए 57 लाख रुपए जारी किए हैं। केंद्र द्वारा जारी की गई यह राशि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को हस्तांतरित की जाएगी।

हरसिमरत कौर ने बताया, “जीएसटी की यह पहली किस्त है। रिफंड तिमाही आधार पर एसजीपीसी को जारी किया जाएगा। मैं इस मुद्दे का समाधान कर सिखों की भावना का सम्मान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूँ।”

गौरतलब है साल 2018 में एसजीपीसी ने दावा किया था कि लंगर के लिए खरीदी जाने वाली सामग्रियों पर जीएसटी के कारण स्वर्ण मंदिर पर काफ़ी भार पड़ा है। चूँकि सिर्फ़ 1 जुलाई 2017 से 31 जनवरी 2018 के बीच में ही उन्हें 2 करोड़ रुपए चुकाने पड़े। जिसके बाद मोदी सरकार ने गुरुवार को लंगर के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री पर से जीएसटी माफ़ करने का फ़ैसला किया था। इसे उन्होंने ‘सेवा भोज योजना’ का नाम दिया था।

तीन तलाक बिल का विरोध करेगी जदयू, कहा- मुस्लिमों पर कोई भी विचार नहीं थोपा जाना चाहिए

संसद के आगामी सत्र में मोदी सरकार नए सिरे से तीन तलाक बिल को पेश करने वाली है। तीन तलाक से जुड़े विधेयक को बुधवार (जून 12, 2019) को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दी गई थी। सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने कहा है की सरकार को उम्मीद है को इस बार राज्य सभा में विपक्ष का समर्थन मिलेगा और इस बिल पर मुहर लग जाएगी। मगर, तीन तलाक के मुद्दे पर एक बार फिर से एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू ने विरोध का ऐलान कर दिया है। जदयू ने अपना विरोध दर्ज करते हुए कहा कि बगैर व्यापक परामर्श के मुस्लिमों पर कोई भी विचार नहीं थोपा जाना चाहिए।

जदयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने शुक्रवार (जून 14, 2019) को बयान जारी कर कहा कि पार्टी अपने पुराने रुख पर कायम है। हमारा देश कानून के सम्मान और विभिन्न धर्मों व पारंपरिक समूहों के सिद्धांतों के बीच नाजुक संतुलन बनाए रखने पर आधारित है। के सी त्यागी ने कहा कि उनके विचार से सिविल कोड पर विभिन्न धर्म समूहों के बीच और गहराई से विचार-विमर्श करने की जरूरत है। मौजूदा धार्मिक रीतियों जैसे शादी, तलाक, बच्चा गोद लेना, पैतृक संपत्ति के अधिकार जैसे जटिल व संवेदनशील मुद्दों पर जल्दबाजी में कोई कदम उठाना सही नहीं होगा।

इस बारे में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने भी बयान देते हुए कहा था कि तीन तलाक के मामले में उनकी पार्टी केंद्र सरकार का साथ नहीं देगी। जदयू ने पहले भी इसका विरोध किया था और अभी भी इसका विरोध करती है। ये विरोध आगे भी जारी रहेगा। रजक ने कहा कि मसला चाहे राममंदिर का हो, तीन तलाक का हो या फिर धारा 370 का, पार्टी इसका समर्थन नहीं करती है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने भी पिछले दिनों अपना रुख दोहराते हुए कहा था कि उनका विचार है कि अनुच्छेद 370 समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह, समान नागरिक संहिता किसी के ऊपर नहीं थोपी जानी चाहिए और अयोध्या राम मंदिर का मुद्दा या तो संवाद के जरिए सुलझाया जाए या फिर अदालत के आदेश के जरिए।

जामा मस्जिद गोलीकांड का इनामी गैंगस्टर गिरफ़्तार, BSP के टिकट पर लड़ा था चुनाव

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मोहम्मद इक़बाल सैफी उर्फ़ ‘राजा’ को गिरफ़्तार कर लिया है। उस पर 25 हज़ार रुपए का ईनाम था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम को यह सूचना मिली थी कि मोहम्मद इक़बाल सैफी 13 जून को किसी वारदात को अंजाम देने के मक़सद से वेलकम इलाक़े में आने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाक़े की घेराबंदी की और इक़बाल को गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस ने बताया कि 21 फ़रवरी 2018 को जामा मस्जिद इलाक़े में मोहम्मद इक़बाल ने अपने दो साथियों नौशाद और रिज़वान के साथ मिलकर मक्की नाम के शख़्स पर गोली चलाई थी। हालाँकि मक्की इस हमले में अपनी जान बचाने में क़ामयाब रहा। ख़बर के अनुसार, मोहम्मद इक़बाल ने इस हत्या को अंजाम देने के लिए अपने गैंग के सरगना शाहीन सैफी के निर्देश पर किया था। बता दें कि शाहीन सैफी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का गुर्गा है, जो फ़िलहाल अभी मेरठ की जेल में बंद है।

इसके अलावा इक़बाल उर्फ राजा पर हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट और चोरी से जुड़े क़रीब 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस काफ़ी समय से इक़बाल की तलाश कर रही थी। ख़बर के अनुसार, 33 साल के इक़बाल ने रंगदारी न देने पर जामा मस्जिद में गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया था। डीसीपी के अनुसार, इक़बाल ने वर्ष 2017 में BSP के टिकट पर मेरठ में वॉर्ड नंबर-47 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में वो हार गया था। फ़िलहाल, पुलिस इक़बाल के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की गहन जाँच में जुट गई है।

‘मेट्रो मैन’ श्रीधरन ने जताई दिवालियेपन की चिंता, सिसोदिया ने जवाब में लिखे अपने ‘तर्क’

दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक और ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने की आम आदमी पार्टी सरकार की पहल को मेट्रो के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि छूट की राशि सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की जाए। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी।

दिल्ली मेट्रो के सलाहकार श्रीधरन द्वारा लिखी चिट्ठी पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब में लिखा, “मुझे आश्चर्य के साथ-साथ आपकी चिट्ठी पर दुख भी है, जिसमें आपने मेट्रो में महिलाओं को फ्री यात्रा का खर्च दिल्ली सरकार द्वारा उठाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।”

अपनी चिट्ठी में सिसोदिया ने यह तर्क दिया कि मेट्रो की कुल क्षमता प्रतिदिन 40 लाख यात्रियों की है, लेकिन DMRC के अनुसार, फ़िलहाल औसतन राइडरशिप 25 लाख है। सिसोदिया ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दिल्ली मेट्रो अपनी कुल क्षमता का 65 फ़ीसदी ही काम कर रही है, जो कि एक कंपनी की गुणवत्ता और परफॉर्मेंस के लिए बहुत ख़राब है।

अपनी चिट्ठी में मनीष सिसोदिया ने यह दावा किया कि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के बाद मेट्रो में महिला यात्रियों की संख्या में इज़ाफ़ा होगा, इससे मेट्रो की क्षमता 90 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। उन्होंने लिखा कि उनकी सरकार के प्रस्ताव के बाद भी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की रोज़मर्रा की राइडरशिर मात्र 3 लाख यात्री प्रतिदिन बढ़ेगी, जबकि मेट्रो के डिज़ाइन के हिसाब से कुल क्षमता 40 लाख यात्रियों की है।

उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने मेट्रो के किराये को लेकर भी कुछ बातें अपनी चिट्ठी में लिखींं। उन्होंने लिखा कि दिल्ली मेट्रो किसी भी सार्वजनिक यातायात माध्यमों में सबसे महँगी है। श्रीधरन को लिखी चिट्ठी में सिसोदिया ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की है और लिखा, “हमारा मक़सद दिल्ली मेट्रो की कार्यप्रणाली में दखल देना नहीं है बल्कि हमने दिल्ली मेट्रो के सभी प्रोजेक्ट के साथ-साथ उसे बढ़ाने में तत्परता दिखाई है जिसे वर्षों तक लटका कर रखा गया।”

सिसोदिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सरकार मेट्रो को महिलाओं के लिए फ्री नहीं कर रही है बल्कि DMRC से मेट्रो में यात्रा करने वाली दिल्ली की महिलाओं के लिए टिकट बड़ी तादाद में एक साथ ख़रीद रही है, जिससे महिलाओं को मेट्रो में सुरक्षित यात्रा का मौक़ा मिल सके।

माओवादियों का पाकिस्तान कनेक्शन, बरामद राइफलों से हुआ खुलासा

छत्तीसगढ़ में शुक्रवार (जून 15, 2019) को पुलिस ने उत्तर बस्तर के कांकेर में हुई मुठभेड़ के बाद माओवादियों के पास से जी-3 राइफल समेत अन्य हथियार और गोला बारूद बरामद किए। हैरानी की बात ये है कि माओवादियों के पास जो राइफलें बरामद हुई वो पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक ये राइफल जर्मनी के हेकलर एंड कोच कंपनी द्वारा बनाई जाती है।

इन हथियारों के बरामद होने के बाद माना जा रहा है कि माओवादी पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी आतंकी संगठन के संपर्क में हैं। इनका मकसद भारत की शासन व्यवस्था के विरुद्ध खड़े होकर देश को तोड़ना है। गौरतलब है कि अभी तक पाकिस्तानी सेना और उसके आतंकी संगठन आतंकवादियों को हथियार और गोला बारूद गैर कानूनी तरीके से उपलब्ध कराते रहे हैं।

आजतक में छपी खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया है कि माओवादियों के पास से बरामद जी-3 राइफल्स का इस्तेमाल भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा नहीं किया जाता है बल्कि इनका इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना द्वारा किया जाता है। बता दें कि यह दूसरी बार है जब माओवादियों के पास से पाकिस्तानी राइफल बरामद हुई है। पिछले साल छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुकमा में मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के पास से जी-3 राइफल बरामद की थी।

Akshay-Patra को मिला ग्लोबल अवॉर्ड, द हिंदू खोजता रह गया लहसुन-प्याज

भारत के स्कूलों में छात्रों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध करवाने वाली अक्षय पात्र योजना को बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ग्लोबल चैंपियनशिप अवार्ड मिला है। ब्रिस्टल में इस सप्ताह आयोजित हुए बीबीसी फूड एंड फार्मिंग अवार्ड समारोह में ‘अक्षय पात्र’ को यह पुरस्कार दिया गया। बता दें अक्षय पात्र बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी गैर लाभकारी योजना है।

यह पुरस्कार देने के दौरान निर्णायक पैनल के प्रमुख शेफ़ सामीन नोसरात ने कहा कि स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराना अद्भुत और शानदार कार्य है। बच्चों को भोजन करवाना सबसे महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए। अक्षय पात्र के सीईओ ने इसे गर्व का विषय बताया है।

जानकारी के मुताबिक यह पुरस्कार उस संस्था या व्यक्ति को दिया जाता है जो दुनिया में खाद्यान्न उगाने, तैयार करने और बेहतर ढंग से इस्तेमाल में लाने के लिए अच्छा काम करते हैं। याद दिला दें कुछ दिन पहले अक्षय पात्र फाउंडेशन पर द हिंदू के एक लेख ने कीचड़ उछालने की कोशिश की थी, उस दौरान लेखक, वैज्ञानिक और स्वराज्य पत्रिका के स्तम्भकार आनंद रंगनाथन की अपील पर 510 लोगों ने 11 घंटे में अक्षय पात्र फाउंडेशन को ₹21 लाख का दान दिया था।

उस समय कुछ ने तो अपनी पॉकेट मनी तक दान कर दी थी। ब्रिस्टल में मिला अक्षय पात्र को यह अवार्ड उस लेख पर किसी तमाचे से कम नहीं हैं, जिसमें सिर्फ़ The Hindu ने दो-चार बच्चों की प्याज-लहसुन के बिना पकाए गए खाने की नापसंदगी को पूरे कर्नाटक के बच्चों द्वारा अक्षय पात्र के मिड डे मील को ख़ारिज करने की कहानी रचते हुए लेख छापा था। इस पर ऑपइंडिया समेत देश के अधिकाँश हिस्सों से तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।

डॉक्टर के साथ मारपीट पर हो सकती है 12 साल की जेल, नहीं मिलेगी जमानत

पश्चिम बंगाल में दो जूनियर डॉक्टरों पर मरीज के परिजनों द्वारा किए गए हिंसक हमले के बाद से छिड़ा आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के अध्यक्ष डॉ गिरीश त्यागी ने डॉक्टरों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। डीएमए, डॉक्टरों पर हो रही हिंसा के खिलाफ राष्ट्रीय कानून बनाने की माँग कर रहा है।

साथ ही ऑर्गेनाइजेशन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों पर हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कही है। वहीं, वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने भी स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों पर हिंसा के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है और इस खतरे के खिलाफ मजबूत कानून लाने का आग्रह किया है।

इण्डिया टुडे से बात करते हुए एक अधिकारी ने इस बारे में बताया कि डॉक्टरों के खिलाफ हो रही हिंसा के खिलाफ ऐसे कानून लाना चाहिए, जिसमें दोषी को कम से कम 7 साल की सजा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें दोषी के खिलाफ मामले दर्ज करना, उसे दोषी ठहराना और फिर उसे गिरफ्तार करने के अनिवार्य प्रावधान शामिल होना चाहिए, जैसा कि POCSO एक्ट में किया जाता है। अस्पताल को स्पेशल जोन घोषित करना चाहिए और उपयुक्त सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठा सकती है। डॉक्टरों को सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कानून ला सकती है। इस कानून के अंतर्गत डॉक्टरों के साथ मारपीट या फिर उनके ऊपर हमला करने की घटना संगीन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस अपराध के लिए दोषियों को कम से कम 12 वर्ष तक की सजा मिल सकती है। इसके साथ ही इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि इस कानून को गैर-जमानती रखा जाए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन से सभी राज्य सरकारों से इस पर विचार करने के लिए कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जल्द ही सभी राज्य सरकारों के साथ बैठक करेंगे और खबर है कि इस बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून के अलावा क्लिनिक्ल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में भी बदलाव किया जा सकता है। सभी राज्यों से विचार-विमर्श करने और उनके अंतिम प्रस्ताव आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

कॉन्ग्रेस नेता के भाई ने बीच सड़क पर महिला को बेरहमी से पीटा, VIDEO हुआ वायरल

पंजाब के मुक्तसर में कॉन्ग्रेस पार्षद के भाई राकेश चौधरी ने कुछ गुंडों के साथ मिलकर बीच सड़क में एक महिला की बेरहमी से पिटाई की। महिला को इस दौरान बदमाशों ने लात-घूसों के अलावा बेल्ट और जूतों से भी मारा।

खबरों के मुताबिक मामला पैसे उधार देने से जुड़ा हुआ था। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुक्तसर के एसएसपी मंजीत ढेसी ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इस मामले में अभी तक 6 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।

गौरतलब है कि राजनैतिक पार्टियों से जुड़े लोगों का किसी महिला को पीटने का यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी गुजरात के नरोदा से भाजपा विधायक बलराम थावनि द्वारा एनसीपी महिला नेता को पीटे जाने का मामला सामने आया था। इस दौरान थावनि ने उस महिला को बीच सड़क लातों से पीटा था।

TMC कार्यकर्ता के घर पर बमबारी, मृतक के बेटे ने लगाया कॉन्ग्रेस पर आरोप

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा हो रही है। इन घटनाओं में तृणमूल के गुंडों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की ख़बरें सुर्ख़ियाँ बनी हुईं थी और अब कॉन्ग्रेस और तृणमूल के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प की ख़बरें आ रही हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की ख़बर सामने आई है।

यह घटना शुक्रवार (14 जून) रात की है। TMC के कार्यकर्ता खैरुद्दीन शेख़ और सोहेल राणा की मुर्शिदाबाद में उनके घर पर कल रात बम फेंके जाने के बाद मौत हो गई। खैरुद्दीन के बेटे मिलन शेख़ ने बताया, “हम सो रहे थे, अचानक हमारे घर पर बमबारी हुई। मेरे पिता को गोली मार दी गई। कुछ दिन पहले मेरे चाचा की भी मौत हो गई थी। इसके पीछे कॉन्ग्रेस है।”

इस घटना के बाद से ही पूरे इलाक़े में तनाव का माहौल बना हुआ है। इससे पहले राज्य के उत्तर 24 परगना में गुरूवार (13 जून) की रात को एक महिला बीजेपी नेता सरस्वती दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। महिला नेता के बारे में कहा जाता है कि वो उत्तर 24 परगना के हन्नीबल में अमलानी ग्राम पंचायत की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। इसके अलावा, दमदम और कूचबिहार में भी TMC के दो कार्यकर्ताओं की हत्या की ख़बर सामने आई थी। इसके ख़िलाफ़ बंगाल के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि यदि ख़ून बहता है तो हम भी इसका जवाब देंगे।