लोकसभा चुनाव में मृतक समतुल डोलोई ने अपने बूथ पर भाजपा उम्मीदवार को बढ़त दिलाई थी। डोलोई के एक रिश्तेदार ने कहा कि मृतक ने एक कार्यक्रम के दौरान कई बार 'जय श्री राम' का नारा लगाया था। इससे कार्यक्रम में शामिल तृणमूल के कुछ सक्रिय कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हो गए और...
ये सभी अधिकारीगण इनकम टैक्स विभाग में चीफ कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर्स और कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसे महत्वपूर्ण और बड़े पदों पर तैनात थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अधिकारियों में से कई पर भ्रष्टाचार, बेहिसाब संपत्ति का अर्जन और यौन शोषण जैसे आरोप लगे हुए थे।
"राजाराज चोल के काल में सैकड़ों लड़कियों को वेश्यावृत्ति में ढकेल दिया गया। उनका शासनकाल अन्धकार का युग था। अगर हिन्दू गाय की पूजा करते हैं तो मैं उनके भगवान को खाने वाला व्यक्ति हूँ। सभी मठों की ज़मीनें छीन कर दलितों को दे देना चाहिए।"
बहुचर्चित कठुआ बलात्कार केस में पठानकोट की अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने 7 में से 6 अभियुक्तों को दोषी पाया है। कुल 6 में से 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है। बाकी 3 को 5-5 साल की कैद और जुर्माना भरना पड़ेगा।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस झड़प के बाद भाजपा ने बशीरहाट में सोमवार को 12 घंटे का बंद बुलाया है। भाजपा पूरे प्रदेश में 10 जून को काला दिन मनाएगी। साथ ही 12 जून को लालबाजार में एक रैली भी होगी।
"लोगों को नियंत्रण रेखा और उस क्षेत्र के बारे में कोई समझ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की थी। यह सब सिर्फ एक विशेष समुदाय के प्रति विरोध पैदा करने के लिए किया गया था।"
...लेकिन इस बार भी यही होना है। दलितों की तुलना जानवरों से करने वाले द वायर के इस पत्रकार को जनता फिर से अपना नायक बना देगी और उसके लिए यही उपलब्धि काफी होगी। हो सकता है अगले चुनाव में प्रशांत कनोजिया भी किसी सड़क पर चंदा माँगता हुआ नजर आए।
प्रशांत कनौजिया का दलितों और हिंदू संतों पर अभद्र टिप्पणी करने का इतिहास रहा है। कनौजिया दलितों को 'बिना दिमाग वाला जानवर' भी कहा था और साथ ही हिंदू धर्म का भी मजाक उड़ाते हुए इसे "बेकार धर्म" कहा था।
अलीगढ़ मुद्दे के साम्प्रदायिक न होने की वजह से अब भारत का समुदाय विशेष शर्मिंदा नहीं हैं, न ही बॉलीवुड की लम्पट हस्तियाँ शर्मिंदगी के बोझ से मेकअप पिघला पा रही हैं, न ही पत्रकारों में वो मुखरता देखने को मिल रही है कि वो अपनी बेटी से नज़रें नहीं मिला पा रहे कि वो उनके लिए कैसा समाज छोड़े जा रहे हैं।