दामाद जी को प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर में हाज़िरी लगानी पड़ रही है। चिटफंड घोटालों की आँच ममता तक जा पहुँची है। फ़र्जी कंपनियों की पोल खुल रही है। इसीलिए, लोकतंत्र ख़तरे में है।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिया गया जवाब सरकार के पांच वर्षों के काम का 'रिपोर्ट कार्ड' है। क्या कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता प्रधानमंत्री के भाषण में दिए गए तथ्यों का जवाब देंगे या फिर केवल नारों और झूठ का सहारा लेते रहेंगे।"
प्रेगनेंसी में दर्द से कराह रही सीमा को गहने बेचने की नौबत आ गई थी क्योंकि पति के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। यहाँ भी 'आयुष्मान भारत योजना' ने अपना काम किया।
घरवालों ने बेटे से कहा कि अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे। पति की शर्त आई कि पहले लड़की को उसके पिता के साथ हलाला करना होगा। हलाला यानी ससुर के साथ शारीरिक संबंध बनाना।
घर खाली करने की बात सामने आने के बाद बच्ची के पिता ने कहा कि उन्हें डर है कि अगले शैक्षणिक सत्र में उनके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं ₹4.5 लाख की फीस नहीं दे सकता हूँ।"
अगर एक हाइमन के ब्रेक हो जाने से उसके चरित्र पर ही उँगलियाँ उठें और शर्मसार हो जाना पड़े तो जरूरी है कि न केवल महाराष्ट्र की सरकार बल्कि पूरे देश में इस ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ को अपराध घोषित कर दिया जाए।