राजनैतिक मुद्दे

जाति वाली बसपा साफ, भ्रष्टाचार वाली सपा भी पीछे… UP चुनाव में CM योगी ही सबसे बड़ा मुद्दा

उत्तर प्रदेश में विपक्ष मुद्दाविहीन है और ऐसे में एक बात तो साफ़ निकलती है वो है कि इस बार चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा स्वयं मुख्यमंत्री योगी ही हैं।

मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति वाली सपा को राम, परशुराम, कृष्ण क्यों आ रहे याद, यूपी में योगी की बढ़त से उड़ी अखिलेश यादव की...

प्रदेश के इतिहास में दोबारा योगी मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। ऐसे में वापसी का सपना देख रही सपा की इस कदर नींदे उड़ गईं हैं कि अखिलेश यादव दिन में भी सपने देखते नजर आ रहे हैं।

रामचंद्र गुहा कभी उन्हें भी याद कर लो जो गोधरा में जिंदा जला दिए गए, क्योंकि रामभक्त भी हाड़-माँस के ही इंसान थे

रामचंद्र गुहा ने स्क्रॉल में लिखे अपने आर्टिकल में कॉन्ग्रेस का महिमामंडन करते हुए बताया कि कैसे नरेंद्र मोदी ने गुजरात दंगों के लिए मुस्लिमों से माफी नहीं माँगी है।

चारधाम का फैसला और कंधे पर PM मोदी का हाथ: उत्तराखंड में ‘बहुत Upyogi’ साबित हो रहे CM धामी, BJP की बम्पर वापसी...

उत्तराखंड में ABVP और BJYM में सक्रिय रहे पुष्कर सिंह धामी ने जनता के मूड को भाँपते हुए फैसले लिए और पार्टी ने भी उनके चेहरे पर मुहर लगा दी है।

लखनऊ में अखिलेश के ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ पर वाह-वाह, अयोध्या में योगी आदित्यनाथ का विकास ‘सांप्रदायिक’: यूँ ही ‘बेताब’ नहीं है नूर मोहम्मद

राम की पावन भूमि अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर का निर्माण क्योंकर साम्प्रदायिक हो सकता है? उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद बनाए जा रहे मंदिर का विरोध क्यों?

एक मुहम्मदवाद के इतने खतरे, और ‘पैगंबर’ गढ़कर क्या करेंगे: कालीचरण महाराज की ‘गाली’ से गायब नहीं हो जाते गाँधी पर सवाल

क्या यह विचित्र नहीं है कि इस देश में हिंदू अराध्यों को गाली दी जा सकती है, देश के टुकड़े-टुकड़े करने की बात हो सकती है... पर गाँधी पर सवाल नहीं किया जा सकता।

मुगलों को बताया शरणार्थी, औरंगजेब की आलोचना से दिक्कत: फ़िल्में न मिलने की खुन्नस मोदी सरकार पर निकाल रहे नसीरुद्दीन शाह?

भारतीय राजाओं, भारतीय सनातन धर्म और भारतीय इतिहास को लेकर नसीरुद्दीन शाह हिन्दुओं में हीन भावना भरना चाहते हैं। मुगलों का गुणगान क्यों? औरंगजेब की आलोचना से दिक्कत क्यों?

पहले ‘मैं हिंदुत्ववादी नहीं हूँ’, अब महात्मा गाँधी पर बदजुबानी: रायपुर ‘धर्म संसद’ की पटकथा कॉन्ग्रेस की लिखी?

आखिर क्या कारण है कि चित्रकूट के हिंदू महाकुंभ की उपेक्षा करने वाले ​हरिद्वार और रायपुर के 'धर्म संसद' पर इतना हल्ला मचा रहे?

कश्मीर में गजनी हो या गोवा में पुर्तगाली… गुलाम नबी जी, ‘तलवार की नोक’ पर ही होता है धर्मांतरण, तभी सूटकेस में मिलती हैं...

गुलाम नबी आज़ाद बता दें कि धर्मांतरण अगर प्यार-पुचकार से होता है तो गुरु तेग बहादुर को क्यों बलिदान देना पड़ा था? मामला उनके ही राज्य का है।

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