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दुनिया सबसे सस्ते और सुरक्षित वैक्सीन को लेकर भारत की ओर देख रही, हमारे पास टीकाकरण का अनुभव: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (दिसंबर 04, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस पर सर्वदलीय बैठक को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी अन्य देशों की कई वैक्सीन के नाम हम बाजार में सुन रहे हैं, लेकिन दुनिया कोरोनो वायरस बीमारी (COVID-19) के सबसे सस्ते और सबसे सुरक्षित टीके के इन्तजार में है और भारत की ओर देख रही है।

पीएम मोदी ने देश में COVID-19 की स्थिति पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा, “हमारे वैज्ञानिक COVID-19 के टीके बनाने के अपने प्रयास में सफल होने के लिए बहुत आश्वस्त हैं। दुनिया सबसे सस्ते और सुरक्षित वैक्सीन पर नजर रखे हुए है। यही कारण है कि दुनिया भारत को देख रही है।”

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार वैक्सीन की कीमत को लेकर राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रही है और इसके बारे में निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में रख कर लिया जाएगा। उन्होंने सभी नेताओं से लिखित रूप में अपने सुझाव भेजने का आग्रह किया ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा, “केंद्र और राज्य सरकार की टीमें एक साथ टीका वितरण के लिए काम कर रही हैं। भारत में अन्य देशों की तुलना में वैक्सीन वितरण की क्षमता बेहतर है। हमारे पास टीकाकरण के क्षेत्र में बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क है। हम इसका पूरा फायदा उठाएँगे।”

पहले वैक्सीन किसे उपलब्ध कराई जाएगी, इस पर चर्चा के बीच पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही वैज्ञानिक हरी झंडी देंगे, भारत में टीकाकरण शुरू हो जाएगा। हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसी पर आगे बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा- “करीब 8 ऐसी संभावित वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं और जिनका उत्पादन भारत में ही होना है। भारत की अपनी 3 वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। विशेषज्ञ ये मान रहे हैं कि वैक्सीन के लिए बहुत ज़्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।”

अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर भी बनाया है – ‘Co-WiN’, जिसमें आम लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन का उपलब्ध स्टॉक और उससे जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा,

“एक नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में केंद्र के लोग, राज्य सरकारों के लोग और एक्सपर्ट हैं। कोरोना वैक्सीन के वितरण पर यही ग्रुप सामूहिक रूप से निर्णय लेगा।”

PM मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विकसित देशों को भी काफी मुश्किल हुई है लेकिन भारत ने एक राष्ट्र के तौर पर बेहतरीन काम किया है। राजनीतिक दलों को वैक्सीन वितरण से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकना चाहिए।

हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों का साहस इस लड़ाई के दौरान अदम्य और अभूतपूर्व रहा है। हमने अपने साथ, अन्य देशों की भी मदद का प्रयास किया। अब जब हम वैक्सीन के मुहाने पर खड़े हैं तो वही वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। टीकाकरण की अफवाहें जनहित और राष्ट्रहित, दोनों तरह से नुकसानदेह हैं। हमें लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना होगा।

कंगना रनौत का ट्विटर एकाउंट रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका, महाराष्ट्र सरकार को कहा था- ‘पप्पू सेना’

बॉम्बे उच्च न्यायालय में अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाते हुए ट्वीट करने के लिए याचिका दायर की गई है। दरअसल, 17 अक्टूबर को किए गए ट्वीट में कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए की जम कर आलोचना की थी। इसके पहले बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध एक एफ़आईआर दर्ज की गई थी। 

दायर की गई याचिका में कंगना रनौत द्वारा किए गए ट्वीट के लिए अदालत के समक्ष उनके ट्विटर एकाउंट को रद्द करने की माँग उठाई गई थी। 

याचिका में ऐसा कहा गया था कि कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में न्यायपालिका पर अभद्र टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र सरकार को ‘पप्पू सेना’ कह कर संबोधित किया था। याचिका में आगे कहा गया था कि यह ट्वीट अदालत की आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है। दरअसल, नवरात्र के दौरान कंगना ने खुद के विरुद्ध एफ़आईआर दर्ज किए जाने के बाद एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की गठबंधन वाली शिवसेना सरकार की जम कर आलोचना की थी। 

कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा, “और कौन नवरात्र में व्रत रख रहा है? आज के आयोजन की कुछ तस्वीरें क्योंकि अब मुझ पर एक और एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है। महाराष्ट्र में ‘पप्पू सेना’ मुझ पर हावी होने की कोशिश कर रही है। मुझे इतना याद करने की ज़रूरत नहीं है, मैं जल्द ही वहाँ पहुँच जाऊँगी।”

बीते दिन कंगना रनौत को एक अधिवक्ता की तरफ से लीगल नोटिस भेजा गया था क्योंकि उन्होंने कृषि सुधार क़ानूनों के लिए जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली एक वृद्ध महिला को शाहीन बाग़ की मशहूर बिलकिस बानो समझ लिया था। 

किसानों ने की कंगना रनौत और दिलजीत के बीच मध्यस्थता की पेशकश, समझौता न होने पर दी प्रदर्शन की चेतावनी

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और पंजाबी गायक और ‘श्वेत महिलाओं को ऑनलाइन स्टाक’ करने वाले दिलजीत दोसाँझ के बीच ट्विटर पर जारी शास्त्रार्थ अब ‘ऑनलाइन गतिरोध’ का मामला बन चुका है। कृषि कानूनों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने इन दोनों कलाकारों पर आरोप लगाया है कि यह उनके धरने से ध्यान भटकाने के लिए करण जौहर के काम देने के तरीकों को राष्ट्रीय चर्चा बनाकर इस तरह का ‘सीन तैयार’ कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार शाम ट्विटर पर छिड़ी एक जंग में कंगना रनौत ने दिलजीत दोसाँझ की जिस तरह से वर्चुअल कम्बल पिटाई की, उसने पूरे देश का ध्यान भटकाया और किसानों का मुद्दा हासिए पर धकेल दिया। इस पर शाहीन बाग़ फेम बिलकिस दादी का भी बड़ा बयान सामने आया है। बिलकिस दादी का कहना है कि ‘वो तो धरनों की आदत सी पड़ गो है, वरना असली ‘फन’ तो इसी लड़ाई में आरो है।’

किसान अब केंद्र सरकार से माँग कर रहे हैं कि वो किसानों के मुद्दों से पहले ट्विटर पर कंगना रनौत और दिलजीत दोसाँझ के बीच चलने वाली जुबानी जंग पर विराम लगाएँ। किसानों की एक नई टुकड़ी बुला ली गई है और केंद्र सरकार को सख्त चेतावनी दे दी गई है कि अगर एक बार फिर कंगना रनौत और दिलजीत ट्विटर पर उलझते हैं तो किसानों की नई टुकड़ी धरने पर बैठ जाएगी।

कुछ लोगों का दावा है कि दिलजीत दोसाँझ की जिस तरह से वर्चुअल कुटाई कंगना रनौत ने की है, उसे देखकर उन्हें रामलीला का वो दृश्य याद आ गया, जब बाली ने सुग्रीव के ललकारने पर उसकी जमकर धुलाई की थी। इस पर विवादित मजहबी आरजे सायमा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मशहूर गजल गायक अल्ताफ राजा की नज्म को याद करते हुए कहा – “वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है।”

किसानों ने यह भी सुझाव दिया है कि अगर केंद्र सरकार चाहे तो किसान कंगना रनौत और दिलजीत के बीच मध्यस्थता करने को भी राजी हैं। पहले से ही प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वो अपनी समस्याओं से क्या कम परेशान हैं जो अब उन्हें मिलने वाली अटेंशन को करण जौहर के काम देने के तरीकों को उछालकर शिफ्ट किया जा रहा है।

इस विषय पर जब उन्होंने पूछा कि अपनी माँगों के अलावा उन्हें और क्या बातें परेशान कर रही हैं तो इस पर अपनी जगुआर के सनरूफ से गर्दन बाहर निकालकर एक ‘किसान पुत्र’ ने कहा कि उन्हें संदेह है कि उनके प्रदर्शन में कुछ समाजवादियों ने अपनी नाक घुसानी शुरू कर दी है। इसके प्रमाण में उन्होंने जिस अखबार की कटिंग को हवा में उछाला, उसका शीर्षक था- “किसानों के 3 मोबाइल और 40 टोंटियाँ चोरी।”

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टोंटी चोरी की अपुष्ट किन्तु ‘वायरल’ खबर

हालाँकि, इस खबर को पुष्टी के लिए सॉल्ट न्यूज़ के फैक्ट चेकर जुब्बू मियाँ को भेज दिया गया है। टोंटी चोरी का समाजवाद से क्या सम्बन्ध हो सकता है इसका पता लगाने के लिए फैक्ट चेकर ज़ुब्बू का कहना है कि वो रिवर्स इमेज सर्च कर जल्द ही इस सम्बन्ध का पता लगा लेंगे।

PFI के औरंगाबाद कार्यालय में छापा: कट्टरपंथी भीड़ ने ED अधिकारियों को धमकाया, लगे ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अनेक टीमों ने कल (3 दिसंबर 2020) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) के कई ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। पीएफ़आई पर विदेशी फंडिंग लेने और विरोध प्रदर्शन की आड़ में षड्यंत्र रचने का आरोप है जिसके चलते ईडी ने कार्रवाई की। इसी कड़ी में ईडी की टीम ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भी छापा मारा जिसके बाद अलग ही नज़ारा सामने आया। वहाँ ईडी की कार्रवाई के बाद पीएफ़आई के लोगों ने ईडी के अधिकारियों को धमकाते हुए रैली निकाली और संगठन के समर्थन में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे भी लगाए। जिसे वीडियो में 10.23 और 11.10 पर सुना जा सकता है।

ईडी ने अपने छापेमारी अभियान के तहत महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में पीएफ़आई के कार्यालय पर छापा मारा। इस कार्रवाई के कुछ ही देर बाद पीएफ़आई के समर्थन में कट्टरपंथी भीड़ भी नज़र आई। इस भीड़ ने सार्वजनिक रूप से पीएफ़आई के झंडे भी लहराए, अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से धमकी दी और संगठन के समर्थन में नारे भी लगाए। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें लोग देश के अन्य संगठनों के लिए मुर्दाबाद और पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के लिए ज़िंदाबाद का नारा लगा रहे हैं। 

इस वीडियो में मौजूद लोगों को ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाते हुए भी सुना जा सकता है। इसी बीच एक व्यक्ति मीडिया वालों से बात करते हुए मोदी सरकार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है और कहता है कि हम रास्ते जाम कर सकते हैं। वीडियो में ही एक और व्यक्ति कहता है कि पीएफ़आई पर आँच भी आ गई तो औरंगाबाद की बस्तियों से आदमी, औरत और बच्चे सभी निकल कर आएँगे और सरकार को मुँह तोड़ जवाब देंगे। फ़िलहाल इस वीडियो को लेकर पूरे सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।              

पिछले कुछ समय में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) का नाम विदेशी फंडिंग से लेकर विरोध प्रदर्शन की आड़ में षड्यंत्र रचने में सामने आया है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चला रही है। ईडी के समूहों ने 9 राज्यों में स्थित कुल 26 ठिकानों पर छापा मारा था, इसी बीच उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बाराबंकी में भी छापा मारा गया। 

इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कल ही पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) के नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मेम्बर करमना अशरफ मौलवी के तिरुअनंतपुरम स्थित पूंथुरा आवास पर छापा मारा था। ईडी ने साल 2018 के दौरान पीएफ़आई के कई सदस्यों पर धन शोधन निरोधक अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके अलावा कोज़ीकोड़े, मल्लापुरम और एर्नाकुलम स्थित पीएफ़आई नेताओं के आवासों पर भी छापा मारा गया।

हैदराबाद निकाय चुनाव में भाजपा का अप्रत्याशित प्रदर्शन: शुरूआती रुझानों में 80 सीटों पर बढ़त, TRS 30 सीटों पर आगे

हाल ही में हुए ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव (जीएचएमसी) की मतगणना जारी है। शुरूआती रुझान भारतीय जनता पार्टी के लिए अप्रत्याशित रूप से सकारात्मक परिणाम लेकर आए हैं। भाजपा ने शुरूआती रुझानों में ही भारी बढ़त दर्ज कर ली है। असदुद्दीन ओवैसी और उनके राजनीति दल एआईएमआईएम का गढ़ माने जाने वाले हैदराबाद में भाजपा लगभग 75 से 80 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं प्रदेश का सत्ताधारी दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) लगभग 30 से 35 सीटों पर आगे चल रहा है। 

भाजपा ने हैदराबाद के निकाय चुनावों में पूरे संगठन की ताकत झोंक दी थी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम फायरब्रांड नेताओं ने हैदराबाद के कई क्षेत्रों में जनसभाएँ और रोड शो किए थे। भाजपा के इन राजनीतिक आयोजनों में भी काफी भीड़ नज़र आई थी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने हैदराबाद क्षेत्र में कई जनसभाओं के दौरान भाषण भी दिए थे। 

भाषण के दौरान उन्होंने हैदराबाद का नाम बदलने का ज़िक्र छेड़ा था जो काफी सुर्ख़ियों में बना हुआ था। इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने भी निकाय चुनाव के ठीक पहले हैदराबाद का दौरा किया था, उन्होंने कहा था कि भाजपा के चुनाव जीतने पर हैदराबाद को निज़ाम-नवाब कल्चर से आज़ादी दिलायेंगे। इसके अलावा शहर को तकनीक के हब के रूप में स्थापित करेंगे। 

साल 2016 के हैदराबाद निकाय चुनावों में भाजपा को सिर्फ 5 सीटें हासिल हुई थीं। इस चुनाव में आज कुल 1122 प्रत्याशियों के भाग्य का निर्णय होना है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव की मतगणना सुबह आठ बजे से ही शुरू कर दी गई थी, पहले पेपर बैलेट की गणना की जा रही है। एक घंटे के भीतर 10 सीटों का रुझान आने के दौरान ही भाजपा 7 सीटों पर आगे चल रही थी और टीआरएस ने सिर्फ 3 सीटों पर बढ़त बनाई थी। 

दूसरा घंटा पूरा होने पर भाजपा ने लगभग 25 से 30 सीटों पर बढ़त बना ली थी और टीआरएस 10 सीटों पर आगे थी। इसके कुछ समय बाद के रुझान में भाजपा 40 सीटों पर आगे चल रही थी और सत्ताधारी दल टीआरएस कुल 14 सीटों पर आगे चल रही थी। ख़बर लिखे जाने तक सामने आए रुझानों की बात करें भाजपा लगभग 80 सीटों पर आगे चल रही थी। वहीं प्रदेश का सत्ताधारी दल टीआरएस ने 32 और एआईएमआईएम ने 14 सीटों पर बढ़त बनाई थी। फ़िलहाल यह शुरूआती रुझान हैं, कुछ घंटों के बाद ही चुनावी नतीजों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।               

घर के बहाने जुबैर साथ ले गया, जावेद ने नाबालिग राहुल को चाकू से मार डाला: देखें हत्या का दिल दहला देने वाला वीडियो

17 साल के नाबालिग लड़के की बेरहमी से चाकुओं से गोद कर हत्या का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में जावेद और जुबैर ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को रास्ते पर ही फेंक दिया और घटनास्थल से फरार हो गए। हत्या की इस घटना में दो अन्य आरोपित भी शामिल हैं, पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। 

अब तक पुलिस जावेद और जुबैर को इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के वीडियो साफ़ देखा जा सकता है कि जावेद पूरी निर्दयता से नाबालिग लड़के पर धारदार हथियार से लगातार कई वार करता है। जिसकी वजह से नाबालिग लड़के की मौके पर ही मृत्यु हो गई, फ़िलहाल पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं पर जाँच कर रही है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ राहुल तांडी (17), निवासी टिकरापारा नेहरु नगर बीते रविवार की रात लगभग 12 बजे अपने एक साथी गोपी के साथ नशे की हालत में बूढ़ा तालाब के नज़दीक बैठा था। इसके बाद जावेद नाम का युवक उनके पास पहुँचा और राहुल से बोरियाखुर्द तक स्कूटी से छोड़ने की बात कही। राहुल, गोपी और जुबैर जैसे ही बोरियाखुर्द आरडीए कॉलोनी के नज़दीक पहुँचे, वहाँ पर घटना का मुख्य आरोपित जावेद पहले से ही मौजूद था। 

जावेद ने तुरंत ही राहुल पर हमला कर दिया, पहले उसे स्कूटी से धक्का देकर घसीटा और इसके बाद उस पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के वीडियो में भी देखा जा सकता है कि जावेद नाबालिग लड़के पर बेरहमी से वार करता है। इन हमलों की वजह से राहुल की मौके पर ही मृत्यु ही गई, जिसके बाद जावेद और जुबैर मौक़ा-ए-वारदात से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो जावेद के साथी जुबैर ने ही बनाया है। फ़िलहाल पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्त में ले लिया है मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।  

यूपी PFI अध्यक्ष नसीम अहमद के घर से ED ने जब्त किए संदिग्ध दस्तावेज़, बाराबंकी में मुदस्सिर के आवास पर भी छापा

पिछले कुछ समय में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) का नाम विदेशी फंडिंग से लेकर विरोध प्रदर्शन की आड़ में षड्यंत्र रचने में सामने आया है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चला रही है। ईडी के समूहों ने 8 राज्यों में स्थित कुल 26 ठिकानों पर छापा मारा, इसी बीच उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बाराबंकी में भी छापा मारा गया। 

ईडी की टीम उत्तर प्रदेश पीएफ़आई अध्यक्ष, नसीम अहमद के इंदिरानगर लखनऊ स्थित आवास पर पहुँची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उसके आवास से संदिग्ध दस्तावेज़ भी बरामद किए गए हैं हालाँकि, नसीम अहमद छापेमारी के दौरान अपने घर पर मौजूद नहीं था। नसीम अहमद पर पिछले वर्ष हुए सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन की आड़ में बड़ी साज़िश रचने का आरोप है। फ़िलहाल ईडी की टीम नसीम अहमद को तलाश रही है।

लखनऊ के अलावा ईडी की टीम ने बाराबंकी में भी छापा मारा, बाराबंकी में पीएफ़आई के सदस्य मुदस्सिर के आवास पर छापा मारा गया। मुदस्सिर पर आरोप है कि उसने सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान रुपए लेकर माहौल गड़बड़ करने का प्रयास किया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुदस्सिर पर कुल 80 हज़ार रुपए लेकर इन षड्यंत्रों को अंजाम देने आरोप है। उत्तर प्रदेश के अलावा केरल के 6, तमिलनाडु के 5, कर्नाटक के 3, दिल्ली के 2, बिहार के 2, महाराष्ट्र और राजस्थान के 1-1 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी का अभियान चलाया। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कल ही पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) के नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मेम्बर करमना अशरफ मौलवी के तिरुअनंतपुरम स्थित पूंथुरा आवास पर छापा मारा था। ईडी ने साल 2018 के दौरान पीएफ़आई के कई सदस्यों पर धन शोधन निरोधक अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके अलावा कोज़ीकोड़े, मल्लापुरम और एर्नाकुलम स्थित पीएफ़आई नेताओं के आवासों पर भी छापा मारा गया। 

बता दें कि पीएफ़आई और एसडीपीआई अपनी अराजक गतिविधियों, आपराधिक कृत्यों, जबरन धर्मांतरण और देश विरोधी गतिविधियों के चलते शुरुआत से ही संदेह और जाँच के दायरे में रहा है। पिछले साल दिसंबर महीने के दौरान हुए सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन में पीएफ़आई पर फंडिंग उपलब्ध कराने और दंगा भड़काने का आरोप लगा था। इस साल के जनवरी महीने में केंद्रीय जाँच एजेंसी ने इस संबंध में कई दस्तावेज़ भी पेश किए थे जिसमें पीएफ़आई के खातों और प्रदर्शनकारियों के खातों के बीच लेन-देन की पूरी जानकारी थी।

बीजद के निष्कासित विधायक को अधिकारियों ने घर से उठाया, पत्नी ने कहा- अगर मेरे पति को कुछ हुआ तो CM जिम्मेदार

ओडिशा के गोपालपुर क्षेत्र के विधायक व बीजेडी से निष्कासित नेता प्रदीप पाणिग्रही को क्राइम ब्रांच की इकोनोमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने आज उनके घर से उठा लिया है। पाणिग्रही की पत्नी सुजाता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार (दिसंबर 3, 2020) को उनके पति को 4 लोग SUV में लेकर गए हैं, जिन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच EOW से बताया।

ओटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुजाता पाणिग्रही ने कहा, “बिना किसी नोटिस या वारंट के उन्होंने मेरे पति को उठा लिया। क्या मेरा पति एक नक्सली या आतंकवादी हैं जिनसे अधिकारियों द्वारा गलत व्यवहार किया गया है। अगर सरकार ने नक्सलियों के मामले में ऐसी ही सख्ती दिखाई होती तो समस्या अब तक नहीं होती।”

सुजाता का कहना है कि उनके पति को निशाना बनाकर जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्राइम ब्रांच से आए लोगों को इस तरह उनके पति को एक अनजान जगह ले जाने की क्या जरूरत थी। उनका कहना है, “मुझे अपने पति की लोकेशन के बारे में नहीं पता चल पा रहा है। अगर मेरे पति को कुछ भी हुआ तो मुख्यमंत्री इसके लिए जिम्मेदार होंगे।”

संबाद इंग्लिश के अनुसार सुजाता कहती हैं, “सरकार का दावा है कि मेरे पति के बैंक खाते में 2.5 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं। मुझे यह मंजूर है। हम उस पर स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार हैं। अपना पक्ष रखने का कोई अवसर दिए बिना, सरकार ने हम पर अनुचित दबाव डाला।”

गौरतलब है कि दागी आईएफएस अधिकारी अभय कांत पाठक के साथ कथित संबंधों के लिए निष्कासित, प्रदीप ने अपने निष्कासन के बाद बीजेडी सरकार की भ्रष्टचार से जुड़ी पोल पट्टी खोलने की धमकियाँ मीडिया इंटरव्यू में कई बार दी थीं। उन्होंने दावा किया था कि राज्य सरकार मिड-डे मील प्रोग्राम के दाल वितरण में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर रही है।

बता दें कि इससे पहले भ्रष्टाचार पर कवरेज करने को लेकर ओडिशा के स्थानीय चैनल ओटीवी पर भी इस तरह की कार्रवाई हो चुकी हैं। पिछले दिनों ऐसे मामले आए जब चैनल के अधिकारियों ने अमित शाह से मदद माँगी।

पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आया तुर्की, सीरियन आतंकियों को कश्मीर भेजने का प्लान: ग्रीस पत्रकार का दावा

पाकिस्तान की मदद करने के लिए अब तुर्की ने सीरिया के आतंकी समूहों को कश्मीर भेजने का निर्णय लिया है। यह खुलासा ग्रीस के एक मशहूर पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट में किया है। इस रिपोर्ट में पत्रकार ने कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन पाकिस्तान की मदद के लिए कश्मीर में सीरिया के आतंकियों को भेजने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने आतंकी समूहों से बात भी की है।

एंड्रियास माउंटजौरौली का यह लेख ग्रीस की न्यूज वेबसाइट Pentapostagma पर प्रकाशित है। इसमें उन्होंने लिखा है कि सीरियन नेशनल आर्मी मिलिशिया के सुलेमान शाह ब्रिगेड्स के कमांडर मुहम्मद अबू इम्सा ने कुछ दिन पहले ही अपने साथी आतंकियों से कहा है कि तुर्की यहाँ से कश्मीर में अपने कुछ यूनिट्स को तैनात करना चाहता है। 

पत्रकार का दावा है कि उत्तरी सीरिया के अफरीन जिले पर नियंत्रण करने वाली सुलेमान शाह ब्रिगेड्स को तुर्की का खुला समर्थन है। उनके अनुसार इम्सा का कहना है कि तुर्की के अधिकारी सीरिया के अन्य हथियारबंद गिरोहों से इस बारे में बात कर रहे हैं और कमांडरों से ऐसे लोगों के नाम बताने को कह रहे हैं जो कश्मीर जाना चाहते हैं।

रिपोर्ट से आतंकियों को कश्मीर जाने के लिए 2000 डॉलर की राशि देने की बात भी सामने आई है। आतंकियों को कहा जा रहा है कि कश्मीर भी उतना ही पहाड़ी है जितना आर्मीनिया का नार्गोनो काराबाख है।

बता दें कि इससे पहले तुर्की ने आर्मीनिया के साथ लड़ाई में खुलकर अजरबैजान का साथ दिया था। इतना ही नहीं, फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने भी इस पर खुलासा करते हुए कहा था कि तुर्की ने सीरिया में अपने सहयोगी आतंकी संगठन के लड़ाकों को काराबाख में लड़ाई के लिए तैनात किया था। साथ ही युद्ध के लिए काफी पैसा भी मुहैया करवाया था।

रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की राष्ट्रपति खुद को मुस्लिम देशों में सबसे बड़ा नेता बनाना चाहते हैं। वह खुद के कद को बढ़ाने के लिए सऊदी अरब को चुनौती देने की तैयारी में लगे हैं। पत्रकार का दावा है कि पाकिस्तान और तुर्की एक दूसरे को सहयोग देकर दूसरे देशों की जमीन कब्जाना चाहते हैं। हाल में ही शील्ड ऑफ मेडेटेरियन युद्धाभ्यास के दौरान पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तुर्की पहुँचे थे।

रिपोर्ट कहती हैं कि तुर्की के राष्ट्रपति पाक की सहायता से ग्रीस की जमीन हथियाने की फिराक में हैं, यही कारण है कि वह कश्मीर के मुद्दे पर उनकी सहायता के लिए आतंकी गुटों को भेजने की योजना बना रहे हैं।

‘आमी किलिकी भाषा जानी’: ममता बनर्जी ने हिडेन टैलेंट से उठाया पर्दा तो लोग उड़ाने लगे मजाक, देखें वीडियो

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव होने से पहले बयानों पर पलटवार होने शुरू हो गए हैं। इस बीच ममता बनर्जी की भी एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री के बंगाली बोलने पर जवाब दिया है और अपने हिडेन टैलेंट से पर्दा उठाते हुए कहा है कि उन्हें तमाम तरह की भाषाएँ आती हैं लेकिन उन्होंने कभी इसे बताना जरूरी नहीं समझा।

दरअसल, पीएम मोदी ने इस रविवार को अपने मन की बात में एक बंगाली में पंक्ति कही थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई भाषाएँ जानने का दावा किया। उन्होंने कहा,

“मैं गुजराती बोल सकती हूँ। जब मैं वियतनाम गई थी तो मैंने वियतनामी सीखी थी। मुझे रूस तीन बार जाने के बाद थोड़ी-थोड़ी रूस भाषा भी आती है। मैं नागालैंड की भाषा जानती हूँ, वहाँ मैंने लंबे समय काम किया। मुझे मणिपुरी आती है, आसामी आती है, ओडिया, पंजाबी, मराठा, बंगला भी पता है। मैं हिंदी, उर्दू, गोरखा, नेपाली भी जानती हूँ, लेकिन मैंने कभी ये सब दर्शाया नहीं।”

अब ममता बनर्जी की यह वीडियो वायरल हो रही है। लोग इस वीडियो को लेकर तंज कस रहे हैं। एक यूजर का कहना है कि ममता बनर्जी अपने ऑफिस नबना में ट्यूशन की क्लास दे सकती हैं।

कुछ अन्य इसे मीम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इन यूजर्स का कहना है कि ममता बनर्जी का बयान ऐसा लग रहा है जैसे वह ट्रांस्लेटर की जॉब माँग रही हों।

एक ओडिशा का यूजर इस वीडियो को देख हैरान होता है कि उनके खुद के मुख्यमंत्री को ओडिया नहीं आती लेकिन ममता बनर्जी को इतनी सारी भाषाएँ आती हैं और साथ में ओडिया भी। वह लिखता हैं, “यहाँ हमारे मुख्यमंत्री नवीन बाबू हैं जो ओडिया भी नहीं जानते, लेकिन इन्हें ओडिया समेत इतनी भाषाएँ आती हैं। लेजेंड ममता दीदी।”

कुछ यूजर्स ने उन्हें बहुभाषी अनुवादक की नौकरी के लिए अप्लाई करने को भी कहा। किसी ने उनकी इस खासियत को जानकर बाहुबली फिल्म के कैरेक्टर कालकेय का वीडियो शेयर किया और कैप्शन में लिखा, “आमी किलिकी भाषा जानी (मैं कालकेय की भाषा जानती हूँ।)”

बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि जब पब्लिक स्पीच देते हैं तब टेलीप्रॉम्पटर पर सब लिखा रहता है। आप बस पढ़ते हैं। जनता को वो देखने को नहीं मिलता। कुछ ही लोग उसे देख पाते हैं। पहले ऐसा यूएसए और यूके में होता था। अब हम ये तकनीक भारत में भी देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पलटवार करने के चक्कर में बंगाल सीएम का दिया गया बयान अब लोगों के लिए मजाक बन गया है। लेकिन देखने वाली बात यह है कि भाषा को लेकर वह पहली बार हँसी की पात्र नहीं बनी है। इससे पहले वह Kaa Kaa chi chi chi chi chi chi स्लोगन के कारण भी ट्रोल हुई थीं।