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‘सारे मुस्लिम युवकों को जेल में डाल दिया जाएगा, UAPA है काला कानून’: PFI बैन पर भड़के ओवैसी, लालू यादव और कॉन्ग्रेस MP

जहाँ एक तरफ देश के लोग कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI को मोदी सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने को लेकर खुश हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं को इसमें भी राजनीति सूझ रही है। राजद सुप्रीमो लालू यादव, AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी और केरल के कॉन्ग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने इस फैसले के खिलाफ बयान दिया है। PFI को 5 वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ये संगठन 2047 तक भारत को इस्लामी शासन वाला मुल्क बनाने की साजिश पर काम कर रहा था।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्होंने हमेशा से PFI के तौर-तरीकों का विरोध करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा जताया है, लेकिन वो इस संगठन को प्रतिबंधित किए जाने के फैसले के समर्थन में नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कुछ लोगों की करतूतों के लिए पूरे संगठन को बैन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस कठोर प्रतिबंध का अर्थ है हर उस मुस्लिम को प्रतिबंधित कर देना, जो अपने मन की बोलना चाहता हो।

ओवैसी ने दावा किया कि भारत की निरंकुश सत्ता जिस तरह से फासीवाद को अपना रही है, ‘काला कानून’ UAPA के तहत भारत के हर मुस्लिम युवक को PFI के पैम्पलेट के साथ गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अदालतों द्वारा निर्दोष बरी किए जाने से पहले कई मुस्लिमों को दशकों जेल की सज़ा भुगतनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें याद रखना चाहिए कि इस कानून को कॉन्ग्रेस ने कड़ा बनाया था और भाजपा सरकार ने इसे और कड़ा कर दिया।

उधर 12वीं बार राजद के अध्यक्ष बने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ पर प्रतिबंध लगाने की माँग कर डाली। लालू यादव ने RSS पर हिन्दू-मुस्लिम कर के देश तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि PFI की तरह इसे भी बैन कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पहले भी 2 बार RSS पर बैन लग चुका है और ये PFI से भी बदतर संगठन है। वहीं सपा सांसद शफीकुर्रहमान ने भी इस फैसले का विरोध किया।

जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस के महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश कह रहे हैं कि पार्टी हमेशा से सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ रही है, वहीं केरल में पार्टी के सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने कहा कि ‘हिन्दू सांप्रदायिकता’ को बढ़ावा देने के लिए RSS को भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि RSS देश भर में ‘हिन्दू सांप्रदायिकता’ फैला रहा है। उन्होंने दावा किया कि बहुसंख्यक सांप्रदायिकता जब आएगी तो अल्पसंख्यक संप्रदायकता भी आएगी ही।

तिरुपति में जिन दीवारों पर थी हिंदू देवी-देवताओं के चित्र, वहाँ अब सत्ताधारी YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के रंग: विरोध कर रहे हिंदू, कई गिरफ्तार

तिरुपति में जिस सड़क से सटी दीवार पर भगवान शिव, हनुमान जी, शिवलिंग के अलावा अन्य देवी-देवताओं की तस्वीरें थीं, अब वहाँ सत्ताधारी पार्टी के रंग नीले, हरे और सफेद से पुताई कर दी गई है। स्थानीय हिंदू इसका विरोध कर रहे हैं। विपक्षी पार्टी भी इसका जमकर विरोध कर रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे ने तुल पकड़ लिया है। इसे हिंदुओं और उनके देवी-देवताओं का अपमान बता कर विरोध किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एसवी यूनिवर्सिटी रोड, तिरुपति की फोटो शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा:

‘‘हैरान कर देने वाली ये तस्वीरें तिरुपति शहर की हैं। हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को सत्तारूढ़ वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी के झंडे से मिलते नीला, हरा और सफेद रंगों से बदल दिया गया है। हिंदू धर्म का अपमान करने वालों पर श्रद्धालु आग बबूला हो रहे हैं।”

तेलुगु देशम पार्टी (Telugu Desam Party) के नेताओं ने मंगलवार (27 सितंबर 2022) को तिरुपति में मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के लगाए गए सैकड़ों बैनरों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा करके तिरुमाला ब्रह्मोत्सव से पहले आध्यात्मिक माहौल को खराब कर दिया गया है।

तेदेपा नेताओं (TDP) ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में जगन मोहन रेड्डी के स्वागत के लिए बैनर और होर्डिंग लगाए हैं। इस बात को लेकर जब पूर्व विधायक एम सुगुनम्मा और नगर पार्षद आरसी मुनिकृष्ण ने इस पर आपत्ति जताई और प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, कई लोगों की गिरफ्तारी भी की गई।

बता दें कि तेदेपा नेताओं ने जिला अधिकारियों, प्रशासन के साथ-साथ टीटीडी अधिकारियों पर रात भर लगाए गए सैकड़ों होर्डिंग्स पर आँख मूँद लेने के लिए नाराजगी जताई है। सुगुनम्मा (MLA M. Sugunamma) को “ब्रह्मोत्सवम है या जगनोत्सवम?” चिल्लाते हुए भी सुना गया। तिरुपति में विरोध प्रदर्शन करने वाले तिरुपति के पूर्व विधायक और उनके समर्थकों को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

2047 तक भारत को बनाना था इस्लामी राज्य, गृहयुद्ध के प्लान पर चल रहा था काम: राजस्थान में जातीय संघर्ष भड़का PFI का सरगना बना

भारत सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथी संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) को 5 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि कैसे केंद्रीय जेंश एजेंसियों द्वारा संगठन के ठिकानों पर की गई छपेमारी में कई भड़काऊ मटेरियल मिले। इसमें प्रमुख है एक ब्राउचर और एक सीडी, जिसका नाम है – ‘मिशन 2047’, अर्थात आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक इस्लामी मुल्क में तब्दील कर देना।

ये दस्तावेज महाराष्ट्र में PFI के ‘राज्य उपाध्यक्ष’ के यहाँ छापेमारी के दौरान जब्त किए गए। साथ ही राज्य में PFI के ‘प्रदेश अध्यक्ष’ के यहाँ से भी ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई दस्तावेज मिले। कर्नाटक और तमिलनाडु में संगठन के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अवैध रूप से इकट्ठा किए गए कैश भी मिले। PFI द्वारा IED विस्फोटक तैयार करने के लिए भी मुस्लिम कट्टरपंथियों को प्रशिक्षित किया जा रहा था।

साथ ही कई ऐसे पेन ड्राइव मिले, जिसमें खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के कई वीडियो थे। उत्तर प्रदेश में संगठन के ठिकानों पर ‘गजवा-ए-हिन्द’ से जुड़े कई वीडियो मिले। तमिलनाडु में PFI के लोकेशंस पर छापेमारी के दौरान मरीन रेडियो सेट्स भी जब्त किए गए, जिससे पता चलता है कि समुद्र में भी ये सक्रिय थे। तमिलनाडु और केरल में संगठन की खासी उपस्थिति है, जहाँ PFI सरगनाओं की गिरफ्तारियों के बाद जम कर हिंसा हुई। इस हिंसा में भाजपा-RSS कार्यकर्ताओं और सरकारी संपत्ति को जम कर नुकसान पहुँचाया गया।

सबसे बड़ी बात तो ये कि जो PFI का अध्यक्ष ओमा सलाम है, वो केरल में बिजली विभाग में सरकारी अधिकारी है। उसे निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि वो सरकार से वेतन उठाने के साथ-साथ ही ये संगठन भी चला रहा था और अक्सर विदेश यात्राओं पर जाया करता था। उसके करीबी मोहम्मद इस्माइल के पास से मिली एक डायरी में भारत में गृह युद्ध कराने की साजिश का जिक्र है। संगठन के ‘नाशना सेक्रेटरी’ नजरुद्दीन एलमारम के खिलाफ 2009 से ही 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इससे पहले केंद्र सरकार SIMI नाम के इस्लामी संगठन को बैन कर चुकी है, जिसके अधिकतर लोग PFI का हिस्सा बन गए। ऐसा ही एक कट्टरपंथी है पी कोया। वो PFI का ‘नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल’ का सदस्य था। उसने राजस्थान में गुज्जर और माली समुदाय को भड़का कर अपने इस्लामी एजेंडे को साधा। उसे और उसके करीबी अब्दुल रहिमन (PFI का ‘उपाध्यक्ष’) को अलकायदा से जुड़े तुर्की के संगठन IHH ने आमंत्रित किया था।

ये लोग SIMI से जुड़े ‘करुणा फाउंडेशन’ का भी हिस्सा थे। जहाँ पी कोया 1978-79 में SIMI का सक्रिय सरगना हुआ करता था, वहीं रहिमन 1984 में संगठन का ‘ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी’ था। इसी तरह PFI का एक अन्य सरगना अनीस अहमद जम कर आतंकी संगठन हमास की तारीफ करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि इनके अपराध गिनाने में कई पन्ने लग जाएँगे। साथ ही इनका सामान्य मुस्लिमों के हितों से कोई सरोकार नहीं है।

बैन लगने के बाद भी PFI को Twitter का ब्लू टिक: भारत और हिंदू-विरोधी रवैया है इस सोशल मीडिया साइट की पहचान, लग चुकी है कई बार फटकार

देश विरोधी गतिविधियों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी सोशल मीडिया साइट ट्विटर (Twitter) पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। ट्विटर PFI से जुड़े हैंडल को अभी भी ब्लू टिक देकर उसे एमिनेंट (प्रख्यात) का दर्जा दिए हुए है।

PFI का यह हैंडल कर्नाटक शाखा की है। Popular Front – Karnataka नाम के ट्विटर हैंडल से 27 सितंबर 2022 की रात को PFI के नेताओं को रिलीज करने की माँग भी की गई है। यह वही समस्य है, जब इसके 300 से अधिक नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद केंद्र ने इस पर 5 साल के बैन लगाने का निर्णय लिया।

सरकार द्वारा बैन लगाने के बाद भी कर्नाटक PFI के ट्विटर हैंडल के ब्लू टिक को नहीं हटाने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने ट्विटर के भारत विरोधी रवैए की आलोचना की है। लेखक आनंद रंगनाथन ने भी इसको लेकर ट्विटर की आलोचना की है।

रंगनाथन ने कहा, “यह अविश्वसनीय है कि आतंकी गतिविधियों को लेकर PFI पर प्रतिबंध के बावजूद @Twitter अभी भी @PFIkarnataka को न केवल उसकी सत्यापित (Verified) स्थिति बनाए को बनाए रखा है, बल्कि अपने ही नियमों का उल्लंघन करते हुए भारत विरोधी इस्लामवादी प्रचार भी फैला रहा है।”

बता दें कि मोदी सरकार ने सोशल मीडिया की जवाबदेही तय करने की बात कही थी तो यही ट्विटर कोर्ट में चला गया था। इसके पहले भारत विरोधी कंटेंट को हटाने के लिए भारत सरकार द्वारा बार-बार कहने के बावजूद ट्विटर किसान आंदोलन के समय उन कंटेंट को नहीं हटा रहा था।

इसी साल मार्च में दिल्ली हाईकोर्ट ट्विटर को फटकार चुका है। कोर्ट ने कहा था कि हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने वाले हैंडल को ट्विटर ब्लॉक नहीं करता, जबकि अन्य मजहब के प्रति अगर कोई हैंडल ऐसा करता है तो उस पर वह तुरंत कार्रवाई करता है।

यह वही ट्विटर है, जो वो लद्दाख (Ladakh) को चीन का हिस्सा दिखा चुका है। इसके अलावा B.1.617 को कोरोना का भारतीय वेरिएंट बताने को आगे बढ़ा चुका है और भाजपा नेताओं के कंटेंट्स पर ‘भ्रामक मीडिया’ का टैग लगा चुका है। ट्विटर का यह दोहरा रवैया भारत विरोधी और हिंदू विरोधी दोनों है।

‘महेश भट्ट ने कहा था – तुम्हें भी इंजेक्शन लगा कर सुला देंगे’: अभिनेत्री की मौत की नहीं होगी दोबारा जाँच, CBI की आत्महत्या वाली थ्योरी पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान (Jiah Khan) की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी माँ राबिया खान (Rabia Khan) को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) से बड़ा झटका लगा है। दिवंगत अभिनेत्री की माँ ने अभिनेता सूरज पंचोली (Sooraj Pancholi) पर उनकी बेटी को शारीरिक, मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। वहीं अदालत ने अपने आदेश में CBI की जाँच को सही ठहराते हुए कहा कि जाँच एजेंसी ने हर पहलू से इस मामले की ‘निष्पक्ष और गहन’ जाँच की और पाया कि यह आत्महत्या का मामला है।

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि जिया खान की माँ इसे हत्या का मामला बताकर सुनवाई में विलंब करने की कोशिश कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यायमूर्ति एएस गडकरी और न्यायमूर्ति एमएन जाधव की खंडपीठ ने 12 सितंबर, 2022 को अपने आदेश में यह कहा। इसके साथ ही अदालत ने राबिया खान की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस मामले की नए सिरे से जाँच कराने की माँग की थी।

राबिया ने अपनी याचिका में कहा था कि इस मामले की जाँच अमेरिका की ‘संघीय जाँच एजेंसी (FBI)’ से करवाई जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एफबीआई को मामले की जाँच करने का निर्देश नहीं दे सकते। अदालत के आदेश की विस्तृत प्रति मंगलवार (27 सितंबर, 2022) को उपलब्ध हुई। बता दें कि महज 25 साल की उम्र में 3 जून, 2013 को जिया खान ने आत्महत्या कर ली थी। उनका शव मुंबई के जुहू स्थित घर में मिला था।

उनकी मौत आज भी रहस्य बनी हुई है, लेकिन जिया के बॉयफ्रेंड रहे एक्‍टर सूरज पंचोली पर एक्‍ट्रेस को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इस मामले में सूरज को जेल भी जाना पड़ा था। जिया की माँ के मुताबिक, सलमान खान ने सूरज को काफी सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस की संदिग्ध मौत के मामले में चल रहे ट्रायल को सेशन कोर्ट ने 30 जुलाई, 2021 को सीबीआई की विशेष अदालत को स्थानांतरित कर दिया था।

गौरतलब है कि इससे पहले राबिया खान ने इस मामले में सलमान खान और महेश भट्ट पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि 2015 में एक सीबीआई ऑफिसर ने उन्हें बताया था कि सलमान खान रोज फोन करते थे और पैसे की बात करते थे, वो कहते थे कि लड़के (सूरज पंचोली) से पूछताछ मत करो। वहीं ‘इंडिया टुडे’ को दिए इंटरव्यू में राबिया खान ने बताया था जिया के अंतिम संस्कार पर महेश भट्ट ने उनसे कहा था कि उनकी बेटी (जिया) डिप्रेशन में थी। बकौल राबिया, भट्ट ने उनसे कहा था, “तुम चुप हो जाओ वरना तुम्हें भी इंजेक्शन देकर सुला देंगे।” 

कुछ दिन शांत देख कर नींद में समझा क्या… PFI पर बैन के बाद लोगों को अमित शाह में दिखा ‘पुष्पा’, कहा – मौज कर दी भ्राताश्री: ऐसे मजे ले रहे यूजर्स

भारत सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए मंगलवार (27 सितम्बर, 2022) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) पर बैन लगा दिया। ये संगठन देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है। प्रतिबंध लगते ही सोशल मीडिया पर #PFIBan नाम से हैश टैग ट्रेंड करने लगा। इस ट्रेंड में तमाम चर्चाओं के अलावा कई लोग मीम्स के माध्यम से मज़े लेते हुए अपनी अभिव्यक्ति दर्ज करा रहे हैं।

ट्विटर यूजर संजू सिंह ने @Iamsanjusingh1 हैंडल से एक सूअर की तस्वीर लगाई है, जिसे एक व्यक्ति ने पैरों को पकड़ कर लटकाया हुआ है। इस फोटो में सुअर के ऊपर PFI और उसे लटकाने वाले के ऊपर मोदी लिखा हुआ है। इसी के साथ संजू सिंह ने लिखा, “क्या आप जानते हैं मोदी सरकार ने PFI को 5 साल के लिए बैन कर दिया है।”

फर्स्टपोस्ट की स्तम्भकार मोनीदीपा बोस ने एक ट्वीट में बरनॉल की फोटो शेयर की है। ये फोटो बरनॉल के पुराने विज्ञापन की है जिसमें लिखा है, “जले के ज़ख्म का ख़ास इलाज’।

राणा रमण दस ने एक फौजी के बूट के नीचे दबे एक जानवर की तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में फौजी के पैरों पर NIA और दबे हुए जानवर के मुँह पर PFI लिखा हुआ है।

बजरंग दल के प्रिंस ने अमित शाह की तस्वीर ‘पुष्पा’ फिल्म की स्टाइल में पोस्ट की है। इस तस्वीर में अमित शाह 2 मुद्राओं में हैं जिसमें लिखा है, “कुछ दिन शाँत देख कर नींद में हूँ समझा क्या ? धमाके की तैयारी कर रहा था मैं।”

जस्मीन कौर ने अपने ट्वीट में सुअर का शिकार करते शेर की फोटो लगाई है। इस फोटो में शेर के ऊपर मोदी और सूअर पर PFI लिखा हुआ है। तस्वीर के साथ जसमीन ने लिखा, “15 साल देश विरोधी हरकतें करने के बाद आखिरकार PFI भारत में बैन हुआ।”

@_troll_10 ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक कब्र के ऊपर PFI लिखा फोटो डाला है जिसमें मोदी और अमित शाह उस कब्र के बगल दिखाई दे रहे हैं। इस ट्वीट में कैप्शन दिया गया, “भारत के ISIS और अल कायदा का आधिकारिक अंत हुआ।”

सावंत दीक्षित ने अपने ट्विटर हैंडल पर रामायण धारावाहिक वाले रावण की तस्वीर डाली है। इस तस्वीर में रावण कह रहा है, “यही बात तो हम सुनना चाहते थे तुम्हारे मुँह से।” सावंत ने फोटो में लिखी बात को भारत की सरकार को जनता की माँग बताया।

केतन गर्ग ने भी रामायण के मेघनाद का दृश्य ट्वीट किया है। इस दृश्य में मेघनाद की फोटो पर लिखा हुआ है, “मौज कर दी भ्राता श्री।” केतन ने लिखा, “किसी धर्म से नफरत मत करो लेकिन दुनिया में कहीं भी फैले आतंक का सामना करो क्योंकि ये जरूरी हो गया है।”

पति को मारा, कुल्हाड़ी से प्राइवेट पार्ट भी काटा और रात भर साथ में सोई… काली और बदसूरत कहने की ‘सजा’

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खुद को बदसूरत कहे जाने से नाराज एक पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी है। हत्या के लिए कुल्हाड़ी का प्रयोग किया गया है। अरोपिता संगीता सोनवानी ने गुस्से में अपने पति अनंत का प्राइवेट पार्ट भी काट दिया। पुलिस ने कुल्हाड़ी बरामद करते हुए आरोपित पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (25 सितम्बर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना अमलेश्वर थानाक्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक घटना के दिन किसी बात को लेकर पति-पत्नी में बहस हुई थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पति अनंत ने अपनी पत्नी संगीता को काली और बदसूरत कह दिया। संगीता इस बात से काफी नाराज हो गईं और उसने कुल्हाड़ी उठा कर अनंत की हत्या कर दी। गुस्से में संगीता ने अनंत का प्राइवेट पार्ट भी काट दिया। मृतक की उम्र 40 वर्ष थी।

मिली जानकारी के मुताबिक पति की हत्या के बाद संगीता रात भर लाश के साथ बंद कमरे में सोती रहीं। अगले दिन खुद ही संगीता ने गाँव वालों को बताया कि उनके पति की हत्या हो चुकी है। ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी, जिसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की। अपनी जाँच के दौरान पुलिस को संगीता के बयानों पर शक हुआ। इस के बाद संगीता से कड़ी पूछताछ की गई।

पुलिस का कहना है कि पहले तो संगीता इधर-उधर की बातें करके गुमराह करती रही लेकिन बाद में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। संगीता ने अपने पति की हत्या की वजह खुद को बदसूरत और काली कहना बताया। उन्होंने ये भी बताया कि वो अनंत की दूसरी पत्नी हैं।

संगीता के मुताबिक अनंत की पहली पत्नी दुनिया में नहीं हैं, जिनसे 12 साल का एक बेटा भी है। खुद संगीता की 4 माह की एक बेटी है। संगीता को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी देवांश राठौर के मुताबिक संगीता पर IPC की धारा 302 के तहत कार्रवाई की गई है।

‘मोर्चे पर सैनिक, घर बुलाकर उसके दोस्तों से सेक्स करती है बीवी’: एकता और शोभा कपूर की गिरफ्तारी का निकला वारंट

वेब सीरीज ट्रिपल-X में सेना का अपमान करने के आरोप में बिहार के बेगूसराय की अदालत ने प्रोड्यूसर एकता कपूर (Ekta Kapoor) और उनकी माँ शोभा कपूर (Shobha Kapoor) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बेगूसराय के अधिवक्ता ऋषिकेश पाठक ने अदालत को बताया कि एकता कपूर और शोभा कपूर ने एक घटिया वेब सीरीज बनाया, जिसमें भारतीय सैनिकों का अपमान किया गया है।

उन्होंने कहा, “इस वेब सीरीज में दिखाया गया है कि देश की रक्षा करने वाले सेना के जवान जब ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, तब उनकी पत्नी अपने दोस्तों को घर पर बुलाकर उन्हें सेना की वर्दी पहनाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाती हैं।” अधिवक्ता पाठक के मुताबिक, विभिन्न जिलों में इस वेब सीरीज के निर्माताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी क्रम में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के शंभू कुमार ने भी बेगूसराय कोर्ट में 2021 में मुकदमा दर्ज कराया था।

दो साल पहले एकता कपूर के खिलाफ मुंबई, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। ट्रिपल-X को लेकर शहीद कल्याण फाउंडेशन के अध्यक्ष मेजर टीसी राव ने पालम विहार थाने में एकता कपूर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मेजर टीसी राव ने कहा था कि सेना के जवान देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हैं, लेकिन इस वेब सीरीज के निर्माता और निर्देशक ने दर्शाया है कि सेना के जवान जब सीमाओं पर सेवा करते हैं, तब उस वक्त उनकी पत्नियाँ घर पर अन्य पुरुषों के साथ अंतरंग संबंध बनाती है।

गौरतलब है कि साल 2020 में बिग बॉस-13 के प्रतिभागी रहे विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ ने प्रोड्यूसर एकता कपूर के खिलाफ मुंबई के खार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में एकता कपूर पर वेब सीरीज के माध्यम से सेना का अपमान करने का आरोप लगाया था। भाऊ ने आरोप लगाया था कि एकता कपूर ने अपनी वेब सीरीज में देश के जवान और उसकी वर्दी का मजाक बनाया है। भाऊ ने इस कृत्य के लिए एकता कपूर और उनकी माँ शोभा कपूर को इंडियन आर्मी से माफी माँगने के लिए भी कहा था।

बंगाल का एक दुर्गा पूजा पंडाल ऐसा भी: याद उनकी जो चुनाव बाद मार डाले गए, सुनाई देगी माँ की रुदन

दुर्गा पूजा में अलग-अलग थीम के पंडाल के तैयार किए जाते हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार एक पूजा पंडाल उन लोगों की याद में तैयार किया गया है जो विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा में मार डाले गए थे। इस आयोजन से बीजेपी कार्यकर्ता रहे अभिजीत सरकार के परिजन भी जुड़े हैं। सरकार की भी हत्या कर दी गई थी।

यह विशेष पंडाल कोलकाता में बनाया गया है। इस पंडाल में काले कपड़े का उपयोग किया गया है। पिछले साल चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों की याद में पूजा हो रही रही है। रिपोर्ट के अनुसार मंत्रों या तेज ध्वनि वाली संगीत की जगह इस पंडाल में संतानों की हत्या पर माँ की रुदन सुनाई देगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता के कांकुरगाछी में चुनाव बाद हुई हिंसा की थीम पर यह पंडाल बनाया गया है। पूजा का आयोजन सरस्वती काली माता मंदिर परिषद क्लब ने किया है। यह क्लब सरस्वती और काली पूजा के साथ दुर्गा पूजा भी मनाता है। थीम का नाम ‘मायेदर कान्ना, रक्तात बंगाल’ (माँ का रुदन और रक्तरंजित बंगाल) रखा गया है।

गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजे घोषित होने के बाद मई में टीएमसी के गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने 2020 में इस क्लब की स्थापना की थी। वे इस पूजा के आयोजकों में से एक थे। अब अभिजीत के भाई बिस्वजीत सरकार पूजा के प्रभारी हैं। लेकिन अभिजीत की मौत के बाद परिवार के लिए बहुत कुछ बदल गया है। आयोजकों ने शोक प्रकट करने के लिए पूजा पंडाल में काला कपड़ा लगाया है और माँ दुर्गा की मूर्ति अंधेरे में रखी है।

बिस्वजीत ने भावुक होते हुए कहा, “जश्न हमारे लिए या उन लोगों के लिए कोई मायने नहीं रखता, जिन्होंने देखा है कि मेरे भाई को यहाँ कैसे मारा गया। लोगों को याद है कि कैसे उसे घसीटा गया और बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। 2020 में वह माँ दुर्गा की पूजा करने के लिए बहुत उत्साहित था। उसने ही पूजा की सभी व्यवस्थाएँ की थीं। हम उसके जाने से अभी भी दुखी हैं। बंगाल में दुर्गा पूजा एक सामाजिक संदेश देने के लिए मनाया जाता है। इस पूजा के माध्यम से हम चुनावी हिंसा में मारे गए लोगों का दुख मना रहे हैं।”

बता दें कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित होते ही मतगणना वाले दिन न सिर्फ भाजपा प्रत्याशियों पर हमले हुए, बल्कि पार्टी के दफ्तरों को जलाया गया और हत्या भी हुई। 2 मई 2021 को अभिजीत सरकार ने TMC के गुंडों की हरकतों के बारे में बताया था, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। अभिजीत सरकार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात रखी थी। उन्हें पता भी नहीं था कि फेसबुक पर लाइव कैसे आते हैं, लेकिन उन्होंने किसी तरह वीडियो बनाया और बताया कि TMC के गुंडे लगातार बमबारी कर रहे थे और उन्होंने उनके घर और दफ्तर को तहस-नहस कर डाला। उन्होंने कहा था कि उनकी एक ही गलती है कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं।

मूर्तिपूजकों को जहाँ देखो, वहीं लड़ो-काटो… ऐसे बनाओ IED बम: PFI पर 5 साल का बैन क्यों लगा, पढ़िए इसके कुकर्मों की पूरी लिस्ट

एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारत सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं पर बैन लगा दिया है। प्रतिबंध की अवधि 5 साल रखी गई है। केंद्र सरकार ने PFI को देश विरोधी और गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया है, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है।

अपने आदेश में मोदी सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। गृह मंत्रालय द्वारा यह निर्णय मंगलवार (27 सितम्बर 2022) को लिया गया है।

गृह मंत्रालय द्वारा इस आदेश की अधिसूचना जारी करते हुए बताया गया है कि PFI देश के अलग-अलग हिस्सों में देश विरोधी हरकतें कर रही थी। मंत्रालय का मानना है कि इस संगठन के कैडर अपनी गैर-कानूनी हरकतों को दोहराते जा रहे थे।

PFI के साथ उससे जुड़े जिन अन्य संगठनो को बैन किया गया है, वो हैं:

  • रिहैब इंडिया फॉउंडेशन (Rehab India Foundation)
  • कैम्पस फ्रंट ऑफ़ इंडिया (Campus Front of India)
  • ऑल इंडिया इमाम कॉउन्सिल (All India Imams Council)
  • नेशनल कंफेडरेशन ऑफ़ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (National Confederation of Human Rights Organization)
  • नेशनल वीमेंस फ्रंट (National Women’s Front)
  • नेशनल जूनियर फ्रंट (National Junior Front)
  • एम्पावर इंडिया फॉउंडेशन (Empower India Foundation)
  • रिहैब फॉउंडेशन केरल (Rehab Foundation Kerala)

गृह मंत्रालय का मानना है कि जाँच के दौरान इन सभी संगठनों के PFI से कनेक्शन पाए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि PFI अपनी सहयोगी संस्थाओं की मदद से मुस्लिम छात्रों, महिलाओं, वकीलों और इमामों के बीच अपनी पैठ बनाता था। मंत्रालय का मानना है कि PFI की सहयोगी संस्थाएँ फंड जुटाने में भी उसकी मदद करती थीं।

बैन करने वाले आदेश में PFI को जड़ और बैन की गई अन्य सहयोगी संस्थाओं को सिरा की संज्ञा दी गई है। इसी आदेश में बताया गया है कि PFI के कैडर देश के संवैधानिक ढाँचे के प्रति अनादर का भाव रखते हैं।

कैसे PFI हिंदुओं से नफरत वाली मानसिकता घोलता है, कहाँ से फंडिंग – सब रिकॉर्ड में है

PFI के कुकर्मों की लिस्ट:

  • PFI और इसके कैडरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 1300 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज हैं।
  • PFI के संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से रहे हैं। इसके कैडर (खासकर केरल से) ISIS की तरफ से लड़ने के लिए सीरिया, इराक, अफगानिस्तान तक गए हैं।
  • PFI और इसके कैडरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 1300 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज हैं।
  • PFI के संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से रहे हैं। इसके कैडर (खासकर केरल से) ISIS की तरफ से लड़ने के लिए सीरिया, इराक, अफगानिस्तान तक गए हैं।
  • PFI खुद को सामाजिक संगठन कहता है लेकिन RSS कार्यकर्ताओं की हत्या तक में PFI कैडरों का हाथ रहा है। इन लोगों ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में कई हत्याएँ की हैं। प्रोफसर का हाथ भी PFI कैडरों ने ही काटा था।
  • केरल के जंगलों में PFI कैडरों ने मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप बना रखी थी।
  • खतरनाक हथियार और गोला-बारूद रखने के मामले में PFI के 41 कैडरों को कोर्ट ने सजा भी सुनाई है।
  • भारत के कई राज्यों और विदेशों से PFI को फंडिंग होती है। इसके 100 से अधिक बैंक खाते और खाता-धारकों की आर्थिक स्थिति में गंभीर भिन्नता पाई गई।
  • केरल के जंगलों जैसा मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप तेलंगाना में भी। गरीब और मध्यम आय वर्ग के मुस्लिम लड़कों को हिंदू-विरोधी मानसिकता के साथ PFI ट्रेनिंग देता है।

PFI के ठिकानों पर रेड से क्या-क्या मिला:

PFI के ठिकानों पर रेड से मिले जहरीले माल का एक हिस्सा मात्र
  • सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मोहम्मद नदीम नाम के आरोपित के घर से IED विस्फोटक बनाने का पर्चा मिला।
  • लखनऊ के खदरा से गिरफ्तार किए गए अहमद बेग नदवी के पास से विस्फोटक बनाने की प्रयोग विधि मिली। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह विस्फोटक बनाने का शॉर्ट कोर्स था। इस पर्चे की शुरुआत में कुरान की आयत का जिक्र था, जो युद्ध के दौरान लड़ाकों के लिए प्रयोग हुई थी। इसमें मूर्तिपूजकों से उनको देखते ही काट डालने तक की नफरत से शुरुआत की गई है। नीचे विस्फोटक बनाने की पूरी विधि के साथ पर्चे के अंत में PFI का झंडा और दिल्ली के कालिंदी कुंज स्थित मुख्यालय का पता लिखा हुआ था। पर्चे में विस्फोटक बनाने में सभी चीजों और उनके प्रयोग के स्थान भी दर्ज थे।
  • तमिलनाडु में बरकतुल्लाह के घर हुई थी। वहाँ से सुरक्षा एजेंसियों ने 2 लॉरेंस डिवाइस बरामद की थी। ये वायरलेस सेट नुमा सामान है। हालाँकि इसके प्रयोग की विधि के बारे में नहीं बताया गया है।
  • बंगलौर के शाहिद खान के घर पर रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था। इस कैश में 500 और 2000 की नोट शामिल थे।
  • कोलकाता में PFI के ऑफिस पर हुई छापेमारी में गाइडलाइन देती किताबें बरामद हुईं थीं।
  • महाराष्ट्र में हुई छापेमारी के दौरान PFI के प्रदेश अध्यक्ष इरफ़ान मिल्ली के घर से PFI की टी शर्ट और उसी से संबंधित किताबें भी मिली थीं।
  • इसके अतिरिक्त सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उन्हें ISIS और गज़वा-ए-हिन्द से जुड़े साहित्य के साथ भड़काऊ CD भी मिली हैं। सुरक्षा एजेंसियों का ये भी मानना है कि छापेमारी की भनक लगते ही आरोपितों द्वारा कई सबूत नष्ट कर दिए गए हैं।