Home Blog Page 2581

‘खाते दरगाह की हैं, दुकान नूपुर शर्मा के समर्थन में बंद करते हैं’: अजमेर के एक और चिश्ती का भड़काऊ बयान, कहा- मुस्लिम बर्दाश्त नहीं करेगा, भारत हिल जाएगा

अजमेर दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती ने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा का सिर काट कर लाने वाले को अपना मकान देने का ऐलान कर डाला। अजमेर की दरगाह शरीफ मैनेजमेंट कमिटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने कई टीवी चैनलों में घूम-घूम कर कहा कि वो इस बयान का समर्थन नहीं करते, लेकिन खुद के भड़काऊ बयानों पर सवाल पूछे जाने पर मर्यादा लाँघ दी। उन्होंने पूछा, “तुम्हारे बाप का नौकर हूँ क्या?”

इससे पहले उन्होंने कहा था, “आज जो अजमेर शहर में हिन्दू भाई जुलूस निकाल रहे हैं, हमने तो पिछले जुमे को निकाला था जब हमारे पैगंबर मुहम्मद की शान में गुस्ताखी की गई थी। हमारे पास तो इसका वाजिब कारण है। हम तो किसी के देवी-देवताओं की बेइज्जती नहीं करते। हमने नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की माँग की थी, इस बात का जुलूस था। आप किस बात के लिए जुलूस निकाल रहे हैं? ये नूपुर शर्मा के समर्थन में जुलूस निकाला गया था, लेकिन अंत समय में पोस्टर-बैनर बदल दिया गया।

सैयस सरवर चिश्ती ने कहा था कि इसका अर्थ है कि कोई हमारे नबी की शान में गुस्ताखी करेगा और हम गिरफ़्तारी की माँग करेंगे तो आप उसके साथ एकता दिखाएँगे? उन्होंने यहाँ तक दावा कर डाला कि हिन्दुओं ने हमारे जले पर नमक छिड़का है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को पूरी दुनिया मानती है, ऐसे में इस जुलूस से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम इन चीजों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने बाजार की दुकानें बंद होने पर भी हिन्दुओं पर निशाना साधा और कहा कि प्रशासन ने उन्हें जो आज़ादी दी, इसका उन्हें बहुत अफ़सोस हुआ है और ये दुकानदार दरगाह की खाते हैं और फिर नूपुर शर्मा के समर्थन में दुकान बंद करते हैं। उन्होंने प्रशासन पर इस जुलूस की अनुमति के लिए निशाना साधा, भले ही वो मौन जुलूस ही हो। उन्होंने कहा कि जिस औरत ने हमारे नबी की शान में गुस्ताखी की, उसको गिरफ्तार करने की माँग के खिलाफ उसके साथ एकता दर्शाने की माँग से हमारी भावनाएँ आहत हुई हैं।

वहीं सलमान चिश्ती के बयान पर सैयद सरवर चिश्ती ने कहा कि वो हिस्ट्रीशीटर है, ड्रग्स का आदी है और पागल है। उन्होंने इस बयान को दरगाह से न जोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि दरगाह के सभी लोगों ने इसकी निंदा की है। उन्होंने इस दरगाह को सूफीवाद का प्रतीक बताते हुए कहा कि खादिम दूसरे धर्म के जुलूस पर भी फूल बरसाते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब कह दिया कि देश में कलह के लिए, उदयपुर में हत्याकांड के लिए नूपुर शर्मा को जिम्मेदार ठहराया है, ऐसे में दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार न कर के उनके लिए रेड कारपेट क्यों बिछाया?

उनसे दरगाह के सामने गौहर चिश्ती द्वारा ‘सर तन से जुदा’ के नारे पर कहा कि ये पूरी तरह गलत है और इस्लाम में इसकी कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन इसे उदयपुर की घटना से जोड़ना गलत है। उन्होंने मुस्लिमों की हत्याओं के लिए धर्म सभाओं में त्रिशूल बाँटे जाने को पूरा हिन्दू समुदाय सेलिब्रेट किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कठुआ के बलात्कारियों को माला पहना कर स्वागत किया। हालाँकि, फिर उन्होंने पूरे हिन्दू समुदाय को लपेटने वाले बयान पर कह दिया कि वो अपने शब्द वापस ले रहे हैं।

वहीं जब उनसे पूछा गया कि नूपुर शर्मा ने अपने शब्द वापस ले लिए हाँ, तो उन्होंने पूछा कि उनकी गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई? उन्होंने ‘इंडिया टीवी’ के एंकर सौरभ शर्मा से बात करते हुए कहा कि ‘आपकी कम्युनिटी’ ने नूपुर शर्मा का समर्थन किया। वहीं शिवलिंग के अपमान पर उन्होंने कहा कि इस्लाम में इसकी सख्ती से मनाही है और हम ऐसे नहीं करते। इससे पहले एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि जायरीनों की बदौलत कमाने वाले दुकानदारों की इतनी हिम्मत हो गई कि वो नूपुर शर्मा के समर्थन में दुकानें बंद कर रहे हैं, इन्हें धंधा के लिए तरसा दें।

इससे पहले सैयद सरवर चिश्ती का एक और बयान वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्लिम ऐसा अभियान चलाएँगे कि भारत हिल जाएगा। उन्होंने कहा कि नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ हमें कार्य करना होगा। बता दें कि सलमान चिश्ती को उसके भड़काऊ बयान के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है। उदयपुर के साथ-साथ अमरावती में भी जिहादियों द्वारा नूपुर शर्मा के समर्थन के लिए की गई हत्याओं से देश अभी उबरा नहीं है।

तलवार लहराते स्कूल में घुसा अकबर, शिक्षकों को गाली-गलौज कर धमकाया: रिपोर्ट में बताया- बच्चे को ड्रेस-किताब का पैसा नहीं मिलने से था नाराज

बिहार के अररिया जिले में भगवानपुर पंचायत के एक विद्यालय में मंगलवार (5 जुलाई, 2022) को ड्रेस और किताब की राशि नहीं मिलने पर तलवार लहराते हुए खाली बदन लुंगी पहने एक व्यक्ति स्कूल जा पहुँचा। इतना ही नहीं बल्कि तलवार लहराते हुए स्कूल के हेडमास्टर को गाली देने के साथ तलवार से काट देने की धमकी देने लगा। यह घटना तब घाटी जब विद्यालय में शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे।

मामला उस समय संज्ञान में आया जब इस अजीबोगरीब दहशत भरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, खुलेआम तलवार लहराने वाले व्यक्ति का नाम अकबर बताया जा रहा है।

जहाँ दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अकबर के बच्चे उस विद्यालय में पढ़ते हैं। लेकिन अब तक उसके बच्चे को किताब और ड्रेस की राशि नहीं मिल पाई है। इस वजह से अकबर गुस्से में तलवार लेकर स्कूल पहुँच गया और शिक्षकों को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा।

दैनिक भास्कर की खबर का स्क्रीनशॉट

अकबर यहीं नहीं रुका बल्कि उसने शिक्षकों को धमकी देते हुए कहा कि उसके बच्चे को 24 घंटे के अंदर पैसा चाहिए। वहीं इस मामले में स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि अकबर शिक्षकों से पैसे की माँग कर रहा था। इधर विद्यालय के हेडमास्टर मोहम्मद जहाँगीर आलम ने जोकीहाट के बीईओ को पूरे घटनाक्रम के बारे में फोन पर सूचना दे दी है।

वहीं एक दूसरी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला रंगदारी का लग रहा है। इस मामले में हेडमास्टर मोहम्मद जहाँगीर आलम ने अकबर के खिलाफ FIR दर्ज करवाते हुए लिखा है कि स्कूल के बगल में ही रहने वाले अकबर नामक व्यक्ति करीब एक साल पहले से स्कूल के अध्यापकों के साथ गाली-ग्लौज कर मिड डे मील का सामान, रूपया-पैसा देने की जोर जबरदस्ती के बल पर माँग करता आ रहा है। उन्होंने अकबर पर स्कूल के सामानों की चोरी कर बाजार में बेच देने का भी आरोप लगाया है।

पूरे मामले के बारे में FIR में जानकारी देते हुए हेडमास्टर जहाँगीर आलम ने घटना के संदर्भ में ने लिखा कि 05 जुलाई को जीतू चौक पर स्कूल के वेंडर याकूब के किराना दुकान पर अंडा की खरीददारी के लिए पहुँचा था। उसी समय अकबर पहुँच कर दुकान पर गाली-ग्लौज कर 50 हजार रुपए रंगदारी स्वरूप माँगने लगा। यहाँ तक कि याकूब को भी धमकी देने लगा और जेब में रखे पैसे को जबरदस्ती लूटकर जान से मारने की धमकी देते हुए घर दौड़ कर चला गया और घर से तलवार लेकर बीच रास्ते मे बैठ गया।

उन्होंने लिखा कि अंडा की खरीददारी के बाद स्कूल लौटने के क्रम में देखते ही जान मारने की धमकी देते हुए अकबर तलवार लेकर दौड़ पड़ा, जिसके बाद हेडमास्टर वापस याकूब के किराना के दुकान पर पहुँचकर, लोगों के मौके पर इकठ्ठा हो जाने से जान बच आने की बात उन्होंने आवेदन में कही है। हेडमास्टर जहाँगीर आलम ने अकबर पर तलवार से काटकर जीवन बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

वहीं इस मामले में जोकीहाट थाना पुलिस ने कहा है कि विद्यालय की तरफ से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और वायरल वीडियो की भी जाँच की जा रही है। मामले की जाँच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

48 की उम्र में दोबारा दूल्हा बनेंगे भगवंत मान, CM आवास में राघव चड्ढा कर रहे शादी की तैयारियाँ: जानिए कौन हैं होने वाली पत्नी डॉ गुरप्रीत कौर

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान डॉक्टर गुरप्रीत कौर के साथ शादी रचाने जा रहे हैं। अपनी पहली पत्नी से वो 6 वर्ष पूर्व ही अलग हो चुके हैं। शादी का ये कार्यक्रम गुरुवार (6 जून, 2022) को चंडीगढ़ में होगा, जिसमें ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी उपस्थित रहेंगे। भगवंत मान की पहली पत्नी और बच्चे अमेरिका में रहते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद उनके बच्चों को उनके साथ देखा भी गया था।

शपथग्रहण समारोह में उनके दोनों बच्चे मौजूद रहे थे। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के माँ की ख्वाहिश थी कि उनका बेटा फिर से घर बसाए, इसीलिए उन्होंने दूसरी शादी का निर्णय लिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनके लिए लड़की उनकी माँ और बहन ने ही चुनी है। एक सादे समारोह में शादी की बात कही जा रही है, जिसमें परिजनों के अलावा खास लोग ही शामिल होंगे। भगवंत मान ने कानूनी रूप से अपनी पहली पत्नी से तलाक की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

2016 में ही भगवंत मान और उनकी पहली पत्नी इंदरप्रीत कौर अलग हो गए थे। 2011 में राजनीति में आए कॉमेडियन भगवंत मान 2014 में AAP के टिकट पर पहली बार संगरूर से सांसद बने थे। उस दौरान उनकी पहली पत्नी ने उनके लिए प्रचार भी किया था। बीच में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 2019 में मान ने दोबारा लोकसभा के लिए जीत दर्ज की। 16 मार्च, 2022 को उन्होंने बतौर CM शपथ ली उन्होंने संगरूर से धुरी से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीते।

शपथग्रहण समारोह में उनके बेटे और बेटी को भी देखा गया था। भगवंत मान का कहना था कि वो राजनीति की वजह से अपने परिवार को समय नहीं दे पाए, इसीलिए उनकी पत्नी ने उसे दूरी बना ली। सोशल मीडिया पर उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने पंजाब को परिवार के ऊपर चुना, इसीलिए उनका तलाक हुआ। मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में ही शादी समारोह होगा। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा शादी की तैयारियाँ देख रहे हैं, जिसे अब तक गुप्त रखा गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने-अपने परिवार के साथ वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए पंजाब आएँगे। शादी के आयोजन का खर्च भगवंत मान ही उठा रहे हैं। दूल्हे और दुल्हन दोनों सिख हैं, ऐसे में सिख रीति-रिवाज से ही ये शादी होगी। दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। मान की बहन मनप्रीत और गुरप्रीत कई बार साथ में शॉपिंग भी करती हैं। भगवंत मान ने अपनी पहली पत्नी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि उन्होंने बेटे दिलशान और बेटी सीरत का अच्छे से पालन-पोषण किया।

पति के सपने में आई ‘वो’, सोते में पत्नी ने डाल दिया खौलता पानी: हाथ-पीठ, प्राइवेट पार्ट बुरी तरह जले

पति-पत्नी में विवाद आम बात है। कई बार विवाद हिंसक मोड़ भी ले लेता है। लेकिन सपने को लेकर पति-पत्नी में झगड़े की बात आपने शायद ही सुनी हो। बोलीविया के ला पाज शहर में एक महिला ने अपने पति के ऊपर गर्म पानी उस वक्त उड़ेल दिया, जब वो सो रहा था। वजह, उसके पति के सपनों में कोई और महिला आ गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार महिला ने अपने पति के ऊपर सिर्फ इसलिए खौलता हुआ पानी डाल दिया, क्योंकि सोते हुए वह किसी दूसरी महिला के सपने देख रहा था। गर्म पानी के कारण पति के हाथ, पीठ, प्राइवेट पार्ट और शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह से जल गए। घटना के बाद से पति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

महिला के मुताबिक उसका 45 साल का पति नींद में किसी दूसरी महिला के लिए अपना प्यार बयाँ कर रहा था। साथ में सोई उसकी पत्नी को जैसे ही इसकी भनक लगी, उसने पति को कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप किचन में गई और पतीले में पानी को खौलाया। खौलता हुआ पानी लेकर वो आई और अपने पति पर नींद में ही उड़ेल दिया। महिला का कहना है कि उसने गुस्से में ऐसा किया, क्योंकि पति नींद में किसी और का ख्वाब देख रहा था।

TN International के मुताबिक ये साफ नहीं है कि खुद महिला के पति ने ये घटना पुलिस को बताई या फिर पड़ोसियों ने उसकी चीख सुनने के रिपोर्ट की। ला पाज की स्पेशल क्राइम फाइटिंग फोर्स के डिप्टी डायरेक्टर जुआन जोस डोनेयर के मुताबिक महिला एक बार पहले भी अपने पति पर शराब छिड़क कर उसे आग के हवाले करने की कोशिश कर चुकी है। हालाँकि तब उसने ऐसा क्यों किया था यह स्पष्ट नहीं है।

नूपुर शर्मा को कुछ हुआ तो क्या जस्टिस सूर्यकांत और परदीवाला होंगे जिम्मेदार: सुप्रीम कोर्ट से सवाल, गौ महासभा ने दायर किया नया हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों द्वारा नुपूर शर्मा पर की गई टिप्पणी के बाद न्यायालय में चीफ जस्टिस के समक्ष गौ महासभा के प्रमुख अजय गौतम ने एक हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामे में बताया गया है कि आखिर किस तरह नुपूर शर्मा का न्यायपालिका से गुहार लगाना जायज था लेकिन उनके ऊपर जजों द्वारा की गई टिप्पणियाँ नाजायज थीं। अपने हलफनामे से पहले अजय गौतम ने एक याचिका दायर की थी उसमें भी माँग की गई थी कि न्यायधीश अपने बयानों को वापिस लें। अब न्यायालय में दायर किए गए इस ताजा हलफनामे में केस से जुड़ी विस्तृत जानकारी और वाजिब सवाल हैं।

अपने हलफनामें में याचिकाकर्ता ने नुपूर शर्मा केस के पूरे घटनाक्रम को बिंदुवार ढंग से बताते हुए पूछा कि आखिर बिन किसी ट्रायल या अपील के कोर्ट ने अपने निष्कर्ष कैसे निकाल सकते हैं कि उदयपुर हत्या की असली आरोपित नुपूर हैं। उन्होंने पूछा क्या नुपूर दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों और लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या जैसी घटनाओं का उदाहरण देकर पूछा क्या उसके पीछे भी नुपूर शर्मा ही हैं।

अजय गौतम के हलफनामे में सवाल किया गया है कि जिस तरह दोनों जजों ने कन्हैयालाल की हत्या को जस्टिफाई किया है, वैसे में अगर नुपूर शर्मा के साथ कुछ भी गलत हुआ तो उसका जिम्मेदार क्या जस्टिस सूर्यकांत और जेबी परदीवाला को ठहराया जाएगा। क्या अगर जजों की टिप्पणी के बाद कोई ईंशनिंदा के लिए कोई किसी को आहत करेगा तो उसके लिए दोनों जज जिम्मेदार कहे जाएँगे?

हलफनामे में ये भी कहा गया कि जजों बयान से देश में सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है। जो मामला अब तक शांत था वो इस टिप्पणी के बाद देश में आरोप-प्रत्यारोप का खेल बन गया है। अगर इसी तरह बयानबाजी करनी थी तो कोर्ट में जज होने की बजाय इन लोगों को राजनेता होना चाहिए था। हलफनामे में ये भी पूछा गया कि क्या जजों के पास ऐसे बयान देने का अधिकार है? अगर नहीं तो फिर इस प्रकार न्यााय पालिका की शक्तियों का दुरुपयोग करके क्यों देश को ऐसी स्थिति में ला दिया गया है जो देश में दंगे तक करवा सकते हैं।

इसमें कहा गया कि दोनों न्यायधीशों ने पहले ही ये सोचा हुआ था कि नुपूर शर्मा के बारे में उन्हें क्या कहना है जबकि हकीकत है कि देश में हो रही हत्याओं के लिए नुपूर शर्मा नहीं बल्कि तालिबानी सोच जिम्मेदार है जो देश में पनपने लगी है।

आगे के हलफनामे में वो तमाम जहरीले बयान उदाहरण के तौर पर दिए गए हैं जिन्हें आजतक कट्टरपंथी खुलेआम देते रहे हैं लेकिन उनपर कार्रवाई नहीं होती। इस लिस्ट में अकबरुद्दीन ओवैसी का वो बयना भी है जिसमें उसने हिंदू देवताओं का अपमान किया और कहा कि वो लोग 15 मिनट में हिंदुओं को देश से साफ कर देंगे। इसी तरह जामा मस्जिद के इमाम पर 50 से ज्यादा एफआईआर हुई मगर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

याचिकाकर्ता ने अपने हलफनामें में कहा कि उनके पास इस मामले में जरूरी कार्रवाई के लिए भारत के चीफ जस्टिस से गुहार लगाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। उनका अनुरोध है कि उनकी याचिका पर गौर किया जाए और जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस परदीवाला को उनका बयान वापस लेने के लिए निर्देश दिए जाएँ। इसके अलावा नुपूर शर्मा की याचिका पर चीफ जस्टिस स्वत: संज्ञान लेकर सभी मामलों को एक जगह जोड़ दें और कोई भी ऐसा निर्देश दे दें जो तथ्यों और परिस्थितियों को भाँपते हुए उचित लगे।

खुद को क्लीन चिट, Razorpay पर मढ़ दिया सारा दोष: विदेशी चंदे पर AltNews की नई कारस्तानी, कई अन्य माध्यमों से भी लेता है डोनेशन

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज (AltNews) ने मंगलवार (5 जुलाई, 2022) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक बयान साझा कर खुद को क्लीन चिट देने की कोशिश की। ​कथित फैक्ट चेक वेबसाइट ने इसमें पेमेंट गेटवे फर्म रेजरपे (Razorpay) को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया कि उसने मनमाने ढंग से काम किया। ऑल्ट न्यूज ने अपने बयान में यह भी दावा कि उसके दानदाताओं संबंधी डेटा को उसकी जानकारी के बिना ही पेमेंट गेटवे रेजरपे ने पुलिस के साथ साझा किया था। पुलिस के अनुरोध के बाद रेजरपे ने अपने मंच पर ऑल्ट न्यूज के खाते को निष्क्रिय कर दिया था और बाद में इसे फिर से चालू कर दिया था।

ऑल्ट न्यूज ने कहा, “दान मंच ने उन्हें सूचित किया था कि कुछ स्पष्टता मिलने के बाद उनका खाता फिर से सक्रिय कर दिया गया है। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह स्पष्टता क्या है।”

इसके बाद ऑल्ट न्यूज ने यह दावा करते हुए खुद को क्लीन चिट दे दी कि अगर रेजरपे ने ऑल्ट न्यूज को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया होता, तो वे फिर से उनके खाते को ​एक्टिव नहीं करते। उनका दावा है कि रेजरपे ने अपने खाते को फिर से सक्रिय किया, यह इस बात का सबूत था कि वे मंच के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं कर रहे थे। ऑल्ट न्यूज ने फिर ‘दोहराया’ कि वे केवल भारतीय बैंकों के माध्यम से पैसा ले सकते हैं। विदेशी क्रेडिट कार्ड कभी भी रेजरपे के बैकएंड पर चालू नहीं थे। उन्होंने ये सब बताकर यह साबित करने की कोशिश की कि उन्हें विदेशों से कोई फंडिंग नहीं हुई है।

ऑल्ट न्यूज ने दावा किया कि विदेशों से मिलने वाले फंड की खबरें झूठी थीं। उसने अपने बयान के जरिए ‘गोपनीयता’ के नियम और शर्तों की धज्जियाँ उड़ा दीं और वो इस बात से चिंतित है कि रेजरपे जैसे ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ डेटा को ‘बिना बताए’ साझा किया। रेजरपे के नियमों और शर्तों के अनुसार, वह यूजर्स के डेटा को सरकार और नियामक एजेंसियों के साथ साझा कर सकता है, जो कानूनी रूप से जाँच, सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के तहत गोपनीयता अधिनियम के अंतर्गत आती हैं।

यूजर्स का डेटा साझा करने के लिए रेजरपे की नियम और शर्तें इस प्रकार हैं। रेजरपे यूजर्स या उनके रजिस्ट्रेशन डेटा संबंधित कोई भी जानकारी सरकारी और नियामक एजेंसियों के साथ साझा कर सकता है, जो कानूनी रूप से जाँच, सुरक्षात्मक और साइबर सुरक्षा गतिविधियों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कानून की अनदेखी करना उन्हें कमतर आँकना है। रेजरपे कानूनी तौर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को डेटा प्रदान करने से पहले ऑल्ट न्यूज को सूचित करने के लिए बाध्य नहीं है। ऐसे में ऑल्ट न्यूज द्वारा किए गए दावे इसके उलट हैं। इसके अलावा, कानून का पालन करने वाली कंपनी रेजरपे एक आरोपित को जाँच के बारे में सूचना क्यों देगा?

अब हम आपको यहाँ कुछ ऐसे तथ्यों से रूबरू करवाएँगे, जिन्हें देखने के बाद आप भी शॉक्ड रह जाएँगे। ऑल्ट न्यूज भले ही यह दावे करते नहीं थकता है कि उसे रेजरपे के माध्यम से विदेशी फंडिंग नहीं हो सकती है। लेकिन इस वेबसाइट के पास पैसे इकट्ठा करने के लिए रेजरपे ही एकमात्र प्लेटफॉर्म नहीं है, जिसका वह इस्तेमाल करते हैं।

पैसा लेने के लिए ऑल्ट न्यूज़ के वैकल्पिक प्लेटफॉर्म

फरवरी 2020 में, दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों से ठीक 10 दिन पहले सीएए के विरोध में जमकर हिंसक प्रदर्शन किए गए। इस दौरान पत्रकार सागरिका ने ‘इंस्टामोजो’ प्लेटफॉर्म के जरिए ऑल्ट न्यूज को भुगतान किया था। इंस्टामोजो विभिन्न गेटवे जैसे वीज़ा, गूगल-पे, यूपीआई, रुपे और अन्य के माध्यम से पेमेंट स्वीकार करता है।

इंस्टामोजो पेमेंट

इसलिए ऑल्ट न्यूज सारा दोष रेजरपे पर डालने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि, इसका कोई सबूत नहीं है, अभी तक जाँच अधिकारी इस मामले की जाँच कर रहे हैं कि ऑल्ट न्यूज को कितना विदेशी धन प्राप्त हुआ था। इसके अलावा, भले ही ऑल्ट न्यूज को इनमें से किसी भी दान मंच के माध्यम से विदेशी धन प्राप्त नहीं हुआ हो, वे स्विफ्ट के माध्यम से सीधे अपने बैंक खातों में विदेशी धन प्राप्त कर सकते हैं।

वहीं, खुद पर आरोप लगने के बाद रेजरपे ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 91 के तहत, रेजरपे नियमों का पालन हुए कानूनी जाँच में अपना सहयोग कर सकता और डेटा को पुलिस के साथ साझा कर सकता है। सीआरपीसी की धारा 91 के तहत कोई भी थाना प्रभारी उनसे जाँच के लिए डाटा माँग सकता है।

इसके अलावा, रेजरपे के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा कि कंपनी ने ऑल्ट न्यूज से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल को बताया, “हमने कंपनी (AltNews) से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसलिए डेटा साझा करने और 4 जुलाई को बेहद कम समय के लिए खाते को निष्क्रिय करने से पहले उन्हें सूचित नहीं कर सके।”

गौरतलब है कि ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को 27 जून को हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले एक ट्वीट को लेकर गिरफ्तार किया था। ऑल्ट न्यूज पर एफसीआरए के उल्लंघन में पाकिस्तान, सीरिया आदि से धन प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है। AltNews की पैरेंट कंपनी ‘Pravda Media’ को विदेश से 2,31,933 रुपए विदेश से मिले हैं। ‘Razorpay’ नामक पेमेंट गेटवे द्वारा दी गई प्रतिक्रिया के अनुसार, कई लेनदेन ऐसे थे जिनके आईपी एड्रेस बैंकॉक, मनामा, नॉर्थ हॉलैंड, विक्टोरिया, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और रियाद के थे। इनमें बलदियात अद दावा, शारजाह, स्टॉकहोम, आईची, न्यू जर्सी, ओंटारियो, कैलिफोर्निया, टेक्सास और दुबई व स्कॉटलैंड जैसे लोकेशंस भी शामिल हैं।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ BJP ने दर्ज कराई शिकायत, कहा था- मेरे लिए काली मांस भक्षी, शराब वाली देवी: ट्विटर पर पार्टी से TMC सांसद ने किया किनारा

डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ को लेकर दिए बयान पर जारी विवाद के बीच तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्विटर पर पार्टी से दूरी बना ली है। खबर है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर टीएमसी को अनफॉलो कर दिया है। उन्होंने यह कदम पार्टी द्वारा उनके बयान से किनारा करने के बाद उठाया है। वहीं बीजेपी ने पार्टी के पल्ला झाड़ने पर घेरने की कोशिश की है। वहीं बीजेपी ने सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गिरफ्तारी की माँग की है।

बीजेपी ने टीएमसी पर माँ काली का अपमान करने का लगाया है। महुआ मोइत्रा के बयान पर आपत्ति जताते हुए बीजेपी नेता राजर्षि लहिरी ने कोलकाता के रबिंद्र सरोबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही बीजेपी ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को तुरंत गिरफ्तार करने की माँग की है। उनका कहना है कि महुआ मोइत्रा का बयान व्यावहारिक रूप से धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देता है। ऐसे में महुआ के खिलाफ 153A and 295A के तहत तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

बता दें कि महुआ मोइत्रा के द्वारा देवी काली के लेकर की गई टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने सख्त ऐतराज जताया है वहीं उनकी गिरफ्तारी की माँग की है। पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, ”हमारी महिला मोर्चा धरना देगी। पुलिस स्टेशन जाएगी और महुआ मोइत्रा की गिरफ्तारी की माँग करेगी।”

सुकांत मजूमदार टीएमसी के अपने सांसद के बयान से पल्ला झाड़ने पर कहा, ”महुआ मोइत्रा की टिप्पणियों से टीएमसी खुद को अलग नहीं कर सकती है। यदि टीएमसी वास्तव में इसका समर्थन नहीं करती है तो उसे कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें या तो उन्हें निष्कासित करना चाहिए या उन्हें कुछ दिनों के लिए पार्टी से निलंबित कर देना चाहिए।”

हालाँकि, महुआ के ट्विटर अकाउंट के मुताबिक वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फॉलो कर रही हैं।

फोटो साभार: ममता बनर्जी ट्विटर

बता दें कि हाल ही में टीएमसी ने मोइत्रा की तरफ से देवी काली को लेकर दिए गए बयान से पल्ला झाड़ लिया था। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ पोस्टर को लेकर विवाद पर बयान देते हुए महुआ ने कहा था कि उनके लिए काली मांस खाने वाली और शराब को स्वीकार करने वाली देवी हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर देवी-देवताओं को व्हिस्की चढ़ाई जाती है। महुआ का कहना था कि हमारे पास इसकी स्वतंत्रता है कि हम हमारे देवी-देवताओं को किसी भी रूप में सोच सकते हैं।

उन्होंने कहा था, “जब आप सिक्किम जाएँगे तो आपके देखेंगे कि वे देवी काली को व्हिस्की चढ़ाते हैं। लेकिन अगर आप उत्तर प्रदेश जाएँगे और अगर आप कहेंगे कि आप प्रसाद के तौर पर देवी को व्हिस्की चढ़ाते हैं, तो वे इसे ईशनिंदा कहेंगे।” महुआ ने ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022’ में बोलते हुए ये बातें कहीं थी।

हालाँकि, उनके इस बयान से TMC से किनारा कर लिया था। पार्टी ने कहा था कि महुआ मोइत्रा द्वारा दिए गए बयान और माँ काली को लेकर उनके द्वारा अभिव्यक्त किए गए विचार उनके निजी हैं और पार्टी किसी भी सूरत में या किसी भी रूप में इसका समर्थन नहीं करती। साथ ही पार्टी के आधिकारिक बयान में ये भी कहा गया कि ‘ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस (AITC)’ ऐसे किसी भी बयान की पुरजोर निंदा करता है।

वहीं टीएमसी द्वारा नाराजगी जताने के बाद महुआ मोइत्रा ने भी ट्वीट कर सफाई दी थी। उन्होंने मंगलवार (5 जुलाई 2022) को इस विवाद के बाद कहा था, “आप सभी संघियों का झूठ आपको बेहतर हिंदू साबित नहीं कर सकता। मैंने कभी किसी फिल्म या पोस्टर का समर्थन नहीं किया या कहीं भी धूम्रपान शब्द का उल्लेख नहीं किया। मेरा सुझाव है कि आप तारापीठ में मेरी माँ काली के पास जाएँ, यह देखने के लिए कि भोग के रूप में उन्हें क्या खाना-पीना दिया जाता है। जय माँ तारा।”

गौरतलब है कि विवादित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ लीना मणिमेकलई ने बनाई है। इसका पोस्टर जारी होते ही फिल्म विवाद में घिर गई। इस पोस्टर में माँ काली को सिगरेट पीते दिखाया गया था। उनके एक हाथ में LGBTQ का झंडा भी दिखाया गया था। जिसके बाद लीना मणिमेकलई के खिलाफ यूपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले दिल्ली में एक वकील ने लीना के खिलाफ शिकायत देकर एफआईआर की माँग की थी जिसके बाद दिल्ली की आईएफएसओ यूनिट ने भी लीना के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके अलावा ‘काली’ के पोस्टर पर भारत की आपत्ति के बाद कनाडा की आगा खान म्यूजियम (Aga Khan Museum) ने माफी माँगी है। बता दें कि इसी म्यूजियम में ‘काली’ दिखाई गई थी।

रईस ने 20-30 लोगों के साथ युवक और चाय दुकानदार को पीटा, नूपुर शर्मा पर पोस्ट से थे नाराज़: दुकान में भी तोड़फोड़, छावनी में तब्दील हुआ इलाका

पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा की टिप्पणी का समर्थन करने को लेकर देश भर में बवाल अभी भी जारी है। अब मामला बिहार से सामने आया है। यहाँ के भोजपुर जिले के आरा थाना क्षेत्र में नुपूर शर्मा के समर्थन में फेसबुक पोस्ट को लेकर दो युवकों में विवाद हो गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।

पुलिस ने बताया कि मामला आरा के राम गढ़िया मोहल्ले का है। यहाँ एक चाय की दुकान पर कुछ लोग चाय पी रहे थे। इसी बीच नुपूर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट को लेकर दो युवकों में बहस शुरू हो गई।

जानकारी के मुताबिक दीपक नाम के शख्स ने कुछ दिनों पहले नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट शेयर किया था। जिस पर रईस नाम के शख्स ने विवादित टिप्पणी की थी। मंगलवार (5 जुलाई 2022) की शाम रईस और दीपक एक चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। इसी बीच फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद होने लगा। दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर रईस अपने साथ करीब 20 से 30 लोगों को ले आया। सभी ने दीपक की पिटाई शुरू कर दी। उनलोगों ने लात-घूँसों से जमकर दीपक को पीटा। उनलोगों ने चाय की दुकान में तोड़फोड़ के साथ दुकानदार सोनू के साथ भी मारपीट की।

मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम ज्योतिनाथ सहदेव और सहायक पुलिस अधीक्षक  (ASP) हिमांशु कुमार सैकड़ों पुलिस अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने आश्वासन दिया कि मामला शांत हो गया है और फिलहाल स्थिति सामान्य है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पत्रकारों से बात करते हुए भोजपुर एएसपी हिमांशु कुमार ने कहा, ”चाय बेचने वाले को पीटे जाने का मामला सामने आया है। अब स्थिति नियंत्रण में है। यहाँ अधिकारी मौजूद हैं। अगर FIR दर्ज करवाई जाती हैं तो गिरफ्तारियाँ भी होंगी। सोशल मीडिया पोस्ट के कारण अगर कुछ होता है, तो यह जाँच का विषय है। जाँच के दौरान सब कुछ सामने आ जाएगा।”

वहीं आरा के डीएम राजकुमार ने कहा, “कुछ लोग एक दुकान में चाय पी रहे थे। एक फेसबुक पोस्ट के कारण दो समूहों के बीच लड़ाई हुई। हिंसा हुई और अब स्थिति नियंत्रण में है।”

नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर उमेश कोल्हे और कन्हैया लाल की हुई थी हत्या 

गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र के अमरावती में 22 जून को केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने नुपुर शर्मा के समर्थन में फेसबुक पोस्ट किया था। इससे दूसरे समुदाय के लोग नाराज थे। इसके अलावा उदयपुर से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहाँ फेसबुक पोस्ट को लेकर 28 जून को कन्हैया लाल की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। 

IAS सैयद रियाज अहमद गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल: स्टडी टूर पर झारखंड आई IIT छात्रा से माँगा था चुम्मा, पिलाई थी शराब

आईएएस अधिकारी सैयद रियाज अहमद (Sayeed Riyaz Ahemad) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। झारखंड के खूँटी जिले में एसडीएम अहमद पर यह कार्रवाई आईआईटी छात्रा के यौन शोषण के आरोप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहाँ से उन्हें ज्युडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।

अहमद पर इंटर्नशिप के लिए आई छात्रा को किस करने की कोशिश, शराब पिलाने का आरोप है। खूँटी के जिलाधिकारी ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी कार्मिक विभाग को भेज दी है। ऐसे में अब उन्हें उनके पद से निलंबित भी किया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला

हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित आईआईटी में ‘रूरल डेवलपमेंट’ की पढ़ाई कर रही नाबालिग छात्रा समर वैकेशन में इंटर्नशिप करने के लिए खूँटी आई थी। जिस पार्टी को लेकर ये आरोप लगाए गए हैं, वो शुक्रवार (1 जुलाई, 2022) को आयोजित की गई थी। आरोप है कि उस पार्टी में छेड़खानी करते हुए SDM सैयद रियाज अहमद ने छात्रा को किस करने का प्रयास किया। साथ ही वो गलत नज़र से भी उसे घूर रहे थे। 4 जुलाई की देर शाम इस मामले में FIR दर्ज कराई गई थी। सैयद रियाज अहमद 2018 बैच के IAS अधिकारी हैं।

शिकायत के बाद खूँटी स्थित CJM की अदालत में हिमाचल प्रदेश की छात्रा का 164 का बयान दर्ज कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने शिकायत में कहा कि आरोपित एसडीएम ने उसे अपना आवास दिखाने के बहाने बुलाया था। लेकिन जब वो अश्लील हरकतें करने लगे तो पीड़िता वहाँ से भाग निकली। इसके बाद वो लगातार उसके दोस्तों को फोन कर अपने आवास पर आने के लिए दबाव बनाते रहे। सैयद रियाज अहमद मूल रूप से महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं।

उल्लेखनीय है कि आरोपित आईएएस के खिलाफ उक्त पार्टी IPC की धाराओं 376D (एक या उससे अधिक व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री के साथ यौन दुर्व्यवहार), 376A (बिना सहमति के स्त्री के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना), 323 (जानबूझ कर चोट पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 506 (धमकी देना), 34 (समान इरादे से आपराधिक कृत्य) और POCSO एक्ट (यौन अधिकार से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है।

अब बिजनौर के जाकिर सदाबहार होटल में थूक लगाकर रोटियाँ बनाने का वीडियो वायरल, यूपी पुलिस ने अरबाज को गिरफ्तार कर भेजा जेल

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर जिले में एक होटल में थूक लगाकर रोटियाँ बनाने का मामला सामने आया है। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपित अरबाज़ को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बिजनौर के जलालाबाद चौक स्थित ज़ाकिर सदाबहार नाम के होटल का है। रोटी पर थूक लगाने वाला वायरल वीडियो भी इसी होटल का बताया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए मामले की जाँच की। इस दौरान होटल के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वीडियो की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपित अरबाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 269/270 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उसे जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने बताया कि महामारी एक्ट की धाराओं में युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, होटल के मालिक जाकिर ने कहा, “यह वीडियो जिस कर्मचारी अरबाज का है। वह इसी तरीके से हिल-हिल कर काम करता है। हम उसको मना भी कर चुके हैं। लेकिन यह उसकी स्टाइल है। हमारे होटल में 8 कैमरे लगे हैं। सब कुछ लाइव देखा जाता है।”

हालाँकि, यह पहला मामला नहीं है जब रोटी पर थूक लगाने का वीडियो वायरल हुआ हो और उसके बाद गिरफ्तारी हुई हो। बीते दिनों बागपत (Baghpat) जिले के औरंगाबाद मोहल्ले के शेखपुरा इलाके में स्थित एक होटल का भी वीडियो वायरल हुआ था। उस वायरल वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति को ‘थूक’ लगाकर तंदूरी रोटी (Spitting On Bread) सेंकते हुए देखा गया था। इस मामले में हिंदू जागरण मंच (Hindu Jagran Manch) की शिकायत के बाद पुलिस ने होटल मालिक समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया था।

इसके अलावा भी उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी थूक लगाकर रोटी बनाने के ​कई मामले सामने आ चुके हैं। 12 जनवरी 2022 को लखनऊ में थूक लगाकर रोटी बनाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद होटल मालिक याकूब, कर्मचारी दानिश, हाफिज मुख्तार फिरोज और अनवर समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया थी।

इसी तरह दिसंबर 2021 में मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में आंबेडकर रोड स्थित लक्ष्मीनगर में सगाई समारोह के दौरान थूक लगाकर रोटी बनाने का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में नौशाद नाम का युवक रोटी बना रहा है। वह रोटी पर बार-बार थूक लगा रहा था, तभी एक बच्चे ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।

मेरठ में तो थूक लगाकर रोटी बनाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले फरवरी 2021 में एक शादी समारोह में थूक लगा कर रोटी बनाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। उस आरोपित का नाम नौशाद उर्फ़ सुहैल था। इस मामले में ‘हिन्दू जागरण मंच’ के सचिन सिरोही ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।