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मोहम्मद जुबैर के खिलाफ UP में निकली एक और FIR, अब चंदौली में 11 महीने पुरानी फाइल खुली: SIT ने बताए थे 6 ही केस

फैक्टचेक के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोपित मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एक और FIR सामने आई है। यह FIR चंदौली जिले में 27 अगस्त 2021 में IT एक्ट की धाराओं में दर्ज हुई थी। खास बात यह है कि जुबैर से जुड़े मामलों की जाँच के लिए गठित एसआईटी (SIT) ने जो बयान जारी किया था उसमें इसका जिक्र नहीं था।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के सीतापुर, लखीमपुरी खीरी, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हाथरस से ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक जुबैर के खिलाफ दर्ज 6 मामले सामने आए थे। इनमें हत्या की धमकी से लेकर हिन्दू घृणा तक के मामले शामिल हैं। अब चंदौली का मामला सामने आने के बाद यूपी में दर्ज मामलों की संख्या 7 हो गई है। चंदौली में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता प्रशांत सिंह हैं। वे वाराणसी क्षेत्र से सुदर्शन न्यूज़ के संवाददाता हैं।

प्रशांत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है, “हमें सोशल मीडिया से जानकारी मिली थी कि जुबैर ने ट्विटर पर सुदर्शन न्यूज के एक ग्राफिक्स के आधार पर 14 मई 2021 के ग्राफिक्स में मदीना की अल नवाबी मस्जिद होने की अफवाह उड़ाई थी। इसके साथ उसने दुनिया भर के मुस्लिमों से सुदर्शन न्यूज का विरोध करने की अपील की थी। हमने अपनी जाँच में जुबैर के दावे को गलत पाया। जुबैर ने महामारी के दौर में समाज में वैमनस्यता फैलाई है। वह उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ भी कई बार अपनी साजिशों में एक्सपोज हो चुका है।”

शिकायत की कॉपी

इस शिकायत पर चंदौली पुलिस ने IT एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत FIR दर्ज करते हुए मोहम्मद जुबैर को नामजद किया है। FIR चंदौली कोतवाली में दर्ज है। FIR में जुबैर द्वारा किए गए अपराध का समय 14 मई 2021 दिखाया गया है।

FIR Copy

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता प्रशांत सिंह ने बताया, “FIR लगभग 11 महीने पहले दर्ज हुई थी। कल (13 जुलाई 2022) मैंने जिले के पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल को इसके संबंध में कॉल किया तो उन्होंने इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने इसे SIT की जानकारी में लाने का भरोसा दिया है। हम जुबैर पर कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।”

गौरतलब है कि हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने के साथ भड़काऊ ट्वीट के आरोप में जुबैर पर दिल्ली के साथ UP में कई केस दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश में दर्ज केसों की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है।

SSR नहीं कर सकते आत्महत्या, उनका मर्डर हुआ: सुशांत की बहन ने ‘बॉलीवुड नेक्सस’ पर लगाए आरोप, कहा- रिया को पीछे लगाया गया था

सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के दो साल बाद अब दोबारा से उनके लिए न्याय की माँग उठने लगी है। हाल में रिया चक्रवर्ती का नाम एनसीबी की चार्जशीट में दायर होने के बाद सुशांत की बहन प्रियंका राजपूत मीडिया से मुखातिब हुईं और दावा किया कि उनका भाई आत्महत्या नहीं कर सकता था। वह जब तक जिंदा हैं तब तक इस केस को बंद नहीं होने देंगी।

इंडिया न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि सुशांत को न्याय दिलाने की जो मुहीम चल रही है उसे वो अपने जिंदा रहने तक रुकने नहीं देंगी। उनके मुताबिक, सुशांत का दुनिया से जाना सामान्य नहीं था। ये एक बहुत बड़ी साजिश का नतीजा है जो कि एक नेक्सस ने रची और उसका नाम बॉलीवुड है।

प्रियंका ने बताया कि जब सुशांत सफल होने लगे तो बॉलीवुड के नेक्सस को अपने वर्चस्व का डर सताने लगा। उन्होंने उसे अपने पाले में करने की कोशिश भी की थी। हालाँकि जब ऐसा नहीं हुआ तो सुशांत का करियर समाप्त करने की कोशिश की गई। प्रियंका के मुताबिक, उन लोगों (नेक्सस) को असुरक्षित महसूस होने लगा था कि जो काम वो लोग नेक्सस में रहकर नहीं कर पा रहे वो बिहार से आया कोई लड़का अकेले कैसे कर पा रहा है। उनका मकसद यही होता है कि ऐसा टैलेंट या तो उनके पास आए वरना इंडस्ट्री से जाए।

उन्होंने सुशांत के लिए ड्रगी जैसे शब्द प्रयोग किए जाने पर पूरे ब़ॉलीवुड नेक्सस को लताड़ लगाई और कहा कि आज बोला जा रहा है कि सुशांत ड्रग्स लेते थे जबकि रिया चक्रवर्ती की चैट से ये बात सामने आ चुकी है कि 35 आरोपित किस तरह से ड्रग सिंडिकेट से जुड़े थे। क्या ऐसे आरोपितों की बात से माना जाएगा सुशांत नशेड़ी थे।

प्रियंका ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि उनके भाई को आज ड्रग लेने वाला कहा जा रहा है और पहले कहा जा रहा था कि वो डिप्रेशन में हैं। उन्होंने कहा कि ये वो बातें हैं जो कभी नहीं भूलेंगी। सुशांत को उनकी जगह से हटाकर, उन्हें मारकर आज उनके बारे में बातें हो रही हैं।

वह पूछती हैं, “लोगों को क्या लगता है कि सुशांत ने सुसाइड की? ये बात मैं केस से जुड़े हर व्यक्ति से कहना चाहती हूँ कि सुशांत सुसाइड नहीं कर सकते थे… मैं ये केस आखिरी दम तक लड़ती रहूँगी ये पता लगाने के लिए कि उस दिन हुआ क्या था… अगर ये सुसाइड थी तो जाँच एजेंसियाँ हमें बताएँ कि उस दिन हुआ क्या था।”

उन्होंने दावा किया कि सुशांत की बॉडी से बिलकुल कोई ऐसे संकेत नहीं मिले कि लगे उन्होंने आत्महत्या की थी। प्रियंका बताती हैं कि वो खुद क्रिमिनल वकील हैं और उन्होंने केस देखे हैं जिनमें आत्महत्या के बाद शरीर से पता चल जाता है कि ये आत्महत्या है। उनके अनुसार उनके भाई के शव पर ऐसे कोई भी निशान नहीं थे।

इतना ही नहीं जब 8-9 दिन के बाद पुलिस ने उन्हें सुशांत के घर में जाने की इजाजत दी तो उन्होंने देखा कि जो पंखा है और जो बेड है, उसकी दूरी इतनी नहीं है कि सुशांत वहाँ से लटक सकें। उन्होंने कहा कि बेड और पंखे के बीच जो गैप था वो सुशांत की ऊँचाई से भी कम था। प्रियंका ने फौरन सीबीआई को कहा कि ये आत्महत्या नहीं हो सकती। मगर फिर भी कोई जाँच इस एंगल पर नहीं हुई।

प्रियंका ने इंटरव्यू के दौरान जानकारी दी कि उन्होंने 3 दिन पहले ही दोबारा सीबीआई को पत्र लिखकर कहा है कि आखिर कब वो लोग उनका दोबारा से बयान लेंगे। प्रियंका ने बताया कि उन्हें 2019 से संदेह था कि उनके भाई के साथ कुछ गलत होने वाला है क्योंकि उस समय रिया चक्रवर्ती सुशांत की जिंदगी में आ चुकी थीं और उसने मात्र छह दिन में दोनों भाई-बहन में विवाद पैदा कर दिया था। प्रियंका मानती हैं कि रिया को सुशांत के पास जानबूझकर भेजा गया था। नेक्सस को डर सताने लगा था कि एक बाहरी लड़का करियर में इतना अच्छा कर रहा है ऊपर से उसकी देख रेख करने के लिए उसकी बहन भी साथ आ गई है।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने हाल में चार्जशीट का ड्राफ्ट कोर्ट में दाखिल किया। इसमें रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक समेत 35 लोगों पर 38 आरोप लगाए गए। रिया के ऊपर सुशांत को ड्रग्स मुहैया कराने का, उन्हें ड्रग के लिए पागल बनाने का और ड्रग्स खरीदने के लिए उनके (सुशांत के) बैंक अकॉउंट का प्रयोग करने का आरोप लगा है। प्रियंका ने इंटरव्यू में इस बात पर भी सवाल उठाए कि उनके भाई के लिए ‘एक्ट्रीम ड्रग एडिक्शन’ जैसे शब्द क्यों इस्तेमाल हो रहे हैं।

मिलिए 70 साल की ‘माँ कृष्णा बम’ से, शिव भक्ति में पाकिस्तान तक गईं: डाक बम बन 37 साल उस बाबा बैद्यनाथ को पूजा, जहाँ पहली बार पहुँचे PM

उनका नाम कृष्णा रानी है। उम्र 70 साल है। बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं। शिक्षिका रही हैं। लेकिन शिव भक्तों के लिए वह ‘माँ कृष्णा बम’ हैं। ऐसी डाक बम जो 37 साल तक सावन के हर सोमवार देवघर में बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करती रहीं। इस यात्रा पर ब्रेक तभी लगा जब वैश्विक कोरोना महामारी ने मंदिरों के पट तक बंद कर दिए।

दो साल बाद 14 जुलाई 2022 से शुरू हुई काँवड़ यात्रा को लेकर देशभर के काँवड़ियों में उत्साह देखा जा रहा है। कृष्णा बम भी उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वे 16 जुलाई को नर्मदा ओंकारेश्वर से जल लेकर उज्जैन जाएँगी और महाकाल की पूजा करेंगी। इसके बाद देवघर में बाबा बैद्यनाथ की पूजा करेंगी।

देवघर के बाबा बैद्यनाथ के दरबार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल में ही हाजिरी लगाई है। वे ऐसा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। लेकिन, कृष्णा बम की यह यात्रा 1982 में शुरू हुई। वे इसी साल पहली बार डाक बम सुल्तानगंज से काँवड़ में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करने निकलीं थी। उसके बाद कोरोना के आने तक यह सिलसिला कभी नहीं टूटा।

देवघर में बाबा बैद्यनाथ की पूजा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: @narendramodi)

आपको बता दें कि डाक बम ऐसे काँवड़िए होते हैं जो एक बार यात्रा शुरू करने के बाद शिव का अभिषेक करने तक कहीं आराम नहीं करते। यात्रा में विराम लेने पर माना जाता है कि डाक बम का गंगाजल अपवित्र हो जाता है और उनकी संकल्प तथा यात्रा खंडित हो जाती है। सुल्तानगंज से देवघर की दूरी करीब 105 किलोमीटर है। कृष्णा बम अपने पैरों से इस दूरी को पूरे 37 साल तक सावन के हर सोमवार को नापती रहीं। इस यात्रा में उन्हें 12 से 14 घंटे लगते थे। इस दौरान पूरा रास्ता बोल बम और कृष्णा बम के घोष से गुँजायमान रहता था। उनके पैर छूने के लिए लोगों का खड़ा होना सामान्य बात होती थी।

जानिए डाक बम कृष्णा को

कृष्णा रानी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चकवासु की रहने वाली हैं। उनका जन्म वैशाली में हुआ। वह तीन बहन और एक भाई हैं। पाँच नाती-पोतों से भरा-पूरा उनका परिवार है। शादी के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई की और 1967 में मैट्रिक पास किया। इसके बाद उन्होंने अपनी आगे पढ़ाई जारी रखी और पॉलिटिकल साइंस से बीए करने के बाद टीचर की नौकरी करने लगीं।

डाक बम के तौर पर अपनी यात्रा के बारे में उन्होंने बताया, “डाक बम के रूप में मैं काँवड़ लेकर 1975 में पहली बार पहलेजा से गरीबनाथ पहुँची। 12 घंटे में मैंने 75 किमी की दूरी तय की। 1975 से 1982 तक लगातार सात साल तक मैं पैदल बाबा गरीबनाथ को जल चढ़ाती रही। इसके बाद 1982 से मैंने सुल्तानगंज से जल लेकर डाक बम के रूप में काँवड़ लेकर देवघर जाना शुरू किया। यह सिलसिला कोरोना आने से पहले तक चलता रहा।”

कृष्णा ने बताया, “मैं 37 सालों तक बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करती रही। इस तरह मैंने 160 सोमवार तक बाबा का जलाभिषेक किया है। इस दौरान मैंने कुल 17600 किमी की दूरी तय की।” इसके अलावा 1989 में उन्होंने गंगोत्री से रामेश्वरम 4500 किमी पैदल यात्रा भी तय की थी। 2014 में वह कैलाश मानसरोवर गईं।

यहाँ तक कि शिव भक्ति में पाकिस्तान में स्थित कटास राज तक गईं। अपनी इस यात्रा के बारे में वे कहती हैं, “जब मुझे कटास राज के बारे में पता चला तो मैंने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। मैंने आवेदन किया और मेरा सेलेक्शन हो गया। कुछ ही लोगों को दिसंबर 2018 में पाकिस्तान ले जाया गया था, जिसमें मैं भी थी। कटास राज धाम लाहौर से 280 किमी दूर है। वह ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है।”

खास बात यह है कि कृष्णा महादेव के साथ माँ दुर्गा की भी आराधना करती रही हैं। उन्होंने साइकिल से 11 बार वैष्णो देवी की यात्रा की है। वह पति नंद किशोर के साथ साइकिल चलाकर 11 बार मुजफ्फरपुर से कटरा गई हैं। इसके अलावा वह मुजफ्फुरपुर से कामख्यादेवी भी साइकिल चलाकर गई हैं।

‘PFI के साथ आएँ 10% मुस्लिम, कायर बहुसंख्यकों (हिंदू) को घुटनों पर ला इस्लाम कबूल कराएँगे’: बिहार में चल रही थी ‘इस्लामी शासन’ की ट्रेनिंग

बिहार की पटना पुलिस ने फुलवारी शरीफ से आतंकी गतिविधियों में शामिल में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज के तौर पर हुई है। ये दोनो मार्शल आर्ट्स सिखाने के नाम पर युवकों का ब्रेन वॉश कर रहे थे। उन्हें हथियार चलाना सिखा रहे थे। इनका मकसद 2047 तक भारत को मुस्लिम देश बनाना था।

फुलवारी शरीफ के एएसपी मनीष कुमार सिन्हा ने इस संबंध में बताया, “भारत विरोधी गतिविधि में संलिप्त दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 2 माह से इनसे अलग-अलग जगह से लोग मिलने आते थे और अपनी टिकट व होटल की बुकिंग किसी और नाम से करते थे।”

उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस ने जिन दो लोगों को पकड़ा उनमें मोहम्मद जलालुद्दीन तो झारखंड पुलिस का पूर्व सब इंस्पेक्टर रह चुका है जबकि अतहर परवेज आतंकी संगठन सिमी का सदस्य रहा है और फिलहाल वह पीएफआई-एसडीपीआई से जुड़ा है। ये दोनों मिलकर एक संगठन चला रहे थे। इस संगठन के जरिए ये अनपढ़ और भटके युवकों को संपर्क में लेकर उन्हें आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग देते थे।

ट्रेनिंग में ये मार्शल आर्ट और शारीरिक शिक्षा के नाम पर तलवार और चाकू चलाना सिखाते थे। इसके अलावा धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए उनका ब्रेनवॉश करते थे। पुलिस ने बताया है कि उनके पास इसके न केवल गवाह हैं बल्कि सीसीटीवी फुटेज भी हैं। वहीं अतहर परवेज का तो भाई 2001-02 में बम ब्लास्ट मामले में जेल भी जा चुका है।

एएसपी मनीष के अनुसार, पुलिस को इनके पास से 8 पन्नों का दस्तावेज मिला है। जो बताता है कि इनका मकसद 2047 तक भारत को इस्लामी राज्य बनाने का था। इन दस्तावेजों में लिखा था कि पीएफआई मानता है कि 10 फीसद मुस्लिम आबादी उनके साथ आ जाए तो वो कायर बहुसंख्यकों को दोबारा घुटने पर लाएँगे और उन्हें इस्लाम कबूल करवाएँगे।

अब पुलिस इनके पाकिस्तानी कनेक्शन तलाश रही है। इसके अलावा आगे की जाँच के लिए ईडी की मदद भी ली जाएगी। पुलिस को संदेह है कि ट्रेनिंग देने के लिए इन्हें पाकिस्तान ही पैसे देता था। जाँच में पाया गया कि इन लोगों के पास 14, 30 और 40 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन प्रमाण भी हैं। पुलिस को पता चला है कि इन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश और केरल से भी फंडिंग होती थी

‘सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएँगे उस किताब के पन्ने, पता चलेगा कौन है असली हेटमोंगर्स’: नोटिस के बाद ‘हिन्दू शेर सेना’ का ऐलान – जुबैर को करेंगे बेनकाब

जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज सात मामलों की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया। वहीं सीतापुर के मामले में मोहम्मद ज़ुबैर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। जिसमें सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट FIR दर्ज करवाने वाले हिन्दू शेर सेना के जिला अध्यक्ष भगवान शरण, यूपी सरकार, एसपी समेत 5 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

इस मामले में हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिन्दू ने वीडियो जारी कर के जुबेर को सोशल मीडिया का आतंकी कहा और उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। अपने बयान में मोहम्मद ज़ुबैर को बेनकाब करते हुए किसी किताब का हवाला देते हुए असली हेट मोंगर्स का खुलासा करने का दावा किया है। अपने वीडियो बयान में मोहम्मद ज़ुबैर को हिन्दू संतों का अपमान करने वाला एवं देश का माहौल बिगाड़ने वाला बताया।

बता दें कि यूपी में मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ दर्ज सात मामलों में से दो मामले हाथरस जिले में जबकि एक-एक मामला सीतापुर, लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और दिल्ली में दर्ज है। हिन्दू शेर सेना इस मामले में वीडियो बयान के साथ एक पत्र भी जारी किया है। जिसमें विस्तार से अपनी बात रखी है।

हिन्दू शेर सेना का बयान-1

इसमें सीतापुर का मामला यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि को हेट मोंगर्स अर्थात नफ़रत फैलाने वाला बताने पर FIR दर्ज करवाया गया था। इस मामले में जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद ज़ुबैर अंतरिम जमानत दे दी है। वहीं दूसरे पक्ष से जुड़े सभी को नोटिस जारी किया है।

हिन्दू शेर सेना का बयान-2

सीतापुर में FIR करवाने वाला संगठन हिंदू शेर सेना घोषणा करते हुए अपने बयान में कहा है, “सुप्रीम कोर्ट के इसी मुकदमें में हम दुनिया को असली हेट मोंगर से परिचित करवाएँगे। यदि यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि के कुछ बयान आपत्तिजनक हैं तो वो किताब भी हेट मोंगर घोषित हो जो हम हिंदुओं को काफिर बताते हुए हमारे कत्ल का आदेश देती है।”

अपने वीडियो बयान उन्होंने उन्होंने कहा, “जिस किताब को पढ़कर हिन्दुओं की हत्या की गई, कमलेश तिवारी, कन्हैयालाल को मारा गया, नूपुर शर्मा को धमकी दी गई। उस किताब के पन्ने हम सुप्रीम कोर्ट में लगाएँगे।”

विकास हिन्दू ने अपने बयान में कहा, “सुप्रीम कोर्ट में जवाब के साथ उस विशेष किताब के पन्नों की फोटो कॉपी लगा कर संतो से पहले उस किताब को हेट मोंगर पुस्तक घोषित करने की माँग की जाएगी।”

उन्होंने ज़ुबैर द्वारा यति नरसिंहानंद, बजरंग मुनि सहित हिन्दू संतों को हेट मोंगर्स कहने पर ज़ुबैर से सवाल पूछा की आपने कभी ओवैसी, जाकिर नायक, मदनी को हेट मोंगर्स क्यों नहीं कहा जिन्होंने हिन्दुओं के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दिए। क्या उनके बयान नफरत फैलाने वाला नहीं है।

हिन्दू शेर सेना ने सभी संतों से इस लड़ाई में अपना साथ देने की बात कही। उन्होंने अंत में कहा, “चाहे उस किताब की सच्चाई उजागर करने में मेरे जान क्यों न चली जाए लेकिन सच सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से दुनिया के सामने आएगा।” उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि उस किताब पर सवाल उठाने से मेरे ऊपर भी हमले होंगे लेकिन हिन्दू शेर सेना डरने वाली नहीं है।”

गौरतलब है कि जुबैर को एक हफ्ते पहले दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। सीतापुर के खैराबाद थाने में आईपीसी की धारा 295ए और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उत्तर प्रदेश में सीतापुर पुलिस ने यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि दास के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक ट्वीट करने से जुड़े एक मामले में उन्हें हिरासत में लेने का अनुरोध किया था। वहीं जुबैर को राहत देते हुए अंतरिम जमानत की अवधि अगले आदेश तक बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।

समय से 8 महीने पहले ही तैयार हुआ ₹14850 करोड़ का बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, मात्र 6 घंटे में दिल्ली से चित्रकूट: PM मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (16 जुलाई 2022) को उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 14850 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 296 किलोमीटर है। यह फोर लेन वाला एक्सप्रेसवे है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पीएम मोदी जालौन जिले के उरई गाँव में इसका उद्घाटन करेंगे।

एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के गोंडा गाँव में NH-35 से राज्य के इटावा जिले तक फैला हुआ है, जहाँ यह 300 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिल जाता है।

एक्सप्रेसवे में वर्तमान में चार लेन हैं लेकिन इसे छह लेन एक्सप्रेसवे तक विस्तारित किया जा सकता है। यह उत्तर प्रदेश के सात जिलों- चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरेगा। इतना ही नहीं ये एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से इस क्षेत्र को दिल्ली से जोड़ेगा।

दो साल पहले हुआ था शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले फरवरी 2020 में फोर-लेन एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के सहयोग से निर्माण कार्य 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। उद्घाटन के वक्त पीएम मोदी ने कहा था कि इससे हजारों नौकरियाँ पैदा होंगी और आम लोग बड़े शहरों से कनेक्ट कर सकेंगे।

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2020 में कहा था कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड में बनने वाले रक्षा गलियारे को बढ़ावा देगा।

6 लेन होने की संभावना

भविष्य में इस एक्सप्रेस वे के 6 लेन के होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें 15000 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान लगाया गया है। हालाँकि, ई टेंडरिंग के जरिए सरकार ने करीब 1132 करोड़ रुपए की बचत की है। अधिकारियों का कहना है कि इसके उद्घाटन के बाद दिल्ली से चित्रकूट के बीच की यात्रा का समयांतराल घटकर 9-10 घंटे से 6 घंटे हो जाएगा।

फारूक अब्दुल्ला ने फिर पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की, तिरंगे से बिफरी महबूबा ने कहा – हमारे घरों में घुस कर लगा रहे झंडे

फारूक अब्दुल्ला या महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम जगजाहिर है, जो कि गाहे-बगाहे सामने आ ही जाता है। इसी क्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर से पाकिस्तान का राग अलापा है। उन्होंने (बुधवार, 13 जुलाई 2022) कहा कि कश्मीर में शांति की स्थापना के लिए भारत को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला का दावा है कि घाटी में आतंकवाद का खात्मा करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी होगी। इसके लिए कश्मीर के लोगों का दिल जीतना होगा। उन्होंने दावा किया कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं ढूँढा जाएगा, तब तक कश्मीर के हालात सामान्य नहीं होंगे और हालात सामान्य नहीं होंगे। लाल बाजार में बलिदान हुए पुलिसकर्मी को लेकर अब्दुल्ला ने ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि पुलिसवाले के बेटे को आर्मी ने मारा था और अब उसके बाप को ‘मिलिटेंट’ ने मार दिया।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2020 में मुश्ताक अहमद का आतंकी बेटा सेना के साथ मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता के मुताबिक, यहाँ पता ही नहीं चलता कि कौन मारने वाला है और कौन बचाने वाला। हालाँकि, उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के सरकार के फैसले का समर्थन किया। इसके साथ ही अब्दुल्ला जनसंख्या नियंत्रण पर ठोस नीति बनाने पर जोर दिया।

महबूबा मुफ्ती का भी पाकिस्तान प्रेम जागा

इस बीच एक बार फिर से महबूबा मुफ्ती ने भी पाकिस्तान का राग अलापा है। उन्होंने केंद्र सरकार के हर घर तिरंगा अभियान की आलोचना की। भाजपा पर निशाना साधते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा, “हम मुस्लिम बहुल राज्य हैं। हमने पाकिस्तान के साथ जाने से मना कर हिंदुस्तान में रहना स्वीकार किया। हमने इस मुल्क का झंडा कबूल किया और उसके साथ अपना झंडा मिलाया। हम दोनों झंडों को सलाम करते रहे। लेकिन, आज हमारे घरों में घुसकर झंडे लगा रहे हैं।”

अब विदेश जा सकेंगे आर्यन खान, कोर्ट ने दिया पासपोर्ट लौटाने का आदेश: बोली NCB – हमें कोई आपत्ति नहीं

कभी ड्रग्स मामले में NCB द्वारा गिरफ्तार किए गए शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन अब विदेश यात्रा कर सकते हैं। अदालत ने उनका पासपोर्ट उन्हें लौटाने का आदेश दिया है। मुंबई की एक अदालत ने उनके बेल बॉन्ड को भी रद्द कर दिया। क्रूज शिप ड्रग्स मामले में इस बॉन्ड को अदालत में जमा किया गया था। सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पेशल NDPS जज वीवी पाटिल ने NCB द्वारा आर्यन खान को क्लीन चिट दिए जाने को आधार बनाते हुए ये आदेश दिए।

आर्यन खान ने इस मामले में ‘रिलीफ ऑफ डिस्चार्ज’ भी माँगा था, जिसे प्रदान करने से अदालत ने इनकार कर दिया। इस एप्लिकेशन पर NCB ने भी आपत्ति जताई। आर्यन खान को ‘स्वापक ओषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (Narcotic Drugs And Psychotropic Substances Act या NDPS Act) के तहत बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा रखी गई शर्तों का पालन करते हुए अपना पासपोर्ट जमा करवाना पड़ा था।

28 अक्टूबर, 2021 को उन्हें जमानत देते समय बॉम्बे उच्च-न्यायालय ने ये शर्त रखी थी। इस साल मई में NCB ने आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट वापस पाने के लिए अदालत का रुख किया। आर्यन खान की तरफ से पेश अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि NCP की प्रतिक्रिया से सभी चीजों पर विराम लगता है और एजेंसी कह चुकी है कि आर्यन खान के खिलाफ न कोई सबूत हैं और न ही उनके खिलाफ कोई जाँच लंबित है।

हालाँकि, स्पेशल प्रॉसिक्यूटर अद्वैत सेठना ने आर्यन खान के लिए ‘डिस्चार्ज’ शब्द का प्रयोग किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बेल बॉन्ड रद्द करने या पासपोर्ट लौटाने से भले ही एजेंसी को कोई आपत्ति न हो, लेकिन ‘डिस्चार्ज’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने जो कहना था सब साफ-सुथरे और पारदर्शी तरीके से कह दिया है, लेकिन आर्यन खान के ही एप्लीकेशन में ‘डिस्चार्ज’ शब्द का जिक्र नहीं है, ये डिस्चार्ज एप्लीकेशन है ही नहीं। इस मामले के 20 आरोपितों में से 14 अब भी केस का सामना कर रहे हैं।

स्टैंड अप कॉमेडी के दौरान शार्ट ड्रेस दिख जाने से हुआ ‘इस्लाम का अपमान’, मलेशिया में कॉमेडियन गिरफ्तार: हो सकती है 2 साल की जेल

मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एक महिला पर इस्लाम का अपमान करने का मुकदमा चलाया गया। आरोप लगाया गया कि उसने एक कॉमेडी क्लब में परफॉर्म करते समय ‘अश्लील हरकतें’ की थीं। उक्त 26 वर्षीय महिला का नाम सीती नूरामीरा अब्दुल्लाह (Siti Nuramira Abdullah) है, जिसने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। जज सीती अमीना गजाली के समक्ष उक्त महिला ने कहा कि उस पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। महिला पर मुस्लिमों के बीच मजहबी संघर्ष को बढ़ावा देने के भी आरोप हैं।

महिला पर तमन तुन डॉ इस्माइल कॉमेडी क्लब में शॉर्ट ड्रेस में शो करने के कारण कपड़े उतारकर ‘इस्लाम का अपमान’ करने का आरोप लगाया गया है। उसने एक मुस्लिम होने और कुरान के 15 अध्यायों को याद करने की बात स्वीकार की थी।

नूरामिरा पर मलेशियाई दंड संहिता की धारा 298A के तहत कलह, फूट या दुश्मनी की भावना पैदा करने का आरोप लगाया गया था। अगर दोषी ठहराया जाता है, तो उसे पाँच साल तक की जेल का सामना करना पड़ता है। उप लोक अभियोजक नजाह फरहाना ने आज सुनवाई के दौरान अनुरोध किया कि आरोपित को जमानत नहीं दी जाए क्योंकि यह अपराध जमानती नहीं है।

हालाँकि, आरोपित के वकील आर. शिवराज ने कम बांड का अनुरोध करते हुए तर्क दिया कि जमानत का उद्देश्य केवल उनके मुवक्किल को अदालत में पेश करने का आश्वासन देना था। अदालत ने आरएम 20,000 की जमानत राशि के साथ जमानत दी, और आरोपपित को मामला हल होने तक अपना पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया गया।

हिजाब पहने महिला पर आरोप है कि उसने अपने ओपन माइक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मंच पर अपमानजनक मजहबी टिप्पणी की और बाजू कुरुंग (मलय ड्रेस) को हटा दिया। जिससे उसके आउटफिट के नीचे जो उन्होंने स्पेगेटी-स्ट्रैप ड्रेस पहनी हुई थी वह दिख गई। इसी शो के वायरल हो रहे 54 सेकेंड के वीडियो के आधार पर पुलिस ने 9 जुलाई को महिला को गिरफ्तार कर लिया।

हालाँकि, इस मामले की सरकार और आम जनता दोनों ने आलोचना की है। वहीं कुआलालंपुर सिटी हॉल द्वारा कॉमेडी क्लब के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

गौरतलब है कि महिला के वायरल वीडियो को संघीय क्षेत्र का इस्लामिक धार्मिक विभाग देख रहा है। मलेशिया में 1997 के शरिया क्रिमिनल ऑफेन्स (संघीय क्षेत्र) अधिनियम के तहत इस्लाम का अपमान करने या अवमानना ​​करने के दोषी पाए जाने पर RM3,000 तक का जुर्माना या दो साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

पड़ोसी शमीम ने दीदी-दीदी कह आधी रात को बुलाया, फोड़ डाली महिला की दोनों आँखें: मुँह में पत्ते ठूँस बाँध दिए हाथ, बेटी ने सुनाई खौफनाक दास्ताँ

बिहार का चर्चित आँखफोड़वा कांड तो याद ही होगा। अब उसी तर्ज पर कटिहार जिले में शमीम नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने एक महिला के साथ बर्बरता करके उसकी आँखों को फोड़ डाला। महिला को इलाज के लिए कटिहार मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर हैं। आँख पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। महिला दोबारा देख भी पाएगी या नहीं, इसमें संशय है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना अमदाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डकरा इंग्लिश गाँव की बताई जा रही है। आरोपित का नाम मोहम्मद शमीम है। वो पीड़िता रेखा देवी का ही पड़ोसी है। पीड़िता वहीं बाँध पर अपनी बेटी के साथ झोपड़ी बनाकर रहती थी। मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को आधी रात के वक्त उसने पीड़िता को दीदी-दीदी कहकर आवाज लगाई। जैसे ही पीड़िता ने दरवाजा खोला तो पटवा (जूट) का पत्ता उसके मुँह में ठूँस कर वो उसे जबरदस्ती बाँध की ओर ले गया।

इस बीच जैसे ही रेखा की बेटी की नींद खुली तो उसने शोर मचाया। इस आसपास के ग्रामीण जुटे और महिला को ढूँढना शुरू कर दिया। बाँध की ओर जाने पर देखा कि महिला जख्मी हालत में कराहती पड़ी थी। शमीम ने महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसकी आँख में पटवा का डंठल घुसेड़ दिया। हालाँकि, डॉक्टरों का कहना है कि इस वारदात में महिला की आँख तो नहीं फूटी, लेकिन वो गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई है।

बेटी ने बताई आँखों देखी

पीड़िता की बेटी, जो कि 8 साल की है ने बताया कि मोहम्मद शमीम ने रात के करीब 2 बजे दीदी-दीदी कहकर उसकी माँ को बुलाया। उसने माँ को रुकने के लिए कहा और कहा कि वो उससे बात करना चाहता है। लेकिन जब माँ नहीं रुकी तो वो उसे जबरदस्ती घसीट ले गया। पीड़िता की बेटी के मुताबिक, आरोपित ने उसकी माँ के दोनों हाथों को बाँध दिया और पटवा के पत्ते उसके मुँह में घुसेड़ दिए। इसके बाद पटवा की टहनी को तोड़कर दोनों आँखों में घोंप दिया।

अमदाबाद थाने के थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा है कि पीड़िता ने बताया है कि उसके साथ दुष्कर्म जैसा कुछ नहीं हुआ है। आरोपित को पकड़ने के लिए मनुहारी के एसडीपीओ मनोज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।