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Pak में बैठे खालिस्तानी ‘रिंडा’ ने रची मोहाली हमले की साजिश, 20 हिरासत में: ‘पिज्जा’ से मिला पहला सुराग, 7000 मोबाइल डेटा की होगी जाँच

पंजाब के मोहाली में हुए हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ते मिल रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जाँच में सामने आया है कि जिस शख्स ने मोहाली के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर में अटैक कराया वो वांटेड गैंगस्टर हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा है, जो पाकिस्तान में रहता है और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को ऑपरेट करता है।

सूत्र बताते हैं कि रिंडा ही वो व्यक्ति है जिसने हाल में ड्रोन से फिरोजपुर में विस्फोटकों को भिजवाया और इन्हीं विस्फोटकों को तेलंगाना लेकर जाते समय खालिस्तानी आतंकी गिरफ्तार हुए। मोहाली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस हमले को आतंकी हमला कहा है। पुलिस के अनुसार हमले में इस्तेमाल किया गया लॉन्चर मिल चुका है लेकिन उससे ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे पहले इस मामले में सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम निकल कर सामने आया था। इस केस में अब तक 20 लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनमें से एक अंबाला का भी है। माना जा रहा है कि इन्हीं संदिग्धों में से कुछ ने हमले के लिए अन्य सहायता मुहैया कराई।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, जाँचकर्ता मोबाइल टावरों के कॉन्टैक्ट में 6,000-7000 मोबाइल डेटा की पड़ताल कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपितों का पता लगाया जा रहा है। 10 से ज्यादा टीमें हमले की जाँच में लगी हैं। मोहाली पुलिस ने इस केस को आईपीसी की धारा 307,और UAPA की धारा 16 के तहत दर्ज किया है। मोहाली एसपी ने कहा है कि ये आतंकियों की साजिश थी कि वो पंजाब पुलिस के खुफिया तंत्र को निशाना बनाएँ।

पिज्जा डिलीवरी के कारण मिला मोहाली हमले का पहला सुराग

गौरतलब है कि इस पूरे केस का पहला सुराग पंजाब पुलिस को एक पिज्जा डिलीवरी के कारण मिला। दरअसल, हमले से पहले पंजाब इंटेलिजेंस का एक कर्मचारी पिज्जा डिलीवरी को रिसीव करने के लिए दफ्तर से बाहर आया हुआ था। इस दौरान उसने दफ्तर के बाहर एक सफ़ेद रंग की मारुति स्विफ्ट को खड़े हुए देखा, जो कि संदिग्ध नजर आ रही थी। जैसे ही इंटेलिजेंस कर्मचारी अपना पिज्जा का ऑर्डर लेकर अंदर जाने लगा, संदिग्धों ने कार से इंटेलिजेंस बिल्डिंग की तरफ एक ग्रेनेड दाग दिया और मौके से फरार हो गए। अब इस जानकारी के मिलने के बाद इलाके के सभी सीसीटीवी को खँगाला जा रहा है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।

लश्कर-ए-खालसा

इसके अलावा ये भी खबर है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने पंजाब में आतंकवादी घटनाओं के लिए एक नए नाम से आतंकी गुट बनाया है। जानकारी के मुताबिक इस आतंकी गुट का नाम है – ‘लश्कर-ए-खालसा’। इस आतंकी गुट में शामिल दहशतगर्तों को अफगानिस्तान के लड़ाकू ट्रेनिंग दे रहे हैं। मीडिया रिपोट्स के अनुसार लश्कर-ए-खालसा में शामिल करने के लिए पंजाब और हरियाणा के स्थानीय गैंगस्टर और बदमाशों से संपर्क साधा जा रहा है। इसके लिए ड्रग्स के धंधे को भी जरिया बनाया जा रहा है।

‘दम है तो ताजमहल, लाल किले को मंदिर बनाकर दिखाओ’: महबूबा मुफ्ती की चुनौती, पहले बोली थीं – 370 हटा तो कश्मीर भारत से अलग

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के बाद ताजमहल के सर्वे की भी माँग उठी है। पक्षकारों का मानना है कि ताजमहल के 20 बंद कमरों को खोला जाए क्योंकि इनमें हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ हो सकती हैं। इसे लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बैंच में एक याचिका भी दायर की गई है। इस बीच पीडीपी की चेयरमैन और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ताजमहल को लेकर बीजेपी को बड़ी चुनौती दे डाली है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर इनमें दम है तो ताजमहल और लाल किला को मंदिर बना कर दिखाएँ फिर देखते हैं कितने लोग भारत में इन्हें देखने आएँगे। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी लोगों को नौकरियाँ नहीं दिला पा रही है। महँगाई पर काबू नहीं कर पा रही है। देश की संपत्ति को बेचा जा रहा है। हमारा देश आज बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से भी पीछे जा चुका है। लेकिन इन लोगों को इस बात की कोई फिक्र नहीं है।

महबूबा ने आगे कहा कि मुगलों के वक्त जो चीज़ें बनी हुई हैं जैसे, ताजमहल, मस्जिदें, किले ये उन्हें बिगाड़ना चाहते हैं, उनके पीछे पड़े हुए हैं। इससे कुछ हासिल नहीं होगा। महबूबा ने सरकार पर आरोप लगाया कि ये तमाम विवाद सिर्फ और सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए उठाए जा रहे हैं। इस बारे में उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए मुस्लिमों के पीछे लगा दिया गया है। जो देश का पैसे लूटकर विदेश भाग गए, उन्हें पकड़ने के बजाय ये सिर्फ हर उस जगह का विरोध करना चाहते हैं, जिसका निर्माण मुगलों द्वारा किया गया था।

बता दें कि दिल्ली में मंगलवार (10 मई 2022) को ऐतिहासिक इमारत कुतुब मीनार (Qutub Minar) के पास कुछ हिन्दू संगठनों के सदस्यों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान हिन्दू संगठनों ने विरोध जताते हुए कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ करने की माँग की। ‘यूनाइटेड हिंदू फ्रंट’ की तरफ से कुतुब मीनार का नाम विष्णु स्तंभ रखने की अपील की गई है। यूनाइटेड हिंदू फ्रंट कहना है कि कुतुब मीनार वास्तव में विष्णु स्तंभ है। इस मीनार का निर्माण 27 जैन और हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करके किया गया था।

वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब महबूबा मुफ्ती की तरफ से ऐसे बयान सामने आए हों। केंद्र पर तो उनका हमला हमेशा रहता ही है, इसके अलावा कई मौकों पर वह विवादित बयान भी दे जाती हैं। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान का राग अलापते हुए उन्होंने कहा था कि कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान से बात करना जरूरी है। यहाँ तक कहा गया था कि घाटी में फौज बढ़ाने से कुछ नहीं होने वाला है। 

370 हटा तो कश्मीर भारत से अलग

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने 2019 लोकसभा चुनाव के समय धमकी दी थी कि यदि किसी ने संविधान की धारा 370 हटाई तो जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान से अलग हो जाएगा। महबूबा मुफ़्ती ने यह धमकी भी दी थी कि जो कोई 370 और 35-A को हटाने की कोशिश करेगा, उसके हाथ काट दिए जाएँगे

आतंकी यासीन मलिक ने क़बूले आतंकवाद के आरोप, 19 मई को सज़ा पर सुनवाई: वायुसेना अधिकारियों और कश्मीरी हिन्दुओं का है हत्यारा

कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Mohammad Yasin Malik) ने मंगलवार (10 मई, 2022) को अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सही माना है। यासीन मलिक ने पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए अदालत में अपनी गलती मानते हुए कोर्ट से कानून के मुताबिक सजा देने की माँग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के लिए सजा पर 19 मई को सुनवाई करेगा। मलिक पर कठोर गैरकानूनी गतिविधियाँ निवारण अधिनियम  (यूएपीए), देशद्रोह और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।

अदालत से जुड़े सूत्रों ने बताया, “मलिक ने अदालत को बताया कि वह यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि), 17 (आतंकवादी गतिवधि के लिए धन जुटाने), 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश रचने), व 20 (आतंकवादी समूह या संगठन का सदस्य होने) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व 124-ए (देशद्रोह) के तहत खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता है।”

बताया जा रहा है कि अदालत ने फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, मोहम्मद यूसुफ शाह, आफताब अहमद शाह, अल्ताफ अहमद शाह, नईम खान, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल राशिद शेख, और नवल किशोर कपूर सहित अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए हैं।

आरोप पत्र लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ भी दायर किया गया था, जिन्हें मामले में भगोड़ा घोषित किया गया है।

जाने कौन है यासीन मलिक

गौरतलब है कि यासीन मलिक वो आतंकी है, जो कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल था। वो जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का अध्यक्ष और पाकिस्तान का पिट्ठू अलगाववादी नेता है। उस पर कश्मीर में आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप है। साथ ही उसे भारत में टेरर फंडिंग समेत दूसरे अपराधों के मामले में हिरासत में भी लिया गया था। यासीन मलिक पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण का भी आरोप है।

जनवरी 1990 में वायुसेना के 4 अधिकारियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप यासीन मलिक पर ही है। यासीन मलिक ने जेकेएलएफ आतंकियों के साथ मिलकर भारतीय वायु सेना के चार जवानों में से एक स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना की हत्या कर दी थी। ये जानते हुए भी कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार में यासीन मलिक सीधे तौर पर शामिल था और उसके आतंकियों से संबंध हैं, पिछली सरकारों एवं मीडिया ने उसे हमेशा कश्मीरियों के तारणहार के रूप में पेश किया है।

‘बॉलीवुड मुझे अफॉर्ड नहीं कर सकता, उनकी फ़िल्में कर के समय बर्बाद नहीं करना चाहता’: महेश बाबू ऐसे पकड़ के रगड़ दिया

साउथ इंडस्ट्री में सुपरस्टार महेश बाबू एक बड़ा नाम है, जो किसी परिचय के मोहताज नहीं है। तेलुगू सुपरस्टार महेश बाबू हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म अदिवि शेष के ट्रेलर लॉन्च के दौरान बॉलीवुड में अपने डेब्यू को लेकर रिएक्शन दिया। महेश बाबू ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “बॉलीवुड उन्हें अफोर्ड नहीं कर सकता है, इसलिए वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में फिल्में करने में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे।”

अभिनेता महेश बाबू ने कहा, “मुझे हिंदी फिल्मों के कई प्रस्ताव मिले है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे मुझे अफोर्ड कर सकते हैं। इसलिए मैं अपना समय ऐसी इंडस्ट्री में काम करने में बर्बाद नहीं करना चाहता, जो मुझे अफोर्ड ही नहीं कर सकती है।”

अभिनेता ने आगे कहा, “मुझे जो स्टारडम और इज्जत यहाँ (साउथ) मिली है, वो बहुत बड़ी है। इसलिए मैं अपनी इंडस्ट्री को छोड़कर किसी दूसरी इंडस्ट्री का हिस्सा बनने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूँ। मैं हमेशा फिल्में करने और बड़ा बनने के बारे में सोचता हूँ। मेरा सपना अब सच हो रहा है और मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहता हूँ।” 

हाल ही में बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री नम्रता शिरोडकर के पति महेश बाबू ने ओटीटी प्लेटफॉर्म में काम करने को लेकर कहा था कि वह बड़े पर्दे के लिए बने हैं। वह डिजिटल दुनिया में कदम रखने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकते हैं।

गौरतलब है कि महेश बाबू को आखिरी बार Sarileru Neekevvaru में देखा गया था, जो 2020 में रिलीज़ हुई थी। इसके बाद अभिनेता एक एडवेंचर थ्रिलर के लिए निर्देशक एसएस राजामौली की फिल्‍म में काम करेंगे। जल्द ही एक्टर फिल्म ‘Sarkaru Vaari Paata’ में नजर आएँगे। यह फिल्म 12 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

उज्जैन की मस्जिद के नीचे शिव मंदिर और गणेश प्रतिमा? संत ने कहा – राजा भोज की थी राजधानी, प्रशासन एक्शन ले वरना कोर्ट जाएँगे

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित बिना नींव वाली मस्जिद को लेकर बड़ा दावा किया गया है। महामंडलेश्वर अतुलेशानंद जी महाराजने कहा है कि उज्जैन की मस्जिद के नीचे भगवान शिव का मंदिर और गणेश की प्रतिमाएँ हैं। महामंडलेश्वर अतुलेशानंद जी महाराज ‘अखंड हिन्दू सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद के नीच अति प्राचीन हिन्दू प्रतिमाएँ हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से इस पर कार्यवाही करने की माँग की है।

उनका कहना है कि मस्जिद में सर्वे, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफ़ी कराई जाए, ताकि सब कुछ साफ़ हो जाए। उन्होंने चेताया कि अगर पुलिस-प्रशासन हरकत में नहीं आता है तो वो अदालत का दरवाजा खटखटाएँगे। ‘आवाहन अखाड़े’ के महामंडलेश्वर ने कहा कि उन्होंने खुद 2007 में मस्जिद के भीतर जाकर ये चीजें देखी थीं। उन्होंने बताया कि परमार कालीन राजा रोज के चित्र के अलावा शिव और गणेश की प्रतिमाएँ अंदर हैं।

उन्होंने कहा कि सर्वे, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफ़ी होने तक उन चीजों से कोई भी छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मस्जिद के अंदर हाथी, घोड़े और पत्थरों पर विशाल पहरेदार सैनिकों की मूर्तियाँ होने का भी दावा किया। संत ने कहा कि ग्वालियर से इस मस्जिद से जुड़े दस्तावेज मँगवाए जाएँगे, जिसके बाद सब साफ़ हो जाएगा। उन्होंने हिन्दुओं की संपत्ति हिन्दुओं को ही सौंपने की माँग की। उन्होंने इतिहास बताया कि क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित उज्जैन राजा भोज की राजधानी रही है, जहाँ 1600 ईस्वी में मुगलों ने तोड़फोड़ मचा कर कब्ज़ा किया था।

वाराणसी के काशी विश्वनाथ परिसर में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे-वीडियोग्राफ़ी के लिए अदालत ने एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की है और ये प्रक्रिया चालू भी है। शुरू में मुस्लिमों ने जाम लगा कर कार्य को रोक दिया था। इसी तर्ज पर मथुरा के शाही ईदगाह मस्जिद में भी सर्वे-वीडियोग्राफ़ी की माँग की गई है। उधर दिल्ली में क़ुतुब मीनार का नाम ‘विष्णु स्तंभ’ रखने की माँग की गई है। आगरा में ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका गई है, क्योंकि वहाँ हिन्दू प्रतीक चिह्न और साहित्य होने के दावे हैं।

दिल्ली में बदले जाएँगे तुग़लक, अकबर, हुमायूँ और औरंगजेब रोड समेत 6 सड़कों के नाम, बीजेपी ने NDMC को लिखा पत्र

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार (10 मई 2022) को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) को पत्र लिखकर लुटियंस दिल्ली में अकबर रोड, हुमायूँ रोड जैसे मुगल शासकों के नाम वाली 6 सड़कों का नाम बदलने की माँग की। आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी है। उन्होंने लिखा, “आज नई दिल्ली नगर निगम के चेयरमैन को पत्र लिखकर मुगल काल से गुलामी के प्रतीक मार्गों के नाम जल्द से जल्द बदलने की माँग की है।”

इसमें तुगलक रोड का नाम गुरु गोविन्द सिंह मार्ग, अकबर रोड का नाम महाराणा प्रताप रोड, औरंगजेब रोड़ का अब्दुल कलाम लेन, हुमायूँ रोड का महर्षि वाल्मीकि रोड और शाहजहाँ रोड का नाम जनरल बिपिन सिंह रावत रोड पर रखने की माँग की है।

आदेश गुप्ता ने अपने पत्र में सभी सड़कों के नाम के इतिहास के बारे में बात की। उन्होंने लिखा कि हिंदुओं के गौरव, मेवाड़ की आन, बान, शान, जिन्होंने जमकर व डटकर मुगलों का मुकाबला किया। ऐसे वीर योद्धा महाराणा प्रताप की 482वीं जयंती के उपलक्ष्य में ये सुझाव है कि अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप मार्ग किया जाए। नई दिल्ली स्थित तुगलक रोड, जो मुगल काल की गुलामी का प्रतीक है, उसका नाम बदलकर श्री गुरु गोविंद सिंह मार्ग के नाम पर किया जाए।

उन्होंने कहा कि औरंगजेब लेन का नाम बदलकर भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लेन किया जाए। बाबर लेन का नाम बदलकर देश के लिए मात्र 18 साल की उम्र में फाँसी पर चढ़ने वाले युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस के नाम पर किया जाए।

इसी प्रकार हुमायूँ रोड का नाम बदलकर महाकाव्य रामायण रचयिता प्रसिद्ध महर्षि वाल्मीकि रोड के नाम पर किया जाए। वहीं, शाहजहाँ रोड का नाम बदलकर भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ रहे जनरल बिपिन रावत के नाम पर किया जाए।

‘बंगाल हिंसा में 4 लाख विस्थापित, विदेश से लाकर बसाए जा रहे रोहिंग्या’: MP लॉकेट चटर्जी ने बताया – BJP में शामिल होने पर फिल्म इंडस्ट्री ने किया बॉयकॉट

पश्चिम बंगाल के हुगली से भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी राज्य में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों द्वारा की जाने वाली हिंसा को लेकर मुखर रहती हैं। 2019 में सांसद बनने से पहले वो बंगाली सिनेमा में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कई नृत्य शैलियों में भी दक्षता हासिल है। फ़िलहाल बंगाल भाजपा के महासचिव के पद पर सेवा दे रहीं लॉकेट चटर्जी राज्य में पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की कमान भी सँभाल चुकी हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य के ताज़ा हालात और वहाँ चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर अपनी राय रखी।

सवाल: पश्चिम बंगाल में 2021 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले हिंसा की कई खबरें आती थीं और भाजपा कार्यकर्ताओं की लाशें मिलती थीं। लेकिन, क्या पार्टी को इसका अंदाज़ा था कि चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भी इसी तरह हिंसा का दौर कायम रहेगा?

जवाब: चुनाव में जीत-हार तो होते ही रहते हैं। ऐसा नहीं है कि हम लोग 3 सीटों से शून्य पर आ गए। हमारी सीटें 3 से 77 पर पहुँच गईं। ये हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि थी और हम एक बड़ी पार्टी बन कर राज्य में उभरे। इसके बाद पूरा परिदृश्य ऐसे दिखाया गया जैसे TMC की एकतरफा जीत हुई है। चुनाव के बाद जो हिंसा हुई राज्य भर में, उसके कारण 4 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। असम और ओडिशा से लेकर दिल्ली तक लोगों को भागना पड़ा। वो डर से वापस नहीं लौट रहे हैं, क्योंकि उन पर इतने मामले दर्ज कर दिए गए हैं कि लौटने पर उन्हें जेल में डाल दिया जाएगा। आखिर उनके भी परिवार है, बाल-बच्चे हैं। पढ़ाई-लिखाई करना है उनके बच्चों को, लेकिन वो परीक्षाएँ तक नहीं दे सकते हैं। महिलाओं को अपने बर्तन-रुपए, जो भी पास में थे सब लेकर बच्चों के साथ भागना पड़ा। कुछ महिलाएँ तो ऐसी थीं, जो गर्भवती थीं। ऐसी स्थिति में उन्हें बाहर जाना पड़ा। हमारे कैम्प में उन्हें रखा गया। महीनों बाद इनमें से कुछ महिलाएँ घर वापस आईं। एक महिला मुख्यमंत्री के शासनकाल में महिलाओं की इस तरह की दुर्दशा दुर्भाग्यपूर्ण है।

सवाल: बीरभूम के रामपुरहाट में 8 लोगों को ज़िंदा जला कर मार डाला गया। वामपंथियों के शासनकाल में भी इस तरह की घटनाएँ हो चुकी हैं। तब भी भिक्षुओं को ज़िंदा जला दिया गया था। आप CPM और TMC के शासनकाल में क्या अंतर देखती हैं?
जवाब: ममता बनर्जी की सरकार हिंसा के मामले में कम्युनिस्टों से कई गुना आगे निकल गई हैं। दोनों समान ही हैं। CPM ने तीन दशक से भी अधिक समय तक शासन किया, उसके बाद एक दशक ममता बनर्जी के भी पूरे हो चुके हैं। अभी जो CPM के समय में होता था, उससे 3-4 गुना अत्याचार हो रहा है। उस जमाने में जो भी लोग सत्ता में हुआ करते थे, वही लोग अब TMC में शामिल हो गए हैं। हिंसा करने वाले वही लोग हैं।

सवाल: आजकल डेमोग्राफी चेन्ज की बात हो रही है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जहाँ अवैध घुसपैठियों को जानबूझ कर बसाए जाने के आरोप लगे हैं। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में हिन्दू घृणा बढ़ने की खबरें आती हैं। इसके पीछे आपको क्या कारण लगता है?
जवाब: हमने तो देखा है कि छोटे-छोटे पॉकेट में वो लोग रहते थे, लेकिन अब उन्हें उठा कर हर जगह स्थापित किया जा रहा है। म्यांमार से लेकर बांग्लादेश तक से लाकर उन्हें बसाया जा रहा है। रोहिंग्या मुस्लिमों को आधार कार्ड तक दे दिए गए हैं। उन्हें सिर्फ वोटर आईडी कार्ड से जैसे सरकारी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि घर भी दिए जा रहे हैं। सीमा पार करा-करा कर ऐसे लोगों को लाया जा रहा है। कारण है – वोट बैंक की राजनीति। हिन्दुओं पर वो भरोसा नहीं सकते हैं, इसीलिए वो तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। उनका भरोसा मुस्लिम वोटरों पर है, इसीलिए बाहर से लेकर उन्हें बसाया जाता है। ऐसे लोग यहाँ अपराध कर-कर के वापस बांग्लादेश भाग जाते हैं। ये सब गौ-तस्करी और बालू-तस्करी में लिप्त हैं। नेपाल, बांग्लादेश और भूटान तक ये फैले हुए हैं। वहीं, हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। रामनवमी पर भी हिन्दुओं पर हमला हुआ। बाँकुड़ा में ऐसी ही घटना हुई।

सवाल: हावड़ा में हिन्दुओं के जुलूस पर हमला कर दिया गया। इसी तरह बाँकुड़ा में हिन्दुओं की सिर्फ इतनी गलती थी कि वो मस्जिद के सामने से निकल रहे थे। इस पर 17-18 हिन्दुओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें आप पुलिस-प्रशासन को कहाँ खड़ी देखती हैं?
जवाब: जब मस्जिद के सामने से मुहर्रम का जुलूस निकलता है, तब क्या मुस्लिमों को गिरफ्तार करने की हिम्मत होगी इनकी? इनकी हिम्मत ही नहीं होगी। पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण का ऐसा चक्र चल रहा है कि मुस्लिमों को सारी सुविधाएँ मिल रही हैं, अपराध करने पर गिरफ़्तारी तो दूर की बात है।

सवाल: पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले ख़बरें फैलाई जा रही थीं कि लॉकेट चटर्जी और भाजपा में अनबन चल रही है। आपको चुनाव प्रचार करने वालों की सूची में नहीं डाला गया, ऐसा भी कहा जा रहा था। इस पर आप चीजें स्पष्ट कर दीजिए।
जवाब
: ये सभी चीजें फेक हैं। ये लोग जानते हैं कि भाजपा एक परिवार है और सबसे बड़ा परिवार हमलोगों का है। मुझे जो काम दिया गया है, वो मैं कर रही हूँ। मैं इस परिवार की एक सदस्य हूँ। भवानीपुर उपचुनाव में जब ममता बनर्जी लड़ी थी और बाबुल सुप्रियो भाजपा छोड़ कर गए थे, तब भी ऐसी बातें की गई थीं। हमारे यहाँ पार्टी जो काम देती है, वो करना पड़ता है। मैंने 6 महीने उत्तराखंड में काम किया, क्योंकि मुझे वहाँ की जिम्मेदारी दी गई थी। हमें ऐसी ही शिक्षा दी गई है। ये TMC की रणनीति है कि वोट लेने के लिए वो लोग ऐसा बोलते हैं। हमलोग अपने मिशन की तरफ चलते हैं और कौन क्या बोलता है, इसे हम नज़रअंदाज़ ही करते हैं।

सवाल: आपके राजनीतिक करियर के अलावा फिल्मों में भी आपका अच्छा करियर रहा है। दक्षिण की फ़िल्में आजकल हजारों करोड़ रुपए कमा रही हैं। ‘RRR’ में राष्ट्रवाद दिखाया गया था। इसी तरह पश्चिम बंगाल का भी अपना स्थानीय सिनेमा है। वहाँ जो हिंसा हुई है, उस पर वहाँ की मनोरंजन इंडस्ट्री से किसी ने कोई आवाज़ नहीं उठाई, अगर हम भाजपा में आए मिथुन चक्रवर्ती और यश दासगुप्ता को छोड़ दें तो। ऐसा क्यों?
जवाब: पश्चिम बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह तृणमूल कॉन्ग्रेस के नियंत्रण में है। मैं भी इसका हिस्सा हुआ करती थी। मेरा करियर जब पीक पर था, तब मैंने राजनीति में एंट्री ली थी। तब मुझे इसका बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था कि मेरा काम चला जाएगा। मेरा भी एक परिवार है, सबको परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। उस समय सबने सब कुछ जीरो कर दिया। जो भाजपा में शामिल हो गया, उसे पेट से मारने की कोशिश होती है, ताकि वो पार्टी छोड़ दे। 4-5 वर्षों तक मेरा बॉयकॉट कर दिया गया। अभी भी मुझे काम नहीं मिलता। खैर, मेरे पास अब समय ही नहीं है। एकदम ममता बनर्जी की सरकार का कंट्रोल है वहाँ। कोई सरकार की तारीफ करेगा, तो उसे काम मिलेगा। विरोधियों को हटा दिया जाता है। इसीलिए, बंगाली फिल्म इंडस्ट्री आगे नहीं बढ़ रही है। जब लोकतांत्रिक अधिकार ही नहीं रहेंगे, तक कैसे अच्छी फ़िल्में बनेंगी? बंगाल में हिंसा हो रही है और ये दिखाएँगे कि ऐसा कुछ नहीं है, फिर उस फिल्म को कौन देखेगा?

सवाल: उत्तर प्रदेश में किसी एक जिले में छोटी सी भी घटना हो जाए तो मीडिया में खूब हो-हल्ला मचाया जाता है। भाजपा शासित राज्यों में राहुल गाँधी पहुँच जाते हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में इतनी हिंसा होने के बावजूद राष्ट्रीय मीडिया में उस स्तर की कवरेज देखने को नहीं मिलती। ऐसा क्यों?
जवाब: हमलोग हमेशा पश्चिम बंगाल में हिंसा के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहते हैं। संसद में भी हमने आवाज़ उठाया है। वहाँ भी TMC के सांसद हमारी आवाज़ दबाने की कोशिश करते हैं। वहाँ से राष्ट्रीय मीडिया में चीजें आती हैं। लेकिन, और भी आनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में एक के बाद एक घटनाएँ हो रही हैं, लेकिन इसे छिपाने और दबाने के लिए लगातार काम किया जाता रहा है। यही कारण है कि राष्ट्रीय मीडिया में ये चीजें नहीं आती हैं।

सवाल: जब आप अपने क्षेत्र की जनता से मिलती हैं तो वो क्या कहते हैं?
जवाब: जनता बदलाव चाहती है, लेकिन डर के कारण आम लोग सार्वजनिक रूप से ये बात नहीं कह पाते। भाजपा के कार्यकर्ता भी डरे हुए हैं, क्योंकि उन्हें झूठे केस में फँसा दिया जाता है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। यहाँ तक कि भाजपा समर्थकों के लिए केंद्रीय योजनाओं (जैसे, प्रधानमंत्री आवास योजना) का लाभ भी रोक दिया जाता है और TMC वालों को सारे फायदे दे दिए जाते हैं। उन्हें कई-कई योजनाओं का लाभ एक साथ मिल जाता है। लोगों का अपना परिवार हैं, उन्हें उनकी भी देखभाल करनी है। लेकिन, 2024 में वो दिखाएँगे कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल को आगे बढ़ना है।

सवाल: पश्चिम बंगाल के हिंसा पीड़ितों और विस्थापितों के लिए भाजपा एक संगठन के रूप में क्या-क्या कर रही है?
जवाब: हम उनके लिए काफी कुछ कर रहे हैं। जिनके घरों को तोड़फोड़ डाला गया, उन्हें पार्टी की तरफ से मदद दी जा रही है। काफी सारे ऐसे लोग हैं, जिन्हें असम में वहाँ की भाजपा सरकार और कार्यकर्ताओं ने शरण दी। उनकी कानूनी लड़ाई में भी हम मदद कर रहे हैं।

सवाल: कम्युनिस्टों में भी कई ऐसे हैं, जिन्हें TMC ने अपनी हिंसा का निशाना बनाया। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भी पीड़ित हैं। लेकिन, प्रकाश करात या राहुल गाँधी जैसे बड़े नेता अपनी ही पार्टी के पीड़ित कार्यकर्ताओं के लिए आवाज़ नहीं उठा रहे। इसके पीछे आप क्या कारण देखती हैं?
जवाब: कॉन्ग्रेस और CPM वाले TMC के साथ एक प्लेटफॉर्म पर हैं। पश्चिम बंगाल में भी ये सब के सब एक साथ हैं। इनकी एक ही मंशा है – मोदी को हटाओ। जो लोग अच्छे कार्य करते हैं और आगे बढ़ते हैं, सब उनके पीछे पड़ जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। कॉन्ग्रेस के काफी सरे घोटाले हुए थे, उन्हें सामने लाने के लिए नरेंद्र मोदी ही लड़े थे। उन्होंने नोटबंदी किया, जिससे कालाधन पर लगाम लगा। इन्हीं फैसलों के कारण उनके पीछे ये नेता पड़े हुए हैं। पीएम मोदी देश को आगे ले जा रहे हैं।

हिंदू परंपराओं का मजाक उड़ाने वाले बॉलीवुड कलाकार पैसों के लिए कुछ भी कर सकते हैं, फैन्स की जान और सेहत से उनका कुछ लेना देना नहीं

बॉलीवुड में काम करने वाले सेलेब्रिटीज एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपए फीस वसूलते हैं। यही नहीं फिल्मों के अलावा ये कलाकार विज्ञापनों से भी मोटा पैसा कमाते हैं। पैसा कमाने और एक दूसरे से अमीर बनने की होड़ में ये बॉलीवुड कलाकार हानिकारक उत्पादों के विज्ञापन करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

बीते दिनों अजय देवगन, शाहरुख खान और अक्षय कुमार के गुटखा, पान मसाले वाले विज्ञापन पर उनके फैंन्स ने आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद ऐसे उत्पादों के विज्ञापनों पर रोक नहीं लगाई जा रही है, जो हमारी युवा पीढ़ी के लिए ना केवल हानिकारक है, बल्कि इससे उनकी जान को खतरा भी है। इसी बीच हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली, उनकी परंपराओं का मजाक उड़ाने वाली आलिया भट्ट (Alia Bhatt) का शुगर ड्रिंक्स वाला एक विज्ञापन काफी सुर्खियाँ बटोर रहा है। यह विज्ञापन फ्रूटी का है, जिसके लिए उन्हें सोशल मीडिया पर काफी खरी खोटी भी सुनाई गई है।

सार्वजनिक तौर पर कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में शुगर को सेहत के लिए हानिकारक बताने वाली आलिया ने यह विज्ञापन करके साबित कर दिया है कि वह पैसों के लिए कुछ भी कर सकती हैं। हालाँकि, यह उनके लिए कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी वह पैसों के लिए अपनी शादी में हिंदुओं की परंपराओं का मजाक उड़ा चुकी हैं, ताकि सोशल मीडिया पर अपनी फोटो, वीडियो शेयर कर वह करोड़ों रुपए कमा सकें।

5 सालों से रिलेशन में रहने वाले आलिया भट्ट और रणबीर कपूर (Alia Bhatt & Ranbir Kapoor Wedding) ने पिछले महीने हिंदू-पंजाबी रीति रिवाज से शादी रचाई। इसके बाद उन्होंने कपूर हाउस में जमकर पार्टी की। दूल्हा-दुल्हन ने केक काटकर और बाहों में बाहें डालकर वाइन भी पी। सालों तक अपने रिश्ते को छिपाकर रखने वाले और पैसों को ही अपना सब कुछ समझने वाले कपल की फोटो एकाएक सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगती है, क्योंकि उन्होंने अपने हर एक कार्यक्रम जैसे हल्दी, संगीत और शादी की फोटो, वीडियो इंस्टाग्राम और ट्विटर पर शेयर कर दी होती है। इसे उन्होंने छिपाकर नहीं रखा अपने रिश्ते की तरह, क्योंकि इसमें उनका करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा था। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि रिश्त्तों से बढ़कर इनके लिए पैसा है।

वहीं, दूसरी ओर दक्षिण भारतीय कलाकार पैसों से ज्यादा अपने फैंस और उनकी भावनाओं को महत्व देते हैं और उनसे दिल से जुड़े होते हैं। उनके लिए करोड़ों रुपए से ज्यादा उनके फैंस महत्व रखते हैं। पिछले दिनों कई दक्षिण भारतीय कलाकारों ने तंबाकू, पान मसाला के विज्ञापनों को करने से इनकार कर दिया, जबकि फिल्मों से ज्यादा वह विज्ञापनों से करोड़ों की कमाई करते हैं। उन्हें 3 घंटे की एक फिल्म के लिए उतना पैसा नहीं मिलता है, जितना कुछ सेकंड के विज्ञापन के लिए मिलता है।

14 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘केजीएफ चैप्टर-2’ के अभिनेता यश ने हाल ही में करोड़ों रुपए के विज्ञापन को अपने फैंस के लिए ठुकरा दिया था। करोड़ों रुपए का ऑफर मिलने के बाद भी यश ने पान मसाला और इलायची ब्रांड वाला विज्ञापन करने से मना कर दिया था। यश के लिए एंडोर्समेंट डील्स संभालने वाली एजेंसी Exceed Entertainment ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा था, “इन चीजों के इस्तेमाल से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। यश ने यह फैसला बहुत सोच समझकर लिया है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स, फैंस और अन्य चीजों को ध्यान में रखते हुए पान मसाला और इलायची ब्रांड के लिए करोड़ों रुपए के एंडोर्समेंट सौदे से इनकार किया है।”

उनसे पहले सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा’ के ​अभिनेता अल्लू अर्जुन ने एक तंबाकू ब्रांड का टीवी प्रचार करने से इनकार कर दिया था, जबकि इसके लिए उन्हें तंबाकू कंपनी ने भारी-भरकम फीस ऑफर की थी, लेकिन एक्टर ने कहा कि इससे लोगों में गलत संदेश जाएगा। दक्षिण भारतीय अभिनेताओं के साथ-साथ वहाँ की अभिनेत्री साई पल्लवी ने भी साल 2019 में एक फेयरनेस कंपनी के विज्ञापन को यह कहकर ठुकरा दिया था कि वो भारतीय हैं और उनका रंग सही है। उस विज्ञापन के लिए साई पल्लवी को 2 करोड़ रुपए ऑफर किए गए थे। इसके उलट हम कई वर्षों तक टीवी पर फेयर एंड लवली की एड में बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम को देखते आ रहे है।

बहरहाल, इसे उनके (दक्षिण भारतीय कलाकार) अच्छे संस्कार कहें, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। दक्षिण भारत में फैन्स अपने हीरो को इसीलिए इतना ऊँचा दर्जा देते हैं, क्योंकि उनके हीरो की छवि सिर्फ एक किरदार में नहीं बंधी हुई नहीं होती, जो 3 घंटे की फिल्म में दिखाई देती है। वो असल जिंदगी में भी अपने सामाजिक कार्यों की बदौलत समाज के बीच एक नायक की तरह ही रहते हैं।

यही कारण है कि उनके फैंस उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं, उन पर दूध चढ़ाते हैं और उन्हें माला पहनाते हैं। यह फैंस का कलाकारों के प्रति स्नेह और सम्मान ही होता है, जिसे बॉलीवुड वाले चाहकर भी नहीं प्राप्त कर पाते हैं, क्योंकि उनके लिए तो ‘ना बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया’ ही मायने रखता है। उनका स्वार्थ और पैसों के प्रति उनकी भूख ही उन्हें फैंस की नजरों में गिरा देती है। इस सोच को बदलना होगा कि पैसा ही सब कुछ होता है, क्योंकि यह हमारे देश के युवाओं और संस्कृति के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है।

शादी समारोह में रोटी पर थूकने का वीडियो वायरल, आरोपित फिरोज को मेरठ पुलिस ने किया गिरफ्तार, रासुका लगाने की माँग

मेरठ के अतरौली गाँव में सोमवार (9 मई, 2022) को एक विवाह समारोह में थूककर नान रोटी बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने फिलहाल आरोपित फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कहा जा रहा है कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने गिरफ़्तारी के बाद उससे पूछताछ भी की है।

बता दें कि मेरठ और आसपास के जिलों में इससे पहले भी कई बार शादी समारोहों में रोटी या नान पर थूक लगाने के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित एक्शन लिया है। खरखौदा पुलिस के अनुसार, मामला मेरठ के अतरौली गाँव निवासी नरेश कुमार की बेटी की शादी थी। शादी में उन्होंने नान रोटी बनाने का काम हापुड़ के फिरोज पुत्र वाजिद को दे रखा था। जिसका थूककर रोटी बनाने का वीडियो वायरल हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रोटी बनाते हुए थूकते हुए फिरोज का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के आधार पर नरेश कुमार ने पुलिस को सूचना देकर आरोपित फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार दुबे ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे मामले में जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच रोटी पर थूक के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोपित पर रासुका के तहत कार्रवाई की माँग की है।

पंजाब में आतंक के लिए Pak ने बनाया ‘लश्कर-ए-खालसा’, शुरू हो गई है ट्रेनिंग: मोहाली बम ब्लास्ट का ‘पिज्जा कनेक्शन’ भी आया सामने

पंजाब के मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर सोमवार (9 मई 2022) को हुए हमले को लेकर नई-नई जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मामले में पहले क्लू के रूप में संदिग्ध मारुति स्विफ्ट में सवार दो लोगों पर शक है। वहीं पंजाब को दहलाने के लिए नए नाम से आतंकी गुट बनाने की भी खबर है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब इंटेलिजेंस का एक कर्मचारी पिज्जा डिलीवरी को रिसीव करने के लिए दफ्तर से बाहर आया हुआ था। इस दौरान उसने दफ्तर के बाहर एक सफ़ेद रंग की मारुति स्विफ्ट को खड़े हुए देखा, जो कि संदिग्ध नजर आ रही थी। जैसे ही इंटेलिजेंस कर्मचारी अपना पिज्जा का ऑर्डर लेकर अंदर जाने लगा, संदिग्धों ने कार से इंटेलिजेंस बिल्डिंग की तरफ एक ग्रेनेड दाग दिया और मौके से फरार हो गए। अब इस जानकारी के मिलने के बाद इलाके के सभी सीसीटीवी को खँगाला जा रहा है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। 

वहीं खबर आ रही है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने पंजाब में आतंकवादी घटनाओं के लिए एक नए नाम से आतंकी गुट बनाया है। जानकारी के मुताबिक इस आतंकी गुट का नाम है – ‘लश्कर-ए-खालसा’। इस आतंकी गुट में शामिल दहशतगर्तों को अफगानिस्तान के लड़ाकू ट्रेनिंग दे रहे हैं। मीडिया रिपोट्स के अनुसार लश्कर-ए-खालसा में शामिल करने के लिए पंजाब और हरियाणा के स्थानीय गैंगस्टर और बदमाशों से संपर्क साधा जा रहा है। इसके लिए ड्रग्स के धंधे को भी जरिया बनाया जा रहा है। बता दें कि इन दोनों राज्यों में ड्रग्स का धंधा बड़े पैमाने पर होता है। यह धंधा लाखों-करोड़ों में हो रहा है। जिसपर लगाम की तमाम कोशिशें अभी तक नाकाम साबित हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लश्कर-ए-खालसा के जरिए जम्मू-कश्मीर सहित अन्य क्षेत्रों में हमले की साजिश रची जा रही है। बता दें कि लश्कर-ए-खालसा ग्रुप को ट्रेनिंग देने वाले अफगानी लड़ाकू के पास अत्याधुनिक हथियारों को चलाने का अनुभव है। पहले अफगानी लड़ाकू को आरपीजी जैसे आधुनिक हथियार के साथ देखा गया है। जिसके बाद सुरक्षाबल अलर्ट पर है।

उल्लेखनीय है कि मोहाली में पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की बिल्डिंग के पास धमाका हुआ है। जिसके बाद से पूरे पंजाब को अलर्ट किया गया है। इस धमाके में अब जो बात सामने आ रही है उसके अनुसार कार से दो संदिग्ध आए और उन्होंने करीब 80 मीटर दूर से रॉकेट ग्रेनेड को दागा था। आधिकारिक तौर पर अभी तक इस हमले को आतंकी हमला नहीं बताया गया है। लेकिन पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर जैसे अतिसुरक्षित स्थल पर गैनेड हमला होना अपने आप में बड़ी बात होती है।