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‘जुलाहे $#डी की औलाद हैं’: योगी सरकार में बुनकर समाज के दानिश को मंत्री बनाए जाने से भड़के मुस्लिम, जम कर बकी गालियाँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में राज्य मंत्रिमंडल में दानिश आज़ाद अंसारी नाम के एक मुस्लिम चेहरे को भी जगह दी है। उनके पिछले कार्यकाल में मोहसिन रज़ा यूपी सरकार में मंत्री थे। दानिश आज़ाद अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग भी सौंपा गया है। उन्हें राज्यमंत्री का पद दिया गया है। हालाँकि, मुस्लिमों के एक समूह को ये पसंद नहीं आ रहा है।

लेखक और पसमांदा कार्यकर्ता फैयाज अहमद फैजी ने कुछ स्क्रीनशॉट्स शेयर किए, जिसमें मुस्लिम ही दानिश आज़ाद अंसारी को गाली दे रहे हैं। उन्होंने साथ ही लिखा, ‘क्या आपने कभी ऐसा देखा है कि किसी हिन्दू पिछड़े दलित को राजनैतिक भागीदारी मिलने पर सवर्ण समाज की तरफ से इस प्रकार गाली-गलौज किया जाता है? जिस तरह से अशराफ़ समाज के नौजवानों और बुजुर्गो द्वारा एक देशज पसमांदा को भागीदारी मिलने पर लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि मुस्लिमों में नस्लवाद/जातिवाद कितनी गहरी है और उनमें सामाजिक न्याय की कितनी आवश्यकता है। उनके द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में इरफ़ान जिब्रान नाम के एक व्यक्ति ने लिखा है, “ये जुलाहे आजकल खुश क्यों नजर आ रहे हैं? कोई लौकरी लगी है क्या?” वहीं मोहम्मद शाहिद हुसैन ने लिखा, “तुमलोगों से न आज तक कुछ उखड़ा है और न आगे उखड़ेगा। बीएस विधवा विलाप करते रहो।”

वहीं खुद को सामाजिक कमेंटेटर बताने वाले डॉक्टर सैयद रिजवान अहमद ने दानिश आज़ाद अंसारी के एक समर्थक को लिखा, “दो कौड़ी के गटर की औलाद, जुलाहे, कि तेरी जुलाहा सुन कर जली क्यों? सैय्यद-अशरफ सुन कर मेरी तो नहीं जलती गली की पैदाइश? सुन जुलाहे, तेरे जुलाहे भाई ने हरामखोर बोला तो मुझे बुरा नहीं लगा। लेकिन, जुलाहा सुन कर तेरी जल गई। क्या जुलाहा बोलना गाली से भी बदतर है जुलाहे?”

बता दें कि उनके फेसबुक पर 3 लाख से भी अधिक फॉलवर्स हैं। इसी तरह कई अन्य मुस्लिमों ने भी दानिश आज़ाद अंसारी और उनके समाज को खुल कर गाली दी। AIMIM समर्थक रिजु खान ने लिखा, “पूरे हिंदुस्तान की अंसारियों की बहन की $#”। इसी तरह उसने कई बार गंदी-गंदी गालियों का प्रयोग किया और माँ-बहन की लगातार गाली दी। उन्होंने जुलाहा को ‘#$डी की औलाद’ भी कह डाला। इससे अंसारी समाज में खासा गुस्सा है।

उन्होंने मंत्री बनने के बाद बताया कि वो अंसारी परिवार से आते हैं, जिनका मुख्य पेशा बुनकर का रहा है। उनके पिता भी एक बुनकर ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक आम बुनकर लड़के को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने इतना बड़ा पद देकर विपक्षियों के मुँह पर करारा तमाचा मारा है। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी को मुस्लिमों का सच्चा हितैषी भी करार दिया। 32 साल के दानिश आज़ाद अंसारी लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और ABVP से छात्र राजनीति करने के बाद वो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी हैं।

विल स्मिथ की 2 बीवी, जिसके लिए मारा थप्पड़-माँगी माफी उनको Alopecia: जानिए क्या है ये बीमारी, तलाक कैसे टली

ऑस्कर अवार्ड्स के दौरान कॉमेडियन क्रिस रॉक और एक्टर विल स्मिथ के बीच जो विवाद हुआ उसकी चर्चा अब हर जगह है। इस बीच अमेरिकी एक्टर विल स्मिथ ने क्रिस से माफी माँगी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में लिखा कि उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ कि उनकी बीवी की मेडिकल कंडीशन का मजाक उड़ाया गया। इसलिए उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया दे दी।

विल स्मिथ ने क्रिस से माँगी माफी

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “हिंसा किसी भी रूप में जहरीली और विनाशकारी होती है। कल रात के एकेडमी अवॉर्ड्स में मेरा व्यवहार स्वीकार करने लायक नहीं था। मेरे खर्चों पर मज़ाक करना मेरे काम का एक हिस्सा है, लेकिन जेडा की मेडिकल कंडीशन का मज़ाक उड़ाना मेरे बर्दाश्त के बाहर था और मैंने भावुक होकर रिएक्ट कर दिया।”

उन्होंने कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से तुमसे माफी माँगना चाहता हूँ, क्रिस। मैंने हद पार की, मैं गलत था। मैं शर्मिंदा हूँ। मेरी हरकतें उस आदमी का संकेत नहीं थीं जो मैं बनना चाहता हूँ। प्रेम और दया की दुनिया में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने एकेडमी, शो के निर्माताओं, किंग रिचर्ड की पूरी फैमिली समेत सभी दर्शक लोगों से माफी माँगी। उन्होंने माना कि उनके इस गलत रवैये से उनके सुंदर सफर पर दाग लग गया है।

बता दें कि ऑस्कर्स अवार्ड्स के दौरान क्रिस रॉक ने जेडा पिंकेट के शेव हेड पर जोक बनाया था। यही विल स्मिथ से बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने बीच मंच पर जाकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंस ने इस हरकत की निंदा करते हुए अपनी जाँच शुरू कर दी है

एलोपेसिया क्या है?

क्रिस द्वारा विल की पत्नी जेडा के गंजेपन का जो मजाक बनाया गया वो गंजापन कोई फैशन का हिस्सा नहीं था बल्कि उनकी पत्नी एलोपेसिया बीमारी से पीड़ित हैं। इसकी जानकारी उन्होंने 2021 में भी दी थी। इस बीमारी में सिर के बाल झड़ जाते हैं। अगर जल्द इसे डायगनॉस नहीं किया जाता तो इसका उपचार असंभव हो जाता है। ये बीमारी 30-50 वर्ष की आयु वाले लोगों में होती हैं। इसमें इम्यून सिस्टम हेयर फॉलिकल पर अटैक करते हैं। एक स्टेज ऐसा आता है कि बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं लेकिन दोबारा उगते भी हैं। इस बीमारी का कोई तय इलाज नहीं होता इसलिए इसमें हेयर री ट्रांस्प्लांट की सलाह कई बार दी जाती है।

विल स्मिथ और जेडा के तलाक की अफवाह और ओपन मैरिज की चर्चा

गौरतलब है कि जेडा पिंकेट और विल स्मिथ पूरी हॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने ओपन रिलेशन के कारण जाने जाते हैं। विल की पहली शादी 1992 में शेरी जम्पीनो से हुई। लेकिन 1995 में दोनों अलग हो गए। फिर जेडा से 1997 में शादी हुई और 2013 में उनके तलाक होने की अफवाह उड़ी, लेकिन बाद में इन कयासों को नकार दिया गया। दोनों ने अपने रिश्ते को बचाने के लिए एक दूसरे को छूट दी कि वे किसी के साथ भी रह सकते हैं। अब भी दोनों के रिश्ते पर चर्चा इस खुले रिश्ते के कारण ज्यादा होती है। कुछ साल पहले जेडा शादीशुदा होने बाद भी अगस्त अलसीना के साथ संबंध में थीं।

‘सेकुलर निकाह’ से तलाक के बाद IAS टीना डाबी ने की सगाई, प्रदीप गवांडे के साथ 22 अप्रैल को लेंगी सात फेरे

UPSC 2015 बैच की टॉपर IAS टीना डाबी (Tina Dabi) अपनी दूसरी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। वह 2013 बैच के IAS डॉ. प्रदीप गवांडे के साथ सात फेरे लेने जा रही हैं। इस बात का खुलासा खुद टीना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर किया है। टीना ने सगाई की फोटो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया और हैशटैग में #fiance लिखा है। 

इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई तस्वीरों में टीना लाल रंग की साड़ी पहने हुए और उनके मंगेतर प्रदीप गवांडे लाल रंग के कुर्ते में नजर आ रहे हैं। आईएएस प्रदीप गवांडे ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सगाई की तस्वीरें अपलोड की हैं। तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों 22 अप्रैल को शादी करने जा रहे हैं। टीना से प्रदीप करीब 13 साल बड़े हैं।

जानकारी के मुताबिक यह प्रदीप गवांडे की भी दूसरी शादी है। RSLDC में MD रहते हुए गावंडे का नाम रिश्वत केस में भी आया था। फिलहाल वह आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियम के डायरेक्टर पद पर हैं। वहीं टीना राजस्थान में ज्वॉइंट सेक्रेट्री फाइनेंस (टैक्स) के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि जयपुर के एक निजी होटल में पूरा फंक्‍शन होगा।

बता दें कि साल 2015 में यूपीएससी की परीक्षा टॉप करने के बाद टीना डाबी सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद आईएएस अतहर आमिर से उन्होंने निकाह किया था। यह निकाह 2018 में हुआ और दोनों ने साल 2020 में तलाक की अर्जी दी, जिसे अगस्त 2021 में मँजूर कर लिया गया। कई राजनेताओं और पत्रकारों ने इस निकाह का खूब डंका बजाया था और इसे ‘सेक्युलर इंडिया की पहचान’ से लेकर सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक तक बताया था। 

उल्लेखनीय है कि मसूरी में आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान टीना और अतहर एक-दूसरे के बीच नजदीकियाँ बढ़ी थीं। इसके बाद उन्होंने शादी का फैसला किया था। शादी के बाद टीना डाबी ने अपने सरनेम के आगे खान लगा लिया था। तलाक की अर्जी से कुछ समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट में अपने नाम से खान सरनेम हटा दिया था। तलाक के बाद अतहर कैडर बदलकर अपने गृह राज्य जम्मू कश्मीर वापस लौट गए थे।

सालभर बाद ईडाणा माता का अग्निस्नान, देखिए Video: श्रृंगार-चढ़ावा-वस्त्र जलकर भस्म, मूर्ति को कोई नुकसान नहीं

राजस्थान के उदयपुर में ईडाणा माता का शक्तिपीठ है। यह जगह माता के अग्निस्नान के लिए प्रसिद्ध है। अग्निस्नान की कोई तिथि तय नहीं है। कभी भी अपने आप अग्नि प्रकट होती और फिर खुद ही बुझ भी जाती है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार (28 मार्च 2022) को माता ने अग्निस्नान किया। सुबह के करीब 11:30 बजे देखते ही देखते मंदिर परिसर में ऊँची-ऊँची आग की लपटें उठनी शुरू हो गईं। यह अग्निस्नान लगभग 15 मिनट तक चला। इस दौरान श्रृंगार, चढ़ावा और वस्त्र जलकर भस्म हो गए। लेकिन मूर्ति को तनिक भी नुकसान नहीं पहुँचा। इसे देखने के लिए काफी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार यह अग्निस्नान तकरीबन एक साल बाद हुआ है। 

इससे पहले ईडाणा माता ने 9 मार्च 2021 की शाम 4 बजे अग्निस्नान किया था। इसके 5 दिन बाद 14 मार्च 2021 को भी अग्निस्नान हुआ था। अग्नि स्नान की सूचना जैसे ही फैली तो आसपास के कई गाँव के लोग मंदिर पहुँच गए। अग्नि स्नान करते हुए माँ के अद्भुत स्वरूप के दर्शन किए। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो माता के अग्निस्नान की कोई तय तिथि नहीं है। यह कभी-कभी महीने भी 3-4 बार भी हो जाता है तो कभी साल भर नहीं होता।

उदयपुर से करीब 60 किलो मीटर दूर कुराबड़- बम्बोरा मार्ग पर अरावली की पहाडिय़ों के बीच स्थित ईडाणा माता का यह मंदिर हजारों वर्ष प्राचीन है। मान्यता है कि महाभारत काल में इस मंदिर की स्थापना की गई थी। अग्निस्नान देखने के लिए लोग यहाँ विदेशों से भी आते हैं। लेकिन कोई तिथि तय नहीं होने के कारण ज्यादातर मौकों पर लोगों को निराश होकर ही लौटना पड़ता है। इस मंदिर की देवी ईडाणा माता को स्थानीय रजवाड़े अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते आए हैं।

यहाँ माता का कोई भव्य मंदिर नहीं है। ईडाणा माता बरगद के वृक्ष के नीचे विराजमान हैं। माता के सिर के ऊपर कोई शिखर भी नहीं है। माता खुले आसमान के नीचे निवास करती हैं। माँ की मूर्ति के पीछे केवल मनोकामना पूरी होने पर भक्तों की ओर से चढ़ाई जाने वाली चुनरी और त्रिशूलों का सुरक्षा कवच मौजूद है।

यह घटना किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि अग्नि स्नान के बाद भी माता की प्रतिमा वर्षों पहले जैसी थी आज भी वैसी ही है। जबकि ईडाणा माता के अग्निस्नान के समय उठने वाली लपटों से कई बार उस बरगद के पेड़ तक को नुकसान पहुँचा हैं जिसके नीचे सदियों से माता रानी विराजमान हैं। इस शक्ति पीठ की विशेष बात यह है कि यहाँ माँ के द्वार और दर्शन चौबीस घंटे खुले रहते हैं और माना जाता है कि यहाँ आकर लकवाग्रस्त मरीज ठीक हो जाते हैं।

हिंदू देवी-देवताओं को गाली पर ब्लॉक क्यों नहीं करते: ट्विटर को दिल्ली HC ने फटकारा, कहा- दूसरे मजहब होते तो एक्शन लेते

ट्विटर के हिपोक्रेटिक रवैये को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (28 मार्च 2022) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब ट्विटर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक का अकॉउंट सस्पेंड कर सकता है तो फिर हिंदू देवी और देवताओं के बारे में जो अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं उन अकॉउंट पर एक्शन क्यों नहीं लेता।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि ट्विटर कोई भी कड़ा कदम तभी उठाता है जब उनको खुद कोई पोस्ट या जानकारी संवेदनशील लगती है। वो उस मामले में कार्रवाई नहीं करते जब दूसरों की भावनाएँ आहत हुई हों।

एसीजे संघी ने कहा, “ये इस तरह एक्शन लेते हैं कि यदि इन्हें लगे कि चीज संवेदनशील तो उसे ब्लॉक कर दो और अगर न लगे तो आप अन्य जातियों या अन्य क्षेत्रों के लोगों के बारे में मत सोचो। अगर यही बात किसी और मजहब के खिलाफ़ जाती तो आप गंभीर होते।”  

इस टिप्पणी के बाद कोर्ट ने ट्विटर से जवाब माँगा जिसमें उन्हें बताना होगा कि किसी अकॉउंट को स्थायी रूप से ब्लॉक करने की उनकी क्या प्रक्रिया है। अब ट्विटर को जवाब में अपनी पॉलिसी समझानी होगी। अब ये मामला 6 सितंबर को सुना जाएगा।

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी एक हलफनामा दायर करने को कहा है जिसमें किसी अकॉउंट को ब्लॉक करने से संबंध में ट्विटर के साथ उनकी SOP के बारे में उन्हें जानकारी देनी होगी।

एथिस्ट रिपब्लिक के विरुद्ध याचिका

बता दें कि ये याचिका कोर्ट में वकील आदित्य देशवाल ने डाली थी जिसमें प्रमुखत: से ट्विटर हैंडल एथिस्ट रिपब्लिक का जिक्र है। याचिका में कहा गया है कि तमाम शिकायतों के बावजूद अकॉउंट न तो सस्पेंड हुआ और न ही उसके ऊपर कोई कार्रवाई हुई।

उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने पिछले वर्ष नवंबर में भी ट्विटर से नाराजगी व्यक्त की थी और चार पोस्ट अपनी साइट से हटाने के लिए निर्देश दिए थे। ऐसे में सिद्धार्थ लूथरा ने ट्विटर की ओर से पेश होते हुए बताया कि उन्होंने कोर्ट के पिछले निर्देश मान लिए हैं। आपत्तिजनक सामग्री वाले ट्वीट हटा दिए गए हैं। कई राज्यों में उनके ऊपर एफआईआर भी हुई है। लूथरा ने सुनवाई में कहा कि वो अकॉउंट को ब्लॉक नहीं करते सिर्फ कोर्ट के निर्देश के बाद ऐसा किया जाता है।

वहीं देशवाल ने कोर्ट में नए आईटी एक्ट नियमों पर बात करते हुए कहा कि ये कहना गलत है कि सोशल मीडिया सिर्फ कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि ट्विटर-फेसबुक न सामग्रियों को हटाते हैं जो उनके नियमों के विरुद्ध हो। देशवाल ने गौर करवाया कि एथिस्ट रिपब्लिक से लगातार ऐसी हरकत होती है। इसके संस्थापक अरमिन नवाबी हैं जो इस कार्रवाई का भी मजाक उड़ा रहे हैं। वह ईशनिंदा वाली सामग्री प्रसारित करते हैं। वे भले ही खुद नास्तिक हों लेकिन वे किसी धर्म का अपमान नहीं कर सकते।

केंद्र की ओर से पेश वकील हरीश वैद्यनाथ शंकर ने बताया कि ट्विटर और केंद्र की sop है जो ट्विटर पर अकॉउंट ब्लॉक करने में काम करती हैं। इसके अनुसार, 60 दिन में 5 से ज्यादा संदेश नियम उल्लंघन के आते हैं तो अकॉउंट ब्लॉक होता है।

इस सुनवाई में कोर्ट में एथिस्ट रिपब्लिक की ओर से वृंदा भंडारी पेश हुईं और अपनी बात न सुनी जाने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि उन्हें ब्लॉक किए जाने से पहले उन्हें सुना जाना चाहिए। कोर्ट ने एथिस्ट रिपब्लिक को नोटिस जारी किया और भंडारी से इस अकॉउंट संबंधी जानकारी वाला हलफनामा दायर करने को कहा और पूछा कि क्या इसका भारत में कोई बिजनेस हैं या यहाँ इसका कोई अधिकारी है। 

पीठ ने आश्वासन माँगा कि हर विवादित सामग्री हटाई जाएगी या उन्हें हटाने के निर्देश दिए जाएँगे और ये सब तब तक दोबारा अपलोड नहीं होगा जब तक कि कोर्ट इस पर कोई निर्णय न लें।

‘मैंने 233 कश्मीरी पंडितों को नौकरी दी’: कश्मीरी शरणार्थियों के खिलाफ कोर्ट गई थी केजरीवाल सरकार, शिक्षक संघ ने बयान को बताया झूठ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी पंडितों का मजाक उड़ाते हुए विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को भाजपा समर्थित और ‘झूठी फिल्म’ कहा था। यही नहीं विधानसभा में फिल्म को दिल्ली में टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर केजरीवाल ने इसे यूट्यूब पर डालने की सलाह दी थी, जिसके बाद वह और उनके पार्टी के नेता जोर-जोर से ठहाके लगाते हुए नजर आए थे।

इस बीच ‘प्रवासी शिक्षक संघ (Kashmiri Migrant Teachers Association)’ ने ट्विटर पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केजरीवाल को बेनकाब कर दिया है। इससे साफ कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल झूठ बोल रहे थे। इस मामले को कई समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों से भी सत्यापित किया जा सकता है।

फोटो साभार: ट्विटर

मालूम हो कि अरविंद केजरीवाल ने रविवार (27 मार्च, 2022) को एक इंटरव्यू में कहा था, “मैंने 233 कश्मीरी पंडितों को नौकरी दी है, भाजपा ने क्या किया है। कश्मीरी पंडितों का मुद्दा बहुत संवेदनशील है, हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं, इस पर राजनीति बंद होनी चाहिए।”

केजरीवाल का झूठ सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने अपनी प्रति​क्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट किया, “हे भगवान। यह बहुत शर्म की बात है कि कश्मीरी हिंदू शिक्षकों को एक चुने हुए प्रतिनिधि के सफेद झूठ को उजागर करने के लिए इस तरह से सामने आना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर झूठ बोलने पर कानून में क्या सजा है?”

बता दें कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगेंडा और झूठ बताने पर फिल्म के अभिनेता अनुपम खेर ने केजरीवाल पर हमला करते हुए बोला था, “यह शर्मनाक है। शर्मनाक है, क्योंकि उन्होंने यह फिल्म नहीं देखी है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले फिल्में टैक्स-फ्री नहीं की हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने हाल में 83 टैक्स फ्री की हैं। यह फिल्म टैक्स-फ्री से आगे बढ़ चुकी है। यह एक आंदोलन बन गया है, मूवमेंट बन गई है।”

वहीं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “केजरीवाल ने नविका के सामने खुलेआम झूठ बोला कश्मीरी पंडितों के बारे में। नविका ने सफेद झूठ देश को दिखाया। कोई सवाल नहीं पूछा। सच ये हैं कि केजरीवाल सरकार कश्मीरी पंडितों के खिलाफ तीन बार कोर्ट गई, तीनों बार हारी। ये वो सच है जो बिका हुआ मीडिया कभी नहीं दिखाएगा।”

उधर अरविंद केजरीवाल ने The Kashmir Files को बताया ‘झूठी फिल्म’, इधर AltNews और जुबैर का दावा – नहीं उड़ाया नरसंहार का मजाक

एक तरफ जहाँ ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ खुल कर फिल्म ‘The Kashmir Files’ के विरोध में उतर आई है, वहीं दूसरी तरफ खुद को ‘फैक्ट चेकर’ बताने वाला प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ये झूठ फैलाने में लगा हुआ है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को कमतर कर के नहीं दिखाया। जबकि सच्चाई तो ये है कि AAP सुप्रीमो ने इस फिल्म को ही ‘झूठी’ बता दिया, जो सच्ची घटनाओं पर आधारित है।

जबकि AltNews और उसका कर्ताधर्ता जुबैर ये झूठ फैला रहा है कि भाजपा नेता अरविंद केजरीवाल के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। गौर कीजिए कि यहाँ AAP कार्यकर्ता अपने सुप्रीमो के बचाव में नहीं आ रहे, एक मीडिया संस्थान आ रहा है। प्रोपेगंडा पोर्टल ने दावा किया है कि विधानसभा में दिए गए भाषण में कहीं भी कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों को नकारा नहीं है। ये तो आपको पता ही होगा कि AltNews ने इसका जिक्र नहीं किया है कि ये अत्याचार किसने किया।

अब भला AltNews क्यों कश्मीरी मुस्लिमों के अत्याचारों को उजागर करेगा? उसका काम तो इसे छिपाना है न, जो पूरा का पूरा इकोसिस्टम पिछले 32 वर्षों से करता आ रहा है। AltNews दावा कर रहा है कि अरविंद केजरीवाल ने कहीं भी कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार को नकारा नहीं, लेकिन वो ये बताना भूल गया कि इन अत्याचारों को दिखाती फिल्म को ही उन्होंने ‘झूठी’ बताते हुए इसे दिल्ली में टैक्स फ्री का दर्जा देने से इनकार कर दिया।

अरविंद केजरीवाल ने इस भाषण में कहा था, “निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को इतना ही शौक है तो बोलो यूट्यूब पर डाल देगा, वहाँ सब कुछ फ्री है और सारे लोग देख लेंगे एक ही दिन के अंदर। टैक्स फ्री कराने की ज़रूरत ही क्या है?” AAP विधायकों ने अपनी पार्टी के सुप्रीमो के इस बयान का स्वागत करते हुए विधानसभा में मेज थपथपाए। केजरीवाल सहित AAP विधायक ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर ठहाके लगाते हुए देखे गए और Altnews वाले कह रहे हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को नकारा ही नहीं।

अरविंद केजरीवाल ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ की बात करते हुए भाजपा नेताओं को कहा था, “आप एक झूठी पिक्चर के पोस्टर लगाते हुए अच्छे नहीं लगते। ये आपको शोभा नहीं देता।” लोग अब जुबैर से पूछ रहे हैं कि फिल्म पर ठहाके लगाने और इसे यूट्यूब पर डालने की बात कर के उन्होंने क्या कश्मीरी पंडितों के अत्याचार पर जले पर नमक नहीं छिड़का? फिल्म सच्ची नादिमार्ग नरसंहार और बीके गंजू की हत्या जैसी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। इस पर ठहाके लगाने का क्या मतलब हो सकता है?

‘मेरे नाम में खान है, इसीलिए पाकिस्तान जाने को कहा जाता है’: बोले ’83’ के निर्देशक कबीर खान – देशप्रेम और राष्ट्रवाद में अंतर

अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाले डायरेक्टर कबीर खान ने इस बार एक इंटरव्यू में राष्ट्रवाद और देशप्रेम में अंतर बताया है। एक था टाइगर फिल्म के डायरेक्टर ने कहा, “ये जरूरी नहीं है कि देश के लिए प्यार जताने के लिए दूसरा पक्ष भी दिखाया जाए। कभी-कभी हम अपनी फिल्मों में तिरंगा दिखाते हैं, लेकिन राष्ट्रवाद और देशप्रेम में बहुत अंतर है।”

कबीर खान ने अपना दर्द बयाँ करते हुए एबीपी ‘आइडियाज ऑफ इंडिया समिट 2022’ में कहा कि उन्हें अपने ‘खान’ सरनेम के कारण कई बार पाकिस्तान जाने को कहा गया। उन्हें लगातार ट्रोल किया जाता है। उन्हें ये सब बहुत बुरा लगता है। कबीर आगे कहते हैं, “मेरा नाम खान है और इसलिए मुझसे कहा गया कि पाकिस्तान जाओ।” उन्होंने बताया, “मैं एक बार पाकिस्तान गया था, वहाँ लश्कर-ए-तैय्यबा ने मुझे भारत वापस जाने के लिए कहा। इस हिसाब से तो मैं न यहाँ का हूँ और न वहाँ का।”

’83’ का निर्देशन करने वाले कबीर खान ने इस फिल्म में केवल पाकिस्तान और उसकी फ़ौज का महिमामंडन किया है। फिल्म पानीपत, पद्मावत और तान्हाजी में मुगलों को हत्यारा दिखाए जाने से खान ने खासा नाराजगी जताई जताते हुए मुगलों को ही असली राष्ट्र निर्माता बता दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि आप फिल्मों में मुगलों को गलत दिखाना चाहते हैं, तो पहले रिसर्च कर लीजिए और यह भी बताइए कि किस आधार पर आप ऐसा दिखा रहे हैं।

बता दें कि बजरंगी भाईजान के निर्देशक कबीर खान ने पिछले साल अगस्त में विवादित बयान देते हुए कहा था कि उन्हें मुगलों को बदनाम करने वाली फिल्में देखना ‘समस्याग्रस्त और परेशान करने वाला’ लगता है। उनके मुताबिक ऐसा ‘सिर्फ पॉपुलर नैरेटिव के साथ जाने के लिए’ किया जाता है और ये फिल्में ‘ऐतिहासिक साक्ष्य’ पर आधारित नहीं हैं।

‘…जैसे मैं रिहाना की पैंटी को ना बोल दूँ’: पुराना है विल स्मिथ और क्रिस रॉक का झगड़ा, थप्पड़ के पीछे 6 साल पुराना गुस्सा?

94वें ऑस्कर अवॉर्ड समारोह में तब लोग भौंचक रह गए, जब सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान जीतने वाले विल स्मिथ ने अपनी पत्नी को लेकर किए गए मजाक से आक्रोशित होकर मंच पर चढ़ कर होस्ट कॉमेडियन क्रिस रॉक को थप्पड़ जड़ दिया। अब सामने आया है कि अश्वेत समुदाय के दोनों हस्तियों के बीच का झगड़ा काफी पुराना है। पहले भी क्रिस रॉक अभिनेता विल स्मिथ की पत्नी जेडा पिंकेट स्मिथ को लेकर मजाक कर चुके हैं।

ये मामला 6 साल पुराना है, 2016 के एकेडमी अवॉर्ड समारोह का। ये वो समय था जब जेडा पिंकेट स्मिथ ने ऑस्कर का बहिष्कार किया था। उन्होंने इस अवॉर्ड समारोह पर ‘काफी श्वेत’ होने का आरोप लगाते हुए बहिष्कार किया था, अर्थात इसमें श्वेत समुदाय का प्रभुत्व होने का आरोप लगा कर। उनका कहना था कि इसमें काफी कम विविधता है। तब अपने मोनोलॉग में क्रिष रॉक ने विल स्मिथ की पत्नी को निशाने पर लिया था।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि ऐसे कार्यक्रम का कैसे बहिष्कार किया जा सकता है, जिसके लिए आपको न्योता ही न मिला हो? इसके बाद उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा था, “जेडा द्वारा ऑस्कर का बहिष्कार करना वही बात हो गई, जैसे मैं रिहाना की पैंटी का बॉयकॉट कर दूँ। मुझे इसके लिए न्योता ही नहीं भेजा गया है।” हालिया कार्यक्रम में 53 वर्षीय विल स्मिथ ने 57 वर्षीय क्रिष रॉक को इसीलिए थप्पड़ जड़ दिया, क्योंकि उन्होंने उनकी पत्नी के बाल उड़ने को लेकर उनका मजाक बनाया था।

भारत में भी इस घटना लेकर मीम्स बन रहे हैं। ‘ब्योमकेश’ नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “आशुतोष गोवारिकर साहब ने काश इस मोटू (निर्देशक साजिद खान) को ऐसा ही सबक सिखा दिया होता अवॉर्ड शो में.. ये भी स्टेज में आने के बाद कॉमेडी के नाम पर कुछ भी बकवास करता रहता है।” 2009 में एक अवॉर्ड शो के दौरान बतौर होस्ट साजिद खान ने तब डेब्यू कर रहे अभिनेता हरमन बावेजा के अभिनय का मजाक बनाया था। आशुतोष गोवारिकर ने तब मंच पर उन्हें करारा जवाब दिया था।

‘पहले FIR किया, फिर वापस ले ली’: बोले तजिंदर बग्गा – ये अरविंद केजरीवाल के मुँह पर जोरदार तमाचा

भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा (Tajinder Pal Singh Bagga) के खिलाफ पंजाब के पटियाला में FIR दर्ज करवाने वाली ​केजरीवाल ​सरकार बैकफुट पर आ गई है। सोमवार (28 मार्च 2022) शाम को भाजपा नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने ट्वीट कर यह बात कही। उन्होंने लिखा, “बैकफुट पर केजरीवाल सरकार, कल की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने चुपचाप मेरे खिलाफ एफआईआर वापस ले ली है। यह केजरीवाल के मुँह पर जोरदार तमाचा है।”

मालूम हो कि यह FIR दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ तजिंदर बग्गा द्वारा किए गए एक ट्वीट को लेकर की गई थी। भाजपा युवा मोर्चा नेता ने यह ट्वीट केजरीवाल द्वारा दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ संवेदनहीन टिप्पणी के बाद किया था। बग्गा के खिलाफ हुई FIR की जानकारी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता राम कुमार झा ने 27 मार्च (रविवार) को ट्विटर पर साझा की थी।

FIR की जानकारी ट्वीट करने वाले आप कार्यकर्ता राम कुमार झा को ट्विटर पर जवाब देते हुए बग्गा ने लिखा, “1 नहीं 100 FIR करना, लेकिन केजरीवाल अगर कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार को झूठा बताएगा तो मैं बोलूँगा। अगर केजरीवाल कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार पर ठहाके लगाएगा तो मैं बोलूँगा। चाहे उसके लिए मुझे जो अंजाम भुगतना पड़े, मैं तैयार हूँ। मैं केजरीवाल को छोड़ने नहीं वाला। नाक में नकेल डाल के रहूँगा उसके।”

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का मजाक उड़ाया था। यह मजाक उन्होंने फिल्म को दिल्ली में टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर उड़ाया था। केजरीवाल ने इसे यूट्यूब पर डालने की सलाह दी थी। बाद में उन्होंने इस फिल्म को भाजपा समर्थित और ‘झूठी फिल्म’ कहा था।