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₹257 करोड़ की ओपनिंग! पहले दिन सबसे ज्यादा कमाने वाली भारतीय फिल्म बनी राजामौली की ‘RRR’, टूटा ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड

फिल्म निर्माता एसएस राजामौली की फिल्म RRR ने पर्दे पर रिलीज होने के बाद पहले ही इतिहास रच दिया है। फिल्म ने एक ही दिन में कमाई के सारे रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए वर्ल्डवाइड 257.15 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म समीक्षक इसे एक दिन में इतनी बड़ी कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म करार दे रहे हैं।

जूनियर एनटीआर और राम चरण-स्टारर आरआरआर के हिंदी डब संस्करण ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के हिंदी-डब संस्करण ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 18 करोड़ रुपए की कमाई की है। इसे अमेरिका में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 25 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन और आलिया भट्ट भी हैं। RRR को फिल्म समीक्षकों ने शानदार रेटिंग दी है।

आरआरआर ने पहले ही दिन इतिहास रचा

फिल्म उद्योग पर नजर रखने वाले समीक्षक मनोबाला विजयबलन के मुताबिक, इस फिल्म ने पहले ही दिन 257.15 करोड़ रुपए की कमाई की है और ये वर्ल्ड वाइड बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने ट्वीट किया, “पहली भारतीय फिल्म जिसने पहले दिन इतना बड़ा आँकड़ा हासिल किया।”

फिल्म समीक्षक रमेश बाला ने कहा कि आरआरआर के हिंदी-डब वर्जन ने पहले दिन यानी शुक्रवार (25 मार्च, 2022) को 18 करोड़ रुपए कमाए हैं। उन्होंने एक ट्वीट के जरिए बताया कि निज़ाम सर्किट पहले दिन ही कमाई का फिल्म ने 23.3 करोड़ रुपए का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। उनका मानना है कि तेलुगु भाषी राज्यों में फिल्म की पहले दिन की कमाई 100 करोड़ रुपए से अधिक की होनी चाहिए।

एक अन्य ट्वीट में बाला ने कहा कि इस फिल्म को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी अच्छी शुरुआत मिली है। उन्होंने लिखा, ” पहले दिन की ऑस्ट्रेलिया में कुल कमाई $ 702,480 (5,35,82,540 रुपए) रही, न्यूजीलैंड $ 69,741 (5,3,19,581 रुपए) की कमाई की।”

इसके अलावा तरण आदर्श के मुताबिक, अमेरिका में फिल्म की पूर्वावलोकन स्क्रीनिंग ने 3.1 मिलियन डॉलर (23,64,56,375 रुपए) से अधिक की कमाई की।

गौरतलब है कि RRR एक फिक्शनल स्टोरी है जो तेलुगु स्वतंत्रता सेनानियों, अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम के जीवन पर आधारित है। फिल्म में राम चरण अल्लूरी सीताराम राजू और जूनियर एनटीआर कोमाराम भीम की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंते हैं। आरआरआर को 450 करोड़ रुपए के भारी भरकम बजट से बनाया गया है। एसएस राजामौली फिल्म ‘बाहुबली’ ने भी इसी तरह की सफलता हासिल की थी।

‘कह रहे TMC नेता के गुंडे – जमानत पर बाहर आकर मार डालेंगे’: जिसकी माँ को ज़िंदा जलाया, उस महिला को मिल रही धमकी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बीरभूम (Birbhum Violence) जिले में हुई हिंसा में 8 लोगों को जिंदा जलाए जाने के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद भले ही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने जाँच शुरू कर दी है, लेकिन इस बीच जलाए गए परिवार की महिला माफिजा ने TMC के नेता रहे भादु शेख पर के लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रामपुरहाट की माफिजा बीबी की अम्मी भी आग में जलकर मर गई थीं। अब माफिजा बीबी का आरोप है कि टीएमसी के नेता भादु शेख के गुंडे उन्हें हत्या की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे कह रहे हैं कि जब उनके लोग जमानत पर बाहर आएँगे, तो वे हमें मार डालेंगे। यह बात उन्होंने मुझसे खुलकर कही। मैंने पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि वे आएँगे।”

‘न्यूज 18’ को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि पश्चिम बंगाल पुलिस लोगों में व्याप्त डर को कम करने के लिए महिलाओं को सुरक्षा देगी। गाँव के लोगों में डर का माहौल साफ देखने को मिल रहा है। इसी डर के बीच बड़ी संख्या में लोगों का पलायन भी हुआ है। इन लोगों का कहना है, “अगर वहाँ पर पुलिस के अस्थाई तौर पर तैनात होने के बाद भी हमें धमकियाँ मिल रही हैं, तो ये हमें गाँव वापस लौटने का विश्वास नहीं दिलाती है।”

बहरहाल शनिवार (26 मार्च, 2022) सीबीआई के 30 अधिकारियों की टीम ने एसआईटी से मामले की जाँच अपने हाथ में ले ली है। जाँच एजेंसी रामपुरहाट पहुँच चुकी है और अब टीएमसी नेता अनिरुल हुसैन को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके साथ ही सीबीआई की टीम पुलिस हिरासत में बंद 22 आरोपियों की हिरासत की माँग करेगी।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक पंचायत अधिकारी की हत्या के कथित तौर पर विरोध स्वरूप बोगतुई गाँव में करीब एक दर्जन झोपड़ियों में आग लगा दी गई थी। इसमें दो बच्चों और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की मौत हो गई। इसी मामले में जनहित याचिका दायर कर सीबीआई या एनआईए से जाँच की माँग की गई थी। अदालत ने इस मामले का संज्ञान लिया था। गुरुवार (24 मार्च 2022) को कोर्ट ने इस केस में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले तक ममता सरकार पश्चिम बंगाल पुलिस से ही मामले की जाँच करने देने की माँग की थी, जिसके कोर्ट ने ठुकरा दिया था।

कॉलेज के भीतर हिजाब पहन नमाज पढ़ने लगी मुस्लिम छात्रा, वीडियो वायरल: मध्य प्रदेश के केंद्रीय यूनिवर्सिटी में जाँच का आदेश

शैक्षिक संस्थानों में हिजाब और नमाज के नाम पर चिढ़ाने का काम जारी है। मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय (Hari Singh Gour Central University) में शुक्रवार (25 मार्च) को एक मुस्लिम छात्रा द्वारा नमाज पढ़ने को लेकर बवाल हो गया है। इसका वीडियो होने के बाद हिंदू संगठनों ने आपत्ति उठाई, जिसके बाद जाँच शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम छात्रा हिजाब पहनकर शिक्षा विभाग में नमाज पढ़ रही थी। इसी दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में दिख रही छात्रा दमोह की रहने वाली बताई जा रही है और विश्वविद्यालय में B.Sc. अंतिम वर्ष की छात्रा है। कहा जाता है कि वह प्रतिदिन हिजाब पहनकर क्लासरूम में आती है।

इस घटना को लेकर हिंदू जागरण मंच ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रा द्वारा नमाज पढ़ा जाना आपत्तिजनक है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार संतोष सहगौरा ने घटना पर कहा कि वीडियो क्लिप के साथ इसकी शिकायत मिली है और पाँच सदस्यीय एक समिति बनाकर इसकी जाँच कराई जा रही है। यह समिति तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी के मीडिया ऑफिसर विवेक जायसवाल ने कहा कि 

उधर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी में कोई ड्रेस कोड नहीं है। विद्यार्थियों के लिए सिर्फ शालीन कपड़े पहनकर आने होते हैं। राज्य सरकार के गृहमंत्री गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पहले ही साफ कर चुके हैं कि प्रदेश में हिजाब को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है।  

बता दें कि स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर लेकर विवाद इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में कर्नाटक से उठा था। मामला जब अदालत में पहुँचा तब कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को क्लासरूम में हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि इस्लाम की धार्मिक परंपरा में हिजाब जरूरी नहीं है। वहीं, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार कर दिया था। 

रूसी विदेश मंत्री का भाषण दिखाने पर YouTube ने भारतीय चैनल को ब्लॉक किया, पश्चिमी मीडिया संस्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं

रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भाषण का एक हिस्सा दिखाने के चलते यूट्यूब ने एक भारतीय न्यूज़ चैनल WION को 7 दिनों के लिए ब्लॉक कर दिया है। इसकी जानकारी खुद WION नेटवर्क ने 25 मार्च (शुक्रवार) को दी है। WION के मुताबिक अगले 7 दिनों तक उस पर अन्य वीडियो अपलोड नहीं किया जा सकता है।

इस वीडियो को WION ने 10 मार्च को पब्लिश किया था। 22 मार्च (मंगलवार) को यूट्यूब ने संदेश भेज कर 7 दिनों के प्रतिबंध की जानकारी दी थी। यूट्यूब ने इसको अपनी गाइडलाइन्स के खिलाफ बताया है। WION ने इस प्रतिबंध के खिलाफ अपील भी की लेकिन उसको भी ख़ारिज कर दिया गया। बैन किए गए यूट्यूब चैनल पर रूसी विदेश मंत्री के अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री दमिर्ती कुलेबा की भी वीडियो LIVE प्रसारण की गई थी।

यूट्यूब द्वारा लगाए गए बैन के बाद WION नेटवर्क ने लिखा, “रूसी विदेश मंत्री की यही स्पीच कई पश्चिम देशों के मीडिया हॉउस ने चलाई थी। इस पक्षपात पर कोई सफाई?” अपने जवाब में यूट्यूब ने लिखा, “किसी भी प्रकार की हिंसक या उकसाने वाले कंटेंट हमारी गाइडलाइंस का उललंघन हैं। रूस का यूक्रेन पर हमला भी उसी प्रकार की हरकत है। हम रूस के यूक्रेन पर हमले को नकारने वाले और यूक्रेन वालों को ‘हमला पीड़ित का नाटक करने वाला’ बताने वाले कंटेंट को हटा रहे हैं।” फिलहाल यूट्यूब उन सभी वीडियो को सेंसर कर रहा है जो रूस के समर्थन में है। इस पक्षपाती प्रतिबंध के खिलाफ यूट्यूब की आलोचना की जा रही है।

यूट्यूब द्वारा दिए गए उत्तर के बाद WION ने लिखा, “यूट्यूब वो प्लेटफॉर्म नहीं है जो एक ही समय में सेंसर और एडिटर दोनों काम करे। इसे घुमाने वाला खेल कहा जाता है। रूस को खामोश करना युद्ध खत्म होना नहीं कहा जाएगा। हमको चुप करा के हमारी पत्रकारिता को नहीं रोका जा सकता। हम चाहते हैं कि लोग सच जानें।”

युद्ध की शुरुआत में ही यूट्यूब ने रूसी मीडिया को अपने प्लेटफॉर्म से पूरे यूरोप में ब्लॉक कर दिया था। इस निर्णय के पीछे यूट्यूब ने कहा, “हम हालत पर करीबी से नजर रखे हुए है। सब कुछ सामान्य होने में थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम इस पर लगातार काम कर रही है और त्वरित निर्णय ले रही हैं।” यूट्यूब को Alphabet Inc’s Google ऑपरेट करती है।

यासरखान पठान के परिजनों ने दलित लड़की से किया रेप, बुर्का पहनने और कुरान पढ़ने को भी मजबूर किया: विदेश भेजने का लालच देकर फाँसा था

देश में ‘लव जिहाद’ को रोकने के लिए कड़े कानूनों को बनाया गया है। लेकिन फिर भी इस तरह के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला गुजरात के नडियाद का है, जहाँ एक यासरखान पठान नाम के आऱोपित ने सोशल मीडिया के जरिए हिंदू लड़की को फँसाया। फिर उसे विदेश भेजने का लालच देकर उसका शारीरिक शोषण किया। इस मामले में पुलिस ने 10 में से 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हालाँकि, इसका मास्टरमाइंड यासरखान पठान और उसका एक साथी अभी भी फरार है।

कट्टरपंथी मानसिकता वाले इन अपराधियों की करतूत का खुलासा उस वक्त हुआ जब पीड़िता के परिवार ने पुलिस में यासरखान पठान, जाबिरखान पठान (आरोपित का अब्बू), फैजलखान पठान (आरोपित का भाई), शहनाज खान पठान (आरोपित की अम्मी), सुरैयाखान पठान, फरदीनखान सैयद, फरीदबानु मालेक, नदीम मालेक, जय कदम और एक अन्य आरोपित के खिलाफ शिकायत की। पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया कि कैसे यासरखान पठान ने उनकी बेटी को अपने जाल में फंसाकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए यासरखान पठान दो साल पहले 2020 में 24 साल की हिंदू पीड़िता से मिला। लड़की अनुसूचित जाति, यानी कि दलित समुदाय से है। धीरे-धीरे उसने पीड़िता के साथ बातचीत शुरू की और उसे अपने झूठे प्रेम के जाल में फँसा कर डेट करने लगा। इस बीच एक दिन पीड़िता ने उसे बताया कि वो विदेश से नर्सिंग की स्टडी करना चाहती है। बस फिर क्या आरोपित ने पीड़िता को बहला फुसलाकर पीड़िता को विदेश भेजने का वादा किया। आरोप है कि यासरखान ने पीड़िता से 5 लाख रुपए की चोरी कर कथित तौर पर उसके लिए कुछ दिनों के लिए दुबई का महिला वीजा प्राप्त किया।

हालाँकि, उसे वीजा नहीं मिला तो उसने अकेले ही पाड़िता को भेज दिया। पीड़िता वहाँ 15 दिनों तक रही, बाद में आरोपित उसे वहाँ से वापस नाडियाद ले आया। खुद किराए के मकान में रहने लगा। आरोप है कि जब आरोपित नहीं था तो उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उसके परिवार के लोगों ने पीड़िता का शारीरिक शोषण किया।

नमाज पढ़ने के लिए किया मजबूर

आरोपितों ने पीड़िता को बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए भी मजबूर किया। लेकिन, जब पीड़िता इस अत्याचार को सहन नहीं कर सकी तो वो अपने माता-पिता के पास वापस चली गई, लेकिन वे भी उसे वापस घर में लेने को तैयार नहीं थे। जब पीड़िता ने अपने साथ की गई बर्बरता के बारे में बताया तो उसके माता-पिता ने नाडियाद टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि आरोपित ने झूठ बोला था कि उनकी बेटी पोलैंड में हैं। उसने पीड़िता के पिता को फोन पर टिकट भी दिखाया था। पीड़िता ने अपने परिजनों को पोलैंड जाने के बारे में बताया तो उन्होंने अपने गहनों को गिरवी रखकर 5 लाख रुपए जुटाए। कथित तौर पर पीड़िता ने भी अपनी सोने की चेन को बेच दिया था। बहरहाल, 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है।

देश के गद्दारों को… दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- मुस्कुरा कर कही, इसमें सांप्रदायिकता कहाँ?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वामपंथी नेताओं वृंदा करात और केएम तिवारी दिल्ली दंगों से जुड़ी एक याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने ‘हेट स्पीच’ के आरोप में केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ-साथ पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ CPM के दोनों नेता दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचे थे।

ये मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों से जुड़ा हुआ है। याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि चुनाव के समय जिस तरह के भाषण दिए जाते हैं, वो सामान्य परिस्थितियों में दिए गए भाषणों से अलग होते हैं। अदालत ने कहा कि कभी-कभी कुछ बातें माहौल बनाने के लिए की जाती हैं, जहाँ उसका कोई अन्य इरादा नहीं होता। जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने इस याचिका पर सुनवाई की।

जस्टिस सिंह ने कहा कि जब कोई बात मुस्कराहट के साथ कही जाती है, तब उसमें कोई अपराधिकता नहीं होती, लेकिन किसी चीज को अगर आपत्तिजनक तरीके से कहा जाए तो उसमें अपराधिकता हो सकती है। अदालत ने पूछा कि उक्त भाषण में कोई ‘सांप्रदायिक इरादा’ कहाँ है? पूछा कि क्या वो चुनावी भाषण था या सामान्य समय में दिया गया बयान? हाईकोर्ट ने कहा कि सामान्य समय में ऐसे भाषण दिए जाएँ तो इसका मतलब भड़काने का इरादा हुआ।

लोकतंत्र का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को बयान देने का अधिकार है। आरोप है कि अनुराग ठाकुर की रैली में ‘देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को’ नारे लगे थे। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इसमें तब शाहीन बाग़ में धरने पर बैठी महिलाओं को बलपूर्वक हटाने की ओर इशारा किया गया था और साथ-साथ मुस्लिमों को हत्यारा और बलात्कारी दिखा कर उनके खिलाफ घृणा फैलाने की कोशिश की गई थी।

इस सम्बन्ध में 29 जनवरी को चुनाव आयोग ने अनुराग ठाकुर को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी भेजा था। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या ये भाषण प्रदर्शनकारियों के स्थल के पास दिया गया? हाईकोर्ट ने कहा कि ‘ये लोग’ का मतलब यहाँ कोई खास समुदाय से नहीं है और इसे आप किस रूप में लेंगे? हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या तब दिल्ली में एक ही समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे थे? अगर ऐसा है, तो फिर उस प्रदर्शन को केवल एक ही समुदाय का समर्थन हासिल था?

‘हिजाब पर मौलाना निर्णय लेंगे, जज नहीं’: पूर्व CEC कुरैशी ने कहा- लव जिहाद नहीं, हिंदू लड़कियाँ मुस्लिम लड़कों को उड़ा ले जाती हैं

भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी (Former Chief Election Commissioner SY Quraishi) ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की जीत को सांप्रदायिकता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद को प्रोपेगेंडा है। इससे मुस्लिम लड़कियाँ सबसे अधिक नुकसान में हैं, क्योंकि मुस्लिम लड़कियों की नजर से देखें तो कहा जा सकता है कि पढ़ी-लिखी हिंदू लड़कियाँ पढ़े-लिखे मुस्लिम लड़कों को उड़ा ले जाती हैं।

कुरैशी ने कहा कि भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या तेजी से बढ़ने को लेकर कहा कि अगले 1000 सालों तक ऐसा नहीं हो सकता है। यह दिल्ली के गणित के प्रोफेसर दिनेश सिंह की एक मॉडल में साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों में परिवार नियोजन कम है, लेकिन इसका संबंध मजहब से नहीं है। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि सोचा था कि देश में मुस्लिम आबादी बढ़ जाएगी तो प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन हजार साल तक ऐसा नहीं होगा।

मुस्लिमों द्वारा चार शादियाँ करने के सवाल पर कुरैशी ने कहा कि भारत में 1000 पुरुषों पर 920-22 का रेश्यो है। ऐसे में हर मर्द को एक पत्नी मिलनी मुश्किल है, कोई चार शादी कैसे कर सकता है। कुरान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कुरान में भी सिर्फ एक आयत में बेवा और यतीम औरतों से निकाह करने की बात कही गई है। 

कुरैशी ने कहा कि यूपी में सीएम योगी की जीत सांप्रदायिकता की जीत है, क्योंकि देश में ध्रुवीकरण का युग चल रहा है। उन्होंने कहा कि पहला ध्रुवीकरण देश के बँटवारे के दौरान हुआ, दूसरा बाबरी मस्जिद के दौरान और तीसरा फेज आजकल चल रहा है। हिंदू को स्वभाव से सेक्युलर बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता को तेजी से सांप्रदायिक बनाया जा रहा है।

कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर भी कुरैशी ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि हिजाब कुरान का हिस्सा नहीं है, लेकिन शालीन कपड़े पहनने की बता कही गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म में सिखों की पगड़ी और सिंदूर की इजाजत है तो फिर हिजाब से दिक्कत क्या है। हिजाब जरूरी है या नहीं, ये जज साहब नहीं, मौलाना बताएँगे। मौलाना IPC के फैसले देने लगें तो क्या ये सही होगा?

दैनिक भास्कर से बातचीत में कुरैशी ने EVM पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम हमेशा भरोसेमंद रहा है, जबकि बैलेट बीजेपी के पक्ष में जाता है। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती तो भाजपा बंगाल चुनाव नहीं हारती।

जो कश्मीरी हिंदू मार डाले गए, उनकी याद में म्यूजियम भी कॉन्ग्रेस को बर्दाश्त नहीं… दिग्विजय सिंह ने किया विरोध

कॉन्ग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और गाँधी परिवार के करीबी दिग्विजय सिंह ने इस्लामी आतंकी हमलों में मारे गए हिन्दुओं का भोपाल में जेनोसाइड म्यूजियम (नरसंहार संग्राहलय) बनने की माँग का विरोध किया है। दिग्विजय ने इसे साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली माँग बताया है।

‘द कश्मीर फाइल्स के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जेनोसाइड म्यूजियम (genocide museum) के लिए जमीन माँगी थी। शिवराज सिंह ने भी इस संग्राहलय के लिए सहमति दे दी थी।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 26 मार्च (शनिवार) को लिखा, “मैं पूरी तरह से भोपाल में नरसंहार संग्रहालय बनने के खिलाफ हूँ। भोपाल के सांप्रदायिक सद्भाव को नहीं बिगड़ने देंगे। मैं इसका विरोध करता हूँ।”

दिगिवजय सिंह के इस ट्वीट का जवाब देते हुए विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, “आप 38 साल में भोपाल गैस त्रासदी पर एक स्मारक तो बना नहीं पाए। अगर शिवराज सिंह चौहान मानवता के लिए नेक काम कर रहे हैं तो ईर्ष्या क्यों? नाकामी छुपाने के लिए?”

विवेक अग्निहोत्री ने म्यूजिम के लिए शिवराज सिंह से माँगा था सहयोग

25 मार्च 2022 (शुक्रवार) को विवेक अग्निहोत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “हमने उनसे (शिवराज सिंह) से निवेदन किया कि हमें आपसे एक पैसा भी आर्थिक मदद नहीं चाहिए। मैं भोपाल में अपने दम पर एक नरसंहार म्यूजियम बनाना चाहता हूँ। अगले 2 साल में मैं ऐसा नरसंहार म्यूजियम बना रहा हूँ, जो पूरी दुनिया में मानवता का मंदिर बनेगा। आप सब मुझे आशीर्वाद दें।”

शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकार की नरसंहार म्यूजियम की माँग

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 मार्च को ही विवेक अग्निहोत्री की माँग स्वीकार करते हुए नरसंहार म्यूजियम के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया था। एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा:

“हमने कश्मीरी पंडितों का दर्द समझा। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस दर्द को हम पी जाएँ। आज विवेक जी ने नरसंहार म्यूजियम का बहुत अच्छा विचार दिया है। विवेक जी आप इसकी योजना बनाइए। मैं आपकी भावनाओं का आदर करते हुए कहता हूँ कि सरकार जमीन सहित हर प्रकार का सहयोग करेगी। आपने मानवीयता की बात कही है। उस म्यूजियम से जो निकले, वो एक बेहतर इंसान बन कर निकले।”

मध्य प्रदेश सरकार के जनसम्पर्क विभाग के मुताबिक यह प्रदेश का पहला जेनोसाइड संग्राहलय होगा।

यूपी में अगले 3 महीने तक बढ़ाई गई मुफ्त राशन योजना, 15 करोड़ लोगों को ‘योगी 2.0’ का पहला तोहफा: जानिए क्या-क्या मिलेगा

उत्तर प्रदेश में दोबारा शपथग्रहण के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यकाल का अपना पहला निर्णय गरीबों के हित में लिया है। उन्होंने ऐलान किया, “उत्तर प्रदेश में लोक कल्याण हेतु संचालित ‘निःशुल्क राशन वितरण’ को अगले तीन माह तक और बढ़ाने का निर्णय आपकी सरकार ने लिया है।” बता दें कि शुक्रवार (25 मार्च, 2022) को योगी आदित्यनाथ ने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे।

शपथग्रहण योगी सरकार के ‘2.0’ कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें ये निर्णय लिया गया। इससे राज्य की 15 करोड़ जनता को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना के दौरान ‘प्रधानमंत्री अन्न योजना’ की शुरुआत की थी, जिसका लाभ देश के 80 करोड़ गरीबों को मिल रहा था। अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2022 तक लोगों ने इस योजना का लाभ लिया। उत्तर प्रदेश में इसके अंत्योदय और गृहस्थ लाभार्थियों की संख्या 15 करोड़ है।

वहाँ के लिए राज्य सरकार ने अपनी तरफ से योजना शुरू की थी, जो अप्रैल 2020 में तीन महीने के लिए लागू किया गया था। इसके बाद इसे पहले तीन महीने और फिर चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके तहत अंत्योदय परिवार को 35 किलो खाद्यान्न और पात्र गृहस्थी के परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न दिया जाता है। हर एक परिवार को 1 किलो दाल, 1 किलो रिफाइंड तेल और 1 किलो आयोडाइज्ड नमक भी उपलब्ध कराया जा रहा था।

इसके साथ ही राज्य की भाजपा सरकार अपनी तरफ से एक-एक किलो चीनी भी लोगों को दे रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पहले भी जनता के साथ खड़ी रही और कोरोना जैसी महामारी के समय भी पूरी मदद की गई। इस योजना के तहत 3270 करोड़ रुपए का खर्च आता है। खाद्य एवं रसद विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव भेजा था। पहले कार्डधारकों से गेहूँ के 2 रुपए और चावल के 3 रुपए प्रति किलो के हिसाब से लिए जाते थे, लेकिन अब इस खर्च का वहन राज्य सरकार खुद कर रही है।

OnlyFans की सेक्सी मॉडल के गंदे-एडल्ट वीडियो… देखता है बाप, वो भी पैसे देकर: वीडियो बना बेटी ने ही किया खुलासा

ओनली फैंस (OnlyFans) पर एक मॉडल हैं। वह ‘लंदन’ नाम के प्रोफ़ाइल से अपना अकाउंट चलाती हैं। बाकी मॉडलों की तरह यह भी अपने एडल्ट कंटेंट डालती हैं। इनके चाहने वालों में एक नाम ऐसा है, जिससे कारण यह खबर है – वो नाम है Hott3st Daddy.

खबर इसलिए क्योंकि Hott3st Daddy कोई और नहीं बल्कि खुद लंदन नाम के प्रोफाइल वाली महिला के पिता हैं। मॉडल ने खुद बताया कि उनके पिता ने उनकी प्रोफाइल को मासिक तौर पर सब्स्क्राइब कर रखा है। साथ ही वो अपनी बेटी की हर सेक्सी वीडियो देखते हैं। मॉडल ने अपने टिकटॉक अकाउंट @londonvllLondon से वीडियो जारी कर यह जानकारी दी है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक मॉडल ने इसकी जानकारी ‘रियल स्टोरी’ नाम की हेडलाइन से टिक टॉक पर शेयर की है। यह स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसको अब तक लगभग 85000 लोग देख चुके हैं। साथ ही 300 से ज्यादा कमेंट भी आ चुके हैं। इस पोस्ट पर कई लोगों ने मॉडल के पिता के विरोध में तो कुछ ने उनके पिता के समर्थन में कमेंट किए हैं।

उनमें से एक ने पूछा, “क्या आप ये जानने के बाद भी अपने पिता से बातचीत जारी रखेंगी?” वहीं दूसरे यूजर ने सलाह दी, “आप अपने पिता के साथ एक छत के नीचे मत रहिएगा।” हालाँकि इसके जवाब में मॉडल ने लिखा, “अगर हमने ऐसा किया तो क्या होगा?”

कई सारे सोशल मीडिया यूजर्स ने मॉडल के पिता का इस हरकतका समर्थन किया है। एक यूजर के मुताबिक, “मुझे वो पिता पसंद हैं, जो अपनी संतानों को आगे बढ़ने में सपोर्ट करते हैं। ऐसा आपके पिता ने आपके बिजनेस मॉड्यूल को बढ़ाने के लिए किया होगा।”

इससे पहले जनवरी 2022 में भी ओनली फैंस की कालरा रमीज़ ने भी कुछ ऐसा ही दावा किया था। तब उन्होंने वीडियो जारी कर के बताया था:

“मेरे पिता ने न सिर्फ मेरी प्रोफइल को सब्स्क्राइब कर रखा है बल्कि अपने साथ कैमरे पर वीडियो बनाने का मुझे 150 डॉलर भी ऑफर कर चुके हैं। जब वो मुझसे यह बात फोन पर कर रहे थे, तब मेरी माँ की भी आवाज मुझे सुनाई दे रही थी।”

कालरा रमीज़ ने तब यह भी बताया था कि उनके पिता ने ही उनका यौन शोषण भी किया था। याद करते हुए उनहोंने यह भी कहा था कि यौन शोषण से मिलती-जुलती कुछ घटनाएँ बचपन वाली उन्हें अभी तक याद हैं। कालरा रमीज के अनुसार उनके पिता ने बेटी के गंदे वीडियो को ऑनलाइन खरीदने के लिए 2 एकाउंट बना रखे हैं।