Home Blog Page 3129

‘बेअदबी करने वाले को सरेआम फाँसी पर लटका देना चाहिए’: कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू ने सिखों को उकसाया, मारे गए युवक पर ही हुआ FIR

कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में एक जनसभा के दौरान खुलेआम धर्मग्रंथों की बेअदबी करने वालों को फाँसी की पैरवी की है। यह बात उन्होंने पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई कथित ‘बेअदबी’ की घटना पर कही है। उन्होंने इसे पूरी कौम को खत्म करने की साजिश बताया है। यह बयान रविवार (19 दिसम्बर) को दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिद्धू ने यह बयान पंजाब के मलेरकोटला में दिया है। इस बयान में उन्होंने कहा, “भगवत गीता, कुरान या गुरुग्रंथ साहिब में से किसी की भी बेअदबी करने वाले को सरेआम फाँसी पर लटका देना चाहिए। इन हरकतों को गलती नहीं बल्कि एक कौम को दबाने की साजिश के रूप में माना जाना चाहिए। ये हमारी जड़ों में दीमक लगाना चाह रहे हैं लेकिन इन्हे सफल नहीं होने दिया जाएगा।”

सिद्धू ने आगे कहा, “पंजाब को अशाँत करने की साजिश रची जा रही है। पंजाबी समुदाय एकता के मजबूत ताने-बाने से बुना हुआ है। ऐसे लोग कभी सफल नहीं होंगे। संविधान के नियमों के अंतर्गत उन्हें कठोर सज़ा मिले जो बेअदबी जैसी हरकतें कर रहे हैं। ऐसी हरकतें हमारी भावनाओं को ठेस पहुँचाती हैं। ये सब कुछ जानबूझ कर किया जाता है।”

एक रिपोर्ट के मुताबिक मृत युवक के खिलाफ अमृतसर में FIR दर्ज की गई है। इस FIR में व्यक्ति का नाम अज्ञात में दर्ज है। मृत आरोपित पर हत्या की कोशिश (धारा 307) और धार्मिक समूहों में द्वेष पैदा करना (295 – A) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है। मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतबल है कि 18 दिसम्बर (शनिवार) को पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में युवक को गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में मार डाला गया था। हत्या बड़ी बेरहमी से की गई थी। बताया गया था कि मौत से पहले 25 वर्षीय उस अज्ञात युवक की उँगलियों को तोड़ डाला गया था। इसी के साथ उनके सिर पर कड़े से वार किए गए थे। मौत के बाद भी बाहर जमा भीड़ उसकी लाश लेने के लिए हंगामा कर रही थी।

250+ कुत्तों के हत्यारे 2 लंगूरों को वन विभाग ने किया कैद, महाराष्ट्र के इस गाँव में ‘खूनी इंतकाम’ ले रहे हैं बंदर

महाराष्ट्र के बीड जिले में चल रही बंदरों और कुत्तों के बीच की हिंसक लड़ाई में अब 2 बंदरों को पकड़ लिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत पर वन विभाग ने की है। फिलहाल दोनों बंदर इस समय वन विभाग की कैद में हैं। यह कार्रवाई 18 दिसम्बर (शनिवार) को हुई है। इन बंदरों पर 250 से अधिक कुत्तों के बच्चों (पिल्ले) को मार देने का आरोप है।

इन दोनों बंदरों को पकड़ने में वन विभाग के कर्मचारियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। इन्हे पकड़ने के लिए नागपुर से टीम आई थी। दोनों को लोहे के एक मजबूत पिंजड़े में रखा गया है। पिंजड़े में भी ये दोनों बंदर काफी गुस्से में नजर आए। दोनों लंगूर प्रजाति के हैं। इन्हें देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन्हें कुछ समय बाद किसी जंगल में ले जा कर छोड़ दिया जाएगा।

गौरतलब है कि गाँव माजलगांव के निवासियों ने जानकारी दी है कि शुरुआत पहले कुत्तों ने की थी। उन्होंने बंदर के एक बच्चे को मार डाला था। इसी के बाद बंदरों ने गुस्से में कई कुत्ते के पिल्लों को मार डाला। मारने के लिए उन्हें खींच कर अपने साथ ले जाना या पेड़ से जोर से नीचे पटक देने का तरीका अपनाया जाता था। इन सब घटनाओं से खुद ग्रामीण दहशत में रहने लगे थे।

यहीं से कूदकर जान दे दूँगा, सबको पता है कमरे में खेसारी आया है: पवन सिंह ने कहा था, निरहुआ ने बताया

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों पवन सिंह (Pawan Singh) और खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के बीच विवाद की वजह से चर्चा में है। इन दो कलाकारों के बीच विवाद को लेकर अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ (Dinesh Lal Yadav Nirahua) का एक बयान सामने आया है। निरहुआ ने मजाकिया अंदाज में बताया है कि खेसारी लाल यादव की वजह से एक बार पवन सिंह ने होटल से कूद जाने की भी धमकी दी थी।

जी बिहार झारखंड से बात करते हुए निरहुआ ने कहा, “ये सब भाई हैं। दोनों में आपस में बहुत प्रेम है। हम सबकी मुलाकात ज्यादातर अवॉर्ड शो के दौरान ही होती है या फिर किसी के बर्थडे पार्टी में मिलते हैं। हमेशा हमारा मिलना नहीं हो पाता है।” इसके बाद उन्होंने कहा, “खेसारी भैया की आदत है कि वो जब भी पवन भैया से मिलते हैं, तो उन्हें किसी ना किसी बात को लेकर जरूर चिढ़ाते हैं।”

रिपोर्टर ने अभिनेता से सवाल किया कि एक बार पवन सिंह को खेसारी का फोन आया तो उन्होंने कहा कि मैं सुसाइड कर लूँगा। इस पर निरहुआ कहते हैं, “यह किस्सा दिल्ली का है। दिल्ली में पवन जी की शूटिंग चल रही थी, उस समय सभी होटल में बैठे थे। इस दौरान खेसारी जी भी वहाँ पहुँचे, जब उनको पता चला कि पवन भैया भी यही हैं, तो उन्होंने फोन किया कि भैया मैं भी यहाँ आया हूँ। आपसे मिल सकता हूँ। इसके बाद वो उनके कमरे में पहुँचे।” उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे का हाल पूछा फिर खेसारी ने कहा, “मैं भी पानी के बीच ऐसा होटल बना रहा हूँ। फिर पवन जी उठे खिड़की के पास गए और बोले मैं यहीं से कूदकर अपनी जान दे दूँगा और सबको पता है कमरे में सिर्फ तुम ही आए थे। नहीं तो चुपचाप बैठे रहो।” याद हो कि इससे पहले भी निरहुआ ने कपिल शर्मा के शो में इस घटना का जिक्र किया था।

बता दें कि पवन सिंह और खेसारी लाल यादव अभिनेता के साथ-साथ गायक भी हैं। खेसारी लाल यादव ने पवन सिंह को ‘अखाड़ा में फरियाने’ की चुनौती भी दे डाली है। दोनों के समर्थक गायकों के बीच भी लड़ाई चल रही है और गाने व बयान के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है। असल में ये सब रितेश पांडेय द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ।

इस वीडियो के आधार पर आरोप लगाया गया है कि खेसारी लाल यादव ने इंडस्ट्री के नए गायकों का अपमान किया है। रितेश पांडेय ने उनकी मानसिकता को घटिया बताते हुए कहा था कि आप छोटों को इस नजरिए से देखते हैं, जो ठीक नहीं है। इस वीडियो में प्रमोद प्रेमी, कलुआ और और रितेश को लेकर खेसारी ने कहा था कि इनकी औकात 5 लाख से ज्यादा की नहीं है। यही बात पवन सिंह को भी खटक गई और उन्होंने एक स्टेज शो में सरेआम कह दिया कि जिसको जहाँ जाना है जाए, वो उन जगहों से पहले ही आ चुके हैं। उन्होंने कह दिया कि कुछ लोग काफी घमंड में रहते हैं, लेकिन 5000 रुपए में कहीं भी गाना गाने को तैयार रहते हैं। इस दौरान उन्होंने कुछ भद्दे इशारे भी कर डाले।

बेअदबी के नाम पर पंजाब में बढ़ीं मॉब लिंचिंग की घटनाएँ: 6 साल में 5 बार हुई ऐसी वारदातें, सिखों ने सेना के जवान को भी नहीं छोड़ा

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में 18 दिसंबर 2021 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी (Guru granth sahib sacrileg) के आरोप में सिख संगत (सिख भक्तों) द्वारा एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि गर्भगृह में जहाँ पर गुरु ग्रंथ साहिब को रखा गया था, वहाँ चला गया। उसने वहाँ रखे कृपाण को उठा लिया। इस बीच सिख संगतों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। संगतों का आरोप था कि उक्त व्यक्ति ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की कोशिश की थी।

व्यक्ति की हत्या करके उसे गुरुद्वारा परिसर के बाहर फेंक दिया गया, लेकिन हैरत की बात यह है कि इस मामले में पुलिस या राजनीतिक पार्टियों ने एक भी शब्द नहीं बोला। हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है जब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में किसी की मॉब लिंचिंग की गई हो। हाल के दिनों में इस तरह की कई लिंचिंग हो चुकी हैं।

सिंघू बॉर्डर लिंचिंग केस (Singhu border lynching case)

सिंघू बॉर्डर किसान प्रदर्शन स्थल पर श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में 14 -15 अक्टूबर 2021 को पंजाब के ही रहने वाले लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की सिखों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसका दाहिना हाथ काट दिया गया था और उसके शव को निहंगों ने कुंडली सीमा पर एक बैरिकेड्स पर लटका दिया था।

हालाँकि, लखबीर सिंह (दलित सिख) की मौत को लेकर अभी भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर वो अपने परिवार को बताए बिना कैसे सिंघू बॉर्डर पर चला गया था। बहरहाल, इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ भी की गई थीं। निहंग सिखों के इस कृत्य का कई लोगों ने समर्थन करते हुए दावा किया था कि सरकारें उनकी पवित्र पुस्तकों की बेअदबी करने के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है।

गुरदासपुर लिंचिंग केस (Gurudaspur lynching case)

इसी तरह से 1 और 2 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि को पंजाब के गुरदासपुर (Gurudaspur) में एक गाँव में एक गुरुद्वारे में सेना के जवान दीपक कुमार की मॉब लिंचिंग कर दी गई थी। दीपक पर भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी का आरोप लगाया गया था। वारदात के बाद पुलिस ने इस मामले में दलजीत सिंह कश्मीर उर्फ ​​बॉबी समेत अन्य को मुख्य आरोपित बनाया था। वहीं दमदमी टकसाल जत्था राजपुरा, अभिनेता से कार्यकर्ता और गणतंत्र दिवस दंगों के आरोपित दीप सिंधु समेत कई और लोगों ने उसका समर्थन करते हुए मॉब लिंचिंग को सही ठहराया था।

सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि दीपक सिंह गलत बस स्टॉप पर बस से उतर गए थे। उन्हें प्यास लगी थी तो वे वहीं पास में स्थित गुरुद्वारा लाल सिंह कुल्ली वाले में पानी पीने के लिए चले गए। एसपी हरविंदर सिंह के मुताबिक, गुरुद्वारे के ग्रंथी जसपिंदर सिंह ने उसे परिसर के अंदर देख वहाँ से जाने के लिए कहा और वो वहाँ से बाहर आ गया। लेकिन बाद में मुख्य आरोपित दलजीत सिंह समेत गुरुद्वारे के अन्य लोगों ने बेअदबी के आरोप में दीपक सिंह की पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज में ये भी देखा जा सकता था कि जसपिंदर सिंह और दलजीत सिंह कश्मीरी गुरुद्वारा तहल सिंह के सामने दीपक को थप्पड़ मार रहे थे। फुटेज के मुताबिक, दीपक सड़क के किनारे खड़े थे उसी दौरान बाइक से वहाँ पहुँचे आरोपित ने उनके साथ मारपीट की। उसे खींचकर गुरुद्वारे के अंदर ले गए और उसे बेरहमी से पीटा। गुरजीत सिंह, हरजीत कौर और दारकीरत सिंह तीनों एक ही परिवार के हैं और तिबरी चौक स्थित गुरुद्वारे की जिम्मेदारी इन्हीं के पास है। दीपक की हत्या के मामले में एक किशोर समेत सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बरगाड़ी बेअदबी के मुख्य आरोपित की जेल में हत्या

2015 के बरगाड़ी बेअदबी कांड के मुख्य आरोपित मोहिंदर पाल सिंह बिट्टू की 22 जून, 2019 को पटियाला के नाभा जेल में दो कैदियों ने ही हत्या कर दी थी। बिट्टू डेरा सच्चा सौदा का समर्थक भी था। जिन दो कैदियों ने उसकी हत्या की थी वो गुरसेवक सिंह और मनिंदर सिंह थे। आरोपितों ने उस पर रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि 49 वर्षीय मोहिंदर पाल बिट्टू पर 2015 में फरीदकोट जिले के बरगाड़ी में बेअदबी का आरोप लगाया गया था। बिट्टू को 9 जून 2018 को पंजाब पुलिस की एसआईटी ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, अवैध हथियार रखने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

घवड्डी बेअदबी मामले के मुख्य आरोपित की हत्या

ऐसी ही एक घटना 26 जुलाई 2016 को भी हुई थी, जब 47 वर्षीय बलविंदर कौर नाम की अमृतधारी सिख जैसे दिखने वाले दो बाइक सवार हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। कौर अक्टूबर 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की मुख्य आरोपित थीं। हमलावरों ने उसके बेटे पर भी गोली चलाई थी, लेकिन निशाना चूक गया। वहीं वारदात को अंजाब देने वाले हमलावरों ने एक लेटर फेंक दिया था, जिसमें उन्होंने उसे बेअदबी का बदला बताया था।

सीसीटीवी फुटेज से दोनों हमलावरों की पहचान संगरूर के अमरगढ़ के गुरप्रीत सिंह जगोवाल और पटियाला के निहाल सिंह के तौर पर हुई थी। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि माँ-बेटे को रिहैबिलिटेशन के बहाने बुलाया गया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने बताया था, “उन्होंने महिला को पैसे की मदद के बहाने गुरुद्वारे में बुलाया था। सुबह 8 बजे वो आई। करीब आधे पहले से उसका वहाँ इंतजार कर रहे जगोवाल और निहाल रंजोत के तिपहिया गाड़ी में बैठे और कुछ देर बाद देसी पिस्टल से महिला के सीने में गोली मार दी और दूसरी बाइक पर बैठ गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2015 में घवड्डी गुरुद्वारा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 20 अंग (ग्रंथ के पन्नों को अंग कहा जाता है) बिखरे हुए मिले थे। बाद में कौर ने कथित तौर पर पन्ने फाड़ने के अपने जुर्म को भी कबूल कर लिया। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि महिला ने ऐसा ग्रंथी को फंसाने के लिए किया था।

महिला की मौत के बाद उसकी बेटी राजवंत कौर ने गाँव के सरपंच पर अपनी माँ को फंसाने का आरोप लगाया था। उसने कहा, “मेरी माँ एक अमृतधारी सिख थीं। एक महिला जिसने गुरुद्वारे की सेवा करते हुए सात साल बिताए, वह गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान कैसे कर सकती है? जाँच से बचने के लिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और जमानत पर छूटने के बाद सरपंच ने उसे गाँव में जाने से रोक दिया।”

देखा जाय तो साल 2015 के बाद से पंजाब में न केवल सिख, बल्कि दूसरे धर्मों के लोगों द्वारा भी बेअदबी के कई मामले सामने आए थे। लेकिन, श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। 2017 में चुनाव के दौरान पार्टयों ने भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिशें की थीं। कॉन्ग्रेस ने भी बेअदबी के मामलों को सुलझाने का वादा किया था, लेकिन वो ऐसा कर नहीं पाई। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आगामी चुनाव में भी बेअदबी बड़ा मामला रहेगा।

‘यहाँ आने में 150 साल क्यों लगा दिए?’: लाल किला लेने के लिए दिल्ली HC पहुँची बहादुर शाह जफर की ‘वंशज’, याचिका रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुग़ल बादशाह बाहदुर शाह जफ़र की वंशज की उस याचिका को रद्द कर दिया है, जिसमें उसने लाल किला पर दावा ठोक दिया था। उक्त महिला ने खुद को अंतिम मुग़ल बादशाह बहादुर शाह जफ़र II का कानूनी उत्तराधिकारी बताते हुए कहा था कि लाल किला पर उसका स्वामित्व होना चाहिए। सुल्ताना बेगम ने अधिवक्ता विवेक मोरे के माध्यम से ये याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने उसे उसकी संपत्ति से वंचित कर दिया था।

बता दें कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने बाहदुर शाह जफ़र को कैद कर के देश-निकाला दे दिया था। उसे म्यांमार में कैद किया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई। अंग्रेजों ने इसके बाद लाल किला को भी अपने नियंत्रण में ले लिया था। जस्टिस रेखा पल्ली ने पूछा कि अदालत का रुख करने में बहादुर शाह जफ़र के वंशजों को आखिर 150 साल कैसे लग गए? उन्होंने कहा कि उनका इतिहास ज्ञान काफी कमजोर है, लेकिन जब आप 1857 में अन्याय होने की बात कह रही हैं तो 150 साल कैसे लगा दिए?

साथ ही दिल्ली उच्च-न्यायालय ने ये भी पाया कि ये साबित करने के लिए कोई भी दस्तावेज मौजूद हैं कि याचिकाकर्ता बहादुर शाह जफ़र की वंशज है। दिल्ली उच्च-न्यायालय ने टिप्पणी की, “आपने उत्तराधिकार की वंशावली को दर्शाने के लिए कोई भी चार्ट पेश नहीं किया।” जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा, “सभी को ये पता है कि 1857 के युद्ध के बाद बहादुर शाह जफ़र को कैद कर लिया गया था और देश से बाहर निकाल दिया गया था। लेकिन उसके उत्तराधिकारियों ने कोई याचिका नहीं डाली तो क्या आप ऐसा कर सकती हैं?”

हालाँकि, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने लाल किला पर स्वामित्व का दावा ठोकने की याचिका में हुई देरी के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि सुल्ताना बेगम एक निरक्षर महिला हैं। अदालत ने कहा कि सही समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए, इसका ये वाजिब कारण नहीं है। ‘अत्यधिक देरी’ को आधार बनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को रद्द कर दिया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने न्यायपालिका का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार से लाल किला नहीं लिया गया, इसके लिए धन्यवाद।

500 करोड़ की फिल्म, 52 लाख का घोड़ा, 9 लाख की बिल्ली… जैकलीन फर्नांडीज को एंजेलिना जोली जैसा बताता था सुकेश

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) को लुभाने के लिए सुकेश चंद्रशेखर ने केवल करोड़ों के गिफ्ट ही नहीं दिए थे, उसने एक बड़ी बजट की फिल्म बनाने का वादा भी किया था। वह जैकलीन से कहता था कि वह एंजेलिना जोली (Angelina Jolie) जैसी दिखती हैं। 200 करोड़ रुपए की ठगी करने वाला सुकेश फिलहाल मनीलॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जेल में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जो चार्जशीट हाल में दाखिल की है उसमें कई हैरान करने वाले खुलासे किए गए हैं। इससे पता चलता है कि वह जैकलीन पर पानी की तरह पैसे बहाता था।

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सुकेश ने जैकलीन को एक वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म बनाने का भी झाँसा दिया था। इसके लिए ₹500 करोड़ रुपए खर्च करने का वादा किया था। रिपोर्ट के मुताबिक सुकेश ने जैकलीन की बॉलीवुड में काम करने की इच्छा को भाँप लिया था। जैकलीन को बहुत अधिक फ़िल्में नहीं मिल रहीं थी। सुकेश ने इन हालातों का फायदा उठाया। जैकलीन को भारत की पहली महिला सुपर हीरोइन बनाने का लालच दिया। सुकेश ने यह फिल्म 3 हिस्सों में बनाने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में हॉलीवुड के जुड़ाव का भरोसा दिया। साथ ही उसे एंजेलिना जोली जैसा बताते हुए एक नामी प्रोड्यूसर का नाम भी लिया था।

बताया जा रहा है कि जैकलीन ये सब कुछ सच मान रही थी। उसे ऐसा लग रहा था कि सुकेश सच में ये सब करने वाला है। जानकारी यह भी है कि सुकेश ने जैकलीन से इन बातों को करने से पहले पूरी तैयारी की थी। उसने बाकायदा फिल्म बजट, प्रोड्यूसरों के नाम और अन्य जानकारियाँ जुटाई थीं। दावा ये भी किया जा रहा है कि जब सुकेश जमानत पर बाहर था तब उसने जैकलीन के मुंबई से चेन्नई जाने के लिए एक चार्टेड प्लेन भी बुक किया था। रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि सुकेश ने जैकलीन को करीब 10 करोड़ रुपए के गिफ्ट दिए थे। इसमें BMW कार, आईफोन, ज्वेलरी वगैरह शामिल थे। 9 लाख रुपए की कीमत वाली बिल्ली और 52 लाख रुपए की कीमत वाला घोड़ा भी जैकलीन को दिए जाने की बात कही जा रही।

गौरतलब है कि रेनबैक्सी के मालिक की पत्नी से 200 करोड़ की उगाही करने वाला सुकेश कभी खुद को PMO तो कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी बता कर लोगों से बात किया करता था। उसका नाम बॉलीवुड के कुछ अन्य लोगों से भी जुड़ा पाया गया है जिसमें नोरा फतेही, शिल्पा शेट्टी, श्रद्धा कपूर आदि प्रमुख हैं।

‘किसी तैमूर या औरंगजेब की माँ नहीं बनेगी कैटरीना कैफ’: ₹1.75 करोड़ का डिपॉजिट देकर जुहू में फ्लैट, जानिए कितना है रेंट

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने राजस्थान में अभिनेता विक्की कौशल से शादी रचाई, जिसकी मीडिया में खूब चर्चा हुई। अब उनके बारे में हरियाणा भाजपा के प्रभारी अरुण यादव ने एक ट्वीट किया है, जो खासा वायरल हो रहा है। अरुण यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, “गले में मंगलसूत्र, माँग में सिंदूर, सौम्य मुस्कान… इसका मजाक उड़ाने की जगह इसका इतिहास भुलाकर स्वागत कीजिए क्योंकि ये किसी तैमूर या औरंगजेब की माँ नहीं बनेगी।”

साथ ही उन्होंने कैटरीना कैफ की एक तस्वीर भी शेयर की। ‘लाइव हिंदुस्तान’ की खबर के अनुसार, सेलेब्रिटीज अक्सर अपनी लव लाइफ का इस्तेमाल अपनी फिल्मों को हिट कराने और खुद को चर्चा में बनाए रखने के लिए करते हैं लेकिन कैटरीना कैफ और विक्की कौशल ने अपने रिश्ते को एकदम गुप्त रखा। हालाँकि, बॉलीवुड में शादियों से सुर्खियाँ बटोरने का एक ट्रेंड रहा है। हाल ही में कैटरीना कैफ ने अपने हाथों की मेहंदी दिखाते हुए तस्वीर पोस्ट की।

मुंबई के जुहू में इन दोनों ने अपार्टमेंट भी लिया है। विक्की कौशल के माता-पिता सैम कौशल और वीणा कौशल को उनके नए अपार्टमेंट में कार से जाते हुए देखा गया। दोनों परिवारों ने उसे पहले पंडित बुला कर घरवास की पूजा भी कराई। राजस्थान के सवाई माधोपुर में शादी करने के बाद ये दोनों इसमें शिफ्ट कर गए, जहाँ पिछले कुछ दिनों से लगातार काम चल रहा था। बता दें कि ये 4BHK अपार्टमेंट 5000 स्क्वायर फ़ीट में है, जहाँ से बीच भी दिखाई देता है।

इस घर के लिए विक्की कौशल और कैटरीना कैफ ने 1.75 करोड़ रुपए का डिपॉजिट किया है और अगले 36 महीनों के लिए 8 लाख प्रति महीने के हिसाब से रेंट भी जमा करा दिया था। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी उसी अपार्टमेंट में एक फ़्लैट लेकर रहते हैं। मालदीव्स से हनीमून से लौटने के बाद दोनों साथ में भी दिखे थे। मुंबई एयरपोर्ट पर विक्की कौशल ने एक फैन के ‘बधाई हो’ का जवाब भी दिया। विक्की कौशल अब सारा अली खान के साथ एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में दिखाई देंगे।

बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने शादी के बाद अपने पति विक्की कौशल के साथ नए घर में प्रवेश किया है। इसके पहले घर में गृह प्रवेश की पूजा गई, जहाँ उनके परिजन भी मौजूद रहे। नवदंपत्ति ने मुंबई के जुहू में यह मकान लिया है। गृह प्रवेश रविवार (19 दिसम्बर) को होना बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक पंडित को घर में जाते देखा जा सकता है। इसी के बाद पूजा और गृह प्रवेश का अनुमान लगाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम के बाद उनके परिजनों को कार से बाहर निकलते देखा गया। वीडियो में विक्की के माता-पिता कार की पिछली सीट पर बैठे थे।

डेमोग्राफी ही नहीं बदल रहे बांग्लादेशी, मजबूर-मजदूर बनकर बन गए हैं क्राइम मास्टर भी: देशभर में फैलकर कर रहे शिकार

दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक शहादत खान को पकड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसकी बीवी नौकरानी बनकर घरों में काम करने जाती फिर शहादत अपने साथियों के साथ उन्हीं घरों में वारदात को अंजाम देता। इससे पहले अक्टूबर की एक रात लखनऊ के चिनहट में मुठभेड़ हुई। तीन बांग्लादेशी पकड़े गए। पूछताछ से यह बात सामने आई थी कि बांग्लादेशियों का यह गिरोह कबाड़ी बनकर दिन में रेकी करता और रात को अपराध करने निकल जाता। इतना ही नहीं वारदात के दौरान विरोध किए जाने पर ये हत्या और रेप को अंजाम देने से भी नहीं हिचकते थे। इसी साल मई में बेंगलुरू पुलिस ने ऐसे बांग्लादेशियों को दबोचा था, जिन्होंने गैंगरेप के बाद पीड़िता का वीडियो वायरल कर दिया। उसके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसा दी थी।

ऐसी घटनाओं की फेहरिस्त लंबी है जो बताती हैं कि बांग्लादेशी कैसे देश भर में फैल रहे हैं। हर तरह के अपराध को अंजाम दे रहे हैं। कभी नौकरानी बन, कभी मजदूर तो कभी कबाड़ी बन। ये घटनाएँ बताती हैं कि जिस वक्त आपने उन्हें मजबूर मान लिया, उसी वक्त आप उनके टारगेट पर आ गए। अवैध तरीके से भारत में घुसे ये घुसपैठिए हमारी अर्थव्यवस्था से लेकर सामाजिक संतुलन तक को बिगाड़ रहे हैं।

अब इनसे जुड़ी चिंताएँ केवल असम, पश्चिम बंगाल या बिहार के सीमांचल के इलाकों तक सीमित नहीं हैं। ये केवल डेमोग्राफी ही नहीं बदल रहे। ये हमारे मठ, मंदिर, जंगल हर जगह जमीन पर कब्जा कर रहे। असम में तो भारत के सबसे छोटे राज्य गोवा के क्षेत्रफल का दोगुना इलाका तो अतिक्रमण की जद में है। कुल मिला कर 49 लाख बीघा, अर्थात 6652 स्क्वायर किलोमीटर की भूमि पर कब्जा है। असम सरकार ने 2017 में यह जानकारी दी थी। बताया गया था कि सबसे ज्यादा अतिक्रमण वैष्णव मठों का हुआ है, जिसे असम में ‘सत्र’ भी कहा जाता है।

आतंकवाद की घटनाएँ हो या फिर दिल्ली में हुआ हिंदू विरोधी दंगा हर जगह इन बांग्लादेशियों की संलिप्तता सामने आई है। ये न केवल खुद के लिए दस्तावेज जुटा लेते हैं बल्कि रोहिंग्या लोगों को भी लाकर भारत में बसाने के लिए नेटवर्क के तौर पर काम कर रहे हैं। नवम्बर 2021 में महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी पुलिस ने 40 अवैध बंगलादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया था। उन सभी पर फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप है। इसमें से एक के पास फर्जी पासपोर्ट भी बरामद किया गया था। जुलाई 2021 में UP ATS ने नूर मोहम्मद, रहमत उल्लाह और शफी उल्लाह को गिरफ्तार किया था। तस्करी के लिए ये बांग्लादेश और म्यांमार से लोगों को लाते थे। उनके फर्जी कागज़ात भी बनाए जाते थे। इसी तरह मार्च 2021 में UP ATS ने सहारनपुर जिले से उमर मुहम्मद उस्मानी और उसके बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया था। बाप-बेटे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराकर उन्हें यूपी में बसाने में संलिप्त थे।

जाहिर है कि जो बांग्लादेशी पिछले कई दशक से केवल डेमोग्राफी असंतुलन के लिहाज से देश के कुछ हिस्सों में खतरे के तौर पर देखे जा रहे थे, उनसे जुड़े खतरे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वे देश के हर हिस्से में फैलकर शिकार की ताक में बैठे हुए हैं। इस लड़ाई में हम जितनी देर करेंगे हमारी सभ्यता, संस्कृति, जानमाल का खतरा उतना ही बढ़ता जाएगा।

KMC चुनाव में धाँधली, पुनर्मतदान की माँग: बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- 20% ही डाल सके वोट, मारपीट की 100+ घटनाएँ

कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव के दौरान हुई हिंसा और व्यापक धांधली के विरोध में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार (19 दिसंबर 2021) को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के भीतर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोलकाता पुलिस ने उनके साथ मारपीट की।

उस घटना का वीडियो साझा करते हुए अधिकारी ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने उनसे और उनके सहयोगियों के साथ मारपीट की गई। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी ने भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए नगर निकाय चुनावों में पुनर्मतदान की माँग की। भाजपा नेता ने बताया कि केवल 20% मतदाता ही अपना वोट डाल सके हैं। चुनाव के दौरान 100 से अधिक घटनाएँ हुई हैं और व्यापक रूप से धांधली की गई है।

उन्होंने पुलिस कमिश्नर पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक बॉस के निर्देशों का पालन करते हैं। उन्हें अपने अधीनस्थों और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए कहा गया होगा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “हमारा विरोध जारी रहेगा।”

अधिकारी ने कहा, “हमने पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग से मुलाकात की और पुनर्मतदान की माँग की है। हम सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जाँच चाहते हैं। चुनाव के दौरान भाजपा के कई लोगों को पीटा गया। यह सुरक्षा में बड़ी चूक है।” एएनआई द्वारा साझा की गई एक वीडियो में शुभेंदु अधिकारी को कार्यालय के अंदर अधिकारियों के साथ अपनी बात रखते हुए भी देखा जा सकता है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मामले पर ट्वीट किया, “यह निराशाजनक है कि ममता बनर्जी राज्य निर्वाचन आयोग का दौरा करने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ मारपीट करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही हैं। केएमसी चुनाव में व्यापक गड़बड़ियाँ होने के बाद अब प्रशासन के दुरुपयोग की खबरें लोकतंत्र के लिए बेहतर नहीं हैं।”

जेपी नड्डा का यह ट्वीट शुभेंदु अधिकारी के आवास के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद किया गया। दरअसल, रविवार (19 दिसंबर 2021) की शाम भाजपा नेता ने अपने घर पर पार्टी के अन्य विधायकों के साथ बैठक की। चुनाव आयोग के नियम का हवाला देते हुए कि कोई बाहरी मतदान के दिन कोलकाता में प्रवेश नहीं कर सकता। बिधाननगर पुलिस ने अधिकारी के घर को घेर लिया और उन्हें राजभवन में राज्यपाल से मिलने से रोक दिया।

पुलिस अधिकारी ने बीजेपी नेता को कहा, “हम आपको कोलकाता जाने की अनुमति नहीं दे सकते हैं, क्योंकि मतदान हो रहा है और आप यहाँ के निवासी नहीं हैं। बता दें कि केएमसी चुनाव के नतीजे मंगलवार (21 दिसंबर) को जारी किए जाएँगे।

जानिए ‘गुजरात के योगी’ का CM योगी आदित्यनाथ से क्या है रिश्ता: मंदिर में लाउडस्पीकर के लिए प्रशासन से भिड़ गए थे, BJP से लड़ेंगे?

जहाँ उत्तर प्रदेश में गोरखनाथ धाम के महंत योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं, वहीं गुजरात में भी एक योगी का नाम चर्चा में है। वो हैं, योगी देवनाथ। वो यूपी सीएम के करीबी भी हैं। वो गुजरात में ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ का प्रभारी हैं। साथ ही वो ‘कच्छ संत समाज’ के अध्यक्ष भी हैं। कच्छ में उनका अच्छा-खासा प्रभाव है। ‘अखिल भारतीय साधु समाज’ के भी वो एक सक्रिय सदस्य हैं। नाथ संप्रदाय से सम्बन्ध रखने वाले योगी देवनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गुरुभाई भी हैं।

कच्छ जिले में रापर विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ से योगी देवनाथ को अगले विधानसभा चुनाव में उतारने की अटकलें लगाई जा रही हैं। फ़िलहाल ये सीट कॉन्ग्रेस के कब्जे में है, ऐसे में भाजपा जरूर यहाँ अपना सिक्का फिर से चलाने के लिए उनके चेहरे पर दाँव लगाना चाहेगी। सोशल मीडिया पर भी वो ट्रेंड हो रहे हैं और लोग उनकी तारीफ़ करते हुए कह रहे हैं कि राजनीति को एक योगी ही सही से संभाल सकता है। खासकर गुजरात से बड़ी संख्या में लोग उनकी तस्वीरें ट्वीट कर रहे हैं।

पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव में जब योगी आदित्यनाथ भाजपा के लिए प्रचार करने गए थे, तब उन्होंने ‘एकल धामपुर भ्रुदिया भचाऊ कत्च’ मंदिर का भी दौरा किया था और योगी देवनाथ से मुलाकात की थी। महाराष्ट्र के पालघर में जब दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग हुई थी, तब भी योगी देवनाथ ने इस मामले में न्याय के लिए आवाज़ उठाई थी। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हजारों गायों को गोकशी से बचाया है। समाजसेवा और हिन्दू धर्म के लिए उनके कार्य को देखते हुए उनके समर्थक भाजपा से उनके लिए टिकट माँग रहे हैं।

मंदिर में लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध को वापस लेने के लिए प्रशासन को मजबूर किया

हाल ही में हिंदू समाज के लोगों द्वारा विरोध दिखाने के बाद अंबाजी प्रशासन ने मंदिर के हवनशाला में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को वापस ले लिया। शनिवार (18 दिसंबर 2021) को कच्छ संत समाज अध्यक्ष योगी देवनाथ ने ट्विटर पर इस संबंध में ट्वीट करके इस विरोध प्रदर्शन के बारे में बताया था। योगी देवनाथ द्वारा शेयर किए गए प्रशासन के पत्र में लिखा था कि अंबाजी मंदिर की हवनशाला में ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए लाउडस्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि इससे आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी।

पत्र के साथ किए गए ट्वीट में योगी देवनाथ ने कहा था कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो गुजरात की सभी मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों को बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा 18 दिसंबर को जारी पत्र में कहा गया था कि जिस हवनशाला में लाउडस्पीकर हैं वहाँ कई याज्ञनिक कार्य और अन्य समारोह भक्तों द्वारा किए जाते हैं। इन लाउडस्पीकर्स के कारण नजदीकी ग्रामीणों को दिक्कत होती है। इसके अलावा यह अंबाजी मंदिर कार्यालय के हर कार्य में भी परेशानी देते हैं इसलिए तत्काल प्रभाव से यहाँ लाउडस्पीकर बैन किया जाता है।

2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भी योगी देवनाथ ने भाजपा से टिकट माँगा था। कच्छ के कैलाश टेकड़ी में सशु-संतों ने बैठक कर के भाजपा हाईकमान से ये माँग की थी। 44 वर्षीय योगी देवनाथ ने 12 की उम्र में ही संन्यास लेकर ‘नाथ अखाड़ा’ में शामिल होने का निर्णय ले लिया था। उन्हें लोग ‘देवनाथ बापू’ भी कहते हैं। योगी देवनाथ बताते हैं कि वो ढाई दशक से भाजपा से जुड़े हैं और स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में गरीबों के लिए कार्य कर रहे हैं। उनका कहना था कि उनका कोई परिवार नहीं है, ऐसे में भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं उठता।