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न्यूजीलैंड ने मैच खेला नहीं, पुलिसवालों ने खा ली ₹27 लाख की बिरयानी: पाकिस्तान के साथ वनडे क्रिकेट चाहे तालिबान वाला अफगानिस्तान

सुरक्षा वजहों से न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का दौरा रद्द होने के बाद से बदहवास पाकिस्तान के साथ तालिबानी शासन वाला अफगानिस्तान क्रिकेट खेलना चाहता है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन अजीउल्लाह फाजली ने पाकिस्तान के साथ वनडे क्रिकेट सीरिज की मेजबानी की बात कही है। इस बीच कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि भले न्यूजीलैंड ने एक भी मैच नहीं खेला, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को करीब 27 लाख रुपए का बिरयानी का बिल मिला है।

कुछ रिपोर्टों में यह रकम 30 लाख रुपए के करीब बताई गई है। कथित तौर होटल में ठहरी न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम की सुरक्षा में 500 पुलिसकर्मी तैनात थे। इनके लिए दिन में दो बार बिरयानी आती थी। इस पर आठ दिन में करीब 27 लाख का खर्च आया है। कीवी टीम की सुरक्षा में फ्रंटियर कॉन्‍सटेबुलरी के जवान भी लगे थे। अभी उनके ऊपर हुए खर्च का बिल नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जब बिल पास होने के लिए वित्त विभाग के पास पहुँचा तो उसे रोक लिया गया। हालाँकि अलग-अलग रिपोर्ट में बिल की राशि बताई जा रही है, अभी तक अधिकारियों की तरफ से बयान जारी कर नहीं बताया गया है कि वास्तव में बिल कितने का आया है। मगर सोशल मीडिया यूजर्स इसका जमकर मजे ले रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “भूखे नंगे इस्लाम को कितना भी सभ्य समाज के पाठ पढ़ाए आखिर वो आदत से मजबूर रहते हैं।”

दूसरे ने लिखा, “और इन्हें कश्मीर चाहिए।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “अब किससे भीख माँगेंगे?” जिसके जवाब में यूजर ने लिखा, “चीन से और किससे।”

अंकुर ने ट्वीट करते हुए लिखा, “उड़ गए पाकिस्तान के होश, जब न्यूजीलैंड की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी चटकर गए 27 लाख की बिरयानी। इसे कहते हैं कंगाली में आटा गीला। एक तो सीरीज भी कैंसल हो गई और ऊपर से जेब भी ढीली हो गई कंगाल देश की!! आतंकिस्तान के वजीरे-आजम आया मजा? होश ठिकाने तो आपके आएँगे नही।”

हाथीराम ने लिखा, “साला इतने में तो पूरे पाकिस्तान के भूखे नंगे लोगों का पेट भर जाता।”

इधर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के नए हेड अजिजुल्लाह फ़ाज़ली ने पाकिस्तान के लिए वनडे सीरीज की मेजबानी करने की बात कही है। फ़ाज़ली ने कहा है कि वह भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका का दौरा करते हुए क्रिकेट को लेकर कुछ निर्णय लेंगे। वह रमीज राजा से मिलकर पाकिस्तान को सीरीज के लिए आमंत्रित करेंगे।

AFP के अनुसार फाजिल ने कहा, “मैं 25 सितंबर से पाकिस्तान का दौरा करूँगा और फिर क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों से मिलने भारत, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात जाऊँगा।” फ़ाज़ली ने कहा कि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष रमीज राजा से मिलेंगे और उस सीरीज में पाकिस्तान की मेजबानी करने की पेशकश करेंगे जो श्रीलंका में नहीं खेल पाए थे।

वहीं न्यूजीलैंड और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दौरा रद्द करने के बाद पाकिस्तान ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि ओम प्रकाश मिश्रा नाम के भारतीय शख्स ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल की पत्नी को फेक आइडी बनाकर धमकी भरा मेल भेजा था। चौधरी ने दावा किया कि उस ईमेल आईडी को भारत में बनाया गया था और सिंगापुर के आईपी एड्रेस के जरिए भेजा गया। 

दिलचस्प बात यह है कि कुछ पाकिस्तानी इस बात पर यकीन भी कर रहे हैं और गंभीरता के साथ पोस्ट कर रहे हैं कि जिसने ‘बोल न आंटी आऊँ क्या, घंटी मैं बजाऊँ क्या’ गाना गाया है, उसी ने मार्टिन गुप्टिल की बीवी के नाम से धमकी भरा संदेश भेजा।

गौरतलब है कि 17 सितंबर को न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान में वन डे मैच से ठीक पहले अपना पाक का दौरा रद्द कर दिया था। न्यूजीलैंड की टीम ने सुरक्षा लिहाज से यह फैसला लिया था। बताया गया था कि न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस से कुछ देर पहले मैदान में जाने से मना किया और फिर खबर आई कि ये दौरा रद्द हो रहा है। इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने भी दौरा रद्द कर दिया था।

चिकना नहीं, फ्लर्ट में हो उस्ताद-चुम्मा दे तगड़ा: मलाइका अरोड़ा ने बताया कैसे मर्द पसंद, अर्जुन कपूर पर भी बातें भरपूर

उम्र में 11 साल छोटे अर्जुन कपूर को डेटिंग करने के कारण चर्चा में रहने में वाली मलाइका अरोड़ा ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। अपने और अर्जुन के रिश्ते को स्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि उनको कैसे लड़के पसंद आते हैं। मलाइका ने यह बयान ‘इंडियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल’ नाम के शो में दिया। इसमें मिलिंद सोमन ने मलाइका से पूछा था कि तीन चीजें बताएँ जिसके बाद वह पुरुषों की तरफ आकर्षित होती हैं।

इस पर मलाइका ने कहा, “मुझे वो लड़के काफी पसंद है जो एज से थोड़े रफ हों। चिकना फेस नहीं पसंद। मुझे भयंकर फ्लर्ट करने वाले और तगड़ा चुम्मा देने वाले पसंद हैं।”

मलाइका अरोड़ा के इस बयान के बाद मीडिया में उनकी चर्चा दोबारा शुरू हो गई है। शो में इस बयान के अलावा मलाइका ने अपने और अर्जुन पर तब स्पष्ट रूप से बताया जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड अर्जुन कपूर को लास्ट मैसेज क्या किया था? इस सवाल का जवाब देने में मलाइका शरमा गईं।

उन्होंने मैसज पढ़कर बताया कि उन्होंने ‘आई लव यू टू’ मैसेज किया था इसके बाद मलाइका से एक और सवाल पूछा गया कि वो कौन शख्स है जो उन्हें अंदर से बाहर तक जानता है। इस पर उन्होंने कहा, “वो शख्स अर्जुन कपूर हैं। वो मुझे जानते हैं, मुझे समझते हैं। साथ ही परेशान भी करते हैं।”

गौरतलब है कि मलाइका अरोड़ा हमेशा से अपने फैशन और निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहती ही हैं। एक्टर अर्जुन कपूर के साथ उनकी रिलेशनशिप ऐसी है जिसके बारे में सबको मालूम है लेकिन ऑफिशियली बात भी नहीं होती। लेकिन अब मिलिंद सोमन के शो में मलाइका ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है। इससे पहले उन्होंने इस रिश्ते के बारे में 2019 में खुलासा किया था जब दोनो मालदीव ट्रिप पर गए थे।

इस्लामी कट्टरपंथ से डरा मेनस्ट्रीम मीडिया: जिस तस्वीर पर NDTV को पड़ी गाली, वह HT ने किस ‘दहशत’ में हटाई

इस्लामी कट्टरपंथ से डरा हुआ मेन स्ट्रीम मीडिया! ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि हिंदुस्तान टाइम्स ने ऐसा एक बार फिर खुद को साबित किया। जब कोरोना से सम्बंधित तमिलनाडु की एक खबर में वही तस्वीर लगाकर हटा बैठा जिस पर अगस्त के महीने शरजील उस्मानी जैसे कई कट्टरपंथियों ने खुलेआम धमकी देते हुए इसे ‘इस्लामोफोबिया’ तक कह डाला था।

HT मीडिया की वह तस्वीर जिस पर NDTV को मिली थी गाली और धमकी जिसे अब डिलीट कर दिया गया है

आपको याद होगा करीब दो महीने पहले कोरोना वायरस से ही सम्बंधित खबर में फीचर इमेज में एक मुस्लिम व्यक्ति की फोटो लगाए जाने के बाद NDTV को इस्लामी चरमपंथियों की धमकी मिलनी शुरू हुई थी और अंततः NDTV को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा था। 6 अगस्त को घटी इस घटना के ठीक तीन दिन बाद 09 अगस्त 2021 Times Now के द्वारा भी पिछले 24 घंटों में भारत में मिलने वाले संक्रमण के मामलों से सम्बंधित खबर में फीचर इमेज के तौर पर एक मुस्लिम महिला की तस्वीर लगाई गई थी। तब लोग ट्विटर पर मजे लेने के लिए खुद ही उस्मानी को टैग कर धमकी या फतवा माँगने चले गए थे कि ‘शरजील भाई धमकी दो’: NDTV के बाद Times Now और HT की रिपोर्ट में भी लगाया गया मुस्लिम का फोटो!

खैर अभी का मामला थोड़ा NDTV प्रो मैक्स है! मतलब कुछ ज़्यादा ही आसान और पेचीदा भी। इस बार ऐसी कोई प्रत्यक्ष धमकी HT मीडिया को देता हुआ नहीं दिखा लेकिन तस्वीर वही थी जिस पर शरजील उस्मानी सहित तमाम कट्टरपंथियों ने तथाकथित ‘सेक्युलर और निष्पक्ष’ मीडिया NDTV को खुलेआम तस्वीर हटाने की धमकी देते हुए, उस पत्रकार कर्मचारी की डिटेल भी माँगी थी जिसने ये गुस्ताखी की थी। तो इस बार हिंदुस्तान टाइम्स ने बेहद फुर्ती दिखाते हुए खुद ही आनन-फानन में तस्वीर बदल कर एक सेक्युलर तस्वीर लगाकर राहत की साँस ली है।

HT मीडिया ने डिलीट कर लगाई नई तस्वीर

अब यहाँ होने को तीन सम्भावनाएँ हो सकती हैं:

  • हो सकता है किसी ने मेल या सीधा फोन कर मुस्लिम व्यक्ति की तस्वीर हटाने की धमकी दी हो।
  • किसी ने डायरेक्ट मैसेज किया हो या कहीं उनके ट्वीट या कमेंट में धमकी जैसे कोई बात लिखी हो जिसे उन्होंने देखते ही डिलीट कर यह एक्शन लिया हो।
  • तीसरी संभावना यह भी हो सकती है कि चूँकि पहले इसी तस्वीर पर NDTV को खुलेआम धमकी दी गई थी तो इस बार खुद ही तस्वीर हटाकर संस्थान की सेक्युलरिटी और उस पत्रकार कर्मचारी की जान की रक्षा की गई हो जिसको बस धमकी मिलने ही वाली थी।

गौरतलब है कि 6 अगस्त, 2021 को आई NDTV की खबर में बताया गया था कि भारत में पिछले 1 दिन के मुकाबले कोरोना के 4% ज्यादा मामले आए हैं और नए मामलों की संख्या 44,643 है। जिस प्रकार हर खबर के साथ तस्वीर होती है, जो प्रतीकात्मक भी हो सकती है। इस खबर के साथ भी एक व्यक्ति (मुस्लिम) की प्रतीकात्मक तस्वीर थी, जो कोरोना टेस्ट करा रहा था। इस्लामी चरमपंथियों ने इसे मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश करार दिया और पूछा कि आखिर कोरोना की खबर में मुस्लिम व्यक्ति की तस्वीर क्यों लगाई गई?

खुद को इस्लामी एक्टिविस्ट कहने वाले शरजील उस्मानी भी धमकी पर उतर आया था। उसने सीधा यही सवाल पूछा कि आखिर वो कौन सा एम्प्लॉय है, जिसने NDTV में इस तरह की तस्वीर के प्रयोग करने का निर्णय लिया? साथ ही उसने NDTV के कर्मचारियों से कहा कि वो मैसेज भेज कर गुप्त रूप से बता सकते हैं कि किसने ऐसा किया है। जिसके बाद NDTV ने झटपट ट्वीट डिलीट कर इस झंझट से मुक्ति पाई। और साबित किया कि वो भी इन मुस्लिम कट्टरपंथियों से डरा हुआ सेक्युलर मीडिया है।

यहाँ एक बात और गौर करने लायक है कि मुस्लिम समूहों या कट्टरपंथियों द्वारा इस तरह की खुलेआम धमकी और आक्रामक व्यवहार ही वह वजह हो सकती है जिससे शायद कई डरे हुए मीडिया संस्थान मौलानाओं द्वारा किए गए अपराधों में भी पुजारियों व साधु-संतों की प्रतीकात्मक तस्वीर डाल देते हैं, फकीरों को तांत्रिक बताते हैं। क्योंकि हिन्दू सहिष्णु हैं, अपना अपमान होते हुए देख कर भी हिन्दू सिर्फ हल्का-फुल्का प्रतीकात्मक विरोध भर ही करते हैं या वामपंथी समूहों के दबाव में कई बार वह भी नहीं करते। ऐसे में सहिष्णु हिन्दुओं के विरोध पर ‘कड़ा जवाब’ देकर लिबरल गिरोह के पत्रकार खुद को ‘शेर’ समझते की खुशफहमी पालते हैं। लेकिन, इस्लामी चरमपंथियों के आगे इनके पास ‘भीगी बिल्ली’ बनने के अलावा कोई चारा नहीं रहता।

गले पर V का निशान, चलता पंखा… महंत नरेंद्र गिरि के ‘सुसाइड’ पर कई सवाल, CBI जाँच को योगी सरकार तैयार

महंत नरेंद्र गिरि सोमवार (सितंबर 20, 2021) को प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ में मृत मिले थे। उसके बाद से लगातार उनकी मौत पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की CBI जाँच कराने की सिफारिश की है। गृह विभाग ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया, “प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त नरेन्द्र गिरि जी की दुःखद मृत्यु से जुड़े प्रकरण की माननीय मुख्यमंत्री जी के आदेश पर सीबीआई से जाँच कराने की संस्तुति की गई हैl”

इससे पहले मंगलवार को महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने बाघंबरी मठ पहुँचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने आगे कहा था कि घटना के संबंध में कई सबूत इकट्ठे किए गए हैं। वहीं इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाँच डॉक्टरों के एक पैनल ने शव परीक्षण किया। मौत का कारण ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ (Antemortem Hanging) बताया है। उनके गले पर वी (V) शेप का निशान मिला है।

महंत नरेंद्र गिरि का शव मठ में पंखे से लटका मिला था। उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला था जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि समेत तीन लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। आनंद गिरि कभी नरेंद्र गिरि के पसंदीदा शिष्य थे। लेकिन मई में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगने के बाद आनंद गिरि को निरंजनी अखाड़े से निकाल दिया गया था। सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने लिखा था कि वह हमेशा समाज में गरिमा के साथ रहे, लेकिन आनंद गिरि ने उन्हें गलत तरीके से बदनाम किया।

हालाँकि सुसाइड नोट के असली होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुसाइड नोट में किया गया हस्ताक्षर नरेंद्र गिरि द्वारा उनके पिछले दस्तावेजों किए गए हस्ताक्षर से अलग थे। ‘आज तक’ से बातचीत में निरंजनी अखाड़ा के रविंद्र पुरी ने कहा कि जो सुसाइड नोट मिला है, वह उनके (महंत नरेंद्र गिरि) द्वारा नहीं लिखा गया है। इस मामले की जाँच होनी चाहिए। ऐसा लगता है किसी बीए पास लड़के ने यह पत्र लिखा है। इस संबंध में अखाड़ा अपने स्तर से भी जाँच कर रहा है।

इस पूरे मामले (सुसाइड नोट) पर अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महासचिव जीतेंद्रानंद सरस्वती का कहना है कि वह (महंत नरेंद्र गिरि) इतना बड़ा सुसाइड नोट लिख ही नहीं सकते। महंत नरेंद्र गिरि को जानने वालों का कहना है कि वो कामचलाऊ रूप से ही लिखते-पढ़ते थे और सामान्यतः हस्ताक्षर से काम चलाते थे। इससे मौत की गुत्थी उलझती जा रही है।

इस गुत्थी को एक वीडियो ने और उलझा दिया है जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि यह पुलिस के मौके पर पहुँचने के ठीक बाद का है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वीडियो 1.45 मिनट का है। जिस कमरे में नरेंद्र गिरि शव लटका मिला था, उस कमरे का पंखा तेजी से चल रहा था। ऐसे में पूछा जा रहा है कि चलते पंखे से कोई फंदा ​कैसे लगा सकता है? य​दि इसे किसी ने शव उतारने के बाद चलाया तो ऐसा क्यों किया? वीडियो में महंत का शव फर्श पर और पीले रंग की रस्सी पंखे से लटकी दिख रही है।

मुकेश खन्ना ने ‘गो रक्षा’ को कहा तो कट्टरपंथी बिलबिलाए, अब्दुल ने लिखा- 50% हिंदू बीफ खाते हैं

शक्तिमान सीरियल से मशहूर हुए टीवी एक्टर मुकेश खन्ना ने अपनी हालिया वीडियो में उन लोगों को निशाने पर लिया जो गो हत्या करते हैं और उनको खाते हैं। अपनी वीडियो को एक्टर ने इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक पर शेयर किया है। उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा, “गाय हमारी माता है, क्या हम लोग कल्कि अवतार का इंतजार कर रहे हैं…कल्कि आकर हमारी गाय माता को बचाएँगे?” 

मुकेश खन्ना की इस वीडियो में उन्होंने आगे कहा, “जब आपके घर की माता-बहनें संकट में होती हैं तो आप ये इंतजार करते हैं कि पुलिस आएगी तो उनको बचाएगा या फिर मिलिट्री आएगी तो उन्हें बचाएगी। जब उनके पास आप किसी का इंतजार नहीं करते हैं तो गाय हमारी और आपकी माता ये किसी को बताने की जरूरत क्यों पड़ती है। खुलेआम! और हम सब मूक दर्शक बन कर चुप हैं! शर्म आनी चाहिए हमें। उन्हें भी जो इसे चाव से खाते हैं। इसे रोका जाना चाहिए। और मेरे हिसाब से इसका एक ही तरीक़ा है कि सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जो इस समय शेर (भारत का राष्ट्रीय पशु इस समय टाइगर यानी कि बाघ है ) है।”

वह कहते हैं, “शेर अपनी रक्षा स्वयं कर सकता है। परंतु गाय अपने भक्तों की ओर कातर नज़रों से देखती है कि वो आगे बढ़ कर उनकी रक्षा करें। उनके क़ातिलों से, उनके भक्षकों से। पर हर कोई अपनी लाइफ़ में बिज़ी है। इसलिए सरकार को आगे आकर गाय को राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय सम्पदा घोषित कर देना चाहिए। तब जाकर न्याय होगा, हमारे ज़मीर से, भक्ति से, विश्वास से। तब जाकर किसी माई के लाल की हिम्मत नहीं होगी इन्हें काटने की।”

इस पोस्ट के बाद कुछ लोगों को खन्ना हमेशा की तरह खटक गए और उन्हें उल जुलूल बातें कही जाने लगीं। तमाम हिंदुओं ने जहाँ मुकेश खन्ना की माँग के साथ सहमति जताई और राष्ट्रीय पशु को लेकर अपनी माँग बताई। वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जो भारत में गायों की हालत बताते दिखे। इसके अलावा कुछ शमीम अहमद जैसे भी लोग थे जिन्होंने ये पढ़ कर मुकेश खन्ना को लिखा, “…और तुझको राष्ट्रीय गधा घोषित कर दें।”

काजिज अहिर अहमद गो हत्या को सही ठहराने के लिए कहता है, “एक्सपोर्ट तो तेरा बाप करता है विदेशों में।”

मालवानराजा नाम का एक यूजर खन्ना को लिखता है, “सर आपने कितनी गो माता पाल रखी है। और उन गो माताओं के बारे में क्या ख्याल है जो सड़को पर कचरा खाती फिरती हैं। इतने बड़े देश में अगर एक गो भक्त एक गाय पालेगा तो ना तो कहीं गाय भूख से मरेगी। और ना ही कटेंगी।”

अब्दुल सैयद लिखता है, “आपको सिर्फ अपने देश से प्रेम है, विश्व से नहीं। मतलब भारत देश को आपके भगवान ने बनाया और बाकी देश जो है विश्व वो अलग भगवान ने बनाया।”…सैयद लिखता है, “50% हिंदू ये बीफ खाते हैं किसको प्रूफ चाहिए दिखा दूँगा”

अमेरिका में PM मोदी, क्वाड नेताओं से भी होगी बात- UNGA को करेंगे संबोधित: एयर इंडिया वन वाली तस्वीर सोशल मीडिया में छाई

चीनी कोरोना वायरस के संक्रमण में पूरी दुनिया के घिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली बड़ी विदेश यात्रा पर अमेरिका पहुँचे हैं। पीएम मोदी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करेंगे। चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) नेताओं के साथ बैठक में शामिल होंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने अमेरिका की लंबी उड़ान के दौरान एयर इंडिया वन विमान से एक तस्वीर साझा की। यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी। इसमें प्रधानमंत्री कुछ कागजों को निपटाते दिख रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, “लंबी उड़ान का मतलब कागजात और कुछ फाइलों को निपटाने करने का अवसर भी होता है।”

अमेरिका में पीएम मोदी के लैंड करने के बाद वाशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय के लोगों ने बेहद गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया। एंड्रयूज ज्वाइंट एयरफोर्स बेस पर उनका स्वागत करने के लिए बायडेन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू और बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी मौजूद थे।

इसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “वाशिंगटन डीसी में गर्मजोशी से स्वागत के लिए भारतीय समुदाय का आभारी हूँ। हमारे प्रवासी हमारी ताकत हैं। यह प्रशंसनीय है कि कैसे प्रवासी भारतीयों ने दुनिया भर में खुद को प्रतिष्ठित किया है।”

अमेरिकी दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री आइजनहावर कार्यालय में अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मिलेंगे। इसके बाद वे वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ बातचीत करेंगे। इसमें क्वालकॉम के क्रिस्टियानो ई अमोन, एडोब के शांतनु नारायण, फर्स्ट सोलर के मार्क विडमार, जनरल एटॉमिक्स के विवेक लाल और ब्लैकस्टोन के स्टीफन ए श्वार्जमैन शामिल हैं।

भारत से अमेरिका के लिए निकलने से पहले पीएम ने ट्वीट किया था, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के निमंत्रण पर आपसी बातचीत जारी रखने और आपसी हितों के मसलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए USA का दौरा कर रहा हूँ। वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने और भारत और अमेरिका के बीच सहयोग के लिए विचारों का पता लगाने के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति जो बायडेन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के साथ क्वाड में हिस्सा लूँगा। हम मार्च में हुए शिखर बैठक के परिणामों का जायजा लेंगे। मैं वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए UNGA को भी संबोधित करूँगा।”

भारत सरकार की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए अपनी यात्रा का समापन करेंगे। उनके भाषण में कोविड-19 महामारी, आतंकवाद से निपटने की आवश्यकता, जलवायु परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों सहित वैश्विक चुनौतियों का सामना करने जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।

‘हर स्टाइल में स्वागत…’: साड़ी विवाद पर अकीला ने दी सफाई, वीडियो वाली महिला पर मारपीट का आरोप लगाया

सोशल मीडिया पर ‘साड़ी’ ट्रेंड होने के बाद दिल्ली के अंसल प्लाजा स्थित अकीला (Aquila) रेस्टोरेंट ने इस विवाद पर सफाई दी है। एक महिला ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि साड़ी पहनने के कारण रेस्टोरेंट ने उसे प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अकीला ने अपनी सफाई में कहा है कि वह भारतीय संस्कृति का सम्मान करती है। हमेशा से आधुनिक से लेकर परंपरागत, हर स्टाइल के ग्राहकों का स्वागत करती रही है। साथ ही महिला पर अपने स्टाफ के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।

इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी सफाई में रेस्टोरेंट ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल 10 सेकंड की वीडियो क्लिप रविवार (19 सितंबर 2021) को हुए एक घंटे घटनाक्रम का छोटा सा हिस्सा है। बयान में कहा गया है, “एक अतिथि रेस्टोरेंट में आईं तो उनसे विनम्रतापूर्वक गेट पर इंतजार करने का आग्रह किया गया, क्योंकि उनके नाम से कोई रिजर्वेशन नहीं था। जब हम स्टाफ के साथ यह चर्चा कर रहे थे कि उन्हें कहाँ बैठाया जा सकता है, वह रेस्टोरेंट के भीतर आ गईं और हमारे कर्मचारियों से झगड़ा करने लगीं। उसके बाद जो हुआ वह हमने नहीं सोचा था। उन्होंने हमारे मैनेजर को थप्पड़ मारा, जो आप पोस्ट के साथ लिंक CCTV वीडियो फुटेज में देख सकते हैं।”

बयान में रेस्टोरेंट ने कहा है, “हम पारदर्शिता में यकीन करते हैं इसलिए उन लोगों की झलक आपको दिखा रहे हैं जो पहले ट्रेडिशनल ड्रेस कोड में हमारे रेस्टोरेंट में आ चुके हैं।” साथ ही बताया है कि स्थिति से निपटने के लिए और अतिथि से जाने का अनुरोध करने के लिए हमारे गेट मैनेजरों में से एक ने साड़ियों पर हमारे ‘स्मार्ट कैजुअल ड्रेस कोड‘ का हिस्सा नहीं होने की बात कह दी। इसके लिए हमारी पूरी टीम माफी माँगती है। रेस्टोरेंट ने खुद को स्वदेशी ब्रांड बताते हुए कहा कि उसका हर मेंबर एक गौरवान्वित भारतीय है।

क्या है मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यह दिखाया गया था कि दिल्ली के अंसल प्लाजा स्थित अकीला रेस्टोरेंट की एक स्टाफ पत्रकार अनीता चौधरी से कह रहा था कि साड़ी चूँकि स्मार्ट आउटफिट नहीं है, इसलिए वो उसे पहनने वालों को अपने यहाँ अनुमति नहीं देते। यह वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद रेस्टोरेंट की ओछी मानसिकता की कड़ी आलोचना की गई।

दावा किया गया था कि अनीता अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने 19 सितंबर को दिल्ली के अकीला रेस्टोरेंट में गई थीं। लेकिन उन्हें साड़ी में देख एंट्री देने से मना कर दिया। वीडियो में नजर आ रहे कर्मचारियों ने पहले परिधानों पर बात की और फिर उनकी बेटी की उम्र कम बताकर उन्हें रोकने लगे।

कौन हैं ‘बोल ना आंटी आऊँ क्या’ वाले ओपी मिश्रा, न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा रद्द होने के बाद क्यों हो रही उनकी चर्चा

न्यूजीलैंड और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कारण पिछले दिनों पाकिस्तान की जो फजीहत हुई उसका ठीकरा पहले बीसीसीआई पर फोड़ा गया और अब ये ठीकरा ओम प्रकाश मिश्रा नाम के भारतीय शख्स पर फोड़ा जा रहा है। वहाँ के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि ओम प्रकाश मिश्रा नाम के भारतीय शख्स ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल की पत्नी को फेक आइडी बनाकर धमकी भरा मेल भेजा था।

उनका दावा यह भी है कि जो धमकी भरा मेल न्यूजीलैंड टीम को भेजा गया उसे भेजने के लिए हम्जा अफरीदी नाम की फेक आईडी बनाई गई। फवाद चौधरी ने कहा, “यह मेल वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) से भेजा गया था जिसमें इसकी लोकेशन सिंगापुर दिखाई गई थी। इस डिवाइस पर 13 और भी आइडी थी जिसमें से ज्यादातर सभी भारतीय नाम थे।”

अब जबसे फवाद चौधरी ने अपना यह बयान दिया है तभी से ओम प्रकाश मिश्रा का नाम ट्विटर पर ट्रेंड में है। इससे पहले ओम प्रकाश मिश्रा नाम के लड़के ने साल 2017 में “बोल ना आंटी आऊँ क्या घंटी मैं बजाऊँ क्या” गाने के जरिए सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरी थी। अब पाकिस्तान द्वारा उनकी तस्वीर इस्तेमाल किए जाने के बाद उन पर तरह तरह के मीम शेयर हो रहे हैं और उसमें ओम प्रकाश मिश्रा की फोटो है।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ पाकिस्तानी इस बात पर यकीन भी कर रहे हैं और गंभीरता के साथ पोस्ट कर रहे हैं कि जिसने बोल न आंटी आऊँ क्या, घंटी मैं बजाऊँ क्या गाना गाया है उसी ने मार्टिन गुप्टिल की बीवी को धमकी भरा संदेश भेजा।

गौरतलब है कि 17 सितंबर को न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान में वन डे मैच से ठीक पहले अपना पाक का दौरा रद्द कर दिया था। न्यूजीलैंड की टीम ने सुरक्षा लिहाज से यह फैसला लिया था। बताया गया था कि न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस से कुछ देर पहले मैदान में जाने से मना किया और फिर खबर आई कि ये दौरा रद्द हो रहा है।

इसी बेइज्जती से आहत पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने हाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ओम प्रकाश मिश्रा का नाम लेने के साथ-साथ कई ईमेल अकॉउंट बताए, जिन पर उन्हें संदेह है कि वो न्यूजीलैंड टीम को धमकी भेजने के पीछे मास्टरमाइंड हो सकते हैं। कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए दस्तावजों में कुछ सोशल मीडिया पोस्टों को दिखाया गया है और संडे गार्जियन में पब्लिश हुए एक लेख का उदाहरण दिया गया है।

इनमें सोशल मीडिया पोस्ट तो 19 अगस्त का है जिसमें कहा गया है कि आतंकी संगठन पाकिस्तान में हमला कर सकते हैं और संभव है कि न्यूजीलैंड उनके निशाने पर हो। ऐसे ही 21 अगस्त को प्रकाशित एक लेख की बात है जिसे अभिनंदन मिश्रा ने लिखा है। इस लेख में भी न्यूजीलैंड टीम के पाकिस्तान दौरे के समय में संभावित आतंकी हमले की बात है।

धार्मिक संरचनाओं की सुरक्षा के लिए कर्नाटक विधानसभा से बिल पास, मैसूर में मंदिर तोड़े जाने पर राज्य सरकार की हो रही थी किरकिरी

मैसूर में बीते 10 सितंबर को मंदिर तोड़ने की कार्रवाई के बाद उपजे आक्रोश के देखते हुए कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2009 के आदेश को निष्प्रभावी बनाने के लिए कानून बनाने का फैसला किया है। इस कड़ी में मंगलवार (21 सितंबर 2021) को विधानसभा से कर्नाटक रिलिजियस स्ट्रक्चर (प्रोटेक्शन) बिल 2021 पास किया गया। इस विधेयक का मकसद शीर्ष अदालत के आदेश की पृष्ठभूमि में राज्य में धार्मिक संरचनाओं पर जारी कार्रवाई को रोकना है।

सदन में विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा, “इसका उद्देश्य इस अधिनियम के लागू होने की तारीख से पहले सार्वजनिक स्थानों पर बने धार्मिक स्थलों की रक्षा करना है ताकि सामुदायिक सद्भाव औऱ जनता की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुँचे।” इस विधेयक के कानून बनने की तारीख से अदालती आदेश के बावजूद निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार धार्मिक संरचना की सुरक्षा करने की बात कही गई है। बिल में ‘धार्मिक संरचना’ को मंदिर, चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारा, बौद्ध विहार, मजार वगैरह के तौर पर परिभाषित किया गया है। साथ ही कहा गया है कि भविष्य में सार्वजनिक स्थान पर किसी भी धार्मिक संरचना के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह बिल सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। कॉन्ग्रेस और जेडीएस ने इसका विरोध तो नहीं किया लेकिन विपक्ष ने मैसूर की घटना के बाद जिस तरह से जल्दबादी में यह बिल लाया गया उसके लिए सरकार की आलोचना की।

विधानसभा में राज्य सरकार ने इस बात को स्वीकार किया कि मैसूर में मंदिर पर कार्रवाई की उसे जानकारी ही नहीं थी। कानून और संसदीय मामलों के मंत्री जेसी मधुस्वामीव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए ‘अति उत्साही’ अधिकारियों ने सरकार को बिना बताए ही कार्रवाई की।

मंदिर पर कार्रवाई को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना करने वाले विपक्षी नेता सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी समूहों के दबाव में भाजपा सरकार बिल लेकर लाई है। सिद्धारमैया ने कहा, “वे हिंदू जागरण वैदिक और दक्षिणपंथी समूहों के दबाव के कारण अब बिल ला रहे हैं। मैंने ट्वीट किया था और कहा था कि मंदिर को तोड़ा नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने मंदिर को तोड़ा और अब इसकी सुरक्षा चाह रहे हैं जो अजीब है।”

सिद्धारमैया की दलीलों को खारिज करते हुए सीएम बासवराज बोम्मई ने कहा कि 2010 से 2019 तक कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के शासनकाल में मैसूर में 161 मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त किया गया था। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया, “यदि आप मैसूर में एक मंदिर को तोड़ने के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार मानते हैं तो उन विध्वंसों के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएँगे।” सीएम ने आगे कहा, “शब्द बहुत ही खतरनाक होते हैं, हमें संवेदनशील मुद्दों पर इनका सावधानी से उपयोग करना चाहिए।”

मंदिर तोड़ने का ठीकरा जिला प्रशासन

कर्नाटक के मैसूर जिले में हिंदू मंदिर के विध्वंस मामले ने राज्य सरकार को जिला प्रशासन के खिलाफ खड़ा कर दिया था। विध्वंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मैसूर-कोडागु के भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा सहित कई राजनेताओं और कई हिंदू संगठनों ने तहसीलदार द्वारा रात में किए गए इस कार्रवाई का विरोध किया था।

सिम्हा ने जिला प्रशासन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या और चुनिंदा मंदिरों को निशाना बनाने का आऱोप लगाया था। उन्होंने कहा था, “सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 2009 के बाद सार्वजनिक स्थानों पर जो संरचनाएँ बनी हैं, वे ही उसके आदेश के तहत आएँगी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि इन संरचनाओं को तभी गिराया जाना चाहिए जब इनका स्थानांतरण या नियमितीकरण संभव न हो।”

अगस्त में राज्य के मुख्य सचिव पी. रविकुमार द्वारा की गई जाँच के बाद मंदिर पर कार्रवाई की गई थी। इसमें जिला प्रशासन से सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के फैसलों को लागू करने में देरी पर जवाब माँगा गया था। इस मामले में मुख्य सचिव ने 1 जुलाई 2021 को उपायुक्तों को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में सार्वजनिक स्थानों पर 6,395 गैरकानूनी तरीके से धार्मिक संरचनाएँ स्थित हैं। 29 सितंबर 2009 तक ऐसी संरचनाओं की संख्या 5,688 थी। हालाँकि, 12 सालों में राज्य उनमें से केवल 2,887 को ध्वस्त, स्थानांतरित और विनियमित कर पाया है। कथित तौर पर निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन को हर सप्ताह हरेक तालुक और मंडल में कम से कम एक अवैध धार्मिक संरचना पर कार्रवाई करने को कहा गया था।

‘खौफ बनाते हैं इसलिए मियाँ भाई कहलाते हैं’: सीने में चाकू घोंप सन्नी सिन्हा की हत्या करने वाला मोहम्मद लाडला गिरफ्तार

बिहार के पूर्णिया में 25 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित मोहम्मद लाडला को गिरफ्तार कर लिया गया है। लाडला ने सन्नी सिन्हा नामक युवक की हत्या 13 सितंबर को की थी। लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब जाकर हुई है। लाडला ने सन्नी के सीने में चाकू घोंप दिया था। हमले के बाद परिजन सन्नी को अस्पताल ले गए लेकिन उसकी जान नहीं बची।

पुलिस इस मामले में अपनी छानबीन कर रही है। इस बीच उन्हें मोहम्मद लाडला के फेसबुक से कुछ भड़काऊ पोस्ट मिले हैं। आरोपित ने अपने फेसबुक के बायो में लिखा है, “सुन लो RSS, बजरंग दल वालों हम दल नहीं खौफ बनाते हैं इसलिए मियाँ भाई कहलाते हैं।”

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लाडला की लिखावट इलाके में तनाव भड़काने वाली थी। उसका मकसद था कि लोगों का ध्यान उस पर से हटे। आरोपित के निशाने पर बीजेपी, बजरंग दल, आरएसएस रहते थे।

जानकारी के अनुसार, मृतक सन्नी सिन्हा पूर्णिया में उज्जवला स्मॉल फाइनेंस बैंक में काम करता था। उसकी हत्या घर से कुछ ही दूरी पर की गई। मामले में सन्नी की माँ ने 14 सितंबर को खजांची हाट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। परिवार ने बताया कि 13 सितंबर को उनके घर में छठी कार्यक्रम चल रहा था। लेकिन रात के करीब 9:30 बजे जामा मस्जिद से सटी गली के रहने वाले मोहम्मद लाडला ने उनके बेटे को बुलाया और कुछ कहासुनी के बाद उसकी चाकू मार कर हत्या कर दी गई।

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपित और सन्नी के बीच कोई बातचीत हुई और बाद में वह लौट गया। लेकिन कुछ देर बाद वह दोबारा आया और साथ में कई 20-25 साथी भी थे। सबने हंगामा किया। इस बीच जब सन्नी उन लोगों को समझाने गया तो नशे में धुत आरोपित मोहम्मद लाडला ने सन्नी के सीने में चाकू घोंप दिया और सारे फरार हो गए। परिजन तुरंत ही सन्नी को अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।

बता दें कि इससे पहले खबर आई थी कि सिन्हा की हत्या से पूर्व, स्थानीय लोगों ने लाडला और उसके गिरोह द्वारा किए गए उपद्रव के बारे में स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया था। हालाँकि, तब नशे की हालत में पाए गए लाडला को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने उसे चेतावनी देकर जाने दिया।

घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कहा कि सिन्हा की हत्या इसलिए की गई क्योंकि पुलिस ने समय पर और उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस संरक्षण में जिले में व्यापक रूप से ड्रग्स की बिक्री की जा रही है। स्थानीय लोगों और विश्व हिंदू परिषद के कई सदस्यों ने पेट्रोलिंग कर रही पुलिस टीमों और यातायात पुलिस पर जबरन वसूली का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा था कि शहर में खुलेआम पुलिस के संरक्षण में नशे का कारोबार किया जा रहा है। पुलिस अवैध उगाही करने में लगी रहती है। टाईगर मोबाइल, गश्ती दल, एवं ट्रैफिक पुलिस नाजायज धन उगाही में लगी रहती है। इस तरह की घटना पर रोक नहीं लगी तो बड़े जन आन्दोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।