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‘पहला आकर भी नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर खड़ा है, मोदी जी जवाब दो’: राहुल गाँधी के वायरल ट्वीट का FACT CHECK

सोशल मीडिया पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है, जिसे कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का बताया जा रहा है। राहुल गाँधी के नाम से वायरल इस ट्वीट में लिखा है, “प्रथम आकर भी दूसरे नंबर पर आना क्या सही है? जवाब दो मोदीजी।” इसमें टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा की तस्वीर लगी है, जिसमें वो बीच में सबसे ऊँचे वाले पोडियम पर खड़े हैं, जहाँ विजेता को खड़ा किया जाता है।

ये वीडियो तब का है, जब नीरज चोपड़ा के व उनके प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों के फोटोग्राफ लिए जा रहे थे। इस ट्वीट को देख कर ऐसा लग रहा है जैसे राहुल गाँधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब माँग रहे हों कि नीरज चोपड़ा को ‘दूसरे स्थान’ पर क्यों खड़ा किया गया है? साथ ही स्क्रीनशॉट में उनका वेरिफाइड वाला ब्लू टिक भी लगा है। दिख रहा है कि ये ट्वीट 5 अगस्त, 2021 को शाम 4:51 में किया गया था।

वायरल हो रहा है राहुल गाँधी का ट्वीट

जब हमने राहुल गाँधी का ट्विटर हैंडल खँगाला तो उस पर इसी समय पर किया गया उनका ट्वीट मिल गया। लेकिन, उसका कंटेंट अलग था। ये ट्वीट उन्होंने टोक्यो ओलंपिक पर ही किया था, लेकिन नीरज चोपड़ा के लिए नहीं। असल में उन्होंने भारतीय पहलवान रवि दहिया के रजत पदक जीतने को लेकर उन्हें बधाई दी थी। इस ट्वीट में न तो नीरज चोपड़ा का नाम है और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। वो ट्वीट ये रहा:

ध्यान देने वाली सबसे बड़ी बात तो ये है कि नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए स्वर्ण पदक 7 अगस्त को जीता, ऐसे में इससे 2 दिन पहले ही भविष्य देख कर कोई कैसे इस तरह का सवाल पूछ सकता है। इसीलिए, हर हिसाब से ये ट्वीट फेक है। राहुल गाँधी ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। ऊपर से पिछले 4 दिनों से राहुल गाँधी का ट्विटर हैंडल निलंबित है। उन्होंने पिछले ट्वीट 6 अगस्त को किया था। ये ट्वीट ‘किसान आंदोलन’ के समर्थन में था।

कॉन्ग्रेस ने जानकारी दी थी कि उसके वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी का ट्विटर एकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। दिल्ली कैंट की 9 वर्षीय कथित रेप पीड़िता के परिवार के सदस्यों की फोटो पोस्ट करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। नीरज चोपड़ा को बधाई नहीं देने पर ट्विटर यूजर्स ने इस बारे में उनसे पूछना शुरू कर दिया, तब कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से ट्वीट करके राहुल का एकाउंट सस्पेंड होने की बात कही गई थी।”

ओलंपियन मयूखा जॉनी की दोस्त के रेप केस में जॉनसन की अग्रिम जमानत याचिका केरल HC ने की खारिज, आरोपित था चर्च का सदस्य

भारतीय ओलंपियन मयूखा जॉनी की दोस्त के रेप केस में आरोपित सीसी जॉनसन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट ने सरेंडर करने के लिए कहा है। जॉनसन पर पीड़िता के न्यूड फोटोग्राफ लेकर उसे ब्लैकमेल करने का भी आरोप है।

बुधवार (11 अगस्त 2021) को मामले की सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट के जस्टिस शिर्की वी ने कहा कि जमानत याचिका खारिज की जाती है और आरोपित को सरेंडर करना होगा। आरोपित जॉनसन की ओर से कोर्ट में बचाव में यह दलील दी गई कि जिस घटना के आधार पर मामला दर्ज किया गया है वह जुलाई 2016 में हुई थी और घटना के 5 साल बाद शिकायत दर्ज की गई है।

आरोपित का कहना है कि यह शिकायत इमैनुअल एम्परर चर्च के 2 गुटों में मतभेद का परिणाम है। आरोपित जॉनसन का यह भी दावा है कि वह और पीड़िता, दोनों ही इस चर्च के सदस्य थे और उसके चर्च छोड़ने के बाद शिकायत दर्ज की गई। हालाँकि पीड़िता की ओर से आरोपित की जमानत याचिका का विरोध किया गया और कहा गया कि आरोपित को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जानी चाहिए।

ज्ञात हो कि ओलंपिक खिलाड़ी मयूखा जॉनी ने 28 जून 2021 को उनकी एक दोस्त के साथ वर्ष 2016 में हुए कथित रेप मामले की जाँच को लेकर केरल पुलिस और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। त्रिशूर में मीडिया से बात करते हुए मयूखा, पीड़िता की तरफ से बोल रही थीं। मयूखा ने आरोप लगाया था कि त्रिशूर के कैथोलिक बिशप ने पुलिस को बुलाकर आरोपित का साथ दिया। इसके अलावा पिछली एलडीएफ सरकार के एक मंत्री ने भी कथित तौर पर जाँच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

मयूखा ने यह आरोप भी लगाया था कि उन्होंने महिला आयोग से भी शिकायत करने की कोशिश की थी। लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष जोसेफिन ने ही कथित तौर पर पुलिस को जाँच रोकने के लिए कहा था, तो वो रुक गई। मयूखा का यह भी आरोप है कि पुलिस ने चुनाव ड्यूटी और कोरोना प्रोटोकॉल के नाम पर जाँच में देरी की साथ ही इस मामले से जुड़े गवाहों के बयान भी नहीं दर्ज किए गए और व्हाट्सऐप मैसेज एवं सीसीटीवी फुटेज जैसे सबूत भी इकट्ठे नहीं किए गए।

मयूखा ने मीडिया में कहा था कि आरोपित जॉनसन और पीड़िता दोनों ही त्रिशूर जिले के रहने वाले हैं। साल 2016 में आरोपित ने लड़की के घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार किया था। उसने उसके न्यूड वीडियो बना लिए थे। उस दौरान पीड़िता अविवाहित थी और अपने बीमार माता-पिता की बदनामी के कारण चुप रह गई। हालाँकि, 2018 में शादी के बाद भी आरोपित फोन पर उसे धमकाता और परेशान करता रहा।

लड़कियों को ‘सेक्स स्लेव’ बनाने के लिए घर से उठा रहा तालिबान, सड़कों पर लाशों का ढेर: क्रिकेटर राशिद खान ने लगाई मदद की गुहार

अफगानिस्तान में अमेरिकी सेनाओं की वापसी के साथ शुरू हुआ संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तालिबान की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अफगानिस्तान में सड़कों पर लाशों के ढ़ेर लगे हुए हैं। इसके अलावा लड़कियों का अपहरण किया जा रहा है ताकि तालिबानी लड़ाकों से उनका निकाह कराया जा सके। इसी के चलते अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान ने वैश्विक नेताओं से अपील कर उनके देश को बचाने की गुहार लगाई है।

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तालिबान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष का खामियाजा अफगानी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। तालिबान पूरे देश पर कब्ज़ा करना चाहता है और इसके लिए वह आम जनता पर भी क्रूरतम अत्याचार कर रहा है। हजारों की संख्या में अफगानी अपने घरों को छोड़ रहे हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। इन्हीं लोगों में से कई ने न्यूज एजेंसी AFP से अपनी आपबीती बताई।

अपने 6 बच्चों को लेकर कुंडुज छोड़कर आईं 36 वर्षीय फरीबा बताती हैं कि उनके शहर में तालिबान के कब्जा करने के बाद सड़कों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं और कुत्ते उन्हें नोच रहे हैं। कुंडुज शहर के ही मीरवाइज खान ने बताया कि तालिबान ने एक नाई को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि उन्हें शक था कि वह सरकार के लिए काम करता है जबकि वास्तविकता में सिर्फ नाई ही था। खान ने बताया कि तालिबानी आतंकी उन लोगों को भी मार रहे हैं जो 4-5 साल पहले ही सरकार के लिए काम करना छोड़ चुके हैं।

25 वर्षीय विधवा मारवा ने तलोकान इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें तालिबानी लड़ाकों से निकाह के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी 16 वर्षीय चचेरी बहन को तालिबानियों ने अगवा कर लिया ताकि उसका निकाह किसी तालिबानी आतंकी से कराया जा सके। इसके अलावा बताया जा रहा है कि जिसके घर में दो लड़कियाँ हैं उनमें से एक तालिबानी आतंकियों से निकाह के लिए ले जाते हैं जबकि अगर दो लड़के हैं तो एक को तालिबान की तरफ से लड़ने के लिए ले जाया जाता है।

द सन की एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तालिबान घर-घर जाकर लड़कियों को उठा रहा है ताकि उन्हें आतंकियों का ‘सेक्स गुलाम (स्लेव)’ बनाया जा सके। काबुल भागकर आए लोग कहते हैं कि शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है और जब तालिबानी एक दिन काबुल तक कब्जा करने पहुँच जाएँगे तो वो कहाँ जाएँगे?

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने वाले अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी राशिद खान ने अपने देश के इन्हीं हालातों के मद्देनजर बाकी देशों के नेताओं से मदद की अपील की है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, “मेरा देश संकट में है। महिलाओं और बच्चों समेत हजारों लोग मारे जा रहे हैं, बेघर हो रहे हैं और घरों संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है। हमें संकट में मत छोड़िए। अफगानी लोगों को मारना और अफगानिस्तान को बर्बाद करना बंद कीजिए। हम शांति चाहते हैं।”

ज्ञात हो कि तालिबानी अत्याचारों से तंग आकर अब आम नागरिकों ने हथियार उठाना शुरू कर दिया है। साथ ही अफगानी सेना भी तालिबान के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रही है और कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कई दिनों में कड़ी कार्रवाई करते हुए अफगानी सेना ने सैकड़ों तालिबानी आतंकियों का सफाया भी किया है।

‘औकात क्या है… क्या कर लोगे… तुमरा माई के…’: Live वीडियो में चिल्लाए तेज प्रताप (Second Lalu), मीडिया को FIR की धमकी

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव फेसबक पर लाइव वीडियो सेशन के दौरान मीडिया पर भड़क गए। इस दौरान उन्होंने कई मीडिया संस्थानों के खिलाफ अदालत में ‘जनहित याचिका (PIL)’ तक दायर करने की धमकी दे डाली। असल में वो बिहार के कुछ पत्रकारों की टिप्पणियाँ पढ़ रहे थे और इसी दौरान अपने पिता व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की आलोचना को लेकर वो आक्रोशित हो गए।

वीडियो में उन्होंने कहा, “आप सबने बहुत शर्मसार किया है। यहाँ की जो मीडिया है, वो सरकार के हाथों पूरी तरह बिक चुकी है। मैं पूरी चुनौती देता हूँ बिहार की मीडिया को, लगातार ‘लालू परिवार-लालू परिवार’ की रट लगाते हो। पूरा बिहार है लालू परिवार। औकात क्या है तुमलोगों की? औकात है? तुमलोगों पर मैं केस करूँगा। अपने वकील को बुला कर तुम सबके खिलाफ FIR दर्ज करवाऊँगा।”

तेज प्रताप यादव ने इस वीडियो में आगे कहा, “तुमलोग पोर्टल बना-बना कर तमाशा जो कर रहे हो, तुम सबके खिलाफ मैं मानहानि का केस करूँगा। तुमलोगों को हमलोग छोड़ देते हैं, इसीलिए ऐसा कर रहे हो? पिताजी के बारे में हमेशा कहते हो ‘चारा घोटाला-चारा-घोटाला’ क्या है चारा घोटाला? बताओ। ये जो डिबेट करवाते हो, तमाशा करवाते हो। नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी क्या कर रहे हैं, वो सब दिखाओ न। सुशील मोदी के बड़े-बड़े मॉल्स बन रहे हैं, फोकस लगा कर दिखाते क्यों नहीं?

तेज प्रताप यादव ने आगे आक्रोशित होकर नीतीश कुमार पर हत्या का आरोप भी लगा दिया। उन्होंने कहा, “कौन माई का लाल है जो मुझे रोक लेगा? मैं अच्छे मीडिया वालों की मदद भी करता हूँ। कुछ ऐसे मीडिया वाले हैं, जिन्हें हम रुपए भी देते हैं। जो निचले वर्ग से आए हैं, उनकी हम मदद भी करते हैं। पहले अपने घर में झाँको, फिर दूसरे का घर जलाना। चंद पैसों के लिए तुमलोग ये सब कारनामा मत करो। तेज प्रताप जो कहता है, वो कर के दिखाता है।”

हाल ही में तेज प्रताप यादव ने एक सपने के बारे में बताया था, जिसमें वो हसनपुर में बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए थे। उन्होंने अपने सपने के बारे में आगे बताया कि वहीं उन्होंने एक ताड़ के पेड़ पर भूत बैठा हुआ देखा। बकौल तेज प्रताप यादव, ये भूत उन्हें पकड़ने आ रहा था लेकिन महादेव का नाम लेते ही सकपका गया। तेज प्रताप ने आगे बताया कि उन्होंने डरे बिना भूत से सवाल पूछ डाला कि हमें क्यों डरा रहे हो? तेज प्रताप यादव की मानें, तो सपने वाले भूत ने बताया कि वो उनका भाषण सुनने आया है।

राजस्थान में विवाहिता का अपहरण कर दरिंदों ने पति के सामने ही किया गैंगरेप: 3 गिरफ्तार, चौथे की तलाश जारी

राजस्थान के बाड़मेर जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र से विवाहिता का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पति और पत्नी बाइक से बालोतरा से बाड़मेर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सरणू टोल के पास तीन दरिंदों ने बाइक को रुकवा कर विवाहिता का अपहरण किया और पति के सामने ही उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपित पीड़िता और उसके पति को वहीं छोड़कर फरार हो गए। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अपहरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार को भी बरामद कर लिया गया है।

बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि यह वारदात सिणधरी थाना क्षेत्र में राज्य राजमार्ग पर मंगलवार (10 अगस्त 2021) को हुई। एक महिला अपने पति के साथ बाइक पर बालोतरा से बाड़मेर जा रही थी। इस दौरान बीच रास्ते में कार में सवार चार लोगों ने उन्हें रुकवाया और पति के साथ मारपीट कर दोनों को कार में डालकर ले गए। उनमें से एक कार से उतरा और बाइक लेकर फरार हो गया। पुलिस चौथे आरोपित की तलाश में जुट गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर हमने विवाहिता का तत्काल मेडिकल करवाया और उसका बयान दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि वारदात के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपितों के नाम चूनाराम, बाबूलाल और नरेश उर्फ नेनाराम है। ये सभी सिणधरी इलाके के कमठाई के रहने वाले हैं। ​तीनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

साढ़े तीन साल का बेटा, ऑनलाइन पढ़ाई नहीं करता था… माँ ने तकिए से मुँह दबा कर मार डाला, फिर आत्महत्या भी कर ली

महाराष्ट्र के नासिक जिले में झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ ऑनलाइन क्लास ठीक से अटेंड नहीं करने पर एक महिला ने अपने साढ़े तीन साल के बेटे की तकिए से मुँह दबाकर हत्या कर दी। बच्चे की हत्या के बाद महिला को अपने अपराध का अफसोस हुआ तो उसने भी फाँसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

रिपोर्ट के मुताबिक, मामला पाथर्डी फाटा इलाके में स्थित साईं सिद्धि अपार्टमेंट का है। पुलिस का कहना है कि महिला ने सोमवार (9 अगस्त 2021) को रात करीब 9:30 बजे आत्महत्या की थी। वो अपने नाबालिग बेटे के ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं करने से काफी क्रोधित थी। मरने से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था।

सुसाइड नोट में महिला ने लिखा था कि दोनों की मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार न ठहराएँ। महिला ने पत्र में कबूल किया कि उसने ही अपने बेटे की हत्या की है। जिस वक्त महिला ने वारदात को अंजाम दिया, उस दौरान उसके माता-पिता घर में ही मौजूद थे।

दिलचस्प बात यह है कि महिला और उसके बच्चे की लाश कमरे के अंदर थी और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। वहीं बच्चे की नाक से खून निकल रहा था। मृतक महिला शिखा पाठक की के माँ-बाप ने उनके नाती की हत्या की बात कही है।

केस की जाँच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त सोहेल शेख का कहना है कि शिखा ने सोमवार की शाम को 5 बजे के आसपास तकिए से बेटे का मुँह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में हत्या व आत्महत्या का केस इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है।

इससे पहले इसी महीने महाराष्ट्र के नवी मुंबई के एरोली इलाके में में एक 15 साल की नाबालिग लड़की ने पढ़ाई पर हुई बहस के बाद अपनी माँ का कराटे की बेल्ट से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस का कहना था कि लड़की ने शुरू में इसे आकस्मिक मौत का मामला बताया था। हालाँकि फॉरेंसिक जाँच में पता चला कि महिला की मौत गला दबाए जाने से हुई थी। इस मामले में महिला चाहती थी कि उसकी बेटी डॉक्टरी की पढ़ाई करे, लेकिन लड़की वो नहीं करना चाहती थी।

40+ लोग मलबे में दबे: हिमाचल के किन्नौर में फिर बड़ा लैंडस्लाइड, HRTC बस समेत कई गाड़ियाँ खाई में, देखें वीडियो

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निगुलसेरी में नेशनल हाईवे-5 पर चील जंगल के पास चट्टान गिरने से बड़ा हादसा सामने आया है। इस हादसे में एचआरटीसी बस सहित कई गाड़ियों के चपेट में आने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि चट्टानें गिरने से एचआरटीसी बस मलबे में दब गई है। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्यों के लिए रवाना हो गई है। वहीं NDRF को अलर्ट पर रखा गया है। बताया जा रहा है कि किन्नौर जिले में मूरंग-हरिद्वार रूट की यह बस है। चट्टानें गिरने से कई दूसरे वाहन भी मलबे में दब गए हैं।

शिमला में विधानसभा के परिसर के बाहर सीएम जयराम ठाकुर ने घटना की पुष्टी की है और कहा कि जानकारी मिली है कि बस के अलावा कुछ दूसरी गाड़ियाँ भी दबीं हैं।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, बस के ड्राइ‌वर ने हादसे के बाद घटना स्थल से जानकारी दी है कि बस में 35 से 40 लोग सवार थे। इसके अलावा चपेट में आई दूसरी गाड़ियों में भी कई लोग हैं। किन्नौर के भावानगर के पास की यह घटना है। वीडियो में बस सड़क से दूर-दूर तक नहीं दिख रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जुलाई के अंतिम सप्ताह में हिमाचल प्रदेश के किन्‍नौर जिले में ही भूस्‍खलन के कारण बड़ा हादसा हुआ था। रविवार (25 जुलाई, 2021) को हुए इस हादसे में पहाड़ी चट्टानों के पर्यटकों की टेम्पो ट्रैवेलर पर गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई थी।

ये टूरिस्‍ट जयपुर और दिल्‍ली के थे। यह घटना सांगला घाटी में घटी थी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन को चट्टानों ने हवा में ही उड़ा दिया था और 600 मीटर नीचे बास्पा नदी के किनारे दूसरी सड़क पर जा गिरा था।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में माँ और पुत्र-पुत्री समेत 4 राजस्थान के, छत्तीसगढ़ के दो, महाराष्ट्र और दिल्ली का एक-एक पर्यटक था। सभी पर्यटक दिल्ली से ट्रैवल एजेंसी के वाहन में किन्नौर घूमने आए थे। पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर से बटसेरी स्थित बास्पा नदी पर बना 120 मीटर लंबा लोहे का पुल भी पलक झपकते ही धराशायी हो गया था।

तेलंगाना में बीजेपी नेता को कार समेत फूँका, डिक्की में मिला खाक हो चुका शव: घर से तिरुपति जाने की बात कहकर निकले थे

तेलंगाना के मेडक जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिला उपाध्यक्ष वी श्रीनिवास प्रसाद (45) को अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार समेत आग लगाकर उनकी हत्या कर दी। वो तेलंगाना के मेडक जिले में अपनी जली हुई कार की डिक्की में मृत पाए गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (11 अगस्त 2021) को तड़के मेडक पुलिस को सूचना मिली कि कार की डिक्की में एक शव पड़ा है, जिसे कुछ बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया है। मौके पर पहुँची पुलिस ने भाजपा नेता का शव बरामद कर लिया है।

मेडक जिले के पुलिस अधीक्षक चंदना दीप्ति ने कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने श्रीनिवास को उनकी कार के साथ आग लगा दी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मामले की जाँच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीनिवास सोमवार (9 अगस्त 2021) को घर से दोस्तों संग तिरुपति जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन सोमवार रात से ही उनका मोबाइल फोन ऑफ हो गया। बताया जाता है कि श्रीनिवास आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हुए थे। इससे पहले भी उनपर जानलेवा हमले किए गए थे, लेकिन वो बच जाते थे। हत्या के एक केस में उन्हें आरोपित बनाया गया था और कुछ साल पहले ही वह जेल से बाहर आए थे। मेडक जिले में स्थित सिनेमैक्स थिएटर श्रीनिवास का ही था। उनका बिजनेस को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद भी चल रहा था।

जलकर राख हो चुकी थी बॉडी

गाड़ी के साथ फूँके गए श्रीनिवास का शव लगभग जलकर राख हो चुका था। इसी कारण उनकी पत्नी हिमावती उनके शव की भी पहचान नहीं कर पाई हैं। फिलहाल पुलिस ने उनके डीएनए सैंपल को जाँच के लिए लैब में भेज दिया है।

जिस कप्तान ने जीता हॉकी का ओलंपिक मेडल… कॉन्ग्रेसी उन पर टूट पड़े… क्योंकि PM मोदी का समर्थन किया

टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने मंगलवार (10 अगस्त 2021) को राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इतने सालों के बाद पदक जीतकर बहुत अच्छा लगा।

पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह द्वारा केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करना कॉन्ग्रेस को अच्छा नहीं लगा। खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलने के लिए उनके समर्थन ने कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सहित सोशल मीडिया पर तमाम लोगों को परेशान किया। डॉ शमा मोहम्मद ने ट्विटर पर कहा, “क्या हमारे पुरुष हॉकी कप्तान इस तथ्य से अनजान हैं कि यह राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार था, न कि केवल खेल रत्न पुरस्कार!”

साभार: ट्विटर

इस बीच कॉन्ग्रेस से हमदर्दी रखने वाले सुमंत रमन ने भी मनप्रीत सिंह के उस बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने के फैसले का समर्थन किया था।

साभार: ट्विटर

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2021 को घोषणा की थी कि अब से राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के रूप में जाना जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें देश भर के लोगों से इस पुरस्कार का नाम भारतीय हॉकी के दिग्गज के नाम पर रखने का अनुरोध मिला है। इसलिए उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए नाम को बदल दिया गया है।

खेल रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है। अब तक इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गाँधी (ये भी पूर्व प्रधानमंत्री) के नाम पर रखा गया था। एक राजनेता के बजाय एक खेल के दिग्गज के नाम पर पुरस्कार का नाम रखने के लिए नागरिकों द्वारा लंबे समय से माँग की जा रही थी।

AAP विधायकों के खिलाफ चलेगा केस, IAS अफसर से मारपीट का मामला: केजरीवाल-सिसोदिया मना रहे इस फैसले पर जश्न

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ट्विटर पर अदालत के एक फैसले को लेकर जश्न मना रहे हैं। अदालत ने अपने उस फैसले में कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल के खिलाफ आरोप तय किए जाएँ। ये मामला दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट और बदतमीजी से जुड़ा हुआ है।

दिल्ली की एक अदालत ने AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार में उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया के अलावा 9 अन्य विधायकों को भी इस मामले में मुक्त कर दिया। अब जब AAP के ही दो विधायकों के खिलाफ आरोप तय किए जाएँगे और उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा, उन्हीं की पार्टी जश्न भी मना रही है। यानी, क्या वो मानते हैं कि अमानतुल्लाह खान व प्रकाश जारवाल के खिलाफ जो आरोप हैं, वो सही हैं?

AAP ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “सत्यमेव जयते! चीफ सेकेट्री को पीटने के झूठे मामले में अरविंद केजरीवाल पर लगे आरोपों से अदालत ने उन्हें मुक्त कर दिया है। दिल्ली की स्पेशल ‘MLA, MP अदालत’ ने दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इस मामले में सीएम के अलावा मनीष सिसोदिया व 8 अन्य विधायकों को भी आरोपों से मुक्त कर दिया।” अरविंद केजरीवाल ने भी ट्विटर पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा।

AAP इस मामले को लेकर खुद की पीठ थपथपाना चाहती है और इससे राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, क्योंकि मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। 2018 के इस मामले को उन्होंने झूठा करार दिया और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व AAP सरकार को बदनाम करने के लिए ये मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि ‘देश के सबसे लोकप्रिय CM’ से घबरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा ने ये साजिश रची थी।

उन्होंने न्यायपालिका का आभार जताते हुए दावा किया कि दिल्ली पुलिस हमारे बेडरूम तक घुस आई थी। उन्होंने पीएम मोदी व भाजपा को केजरीवाल से माफ़ी माँगने को कहा। साथ ही कहा कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता इस फैसले से बढ़ गई है। उन्होंने भाजपा से कहा, “विपक्ष की चुनी हुई सरकारों को चलने दीजिए। उन्हें गिराने की साजिश मत कीजिए।” इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार के कई अधिकारी हड़ताल पर चले गए थे।

यहाँ कन्फ्यूज की स्थिति है क्योंकि केजरीवाल और सिसोदिया कह रहे हैं कि उनके खिलाफ झूठे थे, तो क्या उनके दोनों विधायकों के खिलाफ लगाए गए आरोप सच हैं? वो मानते हैं कि इस घटना में वो दोनों शामिल थे? अगर ऐसा है तो क्या पार्टी उन पर कार्रवाई करेगी? या उनके हिसाब से अदालत का आधा फैसला सही है और आधा गलत? वैसे भी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए अमानतुल्लाह खान AAP में एक बड़ा चेहरा हैं।