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तालिबान की मददगार पाकिस्तानी फौज, ढेर कर अफगान सेना ने दुनिया को दिखाए सबूत: भारत के बनाए बाँध को भी बचाया

अफगानिस्तान में तालिबानी कट्टरपंथियों को पाकिस्तान से मदद मिलने की बात लगातार कही जाती रही है। अब अफगानिस्तानी सेना ने दुनिया के सामने इसके सबूत भी रखे हैं। रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में अफगान सेना ने अमेरिकी मदद से तालिबान के खिलाफ लड़ाई में अहम बढ़त हासिल की है। कई गाँवों और राजमार्गों को तालिबान के चंगुल से मुक्त करा लिया है। उस सलमा बाँध पर भी हमले को नाकाम कर दिया है, जिसे भारत की मदद से बनाया गया है। अफगानी सेना की कार्रवाई में तालिबानियों के साथ पाकिस्तानी भी मारे गए हैं। ये पाकिस्तानी सेना से जुड़े थे और उनके आईकार्ड मिले हैं।

अफगानिस्तान नेशनल डिफेंस सिक्योरिटी फोर्सेस (ANDSF) अमेरिकी सहयोग से लगातार तालिबान को पीछे धकेल रही है। अफगानिस्तान से पूरी तरह बाहर होने के पहले अमेरिका लड़ाकू और ड्रोन विमानों की सहायता से तालिबानी इलाकों पर एयर स्ट्राइक कर रहा है। इस कार्रवाई में सैकड़ों की संख्या में तालिबानी मारे गए हैं। इससे पहले तालिबान ने अफगानिस्तान के 85% क्षेत्र पर कब्जे का दावा किया था। लेकिन अब अफगानिस्तान की सेना ने कई गाँवों और राजमार्गों से सटे इलाकों में उसे पीछे धकेल दिया है। अफगानिस्तान के गजनी, तकहार, कंधार, हेलमंद और बघलान समेत 20 प्रांतों में अफगानिस्तानी सेना ने अपना प्रभाव बढ़ा लिया है।

पहले खबर आई थी कि तालिबान एक रणनीति के तहत अफगानिस्तान के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने में लगा हुआ है। साथ ही उसके लड़ाके सड़कों समेत सैन्य चौकियों पर भी अपना कब्जा जमाना चाहते हैं ताकि अफगानिस्तान की सेना को एक्शन लेने से रोका जा सके। तालिबान की इसी रणनीति के पीछे पड़ते हुए अफगानिस्तान की सरकार ने मयमाना-अकीना, हैरातन-काबुल-तोरखाम, स्पिन बोल्डाक-कंधार शहर-लश्करगाह और इस्लाम कला-हेरात राजमार्गों की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। तालिबान की इस रणनीति में पाकिस्तान को भी सहयोगी माना जा रहा है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ISI द्वारा अफगानिस्तान में भारत के द्वारा निर्मित इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की बात कही जा रही थी।

इसी क्रम में तालिबान ने भारत के द्वारा निर्मित और वित्तीय सहायता प्राप्त हेरात में स्थित सलमा बाँध पर भी तालिबानियों द्वारा हमला किया। अफगानिस्तान की सेना ने इस हमले को नाकाम कर दिया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की सेना द्वारा सलमा बाँध की सुरक्षा में की गई कार्रवाई में कई तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने और घायल होने की खबर है।

पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान में अशान्ति फैलाने के उद्देश्य से पाकिस्तान द्वारा तालिबान को सहयोग दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। ANDSF द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कई पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की भी खबर है। अफगानी सेना की कार्रवाई में जावेद नाम का पाकिस्तानी सेना का एक अधिकारी मारा गया है। जावेद अफगानिस्तान के लोगार, पकटिया और पक्तिका में तालिबान का नेतृत्व कर रहा था। अफगानी सेना ने कई पाकिस्तानियों को मारने का दावा किया है।

हरियाणा: हर जिले में गायों की रक्षा के लिए STF, 11 सदस्यीय टीम में गोरक्षक भी होंगे

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने गायों की रक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। यह टास्क फोर्स हर जिले में होगा। गो रक्षा दल के लोग भी इसका हिस्से होंगे। यह टास्क फोर्स गो तस्करी, गायों का वध रोकने, आवारा मवेशियों के पुनर्वास के लिए काम करेगा। इस टास्क फोर्स में राज्य के स्तर पर छह सदस्य होंगे। जिला स्तर पर 11 सदस्य होंगे।

जिला स्तर पर इस टास्क फोर्स के प्रमुख उपायुक्त होंगे। उनके अलावा सदस्यों में एसपी, एडीसी और पशुपालन विभाग के उपनिदेशक शामिल रहेंगे। इनका काम गोवंश की तस्करी और वध रोकना तथा तस्करी और वध के बारे में जानकारी एकत्र कर कानूनी कार्रवाई करना होगा। आवारा पशुओं को बचाकर उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी भी होगी। साथ ही गोशालाओं के लिए भूमि व्यवस्था में भी सहायता प्रदान करेंगे।

हरियाणा सरकार अपने इस फैसले के जरिए ‘हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन अधिनियम-2015’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की कोशिश करेगी। यह टास्क फोर्स आम जनता से भी पशु तस्करी और वध के संबंध में जानकारी एकत्र करेगी और जानकारियों के अनुसार ऐसी अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। इन सबके अलावा तकरों से बचाए गए पशुओं का पुनर्वास कर राज्य की गोशालाओं/नंदीशालाओं को मजबूत करना होगा।

राज्य स्तर पर यह टास्क फोर्स में हरियाणा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में काम करेगी। विशेष सचिव (राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग), सचिव/विशेष सचिव (पशुपालन और डेयरी विभाग), अतिरिक्त महानिदेशक सहित छह सदस्य होंगे। समिति का कार्यकाल अधिसूचना की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए होगा और इसका मुख्यालय हरियाणा गोसेवा आयोग के कार्यालय पंचकुला में होगा। समिति की दो महीने में एक बार बैठक होगी, जिसमें प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

राजस्थान: भाजपा के दलित नेता पर हमला, ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने मारपीट कर कपड़े फाड़े

राजस्थान के श्रीगंगानगर में केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि सुधार कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ‘तथाकथित’ किसानों द्वारा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के साथ मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने का मामला सामने आया है। मेघवाल राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ महँगाई और सिंचाई के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए गए हुए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के समीप भाजपा द्वारा राज्य सरकार के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। यहीं से थोड़ी दूर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुआई में किसानों का भी विरोध प्रदर्शन चल रहा था। भाजपा नेता मेघवाल अपनी पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन गलती से वो किसानों के प्रदर्शन स्थल पर पहुँच गए। मेघवाल के गले में भाजपा के कमल निशान वाला गमछा था, जिसे देखकर प्रदर्शनकारी किसान भड़क उठे। इसके बाद मेघवाल के साथ मारपीट की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मेघवाल को घेर रखा है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है।

यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन स्थल की ओर भी बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए 3 बैरिकेड्स को तोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने भाजपा और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और वहीं धरना देते हुए बैठ गए।

ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता ने घटना की निंदा की है और कहा है कि मेघवाल के खिलाफ किया गया हमला एक दलित पर किया गया हमला है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर की जाने वाली यह हिंसा अस्वीकार्य है। राजस्थान में कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल रहने पर उन्होंने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार की भी निंदा की।

हालाँकि, यह पहली घटना नहीं है जब किसान प्रदर्शनकारियों द्वारा भाजपा नेताओं को निशाना बनाया गया हो। 11 जुलाई 2021 को हरियाणा के सिरसा में राज्य के डेप्युटी स्पीकर और भाजपा नेता रणबीर गंगवा पर हमला किया गया था। इस हमले में गंगवा बाल-बाल बचे थे और उनके सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुँचा था। इसके बाद करीब 100 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर में किसान नेताओं हरचरन सिंह और प्रह्लाद सिंह का नाम भी शामिल था। आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124-A (राजद्रोह) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था और साथ ही 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

हाल ही में श्रीगंगानगर के ही पदमपुर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में कुछ किसान प्रदर्शनकारी पहुँच गए थे और एक महिला के साथ बदसलूकी की थी। यहाँ भाजपा द्वारा आयोजित बैठक में भाजपा के जिला प्रभारी को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया था। इस दौरान वो लगातार भाजपा नेताओं और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते रहे। साथ ही एक महिला नेता को धक्का देकर उनके कपड़े खींचने की कोशिश की गई थी। जब उन्हें बचाने के लिए कुछ भाजपा कार्यकर्ता आगे आए तो उनकी लाठी-डंडों से पिटाई कर दी गई थी।

CBI कोर्ट में जिया खान की मौत का मामला, अभिनेत्री की माँ ने कहा था- सलमान खान कर रहे सूरज पंचोली को सपोर्ट

बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान की संदिग्ध मौत के मामले में चल रहे ट्रायल को सेशन कोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को स्थानांतरित कर दिया है। जिया की कथित तौर पर आत्महत्या की जाँच मुंबई पुलिस और सीबीआई द्वारा की जा रही थी। बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली पर जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था।

शुक्रवार (30 जुलाई 2021) को सेशन कोर्ट ने जिया खान की संदिग्ध मौत के मामले को विशेष सीबीआई अदालत को स्थानांतरित कर दिया। इस पर सूरज पंचोली के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि उनके मुवक्किल और उन परिवार के लिए यह सही फैसला है, क्योंकि ऐसी उम्मीद है कि अब ट्रायल जल्दी पूरा होगा और इस मामले की वास्तविकता सामने आएगी।

आपको बता दें कि महज 25 साल की उम्र में 3 जून 2013 को जिया खान ने आत्महत्या कर ली थी। उनका शव मुंबई के जुहू स्थित घर में मिला था। उनकी मौत आज भी रहस्य बनी हुई है, लेकिन जिया के बॉयफ्रेंड रहे एक्‍टर सूरज पंचोली पर एक्‍ट्रेस को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। मामले में सूरज को जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन जिया की माँ के मुताबिक, सलमान खान ने सूरज को काफी सपोर्ट किया। जिया खान की माँ राबिया अमीन ने कहा था कि 2015 में एक सीबीआई ऑफिसर ने उन्हें बताया था कि सलमान खान रोज फोन करते हैं और पैसे की बात करते हैं। वो कहते हैं कि लड़के से पूछताछ मत करो, उसे मत छुओ तो ऐसे में क्या किया जा सकता है। राबिया के मुताबिक, ऑफिसर भी इन चीजों से फ्रस्‍ट्रेटेड और नाराज लग रहे थे।

जिया खान की बहन ने भी फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में जिया की बहन करिश्मा ने बताया था कि जब वह अपनी बहन जिया के साथ साजिद खान के घर गई थी तब वह मुझे लगातार देख रहा था और अचानक कहा था कि उसे मेरे साथ सेक्स करना है। तब करिश्मा की उम्र मात्र 16 साल ही थी। इसके अलावा, करिश्मा ने यह भी बताया था कि रिहर्सल के समय साजिद ने उसकी बहन जिया से उसका टॉप और ब्रा हटाने को कहा था। उसे तब नहीं समझ आया कि वो क्या करे। जिया घर आकर बहुत रोई थी। उसका कहना था कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट है। अगर उसने फिल्म छोड़ी तो मुकदमा होगा और अगर नहीं छोड़ी तो उसका यौन उत्पीड़न होगा।

करिश्मा के इस वीडियो क्लिप को अभिनेत्री कंगना रनौत ने शेयर करके लिखा था, “उन्होंने जिया को मार डाला, उन्होंने सुशांत को मार डाला और उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की, लेकिन वे आजाद घूमते हैं, माफिया का पूरा समर्थन है, हर साल मजबूत और सफल हो रहे हैं। पता है कि दुनिया आदर्श नहीं है या तो आप शिकार या शिकारी हैं। आपको कोई नहीं बचाएगा, आपको खुद को बचाना होगा।”

स्वतंत्र है भारतीय मीडिया, सूत्रों से बनी खबरें मानहानि नहीं: शिल्पा शेट्टी की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (जुलाई 30, 2021) को शिल्पा शेट्टी द्वारा दायर किए गए मानहानि मामले में सुनवाई करते हुए कुछ तय वीडियोज को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इस दौरान साफ किया कि ये निर्देश मीडिया रिपोर्ट्स को ढकोसला नहीं बताता है। कोर्ट ने भारतीय मीडिया को आजाद कहा। साथ ही पूछा कि सूत्रों पर बनी खबरें मानहानि कैसे हुईं।

बता दें कि पोर्न रैकेट मामले में मीडिया कवरेज को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का गुस्सा फूटा था। उन्होंने नकारात्मक रिपोर्टिंग और अपनी छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए 29 पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 25 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसी मामले पर शुक्रवार (30 जुलाई 2021) को सुनवाई हुई जहाँ शिल्पा शेट्टी को कुछ बिंदुओं पर तो राहत दी गई। लेकिन साथ ही उनकी याचिका के संबंध में सवाल भी किए गए।

शिल्पा ने अपनी याचिका में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टीवी, फ्री प्रेस जर्नल, एनडीटीवी, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल्स के विरुद्ध दरवाजा खटखटाया था। इसमें उन्हें यूपी के चैनल कैपिटल टीवी, हीना कुमावत और शुद्ध मनोरंजन नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो के कंटेंट से राहत मिली।

अदालत ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार के बीच की रेखा को संतुलित रखना होगा। यह संभव है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संकीर्ण रूप से तैयार करना पड़ जाए। लेकिन निजता के संवैधानिक अधिकार को नजरअंदाज करना संभव नहीं है और न ही यह कहना कि अगर कोई व्यक्ति पब्लिक हस्ती है तो उसने अपने निजता के अधिकार को छोड़ दिया है।

कोर्ट ने माना कि केस में कुछ मामले हैं जिनपर अच्छे से जाँच की आवश्यकता है, लेकिन ये कहना असंभव है कि सभी प्रतिवादियों के सभी बयान मानहानि वाले हैं। शिल्पा की ओर से मामले को कोर्ट में पेश करने वाले वरिष्ठ वकील बीरेंद्र सरफ ने बताया था कि शिल्पा को उन वीडियोज से आपत्ति है जो कैपिटल टीवी, शुद्ध मनोरंज, हीना कुमावत और पीपींग मून ने डाली। इस पर कोर्ट ने उन सभी वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया। 

इन वीडियोज में से शुद्ध मनोरंजन पर अपलोड वीडियो में शिल्पा की पेरेंटिंग पर सवाल खड़ किए गए थे । कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी प्रकाशन शिल्पा की पेरेंटिंग पर सवाल न खड़ा करे। कोर्ट ने 29 में से 3 प्रतिवादियों के ख़िलाफ़ उनको राहत प्रदान की। इसमें एक कैपिटल टीवी, दूसरा हीना कुमावत और तीसरा शुद्ध मनोरंजन नाम का यूट्यूब चैनल है। कोर्ट ने कहा कि कैपिटल टीवी अपनी वीडियो हटाए जबकि हीना कुमावत और शुद्ध मनोरंजन के शिवकांत गौतम को अपने वीडियो दोबारा अपलोड नहीं करना चाहिए।

इसके बाद कोर्ट ने कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स जिसमें शिल्पा और उनके पति को लेकर हुई नोक-झोंक की बातें थी, उस पर उनके वकील से पूछा, “क्या आप चाहते हैं कि कोर्ट बैठकर हर एक खबर के लिए मीडिया संस्थानों की तरफ से इस्तेमाल किए गए सूत्रों की जाँच करे?” कोर्ट ने कहा, “पुलिस सूत्रों के आधार पर बनी खबरों को दुर्भावना से भरा या अपमानजनक नहीं कहा जा सकता। अगर आप इस बारे में हमसे कुछ अपेक्षा रखते हैं तो इसके प्रेस की आजादी पर बेहद गंभीर नतीजे हो सकते हैं। अगर कोई शिल्पा शेट्टी के बारे में कुछ कहता है तो यह बड़ी बात हो जाती है? ऐसा क्यों? इसमें ऐसी कौन सी बड़ी बात है? “

कोर्ट ने शिल्पा के वकील से पूछा कि क्या आप ये कह रहे हैं कि अगर कोई शिल्पा के बारे में अच्छा नहीं लिख सकता तो बुरा भी न लिखें। कोर्ट ने कहा कि वह किसी एक प्रतिवादी के कारण वही मामला हर प्रतिवादी से नहीं जोड़ सकते। हाईकोर्ट ने शिल्पा शेट्टी के वकील से कहा, “आपके क्लाइंट के पति के खिलाफ एक गंभीर केस है। इस केस को मीडिया कवर कर रहा है। भारतीय मीडिया को खबरें प्रकाशित करने और दिखाने की पूरी आजादी है। हाईकोर्ट मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का कोई काम नहीं करेगा। यानी हाईकोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। आपका क्लाइंट कोई भी हो। मानहानि को लेकर एक निश्चित कानून है। अदालत उसी के तहत काम करती है।”

शिल्पा शेट्टी की HC में याचिका

उल्लेखनीय है कि अभिनेत्री ने मानहानि मामला दायर करते हुए आरोप लगाया था कि इन मीडियाकर्मियों और मीडिया समूहों ने पोर्न रैकेट से जुड़े मामले में उनके खिलाफ झूठी मीडिया रिपोर्ट्स प्रकाशित की। शिल्पा ने कहा कि इन मीडिया समूहों ने न केवल ऐसी रिपोर्ट्स प्रकाशित की जिनमें उनके बयानों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, बल्कि कई रिपोर्ट्स में उनके खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई।

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि इन रिपोर्ट्स और वीडियो के कारण शिल्पा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है और उनके व्यापारिक सहयोगी, फैंस, ब्रांड एंडोर्समेंट कंपनी और कई अन्य लोग भी इन भ्रामक रिपोर्ट्स से प्रभावित हो सकते हैं। हाईकोर्ट में दायर की याचिका में शिल्पा शेट्टी ने माँग की थी कि न केवल उनके खिलाफ ऐसी रिपोर्ट्स और वीडियो के प्रकाशन पर रोक लगाई जाए, बल्कि अभी तक जिस भी तरह की सामग्री का प्रकाशन किया गया है उसे हटाया भी जाए। साथ ही याचिका में उनके द्वारा यह भी कहा गया कि इन रिपोर्ट्स को प्रकाशित करने वाले मीडिया समूह सार्वजनिक तौर पर माफी भी माँगे।

पोर्न फिल्म के बाद राज कुंद्रा ने GOD गेम से ठगे 3,000 करोड़, पीड़ितों ने पैसे माँगे तो उन्हीं के खिलाफ केस: BJP नेता राम कदम

पोर्न फिल्म बनाने के मामले गिरफ्तार किए गए बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के कारोबारी पति राज कुंद्रा पर एक और आरोप लगा है। बीजेपी नेता राम कदम ने कुंद्रा पर ऑनलाइन गेम GOD के जरिए लोगों से 3,000 करोड़ रुपए लूटने का आरोप लगाया है। कदम ने कहा कि कुंद्रा ने गैंम्बलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए देश के गरीबों के पैसे को हड़प लिया है।

इस मामले में राम कदम ने शुक्रवार (30 जुलाई 2021) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान बीजेपी नेता ने कहा कि वियान इंडस्ट्री के मालिक राज कुंद्रा का GOD (Game of Dots) नाम का ऑनलाइन गेम है और इस गेम के प्रमोशन के लिए कुंद्रा ने शिल्पा शेट्टी की तस्वीरों का इस्तेमाल किया था। कदम ने कहा कि बताया जा रहा है कि इस गेम को मंत्रालय से भी मान्यता मिली है। इस खेल में इनाम देने की बात भी कही गई थी। कदम ने दावा किया कि वियान इंडस्ट्रीज ने देश भर के गरीबों से करीब 2,500-3,000 करोड़ रुपए लूटे हैं।

राम कदम ने आरोप लगाया कि कुंद्रा ने GOD गेम का डिस्ट्रिब्यूशन देने के नाम पर अलग-अलग लोगों से 7 लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपया तक लिए गए। जब लोगों को पता चला कि यह धोखाधड़ी का काम है तो वे लोग कुंद्रा से पैसे वापस माँगने उनके ऑफिस गए, लेकिन वहाँ पैसे देने के बजाय उन्हें पीटा गया।

भाजपा नेता कदम के मुताबिक, “14 अप्रैल 2021 को एक प्रसिद्ध मॉडल और अभिनेत्री ने जुहू पुलिस स्टेशन में राज कुंद्रा के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि मॉडल पर ही दवाब डाला गया। सरकार को जवाब देना होगा कि ये लोग कौन थे, जिन्होंने अभिनेत्री पर दबाव डाला और राज कुंद्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?”

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो हम इसको लेकर मुंबई पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्री से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वह भी समझना चाहते हैं कि यह सरकार महाराष्ट्र के लोगों के साथ अन्याय को कैसे बर्दाश्त कर रही है।

कुंद्रा के गेम से ठगे गए पीड़ित

कुंद्रा के इस ऑनलाइन गेम में ठाणे के राजू नायक ने दोस्तों संग मिलकर 10 लाख रुपए का निवेश किया था। नायक ने कहा कि डिस्ट्रिब्यूटर के लिए उन्हें 25 लाख रुपए देने के लिए कहा गया था, लेकिन वे 10 लाख रुपए ही जुटा सके। उन्होंने कहा कि शिल्पा शेट्टी का नाम होने की वजह से उन्हें लगा कि अच्छा रिटर्न मिलेगा, लेकिन तीन महीने बाद पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है।

नायक ने कहा, “ठगी का पता चलने के बाद हमने पुलिस से भी संपर्क किया और हमारे पैसे वापस दिलवाने की भरोसा दिलाया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बजाय हमारे खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।”

गौरतलब है कि राज कुंद्रा पोर्न फिल्म बनाने और उसे एप पर अपलोड करने के मामले में फिलहाल जेल में बंद हैं।

रामायण की नेगेटिव कैरेक्टर से ममता बनर्जी की तुलना कंगना रनौत ने क्यों की? जावेद-शबाना-खान को भी लिया लपेटे में

एक शख्स हैं जावेद अख्तर। बॉलीवुड में काम करते थे। वहीं पैसा कमाते थे। अब समय बदल गया है लेकिन। बॉलीवुड में उन्हें अब काम कम मिलने लगा है। ऐसे में ज्यादातर समय वो राजनीति करते हैं। नेता लोग भी उनके ‘नाम’ के कारण थोड़ा-बहुत समय दे देते हैं। कई बार उल्टे मुँह जवाब भी मिलता है। इस बार भी मिला। कंगना रनौत से।

पहले कंगना रनौत का जवाब देख-पढ़ लेते हैं। उसके बाद समझेंगे कि आखिर ऐसा टका सा जवाब आया क्यों?

कंगना रनौत का फेसबुक पोस्ट

“कल शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर जी ने बंगाल के मुख्यमंत्री, जिसे सब ताड़का के नाम से जानते हैं, उनके साथ में एक स्ट्रैटेजिक मीटिंग की। इसके चलते वो अब धीरे-धीरे कई छोटी-छोटी मीटिंग ‘बॉलीदाऊद’ माफिया के गली-कूचों में करेंगे। ये खानों पर दबाव डालेंगे और सब खान लोग बड़े प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से सब छोटे से बड़े कलाकारों को अपनी चपेट में ले लेंगे। सब भांड मिल कर ताड़का को देवी बना देंगे। दिन को रात और रात को दिन दिखाने का यह कार्यक्रम शुरू हो चुका है, लेकिन यह मत भूलना, मैं भी सब देशद्रोहियों को नंगा करूँगी… भांडों जरा संभल कर।”

आखिर क्यों इतना भड़क गईं कंगना रनौत? दरअसल एक दिन पहले (29 जुलाई 2021) ही शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। इस मुलाकात के बाद अख्तर ने कहा, “देश का मिजाज बदलाव का है… उनकी (ममता की) प्राथमिकता ये नहीं है कि वह नेतृत्व करें… उनका मानना है कि परिवर्तन होना चाहिए।” जावेद अख्तर यहीं पर नहीं रूके, उन्होंने आगे कहा, “बंगाल मॉडल एक उदाहरण है… इसमें कोई शक नहीं कि देश में खेला होबे।”

ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर से मिलना अचानक नहीं है। यह शुद्ध राजनीति है। कैसे? क्योंकि ममता बनर्जी के लिए यह राजनीतिक दौरा रहा। लेकिन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं। पूरे मसले को देखेंगे और कड़ियों को जोड़ेंगे तो आप पाएँगे कि जिस मंच से जावेद अख़्तर प्रेस को कुछ बता रहे थे, खेला होबे का गीत गा रहे थे, उसी मंच से ममता बनर्जी ने बॉलीवुड के अपने ‘कलाकार’ साथी को इसके लिए देशव्यापी गाना लिखने की सलाह दे डाली।

गाना बॉलीवुड का हिस्सा रहा है। इसमें लिखने वाले से लेकर गायक और नाच-गाने वाले सभी शामिल होते हैं। कंगना रनौत की प्रतिक्रिया इसी पर आई। जिस ‘खेला होबे’ मॉडल के कारण हत्याएँ हुईं हैं, सुप्रीम कोर्ट तक में बहस हो रही है, NHRC की भयावह रिपोर्ट सामने आ चुकी है, उसी खेला होबे का अब बॉलीवुडीकरण किया जाएगा। कंगना रनौत का गुस्सा इसी पर है।

जावेद Vs कंगना

जावेद अख्तर ने आरोप लगाया था कंगना रनौत ने जानबूझकर अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुरोध वाली याचिका में अदालत से कुछ तथ्य छिपाए हैं। इस पर झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

जस्टिस शिंदे ने टिप्पणी की, “हम आपकी बात नहीं सुनेंगे। आपको अदालत को संबोधित करने का कोई अधिकार नहीं है। अगर हम इस तरह के हस्तक्षेप की अनुमति देते हैं तो सैकड़ों आवेदन दिए जाएँगे।”

डिफेंस थी कमजोरी, अब उसी ताकत से ओलंपिक के सेमीफाइनल में पीवी सिंधु: वायरल हुई हिंदुत्व में आस्था वाली तस्वीरें

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्री-क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट को हराने के बाद सिंधु अंतिम 8 में पहुँची थीं। यहाँ उनका मुकाबला जापान की अकाने यामागूची से हुआ। दूसरे राउंड के दौरान यामागूची से पिछड़ने के बाद सिंधु ने लगातार 4 प्वाइंट लेते हुए उन्हें मात दी और सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। सिर्फ एक और जीत से ओलंपिक में उनका पदक पक्का हो जाएगा।

कमजोरी को बनाई ताकत

कुछ समय पहले तक डिफेंस को सिंधु की कमजोरी माना जाता था। इसके चलते कई बार उन्हें हार का भी सामना करना पड़ा था। लेकिन टोक्यो ओलंपिक में बैडमिंटन के महिला सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर फाइनल में सिंधु ने शानदार डिफेंस का प्रदर्शन किया और खेल को अपने नाम किया। गेम के पहले राउंड में 6-6 से बराबरी में रहने के बाद सिंधु ने दमदार स्मैश शॉट्स और क्रॉस कोर्ट शॉट्स की बदौलत बढ़त ले ली और पहला राउंड 21-13 से जीत लिया। दूसरे राउंड में भी सिंधु विपक्षी यामागूची पर हावी रहीं और 12-6 से बढ़त हासिल कर ली। लेकिन यहाँ से यामागूची ने भी सिंधु को कड़ी टक्कर देते हुए 20-18 से आगे हो गईं। अंततः सिंधु ने लगातार 4 प्वाइंटपॉइंट अर्जित किए और दूसरे राउंड को 22-20 पर खत्म करके मुकाबला जीत लिया। सेमीफाइनल में शनिवार (31 जुलाई 2021) को सिंधु का मुकाबला ताइवान की ताई जू यिंग या थाईलैंड की राचानोक इंतानोन में से किसी एक से होगा।

इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर पीवी सिंधु की मंदिर में भगवान के दर्शन करते हुए और पारंपरिक रिवाजों का पालन करते हुए कई फोटो शेयर की जा रही हैं। सिंधु उन खिलाड़ियों में से एक हैं जो अक्सर राजनीतिक चर्चाओं से दूर रहती हैं और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देती हैं। सिंधु की गिनती उन गिने-चुने खिलाड़ियों में भी होती है जो अपनी सनातन पहचान का पालन करने में किसी तरह की हिचकिचाहट महसूस नहीं करती हैं। हालाँकि कई बार उन्हें इसके लिए लिबरल और वामपंथी गिरोह की आलोचनाओं को भी झेलना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे हमेशा ही नजरअंदाज किया।

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और जी किशन रेड्डी एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सेमीफाइनल में पहुँचने पर सिंधु को बधाई दी है।

हैदराबाद में जन्मी पुसर्ला वेंकटा सिंधु पहली भारतीय हैं जिन्होंने बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में जीत हासिल की थी। इसके अलावा 2016 के रियो ओलंपिक में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भी भारत की ओर से खेलते हुए जीत दर्ज की है। बैडमिंटन में भारत के लिए लगातार अपना योगदान देने के लिए उन्हें अर्जुन अवार्ड, पद्म भूषण, पद्मश्री और राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड दिया जा चुका है। सेमीफाइनल में पहुँचने के बाद अब पूरे देश की नजर कल होने वाले उस मुकाबले पर है, जहाँ जीत दर्ज करने के बाद टोक्यो ओलंपिक में भी उनका पदक पक्का हो जाएगा।

हस्तिनापुर का गौरव बहाल करेगी योगी सरकार, द्रौपदी घाट को सँवारने का काम शुरू: UP को 10 पर्यटन सर्किट में बाँट हो रहा विकास

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्रौपदी घाट के मरम्मत के साथ हस्तिनापुर के गौरव को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हस्तिनापुर नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 40 लाख रुपए की लागत से द्रौपदी घाट का मरम्मत किया जा रहा है। 

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य के विकास के व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हाल ही में उनकी सरकार द्वारा इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इन कदमों में सबसे हालिया कदम है महाभारत ख्याति के हस्तिनापुर शहर में द्रौपदी घाट का जीर्णोद्धार।

द्रौपदी घाट का सौंदर्यीकरण पहले से ही चल रहा है। नगर पंचायत के चेयरमैन अरुण कुमार का कहना है कि 16 लाख रुपए आ चुके हैं और काम शुरू है। पुनर्निर्मित घाट में महिलाओं के स्नान के लिए एक झील, दो चेंजिंग रूम, वाशरूम और बेंच होंगे। महाकाव्य महाभारत के अनुसार प्राचीन काल में कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर, मेरठ जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित एक शहर है और इसका पौराणिक महत्व है।

इसकी महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घाट पर आज भी सैकड़ों महिलाएँ स्नान करने आती हैं। साल में एक बार यहाँ साताफेरी मेला भी लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के इलाकों से लोग शामिल होते हैं। पौराणिक मान्यता है कि घाट पर स्नान करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के चर्म रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

गौरतलब है कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के अपने मिशन में, सीएम योगी ने यूपी को 10 पर्यटन सर्किटों में विभाजित किया है। विकसित किए जा रहे 10 पर्यटन सर्किटों में रामायण और महाभारत सर्किट, कृष्ण-ब्रज सर्किट, बौद्ध सर्किट, वन्यजीव और पर्यावरण-पर्यटन सर्किट, बुंदेलखंड सर्किट, शक्ति पीठ सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, सूफी-कबीर सर्किट और जैन सर्किट शामिल है। यह भारत के समृद्ध धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की पूरी श्रृंखला को कवर करते हैं।

महाभारत के अनुसार, हस्तिनापुर का पतन द्रौपदी के एक शाप के कारण शुरू हुआ था, जब कौरवों द्वारा शाही दरबार में उसका अपमान किया गया था। पांडवों में सबसे बड़े युधिष्ठिर जुए में द्रौपदी सहित सब कुछ हार गए थे। चीरहरण के समय द्रौपदी ने हस्तिनापुर को श्राप दिया था कि जहाँ नारी का सम्मान नहीं होता वह जमीन पिछड़ जाती है। उस श्राप का असर आज भी देखने को मिल रहा है।

मान्यता यह भी है कि द्रौपदी प्रतिदिन घाट पर स्नान करने और पूजा करने जाती थी। एक दिन, वह वहाँ स्नान करने गई थी, तभी कुछ दूरी पर ऋषि दुर्वासा भी स्नान कर रहे थे। दुर्वासा नदी के अंदर थे, जब उनका अधोवस्त्र नदी के प्रवाह के साथ बह गया। यह देखकर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक हिस्सा फाड़ दिया और उन्हें शर्मिंदगी से बचाने के लिए ऋषि के पास भेज दिया। द्रौपदी की बुद्धि से प्रसन्न होकर ऋषि ने द्रौपदी को वरदान दिया कि उसकी गरिमा कभी प्रभावित नहीं होगी। दुर्वासा के इस आशीर्वाद के कारण ही भगवान कृष्ण ने उनके सम्मान की रक्षा की।

मरियम ने शौहर रहे ताजदीन से माँगा ‘खुला’, हाथ-पैर बाँध खंजर से काटी नाक

पाकिस्तान के गूजर खान में एक शख्स ने ‘खुला’ (कानूनी रूप से अलग होना) माँगने पर अपनी पूर्व बीवी की नाक काट दी। दरअसल महिला ने ‘खुला’ का विकल्प चुना और दूसरे पुरुष से शादी कर ली। महिला के इस फैसले से नाराज आरोपित ने उसके साथ मारपीट की।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के रहने वाले फरीद की शादी करीब आठ महीने पहले मरियम से हुई थी। हालाँकि मरियम के पूर्व शौहर ताजदीन ने इस शादी को कभी स्वीकार नहीं किया और बदला लेने का फैसला किया।

पीड़िता ने बताया कि ताज दीन ने अपने कुछ रिश्तेदारों से मदद माँगी और महिला को मीरपुर ले गया। वहाँ से वह उसे गूजर खान इलाके के डालमिया ले गया जहाँ उसने अपने साथियों के साथ मिल कर कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया और उसकी नाक काट दी। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया कि आरोपित ने खंजर से उसकी नाक काटने से पहले उसके हाथ-पैर बाँध दिए। महिला ने आगे दावा किया कि आरोपित ने उसका पैर काटने का प्रयास किया, लेकिन जब उसने शोर मचाया तो वह भाग गया। घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

जब मरियम के दूसरे पति को हमले के बारे में पता चला, तो वह उसे बचाने के लिए मीरपुर पहुँचा। तभी ताजदीन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने महिला को फरीद के बजाय उसके पूर्व पति ताजदीन को सौंप दिया, क्योंकि फरीद के पास शादी का प्रमाण-पत्र नहीं था।

पुलिस के मुताबिक आरोपित के खिलाफ धारा 334, 148 और 149 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रावलपिंडी पुलिस ने बताया कि अपराधी और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बीच, रावलपिंडी केंद्रीय पुलिस कार्यालय (सीपीओ) मुहम्मद अहसान यूनिस ने पुलिस को आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज करने और उसे तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। सीपीओ ने कहा कि हिंसा, दुर्व्यवहार और महिलाओं का शोषण असहनीय है।