एंटीलिया केस में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एनआईए सूत्रों के अनुसार मुंबई पुलिस का निलंबित अधिकारी सचिन वाजे दो और लोगों की हत्या की योजना बना रहा था। उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक लदी कार रखने के इस मामले की जाँच NIA ही कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, वाजे ने एक एनकाउंटर की प्लानिंग की गई थी, ताकि यह बताया जाए कि एनकाउंटर में मारे गए लोगों ने ही एंटीलिया के बाहर जिलेटिन वाली स्कॉर्पियो खड़ी की थी। पूरे प्लान को अंजाम देने के लिए 2 लोगों की पहचान हुई थी, जिनके एनकाउंटर होते ही इन्वेस्टिगेशन का पूरा केस वहीं खत्म हो जाता। लेकिन जिलेटिन की वजह से जब इस केस में टेरर एंगल आया और एटीएस के बाद NIA ने जाँच का काम सँभाला तो वाजे की सारी प्लानिंग फेल होती गई।
बता दें कि पिछले दिनों वाजे के घर में एक अज्ञात व्यक्ति का पासपोर्ट मिला था। सूत्रों के मुताबिक वाजे ने पासपोर्ट होल्डर के साथ ही एक अन्य शख्स को भी मारने का प्लान बनाया था। जाँच में सचिन वाजे के पास से NIA को कई लाख कैश, बेनामी कारतूस और बैंक खाते में जमा डेढ़ लाख रुपए मिले हैं। एजेंसी को शक है कि इस केस में मनसुख हिरेन भी साथ था। इसी वजह से उसकी जान गई।
ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों को संदेह है कि पिछले साल नवंबर में औरंगाबाद से चोरी हुई मारुति ईको कार में उसकी हत्या की गई होगी। हिरेन की कथित हत्या मामले में महाराष्ट्र एटीएस के एक अधिकारी ने कहा कि ठाणे जिले में हिरेन का शव मिलने से एक दिन पहले चार मार्च को ईको कार एक अन्य कार के साथ दिखाई दी थी। संदेह है कि वह कार वाजे चला रहा था।
हिरेन उस स्कॉर्पियो कार का मालिक था, जिसमें 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक सामग्री रखी मिली थी। अंबानी की सुरक्षा में सेंध और हिरेन की हत्या के मामले की जाँच फिलहाल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी कर रही है, जिसने इस सिलसिले में 13 अप्रैल को वाजे को गिरफ्तार किया था।
संदेह है कि ईको कार 16 नवंबर को औरंगाबाद शहर के सिटी चौक इलाके से चोरी की गई और फिर हिरेन की हत्या में उसका इस्तेमाल किया गया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि हिरेन की हत्या की साजिश पिछले साल नवंबर में रची गई थी। एटीएस अधिकारी ने कहा कि 4 मार्च को ईको कार में कम से कम दो लोगों के होने के बारे में पता चला है। अधिकारी ने कहा है कि संदेह है कि आरोपितों ने हिरेन को उस वाहन में बिठाए रखा और बाद में उसकी हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि ईको कार का पता चलना अभी बाकी है। हो सकता है कि आरोपितों ने सबूत मिटाने के लिए उसको नष्ट कर दिया हो। पुलिस उन गैरेज में ईको कार की तलाश कर रही है, जहाँ वाहनों को नष्ट किया जाता है। एनआईए को जाँच के दौरान मुंबई में मीठी नदी से ईको कार के नंबर प्लेट के अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान और एक लैपटॉप मिला था।
बिहार का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि एक दलित व्यक्ति को थूक चाटने के लिए ‘सामंती विचारधारा के लोगों’ ने मजबूर किया। इंटरनेट पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे हैं। इस वीडियो में पीड़ित को उठक-बैठक करने के लिए कहा जाता है और कहवाया जाता है कि गलती नहीं करेगा।
NDTV के पत्रकार मनीष ने लिखा, “देखिए, बिहार के गया ज़िले में पंचायत चुनाव में सर उठाने के लिए सामंती लोग एक दलित को थूक चाटने की कैसे सजा दे रहे हैं। नीतीश कुमार के शासन में सब कुछ ठीक नहीं। दुष्प्रचार किया जा रहा है कि एक दलित को सामान्य वर्ग के व्यक्ति ने थूक चटवाया। अब आते हैं सच्चाई पर। बिहार पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया है। इसके लिए दोषी लोगों को पकड़ लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि ये मामला गया के एक गाँव का है, जहाँ उस दलित व्यक्ति को थूक चटवाया जाता है और उठक-बैठक कराया जाता है। SSP आदित्य कुमार ने बताया कि वो व्यक्ति अपने ही समुदाय की एक महिला के साथ भाग गया था। जब वो लौटा, तो उसे पंचायत में लेकर जाया गया। उसी गाँव में, जहाँ से वो भागा था। इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार गया है। आरोपितों में महिला का पिता और भाई शामिल है।
The six people arrested in the case include father & brother of the woman. A case has been registered under relevant sections of SC/ST act. Raids are being conducted to nab other accused: Gaya SSP Aditya Kumar on the incident wherein a man was forced to lick his saliva (13.04)
महिला और युवक एक ही समुदाय के हैं। इस मामले में SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अन्य आरोपितों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। जबकि NDTV का पत्रकार मनीष पीड़ित का एक वीडियो डाल कर अफवाह फैला रहा था कि मुखिया के पक्ष में प्रचार न करने के कारण उसके साथ ऐसा किया गया। साक्षी जोशी जैसे पत्रकारों ने भी इस अफवाह को आगे बढ़ाया।
टेलीविजन की मशहूर एक्ट्रेस और बिग बॉस 11 की फेम हिना खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। आए दिन अपनी तस्वीरों को लेकर चर्चा में रहती हैं। कल (13 अप्रैल 2021) को यानी रमजान के पहले दिन उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट की और देखते-देखते इस पर 173,833 लाइक आ गए।
हिना खान अपनी इस वीडियो में स्विमिंग करती नजर आ रही हैं। बैकग्राउंड में बी प्राक का गाना, ‘बारिश की जाए’ सुनाई दे रहा है। रमजान के पहले दिन हिना को इस तरह स्विमिंग करते देख कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। अधिकतर लोगों ने इस अवतार में देख उनकी तरह-तरह से तारीफ की। लेकिन, कुछ मजहबी ठेकेदारों ने इस पोस्ट पर भी उन्हें ज्ञान देना शुरू कर दिया।
मनहूर शान और फवजिया करीम जैसे कट्टरपंथियों ने उन्हें बताया कि रमजान शुरू हो गया है, कुछ तो शर्म करो।
एक अन्य यूजर imzabiullahkhan ने हिना के लिए लिखा कि ये सब बकवास करना बंद करो। वहीं राजिया अहमद नाम के इंस्टा यूजर ने कहा लानत है तुम पर, रमजान में ऐसी वीडियो।
एडवोकेट MA बसीर ने कहा, “अब बस करो ये हराम काम। रमजान है तिलावत करो। कब्र में क्या जवाब दोगे ये सब हराम करे।”
अंसारी सफीना लिखती हैं, “हर रमजान में इसका यही हाल रहता है। झूठ का हिजाब पहनकर दिखावा करना आता है बस।”
सोफिया अजीम खान ने लिखा, “रमजान आ गया मैडम थोड़ी इंसान बन जाओ, ज्यादा की उम्मीद नहीं है आपसे।”
Ramadan Kareem The month of Blessings? May Allah Forgive us, nd keep all of us Safe.. I wish for a #CovidFree World ?(Amen) pic.twitter.com/6OZJVK6gmd
बता दें कि इन मजहबी ठेकेदारों के ये जवाब सिर्फ़ हिना की स्विमिंग करती वीडियो पर नहीं है, बल्कि उन्होंने आज जो अपनी एक पीले सूट में फोटो ट्विटर और इंस्टाग्राम पर शेयर की और अल्लाह से माफी माँगते हुए सबकी सलामती की दुआ की, उसमें भी एक गजल नाम की यूजर ने उन्हें लिखा है कि अल्लाह तुम्हें तभी माफ करेगा जब तुम एक्टिंग से जायरा वसीम की तरह तौबा कर लोगी।
देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा फिलहाल के लिए टाल दी गई है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब 10वीं के नतीजे बोर्ड द्वारा तैयार किए गए मापदंड के आधार पर तय होंगे, जबकि 12वीं की परीक्षा के लिए बोर्ड 1 जून को स्थिति की समीक्षा करेगा।
1. The Board Exams for Class XIIth to be held from May 4th to June, 14th, 2021 are hereby postponed. These exams will be held hereafter.
— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) April 14, 2021
इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा, “4 मई से 14 जून तक आयोजित होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ रद्द कर दी गई हैं। 10वीं क्लास के छात्रों को आतंरिक मूल्याँकन के आधार पर अगली क्लास में भेजा जाएगा। अगर कोई छात्र मूल्याँकन से संतुष्ट नहीं है तो कोरोना से हालात सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकता है।”
दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “मुझे खुशी है कि 10वीं की परीक्षा रद्द की गई और 12वीं की परीक्षा स्थगित की गई है। 12वीं कक्षा के बच्चों के मन में जो चिंता बनी रहेगी, उसको दूर किया जा सकता था। मैं अपील करता हूँ कि 12वीं कक्षा के छात्रों को भी आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट किया जाए।”
I am happy that Class 10 exams are being cancelled and dates are being rescheduled for class 12 exams. Like Class 10 students, I appeal to the govt to promote Class 12 students on the basis of internal assessment: Delhi Deputy CM Manish Sisodia pic.twitter.com/Qb1i5JuUJ0
बता दें कि देश में कोरोना केस बढ़ने के कारण सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने की माँग पिछले काफी समय से उठ रही थी। ऐसे में पीएम मोदी ने आज शिक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसी बैठक में फैसले के बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को रद्द और स्थगित करने की घोषणा की।
इससे पहले कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेता कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की माँग कर रहे थे।
गाजियाबाद के डासना में स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ इस्लामी कट्टरवादियों में इतना गुस्सा है कि अमानतुल्लाह खान जैसे विधायक से लेकर गाली-मोहल्लों में मुस्लिम बच्चों तक, उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं। हरियाणा के पानीपत स्थित यमुनानगर में भी इसी मुद्दे पर सोमवार (अप्रैल 12, 2021) हिन्दू और मुस्लिम समाज के लोग आमने-सामने आ गए थे।
यमुनानगर आमने-सामने आ गए हिन्दू और मुस्लिम
ऑपइंडिया ने कुछ स्थानीय लोगों से बात कर जाना कि असल में हुआ क्या था। असल में मुस्लिमों का जिस तरह से भड़काऊ विरोध प्रदर्शन पूरे देश में चल रहा है, उसकी एक झलक वहाँ भी देखने को मिली। लेकिन, वहाँ के हिन्दू संगठनों ने भी महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के समर्थन की योजना बनाई। उनका प्लान था कि शांति से धरना दिया जाएगा और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इस विरोध-प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम पर चर्चा के दौरान ही उनके पास ख़ुफ़िया विभाग के लोगों के फोन आने लगे, जो प्रशासन की तरफ से इसे टाल देने का निवेदन कर रहे थे। बाद में उन्होंने चेताया कि प्रदर्शन में कोरोना के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। हिन्दू कार्यकर्ताओं ने आश्वासन दिया कि वे माइक का प्रयोग नहीं करेंगे। यहाँ अचानक से एंट्री होती है मुस्लिम भीड़ की।
असल में न्यायालय के पास स्थित अनाज मंडी के जिस गेट पर हिन्दुओं ने महंत नरसिंहानंद के समर्थन की योजना बनाई थी, ठीक वहीं पर मुस्लिमों ने भी विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई – ठीक 1 दिन पहले। हिन्दू कार्यकर्ता कहते हैं कि ये शरारत जान-बूझकर की गई थी। अगर वे थोड़ी और देर से पहुँचते तो दरी बिछाने की जगह भी नहीं मिलती। अधिकारियों ने कहा कि दूसरा पक्ष अगर आता है तो वे उनका प्रदर्शन बाद में करा लेंगे, पहले हिन्दू कार्यकर्ता ज्ञापन देंगे।
हमने इस पूरे मामले को समझने के लिए स्थानीय हिन्दू नेता उदयवीर शास्त्री से बात की, जिन्होंने बताया कि ठीक उसी समय पर मुस्लिम भीड़ इकट्ठी हो गई और वो हिन्दुओं के टेंट तक पहुँचने लगी। जब आपत्ति जताई गई तो प्रशासन मुस्लिम भीड़ को थोड़ी दूर ले गया। उदयवीर शास्त्री ने कहा, “हमने हिन्दुओं को स्पष्ट कह दिया था कि यमुनानगर की पवित्र भूमि पर महंत नरसिंहानंद की तस्वीर पर न तो जूते पहनाए जाएँगे, न ही उनका पुतला फूँकने दिया जाएगा।”
इसी विरोध-प्रदर्शन में शामिल रहे आदित्य रोहिल्ला ने बताया कि मुस्लिम भीड़ पूरी साउंड सिस्टम लेकर आई थी, जिसके बाद उन्हें समझाने के लिए हिन्दू कार्यकर्ता गए। उन्होंने निवेदन किया कि माइक बंद कर दिया जाए, क्योंकि इधर भी माइक का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसके बाद साउंड बंद हो गया। लेकिन, कुछ देर बाद उन्होंने साउंड फिर चालू कर दिया और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगने लगे।
महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। जब हिन्दू कार्यकर्ता भी आक्रामक हुए, तब जाकर पुलिस ने माइक बंद करवाया। अधिकारियों को डाँट-डपट कर उनके दोहरे रवैये की याद दिलाई गई, तब जाकर मामला शांत हुआ। मुस्लिम भीड़ को वहाँ से हटाया गया, हिन्दुओं ने अपना ज्ञापन दिया। उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें बताया कि भीड़ को भगा दिया गया है। उदयवीर शास्त्री ने इस पर चिंता जताई कि हिन्दू जहाँ सोशल मीडिया पर वीर बने रहते हैं, मुस्लिम समाज सड़क पर उतरता है। उन्होंने कहा:
“अगर कोई अधर्म को बर्दाश्त करता है तो वो अपराधी की श्रेणी में आता है, चाहे वो हिन्दू समाज से हो। भगवद्गीता में ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः’ कहा गया है, अर्थात अपने कर्तव्यों को करिए। लेकिन, मैं पूछता हूँ कि जहाँ ‘अहिंसा परमो धर्मः’ पढ़ाया जाता है, वहीं ‘धर्म हिंसा तथैव च’ को क्यों छिपा लिया जाता है? जैसे अहिंसा धर्म है, वैसे ही धर्म के लिए हिंसा भी धर्म है। अगर हम घर में बैठे रहेंगे तो वही 800 वर्ष पुराना इतिहास खुद को दोहराएगा। आज कुछ संत अपनी भूमिका निभाने लगे, तो हिन्दू जल्द जागेगा।”
उदयवीर शास्त्री ने कहा कि डासना वाली घटना के बारे में उन्हें और उनके साथियों को जो जानकारी प्राप्त हुई है, उससे पता चलता है कि उनकी स्थिति ठीक वैसी ही है जैसी लंका में विभीषण की थी। उन्होंने कहा कि हिन्दू एक शांत समुदाय है, लेकिन साथ ही चौपाई ‘अतिशय रगड़ करे जो कोई अनल प्रकट चन्दन से होई’ का जिक्र भी किया, जिसका अर्थ है कि ज्यादा रगड़ने से चन्दन से भी अग्नि प्रज्वलित हो जाती है।
उन्होंने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ भी यही होता है, उन्हें परेशान किया जाता रहा और क्षेत्र में हिन्दू बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़ हुआ। उन्होंने उस घटना का भी जिक्र किया, जब वहाँ के विधायक असलम चौधरी के बेटे को छेड़छाड़ के आरोप में पीटा गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह बार-बार हुई घटनाओं के कारण वो आहत हो गए और उन्होंने इस्लाम को सही से जानने का प्रयास किया।
महंत यति से प्रभावित उदयवीर शास्त्री ने कहा कि इस्लाम के अध्ययन से महंत यति ने जो भी पाया, वे वही बोल रहे हैं। अगर उससे किसी को तकलीफ है तो वह त्रुटि बताए और उसकी निंदा करे, लेकिन ये ‘सर तन से जुदा’ की बात क्यों? हलाल करने की बातें क्यों? उन्होंने पूछा कि ये देश संविधान से चलता है, न्यायालय है, ऐसे में ये चीजें कहाँ से लाई जा रही हैं? उदयवीर शास्त्री इसका दोष मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या को भी देते हैं।
महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के समर्थन में उतरे हिन्दू
हिन्दुओं को जगाने के लिए क्या कहते हैं उदयवीर शास्त्री?
उन्होंने ध्यान दिलाया कि किस तरह मुस्लिमों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए उकसाया जाता है और बच्चों की शिक्षा मदरसों में होती है, जहाँ वो कट्टरवादी बनते हैं। उन्होंने आतंक का गढ़ माने जाने वाले इस्लामी मुल्कों का जिक्र किया, जहाँ बच्चों को बंदूकें थमा दी जाती हैं। वो वसीम रिजवी से भी सहमत हैं, जिन्होंने कुरान की कुछ आयतें हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। वे चीन का उदाहरण देते हैं, जहाँ आधी दाढ़ी रखने, छोटा पजामा पहनने और बच्चों का नाम मोहम्मद रखने पर पाबंदी है।
उदयवीर कहते हैं कि वो ये सब इस्लाम के भले के लिए कर रहे हैं, सामाजिक सुधार के लिए ये आवश्यक है। ऑपइंडिया से बातचीत में उन्होंने इतिहास की भी याद दिलाई। भारत को हिन्दुओं का देश बताते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी इस्लाम अपनाया, उन्होंने गर्दन कटने के डर से ही ऐसा किया, क्योंकि इस्लाम की उत्पत्ति ही हिंसा से हुई थी।
उदयवीर शास्त्री स्पष्ट कहते हैं कि जो कल के कायर थे, वो आज के मुस्लिम हैं। साथ ही वो कहते हैं कि जो आज के कायर हैं, वो भी भविष्य के मुस्लिम होंगे। ‘वीर भोग्य वसुंधरा’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ये धरती बलिदान माँगती है और महाराणा प्रताप व छत्रपति शिवाजी से लेकर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव तक, लाला लाजपत राय व सरदार पटेल से लेकर लाल बहादुर शास्त्री तक – सभी ने इस धरती के लिए बलिदान दिया।
वहीं वहाँ जमे मुस्लिमों ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने स्वामी नरसिंहानंद को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है और उन्हें यूँ ही बदनाम किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुँच कर दोनों तरफ से ज्ञापन स्वीकार किया। हिन्दू संगठनों ने कहा कि समाज में द्वेष भावना भड़काने के खिलाफ इन पर मुकदमा किया जाए। हिन्दू संगठन के कुछ युवाओं और पुलिस के बीच माइक बंद कराने को लेकर बहस भी हुई।
उत्तर प्रदेश में अब फिल्मों, टीवी सीरियल की शूटिंग की अनुमति ‘फिल्म बंधु’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेगी। इसके लिए फिल्म के निर्माता-निर्देशक को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। फिल्म बंधु उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने मंगलवार (अप्रैल 13, 2021) को कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत ये परिवर्तन किया गया है ताकि अधिक से अधिक फिल्मों और सीरियल की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हो सके। शूटिंग शुरू होने से एक तरफ जहाँ रोजगार सृजित होंगे, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कलाकार को लाभ मिलेगा।
नोएडा में फिल्म सिटी की स्थापना के ऐलान के बाद से प्रदेश सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे फिल्म उद्योग को प्रदेश में बढ़ावा दिया जा सके। प्रदेश सरकार ने शूटिंग में अनुमति को अब ऑनलाइन कर दिया है। फिल्म इंडस्ट्री को राहत देने के लिए यूपी सरकार ने अनुमति देने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो की शुरुआत की है। इसमें सबसे पहले अभिनेता कार्तिक आर्यन की अभिनीत फिल्म ‘भूल भुलैया 2’ को ऑनलाइन अनुमति दी गई है। फिल्म की शूटिंग सीतापुर जिले में होनी है। जिलाधिकारी सीतापुर ने सिंगल विंडो सिस्टम के तहत ऑनलाइन शूटिंग की अनुमति प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार की फिल्म नीति में फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी का प्रावधान है, जो राज्य के अधिकारियों द्वारा व्यवस्थित किए जा रहे संचालन के अलावा यूपी में शूट करते हैं। यूपी में शूटिंग के दौरान 38 फिल्मों को सरकारी सब्सिडी मिला है। आगे 40 फिल्में सब्सिडी प्राप्त करने के लिए कतार में हैं।
सूचना निदेशक और फिल्म बंधु के सचिव शिशिर ने कहा, “सिंगल विंडो क्लियरेंस अधिक से अधिक फिल्म निर्माताओं को यूपी के विभिन्न शहरों में आकर्षित करेगी। हमने पहले ही अपना पोर्टल ‘www.filmbandhuup.gov.in’ लॉन्च कर दिया है, जिसके माध्यम से सब्सिडी और अन्य अनुमतियों के लिए आवेदन भेजे जा सकते हैं।”
जॉली एलएलबी, टॉयलेट एक प्रेमकथा, बाला, मुल्क और आर्टिकल-15 जैसी फिल्मों की शूटिंग यूपी में हो चुकी है, जो बॉक्स आफिस पर सुपरहिट हुई थी। बीते फरवरी में धनीपुर हवाई पट्टी में मशहूर फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम ने अपनी फिल्म ‘अटैक’ की शूटिंग की थी। इसके लिए जॉन के प्रोडक्शन हाउस ने जनवरी में प्रदेश सरकार से शूटिंग की अनुमति माँगी थी। एक महीने बाद फरवरी में अनुमति मिली। प्रदेश सरकार ने शूटिंग में अनुमति को अब ऑनलाइन कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आला अफसरों के साथ बैठक में यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक अच्छी फिल्म सिटी की आवश्यकता है। प्रदेश यह जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार है। यहाँ पर एक बेहतरीन फ़िल्म सिटी बनाई जाएगी। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे का क्षेत्र बेहतर होगा।
योगी आदित्यनाथ ने इस घोषणा के साथ यह भी कहा था कि ये फ़िल्म सिटी फ़िल्म निर्माताओं को एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगी। साथ ही, रोजगार सृजन की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी प्रयास होगा। उन्होंने इस सिलसिले में भूमि के विकल्पों के साथ यथाशीघ्र कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। इस घोषणा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि बॉलीवुड को जिस तरह से मुंबई से खत्म करने या शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है, उसे वह बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बाद अब राज्य के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
उन्होंने लिखा, “शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने कोविड की जाँच कराई और मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं सेल्फ आइसोलेशन में हूँ और डाॅक्टरों की सलाह का पूर्णतः पालन कर रहा हूँ। सभी कार्य वर्चुअली संपादित कर रहा हूँ।” हाल ही में उन्होंने कोरोना का पहला डोज लिया था।
प्रदेश सरकार की सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
इस बीच जो लोग भी मेरे संपर्क में आएं हैं वह अपनी जांच अवश्य करा लें और एहतियात बरतें।
सीएम योगी ने ट्वीट कर बताया है कि प्रदेश सरकार की सभी गतिविधियाँ सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। इस बीच जो भी लोग उनके संपर्क में आए हैं, वह अपनी जाँच अवश्य करवा लें और एहतियात बरतें। बता दें कि इससे पहले आज (अप्रैल 14, 2021) सुबह ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके अलावा योगी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को मंगलवार (अप्रैल 13, 2021) से ही आइसोलेट कर लिया था। वह अपना सारा कामकाज अपने आवास से वर्चुअली कर रहे थे। कोरोना स्थिति पर रोजाना होने वाली टीम 11 की बैठक को उन्होंने मंगलवार को वर्चुअली ही संबोधित किया था। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ट्वीट करके बताया था कि उनके कार्यालय के कुछ अधिकारी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। यह अधिकारी उनके संपर्क में रहे हैं, अतः उन्होंने एहतियातन अपने को आइसोलेट कर लिया है एवं सभी कार्य वर्चुअली कर रहे हैं। आज सीएम की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है।
कोरोना संक्रमण के मामले में देश में दूसरे स्थान पर यूपी
कोरोना संक्रमण के मामले में यूपी देश में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। आँकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में रोज कोरोना के कंफर्म हो रहे केसों की संख्या भी पिछले एक हफ्ते में 204 प्रतिशत तक बढ़ गई है। मंगलवार को यहाँ एक दिन में 18021 नए केस सामने आए। यह प्रदेश में अभी तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। 24 घंटों के दौरान यहाँ 85 कोविड मरीजों की मौत हो गई। राज्य में इस समय 95,980 पॉजिटिव केस हैं।
आइसोलेशन में रहते हुए सीएम योगी कोरोना मरीजों के लिए इंतजामों पर निगरानी रखे हुए हैं। यूपी में कोविड मरीजों के लिए 4000 से अधिक एम्बुलेंस की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच योगी सरकार ने प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर गैर सरकारी अथवा निजी क्षेत्र के अस्पतालों में विभिन्न जाँचों के शुल्क एक बार फिर से तय कर दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा देने वाले निजी अस्पताल व जाँच करने वाली प्राइवेट लैब मनमाना शुल्क न वसूल सकें। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने शुल्क की दरों के आदेश जारी कर दिए। निजी अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई है कि अगर वे आदेश का उल्लंघन करेंगे तो उनके विरुद्ध महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर की 15 साल की बेटी के साथ चेन्नई में यौन उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। गायिका ने चेन्नई के किलपॉक ऑल वीमेन पुलिस थाने में अपनी शिकायत दी। कंप्लेन के आधर पर अब तक 4 लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, सिंगर की 15 साल की बेटी अपनी आंटी के साथ रहती थी। वहीं आंटी, अंकल, उनके 18 साल के बेटे ने उसका शोषण किया। नाबालिग ने अपनी शिकायत में एलायंस चर्च के पादरी हेनरी का भी नाम लिया। उसने कहा कि किलपॉक (Kilpauk) में चर्च के पादरी ने उसका शोषण किया।
गायिका ने भी पुलिस को बताया कि उनकी बेटी, अपनी आंटी के घर 6 साल की उम्र से रह रही थी। अभी 18 माह पहले (13 साल की उम्र में) उसे वापस लाया गया। इन 8 सालों में उसका कई बार यौन उत्पीड़न हुआ। पुलिस ने मामले में चारों आरोपितों के ख़िलाफ़ POCSO एक्ट की धारा 9 (m),9(n), 10, 17 और आईपीसी की धारा 506 (2) के तहत एफआईआर दर्ज कर अपनी जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, लड़की ने कुछ समय पहले अपनी माँ को बताया था कि उसके अंकल और चर्च का पादरी उसे गलत तरह से छूते हैं। लेकिन उस समय माँ ने कहा कि करीबी रिश्तेदार ऐसा नहीं करते। मगर पिछले 18 महीनों में बच्ची के साथ रहते हुए माँ ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस के पास आकर शिकायत करवाई।
इसके बाद बच्ची को मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ माँ और बच्चे ने टेस्ट के लिए मना कर दिया। फिलहाल केस गलत ढंग से छूने के आरोप में दर्ज हुआ है। अन्य धाराएँ लगाने के लिए टेस्ट करवाना होगा। वहीं पादरी को लेकर पुलिस का कहना है कि वह एक घर पर आता-जाता है। उसके बड़े संस्थानों से संबंध हैं। मामले में पूछताछ हो रही है।
पादरियों के कुकर्म
पिछले कुछ समय में चर्च पादरियों द्वारा नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के बहुत से मामले उजागर हुए हैं। साल 2019 में एक 70 वर्षीय पादरी का घिनौना चेहरा सामने आया था। मामला केरल के एर्नाकुलम के चेंदामंगलम का था। वहाँ के सीरियन कैथलिक चर्च के पादरी जॉर्ज पदयट्टी ने आर्शीवाद लेने आई मासूम बच्चियों का यौन शोषण किया था। दरअसल, 9 साल की तीनों बच्चियाँ चर्च में अपनी सेवाएँ देने के बाद चर्च स्थित दफ्तर में पादरी का आशीर्वाद लेने गई थीं। इस दौरान आशीर्वाद देने के बहाने पादरी ने तीनों नाबालिगों से बारी-बारी से यौन शोषण किया।
इसी तरह कुछ समय पहले केरल की नन सिस्टर लूसी कलाप्पुरा ने अपनी आत्मकथा लिखी थी, जिसमें उन्होंने पादरियों के कुकर्मों को लेकर खुलासे किए थे। एक घटना का जिक्र करते हुए सिस्टर लूसी ने लिखा जब वो मालाबार चर्च में थीं, तब वहाँ एक पादरी हुआ करता था। वो कॉलेज में पढ़ाता था और पास ही कॉन्वेंट में रहता था। कॉन्वेंट में उसने अपने लिए एक प्राइवेट कक्ष रखा था।
उस पादरी को सुरक्षित सेक्स के लिए काउंसलिंग देने का कार्य सौंपा गया था। वह छात्रों को सेफ सेक्स के बारे में बताता था और सलाह देता था। लेकिन दिक्कत इससे नहीं थी। समस्या तब शुरू हुई, तब उक्त पादरी ने सेफ सेक्स के लिए ‘प्रैक्टिकल क्लास’ आयोजित करना शुरू किया। इस दौरान वह ननों के साथ यौन सम्बन्ध बनाता था। सिस्टर लूसी ने लिखा कि कॉन्वेंट्स में जवान ननों को पादरियों के पास उनके ‘यौन सुख’ के लिए भेजा जाता था। वहाँ वो सभी ननें घंटों नंगी खड़ी रखी जाती थीं। वो लगातार गिड़गिड़ाती रहती थीं, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जाता था।
अब हरियाणा के गुरुग्राम से खाने में थूकने का एक मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने सेक्टर 12 के एक ढाबे के मालिक और रसोइया के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खाना बनाने वाला एक व्यक्ति तंदूरी रोटी बनाते समय उन पर थूक रहा है। इस घटना के सामने आते ही सेक्टर 14 की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है। हालाँकि ढाबे के मालिक और खाना बनाने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पिछले दो महीनों के अंदर कई ऐसे केस आए हैं जब समुदाय विशेष के लोग विभिन्न अवसरों पर खाना बनाते समय उसमें थूकते हुए पकड़े गए। मार्च 2021 में गाजियाबाद में मोहसिन नाम का एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया था जो रोटियों में थूक रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह कई सालों से गैर-मुस्लिमों के कार्यक्रमों में खाना बनाते समय थूकता आया है।
इसके अलावा दिल्ली से मोहम्मद खालिक, मोहम्मद इब्राहिम और अनवर को खाने में थूकते हुए पाया गया। इब्राहिम और अनवर सीलमपुर के एक होटल में काम करते थे और रोटी बनाते समय उसमें थूकने का उनका वीडियो वायरल हुआ था।
20 फरवरी को मेरठ पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार किया था जो एक शादी समारोह में खाना बनाते समय उसमें थूक रहा था। 18 फरवरी को उसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह तंदूरी रोटी बनाते समय थूकता हुआ दिखाई दिया।
उत्तर प्रदेश के शामली में भी रोटी बनाते समय थूकने का मामला सामने आया था। इस घटना में आरोपित को गिरफ्तार तो किया गया था, लेकिन उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
बांग्लादेश के सतखिरा में कुछ लोगों ने मंगलवार (अप्रैल 14, 2021) रात कई हिंदुओं के घरों और एक मंदिर को अपना निशाना बनाया। श्यामनगर उपजिला के मुंशीगंज के फुलतला गाँव में हिंदुओं के घर लूटे गए और मंदिर में रखी देवी-देवताओं की तीन मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त कर दी गईं।
पूरी घटना में हिंदू समुदाय के कम से कम 8 से 10 लोग घायल हुए। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, हमला, दो पक्षों में विवाद के कारण मंगलवार रात 8 बजे हुआ। स्थानीयों ने बताया, हमलावर पीड़ित हिंदू परिवार की लड़की का अपहरण करके उसका शोषण करना चाहते थे।
The attackers wanted to abduct the victim’s daughter following a dispute between the two parties regarding the harassment of the girl, say localshttps://t.co/1nNMkyAdOI
गोविंद बौलिया नाम के एक पीड़ित ने कहा कि हमलावर रात में उसके घर में घुसे और उसकी भतीजी को उठाने का प्रयास किया। हमले में उसके भाई समेत 8-10 लोग घायल हो गए। वहीं स्थानीयों ने कहा कि उत्तर कदमतला गाँव का पल्लब मंडल, जतिन बौलिया की आठवीं में पढ़ने वाली बेटी को समय समय पर छेड़ता था। इसी कारण दोनों पक्षों में विवाद हुआ और मंगलवार को हमला कर दिया गया।
श्यामनगर पुलिस थाने के ऑफिस इंचार्ज नजमुल हुडा ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है। सहायक पुलिस अधीक्षक (कालीगंज) ने घटनास्थल का दौरा किया है। हम हमले में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कानून के तहत पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि इस घटना से पहले 30 मार्च को बांग्लादेश में एक और मंदिर को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। ये घटना बगुरा जिले के धूनोत उपजिला के एक मंदिर में हुई थी, जहाँ माँ सरस्वती की प्रतिमा तोड़ी गई थी।
मंदिर की केयरटेकर सुमोति रानी सेबायत ने बताया था कि वह रात में पूजा कर अपने घर गईं। सुबह 4 बजे जब लौटीं तो मंदिर का बाड़ और कुछ कपड़े जलते दिखाई दिए। वह घबराकर मंदिर में गईं तो माता की मूर्ति से सिर बिलकुल अलग था और उनके भुजाओं को तोड़ दिया गया था।