Home Blog Page 4672

Google ने Jio में निवेश किए ₹33737 करोड़, 5G सेवा का ऐलान: अम्बानी बने दुनिया के छठे सबसे ज्यादा अमीर

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अम्बानी ने ‘एनुअल जनरल मीट (AGM) 2020’ में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रिलायंस और गूगल मिल कर ‘2G मुक्त भारत’ के लिए साझेदारी करेंगे। रिलायंस के पहले वर्चुअल मीट में मुकेश अम्बानी ने कहा कि उनकी कम्पनी गूगल के साथ मिल कर एक ऐसा अत्याधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च करेगी, जो 5G नेटवर्क्स के लिए सबसे बेहतर होगा।

मुकेश अम्बानी ने बताया कि रिलायंस जिओ ने एक सम्पूर्ण 5G सॉलूशन विकसित किया है, जो भारत में एक विश्व स्तर का 5G सेवा देने की दिशा में एक बड़ा क़दम होगा। गूगल ने जिओ में 7.7% स्टेक खरीदा है। इसके लिए गूगल ने रिलायंस जिओ में 33,737 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। 5G नेटवर्क का जल्द ही ट्रायल शुरू होगा, जिसके बाद इसे अगले साल फील्ड डेवलपमेंट के लिए पेश किया जाएगा।

साथ ही जिओ अब जिओ टीवी प्लस और जिओ ग्लास सहित कई अन्य सुविधाएँ भी जल्द ही लॉन्च करेगा। साथ ही जिओ मार्ट की भी घोषणा की गई है, जिसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। रिलायंस के 43वें AGM में मुकेश अम्बानी ने बताया कि जिओ और गूगल का नया ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड पर आधारित होगा। रिलायंस जिओ टीवी प्लस की खासियत ये होगी कि इसमें टीवी चैनल्स के साथ-साथ सारे OTT प्लेटफॉर्म्स को भी लाया जाएगा

साथ ही जिओ मार्ट के बारे में बताया गया कि ये दो चीजों पर आधारित है- एक उन्नत तकनीकी सिस्टम और दूसरा रिलायंस रिटेल का बृहद नेटवर्क। इन प्लेटफॉर्म को कुछ ही दिनों पहले 200 शहरों में लॉन्च किया गया था। साथ ही लाखों छोटे व्यापारियों के विकास के लिए जिओ मार्ट और व्हाट्सप्प मिल कर काम करेंगे। इससे लोगों को घर बैठे किराना दुकानों से शॉपिंग करने की सुविधा मिलेगी।

वहीं जिओ ग्लास को वर्चुअल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी तकनीकी क्रांति बताया गया है। इसके माध्यम से वर्चुअल क्लासरूम में साथ आएँगे और ‘होलोग्राफिक क्लासेज’ क्रिएट करेंगे, वो भी रियल टाइम में। इसके लिए ‘मिक्स्ड क्लाउड रियलिटी’ का सहारा लिया जाएगा। ईशा अम्बानी ने बताया कि जिओ ग्लास की मदद से जियोग्राफी पढ़ने का ट्रेडिशनल तरीका अब हिस्ट्री बन जाएगा। साथ ही लोगों को जिओ डेवलपर प्रोग्राम्स में अपने एप्स रजिस्टर कर के रुपए कमाने को आमंत्रित किया है।

मुकेश अम्बानी ने घोषणा की है कि रिलायंस के बड़े पार्टनरों में फेसबुक और गूगल के अलावा इंटेल और क्वालकॉम भी शामिल हैं। साथ ही ‘जिओ मीट’ नामक एप्लीकेशन के 50 लाख डाउनलोड पूरे होने का भी जिक्र किया गया। यहाँ तक कि 2020 AGM भी रिलायंस ने जिओ मीट के माध्यम से ही सफल बनाया। इसने ‘ज़ूम एप्प’ और ‘गूगल मीट’ को रिप्लेस किया है। वहीं मुकेश अम्बानी अब एलोन मस्क को पीछे छोड़ विश्व के छठे सबसे ज्यादा अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

गलवान में मारे गए PLA सैनिकों का नहीं होगा पारंपरिक अंतिम संस्कार: चीन ने वास्तविक संख्या छिपाने के लिए परिजनों को दिया आदेश

गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच जो झड़प हुई, उस पर भारत ने अपनी ओर से वास्तविक स्थिति को सबके सामने पेश कर दिया। लेकिन चीन को देखकर ऐसा लग रहा है कि वो किसी कीमत पर इस बात का खुलासा होने देना नहीं चाहता कि आखिर उस रात कितने चीनी फौजी मारे गए। शायद इसी कारण से उसने अपने फौजियों को अंतिम सम्मान तक देना भी जरूरी नहीं समझा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सरकार ने कथिततौर पर एक सख्त आदेश जारी किया है। ये आदेश उन फौजियों के परिवारवालों के लिए है, जिनकी उस रात झड़प में मौतें हुई। इस आदेश के तहत परिजनों को निर्देश दिए गए है कि वे पीएलए सैनिकों के लिए कोई सार्वजनिक अंतिम समारोह आयोजित नहीं करेंगे। क्योंकि, इससे मुमकिन है कि चीन के वास्तविक नुकसान का दुनिया को पता चल जाए।

दरअसल, रिपोर्ट बताती हैं कि चीन नहीं चाहता कि दुनिया ये बात जाने कि भारतीय सैनिकों से झड़प के बाद उस रात कितने फौजी मारे गए। कुल मिलाकर वो दुनिया के सामने अपनी एक सशक्त छवि प्रस्तुत करना चाहता है। इसलिए चीन की सिविल अफेयर मंत्रालय ने परिवार वालों को ये निर्देश दिए कि गलवान घाटी में हुई झड़प पर मारे गए सैनिकों को पारंपरिक तरह से न दफनाया जाए। इसके बजाय सैनिकों का शांति से अंतिम संस्कार हो।

सूत्र तो चीन के इस कदम पर ये भी बताते हैं कि वास्तविकता में वो (चीन) सैनिकों को शहीद नहीं बनाना चाहते। इसलिए उन्होंने उन कार्यों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। जहाँ परिजन व मित्रगण एक जगह एकत्रित होकर वीरगति प्राप्त जवानों को सम्मान अदा कर सकें।

गौरतलब है कि चीन का ये प्रयास जनस्मृतियों से गलवान घाटी में हुए अपने नुकसान को मिटाना है। विशेषज्ञ कहते हैं कि चीन को डर है कि अगर सैनिकों की कब्र बनी तो ये बात चीनी सोशल मीडिया और वैश्विक सोशल मीडिया पर फैल जाएगी। बता दें चीन ने अभी LAC पर झड़प में हताहत हुए सैनिकों की सही संख्या को नहीं स्पष्ट बताया है। उसने कुछ गिनती जरूर बताई है। लेकिन भारतीय खूफिया एजेंसी का कहना है कि दूसरी ओर से लगभग 43 सैनिक हताहत हुए हैं। वहीं अमेरिका की एजेंसी ने भी दावा किया है कि गलवान झड़प में 35 चीनी सैनिक मारे गए।

पायलट नर्म, गहलोत गर्म: साजिशकर्ता बता कर कहा – ‘अंग्रेजी बोलने, हैंडसम होने से कुछ नहीं होता’

सचिन पायलट के नर्म पड़ते रुख पर अशोक गहलोत ने खुल कर हमला किया है। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि उनके यहाँ उपमुख्यमंत्री खुद ही डील कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ षड्यंत्र में उपमुख्यमंत्री खुले रूप से शामिल हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि ये बिना रगड़ाई हुए ही केंद्रीय मंत्री और पीसीसी चीफ बन गए और अगर ‘रगड़ाई’ हुई होती तो आज और अच्छा काम करते।

कॉन्ग्रेस ने बागी विधायक सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार (जुलाई 15, 2020) को कॉन्ग्रेस की शिकायत के आधार पर सचिन पायलट समेत 19 विधायकों को नोटिस भेजा है।

आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर आक्रामक हमला बोला है। अशोक गहलोत ने कहा कि पहले भी उन्हें अपने विधायकों को 10 दिन तक होटल में रखना पड़ा था। अगर उस वक्त वो नजर नहीं रखते तो आज जो मानेसर वाला खेल हुआ है, वो उस समय होने वाला था। गहलोत ने कहा कि रात के दो बजे लोगों को भेजा रहा था, जबकि खुद षड्यंत्र में शामिल नेता सफाई दे रहे थे।

सचिन पायलेट पर हमला बोलते हुए अशोक गहलोत ने कहा, “अच्छी अंग्रेजी बोलना, अच्छी बाइट देना और खूबसूरत (हैण्डसम) होना सब कुछ नहीं है। देश के लिए आपके दिल के अंदर क्या है, आपकी विचारधारा, नीतियाँ और प्रतिबद्धता, सब कुछ माना जाता है।”

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि उनके विधायकों को पैसे का लालच दिया गया ताकि वे टूटने वाली पार्टी में शामिल हो जाएँ और सरकार गिर जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों के पास धन-बल की कमी नहीं होने के कारण यह साफ शब्दों में कह दिया गया कि जो सरकार के साथ नहीं है, वो पैसे ले चुका है।

सीएम अशोक गहलोत ने कहा, “हमारे डिप्टी सीएम हों या पीसीसी चीफ, उनसे जब खरीद-फरोख्त की जानकारी माँगी गई तो सफाई दे रहे हैं। जबकि वह खुद षड्यंत्र में शामिल थे। दिल्ली में बैठे लोगों ने सरकार गिराने की साजिश रची। लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हो रही है। कर्नाटक और मध्य प्रदेश की तरह साजिश हो रही है।”

उधर सचिन पायलट ने कहा कि वो अभी भी कॉन्ग्रेस में हैं और फिलहाल भाजपा में नहीं जा रहे हैं। सरकार गिराने की साजिश के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि सरकार गिराने की बात करना गलत है। सचिन पायलेट ने कहा कि वो अपनी ही पार्टी के खिलाफ ऐसा क्यों करेंगे?

क्या है राजस्थान का गणित

भाजपा के पास खुद के 72 विधायक हैं और उसे हनुमान बेनीवाल की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 3 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो उनके गणित को 75 तक ले जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का जवाब देने के लिए 19 कॉन्ग्रेस विधायकों को शुक्रवार (17 जुलाई) तक का समय दिया गया है। लेकिन वे उस तारीख पर या उससे पहले अदालत में पेश किए गए नोटिस को चुनौती दे सकते हैं। यह सत्ता संघर्ष में एक नया आयाम जोड़ेगा।

ऐसे में, अगर विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की प्रक्रिया अदालत के आदेश से रुक जाती है, और विधानसभा में शक्ति परीक्षण होता है, तो गहलोत संख्याओं के फेर में मात खा सकते हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि कॉन्ग्रेस के बागी विधायक भाजपा के साथ जा सकते हैं और तब भाजपा के पास विधानसभा में बेनीवाल के तीन विधायकों के साथ 94 वोट होंगे। और गहलोत (88) की किस्मत पूरी तरह से 13 निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों पर निर्भर करेगी।

दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस ने 100 सीटें जीती थीं। पार्टी ने उपचुनाव में एक सीट (रामगढ़) पर बाद में जीत हासिल की, जिसके बाद इसकी संख्या 101 हो गई। इसके बाद, बसपा के भी छह विधायक पार्टी में शामिल हो गए, और इनकी संख्या 107 हो गई।

प्यारे मियाँ J&K से गिरफ्तार, नाबालिग लड़कियों को पार्टी में शराब पिला रेप करने का है आरोप

नाबालिग लड़कियों को पार्टी के बहाने बुला कर शराब पिला कर नचवाने वाले और फिर उनका बलात्कार करने वाले भोपाल के पत्रकार प्यारे मियाँ को आज जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। मामला उजागर होने के बाद वो श्रीनगर भाग गया था।

एएनआई के मुताबिक दक्षिण भोपाल के पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण थोता ने बताया कि प्यारे मियाँ को जम्मू-कश्मीर की स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश पुलिस वहाँ पहुँच चुकी है और उसे जल्द ही भोपाल लाया जाएगा। मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। थोता इस एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले प्यारे मियाँ का मामला उजागर होने के बाद शिवराज सरकार का रवैया उसके लिए बेहद सख्त हो गया था। उसे पकड़ने के लिए 30,000 रुपए की इनामी राशि रखी गई थी। साथ ही भोपाल स्थित उसके मैरिज हॉल को ध्वस्त कर दिया गया था। प्रशासन ने बुलडोजर चला कर उसकी संपत्ति को जमींदोज किया था।

बता दें कि प्यारे मियाँ को दो सरकारी आवास मिले थे, जिससे उसके रसूख के बारे में पता चला था। फ़िलहाल दोनों आवंटित आवासों का अलॉटमेंट ख़त्म कर दिया गया है और मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कहा कि प्यारे मियाँ जैसे लोगों ने ग़लत और अनैतिक कार्य कर के पत्रकारिता को बदनाम कर रखा है।

उल्लेखनीय है कि प्यारे मियाँ की काली करतूतों का खुलासा अभी बीते दिनों (12 जुलाई) उस समय हुआ जब देर रात गश्त करती पुलिस पार्टी को 5 लड़कियाँ सड़क पर दिखीं। कारण पूछा गया तो जवाब देने के हालत में एक भी लड़की नहीं थी। सब शराब के नशे में थीं। नाबालिग लड़कियों का शराब के नशे में होना पुलिस को खटका। पुलिस ने सभी 5 लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। फिर इनकी काउंसलिंग की गई। जब पूछताछ हुई तो इन्होंने यौन शोषण का खुलासा किया। इसके बाद पूरा मामला प्रकाश में आया।

गहलोत ने सचिन पायलट को कहा हैंडसम: धरने पर बैठे नाराज साइंटिस्ट सिसोदिया, युवा राहुल का भी छलका दर्द

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट को हैंडसम बोलते ही राजस्थान की राजनीति में तो कोई ख़ास बदलाव नहीं आया, लेकिन इसके व्यापक परिणामों ने दिल्ली में उथल-पुथल मचा दी है। दरअसल, अशोक गहलोत ने गरमा-गरमी में आज अपने बागी विधायक और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को हैंडसम तो कह दिया लेकिन ऐसा कहकर वो दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को नाराज कर बैठे।

अशोक गहलोत ने कहा है कि सचिन पायलट हैंडसम हैं, अंग्रेजी बोलते हैं लेकिन अगर वो थोड़ा और रगड़े जाते तो पार्टी में अच्छा कर सकते थे। रगड़े जाने की बात पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि वह अनुभव की बात कर रहे थे।

गुप्त सूत्रों के अनुसार, अरविन्द केजरीवाल का दायाँ हाथ कहे जाने वाले मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि इस देश में एक समय में सिर्फ एक ही हैंडसम व्यक्ति हो सकता था और वो निर्विवाद रूप से स्वयं मनीष सिसोदिया हैं।

‘साइंटिस्ट’ सिसोदिया उर्फ़ एसएस किसी और राजनेता को हैंडसम कहे जाने से इतने नाराज हुए हैं कि उन्होंने धरने पर बैठने का निश्चय कर लिया है। जब उनसे पूछा गया कि वो धरना कहाँ देंगे तो उन्होंने धरने की जगह अरविन्द केजरीवाल के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहल्ला क्लिनिक का जिक्र किया।

सिसोदिया ने कहा है कि ऐसा कर के दो काम आसान हो जाएँगे; पहला तो ये कि उन्हें धरना देने के लिए खाली जगह आराम से मिल जाएगी और दूसरा ये कि कोरोना वायरस के दौरान लोग अरविन्द केजरीवाल के दूरदर्शी एवं वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से युक्त मोहल्ला क्लिनिक को भूल ही गए हैं, और धरना के बहाने मोहल्ला क्लिनिक को एक बार फिर मीडिया में आने का कारण मिल जाएगा।

सचिन पायलट को हैंडसम बताने से मनीष सिसोदिया इतने गुस्से में थे कि उन्होंने धरने पर बैठने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से भी इस धरने की रणनीति बनानी जरूरी नहीं समझी। इस पर अरविन्द केजरीवाल ने उन्हें प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव प्रकरण की भी याद दिलानी चाही, लेकिन साइंटिस्ट सिसोदिया ने एक नहीं सुनी और वहाँ से चलते बने।

राहुल गाँधी ने भी जताई नाराजगी

लेकिन अशोक गहलोत के सचिन पायलट को हैंडसम बताने से सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कॉन्ग्रेस के भीतर चल रहे कलह से अब तक बेखबर पार्टी के भूतपूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी भी नाराज नजर आ रहे हैं।

राहुल गाँधी ने आपत्ति जताई है कि अगर किसी को हैंडसम कहना ही था तो फिर एक बागी के बजाए अशोक गहलोत ने उन्हें क्यों नहीं चुना? राहुल गाँधी ने अपनी आस्तीनें ऊपर सरकाते हुए कठोर सवाल करते हुए कहा – “क्या मैं यहाँ बस मनोरंजन के लिए अपनी… उपस्थिति लगा रहा हूँ।”

राहुल गाँधी के गुस्सा होते ही पूर्वी सूडान की पहाड़ियों में हल्के भूकम्प के झटके भी महसूस किए गए हैं और रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता नापने के लिए कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को भेज दिया गया है।

राजस्थान की राजनीति में आए भूचाल को सफलतापूर्वक दबाने वाले अशोक गहलोत अब पार्टी युवराज के नाराज होने से कुछ ना कह पाने की स्थिति में चले गए हैं। उनका कहना है कि जिस युवराज की शाबासी का उन्हें इन्तजार था, उनके बयान ने उन्हें ही दुःख पहुँचाया है, जिससे उन्हें बहुत कष्ट हुआ है।

अशोक गहलोत के करीबियों का कहना है कि कॉन्ग्रेस में उनकी स्थिति मजबूत बने रहने के लिए सचिन पायलट के विद्रोह को दबाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी जगह राहुल गाँधी को हैंडसम बताना था।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने पार्टी से निकाल दिए जाने के भय से चुपके से यह बात कही है कि राहुल गाँधी ने अशोक गहलोत को अगली प्रेस वार्ता में अपनी भूल को सुधारने का एक अवसर दिया है। उन्होंने कहा है कि राजस्थान में सरकार किसी की भी रहे, कॉन्ग्रेस में बस एक ही हैंडसम नेता होना चाहिए, और वो आप जानते हैं कि कौन है।

हालाँकि, हैंडसम से उपजे इस पूरे विवाद के प्रकरण के बीच शशि थरूर ने सिर्फ इतना कहा कि ‘हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी।’

कोरोना संक्रमित अमिताभ बच्चन ने वीडियो बना कर नानावती अस्पताल को दिया धन्यवाद? वायरल दावे का फैक्ट-चेक

सोशल मीडिया पर एक वीडियो ख़ासा वायरल हो रहा है, जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि अमिताभ बच्चन ने कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद नानावती हॉस्पिटल को धन्यवाद दिया है और वो हॉस्पिटल का प्रमोशन कर रहे हैं। बता दें कि कोरोना पॉजिटिव टेस्ट किए गए अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक का इलाज नानावती हॉस्पिटल में ही चल रहा है। अब आते हैं वायरल वीडियो में किए गए दावों पर।

इस वीडियो में अमिताभ बच्चन कहते दिख रहे हैं कि वो नानावती हॉस्पिटल के सभी नर्सों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं क्योंकि वो कठिन परिस्थितियों में भी गजब का काम कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन ने इस दौरान सूरत के एक बिलबोर्ड की भी बात की, जिसमें लिखा हुआ था कि सारे मंदिर इसीलिए बंद हैं क्योंकि भगवान सफ़ेद कोट पहन कर अस्पतालों में काम कर रहे हैं।

अमिताभ बच्चन इस वीडियो में सभी डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को भगवान की तरह बताते हैं और उन सबके काम के लिए उनकी प्रशंसा करते हैं। बच्चन इस वीडियो में उनसे कहते हैं कि वो सभी ज़िंदगी देने वाले लोग हैं। अमिताभ बच्चन ने हाथ जोड़ते हुए उन सभी का अभिवादन करने की बात कही थी। साथ ही अमिताभ बच्चन ने पूछा था कि अगर ये लोग नहीं रहते तो इस मानव सभ्यता का क्या होता?

अमिताभ बच्चन के इस वायरल वीडियो को लोग शेयर करते हुए कह रहे हैं कि नानावती हॉस्पिटल में उनके शेयर्स हैं और इसीलिए वो इसका प्रमोशन कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि उन्हें कोरोना के एकदम हलके लक्षण हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं है, फिर भी वो अस्पताल में दाखिल हैं। साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि अमिताभ बच्चन अपनी हर ट्वीट में नानावती हॉस्पिटल को धन्यवाद दे रहे हैं।

अब आते हैं सच्चाई पर। दरअसल, ये वीडयो उनके कोरोना संक्रमित होने के बाद का है ही नहीं। अमिताभ बच्चन का ये वीडियो अप्रैल का है, जब कोरोना वायरस ने अपना रूप दिखाना शुरू तो कर दिया था और लॉकडाउन अपने पूरे शबाब पर था और कोरोना के कारण स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही थी। अप्रैल के वीडियो में ही नानावती हॉस्पिटल के बारे में अमिताभ बच्चन ने कहा था कि वो जब भी नानावटी हॉस्पिटल आते हैं, उनका अनुभव अच्छा रहता है।

बता दें कि अमिताभ बच्चन का करियर जब पूरे शबाब पर था, तब उनका फिल्म सेट पर एक्सीडेंट हुआ और तभी से वो पेट की समस्या के कारण अक्सर अस्पताल का चक्कर लगाते रहते हैं। इसके अलावा किडनी की समस्या के कारण भी उन्हें अस्पताल जाना होता है। इस हिसाब से देखा जाए तो ये वीडियो तो सही है लेकिन 4 महीना पुराना है और वीडियो के साथ किए जा रहे दावे बिलकुल गलत हैं।

स्किल, री-स्किल और उन्नति: विश्व युवा कौशल दिवस पर PM मोदी ने दिया प्रासंगिक बने रहने का संदेश

विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day, WYSD) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया और प्रासंगिक बने रहने पर हुनर के विकास पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि आज से पाँच साल पहले प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत ‘स्किल इंडिया मिशन’ के तहत की गई थी।

पीएम मोदी ने कहा कि COVID-19 ने नौकरियों की प्रकृति को बदल दिया है, और फिर नई तकनीक है, जिसने हमारे जीवन को भी प्रभावित किया है। हमारे युवाओं को नए कौशल अपनाने होंगे।

प्रासंगिक रहने का मन्त्र

उन्होंने कहा कि नए हुनर को सीखने का एक भी मौका नहीं गँवाना चाहिए। यही हुनर देश को आत्मनिर्भर बनाने में ताकत की तरह सहयोग करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रासंगिक बने रहना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि लोग न केवल अपनी आजीविका कमा सकें, बल्कि दूसरों की भी मदद कर सकें। पीएम मोदी ने कहा – “प्रासंगिक बने रहने का मंत्र है: कौशल, पुन: कौशल और उन्नति।”

पीएम मोदी ने कहा कि कौशल वह चीज है जो आप सीखते हैं – जैसे लकड़ी के टुकड़े से कुर्सी का निर्माण। आपने कुछ मूल्यवर्धन करके लकड़ी के मूल्य में वृद्धि की, और प्रासंगिक बने रहने के लिए, आपको इसमें कुछ नया करते रहना होगा। लेकिन हमारे कौशल को और अधिक विस्तारित करना महत्वपूर्ण है। इसे अपस्किल के नाम से जाना जाता है।

स्किल मैपिंग पोर्टल की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा, “चार-पाँच दिन पहले देश में श्रमिकों की स्किल मैपिंग का एक पोर्टल भी शुरू किया गया है। यह पोर्टल कुशल लोगों व कुशल श्रमिकों की मैपिंग करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे एक क्लिक में ही स्किल्ड मैप वाले वर्कर्स तक एंप्लायर्स पहुँच सकेंगे। यही समझते हुए अब कौशल विकास मंत्रालय ने दुनिया भर में बन रहे इन अवसरों की मैपिंग शुरू की है। कोशिश यही है कि भारत के युवा को अन्य देशों की जरूरतों के बारे में, उसके संबंध में भी सही और सटीक जानकारी मिल सके।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती हुई आज की दुनिया में अनेक सेक्टरों में लाखों कुशल लोगों की जरूरत है। विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं में तो बहुत बड़ी संभावनाएँ बन रही हैं। इसके लिए देशभर में सैकड़ों प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोले गए। आईटीआई की संख्या बढ़ाई गई, उसमें लाखों नई सीटें जोड़ी गई। इस दौरान 5 करोड़ से ज्यादा लोगों का स्किल डेवलपमेंट किया जा चुका है। और यह अभियान निरंतर जारी है।

इस मौके पर स्किल्स और सफलता के बीच सम्बन्ध बताते हुए पीएम मोदी ने कहा – “एक सफल व्यक्ति की बहुत बड़ी निशानी होती है कि वो अपनी स्किल बढ़ाने का कोई भी मौका जाने ना दे। इतना ही नहीं, मौका ढूँढता रहे। स्किल के प्रति अगर आप में आकर्षण नहीं है, कुछ नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है। एक रुकावट सी महसूस होती है। एक प्रकार से वो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को, अपनी पर्सनेलिटी को ही बोझ बना लेता है। और खुद के लिए नहीं, अपने स्वजनों के लिए भी बोझ बन जाता है। वहीं स्किल के प्रति आकर्षण, जीने की ताकत देता है, जीने का उत्साह देता है।”

पीएम मोदी ने कहा – “स्किल सिर्फ रोजी-रोटी और पैसे कमाने का जरिया नहीं है। जिंदगी में उमंग चाहिए, उत्साह चाहिए, जीने की जिद चाहिए, तो कौशल ही हमारे लिए प्रेरणा का काम करता है। हमारा स्किल ही हमें ऊर्जा देता है। और उम्र कोई भी हो, चाहे युवावस्था हो या बुजुर्ग, अगर आप नई-नई स्किल्स सीख रहे हैं, तो जीवन के प्रति उत्साह कभी कम नहीं होगा।”

कहीं जीभ कटी लाश, तो कहीं अधजला शव… मुस्लिम कट्टरपंथियों के खौफ में ऐसा है पाकिस्तान के हिंदुओं का हाल

पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की कहानियों का कोई अंत होता नहीं दिख रहा। पिछले दिनों कृष्ण मंदिर के नाम पर वहाँ कट्टरपंथियों की वास्तविक मानसिकता खुलेआम इंटरनेट पर देखने को मिली और अब कुछ घटनाएँ ऐसी सामने आई हैं जिन्हें सुनकर रूह काँप जाए।

दरअसल, 14 जुलाई को पाकिस्तान के सिंध के मिटियारी हाला में मोहन बागरी नामक हिंदू युवक का शव नदी से बरामद हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता व वकील राहत ऑस्टिन ने इसपर वीडियो साझा की। 

उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मोहन को इस तरह से मारा गया है कि उनकी जीभ भी काट ली गई। अब परिवार पहले ही भूख के कारण तड़प रहा था। मगर अब उन्हें मोहन के दाह संस्कार की भी चिंता है। वीडियो में हम देख सकते हैं कि एक आदमी शव का कपड़ा उठाता है और वहाँ खड़ी भीड़ उसकी हालत देखकर तितर-बितर हो जाती है। व्यक्ति को शव पर कपड़ा दोबारा ढकना पड़ता है।

ऐसे ही 14 जुलाई को सिंध से एक और बर्बरता का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक, उमरकोट के कुनरी में एक सुनील कुमार नाम के लड़के का शव रुई के बागान में बहुत बुरी अवस्था में पाया गया। शव की हालत ऐसी थी जैसे उसे बुरी तरह जलाकर मारा गया हो।

तो रुक जाएगी चीन में जाने वाली 80% ऊर्जा… भारत ऐसे ख़त्म करेगा ड्रैगन और अरब का व्यापार, साथ आए कई देश

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने अब चीन को चहुँओर से घेरना शुरू कर दिया है, जिससे उसकी बिलबिलाहट देखी जा सकती है। इसी बीच मलक्का रूट पर भारत ने उसे घेरने का मन बना लिया है, जहाँ से चीन का अधिकतर व्यापर होता है। मलक्का को लेकर भारत द्वारा खास रणनीति पर काम करने की खबरें सामने आ रही हैं। चीन में ऊर्जा की 80% ज़रूरत मलक्का रूट से ही पूरी होती है। इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इसका उसके लिए क्या महत्व है।

मलक्का से होकर ही अरब देशों से तेल चीन पहुँचता है। अगर इस रूट को अवरुद्ध कर दिया जाता है तो चीन में सारा कामकाज बुरी तरह ठप्प हो जाने के आसार हैं। भारत के सामरिक सहयोगियों की भी यही राय है कि चीन की यहाँ से घेराबंदी की जा सकती है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के अनुसार, क्वाड और उसके सहयोगी देशों ने इस मामले में भारत की मदद करनी शुरू भी कर दी है। क्वाड देशों ने समुद्री मार्ग में चीन का प्रभाव कम करने के लिए ये रणनीति अपनाने का फ़ैसला लिया है।

इस मामले में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पूरी तरह भारत के साथ हैं। ऑस्ट्रेलिया पहले तो थोड़ा ना-नुकुर कर रहा था लेकिन चीन ने उस पर साइबर हमले कर के और धमकी देकर उसे भी अपना दुश्मन बना लिया है। लॉजिस्टिक मदद के लिए इजरायल भी तैयार है। फ्रांस ने भी अब भारत की उसी तरह मदद करनी शुरू कर दी है, जैसा कभी रूस किया करता था। दक्षिणी चीन सागर में आसियान देश भी चीन के तानाशाही रवैये से परेशान हैं।

इन आसियान देशों की उम्मीद भी अब भारत ही है, जो चीन की विस्तारवादी रणनीति को थाम सकता है। आसियान देशों ने पिछले दिनों जिस तरह से चीन की आलोचना की थी और ब्रिटेन ने जिस तरह से भारत के साथ हमदर्दी जताई है, उससे भारत का पक्ष और भी मजबूत हुआ है। इसीलिए, अब चीन ईरान को लालच दे रहा है और वहाँ निवेश कर के भारत-ईरान की चाहबार प्रोजेक्ट को रोकना चाहता है।

पिछले तीन साल में भारत और जापान ने साथ में 15 बार दक्षिण चीन सागर में साझा अभ्यास किया है, लेकिन अबकी मलक्का जलडमरूमध्य के पास अभ्यास किया गया था। भारत-चीन तनाव के बीच इस बदली हुई रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही हॉन्गकॉन्ग और ताइवान को लेकर भी भारत अब चीन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएगा, जो चीन की दुखती रगों में से एक है। वियतनाम से भी भारत अब रिश्ते प्रगाढ़ करने में लगा है।

अमेरिका ने भी कहा है कि दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा युद्धपोत तैनात करना गैर-क़ानूनी है और सही नहीं है। वो पूरे इलाक़े को नियंत्रित करना चाहता है। अमेरिका ने कहा कि दुनिया कभी भी चीन को दक्षिण चीन सागर को अपना साम्राज्य नहीं बनाने देगी। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका के एशिया में कई दोस्त हैं जो अपनी सम्प्रभुता को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हॉन्गकॉन्ग पर चीन की दमनकारी नीति को लेकर एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किया। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने नए क़ानून पर हस्ताक्षर किया है जो हॉन्गकॉन्ग में लोगों का दमन करने के लिए चीन को जवाबदेह ठहराता है। उन्होंने चीन के अधिकारियों और संस्थाओं पर भी प्रतिबन्ध की घोषणा की। ट्रम्प ने कहा कि चीन द्वारा हॉन्गकॉन्ग के लोगों से स्वतंत्रता के अधिकार छीन लिए गए हैं।

हाल ही में भारत में चीन के राजदूत सुन वेईडॉन्ग (Sun Weidong) ने भी कहा था कि भारत और चीन को आपसी सहयोग के ऐसे कदम उठाने चाहिए जिनसे दोनों का फायदा हो, न कि ऐसे काम करें जिनसे दोनों को नुकसान भुगतना पड़े। उन्‍होंने कहा था कि सीमा का सवाल इतिहास में छोड़ा गया, एक जटिल और संवेदनशील मुद्दा है। हमें इस मुद्दे पर एक पक्षों की सहमति वाला शांतिपूर्ण समाधान ढूँढना होगा। 

मेरी निष्ठा कॉन्ग्रेस की विचारधारा के प्रति, किसी व्यक्ति या परिवार से नहीं: संजय झा ने कहा- लड़ाई अभी शुरू हुई है

राजस्‍थान के सियासी ड्रामे के बीच हाल ही में संजय झा ने कुछ सुझाव दिए थे। जिसके बाद कॉन्ग्रेस हाईकमान के इशारे पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने के कारण संजय झा को तत्काल प्रभाव से कॉन्ग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया। संजय झा ने महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है। वहीं बुधवार (15 जुलाई, 2020) को उन्होंने एक ट्वीट के जरिए कहा, “वह पार्टी की विचारधारा के प्रति वफादार हैं, लेकिन उनकी वफादारी किसी व्यक्ति या परिवार के प्रति नहीं है।”

कॉन्ग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट संबंधी मामले से निपटने के तरीके को लेकर पार्टी की आलोचना करने वाले झा ने कहा कि वह गाँधीवाद-नेहरूवादी विचारधारा में यकीन रखने वाले व्यक्ति हैं और यह विचारधारा अब कॉन्ग्रेस से लुप्त हो रही है।

संजय झा ने ट्वीट किया, “मेरी निष्ठा कॉन्ग्रेस की विचारधारा के प्रति है। मेरी निष्ठा किसी व्यक्ति या परिवार से नहीं है। मैं कॉन्ग्रेस में गाँधी-नेहरूवादी आदर्शवादी (कॉन्ग्रेस के भीतर लुप्त होती नस्ल) बना हुआ हूँ। मैं उन मुद्दों को उठाता रहूँगा, जो मेरी पार्टी के पुनरुत्थान के लिए मूलभूत हैं। लड़ाई अभी शुरू हुई है।”

दरअसल, राजस्थान में जारी सियासी हलचल के बीच संजय झा ने सचिन पायलट का समर्थन किया था। इसके साथ ही उन्होंने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की बात भी कहीं थी। जिसके बाद महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोरात ने झा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन के उल्लंघन के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया था। जिसके बाद झा ने अपने निलंबन को लेकर मंगलवार को प्रश्न किया था कि उन्होंने कौन सी पार्टी विरोधी गतिविधियाँ की हैं, जिनके कारण कॉन्ग्रेस ने उनके खिलाफ यह कदम उठाया?

बता दें, संजय झा ने पायलट का समर्थन देते हुए कॉन्ग्रेस को ट्वीट के जरिए सुझाव दिया था कि राजस्थान में सचिन पायलट को सीएम बना देना चाहिए। उन्‍होंने यह भी कहा था कि तीन बार सीएम रह चुके अशोक गहलोत को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए ऐसे राज्‍यों की जिम्‍मेदारी सौंपनी चाहिए जहाँ कॉन्ग्रेस कमजोर है। साथ ही राजस्‍थान प्रदेश कॉन्ग्रेस के लिए नया अध्यक्ष नियुक्त करना चाहिए।

एक अन्य ट्वीट में संजय झा ने लिखा, “पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, अब सचिन पायलट, अगला कौन?” जिसके बाद कॉन्ग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया। महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस प्रमुख बाला साहेब थोराट ने कहा है कि झा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन तोड़ने के कारण कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है इससे पहले जून में उनको AICC प्रवक्ता के पद से भी हटाया गया था। उस वक्त संजय झा ने एक न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कॉन्ग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया था।