लॉकडाउन की वज़ह से आए दिन अजीबो गरीब खबरें सुनने को मिल रही है। इस बार मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है। जहाँ लॉकडाउन के चलते मायके में फँसी महिला के शौहर ने इसका अलग ही तरह से फायदा उठाते हुए अपनी मौसेरी बहन से दूसरा निकाह कर लिया।
बता दें कोहाड़ापीर की रहने वाली नसीम का निकाह नगरिया तालाब निवासी नईम मंसूरी के साथ 2013 को हुआ था। इनके तीन बच्चें भी हैं। मिली जानकारी के अनुसार 19 मार्च को युवती का पति उसे और 2 बच्चों को मायके छोड़ आया था। जिसके बाद 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगा और उसके तुरंत बाद ही लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई।
आवाजाही बंद होने की वजह से युवती मायके में ही फँस गई। जिसका फायदा उठाते हुए नईम मंसूरी ने इसी बीच अपने मौसी की लड़की से निकाह कर लिया। हैरानी की बात यह हैं कि शौहर के दूसरे निकाह की जानकारी उसके 4 साल के बच्चें ने दी जिसे वह मायके अपने साथ नहीं ले गई थी।
Lockdown के चलते मायके में फंसी बीवी तो पति ने मौसेरी बहन से कर लिया निकाहhttps://t.co/G5JHb7XA7I
आनन फानन में महिला किसी तरह अपने ससुराल भाग कर आई और उसने देखा कि उसका शौहर और रिश्ते में बहन लगने वाली उसकी दूसरी बीवी दोनों साथ-साथ रह रहे थे। जिसको देख बौखलाई महिला ने इसका विरोध किया। जिसपर उसके शौहर नईम ने दोनों ही बीवियों को साथ रखने की बात कही। मगर नसीम इस बात के लिए तैयार नही हुई साथ ही शौहर नईम मंसूरी के खिलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की बात कही।
पीड़ित महिला ने अब समाजसेवी संस्था ‘मेरा हक फाउंडेशन’ की अध्यक्ष फरहत नकवी से मदद की गुहार लगाई है। फरहत नकवी केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन हैं। उन्होंने कहा, इस मामले पर वो पुलिस से शिकायत के साथ सख्त कार्यवाही की माँग करेंगी और पीड़िता को इंसाफ दिलाएँगी।
बिहार के जिला बेगूसराय में बीजेपी नेता धीरज भारद्वाज की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में उनके अन्य दो साथी गंभीर रुप से घायल हो गए। घटना को घात लगाए बदमाशों ने उस वक्त अंजाम दिया कि जब धीरज भारद्वाज अपने घर लौटते समय कुछ परिचितों से बातचीत कर रहे थे। इस घटना ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सैकड़ों सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेगूसराय भाजपा युवामोर्चा के जिलामहामंत्री धीरज भारद्वाज की हत्या अपराधियों ने गोलीमार कर दी माननीय @NitishKumar जी क्या यही आपकी सुशासन की सरकार है बेगूसराय में ये कोई पहली हत्या नही हर रोज हत्याएं होती है आप और आपका प्रशासन दोनों विफल है हत्यारों को फाँसी दो#BankNirbharBharatpic.twitter.com/YGaXLoMIwH
जानकारी के मुताबिक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कैथमा गाँव निवासी भाजयुमो के जिला महामंत्री धीरज भारद्वाज रविवार (17 मई, 2020) की सुबह अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गाँव से पहले ही उनकी मुलाकात परिचित अनिल यादव से हो गई। इस दौरान धीरज भारद्वाज अनिल से बात कर ही रहे थे कि पहले से घात लगाए बदमाशों ने धीरज कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं।
हमलावरों ने बीजेपी नेता धीरज के शरीर में एक के बाद एक 6 गोलियाँ दागीं, जिसमें धीरज भारद्वाज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना में धीरज के परिचित अनिल यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए। गोलियों की आवाज सुन ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़े और बदमाशों का पीछा किया।
हमलावर ग्रामीणों पर गोलियाँ चलाते हुए मौके से फरार हो गए। इसमें कैथमा गाँव के बिट्टू कुमार भी घायल हो गए। चश्मदीदों के मुताबिक दो बाइकों पर सवार होकर आए चार हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया।
सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, लेकिन पॉस्टमोर्टम के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शव को एसपी ऑफिस के सामने रखकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से लोगों ने धीरज के घरवालों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की माँग की है।
बीजेपी नेता धीरज की हत्या की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और सैकड़ों की संख्या में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश फैल गया। वहीं दिनदहाड़े धीरज की हत्या ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर ने जिला प्रशासन से कार्रवाई कर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की है।
एनबीटी की खबर के मुताबिक बीजेपी नेता धीरज पर पाँच साल पहले भी जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें धीरज बाल-बाल बच गए थे। हालाँकि, धीरज के छोटे भाई को गोली लगी थी। सदर डीएसपी राजन सिन्हा ने बताया कि इस मामले में कुछ अपराधियों का नाम सामने आया है।
पहले चुनाव को लेकर कुछ विवाद था लेकिन अभी हत्या की वजह क्या बनी,ये साफ नहीं हो सकी है।
नोएडा में सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर महिलाओं को पीटने के आरोपित सब-इंस्पेक्टर सौरव शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जॉंच के आदेश दिए गए हैं।
शुक्रवार (15 मई 2020) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में नोएडा सेक्टर-19 में राशन की कतार में लगी महिलाओं पर सब-इंस्पेक्टर सौरव शर्मा लाठियाँ बरसाते नजर आए थे।
कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन की वज़ह से सबसे ज्यादा गरीब वर्ग परेशान है। किसी तरह अपने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहा है। नोएडा सेक्टर-19 में गरीब महिलाएँ लाइन में खड़ी राशन पाने का इंतजार कर रहीं थी। इसी दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के नाम पर सब-इंस्पेक्टर ने कई महिलाओं को बिना वजह डंडे से पीटकर लाइन से बाहर निकाल दिया था।
इसका वीडियो पास खड़ी महिलाओं ने बना ली। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए तत्काल सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया और घटना की जाँच के आदेश दिए हैं।
राशन बाँटने के दौरान ड्यूटी पर सिर्फ पुरुष पुलिसकर्मी ही खड़े थे। महिलाओं पर लाठी चलाने वाले सौरभ शर्मा सेक्टर-19 चौकी के इंचार्ज थे। घटना शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे के आसपास की बताई जा रही है।
इससे पहले भी, ऐसी ही घटना 10 मई को नोएडा सेक्टर-22 में हुई थी। वहाँ तैनात एक पुलिस कांस्टेबल ने लॉकडाउन के बीच पानी लाने के लिए सड़क पर निकले एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसे गालियाँ दी थी।
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार (17 मई 2020) को फेसबुक के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गोपालगंज के रोहित जायसवाल मामले का भी जिक्र किया है। इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
कटेया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलहीडीह गाँव निवारी रोहित का शव 29 मार्च को नदी से मिला था। डीजीपी ने बताया कि रोहित 28 मार्च को जिन बच्चों के साथ गया था उसमें 1 हिंदू और 3 अल्पसंख्यक समुदाय के थे। चारों नाबालिग हैं और इन सबसे उन्होंने खुद बातचीत की। उन्होंने बताया कि ये सभी साथ में हँसते-खेलते थे। उन्होंने कहा कि परिवार ने भी स्वीकार किया है कि गाँव में किसी प्रकार का हिन्दू-मुस्लिम विवाद नहीं है।
डीजीपी (DGP) ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें जानकारी दी कि पिछले 15 सालों से गाँव में कोई सांप्रदायिक हिंसा या तनाव की घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन रोहित अपने 4 दोस्तों के साथ खनुआ नदी के पास खेलने गया था। यही नदी बिहार और यूपी की सीमा का निर्धारण करती है। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने ख़ुद नदी में उतर जायजा लिया और पाया कि उसकी गहराई कम से कम 12 फ़ीट थी ही। मार्च में पानी का स्तर ज्यादा था।
डीजीपी (DGP) पांडेय ने बताया कि अभियोजन पक्ष के सभी लोगों का बयान उन्होंने नदी के पास ही लिया। डीजीपी ने रोहित के परिवार के हवाले से यह भी कहा कि वह दोपहर 3 बजे गया था। डीजीपी ने कहा कि वहाँ गाय-भैंस चराने वालों ने देखा कि पाँचों बच्चे नहाने गए थे और उन सबने अपना बयान भी दर्ज करवाया है। बाकी चार उस दिन लौट गए, जबकि रोहित नहीं आया। उसमें से एक लड़के से ग्रामीणों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नदी में डूब गया। डीजीपी (DGP) ने बताया:
“जिसके 15 साल के बेटे की लाश उसके सामने निकली हो, उस माँ-बाप की पीड़ा को आप समझ सकते हैं। वो अच्छा लड़का था। परिवार गरीब है, जिसके पास एक दुकान के अलावा आय का कोई साधन नहीं था। वो लड़का वहाँ डूब गया या उसके साथियों ने उसे डूबा दिया, इस पर अभी कोई जजमेंट नहीं दिया जा सकता, क्योंकि ये अनुसन्धान का विषय है। इसके अगले दिन की अख़बारों में आया कि परिजनों ने रोहित की हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने वैसे ही एफआईआर किया, जैसा परिवार ने कहा। कोई अगर प्राथमिकी दर्ज कराने जाता है तो उसके बयान में पुलिस छेड़छाड़ नहीं कर सकती।”
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 में से 5 आरोपितों को गिरफ़्तार कर जेल और ‘किशोर न्याय परिषद’ में भेजा। बाद में उन्हें जमानत दे दी गई। इससे परिवार को ऐसा लगा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ और वे हताश हो गए। इसके बाद वे पुलिस की गाड़ी के आगे लोट गए और कम्युनिकेशन गैप बनने लगा। डीजीपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सब कुछ विस्तार से लिखा है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने भी बयान दिया है कि रोहित की मौत डूबने से हुई है। डॉक्टर ने ये भी बताया कि डूबने के क्रम में दबाव के कारण आँखों या नाक से ख़ून आना संभव है, लेकिन रोहित के शरीर पर जख्म के कोई निशान नहीं थे। डीजीपी ने कहा कि जब तक अनुसन्धान पूरा नहीं होता, पुलिस मानकर चल रही है कि ये डूबने और हत्या का मामला भी हो सकता है। हालाँकि अब तक पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं पाया है, जिससे लगे कि हत्या हुई या हत्या का कोई मोटिव रहा हो।
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि घटना के एक महीने बाद किसी ने किसी धार्मिक स्थल पर बलि की बात कह दी। इसके बाद रोहित के पिता ने अलग-अलग लोगों को अलग-अलग बयान दिया। बकौल डीजीपी, जहाँ रोहित के पिता राजेश जायसवाल ने किसी धार्मिक स्थल में बलि की बात कही, उसकी माँ और नाना ने पानी छिड़के जाने की बात कही।
21:45 के बाद डीजीपी पांडेय ने की रोहित मामले पर चर्चा
डीजीपी ने कहा कि बलि वाली बात चली लेकिन ये जानना ज़रूरी है कि गाँव में न तो कोई मस्जिद है और न ही कोई नमाज पढ़ाने वाले मौलवी। उन्होंने बताया कि एक मस्जिद निर्माणाधीन था, जिसकी केवल नींव पड़ी थी और उसका निर्माण किसी कारण रुक गया था। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, अधिकतर हिन्दुओं ने बताया कि इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है और न ही गाँव में कोई सांप्रदायिक तनाव है।
डीजीपी ने कहा कि बहुत लोग सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास कर लेते हैं, इसीलिए उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वो बिहार की 12 करोड़ जनता के समक्ष बताएँ कि इसमें कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके सामने रोहित के परिजनों में से किसी ने भी ‘धार्मिक स्थल में बलि’ और अल्पसंख्यकों के डर से भागने की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि परिवार ने थानेदार के डर से भागने की बात कही।
कटेया थानाध्यक्ष अश्विनी तिवारी की चर्चा करते हुए DGP पांडेय ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में या कितने भी बड़े तनाव की स्थिति में, किसी भी थानेदार के पास ये अधिकार नहीं है कि वह जनता के साथ गाली-गलौज करे। उन्होंने कहा कि ये पुलिस विभाग के लिए शर्म की बात है कि उसने पीड़ित माँ-बाप के साथ ऐसा व्यवहार किया। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले थानेदार को सस्पेंड किया। उन्होंने जनता से अफवाह न फैलाने की बात कही।
दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी को पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उन्होंने मजदूरों को दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक पहुॅंचाया और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया।
यूपी बॉर्डर पर अपने वाहनों से मजदूरों को पहुँचाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने अनिल चौधरी को उनके घर पर ही हिरासत में लिया है। चौधरी के घर से बाहर नहीं निकलने पर पुलिस ने यह कदम उठाया है।
Delhi Pradesh Congress Committee Pres Anil Chaudhary has been put under preventive detention at his house in Delhi. Police says,“He brought a no.of migrants labourers to Delhi-UP border both y’day&today. No social distancing being maintained.This could lead to further problems”. pic.twitter.com/5Pe03J8tln
जानकारी के मुताबिक न्यू अशोक नगर थाने की टीम रविवार (17 मई, 2020) सुबह दल्लुपुरा स्थित अनिल चौधरी के घर पर पहुँची। लेकिन चौधरी ने घर से बाहर निकलने से मना कर दिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अनिल चौधरी ने दिल्ली-यूपी गेट पर अपने वाहनों से मजदूरों को पहुँचाया और बॉर्डर पर भीड़ का इकट्ठा किया। इस दौरान लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं किया गया साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियाँ उड़ाई गईं।
वहीं मामले पर अनिल चौधरी का कहना है कि हिरासत में लेने का उन्हें कोई कारण नहीं बताया गया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की सिर्फ सेवा कर रहे हैं और उन्हें खाना खिला रहे हैं। अगर लोगों को खाना खिलाना गुनाह है तो वह उन्होंने किया है।
आपको बता दें कि शनिवार (16 मई, 2020) शाम को कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। इस दौरान राहुल गाँधी ने फुटपाथ पर बैठकर उनसे बातचीत की थी और उनकी समस्याओं को सुना था।
महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते को प्रकोप को देखते हुए गृह मंत्रालय ने शनिवार (मई 16, 2020) को जम्मू-कश्मीर से सीएपीएफ (CAPF) की 10 कंपनियों को हटाने और ऐसी 9 कंपनियों को महाराष्ट्र में भेजने का आदेश जारी किया, ताकि रमजान के समय में पुलिस को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने में थोड़ी राहत मिल सके।
बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों का आँकड़ा 30,000 के पार पहुँच चुका है और 1000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू क्षेत्र से 1,000 से अधिक जवानों की 10 इकाइयों को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बलों की किसी ईकाई को छुआ नहीं गया है।
बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने जो 9 कंपनियाँ महाराष्ट्र में तैनात करने का आदेश दिया है, उसमें से 4 रैपिड एक्शन फोर्स से, 2 केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स से और 3 केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा फोर्स से हैं।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के लिए पाँच कंपनियाँ जम्मू से बुलाई गई हैं और बाकी चार कंपनियाँ आरएएफ की मुंबई स्थित इकाई से तैनात किए जाने का आदेश दिया गया है।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शनिवार को बताया कि कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान पुलिस बल पर काम के अत्यधिक बोझ से राहत देने के लिए मुंबई में कोरोना से अत्यधित संक्रमित इलाकों- पुणे, मालेगाँव और अमरावती में CAPF की कंपनियों को तैनात किया जाएगा।
इससे पहले महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान पुलिस बल पर काम के अत्यधिक बोझ का हवाला देते हुए उसे राहत देने के लिए हाल ही में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 20 कंपनियों को तैनात किए जाने की माँग की थी।
अनिल देशमुख ने कहा था कि राज्य के पुलिसकर्मी रात-दिन काम कर रहे हैं और कई जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, ऐसे में इन्हें आराम दिए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने ट्विटर पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा था, “ईद का त्योहार भी करीब है और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए पुलिस को थोड़ा आराम चाहिए। हालाँकि, हमने केंद्र से CAPF की 20 कंपनी तैनात किए जाने का अनुरोध किया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए मंगलवार (मई 12, 2020) को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा करते हुए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज से अर्थव्यवस्था में नई जान फूँकने की बात कही थी। इसके बाद पाँच प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने उन सुधारों का खाका जनता के सामने पेश किया। शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर रक्षा और खनिज उत्पादन तक आत्मनिर्भर बनने का खाका।
अब सवाल उठता है कि आख़िर ये 20 लाख करोड़ रुपए का आँकड़ा पहुँचा कैसे? कितने रुपए कहाँ ख़र्च होंगे? आइए, नीचे देखते हैं कि कैसे किन-किन सेक्टरों में इन रुपयों को ख़र्च किया जाएगा और इसका पूरा हिसाब-किताब क्या है?
1.92 लाख करोड़ रुपए: पीएम गरीब योजना, स्वास्थ्य, टैक्स छूट
5.94 लाख करोड़ रुपए: एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग), पावर सेक्टर
अब एक बार इस पूरी रकम के सिलसिलेवार खर्च को देखते हैं, जो प्रस्तावित है। आज पाँचवें कॉन्फ्रेंस के साथ ही इसकी पूरी रूपरेखा सामने आ चुकी है और अब देखना ये है कि इसको लागू करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया कितनी प्रभावी होती है। (रकम करोड़ रुपए में):
एमएसएमई सहित अन्य व्यापारों के लिए: 3,00,000
एमएसएमई के सब-ऑर्डिनेट ऋण के लिए: 20,000
एमएसएमई के लिए फंड: 50,000
बिजनेस और ईपीएफ सपोर्ट: 2800
ईपीएफ रेट रिडक्शन: 6750
स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम: 30,000
क्रेडिट गारंटी स्कीम: 45,000
लिक्विडिटी इंजेक्शन: 90,000
टीसीएस/टीडीएस रेट में रिडक्शन: 50,000
मजदूरों को मुफ्त अनाज: 3500
मुद्रा शिशु लोन: 1500
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए स्पेशल क्रेडिट फैसिलिटी: 1500
इस तरह से कुल रकम 20,97,053 करोड़ रुपए बैठती है। निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि सरकार कई क्षेत्रों में अपना एकाधिकार ख़त्म कर निजी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्द्धा के माहौल को बढ़ावा देगी। इसी तरह के निर्णय कोयला क्षेत्र में लिए गए हैं, जहाँ देश अब पहले से कहीं अधिक दोहन करेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सभी अस्पतालों को पहले से कहीं अधिक मुस्तैद बनाया जाएगा। शिक्षा के लिए भी डिजिटल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले से शनिवार (16 मई 2020) को एक भयावह घटना सामने आई। जहाँ नर्सिपटनम इलाके में पुलिस ने एक निलंबित डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट की। उनके हाथ बाँध दिए।
रिपोर्टों के अनुसार, एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा डॉ. के सुधाकर को लात मारने और सड़क पर घसीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद न केवल विपक्षी दलों बल्कि आम नागरिकों ने भी इस पर नाराजगी जताई है।
वीडियो में देखा जा सकता हैं कि निलंबित डॉक्टर खाली बदन सड़क के बीच में चल रहा था। इसके बाद पुलिस ने उनके हाथ बाँध दिए और एक अन्य कांस्टेबल ने लाठी मारी। फिर डॉक्टर को सड़क पर लेटे हुए देखा गया और उनके हाथ बँधे थे। बाद में, पुलिस ने उसे वहाँ से उठाया एक ऑटो में डाल दिया और पुलिस स्टेशन ले गई।
Andhra doctor tied-up, thrashed by Vizag cops. Cops claim doc psychologically disturbed & drunk. Same doc was suspended by Jagan govt two months ago, when he spoke up against lack of N-95 masks in govt hospital in Narsipatnam. Vizag top cop suspends constable for thrashing doc. pic.twitter.com/aE9vhp38hx
कथित तौर पर, डॉ. सुधाकर नर्सिपटनम सरकारी अस्पताल में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट थे। उन्हें जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने पिछले महीने अनुशासनात्मक आधार पर निलंबित कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार डॉक्टरों को पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और एन-95 मास्क उपलब्ध नहीं करा रही है।
उन्होंने कहा, “हमें नए मास्क को माँगने से पहले 15 दिनों के लिए उसी मास्क का उपयोग करने के लिए कहा जाता है। हम अपने जीवन को खतरे में डालकर मरीजों का इलाज कैसे कर सकते हैं?”
डॉक्टर के सस्पेंड होने के एक महीने बाद ये वीडियो सामने आया है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से तेलुगु देशम पार्टी ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाती है।
राज्य में वाईएसआर कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला करते हुए टीडीपी महासचिव नारा लोकेश ने ट्वीट किया, “डॉ. सुधाकर को केवल एक मास्क माँगने पर गलत तरीके से निलंबित कर दिया गया था। दलित डॉक्टर को अब जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वारा लाठी से मारा गया है। हम इस घटना की निंदा करते हैं।”
.@ysjagan గారిది క్రూరమైన మనస్తత్వం.మాస్క్ ఇవ్వమని వేడుకున్న డాక్టర్ సుధాకర్ ని నియంతలా సస్పెండ్ చేసారు.ఒక దళిత డాక్టర్ ని తాళ్లతో కట్టి,లాఠీలతో కొట్టించడం జగన్ ఉన్మాదానికి పరాకాష్ట.వైకాపా ప్రభుత్వ దుర్మార్గ చర్యను తీవ్రంగా ఖండిస్తున్నాను. (1/2) pic.twitter.com/4n5nxAtz81
— Lokesh Nara #StayHomeSaveLives (@naralokesh) May 16, 2020
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. सुधाकर कथित रूप से नशे में थे और पालम पोर्ट हॉस्पिटल जंक्शन के पास उपद्रव कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, नशे में धुत डॉक्टर जंक्शन के पास अपनी कार में आए थे और मुख्य सड़क पर लगे बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की।
साथ ही उन्होंने एक बाइकर को टक्कर मार दी थी। पुलिस ने दावा किया कि डॉ. सुधाकर ने अपनी कमीज फाड़ ली और एक कांस्टेबल का फोन क्षतिग्रस्त कर दिया। हालाँकि न्यूज मिनट की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. सुधाकर ने इस बात से इनकार किया है कि वह नशे में थे।
विशाखापत्तनम के पुलिस आयुक्त आरके मीणा ने कहा कि जिस कांस्टेबल ने डॉक्टर पर लाठीचार्ज किया था, उसे निलंबित कर दिया गया था। घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त के अनुसार उनके नियंत्रण कक्ष को एक कॉल आया था जिसमें अक्कायपलेम इलाके में राजमार्ग पर डॉ. सुधाकर द्वारा उपद्रव मचाने की खबर मिली थी। पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि हरकतों से लगता हैं कि ‘डॉक्टर की मानसिक स्थिति शायद ठीक नहीं है।’
इन दिनों पूरी दुनिया भले कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रही है। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने कश्मीर मुद्दे का राग अलाप कर अपनी बौखलाहट जताना जारी रखा हुआ है। पहले भी कई बार कश्मीर मुद्दे पर उल-जुलूल बात कर चुके अफरीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जिसमें अफरीदी संभवत: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक भीड़ को संबोधित करते हुए कश्मीर राग अलाप रहे हैं। इस वीडियो में पाकिस्तानी सैनिक और पीओके में स्थित किसी गाँव के कुछ लोग जमा हुए हैं।
अफरीदी के इस वीडियो के कई क्लिप हैं जिन्हें कई यूजर्स ने काफी हिस्सों में कट करके शेयर किया है। एक वीडियो फिल्ममेकर अशोक पंडित ने शेयर किया है। जिसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी के बार में काफी कुछ बोल रहे हैं।
Mohammed Shahid Afridi @SAfridiOfficial abusing Our Army & PM Modi. This video is for those urban naxals who say sports is beyond boundaries & want to build hospitals there. Pakistan is a terrorist nation & will remain to be so. Shame on Paki’s . pic.twitter.com/v19rVs5Nqz
वीडियो की शुरुआत में शाहिद अफरीदी ने कोरोना वायरस के बारे में बात की, लेकिन इसके बाद पीएम मोदी और कश्मीर पर बोलने लगते हैं। वीडियो में अफरीदी कहते हैं, “कोरोना से भी बड़ी बीमारी मोदी (प्रधानमंत्री मोदी) के दिलो-दिमाग में हैं और वह बीमारी मजहब की बीमारी है। मजहब को लेकर वह सियासत कर रहे हैं और हमारे कश्मीरी भाई-बहनों और बुजुर्गों के साथ जुल्म कर रहे हैं। उन्हें इसका जवाब देना होगा।”
शाहिद अफरीदी आगे इस वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं, “वैसे तो मोदी बहुत दिलेर बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन हैं वो डरपोक आदमी। इतने छोटे से कश्मीर के लिए उन्होंने 7 लाख की फौज जमा की, जबकि पाकिस्तान की कुल फौज 7 लाख की है लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनके पीछे 22-23 करोड़ की फौज (पाकिस्तान की जनसंख्या) खड़ी है।”
A scene from the future biopic. “Hum ne tu unke choozo ko chai pilai.” Don’t miss the hand action please. pic.twitter.com/vhzzm0iJPU
— Naila Inayat नायला इनायत (@nailainayat) May 16, 2020
उनका एक और वीडियो क्लिप भी इसी से जुड़ा वायरल हो रहा है, जिसे पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने शेयर किया है। इस वीडियो क्लिप में वो भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान से जुड़ा विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। इसमें वह कहते हैं, “हमने उनके लोगों को हवा में मारके चाय पिलाकर वापस भिजवाया इज्जत के साथ। हमने दुनिया को यह पैगाम दिया कि हम अमन पसंद लोग हैं, हम प्यार मोहब्बत की बात समझने वाले लोग हैं। लेकिन आप प्यार मोहब्बत से बातें करोगे तब।”
अफरीदी का यह वीडियो वायरल होते ही पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने उन पर करारा पलटवार किया है। गंभीर ने तंज कसते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि यह 16 साल का शख्स कहता है कि पाकिस्तान की 7 लाख सेना को 20 करोड़ लोगों का समर्थन है। पर बावजूद इसके ये पिछले 70 साल से कश्मीर की भीख माँग रहे हैं।
Pak has 7 lakh force backed by 20 Cr ppl says 16 yr old man @SAfridiOfficial. Yet begging for Kashmir for 70 yrs. Jokers like Afridi, Imran & Bajwa can spew venom against India & PM @narendramodi ji to fool Pak ppl but won’t get Kashmir till judgment day! Remember Bangladesh?
गंभीर यहीं पर ही नहीं रुके। अफरीदी के वार पर गंभीर ने पाक पीएम इमरान और सेना के चीफ बाजवा पर भी पलटवार किया। गंभीर ने कहा कि अफरीदी, इमरान और बाजवा जैसे जोकर को भारत और मोदी जी के खिलाफ जहर उगल कर पाकिस्तान के लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं। इसके साथ ही गंभीर ने अफरीदी को बड़ा इशारा करते हुए लिखा कि इन लोगों को निर्णायक दिन तक कश्मीर नहीं मिलेगा। बांग्लादेश याद है ना आपको?
वैसे यह कोई पहला मौका नहीं है, जब शाहिद अफरीदी ने कश्मीर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में विवादित बयान दिया है। इससे पहले भी वह कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं। इसी साल फरवरी में अफरीदी ने एक बयान देते हुए कहा था कि जब तक मोदी सत्ता में हैं, भारत-पाकिस्तान के संबंध नहीं सुधर सकते।
अफरीदी ने कहा था, “जब तक मोदी सत्ता में हैं, मुझे नहीं लगता कि भारत से कोई प्रतिक्रिया मिलेगी। हम सभी, यहाँ तक कि भारतीय भी जानते हैं कि मोदी क्या सोचते हैं। उनकी सोच नकारात्मक है। भारत और पाकिस्तान के संबंध सिर्फ एक इंसान के कारण खराब हुए हैं। यह हम नहीं चाहते थे।” उन्होंने कहा था, “सीमा के दोनों तरफ से लोग एक दूसरे के देश घूमना चाहते हैं। मैं नहीं जानता कि मोदी क्या करना चाहते हैं और उनका एजेंडा हकीकत में क्या है।”
उल्लेखनीय है कि एक टीवी इंटरव्यू के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा था कि उन्होंने अपने घर पर टीवी को इसलिए तोड़ दिया था क्योंकि उनकी बेटी उस पर भारतीय संस्कृति में होने वाली आरती को देख रही थी।
मध्य प्रदेश के गुना जिले में गाय के साथ रेप करके हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित समर खान उर्फ कालू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एफआईआर के मुताबिक शनिवार (17 मई, 2020) रात करीब 1 बजे चचोड़ा थाना क्षेत्र के बीनागंज में रामजानकी मंदिर माली मोहल्ला के चौक पर एक गाय के साथ आरोपित समर खान उर्फ कालू (गूंगा) पुत्र फकरू खान ने रेप किया। आरोपित के इस कृत्य को राजेश माली पुत्र प्रकाश माली ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
इसकी जानकारी देर रात में ही इलाके के लोगों में फैल गई। साथ ही आरोपित का वीडियो वायरल हो गया। जानकारी के मुताबिक आरोपित लखेरा मोहल्ला चचोड़ा का निवासी है।
रविवार सुबह को घटना की लिखित शिकायत बजरंग दल के लेटर हेड पर बीनागंज निवासी मुकेश शर्मा पुत्र कैलाश नारायण शर्मा द्वारा चचोड़ा थाना पुलिस को दी गई। मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि गौमाता के साथ अप्राकृतिक कृत्य करते हुए आरोपित ने उनकी (हिंदुओं की) भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने घटना के साक्षी दो गवाहों की जानकारी भी पुलिस को देकर कार्रवाई की माँग की है।
मुकेश शर्मा द्वारा थाने में की कई लिखित शिकायत की कॉपीका मुख्य भाग
मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपित समर खान के खिलाफ में चचोड़ा थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 और धारा 505 (2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके बाद थाना पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी में जुट गई है।
चेतावनी Note:नीचे के ट्वीट में समर खान गाय का रेप कर रहा है और यही वीडियो वायरल हुआ है।आप इसे अवॉइड कर सकते हैं।
@Arnab5222 कालू खांन पुत्र फकरूद्दीन खां निवासी चाचौड़ा जिला गुना मध्य प्रदेश गाय के साथ वलात्कार करते हुये पाया गया है रात 1 वजे जिसकी सूचना थाना चाचौड़ा में नागरिकों द्वारा दी गई है pic.twitter.com/MdEnduDxBm
— Santosh Singh yadav (@Santosh54927607) May 17, 2020
आपको बता दें कि पिछले साल जुलाई में मंगलौर से गाय के साथ दुष्कर्म का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था। तब वहाँ मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
तब अंसारी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब गाँव के लोग उससे पूछताछ कर रहे थे तो उसकी कमीज की जेब से नारियल तेल की बोतल भी मिली थी, जिसे उसने दुष्कर्म को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था। साथ ही जब वह पकड़ा गया, तब उसकी कमीज पर गोबर के भी निशान थे।