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स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य और जामिया के छात्र आसिफ तन्हा को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन (SIO) के सदस्य और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ तन्हा को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आसिफ तन्हा पर आरोप है कि वह नागरिक संशोधन कानून (CAA) और NRC के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल था। बताया जा रहा है कि आसिफ की गिरफ्तारी से एक दिन पहले उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार (दिसंबर 15,2019 ) को जामिया नगर इलाके में भड़की हिंसा को लेकर पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें आसिफ तन्हा को भी आरोपित बनाया गया था।

यह FIR जामिया थाने के एसएचओ उपेंद्र सिंह ने दर्ज कराई थी। आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की 13 धाराएँ लगाई गई थी। जिसमें आईपीसी की धारा- 143/ 147/ 148/ 149/ 186/ 353/ 332/ 308/427/435/ 323/341/120बी/34 के अलावा प्रिवेंशन ऑफ डेमेज टु पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 3/4 1984 शामिल है।

FIR में कहा गया था कि सभी प्रदर्शनकारियों ने मथुरा रोड को ब्लॉक कर दिया और हिंसक हो गए। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया और कई डीटीसी बसों में आग लगा दी गई।

उन्हें शांत करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने नारे लगाने शुरू कर दिए और परिसर के गेट 4, 7 और 8 को अवरुद्ध कर दिया।

एसएचओ उपेंद्र सिंह ने FIR में आगे बताया, हमने उनसे रास्ता खाली करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस ने इस पूरी घटना में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल 75 आँसू गैस के गोले दागे। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर के भीतर से पथराव शुरू कर दिया गया।

स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ने हाल ही में देश भर में फैलाए गए CAA दंगों में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इस संस्था के सचिव बरखा दत्त की जिहादन ‘हिरोइन’ लदीदा के पति शियास पेरुमथुरा हैं। वही लदीदा, जिसने दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया में विरोध के दौरान इन दोनों ने ‘जिहाद’ का आह्वान किया था, जिसके बाद यह विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया था।

लदीदा ने अपने एक पोस्ट में खुले तौर पर ’जिहाद’ का आह्वान किया था और कहा था कि लोगों को “हमारे जिहाद के बारे में सीखना चाहिए।” अप्रैल 2018 से उसकी एक अन्य पोस्ट में वह भारत को ‘मिडिल फिंगर’ दिखाते हुए देश का अपमान करती हुई नजर आई थी।

बता दें कि 1981 में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से अलग होने के बाद 1982 में जमात-ए-इस्लामी द्वारा SIO की स्थापना की गई थी।

गौरतलब है कि SIO महाराष्ट्र के प्रमुख सलमान अहमद को दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों से पहले फरवरी में नांदेड़ में एक CAA विरोधी सभा के दौरान भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

बंगाल: कोरोना संकट के बीच 354 नर्सों ने निजी अस्पतालों से दिया इस्तीफा, अपने गृह राज्यों को लौटीं

पश्चिम बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हफ्तेभर में 300 से अधिक नर्सों ने निजी अस्पतालों से इस्तीफा दिया है। त्यागपत्र देने वाली मणिपुर समेत देश के अन्य हिस्सों की नर्सें अपने घरों के लिए लौट गई हैं। इसके बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने का अंदेशा बढ़ गया है।

स्वराज्य की रिपोर्ट के मुताबिक निजी अस्पतालों के सूत्रों ने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में करीब 185 नर्सें मणिपुर रवाना हुईं। शनिवार (16 मई, 2020) को 169 नर्सों ने नौकरी छोड़ दी। इनमें 92 मणिपुर, 43 त्रिपुरा, 32 ओडिशा और दो झारखंड की रहने वाली नर्सें अपने घरों के लिए लौट गईं।

अब इस मामले को लेकर एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटल्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया (एएचईआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को पत्र लिखा है और इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की है। एचईआई अध्यक्ष प्रदीप लाल मेहता ने मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में कहा है कि वे क्यों जा रही हैं, इसकी सही वजह नहीं पता। फिर भी हमने अन्य नर्सों से पता किया कि मणिपुर सरकार उन्हें आकर्षक पेशकश कर रही है।

वहीं मणिपुर के मुख्यमंत्री नांगथोमबम बीरेन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से इस तरह की कोई सलाह जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा, “हम किसी को वापस आने को नहीं बोल रहे हैं। कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई में मरीजों की सेवा करते हुए हम उन पर गर्व महसूस करते हैं। हमने पहले ही कहा था कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए उन्हें मुआवजा देंगे और पुरस्कृत करेंगे।”

मणिपुर रवाना होने वाली एक नर्स ने कहा, “सुरक्षा चिंताओं और माता-पिता के दबाव की वजह से हम नौकरी छोड़ रहे हैं। माता-पिता चिंतित हैं और हम तनावग्रस्त हैं, क्योंकि यहाँ मामले हर दिन बढ़ रहे हैं। हमारा हरा-भरा राज्य है और हम वापस जाने की इच्छा रखते हैं। हमारी सरकार मदद कर रही है। परिवार और माता-पिता हमारी प्राथमिकता हैं।”

एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पहले से ही अस्पतालों में नर्सों की कमी है और ऐसे में इन नर्सों के चले जाने से एक बड़ी समस्या पैदा होगी।

आपको बता दें कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में कोरोना से मरने वालों की संख्या 232, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 2576 हो गई है।

बीजेपी नेता अपूर्वा सिंह को लेकर गंदी बातें, अश्लील टिप्पणी करने वाले ज्यादातर हैंडल मुस्लिम नाम वाले

ऑनलाइन हराशमेंट के ताजे मामले में भाजपा की एक युवा नेता को बहुत ही बेशर्म तरीके से प्रताड़ित करने के लिए कई सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा उन पर अश्लील टिप्पणियाँ की गई। साथ ही भाजपा नेता अपूर्वा सिंह की एडिट की हुई अश्लील फोटोज भी शेयर किए गए। गौरतलब है कि उन्हें निशाना बनाने वाले अधिकतर ट्विटर हैंडल्स मुस्लिमों के थे।

बीजेपी आईटी सेल की सह-संयोजक युवा नेता अपूर्वा सिंह ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और इस्लामवादी समर्थकों ने उन्हें प्रताड़ित करने के लिए सोशल मीडिया पर उनकी मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं।

भाजपा नेता अपूर्वा सिंह ने ट्विटर पर कहा कि विपक्षी दलों के समर्थक, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोग किसी और की पोर्नोग्राफिक अश्लील फोटोज़ मेरे साथ लगा कर, मेरी व्यक्तिगत तस्वीर बता कर सोशल मीडिया में शेयर कर रहे हैं। साथ ही मेरे चरित्र को कलंकित करने के लिए कई मनगढंत झूठे दावे भी कर रहे हैं।

अपूर्वा सिंह ने अपनी शिकायत पर कार्यवाही न करने के लिए पुलिस अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी निराशा व्यक्त की, जो उन्होंने दो महीने पहले दर्ज कराई थी। 19 मार्च, 2020 को अपूर्वा सिंह ने सोशल मीडिया हैंडल पर कई अश्लील तस्वीरें सामने आने बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। ये शिकायत स्पेशल सेल, दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई थी।

साथ ही बीजेपी युवा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अपने खिलाफ आ रही अश्लील तस्वीरों को शेयर किया।

अपूर्वा सिंह (ट्विटर हैंडल)

इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित पार्टी के कई युवा नेता भी अपूर्वा सिंह के समर्थन में खड़े हो गए हैं और उन्होंने दिल्ली पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।

लॉकडाउन 4 के लिए गाइडलाइन जारी: फ्लाइट और मेट्रो का परिचालन नहीं, आपसी सहमति से बस चला सकेंगे राज्य

देश में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चौथे लॉकडाउन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के तहत लॉकडाउन 4 में राज्य सरकारों को अधिकार दिए गए हैं कि वे संक्रमण के मामलों को ध्यान में रखते हुए अपने राज्य में ग्रीन, ऑरेंज, रेड और कंटेनमेंट जोन तय करें।

गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि 31 मई तक सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें कैंसिल रहेंगी। स्‍कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। धार्मिक स्‍थल, शॉपिंग मॉल्‍स, स्‍टेडियम, व्‍यवसायिक केंद्र बंद रहेंगे।

इस लॉकडाउन में सरकार ने एक राज्य से दूसरे राज्यों के बीच बसें और यात्री गाड़ियों को चलाए जाने की अनुमति दी है। लेकिन बसों या गाड़ियों को चलाने के लिए दोनों राज्यों की सहमति जरूरी होगी। ये व्यवस्था विशेष तौर पर फँसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिए की गई है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, किसी बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएँ और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे 31 मई तक घर पर रहेंगे, केवल आवश्यक और स्वास्थ्य कारणों के लिए ही बाहर निकलेंगे।

लॉकडाउन के दौरान सभी गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच कर्फ्यू जारी रहेगा।

इसके साथ ही जिला अधिकारियों से कहा गया है कि वे सभी को मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप्लिकेशन इंस्टॉल करने और नियमित रूप से ऐप पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को अपडेट करने की सलाह दें। इससे उन व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होगी जो जोखिम में हैं।

सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल, धार्मिक स्थल और इसी तरह के स्थान 31 मई तक पूरे देश में बंद रहेंगे।

स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांपलेक्स खुल सकते हैं। लेकिन दर्शकों की अनुमति नहीं होगी। देश भर में घरेलू चिकित्सा सेवाओं, घरेलू एयर एम्बुलेंस और सुरक्षा उद्देश्यों या गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गए कार्यों के लिए उड़ान को छोड़कर सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा बंद रहेंगी।

मेट्रो और रेल सेवाओं पर पाबंदी जारी रहेगी। गौरतलब है कि रेलवे ने विशेष तौर पर चलाई जा रही राजधानी स्पेशल और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को छोड़ कर पहले ही सभी मेल, एक्सप्रेस और सबरबन ट्रेनों को 30 जून तक के लिए कैंसिल कर दिया है।

देश में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, उससे लॉकडाउन का बढ़ना लाजिमी माना जा रहा था। कई राज्यों ने इसके लिए तैयारी भी कर ली थी। पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने पहले ही 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 90 हजार के पार पहुँच चुकी है। 2800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्र ने लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में राज्यों से सुझाव माँगे थे। शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। इसमें सभी राज्यों से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद लॉकडाउन-4 के लिए दिशा-निर्देशों का खाका तैयार किया गया। ज्यादातर राज्यों ने इस महीने के आखिर तक लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में चौथे चरण की लॉकडाउन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन का चौथा चरण नए रंग-रूप वाला होगा।

भगोड़े इस्‍लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के पीस टीवी पर ब्रिटेन में 3 लाख पाउंड का जुर्माना, नफरत फैलाने का दोषी

विवादित इस्लामिक उपदेशक और भारत के भगोड़े जाकिर नाइक के चैनल पीस टीवी और पीस टीवी उर्दू पर ब्रिटेन ने तीन लाख पाउंड (लगभग पौने दो करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना ब्रिटेन में मीडिया पर निगरानी रखने वाले नियामक ‘ऑफकॉम’ ने की है।

ऑफकॉम ने देश में ‘नफरत फैलाने वाले भाषण’ और ‘अत्यधिक आपत्तिजनक’ विषयवस्तु प्रसारित करने के मामले में पीस टीवी पर तीन लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक ऑफकॉम ने प्रसारण संबंधी उसके नियम तोड़ने पर पीस टीवी उर्दू के लाइसेंस धारकों पर दो लाख पाउंड और पीस टीवी पर एक लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है।

ऑफकॉम ने कहा, “हमारी जाँच में यह पाया गया है कि पीस टीवी उर्दू और पीस टीवी पर प्रसारित कार्यक्रमों में नफरत फैलाने वाले भाषण और अत्यधिक आपत्तिजनक विषयवस्तु दिखाई गई है। इससे अपराध भड़कने की भी आशंका थी।”

ऑफकॉम ने एक अन्य बयान में कहा, “हम इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि यह सामग्री प्रसारण संबंधी हमारे नियमों का पालन करने में गंभीर असफलताओं को दर्शाती है और इसके लिए जुर्माना लगाए जाने की आवश्यकता है। ऑफकॉम ने आज पीस टीवी उर्दू के लाइसेंस धारकों पर 200,000 पाउंड और पीस टीवी पर 100,000 पाउंड का जुर्माना लगाया है।”

जानकारी के मुताबिक पीस टीवी पर ‘लॉर्ड प्रॉडक्शन लिमिटेड’ का मालिकाना हक है और पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस ‘क्लब टीवी’ के पास है। दोनों की मूल कंपनी ‘यूनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड’ है, जिसका मालिक 54 वर्षीय जाकिर नाइक है।

भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्‌टरता को बढ़ाने के आरोप में केस दर्ज है। गिरफ्तारी की डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएँ आहत करने का भी आरोप है।

मलेशिया में नाइक ने एक भड़काऊ भाषण दिया था। उसने कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मजहब विशेष के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं।

हाल ही मेंं विवादित इस्लामिक उपदेशक ने इस्लामी देशों को राय देते हुए कह रहा था कि उन्हें लिस्ट बनाकर दूसरे धर्म के भारतीयों पर जो इस्लाम के खिलाफ बोलते या लिखते हैं अपने देश में कार्रवाई करनी चाहिए।

जाकिर नाइक को एक वीडियो में कहते हुए सुना गया, “मैं ये सुझाव देता हूँ कि सिर्फ इस्लामी देश ही क्यों, भारत में भी जो दूसरे धर्म वाला इस्लाम पर उँगली उठाता है, तो उसका डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए। भारत में इस्लाम पर उँगली उठाने वाले मुख्य रूप से बीजेपी से जुड़े लोग हैं और उनमें से ज्यादातर लोग पैसे वाले हैं।”

गुजरातः रेड जोन में लगे बैरियर हटाने से रोका तो पुलिसकर्मियों पर किया पथराव, 68 लोग गिरफ्तार

देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। लेकिन इस बीच लगातार आम लोगों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आती रही है।

ताजा मामला गुजरात से है। गुजरात के राजकोट में एक कॉलोनी के निवासियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। ये लोग अपने इलाके में लगे हुए बैरिकेड हटा रहे थे। जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया, इनके ऊपर पथराव करना शुरू कर दिया।

ये घटना शनिवार (मई 16, 2020) रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुजरात के राजकोट जिले के एक कंटेनमेंट जोन में कुछ लोगों ने पुलिस को निशाना बनाया। ये लोग इलाके में लगे बैरिकेड हटा रहे थे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश तो गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।

बता दें कि इस इलाके से बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आए थे। जिसके बाद इसे ‘रेड जोन’ में शामिल किया गया था। रेड जोन के तहत यहाँ बैरिकेडिंग की गई थी। ऐसे में जब आस-पास के लोग इसे हटाने लगे तभी पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प शुरू हो गई।

इस दौरान पुलिस को आँसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज भी किया। भक्तिनगर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर वी के गढ़वी ने बताया कि यहाँ के लोग गुस्साए हुए थे कि बैरिकेडिंग नहीं हटाई जा रही जबकि कुछ दूसरे कंटेनमेंट जोन से बैरिकेड खोल दिए गए थे।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल हालात नियंत्रण में है। कानून और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी 68 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस के ऊपर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया गया है। पिछले दिनों कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस पर कुछ युवकों ने डंडे और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। जिसमें दो महिला कांस्टेबल, 3 दरोगा समेत 7 लोग घायल हो गए

इससे पहले गुजरात के ही गोधरा में कंटेनमेंट जोन सील करने पहुॅंची पुलिस पर पथराव किया गया था। वहीं असम की एक मस्जिद में पुलिस ने जब लोगों को सामूहिक रूप से नमाज अदा करने से रोका तो उन्होंने हमला कर दिया। हमले में पॉंच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि गोधरा में एक अधिकारी के घायल हो गए थे।

डोडा में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी ताहिर अहमद भट को सेना ने किया ढेर, ऑपरेशन खत्म, जनवरी से ही थी तलाश

जम्मू कश्मीर के डोडा में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ खत्म हो गई है। सेना ने इस मुठभेड़ में हिजबुल के आतंकियों को मार गिराया। सेना ने एक आतंकी की पहचान कर ली है, ये शख्स ताहिर अहमद भट है।

जम्मू के पुलिस निरीक्षक मुकेश सिंह ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया, “कल रात हमें डोडा में आतंकवादी ताहिर अहमद भट की उपस्थिति के बारे में जानकारी मिली। हम जनवरी 2020 से इस आतंकवादी की तलाश में थे, जब हमने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी हारून को मार गिराया था। हारून के बाद, भट यहाँ आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था।” 

उन्होंने आगे कहा, “एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया था। पूरे गाँव में घेराबंदी की गई। आतंकवादियों ने एक घर से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। 5 घंटे तक मुठभेड़ जारी रही और मुठभेड़ के दौरान ताहिर अहमद भट मारा गया। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।”

मुकेश सिंह ने बताया कि लगातार कोशिशों के बाद उन्हें ताहिर अहमद के बारे में सही जानकारी मिली। इसके बाद देर रात पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और एसएसबी की मदद से घेराबंदी की गई और पूरे गाँव को सील कर दिया गया।

वो आगे कहते हैं, “आतंकी की तलाश करते हुए हमलोग सुबह 7:00 बजे उस घर में पहुँच चुके थे, जहाँ से आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की थी। यह मुठभेड़ पाँच घंटे तक जारी रही और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी ताहिर अहमद भट को मार गिराया गया।”

उसके पास से एक एके-47 और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। वह पिछले साल की शुरुआत में सक्रिय हुआ था। 2019 में बनिहाल के CRPF कैंप में ब्लास्ट हुए IED ब्लास्ट की साजिश में भी वह शामिल था। इसके अलावा वो RSS कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा और किश्तवाड़ में उनके PSO की हत्या में भी शामिल था। और वह हिजबुल मुजाहिदी ग्रुप का सदस्य था, जिसने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

जम्मू के पुलिस निरीक्षक ने आगे कहा, “ताहिर को मारना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है और डोडा को अब वहाँ मौजूद किसी भी आतंकवादी से मुक्त करार दिया जा सकता है। हम घर का मलबा साफ कर रहे हैं। हम मलबे को साफ करने के बाद किसी अन्य आतंकवादी की उपस्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दे पाएँगे।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों सेना ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के सबसे बड़े आतंकी रियाज नायकू को मार गिराया था। वो हिजबुल का मुखिया था और सारी आतंकी गतिविधयों को संचालित करता आ रहा था। 

हिजबुल मुजाहिद्दीन के कंमाडर रहे आतंकी रियाज नायकू के मारे जाने के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन ने गाजी हैदर को कश्मीर का नया कमांडर बनाया है। इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय सेना ने इसके अंत की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।

गाजी हैदर को कश्मीर का कंमाडर बनाए जाने पर लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने ट्वीट करते हुए लिखा, “कितने गाजी आए और कितने गाजी गए।” 

गढ़चिरौली में नक्सलियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए सब-इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल, तीन अन्य जवान घायल

इस बार खबर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से सामने आई है, जहाँ नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल वीरगति को प्राप्त हो गए। इस मुठभेड़ में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दरअसल, पुलिस की एक टीम ने नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान शुरू किया था।

खबर के मुताबिक महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ तहसील में रविवार (17 मई, 2020) की सुबह को पुलिस की क्विक रेस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को भामरागढ़ तहसील के पोरयकोटी-कोरपर्शी जंगलों में नक्सलियों के होने की सूचना मिली थी। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस की क्विक रेस्पॉन्स टीम ने नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान शुरु कर दिया।

पुलिस की घेराबंदी को देख नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग फायरिंग शुरू कर दी और फायरिंग की आड़ में मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों का पीछा किया, लेकिन इसी बीच QRT के पुलिस उपनिरीक्षक धनाजी होमणे और जवान किशोर आत्राम वीरगति को प्राप्त हो गए। नक्सलियों के साथ चली मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि नक्सली मुठभेड़ के बाद पोरयकोटी-कोरपर्शी जंगल में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा इस इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों के जवानों को भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है उनकी हालत अभी स्थिर बनी हुई है।

आपको बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 11 मई, 2020 दोपहर को छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स, डीआरजी और सीआरपीएफ की कुछ टीमें जंगल में नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही थी। इसी बीच उरीपाल गाँव के पास जंगलों में छिपे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इस हमले में सीआरपीएफ के जवान मुन्ना यादव वीरगति को प्राप्त हो गए।

वहीं छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले में 8 मई, 2020 को नक्सलियों और पुलिस के बीच घंटों चली मुठभेड़ में चार नक्सलियों को ढेर कर मदनवाड़ा थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर श्यामकिशोर शर्मा वीरगति को प्राप्त हो गए थे। पुलिस ने चारों नक्सलियों के शवों को बरामद कर उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। बरामद किए गए चार नक्सलियों के शवों में दो महिलाओं के शव भी शामिल थे।

कर्नाटक: होटल स्टाफ पर थूकने, गाली-गलौज के आरोप में पुलिस ने सलीम को दबोचा, निकला हत्या आरोपित

कोरोना संकट के बीच जगह-जगह से थूकने और उपद्रव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। इसी तरह की एक घटना शुक्रवार (मई 15, 2020) को कर्नाटक से सामने आई। कर्नाटक के हुबली इलाके में एक शख्स को होटल स्टाफ के साथ बदतमीजी करने और थूकने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

हालाँकि, जब पुलिस ने आरोपित शख्स सलीम बेल्लारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो एक नया ही खुलासा हुआ। दरअसल वह उपद्रवी सलीम हत्या आरोपित निकला।

कसाबपेट पुलिस ने बताया कि सलीम ने शुक्रवार शाम को शराब पी रखी थी। इसी अवस्था में भोजन की तलाश में बाहर निकला था। मगर लॉकडाउन के दिशा निर्देशों के मद्देनजर सभी होटल 7 बजे तक बंद हो गए थे।

इसके बावजूद सलीम ने एक होटल के पास जाकर उसके स्टाफ से खाना देने के लिए कहा। होटल स्टाफ ने ये कहते हुए इनकार कर दिया की होटल बंद हो चुका है। कर्मचारियों के इतना कहते ही सलीम उस पर भड़क उठा और उसके साथ गाली-गलौज करने लगा।

इतनी ही नहीं कथित तौर पर सलीम ने होटल के स्टाफ के ऊपर थूकने की भी कोशिश की। होटल के स्टाफ ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सलीम को हिरासत में ले लिया

पुलिस को हत्या आरोपित सलीम बेल्लारी की तलाश नवंबर से थी। पुलिस ने बताया कि सलीम नवंबर में कलबुर्गी इलाके में हुए एक हत्याकांड का आरोपित है। जानकारी के मुताबिक उसने बेल पर बाहर आए कलबुर्गी के एक शख्स की हत्या की थी और फरार हो गया था। हत्या के बाद सलीम नेकर नगर में छिपा हुआ था। अब पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच की जा रही है।

बता दें कि कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच थूकने के कई सारे मामले सामने आए हैं। पिछले दिनों तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के महात्मा गाँधी मेमोरियल हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में एक कोरोना संक्रमित मरीज ने नर्स के ऊपर थूक दिया था। उस पर केस दर्ज कर लिया गया था।

मामले पर पुलिस ने कहा था कि फिलहाल जिस तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की कोशिश की जा रही है, ऐसे में इस तरह से किसी के ऊपर थूकना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

वहीं राजस्थान का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें महिलाएँ पॉलिथीन में थूककर उसे लोगों के घरों में फेंकती नजर आ रही थी। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। मगर बावजूद इसके यहाँँ लोग थूकने से बाज नहीं आ रहे।

छात्रों-अध्यापकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अश्लील मैसेज-वीडियो भेजने के आरोप में इंजमामुल और रहमत गिरफ्तार, फिरोज फरार

झारखंड में विद्यार्थियों और शिक्षकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में शनिवार (मई 16, 2020) को दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

जेल भेजे गए दोनों आरोपितो के नाम इंजमामुल हक उर्फ बादशाह खान (20 वर्ष) और रहमत अली (21 वर्ष) है। फिलहाल इनका एक आरोपित साथी फरार है, जिसका नाम फिरोज गोप है। इनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

दोनों आरोपितों को चाईबासा के राजकीय प्लस 2 उच्च विद्यालय मझगाँव के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेन्द्र कुमार तिवारी की लिखित शिकायत पर गिरफ्तार किया गया। इन दोनों पर स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थियों का नंबर लेकर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और फिर उसमें अश्लील मैसेज एवं वीडियो भेजने का आरोप है।

दरअसल, इन दिनों लॉकडाउन की वजह से हर जगह स्कूल-कॉलेज बंद हैं। जिसकी वजह से आजकल हर जगह ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं और इन्हीं बातों से जुड़ी हर तरह की जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इंजमामुल हक, रहमत अली और फिरोज गोप ने मिलकर ‘मिया खलीफा पॉश’ नाम का नया व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इसके बाद उन तीनों ने 14 मई को हाईस्कूल के एक छात्र मोजाबिर से सभी छात्रों और शिक्षकों का नंबर लिया।

चूँकि, मोजाबिर हाई स्कूल का छात्र था, तो वह भी एक स्कूल के एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था, तो उसने सभी का नंबर इन तीनों को दे दिया। जिसके बाद इन तीनों आरोपितों ने 15 मई को स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को उस ग्रुप में जोड़ा।

इसके बाद उन तीनों ने ग्रुप में अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने शुरू कर दिए। जिस पर कई शिक्षकों ने आपत्ति जताई। प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेन्द्र कुमार तिवारी ने फौरन इसकी सूचना मझगाँव थाने में दी।

जानकारी के मुताबिक इंजमामुल हक ने राजकीयकृत प्लस-2 हाईस्कूल से 2019 में मैट्रिक परीक्षा दी थी। लेकिन फेल हो गया। अब दूसरी बार मैट्रिक परीक्षा देने की तैयारी कर रहा है। इस व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन इंजमामुल हक, रहमत अली और फिरोज गोप है। पुलिस ने फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरे आरोपित की तलाश जारी है। साथ ही मौबाइल को भी जब्त कर लिया गया है।