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मस्जिद-मदरसा, नेपाल, पाकिस्तान: जालिम मुखिया का भारत में ‘कोरोना जिहाद’ का प्लान

भारत में कोरोना फैलाने की एक साजिश नेपाल में रची जाने का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की शह पर ऐसा किया जा रहा है। इसका पूरा प्लान जालिम मुखिया ने तैयार किया है। जालिम हथियारों का तस्कर है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीति में भी सक्रिय है।

जालिम की योजना भारत में नेपाल की सीमा से कोरोना पॉजिटिव लोगों की एंट्री कराने की है। इसके लिए मजहब विशेष के करीब तीन सौ लोग नेपाल के चंदनबसरा तथा खैरवा की मस्जिद और मदरसे में जमा हैं। इनमें कुछ भारतीय हैं। कुछ पाकिस्तानी। जो भारतीय मस्जिद में जमा हैं वे अलग-अलग इस्लामी मुल्कों में काम करते हैं।

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की एक रिपोर्ट यह पूरी साजिश सामने आई है। एसएसबी ने बेतिया प्रशासन को इसकी जानकारी देते हुए अलर्ट कर दिया है। इस खुलासे के बाद पूरा तंत्र हरकत में आ गया है और भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

एसएसबी की 47वीं वाहिनी के कमाण्डेन्ट ने 3 अप्रैल को पश्चिम चंपारण, बेतिया के डीएम और एसपी को पत्र लिखकर अलर्ट किया कि जालिम मुखिया भारत में कोरोना (COVID-19) महामारी फैलाने की योजना बना रहा है। जालिम नेपाल के परसा जिले के सेरवा थाने के जानकी टोला पोस्ट ऑफिस के तहत जगनाथपुर गॉंव का रहने वाला है। बताया जाता है कि वह परसा जिले के जगन्नाथपुर का मेयर भी है।

रामगढ़वा में तैनात एसएसबी के कमाण्डेन्ट ने डीएम और एसपी को लिखे अपने पत्र में आगाह करते हुए कहा है विभिन्न इस्लामी मुल्कों काम करने वाले करीब 200 भारतीय और 5-6 पाकिस्तानी काठमांडू के जरिए नेपाल पहुँच चुके हैं। नेपाल के चंदनबसरा तथा खैरवा की मस्जिद और मदरसे में रुके हुए हैं। 3 अप्रैल को लिखे गए इस पत्र में उस दिन भी 40-50 और समुदाय विशेष के भारतीयों के यहाँ पहुँचने की बात कही गई है।

पत्र में कहा गया है कि भारत में घुसने की फिराक में बैठे ये संदिग्ध पेरासिटामोल खा रहे हैं जिससे कोरोना जाँच के दौरान खुद को छुपा सकें। इस पत्र के बाद पश्चिमी चम्पारण के डीएम ने जिले के एसपी को 7 अप्रैल को एक पत्र लिखा। इसमें एसएसबी के कमाण्डेन्ट द्वारा दी गई सूचना का हवाला देते हुए भारत-नेपाल सीमा पर यथोचित सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए। डीएम ने एसपी को लिखे अपने पत्र में भारत के दूसरे मजहब के 40-50 संदिग्ध लोगों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने की सूचना मिलने की भी बात कही है।

इन दोनों पत्रों में जिस नेपाल निवासी जालिम मुखिया का जिक्र है, वह पहले भी भारत-नेपाल सीमा से हथियारों की अवैध सप्लाई और FICN तस्करी में शामिल रहा है।

इस पूरे मामले पर बिहार के अपर मुख्य सचिव आमिर सुहबानी का स्टेटमेंट आ चुका है जिसमें उन्होंने कहा है कि एसएसबी ने सिर्फ घुसपैठ को लेकर आशंका जताई है। अभी कोई घुसपैठ हुई नहीं है। अपर सचिव ने आगे कहा है कि इस बाबत हमने पुलिस को अलर्ट कर दिया है और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है। हम किसी को सीमा पार नहीं करने देंगे।

इससे पहले आज शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने तबलीगी जमात पर एक गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन जमातियों का उद्देश्य पूरे देश में 1 लाख से ज्यादा लोगों को मारने का था। उनका आरोप है कि जमात इस समय मलेशिया में छिपे भगोड़े जाकिर नाइक की बी टीम की तरह काम कर रही है। जमातियों की मदद से उसने भारत में आत्मघाती हमले की साजिश रची है। गुरुवार को दिए इस बयान को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने किस आधार पर बोला, ये निश्चित ही पड़ताल के बाद मालूम होगा। लेकिन अभी उनके इस खुलासे ने हलचल मचा दी है।

उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि इस साजिश में मलेशिया में रह रहे जाकिर नाइक भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मलेशिया के जमाती मिल रहे हैं, उससे जाकिर नाइक की साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि तबलीगी जमात जाकिर नाइक की बी टीम की तरह काम कर रहा है।

याद रहे कि देश में कोरोना संक्रमित मामलों में से एक तिहाई से ज्यादा मामले तबलीगी जमात के लोगों से संबंधित हैं। तबलीगी जमात का दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज देश में कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। यहॉं मजहबी आयोजन में शरीक होने के बाद जमात के सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में गए। देश के कई राज्यों में जमात से जुड़े मौलवी मस्जिदों में छिपे मिले हैं।

सीमा पार आतंकियों के लॉन्च पैड और गोला-बारूद के ठिकाने तबाह: भारतीय सेना के पराक्रम का Video

कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन का भारतीय सेना ने मुॅंहतोड़ जवाब दिया है। बेहद सटीकता से नियंत्रण रेखा के उस पार बने आतंकियों के लॉन्च पैड और गोला-बारूद के ठिकाने को निशाना बनाया। श्रीनगर स्थित डिफेन्स के प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले में इसने दुश्मन को भारी नुकसान पहुँचा है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने ड्रोन द्वारा शूट किया वीडियो भी ट्वीट किया है। इसमें साफ़ नजर आ रहा है कि भारतीय सेना ने किस सटीकता से पाकिस्तान स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना महामारी के समय पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम के उल्लंघन के बाद आज भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित सैन्य ठिकानों और आतंकी लॉन्च पैड्स पर बेहद सटीक हमले किए। पाकिस्तान से बड़ी संख्या में जान-माल के नुकसान की सूचना आ रही है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पाकिस्तान ने केरन सेक्टर पर सीज फायर का उल्लंघन किया। शाम करीब 6 बजे तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्च पैड और गोला-बारूद रखने की जगह को तबाह कर दिया।

याद रहे कि कोरोना संकट के समय भी पाकिस्तान और उसके हिमायती अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। दो दिन पहले बुधवार को सुरक्षाबलों ने आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद एक स्थानीय आतंकी सज्जाद डार को मार गिराया था। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि बारामुला जिले के सोपोर इलाके में जैश के तीन से चार आतंकी छिपे हैं। इस पर सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स, 179 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों ने सोपोर, आरमपुरा के गुलबड़ इलाके की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था। करीब 14 घंटे तक इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद आतंकियों के साथ शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकी सज्जाद डार को मार गिराया था।

वासु यादव ने देवी-देवताओं की अश्लील तस्वीरें शेयर की, खोज रही उन्नाव पुलिस

सोशल मीडिया पर अक्सर हिन्दू-देवी देवताओं का भद्दा चित्रण कर हिंदुओं की आस्था पर प्रहार किया जाता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें वासु यादव नाम के एक फेसबुक अकाउंट से हिन्दू देवी-देवताओं के अश्लील चित्र बनाकर बेहूदा सन्देशों के साथ पब्लिश किया गया था।

ट्विटर पर इन तस्वीरों को अभय पंडित नाम के शख्स ने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ ही उन्नाव पुलिस को भी टैग किया। उन्नाव पुलिस ने फौरन संज्ञान लेते हुए लिखा, “उक्त आईडी/अकाउंट के विरुद्ध साइबर सेल द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।”

वासु यादव नाम के शख्स ने फेसबुक अकाउंट में अपनी लोकेशन कराची, पाकिस्तान बताई है। उसने इस अकाउंट पर हिंदुओं की आस्था पर चोट करते हुए काली, दुर्गा और भगवान शिव की तस्वीरों को अश्लीलता से पेश किया है।

यह पहली बार नहीं है जब सोशल मीडिया पर हिन्दू देवी-देवताओं का उपहास बनाया गया हो या फिर उन्हें अपमानित किया गया हो। पहले भी ऐसे कई प्रयास वामपंथी मीडिया या फिर वामपंथी उदारवादियों के ‘कलाकारों’ द्वारा कई बार किए गए हैं। इसके उलट अन्य किसी मजहब का महज जिक्र कर देने पर भी इस्लामोफोबिया जैसे विशेषण आरोपित कर दिए जाते हैं।

असहिष्णुता के इस दौर में देखा जा सकता है कि मात्र तबलीगी जमात के कारनामों पर रिपोर्ट करने वालों को भी इस्लाम-विरोधी साबित करने के कई प्रयास किए जा रहे हैं।

तमिलनाडु में तबलीगी जमात के मदरसे पर छापा, 5 देशों के मौलवी बरामद

तमिलनाडु के मइलादुथुराई के पास निदुर में तबलीगी जमात से जुड़े एक मदरसे पर पुलिस ने छापा मारा। 12 मौलीवी यहॉं छिपे मिले। इनमें 5 फ्रांस, 3 कैमरून, 1 कांगो, 1 बेल्जियम और 1 बांग्लादेश का नागरिक है। इन सभी के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं।

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे बड़ा स्रोत बन चुके यह तबलीगी जमात सबके आश्चर्य का विषय बन गया है। ट्विटर यूजर्स ने इस पर हैरानी जताते हुए लिखा है कि यह चैंकाने वाली बात है कि यदि कोरोना वायरस नहीं आता तो शायद इनके बारे में कभी किसी को कोई खबर भी नहीं होती।

आज ही मध्यप्रदेश में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए तबलीगी जमात के 64 विदेशी सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने तबलीगी जमात के 64 विदेशी सदस्यों, संगठन से जुड़े 10 भारतीयों, और 13 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने भोपाल में इनकी मदद की है।

यदि तमिलनाडु की ही बात करें तो आज वहाँ कोरोना वायरस से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिससे राज्य में इस महामारी से मरने वालों की संख्या नौ हो गई। साथ ही, 77 लोग इस बीमारी से संक्रमित पाए गए हैं जिससे संक्रमण की कुल संख्या 911 हो गई है।

तमिलनाडु में कल 24 घंटे में 96 नए केस सामने आए, जिसमें से 84 मामले सिर्फ दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों से जुड़े हुए लोगों के हैं।

तबलीगी जमात का दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज देश में देश में कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। यहॉं मजहबी आयोजन में शरीक होने के बाद जमात के सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में गए। देश के कई राज्यों में जमात से जुड़े मौलवी मस्जिदों में छिपे मिले हैं। पुलिस के साथ ही अब हाईकोर्ट भी इनसे सख्ती से निपटने के निर्देश दे रहा है।

उर्वशी रौतेला ने अनजाने में बता दी उद्धव ठाकरे की पुलिस की एक ही ट्वीट वाली स्कीम? लगता तो यही है!

कोरोना महामारी से अब तक देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। संक्रमण और मौतें दोनों सबसे ज्यादा रही है। इस हालात के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को प्रशासनिक कार्यों का अनुभव न होना भी बताया जाता है। इन आरोपों के बीच एक मार्केटिंग कैम्पेन लॉन्च किया गया है जो यह बताता कि किस प्रकार उद्धव बेस्ट सीएम हैं और कोरोना महामारी से बेहद कारगर तरीके से निपट रहे हैं। इस तरह के पीआर कैम्पेन के विषय में अभी जहाँ हवा ही चलना शुरू हुई थी, फिल्म एक्ट्रेस और मॉडल उर्वशी रौतेला के एक ट्वीट ने इन अफवाहों में घी डालने का काम किया है।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने हाल ही के एक आर्टिकल में लिखा था कि जब ट्विटर पर कुछ भी ट्वीट करने की बात होती है तो किस प्रकार उर्वशी रौतेला एक आदतन ‘प्लेगिअरिस्ट’ हैं। आर्टिकल कहता है कि उर्वशी अमूमन सिद्धार्थ मल्होत्रा के ट्वीट “चुरा” लेती हैं।

आर्टिकल लिखता है: एक्टर उर्वशी रौतेला ने निश्चित ही कोई सबक नहीं सीखा है। एक यूएस लेखक के द्वारा ‘पैरासाइट’ नामक मूवी पर अपने ट्वीट को उर्वशी रौतेला द्वारा चुरा लिए जाने का आरोप लगाने के बाद, एक्टर पर फिर किसी के ट्वीट को चोरी करने का आरोप लगा है। इस बार उर्वशी ने एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा के उस ट्वीट को चुराया है जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस लॉकडाउन को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किए जाने पर मुम्बई पुलिस की तारीफ़ की थी। सिद्धार्थ ने ट्वीट किया था,“यह समय है जब हमें हृदय से मुम्बई पुलिस को धन्यवाद कहना चाहिए, जो अपने घर परिवार से दूर रह हमारी और हमारे समाज की रक्षा के लिए अनथक प्रयास में जी जान से जुटे हैं.. आप लोग सच्चे हीरो हैं #ThankYouMumbaiPolice

सिद्धार्थ मल्होत्रा का ट्वीट जो मुम्बई पुलिस के पीआर कैम्पेन का हिस्सा भी हो सकता है

जिन ट्वीट्स का हिन्दुस्तान के आर्टिकल में जिक्र किया गया है वो अभी एक हैशटैग #ThankYouMumbaiPolice के साथ ट्ववीट किए गए हैं, जिसके अंतर्गत कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज ने ट्वीट किए।

उर्वशी ने जो ट्वीट “कॉपी किया” वह बिलकुल सिद्धार्थ के ट्वीट के समान था, समान हैशटैग #ThankYouMumbaiPolice के साथ। उर्वशी ने ट्वीट किया था, “यह समय है जब हमें हृदय से मुम्बई पुलिस को धन्यवाद कहना चाहिए, जो अपने घर परिवार से दूर रह हमारी और हमारे समाज की रक्षा के लिए अनथक प्रयास में जी जान से जुटे हैं ।”

उर्वशी ने जो ट्ववीट किया वह मुम्बई पुलिस के पीआर कैम्पेन का हिस्सा भी हो सकता है

हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि उर्वशी ने सिद्धार्थ के ट्वीट से सिर्फ एक लाइन हटा कर, बाकी सब कॉपी कर ली है। यह उर्वशी रौतेला को अच्छी नहीं लगी और उसने अपना बचाव करते हुए शायद महाराष्ट्र सरकार के पीआर कैम्पेन की पोलपट्टी खोल के रख दी। उर्वशी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को टैग करते हुए लिखा कि यह महत्वपूर्ण समय है और बेहतर है कि तुम लोग अच्छे कंटेंट पर फोकस करो न कि मुझ पर। दूसरी बात यह ट्वीट मुझे और सिद्धार्थ दोनों को मुम्बई पुलिस ने ही उपलब्ध करवाया है जिसे हमें पोस्ट करना था, यहाँ किसी ने किसी का पोस्ट कॉपी नहीं किया।

ट्वीट जिसने मुम्बई पुलिस के पीआर कैम्पेन को उजागर कर दिया

इस ट्वीट से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मुम्बई पुलिस सरकार की साख बचाने के लिए एक पीआर कैम्पेन चला रही है। इससे पहले भी बॉलीवुड सेलेब्रिटीज पर उद्धव ठाकरे के पक्ष में पेड ट्वीट करने के आरोप लगे थे, हालाँकि opindia इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता। उर्वशी का ताजा ट्वीट जहाँ इस बात की पुष्टि करता है कि यह एक कोऑर्डिनेटेड प्रयास है, पर इसके प्रमाण नहीं मिलते कि ये ‘पेड’ हैं या नहीं।

वहाँ कई लोगों ने इस कोऑर्डिनेटेड कैम्पेन पर सवाल खड़े हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय खुद के पक्ष में पीआर कैम्पेन चलाने की जगह मुम्बई पुलिस को इस वक्त अपने सारे संसाधन इस महामारी से लड़ने में लगाने चाहिए थे।

उत्तम पटेल नामक एक और यूजर ने ट्वीट किया कि इस प्रकार के पीआर ट्वीट्स केवल सिद्धार्थ मल्होत्रा और उर्वशी रौतेला को ही नहीं, बल्कि कई सारे बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को मुहैय्या कराए गए हैं।

कोरोना वायरस महामारी ने सभी को भीषण रूप से प्रभावित किया है। महामारी ने हमारे शासन प्रशासन की कमियों और खूबियों को भी उघाड़ के रख दिया है। 130 करोड़ की आबादी वाले देश में कोरोना जैसी महामारी से निपट पाना एक दुःस्वप्न के जैसा है।

इस कोलाहल के बीच केंद्र सरकार ने अदम्य क्षमता का परिचय दिया तो वहीं डॉक्टर्स समेत हमारा मेडिकल स्टॉफ और पुलिस फ़ोर्स जिसकी हम अक्सर आलोचना करते हैं इस कठिन मौके पर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे खड़े नजर आते हैं। सच तो यह है कि तबलीगी जमात द्वारा कोरोना संक्रमण के इस विस्फोट के पहले तक तो ऐसा लग रहा था कि हम काफी आसानी से इस समस्या से निपट लेंगे। हालाँकि तबलीगी जमात के वाकये के बाद भी जिस निर्णायक तरीके से केंद्र तथा राज्य सरकारों ने ट्रैकिंग, क्वारंटाइन और टेस्टिंग की है, यह हर किसी को एक आशावादिता से भर देती है।

हालाँकि इस कठिन समय में जहाँ राष्ट्र की क्षमता की सामूहिक परीक्षा होती है वहीं उसके नेतृत्व की काबिलियत सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण हो जाती है।

कुछ समय पहले एक पीआर कैम्पेन लॉन्च हुआ था जो यह दर्शाता था कि उद्धव ठाकरे कितने बेहतर तरीके से कोरोना महामारी से निपट रहे। इसके बावजूद कि महाराष्ट्र कोरोना महामारी से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, क्योंकि उसने इस महामारी से निपटने के दौरान कई गलत कदम उठाए हैं।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दम घुटने के कारण तड़पते हुए गिर पड़े, देखें मॉक ड्रिल का Video

Note: कल चली खबर के उलट ताजा जानकारी के अनुसार यह वीडियो सच्ची घटना से संबंधित न होकर एक मॉक ड्रिल का है।

देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण मामलों के बीच कुछ ऐसे भी केस सामने आए हैं, जिनमें अस्पताल में संक्रमितों की सेवा में तैनात डॉक्टर्स से लेकर कुछ पुलिसकर्मी भी इसके चपेट में पाए गए हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें एक पुलिसकर्मी को अचानक ही साँस लेने में तकलीफ हुई और वो देखते ही देखते जमीन पर गिर गए।

यह वीडियो बिहार के बेतिया मंडल कारा का है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को साँस लेने में समस्या हुई। जब उनका दम घुटने लगा तो वहाँ अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मी तड़पते हुए जमीन पर गिर पड़े और उन्होंने कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए पहना हुआ मास्क भी हटा दिया।

मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने फ़ौरन एम्बुलेंस बुलाया और उन्हें अस्पताल ले गए। उल्लेखनीय है कि इक्कीस दिनों के लॉकडाउन के कारण पुलिस निरंतर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी से मुक्त रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात हैं। संक्रमण से लड़ाई में पहली पंक्ति के ये योद्धा खुद के आपातस्थिति में कैसे निपटें, इसके लिए प्रशासन की ओर से यह मॉक ड्रिल किया गया।

साँस लेने में तकलीफ होना कोरोना पीड़ितों का प्रमुख लक्षण है। इसी कारण यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

आज ही एक अन्य घटना में राजस्थान में एक पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आने की खबर सामने आई है। यह पुलिसकर्मी जयपुर के कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित रामगंज क्षेत्र में डयूटी पर तैनात थे और घर-घर जा कर स्क्रीनिंग करने वाली टीम में शामिल थे। संक्रमित पाए गए पुलिसकर्मी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।

मध्य प्रदेश: 2 दिन के भीतर कोरोना पीड़ित दूसरे डॉक्टर ने इंदौर में तोड़ा दम

देश में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या के बीच मध्य प्रदेश के हालात ने पूरे सरकारी तंत्र को चिंता में डाल दिया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार को कोरोना संक्रमित एक डॉक्टर ने दम तोड़ दिया। इसके साथ देश में कोरोना संक्रमण से दम तोड़ने वाले डॉक्टरों की संख्या दो हो गई। गौर करने वाली बात यह कि दोनों डॉक्टरों की मौत दो दिन के भीतर और इंदौर में ही हुई है।

जानकारी के मुताबिक इंदौर शहर में क्लीनिक चलाने वाले कोरोना संक्रमित डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। डॉक्टर चौहान की 3 दिन पहले ही हुई जाँच के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया यह भी जा रहा है कि डॉक्टर पहले से ही शुगर और बीपी के मरीज थे।

डॉक्टर चौहान इंदौर शहर के मरीमाता इलाके में क्लीनिक चलाते थे। लॉकडाउन के दौरान भी क्लीनिक पर मरीजों को देख रहे थे। पिछले दिनों अचानक जब उनकी तबीयत खराब हुई तो उन्हें तत्काल शहर के सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें अरबिंदो में भर्ती कराया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

इतना ही नहीं इंदौर में एक ही दिन (शुक्रवार) में एक साथ चार लोगों की मौत की खबर है। चश्मदीदों के मुताबिक इंदौर के कब्रिस्तान में लगातार शवों के जाने का सिलसिला जारी है। दूसरी ओर ग्वालियर में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के 50 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने इस्तीफा दे दिया है। करीब हफ्तेभर पहले ही जीआरएमसी में 92 रेजिडेंट जूनियर डॉक्टर ने जॉइन किया था, एक हफ्ते के अंदर इनमें से 50 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है।

आपको बता दें कि इससे पहले गुरुवार को इंदाैर में रूपराम नगर निवासी 62 वर्षीय डाॅ. शत्रुघ्न पंजवानी ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया था। वे जनरल फिजिशियन थे और प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते थे। यह देश में पहले कोरोना पीड़ित डाक्टर की मौत थी, लेकिन इसके अगले ही दिन इंदौर में ही दूसरे डॉक्टर की मौत ने हर किसी को परेशानी में डाल दिया है।

गौरतलब है कि देश के अन्य हिस्सों की तुलना में इंदौर में कोरोना की महामारी तेजी से फैल रही है। वहीं पहले डॉक्टर की मौत के बाद इंदौर शहर को सरकार ने पूरी तरह से सील करने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद से ही शहर की सभी गलियों को सैनेटाइज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 16, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 259 हो गई है।

पिछले 24 घंटे में कोरोना के 678 नए मामले, 33 लोगों की संक्रमण से मौत: स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार (अप्रैल 10, 2020) को बताया कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 678 नए मामले सामने आए हैं। गुरुवार को 16002 सैंपल की जाँच की गई। इनमें से केवल 0.2 फीसदी ही पॉजिटिव आए हैं। अभी समुदायिक संक्रमण नहीं है। 33 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और 503 लोग ठीक भी हुए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेट्री लव अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “कल, हमने 16002 परीक्षण किए। इनमें से केवल 0.2% मामलों में पॉजिटिव केस आए। एकत्र किए गए सैंपल के आधार पर, संक्रमण दर अधिक नहीं है।” इसके बाद मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया कि देश में अभी तक सामुदायिक संक्रमण नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने रैपिड डायग्नोस्टिक्स किट को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक ट्रांसमिशन नहीं होने के बावजूद हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। उन्होंने इस दौरान जानकारी दी कि जाँच के लिए 146 सरकारी और 76 प्राइवेट लैब हैं। उनके अनुसार, पहले 100 की संख्या में टेस्ट किए जा रहे थे। मगर अब 2 दिन में 16 हजार टेस्ट किए हैं।

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स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर संयुक्त सचिव ने कहा कि कोविड-19 से लड़ने में स्वास्थ्यकर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार हमारे लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ उनके मनोबल को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। 

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन गोलियों के बारे में की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि हमारे पास 1 करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन गोलियों की घरेलू आवश्यकता है, जबकि हमारे पास अभी 3.28 करोड़ गोलियाँ उपलब्ध हैं। इससे पहले उन्होंने इस संबंध में आश्वस्त किया कि देश में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय ने कहा कि न कोई कमी है और न ही भविष्य में ऐसा होने की कोई संभावना है।

बता दें, कोरोना वायरस का प्रकोप वर्तमान में देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल गया है। पिछले 24 घंटों में 678 मामले आए हैं। इसके बाद कुल 6412 मामलों की पुष्टि हो गई है। इनमें से 71 विदेशी हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में 33 और लोगों की मौत के साथ आँकड़ा 199 के पास पहुँच गया है।

‘यहाँ मोदी का नहीं हमारा कानून चलता है’: दीया जलाने पर रेवंत सिंह की हत्या, हमलावर मुस्लिम पड़ोसी

रेवंत सिंह मर गए। उनका कसूर यह था कि उन्होंने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन थाली-ताली बजाई थी। रामनवमी पर अपने घर में दीया जलाया था। यह उनके पड़ोस में रहने वाले कुछ मुस्लिम युवकों को नागवार गुजरा और उन्होंने रेवंत पर एक दिन घात लगाकर हमला कर दिया। 5 दिन कोमा में रहने के बाद 9 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना राजस्थान की है।

रेवंत की मौत ने उनके पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। गड़ी चंपावत निवासी सांग सिंह (राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जैसलमेर के जिला अध्यक्ष) और मूल सिंह राठौड़ (माड़वा अध्यक्ष, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना) ने ऑपइंडिया को बताया कि रेवंत जैसलमेर के माड़वा गाँव के रहने वाले थे। उनकी पत्नी तीन साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और हर माह उन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाना होता है। एक भाई है, उनकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं है। चार छोटे बच्चे हैं, जिनके खाना-पीना बनाने से लेकर सारी जिम्मेदारी अकेले रेवंत पर ही थी।

‘थाली-घंटी नहीं बजेगी, यहाँ मोदी नहीं हमारा राज चलता है’

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर कोरोना संक्रमण से मुकाबले में अपनी जान की परवाह नहीं करने वालों के प्रति आभार जताने के लिए पूरे देश ने 22 मार्च को थाली, ताली, शंख, घंटी बजाई थी। लेकिन मुस्लिम बाहुल्य इलाके में रहने वाले रेवंत को ऐसा करने पर धमकी दी गई।

जनता कर्फ्यू के दिन घंटी-थाली बजाने पर पड़ोस में ही रहने वाले 7-8 गुंडों ने घर जाकर उन्हें धमकाया। उनके साथ धक्का-मुक्की की। रेवंत सिंह को धमकी देते हुए कहा कि यहाँ किसी मोदी का नहीं, बल्कि उनका कानून चलता है। जैसा वो कहेंगे उन्हें मानना होगा।

रेवंत सिंह के भतीजे ने भणियाणा थाने में दिलदार खां पुत्र शहीद खां, फिरोज खां पुत्र शहीद खां और इकबाल पुत्र रहमतुल्ला खां के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवाया है। मारपीट की इस घटना में रेवंत सिंह बुरी तरह से घायल हो गए थे। 5 दिन तक कोमा में रहने के बाद बृहस्पतिवार (अप्रैल 09, 2020) को मौत हो गई। मारपीट की यह घटना 4 अप्रैल को माड़वा गाँव में हुई थी।

ऑपइंडिया से बातचीत में हिन्दू संगठनों ने बताया कि रेवंत सिंह की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। लेकिन उन्होंने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन थाली-घंटी बजाने के बाद रामनवमी के दिन दीपक जलाए थे। इस कारण स्थानीय मुस्लिम उनसे नाराज थे और घर में घुस धमकाया भी था।

राशन लेकर लौट रहे थे घर, घात लगाकर किया हमला

रेवंत सिंह पर उस वक़्त हमला किया गया जब वे राशन की दुकान से लौट रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर रेवंत सिंह को स्थानीय हिन्दू परिवारों और करणी सेना ने कुछ रुपए इकट्ठा कर नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया, जहाँ पाँच दिन तक कोमा में रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।

राष्ट्रीय करणी सेना के जिलाध्यक्ष ने बताया कि रेवंत सिंह का शव अभी भी राजस्थान के मथुरादास माथुर अस्पताल में ही है। इस मामले में आठ व्यक्तियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है, जिनमें से एक की गिरफ्तारी हो चुकी है। रेवंत सिंह के साथ मारपीट करने वालों पर हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने बताया कि यह इलाका मुस्लिम आबादी वाला है और वर्तमान में सीएम अशोक गहलोत मंत्रिमंडल के सालेह मोहम्मद (Saleh Mohammad) विधायक हैं।

ज्ञात हो कि हाल ही में दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में दंगाइयों ने एक चाय वाले की दुकान सिर्फ इसलिए जला दी थी क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ किया करता था। रेवंत सिंह के साथ हुआ यह हादसा भी इसी घटना से मिलता-जुलता नजर आता है।

रेवंत सिंह की मृत्यु से आक्रोशित भाजपा नेता महंत प्रतापपुरी ने कहा – “यह मारपीट द्वेष के कारण हुई थी। ये लोग रेवंत सिंह के पीएम मोदी की अपील पर थाली बजाने से नाराज थे। इसी कारण उन्होंने उसे रास्ते में रोका और उसे बुरी तरह से मारा।”

मृतक रेवंत सिंह के बच्चे और उनका घर –

महंत प्रतापपुरी ने आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की अपील की है और कहा है कि आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। वहीं एसएसपी किरण जंग ने कहा कि जाँच के बाद हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।

बिहार में 60 संक्रमित: कोरोना का हॉटस्पॉट बना सीवान, एक ही परिवार के 23 पॉजिटिव

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने दो और लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि कर दी है। दोनों ही सीवान के रहने वाले हैं। इनमें एक 28 साल का नौजवान है, जबकि दूसरी 10 साल की बच्ची है। ये दोनों भी ओमान से लौटे कोरोना पॉजिटिव युवक के परिवार से हैं। अभी के आँकड़े मिलाकर सिर्फ इस परिवार के 23 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसी के साथ बिहार में कोरोना के कुल मरीजों की तादाद बढ़कर 60 हो गई है।

बिहार में पिछले 24 घंटे के भीतर कोरोना के 17 नए पॉजिटिव केस पाए गए हैं, जिसके बाद राज्य में हड़कंप मच गया है। बिहार का सीवान जिला अब कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है। शुक्रवार की सुबह आई जाँच रिपोर्ट में इसी जिले के दो केस पॉजिटिव मिले हैं जो रघुनाथपुर प्रखंड के उसी गाँव से जुड़े हैं जहाँ के एक मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री ओमान की है। 

इसके साथ ही सिर्फ सीवान जिले में ही कोरोना के कुल 29 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं जिसमें से 23 एक ही परिवार के हैं। हालाँकि इनमें से चार लोग ठीक हो चुके हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें होम क्वारंटाइन में रखा गया है। परिवार के अन्य 10 सदस्यों के कोरोना टेस्ट का रिजल्ट आना अभी बाकी है। नए संक्रमितों में 10 साल की एक बच्ची और 28 साल का एक पुरुष है। 

बता दें कि यह व्यक्ति 16 मार्च को ओमान से लौटा था और 4 अप्रैल को उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। ओमान से आने के बाद वह होम क्वारंटाइन में रहने की जगह गाँव में घूमता और लोगों से मिलता रहा, जिसके चलते बीमारी फैली। गाँव के एक ही परिवार के इतने लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बिहार के तीन जिलों सीवान, बेगूसराय और नवादा की सीमाएंँ सील कर दी गई हैं। तेजी से सामने आ रहे मामलों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से अपील की है कि वो अगर कहीं बाहर से आए हैं तो अपनी ट्रैवल हिस्ट्री न छिपाएँ।

इससे पहले मंगलवार की शाम इसी गाँव के चार कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए थे। इसमें तीन महिलाएँ और एक पुरुष शामिल हैं। पटना से सूचना मिलने के बाद सभी चार संक्रमितों को देर रात जिला प्रशासन ने बस से मुख्यालय बुलवाया और जाँच के लिए पटना भेज दिया। सीवान में अचानक इतने मामले सामने आने से लोगों के बीच दहशत फैल गई है। आशंका जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में संक्रमितों का आँकड़ा तेजी से बढ़ सकता है।