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JNU के 65% छात्रों ने भर भी दी नई हॉस्टल फीस, इस मुद्दे पर महीनों से बवाल काट रहे हैं वामपंथी

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्याल (JNU) के हॉस्टल फीस में हुई वृद्धि को लेकर पिछले कई महीनों से बवाल चल रहा है। इस बीच जेएनयू प्रशासन ने बताया कि 65% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने नई हॉस्टल फीस भरकर विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने गुरुवार (जनवरी 16, 2019) को इसकी जानकारी दी। बता दें कि छात्रों ने होस्टल फीस नई दरों के हिसाब से जमा की है।

वीसी ने बताया कि 8500 स्टूडेंट्स जेएनयू में पढ़ते हैं और इनमें से 6450 हॉस्टल में रहते हैं, बाकी डे-स्कॉलर्स हैं और 95 प्रतिशत डे स्कॉलर्स ने भी अपनी बकाया सेमेस्टर फीस जमा कर दिया है। वीसी जगदीश कुमार ने कहा, “कैंपस के हॉस्टल में रहने वाले 65% से अधिक छात्रों ने अपने बकाया शुल्क का भुगतान कर दिया है। कुछ छात्र जो इस बीच अपने घर चले गए थे वे भी वापस कैंपस में लौट रहे हैं।” यानी कि शुल्क का भुगतान करने वाले छात्रों की संख्या में और भी वृद्धि होने की संभावना है।

इसके साथ ही प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख को भी दो दिन आगे बढ़ा दिया है। जगदीश कुमार ने अपनेे बयान में कहा, “15 जनवरी को विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख थी, जिसकी वजह से फीस काउंटर्स पर छात्रों की भारी भीड़ जमा रही। कई स्टूडेंट्स तारीख बढ़ाने की गुजारिश के साथ हमारे पास पहुँचे। जिसके बाद उनकी सुविधा को देखते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख आखिरी बार 2 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अब छात्र 17 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। छात्र इस तारीख के बाद भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी रूल्स के अनुसार उन्हें इसके लिए लेट फीस भी भरनी पड़ेगी।”

जेएनयू प्रशासन के अनुसार सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया है और वे उन छात्रों की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जो पिछला सेमेस्टर पास नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रशासन वह सभी कोशिशें कर रहा है जिससे कि छात्र अपनी पढ़ाई लगातार जारी रख सकें।

JNUSU के नेतृत्व में आंदोलन और बहिष्कार के बारे में बात करते हुए विश्वविद्यालय के वीसी जगदीश कुमार ने कहा कि सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया है और वे उन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने पर काम कर रहे हैं, जो पिछला सेमेस्टर पास नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए वह सभी कोशिशें कर रहा है जिससे कि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

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CAA का समर्थन करने पर जिहादी बना रहे निशाना: केरल के एक डॉक्टर ने बयाँ किया दर्द

केरल के तिरुवनंतपुरम के डॉक्टर रंजीत विजयाहरि ने दावा किया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) का समर्थन करने के कारण उन्हें इस्लामी कट्टरपंथी निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर बुधवार (15 जनवरी) को इस संबंध में उन्होंने कई ट्वीट्स किए। इनमें उन्होंने बताया है कि वे गैस्ट्रो सर्जन हैं और अपनी पत्नी के साथ हॉस्पिटल चलाते हैं। उन्होंने बताया है कि CAA का समर्थन करने के लिए ‘जिहादी तत्व’ उन्हें परेशान कर रहे हैं।

डॉ. विजयाहरि सेवा भारती के कार्यकर्ता रहे हैं और RSS से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कट्टरपंथियों का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इसमें उनके और उनकी प्रैक्टिस को बदनाम करते हुए दावा किया गया कि “साम्प्रदायिक” होने के कारण वे सहानुभूति की उम्मीद नहीं रख सकते।

एक अन्य व्यक्ति को रोगियों को अवांछित सलाह देते हुए देखा जा सकता है कि जब वे डॉक्टर के दवाखाने जाएँ तो सावधान रहें। उन्होंने कुछ अन्य स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, इनमें उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा के पेशे से जुड़े उनके दोस्तों को भी ‘प्रतिकूल राजनीतिक विचारों’ के लिए अनैतिक प्रथाओं और ‘क्रूर उपचार’ के आरोपों के साथ निशाना बनाया गया है।

दरअसल, राज्य की वामपंथी सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून के पारित होने बाद से ही इसके विरोध में खड़ी हुई है। यहाँ तक ​​कि इस क़ानून को रद्द करने की माँग करते हुए केरल विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया था, जिसे कॉन्ग्रेस ने भी समर्थन दिया था। केरल सरकार ने अब सर्वोच्च न्यायालय में CAA के ख़िलाफ़ मुकदमा भी दायर किया है।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस प्रस्ताव को ग़ैर-कानूनी और असंवैधानिक करार दिया था। उनका कहना था कि नागरिकता विशेष रूप से केंद्र का विषय है, इसलिए इस प्रस्ताव का वास्तव में कोई महत्व नहीं है।

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CAA समर्थकों पर हमला करने वाले 6 गिरफ्तार, कट्टरपंथी इस्लामी संगठन SDPI से है रिश्ता

कर्नाटक पुलिस ने चरमपंथी इस्लामी संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के 6 समर्थकों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी 22 दिसंबर 2019 को बीजेपी और आरएसएस समर्थकों पर हमला करने के आरोप में किया गया गया है। हमला नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में निकाली गई रैली के दौरान किया गया था।

बता दें कि इससे पहले इस चरमपंथी इस्लामी संगठन ने केरल भाजपा के सचिव एके नजीर की बेरहमी से पिटाई की थी। नजीर पर तब क्रूरतापूर्वक हमला किया गया था, जब वह इडुक्की जिले के थूकुप्पलम क्षेत्र की एक मस्जिद में नमाज़ अदा कर रहे थे। नजीर के ऊपर भी नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करने को लेकर ही किया गया था। इस दौरान हमलावर एसडीपीआई कार्यकर्ताओं ने कहा था कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करते हैं, उन्हें जिंदा नहीं बख्शा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि SDPI एक चरमपंथी इस्लामी राजनीतिक संगठन है, जो केरल और देश के अन्य कई हिस्सों में कई सांप्रदायिक हमलों के पीछे है। SDPI के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का हाथ है। CAA विरोध के नाम पर देश के कई हिस्सों में भड़की हिंसा में PFI का नाम सामने आया है।

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20 साल पुराने निर्जन टापू पर रखे जाएँगे 1 लाख रोहिंग्या, चारों तरफ फैला है पानी

म्यांमार से भाग कर बांग्लादेश पहुँचे रोहिंग्याओं में से 100,000 शरणार्थियों को अब सरकार ‘भसन चार’ नाम के बांग्लादेशी द्वीप पर रखने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने गुरुवार (जनवरी 16, 2019) को इसकी जानकारी दी। हालाँकि फिलहाल इन शरणार्थियों को द्वीप पर भेजने के तारीख की घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि भसन चार एक छोटा सा निर्जन द्वीप है, जिस पर बाढ़ और तूफान आने का खतरा हमेशा ही बना रहता है। इस द्वीप के चारों ओर पानी ही पानी फैला है।

अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में स्थित इस द्वीप में बाढ़ से बचाव के लिए मकान, अस्पताल और मस्जिदें बनाई गई हैं। बांग्लादेश शरणार्थी, राहत और प्रत्यावर्तन आयोग के प्रमुख महबूब आलम तालुकदार ने बताया, “लोगों को भसन चार में रखने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यहाँ पर सारी व्यवस्थाएँ कर दी गईं हैं।”

इस द्वीप को केवल उन लाखों रोहिंग्याओं में से 100,000 शरणार्थियों के लिए तैयार किया गया है, जो म्यांमार से यहाँ आए हैं। बता दें कि अगस्त 2017 के बाद लगभग 700,000 रोहिंग्या म्यामांर से बांग्लादेश आए हैं। जानकारी के मुताबिक, विदेशी मीडिया को भसन चार में जाने से प्रतिबंधित किया गया है। बांग्लादेश के एक स्वतंत्र पत्रकार सालेह नोमान, जिन्होंने हाल ही में द्वीप का दौरा किया था, ने वहाँ के समुदाय के बारे में बताया।

सालेह नोमान ने कहा, “मैंने वहाँ के मार्केट में लगभग 10 किराने की दुकानों और सड़क के किनारे चाय की दुकानों को देखा। कुछ लोग मछली और सब्जियाँ भी बेच रहे थे। वहाँ पर सोलर पावर सिस्टम और वाटर सप्लाई लाइन के साथ ही सारी व्यवस्था कर दी गई है।” बता दें कि करीब 20 साल पहले बंगाल की खाड़ी में यह द्वीप सतह पर उभरकर आया था। इस निर्जन द्वीप पर मानसून में हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहता है।

गौरतलब है कि महबूब आलम तालुकर ने अक्टूबर 2019 में कहा था कि वो अगले महीने की शुरुआत तक पुनर्वास शुरू करना चाहते हैं। न्यूज़ एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि शरणार्थियों को विभिन्न चरणों में स्थानांतरित किया जाएगा।

यह खबर ऐसे वक़्त में सामने आई है जब अंडमान निकोबार द्वीप समूह में रोहिंग्या घुसते पकड़े गए हैं। सोमवार (जनवरी 13, 2020) को पुलिस को सूचना मिली थी कि तरमुगली द्वीप पर कुछ संदिग्ध लोगों को नाव के साथ देखा गया। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 66 लोगों को हिरासत में लिया, जो बाद में रोहिंग्या मुस्लिम निकले। हिरासत में लिए गए सभी आरोपित बांग्लादेश से आए थे।

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₹5,000 के लिए अब्दुल ने 13 साल की बच्ची से किया रेप, ₹2500 के लिए महिला से गैंगरेप

बांग्लादेश में इस साल दुष्कर्म की कुछ ऐसी घटनाएँ सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। राइट्स ग्रुपों का कहना है कि बलात्कार की घटनाएँ न केवल लगातार बढ़ रही है, बल्कि पैसे के लिए महिलाओं और बच्चियों को निशाना बनाने का चलन भी दिख रहा है। राजधानी ढाका के बाहरी इलाक़े Kamrangirchar और Ashulia क्षेत्र से ऐसी ही दो चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक मामले में 13 साल की नाबालिग बच्ची का बलात्कार इसलिए किया गया क्योंकि उसका पिता 5000 रुपए की उधारी चुकाने में सक्षम नहीं था। क़र्ज़ वसूली के नाम पर अब्दुल ने बच्ची का कई दिनों तक बलात्कार किया। दूसरे मामले में एक महिला का गैंगरेप इसलिए किया गया क्योंकि उसका पति 2500 रुपए बतौर कमरे का किराया नहीं दे पाया था।

ख़बर के अनुसार, ढाका के Kamrangirchar इलाक़े में एक बाप ने अपनी बेटी को अब्दुल हुसैन के साथ संबंध बनाने का दबाव इसलिए बनाया क्योंकि वो उसके बकाया रुपए की अदायगी में असमर्थ था। आरोपित अब्दुल हुसैन ने नाबालिग के पिता मोहम्मद लिटन की मदद से उसकी बेटी का बलात्कार किया। पीड़िता के पिता को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।

Kamrangirchar पुलिस के उप-निरीक्षक (SI) शेख मोहम्मद मुर्शीद अली ने बताया कि 13 वर्षीय पीड़िता अपने पिता के साथ रह रही थी। उसके पिता ने अबुल हुसैन की पोल्ट्री में काम करते थे। लगभग एक साल पहले उन्होंने अब्दुल से 6,000 टका (करीब 5,009 रुपए) कर्ज़ा लिया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब लिटन क़र्जा चुकाने में विफल रहा, तो उसने अब्दुल को अपनी बेटी के साथ यौन संबंध बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए पहले तो लड़की को उसके पिता द्वारा समझौता करने के लिए मजबूर किया गया और जब वो नहीं मानी तो उसे पीटा गया। इसके बाद कई दिनों तक अब्दुल ने उसका बलात्कार किया।

बुधवार (15 जनवरी) को तड़के ढाका मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) के वन-स्टॉप क्राइसिस सेंटर में पीड़िता को भर्ती कराया गया। SI ने बताया, “अस्पताल में  उसका इलाज चल रहा है। उसके ठीक होने के बाद, पीड़िता को उसके बयान के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।”

SI ने बताया कि सोमवार (13 जनवरी) को पीड़िता ने अपने एक पड़ोसी से इस बात का खुलासा किया और मदद माँगी। इसके बाद, उस पड़ोसी ने मंगलवार (14 जनवरी) को 999 के माध्यम से पुलिस को बुलाया, कानून प्रवर्तन ने लड़की को बचाया और उसके पिता लिटन को गिरफ़्तार कर लिया। मुख्य आरोपित अब्दुल हसन को उसके ससुर के घर से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

बलात्कार की दूसरी घटना में, रेडीमेंट गारमेंट की दुकान में काम करने वाली 24 वर्षीय पीड़िता का उसके मकान मालिक मोहम्मद कलाम ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर सामूहिक बलात्कार किया। सामूहिक बलात्कार के समय आरोपितों ने पीड़िता के पति को एक दूसरे कमरे में बंद कर रखा था। 

ढाका पुलिस के मुताबिक़, मोहम्मद कलाम को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस की पूछताछ के दौरान कलाम ने इस बात को स्वीकार किया कि उसने जबरन महिला के सोने के आभूषण बतौर किराए के रूप में लिए थे। लेकिन उसने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप को ख़ारिज कर दिया। 

पीड़िता के अनुसार, मंगलवार की रात मकान माालिक मोहम्मद कलाम 4-5 लोगों के साथ उसके कमरे में आया और जनवरी माह का किराया (3000 टका) माँगने लगा। दंपति ने जब किराया देने में असमर्थता जताई तो उन्होंने महिला के उन सोने के आभूषणों की माँग की जो उस वक़्त उसने पहन रखे थे। आभूषण देने से जब महिला ने इनकार कर दिया तो उसके पति को एक दूसरे कमरे में बंद कर महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया। वहाँ से निकलते समय कलाम पीड़िता के गहने भी साथ में ले गया। फ़िलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी हुई है।

एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में पिछले साल 1,413 बलात्कार की घटनाएँ सामने आई थी। 2018 में यह आँकड़ा 732 और 2017 में 818 था। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 37 लड़कों समेत 1087 बच्चों का यौन शोषण किया गया।

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नमाज के लिए निकला ‘डॉ. बम’ लापता, परोल पर बाहर था मुंबई धमाकों का गुनहगार

साल 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट का दोषी और डॉ. बम के नाम से जाना जाने वाला कुख्यात आतंकी जलीस अंसारी गुरुवार (जनवरी 16, 2020) को मुंबई से लापता हो गया। उसे अजमेर जेल से 21 दिन के
परोल पर छोड़ा गया था। शुक्रवार (जनवरी 17, 2020) को यानी आज उसकी परोल अवधि खत्म हो रही थी और उसे अजमेर जेल पहुँचना था।

दोपहर को उसके बेटे जैद ने पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक जलीस अंसारी तड़के उठा और घरवालों से नमाज पढ़ने की बात कहकर निकला। लेकिन वापस नहीं लौटा। जैद की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता उसकी तलाश कर रही है।

मामले की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया, परोल की अवधि के दौरान अंसारी को रोजाना सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे के बीच अग्रीपाडा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था, लेकिन वह गुरुवार को निर्धारित समय पर नहीं पहुँचा। उन्होंने बताया कि दोपहर को अंसारी का 35 वर्षीय बेट जैद अंसारी पुलिस थाने पहुँचा और पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।

गौरतलब है कि अंसारी अग्रीपाडा थाने के अंतर्गत मोमिनपुर का रहने वाला है और अजमेर बम धमाके मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है। इसके अलावा वह देश के विभिन्न हिस्सों में हुए कई धमाकों में भी सदिंग्ध है।

अधिकारियों के मुताबिक अंसारी को राजस्थान स्थित अजमेर केंद्रीय कारागार से 21 दिनों के परोल पर रिहा किया गया था, वो भी इस शर्त पर कि उसे हर रोज 10 से 12 बजे के बीच आकर हाजिरी लगानी होगी। हालाँकि बीते बुधवार तक ये प्रक्रिया चलती रही। वो पुलिस थाने में आकर हाजिरी लगाता रहा, लेकिन गुरुवार को उसकी जगह उसका बेटा थाने पहुँचा और बताया कि जलीस लापता है। इसके बाद पुलिस ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की और जाँच में जुट गई।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जलीस को ढूँढने के लिए पुलिस लगा दी है। अब वे अजमेर से खबर आने का इंतजार कर रहे हैं। मुमकिन है जलीस वहाँ से आत्मसमर्पण करने अजमेर जाने के लिए निकल चुका हो।

उल्लेखनीय है कि देशभर में 50 से ज्यादा बम हमलों के आरोपित आतंकी जलीस को बम बनाने में महारत हासिल है। इसके कारण उसे डॉ. बम भी कहते हैं। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था और उन्हें बम बनाना सिखाता था।

यही कारण है कि उसके गायब होने की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस, मुंबई क्राइम ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट हो गई है। महाराष्ट्र की एटीएस, मुंबई, क्राइम ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ उसकी खोज पड़ताल में जुट गई हैं। उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी जारी है।

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3 म​हीने पुराने फेसबुक पोस्ट पर 5 घंटे उपद्रव, विहिप कार्यकर्ता के मोहल्ले में हरवे-हथियार ले घुसे

झारखंड में करीब तीन महीने पुराने फेसबुक पोस्ट को लेकर समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर बवाल काटा। घटना धनबाद के झरिया की है। गुरुवार (16 जनवरी 2020) को यहॉं पॉंच घंटे तक बवाल चला। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक समुदाय के लोग उस मोहल्ले में हरवे-हथियारों के साथ घुस गए, जहॉं आरोपित विहिप कार्यकर्ता संजीव गिरि का घर है। मोहल्ले के दुकानों और घरों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। झरिया-सिंदरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पथराव किया। यहॉं तक कि शवयात्रा में शामिल लोगों को भी पीटा गया।

इस संबंध में 7 पीड़ितों ने झरिया पुलिस से अलग-अलग लिखित शिकायतें की हैं। शिकायतों में तनवीर, सलमान, तासिम, विक्की, गुलाम इमाम, गोलू, समीर खान, छोटू, बबन मियाँ समेत अन्य पर हरवे-हथियार से लैस होकर मोहल्ले में घुसकर मारपीट करने, बाइक क्षतिग्रस्त करने, महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने और दुकान में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है।

दैनिक जागरण के धनबाद संस्करण में प्रकाशित खबर

ऊपर राजबाड़ी के गोपाल ने एसडीएम को बताया कि दर्जनों की संख्या में युवक उसके घर में घुस आए। गालियाँ बकीं। आपत्तिजनक नारे लगाए। घर के बाहर सीसीटीवी लगा है। युवकों की सारी कारस्तानी उसमें कैद है। एसडीएम ने सीसीटीवी फुटेज माँगे हैं। एसडीएम राज महेश्वरम ने कहा है कि तोड़-फोड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी। उनको बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज भी खँगाला जा रहा है।

प्रभात खबर के धनबाद संस्करण में प्रकाशित खबर

बाद में ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। इसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस कतरास मोड़ स्थित विहिप कार्यालय में घुस गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद विश्व हिन्दू परिषद नेताओं के साथ नोक-झोंक भी हुई। हालाँकि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को सँभाल लिया। बताया जा रहा है कि सड़क के जाम के दौरान एंबुलेंस व कई अन्य वाहनों के चालकों के साथ भी मारपीट की गई।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर

धनबाद के एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि विवादित पोस्ट को लेकर हंगामा हुआ था, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। विवादित पोस्ट डालने वाले युवक के साथ सड़क जाम और हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिस पोस्ट के कारण हंगामा हुआ, उसे संजीव ने 22 अक्टूबर 2019 को शेयर किया था। हालाँकि फिलहाल युवक ने विवादित पाेस्ट काे डिलीट कर दिया है और नया पाेस्ट करते हुए लिखा है, “मैंने जाे पाेस्ट शेयर किया था, उसके लिए मैं माफी माँगता हूँ।”

गौरतलब है कि धनबाद में अभी हाल ही में वासेपुर के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर आपत्तिजनक नारे लगाए थे। प्रशासन की इजाजत के बिना शहर में जुलूस निकाला था। इससे शहर में घंटों अराजक स्थिति रही थी। इस घटना को लेकर करीब 3000 लोगों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। हालॉंकि अगले ही दिन प्रशासन का रुख इनको लेकर नरम हो गया। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

मंदिर की दीवार पर ख़ून से लिख दिया नाम, इलाके में तनाव: ‘कसाई’ की दुकान पर काम करने वाला गिरफ़्तार

सबरीमाला: पवित्र यात्रा के रास्ते में फेंके माँस के टुकड़े व जानवरों के कंकाल, श्रद्धालुओं में आक्रोश

हिन्दुओं के 18 घरों को बनाया गया निशाना, फूँक दी गई गाड़ियाँ: ‘इज्तेमा’ में शामिल मुस्लिमों पर लगा आरोप

करीम लाला पर उद्धव सरकार में खींचतान, कॉन्ग्रेसी मंत्री ने कहा- ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं

मुद्दा चाहे जो हो महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के साझेदार दलों के मतभेद सामने आ ही जाते हैं। अब डॉन करीम लाला के मसले पर शिवसेना और कॉन्ग्रेस आमने-सामने हैं। उद्धव ठाकरे की सरकार में कॉन्ग्रेस कोटे से मंत्री नितिन राउत ने शिवसेना को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।

असल में शिवसेना सांसद संजय राउत ने अंडरवर्ल्ड से इंदिरा गॉंधी की नजदीकियों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि वह करीम लाला से मिलती थीं। हालॉंकि विवाद बढ़ने के बाद राउत ने बयान से किनारा करते हुए कहा कि वे गॉंधी परिवार का सम्मान करते हैं। लेकिन, इससे विवाद ठंडा होता नहीं दिख रहा। मंत्री नितिन राउत ने कहा है, “इंदिरा गॉंधी हमारी नेता और आदर्श हैं। बीजेपी के साथ रहते हुए भी संजय राउत उनके खिलाफ टिप्पणियॉं करते थे। अब सरकार में होने के बाद भी वे इससे बाज नहीं आ रहे। यदि वे सोचते हैं कि हम चुपचाप सुनते रहेंगे तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।”

एक दिन पहले संजय राउत ने एक कार्यक्रम में बयान दिया था कि इंदिरा गाँधी मुंबई में अंडरवर्ड के डॉन करीम लाला से मुलाकात करती थीं। शिवसेना नेता संजय राउत के इस बयान से तूफान मच गया और कॉन्ग्रेस ने उनसे बयान वापस लेने को कहा जिसके बाद आज संजय राउत ने अपना बयान वापस भी ले लिया।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार (15  जनवरी) को एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि करीम लाला, मस्तान मिर्जा उर्फ़ हाजी मस्तान और वरदराजन मुदलियार मुंबई के टॉप माफ़िया सरगनाओं में से एक थे, जो 1960 से लेकर अस्सी के दशक तक सक्रिय रहे।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने इंदिरा गाँधी और अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला को लेकर दिए अपने कल के बयान से पीछे हटते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गाँधी परिवार का सम्मान किया है। अगला पैंतरा चलते हुए उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला की तुलना अब्दुल गफ्फार खान से कर दी। राउत का कहना है कि उनके दोस्तों (कॉन्ग्रेस) को दुखी होने की जरूरत नहीं है।

करीम लाला से मिलने जाती थीं इंदिरा गाँधी वाले बयान पर संजय राउत ने कहा कि कॉन्ग्रेस में हमारे मित्रों को आहत होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी को लगता है कि उनके बयान से इंदिरा गाँधी की छवि को धक्का पहुँचा है या इससे किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो वो अपना बयान वापस लेते हैं।

संजय राउत सही, गैंगस्टर करीम लाला से मिलती थीं इंदिरा: डॉन हाजी मस्तान के बेटे का खुलासा

‘गैंगस्टर करीम लाला खान अब्दुल गफ्फार खान जैसे’ – कॉन्ग्रेस की खातिर संजय राउत ने मारी पलटी

इंदिरा गाँधी जिस अंडरवर्ल्ड डॉन से मिलने जाती थीं, वो एक अफगानी तस्कर था: शिवसेना नेता के बयान पर हंगामा

जैश के 5 आतंकी: कोई चलाता था गाड़ी तो कोई लगाता था ठेला, 26 जनवरी पर बड़े हमले की थी साजिश

गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बृहस्पतिवार (जनवरी 16, 2020) की शाम श्रीनगर से जैश-ए-मोहम्मद के पाँच आतंकियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक यह सभी आतंकी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन कश्मीर घाटी में आतंकी हमला करने की साजिश रच रहे थे।

पुलिस ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा गणतंत्र दिवस पर एक बड़े आत्मघाती हमले की रची जा रही साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने जैश के पाँच सदस्यीय मॉड्यूल को नेस्तनाबूद करते हुए विस्फोटकों से लैस एक जैकेट और रिमोट ट्रिगल वाला बायोफेंग वॉकी-टॉकी भी बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को सूत्रों ने श्रीनगर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना दी थी। जिसके बाद पुलिस फोर्स ने घेराबंदी करके आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आतंकी हजरतबल इलाके के रहने वाले हैं। आतंकियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया है।

आतंकियों की पहचान एजाज अहमद शेख, उमर हमीद शेख, इम्तियाज अहमद, साहिल फारूख और नसीर अहमद मीर के रूप में हुई है। एजाज पेशे से वाहन चालक है जबकि उमर ठेला लगाता है। इमरान की खेल सामग्री की दुकान है, नसीर का अपना कारोबार है और साहिल एक प्राईवेट फर्म में नौकरी करता है।

पुलिस ने हथियार और विस्फोटक सामाग्री जब्त करके कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि बीते साल नवंबर में कश्मीर यूनिवर्सिटी के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में भी यही आतंकी शामिल थे। अब वे 26 जनवरी को घाटी में एक बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे।

सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अभी बीते बुधवार को भी सुरक्षाबलों ने डोडा में एनकाउंटर के दौरान हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को मार गिराया था। आतंकी की पहचान हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर हारून वानी के रूप में हुई थी। जेके पुलिस ने बताया कि पिछले महीने किश्तवाड़ में हुए राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं की हत्या सहित सुरक्षाबलों से हथियार छीनने जैसी वारदातों में भी आतंकी हारून शामिल था। सुरक्षाबल गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर चौकन्नी है।  

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पत्नी की हत्या कर लाश फेंकने गया था सपा नेता, बीच धारा में नाव पलटी और खुद भी डूब गया

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से मंगलवार को सपा नेता भरत दिवाकर के रहस्यमय तरीके से गायब होने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सपा नेता अपनी पत्नी की हत्या कर लाश फेंकने गया था, लेकिन खुद ही बरुआ बॉंध में डूब गया। उसकी पत्नी मीनू का शव बरामद कर लिया गया है। सपा नेता दिवाकर की तलाश जारी है।

पूरे मामले से पर्दा तब उठा जब पुलिस ने एक नाविक रामसेवक से कड़ाई से पूछताछ की। दिवाकर को आखिरी बार रामसेवक के साथ ही देखा गया था। रिपोर्टों के अनुसार दिवाकर ने 2015 में मीनू से प्रेम विवाह किया था। दोनों की एक बेटी भी है। बताया जाता है कि दिवाकर को मीनू के चरित्र पर शक था। इसके कारण दोनों के बीच अक्सर लड़ाई होती रहती थी। मंगलवार को बहस के बाद दिवाकर ने मीनू की हत्या कर दी। फिर उसके शव बॉंध में फेंकने पहुॅंचा।

लाश ठिकाने लगाने के लिए उसने एक नाव किराए पर ली। लेकिन, बीच धारा में पहुॅंचने पर नाव पलट गई और दिवाकर डूब गया। नाविक रामसेवक किसी तरह तैर कर बाहर निकल आया। हिन्दुस्तान ने पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल के हवाले से बताया है, “नाविक रामसेवक ने पुलिस को सूचना दी कि मंगलवार रात सपा नेता भरत दिवाकर (42) अपनी स्कॉर्पियो कार में एक महिला का शव लेकर बरुआ बाँध आया और जबरन उसकी नाव में शव रखकर बीच जलधारा में ले गया। शव फेंकते समय अचानक नाव पलट गई और शव के साथ वह भी पानी में चला गया।”

बताया जा रहा है कि दिवाकर ने पत्नी की हत्या की योजना पहले से ही बना रखी थी। उसने बेटी को भी ननिहाल भेज दिया था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख दसोदिया देवी का बेटा दिवाकर ठेकेदारी करता था। बरुआ बॉंध में मछली पालन का ठेका भी उसी के पास था। लापता होने के बाद बुधवार की सबुह पुलिस को उसकी कार बरुआ बॉंध के पास मिली थी। उसके पकड़े और जूते भी मिले थे। कार में उसकी पत्नी की चप्पल भी थी।

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