हैदराबाद में डॉक्टर प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) का गैंगरेप और हत्या के मामले में तेलंगाना का मुख्यमंत्री कार्यालय अब जाकर सक्रिय हुआ है। आरोपितों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चला कर जल्द सज़ा दिलाने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अधिकारियों से कहा है कि वो आरोपितों के ख़िलाफ़ सुनवाई जल्द पूरी हो, ऐसा सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि पीड़िता के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाए और उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखा जाए।
26 वर्षीय डॉक्टर रेड्डी का मोहम्मद आरिफ और जोल्लू शिवा सहित 4 लोगों ने मिल कर बलात्कार किया और फिर उसे मार डाला। मरने के बाद भी दरिंदों ने लाश के साथ बलात्कार किया। इसके बाद उन्होंने लाश पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। पीड़िता की झुलसी हुई बॉडी पुलिस ने बरामद की। तेलंगाना सरकार पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वो इस मामले को हल्के में ले रही है। पीड़िता के चाचा ने भी बयान दिया कि मुख्यमंत्री ने अब तक एक कंडोलेंस लेटर तक भेजने की जहमत नहीं उठाई है।
इस वारदात के अगले दिन मुख्यमंत्री एक विधायक के घर हाई-प्रोफाइल शादी में पूरी कैबिनेट संग मौजूद रहे। घटना के 4 दिनों बाद केसीआर का बयान आया है। परिजन नेताओं से भी नाराज़ हैं। तेलंगाना कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद रेवंत रेड्डी जब पीड़ित परिजनों से मिलने पहुँचे तो उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। अब मुख्यमंत्री ने स्वयं बयान जारी कर इस घटना को भयावह करार दिया है और कहा है कि वो काफ़ी व्यथित हैं।
Telangana CM K Chandrashekar Rao instructed the setting up of a fast track court to deal with the rape and murder case of the veterinary doctor in #Hyderabad and promised stringent punishment for the perpetrators of the ghastly crime.@XpressHyderabadhttps://t.co/rgff6gMime
केसीआर ने कहा कि वो इस बात से बहुत दुःखी हैं कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोग हमारे ही समाज में, हमारे ही बीच रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये एक भयंकर और अमानवीय घटना है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि वारंगल में नाबालिग के साथ हुई बलात्कार की घटना के मामले में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से 56 दिनों में ही सज़ा सुना दी गई थी। सीएमओ ने कहा कि केसीआर मानते हैं कि उसी तरह से इस मामले में भी अदालत का फ़ैसला जल्द से जल्द आना चाहिए।
डॉक्टर रेड्डी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस की रिपोर्ट में भी कई खुलासे हुए हैं। पीड़िता का मुँह और नाक दबा कर मार डाला गया। रेप करते वक़्त जब वह चीख-चिल्ला रही थी, तब आरोपितों ने उसके मुँह में शराब डाल दी।
हैदराबाद गैंगरेप की घटना के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने महिलाओं के प्रति पुरुषों के व्यवहार को लेकर नसीहत देते हुए बड़ा बयान दिया है। भागवत ने अपनी बात में जोर दिया कि पुरुषों को यह समझने और सीखने की ज़रूरत है कि महिलाओं के साथ कैसे पेश आना चाहिए। दिल्ली में आयोजित गीता महोत्सव कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि परिवार से ही इस बात पर ध्यान देना होगा कि महिलाओं से कैसे पेश आना चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है मगर उसको ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अपने भाषण में संघ प्रमुख बोले, “शासन प्रशासन की ढिलाई अब चल नहीं सकती। लेकिन शासन प्रशासन पर ही सब छोड़कर नहीं चलेगा। जो अपराध करने वाले हैं, उनकी भी माताएँ-बहने हैं तभी तो उनका अस्तित्व है, उनको यह किसी ने सिखाया नहीं। अपने घर से प्रारंभ करना है। पुरुषों की महिलाओं की ओर मातृशक्ति की ओर देखने की दृष्टि शुद्ध होनी चाहिए, यही इन सब बातों को बंद करेगा।”
#WATCH RSS Chief Mohan Bhagwat at ‘Gita Mahotsav Programme’ in Delhi: Government has made the laws, it has to be implemented properly. Not everything can be left on administration. Men need to be educated on how to treat women. pic.twitter.com/CPcymkPRMF
दिल्ली के लाल किले पर हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ गीता पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी भी मौजूद रहे। साथ ही इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी, साध्वी ऋतंभरा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। बता दें कि हैदराबाद में हुई दुष्कर्म की वारदात के बाद बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर देश भर के लोगों में भरी आक्रोश है। देश के आम लोग इस मामले के सभी आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में रविवार (नवंबर 24, 2019) को मटन में बीफ (गोमांस) मिलाकर बेचने का मामला सामने आया। इसके बाद सोमवार को तीन बूचड़खानों का लाइसेंस रद कर दिया गया। वेटरिनरी विंग के प्रमुख नथालपति श्रीधर को स्थानीय लोगों से मटन में बीफ मिलाकर बेचने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उन्होंने कई स्थानों पर औचक निरीक्षण किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन बूचड़खानों का लाइसेंस रद कर दिया।
उनकी टीमों ने अयोध्यानगर, जेम्मी चेट्टू केंद्र और सुन्नपु बटीला केंद्र में गोमांस बेचने वाले बूचड़खानों की पहचान की और लगभग 200 किलोग्राम मिलावटी मांस (मटन+बीफ) जब्त किया। नागरिक निकाय ने तीनों दुकानों पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाने के साथ ही और ट्रेड लाइसेंस भी रद कर दिया। श्रीधर ने मीट खरीदते समय लोगोंं को सतर्क रहने की सलाह दी और साथ ही कहा कि वो शहर में निरीक्षण जारी रखेंगे और आने वाले दिनों में मीट कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
इससे पहले श्रीधर ने शनिवार (नवंबर 23, 2019) को कहा था, “हमें पता चला कि शहर में कुछ कसाई मटन की मिलावट कर रहे हैं और शहर के होटल और रेस्तरां को बेच रहे हैं। इस संबंध में नागरिक निकाय ने होटल व्यवसायियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। अगर वे मिलावटी मांस बेचते पाए जाते हैं, तो उनके ट्रेड लाइसेंस मौके पर रद कर दिए जाएँगे।”
बता दें कि 4 नवंबर को भी तडेपल्ली पुलिस ने एक बीफ तस्करी रैकेट का भांडाफोड़ किया था और लगभग 10 टन संदिग्ध गोमांस जब्त किया था। विशाखापत्तनम से चेन्नई तक एक कंटेनर में मांस की तस्करी की जा रही थी। इस संबंध में ड्राइवर और क्लीनर को हिरासत में ले लिया गया था। साथ ही पुलिस ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए कहा था कि जब्त मांस गोमांस था या फिर किसी अन्य जानवर का। उस गोमांस को आंध्र-ओडिशा सीमा (AOB) से तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर ताड़पल्ली पुलिस ने कनक दुर्गम्मा वरदही में कंटेनर को रोक लिया और गोमांस के स्टॉक को जब्त कर लिया।
इन घटनाओं को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे कि ये धंधा बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। हालाँकि अभी सिर्फ तीन बूचड़खानों में ही मटन के साथ बीफ मिलाकर बेचने की बात की पुष्टि हो पाई है, लेकिन जिस तरह से आंध्र-ओडिशा सीमा (AOB) से तमिलनाडु के रास्ते गोमांस को ले जाया जा रहा है, उससे प्रतीत हो रहा है कि इसका नेटवर्क काफी बड़े क्षेत्र में पैर पसारे हुए है।
विजयवाड़ा में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के साथ नामांकित लगभग 300 मटन स्टॉल और 30 बीफ़ स्टॉल हैं। जिनमें से कुछ बूचड़खाने वाले बीफ के साथ मटन की मिलावट करके मोटा पैसा कमा रहे हैं। बता दें कि शहर में लगभग 500 से 600 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकने वाले मटन की तुलना में गोमांस 250 रुपए से 300 रुपए प्रति किलोग्राम की सस्ती कीमत पर उपलब्ध है। इसलिए बूचड़खाने वाले सस्ते दामों में बीफ खरीदकर उसे मटन के साथ मिलावट करके बेच रहे हैं।
बता दें कि मांस भी दो प्रकार के होते हैं- हलाल और झटका। झटका सर्टिफिकेशन अथाॅरिटी के चेयरमैन रवि रंजन सिंह बताते हैं कि ‘झटका‘ हिन्दुओं, सिखों आदि भारतीय, धार्मिक परम्पराओं में ‘बलि/बलिदान’ देने की पारम्परिक पद्धति है। इसमें जानवर की गर्दन पर एक झटके में वार कर रीढ़ की नस और दिमाग का सम्पर्क काट दिया जाता है, जिससे जानवर को मरते समय दर्द न्यूनतम होता है। इसके उलट हलाल में जानवर की गले की नस में चीरा लगाकर छोड़ दिया जाता है, और जानवर खून बहने से तड़प-तड़प कर मरता है।
इसके अलावा मारे जाते समय जानवर को मुस्लिमों के पवित्र स्थल मक्का की तरफ़ ही चेहरा करना होगा। लेकिन सबसे आपत्तिजनक शर्तों में से एक है कि हलाल मांस के काम में ‘काफ़िरों’ (‘बुतपरस्त’, गैर-मुस्लिम, जैसे हिन्दू) को रोज़गार नहीं मिलेगा। यानी कि यह काम सिर्फ मुस्लिम ही कर सकता है।
वे इसका अगला आर्थिक पहलू बताते हैं कि किसी भी भोज्य पदार्थ, चाहे वे आलू के चिप्स क्यों न हों, को ‘हलाल’ तभी माना जा सकता है जब उसकी कमाई में से एक हिस्सा ‘ज़कात’ में जाए- जिसे वे जिहादी आतंकवाद को पैसा देने के ही बराबर मानते हैं, क्योंकि हमारे पास यह जानने का कोई ज़रिया नहीं है कि ज़कात के नाम पर गया पैसा ज़कात में ही जा रहा है या जिहाद में। और जिहाद काफ़िर के खिलाफ ही होता है- जब तक यह इस्लाम स्वीकार न कर ले! यानी जब कोई गैर-मुस्लिम हलाल वाला भोजन खरीदता है, तो वह उसका एक हिस्सा अपने ही खिलाफ होने जा रहे जिहाद को आर्थिक सहायता देने में खर्च करता है। इसे वह ‘हलालो-नॉमिक्स’ यानी हलाल का अर्थशास्त्र कहते हैं।
हैदराबाद में डॉक्टर प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) के गैंगरेप और हत्या मामले में सरकार व पुलिस-प्रशासन को जनाक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर रेड्डी के परिजनों ने भी राज्य सरकार को घेरा है। डॉक्टर रेड्डी की माँ और बहन अभी भी बात करने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं चाचा ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी। पीड़िता के चाचा के आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के चद्रशेखर राव के पास पीड़ित परिजनों को एक ‘कंडोलेंस लेटर’ भेजने तक का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अब तक परिजनों की सुध नहीं ली है।
बता दें कि मुख्यमंत्री केसीआर डॉक्टर रेड्डी के साथ हुई दरिंदगी की ख़बरों के बीच एक हाई प्रोफाइल विवाह फंक्शन में व्यस्त रहे। विधायक नाइक के बेटे की शादी में वो पूरी कैबिनेट के साथ उपस्थित रहे और कार्यक्रम में शिरकत की।
डॉक्टर रेड्डी के चाचा ने निर्भया रेपकांड को याद करते हुए कहा कि उस वक़्त भी कैन्डल मार्च निकाला गया था और जनाक्रोश पूरे शबाब पर था लेकिन अब तक कुछ नहीं बदला। उन्होंने कहा कि वो ये नहीं मानते हैं कि उसकी भतीजी अब इस दुनिया में नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर रेड्डी एक बहुत अच्छी इंसान हैं। पीड़िता के चाचा ने कहा कि वो अपनी भतीजी के लिए ‘हैं’ शब्द ही प्रयोग करेंगे, ‘थीं’ नहीं। चाचा ने ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत के दौरान आगे कहा:
“जैसे ही एक अधिकारी ने मुझे इसकी (गैंगरेप और हत्याकांड) की सूचना दी, मैं अवाक रह गया। सभी हम लोगों से यही कह रहे हैं कि न्याय होगा, न्याय होगा। मैं पूछता हूँ क्या हमारी हँसती-खिलखिलाती हुई बेटी वापस आ जाएगी? क्या फ़ायदा ‘न्याय’ की बातों का? हमारे देश की बदकिस्मती यही है कि निर्भया रेपकांड के बाद भी अब तक कुछ नहीं बदला। हमलोग किसान परिवार से आते हैं और मेरी भतीजी को किताबें पढ़ने का बड़ा ही शौक था। शायद अगर वो दुनियादारी को और अच्छे से समझती या फिर और भी अनुभवी होतीं तो हमें ये दिन नहीं देखना पड़ता।”
डॉक्टर रेड्डी के बारे में उसके चाचा ने बताया कि जानवरों के प्रति उसका प्रेम ही था कि वो वेटरनरी डॉक्टर बनीं। वो बचपन से ही जानवरों के प्रति लगाव रखती थीं। मेडिकल की परीक्षा में भी उसके अच्छे रैंक आए थे। पीड़िता के पिता कहीं और जॉब करते हैं। वो वीकेंड पर परिवार के पास आया करते थे। 8 महीनों बाद ही वो रिटायर होने वाले हैं। वो रिटायरमेंट के बाद बाकी का समय हँसी-ख़ुशी अपने परिवार के साथ व्यतीत करना चाहते थे लेकिन अचानक से हुई इस वारदात ने परिवार को हिला कर रख दिया है।
डॉक्टर रेड्डी के चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी की ज़िंदगी में 4 चीजों का सबसे ज़्यादा महत्त्व था- पशुप्रेम, कुकिंग, किताबें पढ़ना और परिवार के साथ समय बिताना। वो अक्सर ऑनलाइन देख कर नए-नए व्यंजन बना बनाती थीं और परिवार को खिलाती थीं। डॉक्टर रेड्डी की पड़ोसी ने भी बताया कि उस घर के सभी लोग अच्छे थे और हमेशा मुस्कुरा कर मिलते थे। पड़ोसी शालिनी ने बताया कि उस घर की लड़कियों को अक्सर जॉब और पढ़ाई के लिए आते-जाते देखती थीं।
CM K Chandrashekhar Rao, who has not uttered a word on gruesome Telangana doctor rape & murder incident, attended a high profile wedding of TRS MLA’s daughter. (@Ashi_IndiaToday)https://t.co/CEcg1NxuXo
पीड़िता अपनी बहन के सबसे ज्यादा क़रीब थी। उसके चाचा ने बताया कि उनके समुदाय में अगर कोई अविवाहित महिला की मृत्यु होती है तो एक पेड़ से उसकी शादी की रस्म निभाई जाती है। हालाँकि, डॉक्टर रेड्डी के मामले में ये भी नहीं हो सका।
महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र ने एक-दूसरे को लेकर टिप्पणी की। जहाँ उद्धव ने कहा कि फडणवीस हमेशा उनके दोस्त रहेंगे, देवेंद्र फडणवीस ने एक शायरी के माध्यम से अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे ने बताया कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर के बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की समस्याएँ सुलझाने में महाराष्ट्र सरकार की मदद करनी चाहिए। ठाकरे ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को पीएम मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के लिए वित्तीय मदद माँगनी चाहिए।
इससे पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सदन को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार स्थानीय नागरिकों को प्राइवेट सेक्टर में 80% नौकरी देने का क़ानून बनाने जा रही है। वहीं फडणवीस ने इस शेर के माध्यम से अपंनी वापसी का संकेत दिया:
मेरा पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समंदर हूँ लौटकर जरूर आऊँगा
यह भी गौर करने लायक है कि 2010 में जब गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह को गिरफ़्तार किया गया था, तब उन्होंने यही शेर पढ़ा था। वह 3 महीने जेल में रह कर अक्टूबर 2010 में निकले थे। उस समय पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे। फ़िलहाल चिदंबरम तिहाड़ जेल में बंद हैं।
वहीं महाराष्ट्र की बात करें तो सीएम उद्धव ठाकरे ने फडणवीस की शायरी पर तंज कसा। उद्धव ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वो वापस आएँगे लेकिन फिर भी वो इस सदन में आ गए। उन्होंने कहा कि सालों तक उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे लोग आज उनके साथ सरकार में हैं और दशकों तक उनके साथी रहे लोग आज विपक्ष की बेंच पर बैठे हुए हैं। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने भी फडणवीस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने वापसी की तो बात की है लेकिन लौटने के बाद वो कहाँ बैठेंगे, ये नहीं बताया। पाटिल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते फडणवीस भी मुख्यमंत्री के स्तर के पद पर ही हैं।
Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray: Centre should help Maharashtra in helping farmers of the state. Opposition leaders should go and meet Prime Minister and demand financial assistance for the farmers. https://t.co/20gdlDEmrA
पाटिल ने उम्मीद जताई कि फडणवीस अब ठाकरे सरकार को अपदस्थ करने का कोई प्रयास नहीं करेंगे। वहीं फडणवीस ने कहा कि सरकार को जब भी उनकी ज़रूरत पड़ेगी, वो हाज़िर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो उद्धव के साथ 5 वर्षों तक काम करने के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। उन्होंने सरकार से माँग करते हुए कहा कि किसानों को फसल क्षति के लिए 25000 रुपए प्रति हेक्टेयर दिए जाने चाहिए।
राजस्थान के टोंक जिले से 6 साल की एक बच्ची से बलात्कार की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए बलात्कारियों ने बेल्ट से उसका गला घोंट कर मार डाला। घटना को लेकर पूरे इलाके के लोगों में काफी रोष है। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस तफ्तीश में जुट गई है।
बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत का पता लोगों को तब लगा, जब उस बच्ची का शव गाँव के मंदिर के पीछे घनी झाड़ियों के पास पड़ा मिला। जब इस बात का पता ग्रामीणों को चला तो इलाके में आक्रोश फ़ैल गया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह घटना राजस्थान के टोंक जिले में जिस इलाके की है, वह अलीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दरअसल स्कूल में पढ़ने वाली 6 साल की मासूम बच्ची शनिवार को एक कार्यक्रम के चलते अपने स्कूल गई थी। बच्ची जब तीन बजे तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता होने लगी। इस बात से परेशान होकर घरवालों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की मगर कुछ पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने मंदिर के पीछे झाड़ियों में पड़ा बच्ची का खून से लथपथ शव देखा तो उनके होश उड़ गए। यह सूचना पूरे गाँव में फ़ैल गई। हत्यारे ने मासूम बच्ची को इस कदर तड़पा-तड़पा कर मारा कि उसकी आँखें तक बाहर आ गईं हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उसे मारने के लिए हत्यारे ने बच्ची के स्कूल बेल्ट से ही उसका गला घोंट दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है हालाँकि घटना को अंजाम देने वाला आरोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस सुपरिन्टेन्डेंट आदर्श सिध्दू ने कहा कि पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी है। देश भर में रेप की घटनाओं को लेकर एक बार फिर लोगों के जेहन में गुस्सा देखने को मिल रहा है। हाल ही में हैदराबाद की घटना के बाद से ही लोगों का आक्रोश अपने चरम पर है।
शिवसेना द्वारा एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन सहयोगी के रूप में महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने के कुछ दिनों बाद, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी को बिजनेस टाइकून, रिलायंस के अनिल अंबानी और उनकी पत्नी के साथ पार्टी करते देखा गया। सुले ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर कुछ तस्वीरें लगा रखी थीं, जिसमें वो रिलायंस समूह के अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी, बॉलीवुड आइकन राज कपूर की बेटी रीमा जैन और उनके पति मनोज जैन नज़र आ रहे थे।
सुप्रिया सुले के व्हाट्सएप स्टेटस में उन्हें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी के साथ पार्टी करते देखा गया
सुप्रिया सुले ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज कपूर की बेटी रीमा जैन कपूर और अनिल अंबानी की पत्नी टीना को अपनी ‘ताकत, प्यार और कमज़ोरी’ के रूप में दर्शाने के लिए तस्वीर के साथ ‘दिल के शेप वाली वाली आँखों के इमोजी भी लगाई। सभी लोग अपने दोस्त मनोज जैन का जन्मदिन मना रहे थे।
सुप्रिया सुले के व्हाट्सएप स्टेटस में उन्हें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी के साथ पार्टी करते देखा गया
एक अन्य तस्वीर में अनिल अंबानी ने सुप्रिया सुले को गले लगा रखा था। इसके अलावा, सुले ने इंस्टाग्राम पर भी मनोज जैन को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए तस्वीरें साझा की थीं, जहाँ उन्हें टीना अंबानी के साथ स्पॉट किया गया।
बता दें कि एनसीपी ने 2019 के आम चुनावों के दौरान, राफ़ेल फाइटर जेट्स की ख़रीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी और अनिल अंबानी पर निशाना साधा था। वहीं, दूसरी तरफ शरद पवार की बेटी आज उन्हीं अनिल अंबानी के साथ तस्वीरों में नज़र आ रही हैं, जो बड़ी दिलचस्प बात है (लोगों के लिए, राजनेताओं के लिए तो खैर क्या दिलचस्प होगी!)।
लोकसभा चुनावों से पूर्व राफेल पर एनसीपी का स्टैंड
सोशल मीडिया यूजर्स की यादाश्त भी काबिले तारीफ है। उन्हें सुले की पार्टी NCP का राफेल पर स्टैंड और अनिल अंबानी को घेरना – यह सब याद था। बस फिर क्या, इस व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट के बाद ट्विटर यूज़र्स ने सुप्रिया सुले को आड़े हाथों लिया।
NCP Nawab Malik called the controversial fighter jet deal as “pre-planned loot of the country’s money” and alleged that industrialist Anil Ambani negotiated the Rafale contract on behalf of PM @narendramodi
सुले के व्हाट्सएप स्टेटस तब से चर्चा का विषय बने हुए हैं जब से उन्होंने अपने चचेरे भाई अजित पवार को भाजपा में समर्थन देने और 23 नवंबर को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद केवल तीन दिन बाद इस्तीफ़ा देने की घोषणा की थी। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के बाद, यह व्यापक रूप से अनुमान लगाया जा रहा है कि अजित पवार महा विकास अघाड़ी सरकार में उप मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
पाकिस्तान के एक नेता ने सिखों के खिलाफ विवादित बयान देते हुए करतारपुर कॉरिडोर पर भी विवादित टिप्पणी की है। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के संस्थापक और नेता खादिम हुसैन रिज़वी ने एक भाषण में कहा कि जिसे सिखों से ज्यादा प्यार हो वह सरहद पार अमृतसर चले जाएँ।
एक रिपोर्ट के मुताबिक रिज़वी वही नेता हैं, जो पूरे पाकिस्तान में अपने हिंसक प्रदर्शनों के लिए सुर्ख़ियों में आए थे। इन प्रदर्शनों में करीब 200 लोग घायल हो गए थे जबकि 6 लोगों की इस दौरान मौत हो गई थी। रिज़वी के इशारे पर वहाँ यह आंदोलन सरकार के एक फैसले के विरोध में हुआ था। उस फैसले को लेकर यह आरोप भी लगाया गया था कि वह पाकिस्तान के प्रताड़ित अहमदिया सम्प्रदाय के पक्ष में था।
दरअसल यह निर्णय शपथ लेने के सम्बन्ध में था, जिसमें पैगम्बर मोहम्मद के नाम की जगह किए जाने वाले बदलाव के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया था। हालाँकि वहाँ की सरकार ने जनता के गुस्से को भाँपते हुए अपने इस निर्णय को एक गलती कहकर वापस ले लिया था। मगर यह प्रदर्शन कानून मंत्री के इस्तीफ़ा देने तक नहीं थमा था। इस फैसले के लिए कानून मंत्री पर ईशनिंदा के आरोप भी लगे थे।
बता दें कि जब पिछले साल आसिया बीबी पर ईशनिंदा के आरोप लगे थे, रिज़वी ने उस वक़्त भी ऐसे ही प्रदर्शन करने का ऐलान किया था हालाँकि तब उन्हें और उनकी पार्टी के दर्जन भर लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। रिज़वी पर आतंकवाद के तहत मुक़दमे भी हुए थे।
पैगम्बर मुहम्मद पर कार्टून कम्पटिशन का ऐलान करने के लिए एक पुर्तगाली नेता गीर्त विल्डर्स के खिलाफ भी रिज़वी ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इस दौरान रिज़वी ने विल्डर्स को लेकर एक फतवा भी जारी कर दिया था। साथ ही उनकी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने माँग की थी कि पुर्तगाली राजदूत को तुरंत देश छोड़ देने के लिए कह देना चाहिए। रिज़वी के इस कदम से नीदरलैंड के साथ पाकिस्तान के सम्बन्ध भी काफी तनावपूर्ण हो गए थे।
आपको बता दें कि आतिश तासीर के पिता सलमान तासीर के हत्यारे मुमताज़ कादरी की फाँसी के बाद यह पार्टी अस्तित्व में आई थी। इसके लिए रिज़वी ने उसका काफी समर्थन किया था और उसकी रिहाई के लिए कई प्रदर्शन भी किए थे।
हैदराबाद में डॉक्टर प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) रेप और हत्याकांड में पुलिस ने जो रिमांड कॉपी तैयार की है, उसकी एक कॉपी ऑपइंडिया ने भी एक्सेस की है। इस पूरी वारदात से लेकर उसकी जाँच और फिर आरोपितों की धर-पकड़ तक, इसमें पुलिस ने सभी जानकारियाँ एक जगह लिखी हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे सूचना मिलने पर जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे तो उन्होंने पीड़िता की झुलस चुकी लाश बरामद की। पुलिस ने बताया है कि डॉक्टरों को घटनास्थल पर ही बुला कर ‘स्पॉट ऑटोप्सी’ कराई गई। पीड़िता की बहन ने बताया कि रात 9.30 बजे डॉक्टर रेड्डी ने उसे कॉल कर के स्कूटी पंक्चर होने की बात कही थी। उसने अपनी बहन को बताया था कि कुछ लॉरी ड्राइवर उसका पीछा कर रहे हैं और उनमें से एक ने उसकी स्कूटी भी ले ली है।
पीड़िता ने अपनी बहन को जो फोन कॉल किया था, उसमें उन्होंने बताया था कि वो लॉरी ड्राइवरों और उनके साथियों की हरकतों से काफ़ी डरी हुई हैं। पुलिस ने उस बातचीत को रिकॉर्ड कर एक सीडी में सबूत के रूप में डाला। परिजनों ने डॉक्टर रेड्डी की अंडरवियर, एटीएम डेबिट कार्ड, फोटो, चप्पल और पर्स देख कर पीड़िता की पहचान की। दरअसल, पुलिस को भी इस बात की सूचना एक व्यक्ति से मिली थी। वह व्यक्ति अपने खेत में जा रहा था। उसने कुछ जलते देखा तो यह समझ कर नज़रअंदाज़ कर दिया कि किसी ने ठण्ड से बचने के लिए अलाव जलाया है। लेकिन, लौटते वक़्त उसकी नज़र पीड़िता के हाथ पर पड़ी और इसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस की रिपोर्ट में आरोपितों के नाम एवं उम्र इस प्रकार हैं- मोहम्मद आरिफ (26), जोल्लू शिवा (20), जोल्लू नवीन कुमार (20) और चिन्ताकुट्टा चेन्ना केशवुलु (21)। पहले ख़बरों में सम्भावना जताई जा रही थी कि एक आरोपित नाबालिग है लेकिन पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, चारों बालिग़ हैं। मोहम्मद आरिफ ने पेट्रोल पम्प पर अपनी गाड़ी लगाई और फिर उसने अपने साथियों को खाना खाने के लिए बुलाया। वहाँ उन्होंने अपने साथ व्हिस्की और 2 लीटर थम्स-अप बोतल के साथ खाना-पीना शुरू किया। उसके एक दिन पहले भी वो सभी लॉरी में ही सोए थे।।
आरोपितों के कबूलनामे के अनुसार, शाम को जब वो खा-पी रहे थे, तभी एक युवती आई और उसने अपनी स्कूटी लॉरी की बाईं तरफ़ पार्क की। इसके बाद वो लड़की चली गई। तब नवीन और केशवुलु ने योजना बनाई कि ‘जब वो युवती वापस आएगी, तब वो लोग अपनी यौन इच्छा पूरी करने के लिए उसका इस्तेमाल करेंगे।’ नवीन ने योजना बना कर स्कूटी को पंक्चर कर दिया। आरोपितों ने एक व्हिस्की की बोतल खाली करने के बाद फिर व्हिस्की ख़रीदी और उसे भी आधा खाली कर दिया। जब युवती वापस आई तो मोहम्मद आरिफ ने उसे कहा- “मैडम, लगता है आपका टायर पंक्चर हो गया है।” फिर उसने लड़की को एहसास दिलाया कि वो लोग टायर ठीक करवा देंगे।
प्लान के तहत शिवा को टायर में हवा भरवाने के लिए भेज दिया गया और बाकी आरोपित युवती से बातचीत करते रहे। इसी दौरान उक्त युवती (पीड़िता) ने कहीं फोन कॉल किया। जोल्लू शिवा उस लॉरी में साफ़-सफाई का काम करता था। जब वो टायर लेकर आया, तो उसने बहाना बनाया कि दुकान बंद है। फिर अन्य आरोपितों ने उसे स्कूटी लेकर टायर में हवा डलवाने भेज दिया। जब शिवा वहाँ से स्कूटी लेकर लौटा, तब मोहम्मद आरिफ ने युवती का हाथ पकड़ा और केशवुलु ने उसके पाँवों को जबरन जकड़ लिया। नवीन ने युवती के कमर को पकड़ कर उठा लिया और तीनों मिल कर उसे दीवार के पीछे झाड़ियों में लेकर चले गए।
‘प्रीति रेड्डी’ मदद के लिए बार-बार चिल्ला रही थी। वो जोर-जोर से चीख रही थी। तब मोहम्मद आरिफ ने अपने हाथ से उसका मुँह दबा कर बंद कर दिया। शिवा ने जबरन युवती के कपड़े उतार डाले। वो तब भी लगातार चिल्ला रही थी। ये देख कर नवीन और केशवुलु ने व्हिस्की की बोतल ही पीड़िता के मुँह में उड़ेल दी। आरोपितों ने पीड़िता का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर दिया। सबसे पहले केशवुलु ने उसके साथ बलात्कार किया। उसके बाद उसने पीड़िता का पाँव पकड़ा और नवीन ने रेप किया। इसके बाद मोहम्मद आरिफ ने बलात्कार किया। अंत में जोल्लू शिवा ने बलात्कार किया।
डॉक्टर रेड्डी का रेप और बलात्कार पर पुलिस की रिपोर्ट का एक अंश
गैंगरेप के कारण अत्यधिक ख़ून बहने से पीड़िता होश में नहीं रहीं। जैसा कि आरोपितों ने कबूल किया है, इसके बाद पीड़िता को मार डालने का निर्णय लिया गया। इस को अंजाम देने के लिए मोहम्मद आरिफ ने पीड़िता के मुँह और नाक को तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो गई। बाद में उसे चादर में लपेट कर ले जाया गया और जला दिया गया। मोहम्मद आरिफ ने डेड बॉडी पर पेट्रोल डाला, नवीन ने डीजल डाला और शिवा ने आग लगाई। सिम कार्ड और हैंडबैग को भी आग में फेंक दिया गया। इसके बाद आरोपितों ने स्कूटी को कोथूर बस स्टॉप के पास पार्क कर दिया। इसके बाद चारों आरोपित वहाँ से भाग निकले।
आरोपितों ने पीड़िता की घड़ी, हैंडबैग, मोबाइल फोन और पावर बैंक को अपनी लॉरी में डाल दिया। पुलिस को उस पेट्रोल पम्प वर्कर का भी कॉल आया, जिसने दो आरोपितों को देखा था। उसने यह भी बताया कि वो आरोपितों को देखते ही पहचान लेगा। पुलिस ने लॉरी को भी जब्त कर लिया है। यह भी पता चला है कि घटना से पहले उन लोगों की लॉरी ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ी भी थी। फ़िलहाल सभी आरोपितों को 14 दिनों की रिमांड पर भेजा गया है।
असम में भाजपा के सत्ता में आने के बाद अन्धविश्वास के चलते होने वाले अपराध में गिरावट आई है। असम में प्रचलित अंधविश्वास की एक कुप्रथा ‘विचहंट’ में होने वाली हत्या की घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। दरअसल ‘विचहंट’ एक कुप्रथा है, जिसका आधार ही अंधविश्वास है।
शनिवार को कॉन्ग्रेस की एक विधायक नंदिता दास के प्रश्न के जवाब में विधानसभा में बोलते हुए असम सरकार के मंत्री चन्द्र मोहन पाटोवेरी ने बताया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने से पूर्व 2011 से 2016 के बीच 107 लोगों ने इस कुप्रथा के चलते अपनी जान गँवाई थी। जबकि इसके बाद भाजपा के शासनकाल के आँकड़ों को देखें तो इन घटनाओं में खासी गिरावट देखी गई। जून 2016 से लेकर अक्टूबर 2019 तक के बीच राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद अंधविश्वास के चलते होने वाली हत्या का आँकड़ा गिरकर 23 पर आ गया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक असम के निचले भाग में पड़ने वाले कोकराझार जिले में इस कुप्रथा के चलते सबसे ज्यादा मर्डर होते रहे हैं। इस इलाके में 2011 से लेकर अक्टूबर 2019 तक करीबन 22 हत्या हो चुकी हैं। वहीं पड़ोस का चिरांग जिला इस मामले में 19 हत्याओं के आँकड़े के साथ दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा इस मामले में होने वाली हत्याओं की फेहरिस्त में राज्य 21 अन्य जिलों के नाम शामिल हैं, जिनमें से अधिकतर बोडोलैंड सीमा में पड़ने वाले जिले हैं।
इस मामले में जवाब देते हुए पाटोवेरी ने बताया कि राज्य सरकार ने अक्टूबर में असम विचहंट एक्ट 2015 में लोगों को जागरूक करने के कई कार्यक्रम भी शुरू किए, जिससे ऐसी अंधविश्वास की कुप्रथाओं से निजात मिल सके। उन्होंने बताया कि हाल ही के आँकड़े के मुताबिक जो 23 मौतें हुईं, उनमे 12 पुरुष थे जबकि 11 महिलाएँ।