"पाकिस्तान को कई बार सबूत दिए गए। लेकिन आतंकी संगठनों के खिलाफ उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। पाकिस्तान के रुख को देखते हुए हमने यह रणनीति तैयार की।"
अब वामपंथी मीडिया गिरोह के धूर्त पत्रकारों का इंतजार है कि वो कैसे हमें ज्ञान देते हैं कि 'जब पाकिस्तान शांति के लिए हाथ बढ़ा रहा है, तब हम उस पर हमला क्यों कर रहे हैं'।
दोनों देशों ने आपात बैठक बुलाई है। एक तरफ जहाँ पीएम मोदी खुद इमर्जेंसी बैठक का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में यह बैठक विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में किया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना ने 1000 किलोग्राम वजन वाले बम गिरा कर पाकिस्तानी ज़मीन पर स्थित कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। आज सुबह साढ़े 3 बजे भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमानों के एक ग्रुप ने सीमापार में जैश के कैम्पों पर बम बरसाए।
पहला स्कूल बनाने के लिए अहमद अली ने अपनी ही पुस्तैनी जमीन का एक टुकड़ा बेच दिया था और दूसरा हिस्सा स्कूल के लिए दान कर दिया था। स्कूल चलाने के लिए कुछ धन अहमद अली ने अपनी मेहनत, बचत और कुछ चंदे के रूप में जुटाया।
प्रसारण नियमों के उल्लंघन पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में, चैनलों से 7 दिनों के अंदर जवाब माँगा गया है। और पूछा गया है कि क्यों सरकार को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू नहीं करनी चाहिए।
कॉन्ग्रेस भले ही जवानों की इस माँग को पूरा करने में विफल रही हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में यह चीज तब से थी, जब वो पीएम नहीं बने थे। इस मंच से उन्होंने किया था कि सत्ता में आते ही देश के सैनिकों की याद में युद्ध स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।
मोदी के ऐसे प्रतीकात्मक कार्य आपको नौटंकी ही लगेंगे क्योंकि आप न तो लोयथम रिचर्ड को जानते हैं, न ही नाइदो तनियम को। आप उन हजारों उत्तर-पूर्व के लोगों को नहीं समझ पाते, और उनकी वेशभूषा पर टिप्पणियाँ करते हुए, उसके बालों के कारण उसकी जान ले लेते हैं।
सुरक्षाबलों के मानवाधिकार संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी किया गया।