शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और शायद पवार के भाई के पोते रोहित पवार के साथ फोटो डाल कर दिखाया कि दोनों दलों के पास अगली लाइन की लीडरशिप तैयार है। रोहित और आदित्य पहले से ही दोस्त हैं। रोहित हाल ही में विधायक बने हैं।
सीएम योगी ने धार्मिक स्थलों, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों, एटीएम और बैंकों समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
उद्धव ठाकरे को न सिर्फ़ अपनी पार्टी बल्कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी की भी चिंता सता रही है। वह मातोश्री से निकल कर ललित होटल में रुके शिवसेना विधायकों से मिलने पहुँचे। उससे पहले वो पोवई में स्थित आरएमसी सेंटर पहुँचे, जहाँ एनसीपी के विधायकों को ठहराया गया है।
सुनवाई के दौरान कॉन्ग्रेस नेता सिंघवी ने पूछा कि मात्र 42-43 विधायकों के समर्थन से अजित पवार उप-मुख्यमंत्री कैसे बन सकते हैं? जबकि एनसीपी दावा कर रही है कि उसके 54 में से 49 विधायक वापस लौट आए हैं।
58 वर्षीय बाजवा को नवम्बर 2016 में पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज़ शरीफ ने इस पद पर नियुक्त किया था। इसके बाद इमरान खान की सरकार ने भी बाजवा को इस पद पर रहने के लिए तीन साल का एक्सटेंशन दे दिया था।
राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
“सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग और पुलिस भाजपा के चार मुख्य पार्टी कार्यकर्ता हैं। वर्तमान गवर्नर भी उनके कार्यकर्ता हैं, लेकिन भाजपा अब अपने ही खेल में फँस गई है। यह उनके अंत की शुरुआत है।”
"मैं सुरक्षित हूँ। मैं एनसीपी के निशान पर चुनाव जीतकर आया हूँ, इसलिए पार्टी बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। शरद पवार और अजित पवार जो भी फ़ैसला लेंगे मैं उसके साथ हूँ। किसी भी अफ़वाह पर विश्वास न करें।”
बिहार और कश्मीर के मुस्लिम छात्रों के बीच झगड़ा हुआ। वायर का दावा है कि कश्मीरी छात्रों को आतंकी कहा गया। लेकिन, एफएआईआर में इसका कोई जिक्र नहीं है। पुलिस ने भी इस दावे को झूठा करार दिया है।
कॉन्ग्रेस नेता ने महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर ताबड़तोड़ ट्वीट किए। मौजूदा हालात को ठाकरे परिवार के प्रतिष्ठा का सवाल बताते हुए उन्हें सड़क पर उतरने की नसीहत दी।
मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने साबित कर दिया कि देश में शांति, एकता और सद्भावना के मूल्य सर्वोपरि हैं। फ़ैसला आया तो पूरे देश ने उसे दिल खोलकर गले लगाया। पूरी सहजता और शांति के साथ स्वीकार किया।
वाइसचांसलर राकेश भटनागर ने कार्यकारिणी परिषद से 20 नवंबर तक की पूर्व सहमति ले ली थी ये डर दिखाकर कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो मानवसंधान मंत्रालय और UGC इन पदों को कभी भी लैप्स कर देगा इसलिए औपचारिकताओं को निभाए बगैर उन्हें नियुक्ति का अधिकार दें। उन्होंने दावा किया कि ऐसा JNU में भी होता आया है।
कॉन्ग्रेस-शिवसेना-एनसीपी की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें पेश की। सिब्बल ने कोर्ट से कर्नाटक की तर्ज पर 24 घंटे के भीतर बहुमत परीक्षण कराने का आदेश देने की माँग की।
पंजाब पुलिस ने जब इस मॉड्यूल को चला रहे लखविंदर सिंह और उसके अन्य साथियों से पूछताछ की तो यह पता चला कि उन लोगों को शामली ज़िले का राज सिंह नामक व्यक्ति हथियारों के साथ दस हैंड ग्रेनेड, 1 पिस्टल और 20 कारतूस की सप्लाई देने वाला था।
“सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्देश देगा, हम उसका पालन करेंगे। राज्यपाल ने हमें 30 नवंबर तक का समय दिया है, हम 170 विधायकों या उससे अधिक के साथ बहुमत साबित करेंगे।”
भारतीय दूतावास के अधिकारियों के लगातार फोन आने से घबरा कर शुक्रवार को नदीम पाकिस्तान भाग गया। सोशल मीडिया एक्सपर्ट ने उसका पता लगाकर जानकारी एजेंसियों को सौंप दी है।
छोटे दलों और निर्दलीयों को लेकर कोई भी दल पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। मसलन, भारतीय शेतकारी कामगार पार्टी ने चुनाव कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन के साथ लड़ा था। लेकिन, उसके इकलौते विधायक श्यामसुंदर शिंदे बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं।
ज़हीर सैयद महाराष्ट्र के गढ़चंदूर स्थित महाविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं। उनका दावा है कि राजनीतिक घटनाक्रम से वे ‘सदमे’ में हैं और बीमार हो गए हैं। हालॉंकि छुट्टी की उनकी अर्जी नामंजूर की दी गई है।
न्यायमूर्ति एनवी रमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी शामिल हैं। वे 2018 में कर्नाटक राजनीतिक संकट के दौरान फ्लोर टेस्ट का आदेश देने वाली तीन-सदस्यीय पीठ के भी सदस्य रहे हैं।
जिलानी ने दावा किया कि 5 सदस्यीय पीठ ने जो फ़ैसला दिया है, वो अंतिम नहीं है। जिलानी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव भी हैं। बोर्ड ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कही थी।
एनसीपी नेता अजित पवार के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार की सुबह शपथ ली। पवार उपमुख्यमंत्री बने हैं। इसे शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
शिवसेना के नेता मिलिंद नार्वेकर और एकनाथ शिंदे दो एनसीपी विधायकों संजय बंसोड और बालासाहब पाटिल को मुंबई एयरपोर्ट से लेकर आए। कहा जा रहा है कि ये दोनों अजित पवार गुट के विधायक हैं।
कहा जाता है कि पवार ने 41 साल पहले जो कुछ किया था वो अपने राजनीतिक गुरु यशवंत राव चव्हाण के इशारे पर किया था। तो क्या अजित भी अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार की मिलीभगत से ही भाजपा के पाले में गए हैं?
78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।
"अतिक्रमण को जायज़ ठहराना मंदिर की प्रॉपर्टी के साथ छेड़छाड़ जैसा है और इस तरह का कोई भी कार्य जिसमें मंदिर की जरूरत के अलावा उसमें किसी तरह की तोड़फोड़ की जाए तो यह हिन्दू भावनाओं को भड़काने जैसा होगा।"
"धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है। जहाँ तक सवाल आयुर्वेद विभाग के संस्कृत प्रोफेसर पद के लिए फिरोज खान के आवेदन का है तो यह उनका निजी विषय है, और अगर प्रशासन उनकी नियुक्ति करता है तो यह प्रशासन का विषय है। लेकिन संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में..."
67 वर्षीय पाक पीएम के इस बयान पर लोगों ने उनका मज़ाक बनाया। पत्रकार नायला इनायत ने पूछा कि इतनी उम्र और अनुभव होने के बावजूद इमरान ख़ान ने ब्लड प्लेटलेट्स के बारे में नहीं सुना है। यह अजीब है।
"मुझे पता है कि 10-11 विधायक अजित पवार के साथ हैं। लेकिन बागी विधायकों को मेरी चेतावनी है। मैंने अपने भतीजे अजित के फ़ैसले का समर्थन नहीं किया है। अगर विधायक उससे हाथ मिलाते हैं तो उन्हें दल-बदल विरोधी क़ानून याद रखना चाहिए। वे अपनी सदस्यता खो सकते हैं।"
संजय राउत ने कहा कि वो धनंजय मुंडे के संपर्क में हैं। साथ ही उन्होंने अजित पवार के वापस आने की भी संभावना जताई है। उनका कहना है कि अजित पवार को ब्लैकमेल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कौन है, इसका खुलासा जल्द ही सामना अखबार में किया जाएगा।
शिवसेना ने भी अपने विधायकों को काफ़ी दिनों तक ठाकरे परिवार के निवास मातोश्री के पास ही स्थित एक होटल में रखा था। उन विधायकों को आधार कार्ड के साथ तलब किया गया था। अब कॉन्ग्रेस के विधायक भी जयपुर के रिसोर्ट में जाएँगे।
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हट गया और देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार एनसीपी के एक धड़े के साथ भाजपा से जा मिले और डिप्टी सीएम बने। कब, क्या और कैसे हुआ, पल-पल की कहानी।
"अभी लोकतंत्र की हत्या हो गई? जब शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित होकर 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या?"
''अजित पवार के साथ गए आठ विधायकों में से पाँच वापस आ गए हैं। उनसे भी झूठ बोला गया और इस तरह कार में बैठाया गया जैसे किसी को अगवा किया जाता है। अगर हिम्मत है तो विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएँ।''
केंद्रीय मंत्री आठवले ने पिछले दिनों कहा था कि अमित शाह ने कहा है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और महाराष्ट्र में भाजपा की ही सरकार बनेगी। अब उन्होंने शरद पवार की एनसीपी को केंद्र में 2 कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री का पद दिए जाने की संभावना जताई है।
शुक्रवार की रात तक एनसीपी और कॉन्ग्रेस के समर्थन से शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही जा रही थी और ख़ुद शरद पवार ने कहा था कि उद्धव के नाम पर सहमति बन गई है। लेकिन सुबह महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का अंत भी हो गया और...
महज 35 किलोमीटर दूर स्थित दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अपने-अपने सचिवालय और बजट हैं। एक जिले वाले दादरा-नगर हवेली और दो जिलों वाले दमन-दीव के विलय से प्रशासनिक खर्चों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति ने आज कइयों को हँसने का मौका दिया। राज्य में बदले राजनीतिक समीकरण के कारण ट्विटर पर कई चुटकुलों और मीम ने अपनी जगह बनाई, जमकर शेयर किए गए।
30 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान से पूर्व यह हमला हुआ है। जिस जगह हमला किया गया वहॉं से 30 किमी दूर गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने रैली की थी। घटनास्थल से 80 किमी दूर पलामू ज़िले में सोमवार को पीएम मोदी की रैली होनी है।
"सदन में वो (फडणवीस और अजित पवार) बहुमत पेश नहीं कर पाएँगे, हम फिर से सरकार बनाने का प्रयास करेंगे। सरकार का नेतृत्व शिवसेना के पास हो ऐसा हमारा प्रयास होगा। बहुमत साबित होने तक हम साथ रहेंगे।"
कला संकाय में वैकेंसी नहीं है, केवल एक पद आयुर्वेद विभाग में खाली है। संभवतः वहाँ उन्हें चुन लिया जाएगा। इसके बाद फ़िरोज़ ख़ान SVDV से त्यागपत्र दे देंगे, क्योंकि उनकी जॉइनिंग वाइस चांसलर ऑफ़िस में हो चुकी है।
1978 में कॉन्ग्रेस पार्टी की वसंतदादा की सरकार से अलग होकर शरद पवार ने कॉन्ग्रेस तोड़ कर सोशलिस्ट कॉन्ग्रेस बना ली थी। कॉन्ग्रेस की सरकार गिरा कर खुद सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बन गए थे। उनके भतीजे अजीत पवार ने वही कड़वी दवा शरद पवार को पिला दी है।
"6 साल पहले राहुल गाँधी के कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष बनने से पहले उनकी माँ ने उन्हें चेतावनी दी थी कि 'पवार ज़हर हैं'। लेकिन, राहुल ने उनकी चेतावनी को ठीक से न समझते हुए 'पावर ज़हर है' पर भाषण दिया। लेकिन, अब उन्हें पता चल गया होगा कि..."
1. तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल है कि फ़िर भी तुम्हें यक़ीन नहीं 2. हम बुरे ही ठीक हैं, जब अच्छे थे तब कौन सा मेडल मिल गया था… ऐसे ही 17 शायरी-नुमा ट्वीट कर संजय राउत ने रायता फैला दिया था। लोग कह रहे हैं कि आज रायता महक गया 🙂
शनिवार को शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस के नेताओं की ओर से महाराष्ट्र में नई सरकार का ऐलान होना था। लेकिन किसी को नहीं पता था कि शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी तीन दिवसीय दिल्ली यात्रा रद्द कर दी थी क्योंकि...
महाराष्ट्र में अब तक राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP), कॉन्ग्रेस और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर कोशिशें की जा रही थी। इसके लिए 22 नवंबर को तीनों पार्टियों के बीच दो घंटे तक बैठक भी हुई। इस बैठक में उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी लेकिन...
“हम किसानों की समस्या को हल करने के लिए साथ आए हैं। नतीजे आने के दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं थी, महाराष्ट्र किसान मुद्दे सहित कई समस्याओं का सामना कर रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को लेकर भरोसा जताया है।
पुलिस ने कुरान जलाने वाले और उनपर हमला करने वाले लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चेतावनी के बावजूद कुरान को जला डाला। कुरान की एक प्रति को जलाया गया और 2 अन्य किताबों को कूड़ेदान में डाल दिया गया।
छात्रों ने सिक्योरिटी गार्ड को भी धमकी दी। जब गार्ड ने छात्रों के बात करने के रवैये पर ऐतराज जताया तो एक छात्रा ने उसे चुप रहने की हिदायत देते हुए कहा कि सिक्योरिटी गार्ड बात नहीं करेगा। छात्रों ने लैब के एंट्रेंस पर पोस्टर भी चिपका रखे थे।