"मैं सोचता रहा, मतभेद तो हो सकता है, लेकिन मेरे भाइयों में अचानक इतनी कड़वाहट कहाँ से आ गई कि वो श्रीराम का दर्शन भूल गए जो हर माँ को अपनी माँ मानते थे।"
'वाक्यज्ञ' - अर्थात जो वाक्य के मर्म को समझता हो। वाणी ऐसी मधुर कि तलवार उठाया हुआ शत्रु भी झुक जाए। वेदों के ज्ञाता थे हनुमान जी। बिना अशुद्धि धाराप्रवाह बोलते थे। उच्चारण सटीक था, भाव-भंगिमा उनकी वाणी का साथ देती थी।
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने पुष्टि की है कि उनके देश ने बेलारूस में परमाणु हथियारों के जखीरे को स्थानांतरित किया है। यूक्रेन युद्ध में होगा इस्तेमाल?
महाराष्ट्र के वाशी में सेंट लॉरेंस स्कूल में जय श्रीराम का नारा लगाने पर कक्षा 10 के 6 बच्चों को सस्पेंड कर दिया गया था। प्रिंसिपल ने इन आरोपों को नकारा है।