बसंत बताते हैं कि वह तपोवन में तीन साल से काम कर रहे हैं। उस दिन भी उन्होंने 8 बजे से काम शुरू किया और साढ़े 10 बजे उन्हें एक भयानक आवाज सुनाई दी। उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला।
“मैंने किसी चीज़ की किसी को सफाई देने के लिए किताब नहीं लिखी है। मैं अपने जीवन में ऐसी जगह थी जहाँ मैं बैठी और मैंने मील के पत्थर दर्ज किए। ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि...”
वीडियो में देखा जा सकता है कि उसके पास मिट्टी का एक चूल्हा है। रोटी पकाने के लिए तवा तक नहीं है। इसके कारण वह प्लेट को ही आँच पर डाल कर रोटी पका रहा था।
ट्विटर की हरकतों का संज्ञान लेते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इसके कई संगठन ट्विटर, से मेड-इन-इंडिया प्लेटफ़ॉर्म 'कू' (Koo) की ओर रुख कर चुके हैं।
आन्दोलनजीवी प्रशांत भूषण को ये जानकारी ही नहीं थी कि चरखी-दादरी उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि हरियाणा राज्य में स्थित है। इसके बाद वो ट्विटर पर चर्चा में बने हुए हैं।
ताइवान के युद्ध विशेषज्ञ केरी गेर्शनेक ने अपनी पुस्तक 'पॉलिटिकल वॉरफेयर चीन' में चीन द्वारा दुनिया पर अपना वर्चस्व बनाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही रणनीतियों के बारे में बताया है।
CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि भारतीय थल सेना, वायु सेना, NDRF, ITBP, SDRF तत्परता से बचाव कार्य में घटनास्थल पर पहुँच चुके हैं और अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।