"इन सबको पता था कि आगे क्या होने वाले वाला है। हमारे बराबर में एक मात्र मुस्लिम व्यक्ति का बाइक का शोरूम है। इलाके में हिंसा फैलने से पहले ही 26 फरवरी को सुबह 5 बजे ही उसने सभी बाइकों को शोरूम से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया। फिर खुद को पीड़ित दिखाने के लिए पहले तो शोरूम में तोड़फोड़ की और फिर...
माँ-बहन की गाली से लेकर वेश्या, सेक्स में भी हिंदू-मुस्लिम के एंगल को घुसेड़ कर फेसबुक पर एक महिला को तंग किया जाता है। जिसने ऐसा किया है, उनके नाम हैं - तनवीर और अरशद। ये दोनों इतने 'डरे हुए' हैं कि गालियों की बौछार के बाद किडनैप कर रेप की भी धमकी देते हैं।
अजित पवार खुलकर CAA के समर्थन में आ गए हैं, जबकि उनके चाचा शरद पवार इसका विरोध कर रहे। उद्धव CAA पर तो सहमत हैं लेकिन NRC-NPR पर इनकार कर रहे। अपने CM की लाइन से हटकर अजित पवार ने NRC और NPR के लिए भी समर्थन दे दिया है, वो भी बहुत ही राजनीतिक तरीके से!
"हज़ारों दंगाइयों की चपेट में आकर एक मजहबी दंगाई की भी मौत हो गई। लेकिन दंगाई उसे उठाकर अस्पताल नहीं ले गए बल्कि अपने घर ले गए। 24 घंटे तक घर में दंगाई युवक का शव रखा रहा। जैसे ही केजरीवाल सरकार ने दंगों में मारे गए लोगों को मुआवजा देने की घोषणा की, वैसे ही..."
आसपास के माहौल को शांत देख कर नितिन ने घर से बाहर पैर तो रखा, लेकिन दंगाइयों से अपनी जान बचा पाने में असफल रहा। उसे गोली लगी या पत्थर... किसी को कुछ नहीं पता। लेकिन जब उसे अस्पताल ले जाया गया तब वो जिंदा था, मगर सिर में चोट इतनी गहरी थी कि वो 3-4 घंटे में ही जिंदगी की जंग हार गया।
अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के लिए दूध लेने निकले दिनेश को मजहबी भीड़ ने मार डाला। उनके भाई ने कहा कि पुलिस हिन्दुओं के पास से एक चाकू मिलने पर भी कार्रवाई करती है, जबकि मुस्लिम घर-घर में हथियार रखते हैं। उन्होंने एक-एक मुस्लिम के घरों की तलाशी लेने की माँग की।
अंकित उनसे हाथ-पाँव जोड़ कर विनती कर रहे थे कि वो पत्थरबाजी न करें। तभी दंगाई भीड़ अचानक से आगे बढ़ी और उन्होंने मिल कर अंकित की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद क्या हुआ, ये चश्मदीद प्रदीप वर्मा ने ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए सब कुछ बताया है। देखें वीडियो।
जितने बड़े स्तर की तैयारी इस्लामी कट्टरवादियों ने की थी, वो 1 दिन में हो ही नहीं सकती। अब देखिए 23 फ़रवरी का वो लाइव वीडियो, जो बताता है कि कपिल मिश्रा के बयान से पहले ही दंगाई भीड़ ने दंगे शुरू कर दिए थे। ये वीडियो है इसका सबसे बड़ा सबूत।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि बड़े-बड़े कंटेनर्स हैं, जिसमें तेजाब, सल्फ्यूरिक एसिड, सल्फर वगैरह भरे हुए हैं। और 5000-5000 लीटर वाले तमाम कंटेनर के ऊपर लिखा गया है ‘गंगाजल’। इसी 'गंगाजल' को मुस्तफाबाद, चाँदबाग, करावल नगर और यमुना विहार जैसे हिंसाग्रस्त इलाके में भर-भर कर सप्लाई किया गया।
लाश बरामद होने के बाद से ही इलाके में सनसनी फैली गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पड़ोस के लोगों से भी इस मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।