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1 पाइप के सहारे चल रही है उत्तरकाशी की सुरंग में 40 जिंदगी, अब 3 फीट व्यास वाले पाइप से मजदूरों को बाहर निकालने का प्लान

उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग के भीतर फँसे 40 मजदूरों को अब लगभग 3 फीट व्यास वाले पाइपों से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। घटनास्थल पर पाइप पहुँचाए जा चुके हैं। उन्हें मलबे के बीच से मजदूरों तक पहुँचाया जाएगा।

यह मजदूर 12 नवम्बर को सुबह 5:30 बजे इस सुरंग में अचानक मलबा आने से फँस गए थे। तब से ही NDRF, SDRF, राज्य पुलिस समेत तमाम एजेंसियाँ इनके रेस्क्यू में लगी हुई हैं। सभी मजदूर अभी सुरक्षित हैं और रेस्क्यू टीम से बात कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पहले मलबा हटाकर इन्हें निकालने का प्रयास किया गया था लेकिन बराबर नया मलबा आने के कारण विशेषज्ञों को दूसरी योजना बनानी पड़ी। इसके पश्चात मलबे के किनारे से एक पाइप डालकर मजदूरों तक पहुँचने की योजना बनाई गई। अगर टीम पहले मलबा हटाने में सफल हो जाती और नया मलबा ना आता तो इन्हें कल निकाल लिया गया होता।

इसी के लिए सुरंग के बाहर 900 मिलीमीटर व्यास वाले पाइप लाए गए हैं और उन्हें मशीनों के जरिए अब मलबे के बीच से गुजारा जाएगा। इस बीच मजदूरों को खाना, पानी, ऑक्सीजन और दवाइयों की सप्लाई एक अन्य पाइप के माध्यम से हो रही है।

मौके पर मौजूद NDRF के कमान्डेंट मणिकांत मिश्रा ने मजदूरों से वॉकीटॉकी के माध्यम से बात की है। उन्होंने मजदूरों को भरोसा दिलाया है कि वह उन्हें जल्द ही निकाल लेंगे। मौके पर राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों समेत उत्तरकाशी प्रशासन मौजूद है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बात की है। एक टीम भी इस समय उत्तरकाशी सुरंग हादसे की जाँच के लिए गठित की गई है जो कि घटनास्थल पर पहुँच कर जायजा ले रही है। टीम ने उस पहाड़ी का भी दौरा किया है जिसके अंदर से होकर यह सुरंग गुजर रही है।

घटनास्थल पर मलबा काटने वाली मशीन लगाई गई है, इसको स्थापित करने के लिए पहले पूजा भी की गई

यहीं पर बाहर एक अस्थायी अस्पताल भी स्थापित किया गया है। फँसने वाले मजदूरों में उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार के मजदूर शामिल हैं।

अरे मूर्खों के सरदार… राहुल गाँधी के ‘मेड इन चाइना’ वाले झूठ पर PM मोदी ने किया करारा प्रहार, बताया – आज भारत में बनते हैं ₹3 लाख करोड़ के मोबाइल फोन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को मूर्खों का सरदार करार दिया है। पीएम मोदी ने मंगलवार (14 नवंबर, 2023) को मध्य प्रदेश के बैतूल में ‘विजय संकल्प महारैली’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खुद को मूलतः पार्टी संगठन का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि कितना ही बड़ा नेता क्यों न आता हो, लेकिन सुबह 11 बजे चुनाव की सभा करना लोहे के चने चबाने जैसा काम होता है, लेकिन आपने तो कमाल ही कर दिया है।

उन्होंने लोगों के आशीर्वाद को नमन और कार्यकर्ताओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि ये एक तरह से MP के चुनाव में उनका जनसभाओं का आखिरी दौर है। उन्होंने याद दिलाया कि 15 नवंबर की शाम को प्रचार अभियान पूरा हो जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस इसी दिन वो भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म स्थान पर जा रहे हैं। इसी दिन बिरसा मुंडा का जन्मदिवस है और झारखंड का भी जन्मदिवस है, इसलिए वो ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने के लिए वहाँ जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे 17 नवंबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कॉन्ग्रेस के नेताओं के दावों की पोल खुलती जा रही है। उन्होंने बताया कि आज हमें पूरे MP से रिपोर्ट मिल रही है कि कॉन्ग्रेस ने हार मानकर खुद को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव मध्य प्रदेश के विकास को डबल इंजन की रफ्तार देने के लिए है। नौजवानों, महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर देने के लिए है। कॉन्ग्रेस के लूट और भ्रष्टाचार के पंजे को मध्य प्रदेश से दूर रखने के लिए।

पीएम मोदी ने बैतूल में कहा, “कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि मोदी की गारंटी के सामने कॉन्ग्रेस के झूठे वादे एक पल भी नहीं टिक सकते। मोदी की गारंटी का मतलब है – गारंटी पूरा होने की गारंटी। कॉन्ग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज के वोट बटोरे, लेकिन सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल जैसी सुविधाओं से आदिवासियों को कॉन्ग्रेस ने हमेशा दूर रखा। कांग्रेस जो वादा करती है, वो कभी पूरा नहीं करती। पिछली बार कर्जमाफी का वादा सरकार बनने के डेढ़ साल बाद तक ये लोग पूरा नहीं कर पाए। वहीं दूसरी तरफ भाजपा है, जो जितना वादा करती है, उससे भी ज्यादा करने का प्रयास करती है।”

उन्होंने कहा कि हमारे दिल में जनजातीय समाज के लिए जगह है, इसलिए जब मौका आया, तो भाजपा ने आपके गौरव को मान दिया, आपकी भावनाओं को समझा। बकौल पीएम मोदी, इसीलिए जनजातीय समाज के गाँव में पैदा हुई बेटी, गरीब परिवार में पैदा हुई बेटी द्रौपदी मुर्मू आज देश की राष्ट्रपति हैं और देश का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कल पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ पर जनजातीय समाज के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की एक बहुत महत्वपूर्ण योजना भी केंद्र सरकार शुरू करने जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश भाजपा ने हर क्षेत्र, हर वर्ग के लिए शानदार संकल्प पत्र जारी किया है और ये संकल्प पत्र मध्य प्रदेश के लोगों का विकास पत्र है। उन्होंने ऐलान किया कि जनजातीय समाज बाहुल्य ब्लॉक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, हर आदिवासी जिले में एक मेडिकल कॉलेज, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ साथ पक्के आवास, किसानों के धान और गेहूं की MSP के लिए भी MP भाजपा की गारंटी की चारो तरफ वाहवाही हो रही है।

पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि वन उपजों और तेंदूपत्ता की खरीद को लेकर जो संकल्प लिया गया है, उससे भी बहुत सारे जनजातीय परिवारों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस तो सिर्फ 6 या 7 वन उपज पर ही MSP देती थी। जबकि भाजपा 90 वन उपजों पर MSP देती है। पीएम मोदी ने कहा कि हार तय देख, कॉन्ग्रेस के नेता बौखला गए हैं। कॉन्ग्रेस के नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को धमकाना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा, “मैं MP के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से कहूँगा कि का कॉन्ग्रेस की धमकियों से डरने की जरुरत नहीं है, आप ईमानदारी से काम करते रहें। MP में आज भी भाजपा है और 3 दिसंबर के नतीजों के बाद भी भाजपा सरकार ही है। 2014 में आपने मुझे देश की सेवा के लिए दिल्ली भेजा था। उसके बाद साल दर साल, दिनों-दिन कॉन्ग्रेस की नफरत मोदी के लिए बढ़ती ही जा रही है। पहले जो 2 गाली देते थे, आज वो मोदी को 20 गालियाँ दे रहे हैं। ये गालियाँ और नफरत, मैं आपके सपनों को पूरा करने के लिए झेल रहा हूँ।”

उन्होंने कहा कि ये मोदी को गालियाँ इसलिए देते हैं, क्योंकि मोदी ने इनके भ्रष्टाचार और घोटालों पर रोक लगा दी है। उन्होंने तंज कसा कि ये वो लोग हैं, जिनके एक प्रधानमंत्री कहते थे कि दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गांव में जाते जाते वो 15 पैसे रह जाते हैं। साथ ही सवाल दागा कि वो कौन सा पंजा था, जो ये पैसे मारता था? उन्होंने राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के एक महाज्ञानी कह रहे थे कि भारत के सब लोगों के पास ‘मेड इन चाइना’ मोबाइल फोन होता है।

इसके बाद पीएम मोदी बोले, “अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनिया में हो। कॉन्ग्रेस के नेताओं को अपने देश की उपलब्धियाँ न देखने की मानसिक बीमारी हो गई है।” फिर उन्होंने जवाब दिया कि आज भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। जब केंद्र में कॉन्ग्रेस सरकार थी, तो भारत में हर साल 20 हजार करोड़ रुपए से कम के मोबाइल फोन बना करते थे, जबकि आज भारत में साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल बनते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश लोकल के लिए वोकल हो रहा है। त्योहारों के अवसर पर भारत में बने उत्पाद, भारतीयों के बनाए उत्पाद खरीद रहा है। साथ ही उन्होंने सवाल दागा कि क्या कॉन्ग्रेस के किसी भी नेता ने लोकल के लिए वोकल होने को कहा? बता दें कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को एक चरण में ही विधानसभा के चुनाव निपटाए जाएँगे, जिसके परिणाम 3 नवंबर को सामने आएँगे। यहाँ मुख्य टक्कर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कॉन्ग्रेस में है।

जहाँ आज तक नहीं गए कोई प्रधानमंत्री वहाँ जाएँगे PM मोदी, PVTG के लिए देंगे ₹24000 करोड़ का पैकेज: ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ की होगी शुरुआत

15 नवंबर को केंद्र की मोदी सरकार ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के तौर पर मनाती है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली झारखंड के ‘उलिहातु’ में होंगे। इस गाँव में पहुँचने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 1875 में 15 नवंबर को ही हुआ था। 2022 में उनकी जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उलिहातु पहुँची थीं। वे इस गाँव में पहुँचने वाली पहली राष्ट्रपति थीं। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के परिजनों से भी मुलाकात की थी।

पीएम मोदी 14-15 नवंबर को झारखंड के दौरे पर होंगे। वे यहाँ खूंटी में तीसरे जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान पीएम ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का आगाज करेंगे।

इसके साथ ही पीएम कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान करेंगे। पीएम-किसान निधि की 15वीं किस्त जारी करेंगे। पीएम इस मौके पर झारखंड में 7200 करोड़ रुपए की लागत से कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।

बुधवार 15 नवंबर को सुबह करीब 9:30 बजे पीएम रांची में भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क और स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का दौरा करेंगे। इसके बाद वे भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु गाँव जाएँगे। वहाँ पीएम मोदी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

कौन है भगवान बिरसा मुंडा

 युवावस्था में ही बिरसा मुंडा अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में नायक बन कर उभरे और जनजातीय समूह ने उन्हें अपने नेता माना। 25 से भी कम उम्र में इन्होंने देश के लिए बलिदान दे दिया। उनका जन्म छोटानागपुर पठार क्षेत्र में 1875 ईस्वी में हुआ था। ईसाईयों द्वारा संचालित एक विद्यालय में कुछ दिन पढ़ने के दौरान उन्हें अंग्रेजों द्वारा जनजातीय समूह के धर्मांतरण की साजिश का पता चला।

उन्होंने मुंडा और उराँव समुदाय को एकजुट किया। 1886-90 में वो चाईबासा के विद्रोह में शामिल रहे। 3 मार्च, 1900 को चन्द्रक्रधरपुर के जम्कोपाई जंगलों में जब ये अपने साथियों के साथ सो रहे थे, तभी अग्रेजों ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके संघर्ष और दबाव का ही नतीजा था कि ब्रिटिश सरकार को जनजातीय समुदाय के जमीन के अधिकारों के संरक्षण के लिए कानून बनाना पड़ा। जिस लिहतू गाँव में उनका जन्म हुआ था, वो अब राँची जिले में पड़ता है।

1895 में भी उन्हें गिरफ्तार कर के हजारीबाग के कारागार में डाल दिया गया था। उनका गुनाह सिर्फ इतना था कि 1894 के काल के दौरान उन्होंने गरीबों का लगान माफ़ करने के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन किया था। अकाल पीड़ित जनता की सहायता के लिए उन्हें ‘धरती बाबा’ की उपाधि लोगों ने दी। 1897-1900 के बीच अंग्रेजों से उनका समाज का कई बार युद्ध हुआ। 1897 में उन्होंने तीर-कमान और तलवार से लैस साथियों के साथ खूँटी थाने पर हमला किया था। 1898 में तांगा नदी के किनारे संघर्ष हुआ। 1900 में डोमबाड़ी पहाड़ी पर संघर्ष हुआ। इस दौरान अंग्रेजों ने काफी क्रूरता की।

PVTG जनजातीय समाज तक पहुँचाएगा हर सुविधा

पीएम मोदी जनजातीय गौरव दिवस पर PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) विकास मिशन लॉन्च करने जा रहे हैं। जनजातीय समूह के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना में उन तक हर तरह की सुविधाएँ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके तहत जनजातीय रिहायश तक सड़क, टेलीकॉम, बिजली, पक्के मकान, साफ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सहित जीवन यापन के साधन मुहैया कराए जाएँगे। साथ ही सुदूर इलाकों में रहने वाले जनजातीय समुदाय तक इस मिशन के तहत टीवी उन्मूलन, 100 फीसदी टीकाकरण, पीएम मातृ वंदन योजना, पीएम पोषण और पीएम जनधन योजना का पहुँचाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

गौरतलब है कि देश में कुल 75 कमजोर जनजातीय समूह हैं जो 220 जिलों के 22544 गाँवों रहते हैं। इनकी आबादी 28 लाख के करीब आँकी गई है। बताते चलें कि 2023-24 के बजट में, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन का ऐलान किया गया था।

मस्जिद के सामने रोकी लक्ष्मी-गणेश की विसर्जन यात्रा, तनाव के बाद UP पुलिस ने सँभाला मोर्चा: 3 गिरफ्तार, अन्य की तलाश

उत्तर प्रदेश के महराजगंज में मूर्ति विसर्जन के लिए निकले जुलूस को एक मस्जिद के आगे रोकने का प्रयास हुआ। इस हरकत के बाद गाँव में साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया। घटनास्थल पर उत्तेजक नारेबाजी की गई। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने किसी तरह हालात को संभाला। गाँव में अतिरिक्त फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर के 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना सोमवार (13 नवंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना महराजगंज जिले के थानाक्षेत्र श्यामदेउरवाँ की है। यहाँ के गाँव महम्मदा में रहने वाले हिन्दू समाज के लोगों ने दीपावली पर लक्ष्मी गणेश पूजन किया था। इस पूजन के बाद सोमवार की शाम गाँव के श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन के लिए ट्रैक्टर ट्राली से जा रहे थे। इस दौरान गाँव के रास्ते में एक मस्जिद पड़ती है जहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने जुलूस को रोक लिया। वो श्रद्धालुओं पर जुलूस किसी और रास्ते से ले जाने का दबाव बनाने लगे। थोड़ी देर की बहस के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बताया जा रहा है कि मस्जिद में मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं श्रद्धालुओं की तरफ से भी जवाब में नारे लगाए गए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालत को संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया। किसी अनहोनी को टालने के कई थानों की फ़ोर्स को जमा कर लिया गया। पुलिस ने उपद्रव फैलाने का प्रयास कर रहे 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हालत सामान्य होने तक गाँव में अतिरिक्त फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है। लक्ष्मी पूजा के आयोजकों से तहरीर ले कर कर आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में मस्जिद के अंदर भीड़ देखी जा सकती है। इसी के साथ मस्जिद के सामने मौजूद श्रद्धालुओं को हर-हर महादेव और जय श्री राम के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरन छतों पर कई मुस्लिम महिलाओं की भीड़ भी दिखाई पड़ी। महराजगंज के पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और आरोपितों को चिन्हित कर के कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

घर में थी दिवाली पार्टी, पर पत्नी को ही नहीं दिया घुसने: पिता के बाद बीवी को भी Raymond के मालिक ने किया बेइज्जत, वीडियो वायरल होते ही दिया तलाक

भारतीय फैब्रिक एवं फैशन रिटेलर कंपनी Raymond के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (MD) गौतम सिंघानिया अक्सर अपने व्यक्तिगत जीवन में विवादों के कारण चर्चा में रहते हैं। अब दिवाली पर एक नए वीडियो ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। उनके घर में पार्टी हो रही थी और बाहर उनकी पत्नी नवाज़ मोदी दरवाजे पर खड़ी रहीं लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। ये वीडियो ठाणे का है। नवाज़ मोदी ने बताया कि उन्हें भी पार्टी के लिए बुलाया गया था, लेकिन फिर भीतर नहीं घुसने दिया गया।

उन्होंने किसी चंद्रकांत का नाम लिया है जो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने वीडियो बनाते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि उनके साथ क्या हो रहा है। इस घटना के सामने आते ही गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना बयान जारी किया। उन्होंने लिखा था कि उनके लिए ये दिवाली उस तरह की नहीं रहने वाली है, जैसी पिछली कुछ दिवाली रही थी। उन्होंने लिखा कि हम 32 वर्षों तक पति-पत्नी के रूप में साथ रहे, अभिभावकों के रूप में विकसित हुए और एक-दूसरे के लिए शक्ति का स्रोत रहे।

गौतम सिंघानिया ने अपने दोनों बच्चों की बात करते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपने जीवन में 2 सुंदर चीजें जोड़ीं और प्रतिबद्धता, संकल्प एवं विश्वास के साथ यात्रा पूरी की। हालाँकि, ताज़ा समय में हुई घटनाओं को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कई तथ्यहीन अफवाहें भी फ़ैल रही हैं। उन्होंने लिखा कि जो लोग उनका हित नहीं चाहते हैं, उन्होंने इन अफवाहों को फैलाया है। उन्होंने ऐलान किया था कि वो और उनकी पत्नी अब अलग रास्ता अख्तियार करेंगे।

गौतम सिंघानिया ने इंस्टाग्राम के जरिए नवाज़ मोदी से अलग होने का ऐलान करते हुए कहा था कि अपनी बेटियों निहारिका और निशा के लिए वो दोनों जो भी सर्वश्रेष्ठ रहेगा वो करते रहेंगे। उन्होंने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए लोगों से इसका सम्मान करने की अपील की थी और कहा था कि ऐसे समय में वो लोगों की शुभकामनाएँ चाहेंगे। हालाँकि, ताज़ा वीडियो से उनकी परेशानी बढ़ गई है। इसमें गौतम सिंघानिया की पत्नी गेट के पास जमीन पर बैठी हुई दिख रही हैं और गार्ड्स उन्हें घेरे हुए हैं।

कुछ वर्षों पहले गौतम सिंघानिया का उनके पिता विजयपत सिंघानिया के साथ विवाद सामने आया था। विजयपत सिंघानिया ने ही Raymonds ग्रुप की स्थापना की थी और इसे घर-घर तक लेकर गए थे। अब उनका कारोबार बेटे के कारण ही उनके हाथ से निकल चुका है, वो और उनकी पत्नी एक अलग-थलग जीवन बिता रहे हैं। दक्षिणी मुंबई के ग्रैंड पार्दी सोसाइटी में वो एक रेंट के फ़्लैट में रहने को मजबूर हैं। उनके एक बेटे मधुपति भी परिवार से दूरी बना कर सिंगापुर में रहते हैं।

1990 में वालिया मिल से शुरू हुआ सफर रेमंड्स तक पहुँचा और इसके पार्क एवेन्यू जैसे ब्रांड्स ने इसे घर-घर तक पहुँचाया। ‘द कम्प्लीट मैन’ और ‘फील्स लाइक हेवन’ को इसने अपनी टैगलाइन बनाई। 2015 में उन्होंने कंपनी समूह का स्वामित्व अपने बेटे गौतम को सौंप दिया, लेकिन 36 मंजिला JK टॉवर में रहने के लिए उन्हें एक अदद घर तक नहीं मिला। दोनों का विवाद अदालत तक गया। उन्हें कंपनी में पद से भी हटा दिया गया।

हिज्ब का सीरियल ब्लास्ट का था प्लान, टारगेट पर थे हिंदू नेता: NIA की चार्जशीट से भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की साजिश का खुलासा

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (13 नवंबर, 2023) को प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में चालान पेश किया। इन सभी के खिलाफ पिछले सप्ताह अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। चार्जशीट में HUT से जुड़े आतंकियों के खतरनाक मंसूबों का खुलासा हुआ जिसमें मध्य प्रदेश के अंदर सीरियल ब्लास्ट की साजिश शामिल थी। इन सभी चरमपंथियों के निशाने पर हिंदूवादी नेता और हिन्दुओं के धर्म स्थल भी थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA द्वारा दाखिल चार्जशीट में इस बात का जिक्र है कि HUT से जुड़े आरोपित भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के मंसूबे रखते थे। ये सभी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हिन्दू बाहुल्य क्षेत्रों के अंदर सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे। इन धमाकों के निशाने पर हिंदूवादी नेता और हिन्दू मंदिर थे। हिंदूवादी नेताओं की टारगेट किलिंग की मंशा के साथ आतकियों ने जिलेवार सूची भी बना रखी थी। इनके मंसूबो में साम्प्रदायिक तनाव फैला कर दंगा करवाना भी शामिल था।

चार्जशीट में एक खुलासा यह भी है कि साल 2022 में HUT के भारत प्रमुख सामी रिजवी ने हैदराबाद में मीटिंग की थी। भोपाल का जिम ट्रेनर यासिर खान भी कुछ अन्य लोगों के साथ इस मीटिंग में शामिल हुआ था। हैदराबाद में हुई इस मीटिंग में यासिर खान को मध्य प्रदेश में HUT की कमान सौंपी गई थी। इन सभी की मंशा थी कि ये अपनी चरमपंथी करतूतों से विदेशी कट्टरपंथी संगठनों की नजरों में आ जाएँ।

NIA की चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली थी। ये ट्रेनिंग इन्हे विभिन्न कैम्पों में मिली थी। इसके अलावा इन सभी पर हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवाने का भी आरोप है। सभी आरोपित पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से बच कर चोरी-छिपे मध्य प्रदेश में भर्तियाँ कर के अपने कैडर खड़ा कर रहे थे। इस कैडर को ट्रेनिंग सेंटरों में कमांडों जैसे हथियार चलाना और पुलिस वालों पर हमला करना सिखाया जा रहा था।

भोपाल से गिरफ्तार HUT के 10 सदस्यों में से 5 पहले हिन्दू थे जो बाद में इस्लाम कबूल कर के मुस्लिम बन गए थे। भोपाल के 3 सदस्यों ने हिन्दू लड़कियों से निकाह कर के उनको मुस्लिम बना दिया। अब तक गिरफ्तार HUT के कुल 16 सदस्यों में से 8 धर्मान्तरित हो कर इस्लाम कबूल किए हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई, 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को UAPA की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। इनमें सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर, शाहरूख दर्जी, मिस्बाहुल हक मजदूर, शाहिद ऑटो ड्राइवर, सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन, खालिद हुसैन व्यवसायी, करीम प्राइवेट नौकरी में हैं। इनके अलावा वसीम खान और मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसके तार 50 देशों में हैं। 16 देश इस संगठन को बैन कर चुके हैं। ATS द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग गुप्त रूप में जंगलों में हुआ करती थी। आपसी बातचीत के लिए ये सभी डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। भारत के कई शहर HUT के निशाने पर थे जिनकी रेकी के लिए आरोपितों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था।

दिन में नामी कंपनियों में नौकरी, रात को बनाते थे बम: सिरका-शरबत जैसे कोडवर्ड से ISIS पुणे मॉड्यूल कर रहा था ‘काफिरों से बदला’ मिशन की तैयारी

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के पुणे मॉड्यूल ने अपने मिशन का नाम काफिरों से बदला रखा था। इसके लिए वे बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे थे। मिशन से जुड़े आतंकी काफी पढ़े-लिखे हैं। किसी को शक न हो इसके लिए वे दिन में नामी कंपनियों में आम लोगों की तरह काम करते थे और रात को विस्फोटक तैयार किया करते थे।

आतंक के इस पुणे मॉड्यूल के खिलाफ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 4 नवंबर 2023 को कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी थी। इस चार्जशीट से पता चलता है कि आतंकियों ने काफिरों (गैर-मुस्लिमों) की हत्या का प्लान बनाया था और वे भारतीय संविधान को ‘हराम’ (गैर-इस्लामी) मानते थे।

मीडिया रिपोर्टों में चार्जशीट के हवाले से बताया गया है कि आरोपित विस्फोटक बनाने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। हमलों के लिए महाराष्ट्र के कुछ स्थानों की रेकी भी की गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक नामी कंपनियों में काम करने वाले ये सभी आतंकी IED बनाने और उसका परीक्षण करने के काम पर जुटे थे। IED बनाने के लिए ये कोडवर्ड में बात किया करते थे। सल्फ्यूरिक एसिड के लिए सिरका, हाइड्रोजन परॉक्साइड के लिए शर्बत और एसीटोन के लिए गुलाब जल जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। बताते चलें कि IED बनाने के लिए सल्फ्यूरिक एसिड, एसीटोन और हाइड्रोजन परॉक्साइड जरूरी घटक हैं।

चार्जशीट में बताया गया है कि आतंकी IED बनाने के लिए आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करते थे। इसमें वाशिंग मशीन टाइमर, थर्मामीटर, स्पीकर वायर, 12 वॉट का बल्ब, 9 वॉट की बैटरी, फिल्टर पेपर, माचिस की तीलियाँ और बेकिंग सोडा शामिल हैं। विस्फोटक बनाने के बाद आरोपितों ने इसे ब्लास्ट करने के लिए महाराष्ट्र, गोवा, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेकी भी की थी। रेकी में फोटो और वीडियो बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। इस ड्रोन को NIA ने ज़ब्त कर लिया है।

आरोपितों के बारे में बताया जा रहा है ये सभी दिन में ऑफिसों में काम किया करते थे। ऐसा करने के पीछे आतंकियों की मंशा लोगों की नजर से बचना बताया जा रहा। रात में ये सभी जंगलों में जा कर विस्फोट करने की प्रैक्टिस किया करते थे। पकड़ा गया आरोपित जुल्फिकार मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर 31 लाख के सालाना पॅकेज पर काम कर रहा था। दूसरा आरोपित शाहनवाज माइनिंग इंजिनियर था। उसे विस्फोटकों की अच्छी जानकारी थी। तीसरा आरोपित कादिर पठान ग्राफिक्स डिजाइनर था।

सत्येन्द्र जैन पर CBI दर्ज करेगी केस, LG से माँगी इजाजत: जेल में जबरन वसूली का मामला, सुकेश चंद्रशेखर ने की थी शिकायत

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने सुकेश सहित हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपए की कथित उगाही के मामले में सोमवार (13 नवंबर,2023) को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को चिट्ठी लिखी है। इसमें सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व जेल मंत्री सत्येन्द्र जैन और पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत इजाजत माँगी है।

बता दें कि इस वक्त आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन मई 2022 से मनी लॉन्ड्रिंग केस में न्यायिक हिरासत में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एलजी कार्यालय को दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जाँच के लिए सीबीआई से लेटर मिला है।

पूर्व मंत्री जैन ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित सुकेश चंद्रशेखर से ही नहीं बल्कि कई हाई प्रोफाइल कैदियों से जेलों के अंदर उन्हें सुरक्षा और सुविधा देने के लिए उनसे पैसे वसूले थे। सीबीआई ने तत्कालीन तिहाड़ जेल अधीक्षक दानिक्स (Danics) अधिकारी राज कुमार के खिलाफ भी इसी तरह की जाँच के लिए एलजी से मंजूरी माँगी है।

बीते साल अक्टूबर में महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर दिल्ली के उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी कि जैन उससे मिलने तिहाड़ जेल में आते थे और ‘प्रोटेक्शन मनी’ के तौर पर उससे 10 करोड़ रुपए लिए थे। यही नहीं सुकेश ने दावा किया था कि उसने दक्षिण भारत में पार्टी में एक अहम पद देने के वादे पर आम आदमी पार्टी को भी 50 करोड़ रुपए दिए थे।

बताते चले की बीते हफ्ते ही सीबीआई ने आप नेता सत्येंद्र जैन के आरोपों को लेकर एलजी को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। इसमें जाँच एजेंसी ने जैन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों में खुद या अपने सहयोगियों के जरिए सुकेश को आराम से रहने देने के लिए उससे 10 करोड़ रुपए की उगाही की थी।

सीबीआई का सत्येंद्र जैन पर दिल्ली की जेलों के अंदर हाई प्रोफाइल करप्शन और जबरन वसूली रैकेट चलाने का आरोप है। एजेंसी ने दावा किया कि इस रैकेट में जैन एक सिंडिकेट की भूमिका निभाते थे। वहीं उनके इस काम में पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल, तत्कालीन अतिरिक्त जेल महानिरीक्षक मुकेश प्रसाद सहयोग करते थे।

सीबीआई के मुताबिक उसके पास जानकारी है कि जैन ने कथित तौर पर 2018-21 के बीच कई किश्तों में कैदी चंद्रशेखर से खुद या अपने सहयोगियों के जरिए से संरक्षण राशि के तौर पर 10 करोड़ रुपए की वसूली की ताकि कथित ठग जेल में शांतिपूर्ण और आरामदायक जीवन जी सके।

सीबीआई का ये भी आरोप है कि चंद्रशेखर से 12.50 करोड़ रुपए की उगाही गोयल और मुकेश प्रसाद ने भी की थी। सीबीआई के मुताबिक ये रकम 2019-22 के दौरान कई किश्तों में जैन ने खुद या अपने सहयोगियों के जरिए ली थी।

जहाँ सीबीआई ने जैन और जेल अधिकारी राज कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के ऑफिस से मंजूरी माँगी थी। वहीं 1989 बैच के निलंबित आईपीएस गोयल और सेवानिवृत्त आईएएस मुकेश प्रसाद के लिए सीबीआई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क साधा है। गौरतलब है कि गोयल को बीते साल ही उन पर जबरन वसूली के आरोपों के बाद गृह मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था।

इस दौरान ही सुकेश चंद्रशेखर ने एलजी को लिखी नई चिट्ठी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। उसने ये भी दावा किया था कि सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदियों की मिलीभगत से जेल में समानांतर सिस्टम चल रहा है।

वहीं सीबीआई के आरोपों पर AAP ने कहा, “सीबीआई ने केवल और केवल भारत के सबसे बड़े ठग और ठग सुकेश चंद्रशेखर के बयान के आधार पर सत्येन्द्र जैन और अन्य के खिलाफ जाँच करने के लिए एलजी से अनुमति माँगी है। यह कानून का मजाक उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है।”

हमास की ‘संसद’ पर लहराया इजरायली झंडा, स्पीकर की कुर्सी पर बैठे यहूदी सैनिक: गाजा में बच्चों के अस्पताल को बना रखा था आतंक का अड्डा

इजरायल के रक्षा मंत्री याओव गैलेंट ने कहा है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 16 वर्षों के बाद गाजा पट्टी का नियन्त्रण खो दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि हमास के आतंकी दक्षिणी गाजा में भाग रहे हैं और उनकी रसद गाजा के आम नागरिक लूट रहे हैं। इस बीच इजरायल के सैनिकों की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वह हमास की संसद के अंदर खड़े होकर इजरायल का झंडा लहरा रहे हैं। यहीं से हमास गाजा पर अपनी तानाशाही चलाता था। यह सैनिक इजरायल की गोलानी ब्रिगेड के हैं।

हमास वर्ष 2007 से ही गाजा पर कब्ज़ा किए हुए है। वह गाजा की जमीन को अपनी आतंकी गतिविधि संचालित करने के लिए इस्तेमाल में लाता है और यहाँ के नागरिकों को अपनी लड़ाई में ढाल बनाता है। हमास ने एक राजनीतिक विंग बना रखी है जो गाजा में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का दिखावा करती है।

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा से इजरायल पर हमला बोल दिया था। इस हमले में हमास के आतंकियों ने 1200 लोगों को मार दिया था। इजरायल इसके बाद से ही लगातार गाजा पर हमले कर रहा है और अब उसकी सेना भी गाजा में घुस चुकी है। इजरायल पर इस हमले के बाद उसकी सरकार ने सेना को आदेश दिया था कि गाजा पर कब्जा कर लिया जाए। पहले इजरायल की वायुसेना ने हमास पर हवाई हमले किए और उसके बाद सेना की टुकड़ियाँ गाजा के भीतर घुस गईं।

इजरायल के हमले के कारण गाजा में अब तक गाजा में 11,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल ने इस बीच हमास के आतंकियों की संख्या और उनकी योजना का खुलासा भी किया है। इजरायल की सेना ने बताया है कि हमास के पास युद्ध की शुरुआत के समय कम से कम 30,000 सैनिक थे जिन्हें अलग-अलग ब्रिगेड में बाँटा गया था।

हालाँकि, अब यह आतंकी अपने ठिकाने छोड़ रहे हैं और इजरायल की सेना तेजी से गाजा को अपने कब्जे में ले रहा है। हमास ने बच्चों के अस्पताल के नीचे अपना सैन्य बेस बना रखा था, जिसे सेना ने अपने कब्जे में लिया है। इस बीच गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा के पास भी आतंकियों ने हमले तेज कर दिए हैं ताकि इजरायल अपनी सेना पीछे हटा ले। इजरायल की सेना ने इस अस्पताल के प्रबंधकों से बातचीत करके उन्हें इलाका खाली करने के लिए सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।

इजरायल की सेना ने आरोप लगाया है कि हमास के आतंकी अस्पताल वालों को इस बात के लिए धमका रहे हैं कि वह इजरायल से कोई भी सहायता ना लें। इससे इजरायल पर इलाका खाली करने का दबाव पड़े। हमास के आतंकियों ने इस अस्पताल को ढाल बनाकर इसके नीचे सुरंगें बना ली हैं। इजरायल ने गाजा की जनता पहले ही उत्तरी इलाके में जाने को कहा था। बड़ी संख्या में गाजा के निवासी उधर चले भी गए हैं। इजरायल ने इस बीच गाजा के भीतर पहुँचने वाली जरूरी रसद को भी मंजूरी दे थी।

आखिरी ओवर फेंकने आए कप्तान, 6 गेंद पर झटक लिए 6 विकेट: जीत के लिए चाहिए थे केवल 5 रन, क्रिकेट वर्ल्ड कप के बीच ऑस्ट्रेलिया में हुआ अजूबा

कुछ ही दिनों में दुनिया को 50 ओवर के क्रिकेट का नया विजेता मिलने वाला है। लेकिन क्रिकेट वर्ल्ड कप की धूम के बीच ऑस्ट्रेलिया के क्लब क्रिकेट में एक अविश्वसनीय प्रदर्शन देखने को मिला है।

क्लब क्रिकेट के इस मैच में एक गेंदबाज ने 6 गेंद पर 6 विकेट झटक लिए। यह मैच का आखिरी ओवर था। विपक्षी टीम को जीत के लिए केवज 5 रन की जरूरत थी। लेकिन गैरेथ मॉर्गन के इस ओवर ने न केवल मैच का परिणाम बदल दिया, बल्कि दुनिया को हैरान भी कर दिया।

यह मैच ऑस्ट्रेलिया की क्लब क्रिकेट टीमों मुदगीराबा (Mudgeerabar) और सर्फर्स पैराडाइस के बीच हुआ था। दोनों टीम 13 नवम्बर 2023 को गोल्ड कोस्ट प्रीमियर लीग डीविजन 3 में आमने-सामने थी। मुदगीराबा की तरफ से 6 गेंद पर 6 विकेट लेने का कारनामा उनके कप्तान गैरेथ मॉर्गन (Gaereth Morgan) ने किया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए मुदगीराबा ने 178 रन बनाए थे। जवाब में सर्फर्स पैराडाइस ने 4 विकेट के नुकसान पर 19 ओवर में 174 रन बना लिए थे। अंतिम ओवर में उन्हें मात्र 4 रन बराबरी और 5 रन जीतने के लिए चाहिए थे। सर्फर्स पैराडाइस के पास 6 विकेट भी शेष थे और उनकी जीत निश्चित नजर आ रही थी।

लेकिन, मॉर्गन ने यह मैच पलट दिया। उन्होंने अंतिम ओवर खुद फेंकने का निर्णय लिया। उन्होंने पहली ही गेंद पर सर्फर्स के ओपनर बल्लेबाज जेक गारलैंड को आउट किया। वे 65 रन बनाकर खेल रहे थे।

इसके बाद मॉर्गन ने अगली पाँच गेंदों में सर्फर्स के पाँच बल्लेबाजों को शून्य पर आउट कर दिया और अपनी टीम के लिए मैच जीत लिया। मॉर्गन ने पहले चार बल्लबाजों को कैच आउट जबकि बाकी दो को बोल्ड करके यह मैच जिताया। इसी के साथ वह इस मैच में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

मॉर्गन ने अपनी इस उपलब्धि को ‘चमत्कारिक‘ बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी ऐसा कुछ नहीं देखा और मुझे इस पर मुश्किल से विश्वास हुआ है। उन्होंने कहा, “जब मैंने आखिरी ओवर में हैट्रिक ले ली तब मैंने इस बारे में सोचना चालू किया कि क्या हम यह मैच जीत सकते हैं?”

मॉर्गन ने आगे बताया, “जब मैंने अंतिम गेंद पर स्टंप को उखड़ते हुए देखा तो मुझे खुद विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हो सकता है।” मॉर्गन का 6 विकेट लेने का यह कारनामा अब क्रिकेट जगत की सुर्ख़ियों में छाया हुआ है। उनके इस रिकॉर्ड ने क्रिकेट इतिहास में अपनी जगह बना ली है।