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3000 गाड़ियाँ, 69 जिले, 339 ब्लॉक… भगवान बिरसा मुंडा के गाँव से PM मोदी ने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी, जनजातीय समाज के लिए दिए ₹24000 करोड़, किसानों के खाते में भी पहुँचा पैसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार (15 नवंबर, 2023) को क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के खूँटी में स्थित उनके ग्राम उलिहातू में हैं। यहाँ उन्होंने बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहीं से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई है।

यह विकसित भारत संकल्प यात्रा देश के सभी जिलों से होकर गुजरेगी और सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुँचाएगी। जो लोग इन योजनाओं से वंचित रह गए हैं उनकी जानकारी भी इस यात्रा के जरिए इकट्ठा की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने अभी इस यात्रा की कुछ गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई है। पूरे देश में 3000 से अधिक गाड़ियाँ यह काम करेंगी और यह यात्रा पूरे देश के सभी जिलों से गुजरती हुई 25 जनवरी को समाप्त होगी। इस बीच यह देश 2.5 लाख गाँवों और 15,000 शहरी इलाकों से होकर गुजरेगी। पहले चरण में देश भर में 118 गाड़ियों को चलाया गया है।

इसमें शामिल गाड़ियाँ एक जगह पर कम से कम 2 घंटे तक रुकेंगी और जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं की जानकारी दगी। इस यात्रा में सबसे देश के 69 जिलों में वह 339 ब्लॉक कवर किए जाएँगे जहाँ जनजातीय जनसंख्या अधिक है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान उलिहातु से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश के किसानों को ₹2000 प्रति 4 माह पर दिए जाते हैं। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या देश में करोड़ों में है।

प्रधानमंत्री ने उलिहातु से PVTG मिशन की शुरुआत की। यह योजना देश जनजातीय लोगों के विकास के लिए लाई गई है। इस योजना से 75 लाख जनजातीय लोगों को फायदा पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्हें इसके जरिए विकास के दायरे में लाया जाएगा। इसका बजट ₹24,000 करोड़ रखा गया है और इसमें पानी, बिजली गैस, आवास और अन्य फायदे शामिल किए गए हैं।

उलिहातु से ही प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग ₹7000 करोड़ की अन्य योजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘जोहार’ से की और झारखंड के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि हमें अगले 25 वर्षों के अमृत काल में दिव्य भारत का निर्माण करना है।

अपनी प्रतिभा से नहीं, खराब पिच के कारण विराट कोहली ने जड़ा शतक: राजदीप सरदेसाई की बीवी और ‘गोरा’ मीडिया यही कह रहा

क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला होना है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम शानदार खेल रही है, नॉक-आउट स्टेज में सभी टीमों को हरा चुकी है। ऐसे में जिस ‘गोरे देश’ न्यूजीलैंड को भारत ने लीग मैच में धोया, उसे सेमीफाइनल से पहले एनर्जी देने के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। कैसे? भारत ने खराब पिच बनवाया। आश्चर्य यह कि भारत के पत्रकार ही ऐसी फर्जी रिपोर्ट छाप रहे।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट ‘सूत्रों’ के हवाले से छापी। इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि वानखेड़े स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के लिए स्लो पिच चुना गया है। इसके लिए बीसीसीआई क्यूरेटर (जो पिच तैयार करते हैं) से पिच पर की घास को हटाने के लिए कहा गया।

‘सूत्र’ के हवाले से कैसी रिपोर्टिंग की जाती है, यह इंडियन एक्सप्रेस से बेहतर कौन जानता है? यही वो मीडिया संस्थान है, जो भारत की सेना से तख्ता पलट की खबर भी सूत्रों के हवाले से छाप चुकी है। खैर! जब भारत की मीडिया ही अपने खिलाड़ियों की प्रतिभा के बजाय उनकी जीत को षड्यंत्र का नाम दे रही, तो विदेशी मीडिया कैसे पीछे रहती।

डेलीमेल नाम की एक मीडिया संस्थान है। ‘गोरे देश’ इंग्लैंड की, जो बुरी तरह हार कर बाहर भी हो चुकी है वर्ल्ड कप 2023 से। अपने देश की हार का खुन्नस भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला कर निकाल रही है। डेलीमेल की खबर के अनुसार BCCI और ICC के लगभग 50 लोगों का एक वॉट्सऐप ग्रुप है। इसी ग्रुप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले सेमीफाइनल मैच के पिच नंबर 7 को पिच नंबर 6 से बदल दिया गया। खबर के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया ताकि भारत को स्पिन में मददगार पिच मिल सके।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर को पढ़ने वाले बहुत से वामपंथी/सेकुलर टाइप लोग हैं अपने देश में। लेकिन डेलीमेल की ‘वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से निकाली गई खबर को कौन पढ़ता? इसलिए इसकी जिम्मेदारी उठाई सागरिका घोष ने। सागरिका घोष मतलब राजदीप सरदेसाई की बीवी। सागरिका घोष मतलब दिलीप सरदेसाई की बहू।

न्यूजीलैंड के खिलाफ दिलीप सरदेसाई की बैटिंग

सागरिका ने डेलीमेल की खबर को शेयर किया। बिना यह सोचे कि जिस भारतीय क्रिकेट टीम और उसके मैनेजमेंट बीसीसीआई पर वो आरोप लगा रही हैं, कभी उसी टीम के सबसे चमकते सितारे थे उनके ससुर। सागरिका को शायद याद न हो, इसलिए लिखना जरूरी है। ये दिलीप सरदेसाई की बैटिंग का ही कमाल था कि जिस ‘गोरे देश’ न्यूजीलैंड के लिए वो भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रही हैं, उसी न्यूजीलैंड को उन्होंने 1965 के टेस्ट सीरीज में मार-मार के धुआँ उड़ा दिया था।

तीसरे टेस्ट में फॉलोऑन खेलने पर मजबूर हुई भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर दिलीप सरदेसाई ने 25 चौके मार कर 200 रन (नाबाद) बनाए थे। यह मैच ड्रॉ हुआ था। इसके बाद चौथे टेस्ट में 18 चौके मार कर (72% रन सिर्फ चौके से) शतक लगाया था, न्यूजीलैंड को हराया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ 1965 का टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट टीम ने 1-0 से जीता था।

राजदीप सरदेसाई की बीवी सागरिका घोष को तो शायद यह भी मालूम नहीं होगा कि दिलीप सरदेसाई के बारे में विजय मर्चेंट ने क्या कहा था – “वो जिसने भारतीय क्रिकेट का पुनर्जागरण किया (renaissance man of Indian cricket)!” जैसे उनका शौहर राजदीप क्रिकेट और पाकिस्तान को नहीं समझ सका, ठीक वैसे ही यह भी रह गईं… फर्जी पत्रकार बन कर, अधूरा ज्ञान लेकर!

‘कश्मीर गाजा नहीं है, बेहतर हालात का श्रेय PM मोदी और अमित शाह को’: शेहला रशीद ने माना वो पहले पत्थरबाजों के प्रति रखती थीं सहानुभूति, कहा – अब बदल गई है स्थिति

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद ने पीएम मोदी की मुरीद हुई जा रही है। अभी एक महीना भी नहीं बीता औक उन्होंने दूसरी बार उनकी तारीफ के पुल बाँधे हैं। दरअसल, न्यूज एजेंसी ANI से मंगलवार (14 नवंबर, 2023) को उन्होंने कहा कि वो कश्मीर में मौजूदा हालात के लिए पीएम मोदी की आभारी हैं। उनसे जब ये पूछा गया कि वो पहले पत्थरबाजों से सहानुभूति रखती है तो शेहला ने जवाब दिया कि हाँ वो 2010 में उनके लिए सहानुभूति रखती थी।

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आज, जब मैं इसे देखती हूँ, तो मैं आज के हालात के लिए बहुत अधिक आभारी हूँ। कश्मीर गाजा नहीं है। यह साफ हो गया है कि कश्मीर गाजा नहीं है, क्योंकि कश्मीर में महज गाहे-बगाहे होने वाले विरोध प्रदर्शनों सहित उग्रवाद और घुसपैठ की छिटपुट वारदातें हुई हैं।”

शेहला रशीद ने जम्मू-कश्मीर में बदलावों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों को क्रेडिट दिया। उन्होंने कहा, “इन सभी चीजों के लिए, किसी को लोगों को राहत और सांत्वना देने की जरूरत थी और इसके लिए मैं मौजूदा सरकार को श्रेय देना चाहूँगी। खासकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी को।”

यह पहली बार नहीं था जब शेहला रशीद ने जम्मू-कश्मीर के हालात के सुधरने की तारीफ की। गौरतलब है कि जेएनयू की पूर्व लीडर रही रशीद 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर में स्वायत्त स्थिति को रद्द करने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने वाले और दो केंद्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग करने पर मोदी सरकार के फैसले की खासी आलोचना कर चुकी हैं।

लेकिन इस साल अक्टूबर की शुरुआत में ही उन्होंने केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के घाटी में मानवाधिकार की स्थिति में सुधार की कोशिशों के लिए तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद कहा था।

इसके बाद जम्मू- कश्मीर की एक्टिविस्ट रशीद एक महीने पहले ही 14 अक्टूबर, 2023 को इजरायल-हमास युद्ध को लेकर मोदी सरकार और भारतीय सेना की तारीफ़ की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा,“मध्य-पूर्व में चल रहे हालातों को देखें तो आज मुझे इसका एहसास हुआ है कि हम भारतीय कितने किस्मत वाले हैं।”

रशीद ने आगे कहा था, “भारतीय सेना व सुरक्षा बलों ने हमारी सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया है। जहाँ बनता हो, वहाँ श्रेय दिया जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर में शांति लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, भारतीय सेना और भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स का धन्यवाद।”

इस दौरान रशीद ने जेएनयू में बिताए अपने दिनों के बारे में भी बताया। उनके वहाँ रहने के दौरान पूर्व रिसर्च स्कॉलर उमर खालिद और तत्कालीन जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष, कन्हैया कुमार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सिलसिले में देशद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

शेहला रशीद ने कहा, “यह महज हम तीनों के लिए जीवन बदलने वाला ही नहीं था, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के जीवन को, पूरे विश्वविद्यालय को उस घटना के नतीजे भुगतने पड़े, क्योंकि जेएनयू से संबंधित किसी भी चीज़ के खिलाफ बहुत अधिक प्रतिक्रिया हुई थी।”

उन्होंने आगे कहा, “रातों-रात जेएनयू एक कलंक बन गया, यह लगभग एक अपशब्द की तरह था।” हालाँकि रशीद ने ये भी कहा,”जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’, ‘लाल सलाम’ जैसे नारे कभी नहीं लगाए गए।”

बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक हमले की धमकी मिली है। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी है। धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। बता दें कि बुधवार (15 नवंबर 2023) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल हो रहा है।

इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कहा कि धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ‘नापाक’ घटना को अंजाम दिया जाएगा। धमकी भेजने वाले के साथ उस अज्ञात व्यक्ति ने एक तस्वीर भी भेजी थी। इस फोटो में बंदूक, हथगोले और गोलियाँ दिखाई थीं। इसके साथ ही उसने मुंबई पुलिस को टैग भी किया था।

मुंबई पुलिस ने वानखेड़े स्टेडियम और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंधे ने मंगलवार (14 नवंबर 2023) को कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल मैच कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। उन्होंने कहा, “मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच (आईसीसी विश्व कप) की मेजबानी कर रहा है। जहाँ तक सुरक्षा की बात है तो हम अच्छी तरह से तैयार हैं।”

धमकी को देखते हुए सुरक्षा में 7 पुलिस उपायुक्त, 200 अधिकारी और 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्टेडियम के सभी गेटों के सामने पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, स्टेडियम में पेन, पेंसिल, मार्कर, कागज, बैनर, पोस्टर, बैग, सिक्के, पावर बैंक और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की मनाही कर दी गई है। अंदर आने वाले हर शख्स की गहनता से जाँच की जाएगी।

इसके साथ ही सुरक्षा देखभाल के लिए सहायक हमलावर बल, दंगा नियंत्रण दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें भी तैनात की गई हैं। इससे पहले मंगलवार को भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपए के दो VIP टिकटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो वीआईपी टिकट बरामद किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक टिकट की कीमत 1.2 लाख रुपए है। इससे पहले कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने इवेंट आयोजक आकाश कोठारी को गिरफ्तार किया गया था।

‘हम नहीं, हमास कर रहा निर्दोष नागरिकों का नरसंहार’: PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को लताड़ा, बताया कौन काट रहा लोगों के सर

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर किरकिरी हुई है। इस बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके झूठों की पोल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर सबके सामने खोल दी है। पूरा मामला जस्टिन के एक बयान से जुड़ा हुआ है।

जस्टिन ट्रूडो ने कहा था, “मैं इजरायल की सरकार से अधिकाधिक संयम बरतने की अपील करता हूँ। दुनिया सोशल मीडिया और टीवी पर सब कुछ देख रही है। डॉक्टरों, पीड़ितों और अपने अभिभावकों को गँवाने वाले बच्चों की ज़ुबानियाँ सुन रही है।” उन्होंने कहा था कि बच्चों को मारा जाना बंद किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों का जवाब ट्विटर के माध्यम से दिया। उन्होंने लिखा, “जस्टिन ट्रूडो, इजरायल नागरिकों को निशाना नहीं बना रहा बल्कि हमास के आतंकियों ने नागरिकों के सर काटे, उन्हें जलाया और उनका नरसंहार द्वितीय विश्वयुद्ध में यहूदियों के होलोकॉस्ट के बाद सबसे नृशंस तरीके से किया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “जहाँ इजरायल साधारण नागरिकों को नुकसान से दूर रखने के प्रयास कर रहा है वहीं हमास उन्हें नुकसान पहुँचाने का पूरा प्रयास कर रहा है। इजरायल गाजा के नागरिकों को निकलने के सुरक्षित रास्ते देता है, गाजा उन्हें बन्दूक की नोक पर रोकता है। इजरायल नहीं बल्कि हमास को नागरिकों को मारने और उनको ढाल बनाने के दोहरे अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि इस समय इजरायल गाजा के भीतर अपनी सेना भेज कर आतंकियों का ढूँढ-ढूँढ कर सफाया कर रहा है। बड़ी संख्या में आतंकियों ने गाजा के अल शिफा अस्पताल के नीचे बनी सुरंगों में शरण ले रखी है। इस अस्पताल में बिजली और पानी की भी समस्या हो गई है।

इजरायल अस्पताल को खाली करवा कर रोगियों को दूसरी सुरक्षित जगह भेजने और सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने की पेशकश कर रहा है लेकिन हमास के आतंकी अस्पताल प्रबंधन को धमका रहे हैं। हमास के आतंकी इस अस्पताल को अपनी ढाल बना रहे हैं।

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला करके 1200 लोगों को मार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बना लिया था। तब से ही इजरायल लगातार गाजा के भीतर हवाई हमले कर रहा है और अब उसने अपनी सेना भी गाजा के भीतर भेज दी है।

‘दुबई में बने सवाल, कैनिंग लेन में लिखे मोदी को गाली देने वाला भाषण’: धीरे-धीरे महुआ मोइत्रा का नकाब उठा रहे हैं एक्स पाटर्नर, बोले- मिलेंगे ₹2 करोड़

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा आदतन झूठी (Pathological liar) हैं। यह कहना है उनके एक्स पाटर्नर और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई का। देहाद्राई के अनुसार संसद में जो सवाल पूछे गए थे वह दुबई में तैयार हुए थे। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने वाला भाषण दिल्ली केनिंग लेन में लिखे गए थे।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों में घिरी हैं। लोकसभा की आचार समिति ने इस मामले में उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की। इस मामले में महुआ के कभी करीबी रह चुके देहाद्राई लगातार मुखर रहे हैं।

उन्होंने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कहा है, “आदतन झूठी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सवाल कैसे ‘मिस्‍ट्री टाइपिस्‍ट’ को भेजे गए। टेलीपैथी? सवाल दुबई में ‘बनाए’ गए। नरेंद्र मोदी के खिलाफ भाषण कैनिंग लेन में तैयार हुए। जब भूलने की बीमारी खत्म होगी, तो फर्नीचर और रोलेक्स को छोड़कर 2 करोड़ रुपए भी मिलेंगे।”

देहाद्राई ने एक अन्य पोस्ट में बताया है कि महुआ ने उनके घर पर पुलिस वाले भेज कर दो फर्जी शिकायतें करने की धमकी दी। कुत्ते हेनरी को सौंपने और उसके मालिकाना हक से जुड़े कागजों पर दस्तखत करने का दबाव भी बनाया। उन्होंने पूछा है कि महुआ मोइत्रा आखिर पीड़ित हैं या शोषक?

गौरतलब है कि सांसद महुआ मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछने के आरोप हैं। दर्शन हीरानंदानी ने पैसे देने की पुष्टि भी की थी। यह आरोप भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे एक पत्र में लगाए थे। दुबे ने यह सभी आरोप देहाद्राई से प्राप्त एक पत्र के आधार लगाए थे।

महुआ पर यह आरोप भी हैं कि उन्होंने हीरानंदानी को अपने संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया। इस पोर्टल पर 47 बार दुबई से लॉगइन किया गया। महुआ ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी आईडी-पासवर्ड देने की बात स्वीकारी थी। महुआ का कहना था कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी को अपना आईडी पासवर्ड प्रश्न टाइप करवाने के लिए दिया था। महुआ पर अपने घर का फर्नीचर और साजो-सज्जा भी दर्शन के पैसों से करवाने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्राई महुआ के पूर्व पार्टनर हैं और उन्होंने महुआ पर अपने कुत्ते हेनरी को चोरी करने का आरोप भी लगाया था। हालाँकि, हेनरी अब देह्राद्राई के पास वापस आ चुका है। महुआ पर पैसे लेकर प्रश्न पूछने के इन आरोपों की जाँच संसद की आचार समिति कर चुकी है। आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में महुआ की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है।

‘मेरी जुबान फिसल गई, गलती से ऐश्वर्या राय का नाम ले लिया’: अब्दुल रज्जाक ने माँगी माफी, भद्दी बात पर हँसी को लेकर शाहिद अफरीदी ने भी दी सफाई

अभिनेत्री ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी करने वाले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक ने माफी माँग ली है। वहीं उनकी बात पर हँसने को लेकर शाहिद अफरीदी ने भी सफाई दी है। अफरीदी का कहना है कि रज्जाक की बात समझे बिना ही वे हँसने लगे थे।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों की यह माफी और सफाई बयान को लेकर थू थू होने के बाद आई है। रज्जाक ने कराची के मैरियट होटल में 12 नवंबर 2023) को एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐश्वर्या से शादी करने से बच्चे नेक और अच्छे पैदा नहीं हो जाएँगे। मंच पर उनके साथ अफरीदी और उमर गुल भी थे।

बयान पर विवाद बढ़ने के बाद अब्दुल रज्जाक ने एक वीडियो जारी कर माफी माँगी है। समा टीवी ने माफी वाला यह वीडियो पोस्ट किया है। इसमें रज्जाक का कहना है कि उनकी जुबान फिसल गई थी और उन्होंने गलती से ऐश्वर्या राय का नाम ले लिया था।

माफी वाले वीडियो में रज्जाक ने कहा है, “प्रेस क्रॉन्फ्रेस में क्रिकेट, कोचिंग और इरादों की बात हो रही थी। मेरी जबान फिसल गई। मैंने उदाहरण कोई और देना था पर ऐश्वर्या जी का नाम मुँह से निकल गया। मैं वास्तव में माफी माँगता हूँ। उनसे सॉरी बोलता हूँ। ये मेरा इरादा नहीं था। मैंने मिसाल कोई और देनी थी पर ये निकल गया। मैं दिल से माफी माँगता हूँ।”

वहीं शाहिद आफरीदी ने समा टीवी से इस घटना पर बात करते हुए कहा, “हम बैठे हुए थे स्टेज पर, प्रोग्राम चल रहा था। रज्जाक ने कोई बात कर ली वहाँ पर, जब उसने बात की तो मुझे समझ नहीं आया कि उसने क्या कहा मैं बस हँस दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे पता था इसके हाथ में माइक है इसने कुछ न कुछ कहना ही है। इसे जूतों का बहुत शौक है आप यकीन करें वहाँ पर लोग भी हँस रहे थे सारे। मैं जब घर आया तो मुझे किसी ने क्लिप शेयर की उसने बात क्या की है। जब मैंने गौर से सुना कि रज्जाक ने तो ये कहा था तो मुझे बड़ी अजीब लगा। मैं अभी रज्जाक मैसेज भी करूँगा कि सॉरी करे सबसे।”

अफरीदी ने आगे कहा, “वो बड़ा गलत मजाक था। इस तरह का मजाक बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था। वैसे रज्जाक मासूम बंदा है। डर किस बात का डर? हम अपनी नफ़रत और कमअक्ली में किसी को भी इल्ज़ाम लगा देते हैं, किसी को भी जज कर लेते हैं। जहाँ तक निंदा की बात है तो मैंने नेशनल टीवी पर भी इसकी निंदा की है।”

मलबे में डाला जा रहा पाइप ताकि बाहर आ सके मजदूर, उत्तरकाशी के रेस्क्यू ऑपरेशन से सेना भी जुड़ी: सुरंग में 12 नवंबर से फँसे हैं 40 लोग

उतराखंड के उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग में फँसे मजदूरों के रेस्क्यू में सेना और वायुसेना की टीमें भी जुड़ गई हैं। वायुसेना दिल्ली से नई मशीन लेकर उत्तरकाशी पहुँचाएगी। सुरंग के अंदर ड्रिलिंग का काम जारी है, जिससे जल्दी से जल्दी से 40 मजदूरों को निकाला जा सके।

12 नवम्बर की सुबह करीब 5:30 बजे सिल्क्यारा सुरंग में मलबा आने से 40 मजदूर फँस गए थे। तब से उनको निकालने के प्रयास जारी हैं। मलबा काट कर मजदूरों को निकालने के प्रयास सफल नहीं होने के कारण अब मलबे के भीतर से स्टील के पाइप डाले जा रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे अधिकारियों का कहना है कि वे 3 फीट व्यास वाली पाइप को मलबे से गुजारेंगे और इसके रास्ते ही मजदूर बाहर आएँगे। मजदूरों से लगातार संपर्क बना हुआ है। सभी मजदूर सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में प्राकृतिक कारणों से समस्या आ रही है। इसी कारण इसकी गति भी धीमी है। वायुसेना की सहायता से भारी ड्रिलिंग मशीन को यहाँ लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों के जल्द ही बाहर निकलने की उम्मीद जताई है।

अंदर फँसे मजदूरों को खाना-पानी भी एक पाइप के माध्यम से पहुँचाया जा रहा है। उन्हें इसी पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई भी हो रही है। घटनास्थल पर NDRF, SDRF और राज्य पुलिस समेत अन्य टीमें मौजूद हैं।

सुरंग में 14 नवंबर की रात से ही पाइप अंदर डालने का प्रयास किया जा रहा है। हालाँकि पहले पाइप को डालते समय नया मलबा गिरने लगा, जिसके कारण रेस्क्यू धीमा हो गया। दोबारा अब तेज गति से काम किया जा रहा है। घटनास्थल पर सेना की एक टीम भी पहुँची है। मलबा दोबारा गिरने से दो अन्य मशीनें भी फँस गई हैं।

विशेषज्ञों ने आशा जताई है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो मजदूर आज बाहर आ जाएँगे। घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नजर बनाई हुई है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय भी इस मामले की जानकारी लगातार राज्य सरकार से ले रहा है।

जानकारी के अनुसार, सुरंग के अंदर फँसे मजदूरों में 15 झारखंड, 8 उत्तर प्रदेश, 5 ओडिशा, 4 बिहार और 2-2 मजदूर उत्तराखंड तथा असम के हैं। एक मजदूर हिमाचल का भी है। झारखंड ने अपने अफसरों की एक टीम भी भेजी है।

यह सुरंग आल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रही है। इस प्रोजेक्ट की यह सबसे लंबी सुरंग लगभग साढ़े चार किलोमीटर की है। इसका करीब 4 किलोमीटर निर्माण हो गया है। सुरंग के निर्माण में करीब 1000 मजदूर दिन-रात जुटे रहते हैं। वे अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रहे हैं, क्योंकि फरवरी 2024 तक इसकी खुदाई पूरी करने का लक्ष्य है। 

बता दें कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच इस सुरंग के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। यह सुरंग करीब 853 करोड़ की लागत से बन रही है।

‘हरभजन मुस्लिम बनने वाले थे’ – इंजमाम को तो AAP सांसद ने लताड़ा लेकिन सोशल मीडिया पर लोग याद दिला रहे उनका ‘पाकिस्तान-प्रेम’

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह ने पाकिस्तानी क्रिकेटर इंजमाम उल हक को ‘नशेबाज’ कहा, बकवास करने वाला इंसान बताया। यह इंजमाम उल हक के उस वायरल वीडियो के बाद प्रतिक्रिया में कहा गया, जिसमें पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर यह दावा कर रहे हैं कि हरभजन सिंह इस्लाम कबूल करने वाले थे।

एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल एक वीडियो में इंजमाम कहते हुए दिखते हैं, “मौलाना तारिक जमील साहब हैं ना, ये हर रोज हमारे पास आते थे। हमने एक कमरा बना रखा था, जिसमें हमें मौलाना मगरिब की नमाज पढ़ाते थे। इंडिया से कुछ प्लेयर जैसे इरफ़ान पठान, ज़हीर खान और मुहम्मद कैफ को हम दावत देते थे कि हमारे साथ नमाज पढ़ो।”

इसी वीडियो में आगे इंजमाम ने दावा किया, “कुछ लोग नमाज पढ़ते नहीं थे लेकिन बैठ के देखते थे। इसमें हरभजन भी था। मेरे से एक दिन हरभजन सिंह ने कहा कि ये जो आदमी है ना मौलाना, मेरा दिल करता है कि इसकी बात मान लूँ, लेकिन तुम्हें देख कर रुक जाता हूँ।” ये सारी बातें इंजमाम हरभजन के इस्लाम कबूल करने को लेकर बता रहे थे।

इंजमाम का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। अब इस पर हरभजन सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हरभजन ने इंजमाम के इस दावे पर कहा, “ये कौन सा नशा पीकर बात कर रहा है? मैं गर्व से एक भारतीय और सिख हूँ, ये बकवास लोग कुछ भी बकते हैं।”

गौरतलब है कि तारिक ज़मील एक कट्टरपंथी पाकिस्तानी मौलाना है। पूर्व में भी उसके कई ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसमें वह हिन्दुओं को धमकाते हुए इस्लाम में परिवर्तित होने को कहते हुए दिखा है। तारिक जमील के पाकिस्तान में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

हरभजन सिंह ने इंजमाम उल हक को हालाँकि करारा जवाब दिया लेकिन सोशल मीडिया पर लोग हरभजन को उनके पाकिस्तान-प्रेम के लिए लताड़ रहे हैं। आपको बता दें कि हरभजन सिंह कोरोना महामारी के समय शाहिद अफरीदी के फाउंडेशन को सहायता की अपील की थी। उनके इस कदम का काफी विरोध हुआ था। बाद में उन्होंने इस पर पछतावा भी जताया था।

एक यूजर ने लिखा, “डोनेशन देते टाइम याद नहीं आई थी इनकी बकवास।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “इन्हीं बकवास लोगों के लिए ही तो तुम क्राउडफंडिंग कर रहे थे हरभजन।”

एक अन्य ने लिखा कि हरभजन तुम्हारा कोई भरोसा नहीं है।

हालाँकि कुछ लोगों ने हरभजन का समर्थन भी किया। उनके समर्थन में एक यूजर ने लिखा, “भज्जी इन लोगों की पूरी जिन्दगी ही मजहब के आसपास घूमती है, पगला गए हैं ये सब।”

सोशल मीडिया पर ज्यादातर रिएक्शन लेकिन हरभजन को टारगेट करते हुए ही आए हैं, उनके पाकिस्तान-प्रेम को लेकर तंज कसते हुए।

एक यूजर ने कहा, “कुछ तो हुआ होगा भज्जी पाजी, धुँआ वहीं से आता है, जहाँ आग होती है। इतनी बड़ी बात ऐसे थोड़े ना बोलेगा कोई।”

सुब्रत रॉय पर संकट आते ही पत्नी और बेटे ने छोड़ दी भारत की नागरिकता, जानिए क्या सहाराश्री के निधन के बाद डूब जाएगा निवेशकों का पैसा?

सहारा इंडिया परिवार के मुखिया और सहाराश्री के नाम से लोकप्रिय सुब्रत रॉय का निधन हो गया है। मंगलवार (14 नवंबर 2023) की रात उन्होंने आखिरी साँस ली। गोरखपुर से महज 2000 रुपए में कारोबार शुरू करने वाले रॉय के दुनिया के फलक पर छा जाने के कई किस्से मशहूर है। उनके जाने से सहारा परिवार और कारोबार जगत में भी माहौल गमगीन है।

सहारा समूह के प्रबंध कार्यकर्ता और अध्यक्ष सुब्रत रॉय की मौत रात 10.30 बजे दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई। वे कैंसर से जूझ रहे थे। हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी बीमारियों से ग्रस्त सुब्रतो रॉय को हालत बिगड़ने की वजह से रविवार (12 नवंबर,2023) को मुंबई के कोकिला बेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल और मेडिकल इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था।

सहाराश्री निवेशकों का पैसा न लौटाने की वजह से काफी समय जेल में रहे थे। इस मामले में उन पर संकट आते ही उनके परिवार ने भारत की नागरिकता छोड़ दी थी। उनकी पत्नी स्वप्ना रॉय और बेटे सुशांतो रॉय ने बॉल्कन देश मैसेडोनिया की नागरिकता ले ली थी। ऐसा सहाराश्री के खिलाफ चल रहे मामलों को देखते हुए भारतीय कानून से बचने के लिए किया था।

दक्षिण-पूर्वी यूरोप का देश मैसेडोनिया अपने देश में निवेश और रोजगार देने वाले अन्य देश के लोगों को आसानी से नागरिकता दे देता है। सहाराश्री के इस देश से अच्छे रिश्ते थे।

गोरखपुर से 1978 में अपने दोस्त एसके नाथ के साथ फाइनेंस कंपनी शुरू करने वाले सहाराश्री तक का सफर करने वाले सुब्रतो राय ने कपड़ों और पंखों की छोटी फैक्ट्री खोली। इस दौरान वे दुकानदारों को छोटी बचत के फायदे गिनाते। यहीं वजह रही कि सहारा की ‘गोल्डेन की’ योजना खासी लोकप्रिय रही। इसके बाद उन्होंने लखनऊ में अपनी अलग कंपनी खोली थी, लेकिन गोरखपुर से उनका हमेशा खास लगाव रहा।

क्या सुब्रत रॉय के निधन के बाद मिलेगा सहारा का पैसा

सुब्रत रॉय के निधन बाद सहारा में आपकी गाढ़ी कमाई के निवेश का क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों का पैसा ब्याज के साथ लौटाने को कहा था। इसके बाद मोदी सरकार ‘सहारा रिफंड पोर्टल’ लॉन्च किया था। इस पोर्टल पर पैसा वापस पाने के लिए लाखों लोग आवेदन कर चुके हैं। इसी पोर्टल के जरिए निवेशकों का पैसा वापस मिलेगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी पूर्व में कह चुके हैं कि सहारा निवेशकों का पैसा ब्याज के साथ वापस मिलेगा। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने 29 मार्च 2023 को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सहारा की 4 समितियों के निवेशकों को 9 माह में पैसे लौटा दिए जाएँगे। सुप्रीम कोर्ट में सहारा समूह के निवेशकों को राहत देने की अर्जी केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने लगाई थी। इस अर्जी के बाद उच्चतम न्यायालय ने ‘सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट’ से 5000 करोड़ रुपए सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटीज (CRCS) में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।